इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के संस्थापक ललित मोदी 16 साल बाद भारत लौटने की तैयारी में हैं। 16 जुलाई को अपीलीय ट्रिब्यूनल ने IPL 2009 के दक्षिण अफ्रीका आयोजन से जुड़े विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) मामले में उन्हें बड़ी राहत देते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा लगाया गया जुर्माना रद्द कर दिया। फैसले के बाद ललित मोदी ने कहा कि अब उनकी भारत वापसी का रास्ता साफ हो गया है और वह इस साल के अंत या अगले साल की शुरुआत में भारत लौट सकते हैं।
यह मामला 2009 में लोकसभा चुनाव के दौरान IPL को भारत से दक्षिण अफ्रीका स्थानांतरित किए जाने से जुड़ा था। टूर्नामेंट के आयोजन के लिए BCCI ने दक्षिण अफ्रीका करीब 243.45 करोड़ रुपये भेजे थे। ED का आरोप था कि यह राशि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की पूर्व मंजूरी के बिना विदेश भेजी गई, जिससे FEMA का उल्लंघन हुआ। इसी आधार पर 2018 में ललित मोदी पर 10.65 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया था।

अपीलीय ट्रिब्यूनल ने अपने फैसले में कहा कि दक्षिण अफ्रीका भेजी गई राशि करंट अकाउंट ट्रांजैक्शन थी, न कि कैपिटल अकाउंट ट्रांजैक्शन। ऐसे में इसके लिए RBI की पूर्व अनुमति आवश्यक नहीं थी। साथ ही ट्रिब्यूनल ने माना कि ललित मोदी व्यक्तिगत रूप से BCCI की ओर से FEMA अनुपालन के लिए जिम्मेदार नहीं थे और उनके पास वे वित्तीय अधिकार भी नहीं थे, जिनका दावा ED ने किया था।
हालांकि यह राहत केवल IPL 2009 के FEMA मामले तक सीमित है। ललित मोदी के खिलाफ IPL ब्रॉडकास्ट राइट्स, मनी लॉन्ड्रिंग और BCCI की अनुशासनात्मक कार्रवाई सहित अन्य मामले अब भी अलग-अलग स्तर पर लंबित हैं। 2013 में BCCI ने उन्हें क्रिकेट से जुड़ी सभी गतिविधियों के लिए आजीवन प्रतिबंधित कर दिया था।
ललित मोदी वर्ष 2010 से लंदन में रह रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी अक्टूबर में बच्चे को जन्म देने वाली है, जिसके बाद वह भारत लौटने की योजना बना रहे हैं।
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