लखनऊ: समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने विधानसभा सत्र को लेकर राज्य की योगी आदित्यनाथ सरकार पर निशाना साधा है। अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा कि सरकार के अब सिर्फ चार दिन बचे हैं, इसलिए विधानसभा का सत्र भी चार दिन का ही रखा गया है।
अखिलेश यादव के इस बयान के बाद यूपी की सियासत में बयानबाजी तेज हो गई है। उन्होंने सरकार के कामकाज और विधानसभा सत्र की अवधि को लेकर सवाल खड़े किए।
विधानसभा सत्र को लेकर अखिलेश का तंज
अखिलेश यादव ने कहा कि विधानसभा का सत्र महज चार दिन का होना कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने इसे सरकार के बचे हुए कार्यकाल से जोड़ते हुए कहा कि जब सरकार के पास सिर्फ चार दिन बचे हैं, तो विधानसभा सत्र भी चार दिन का रखा गया है।
उनके इस बयान को आगामी राजनीतिक माहौल से जोड़कर देखा जा रहा है। समाजवादी पार्टी लगातार सरकार की नीतियों और फैसलों को लेकर सवाल उठाती रही है।
सरकार पर कामकाज को लेकर सवाल
सपा प्रमुख ने सरकार के कामकाज पर भी निशाना साधा। उनका कहना है कि विधानसभा सत्र जनता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा का अहम मंच होता है। ऐसे में सत्र की अवधि कम होने से विपक्ष को अपनी बात रखने के लिए सीमित समय मिल सकता है।
अखिलेश यादव ने सरकार से जनता से जुड़े मुद्दों पर सदन में जवाब देने की मांग भी की।
यूपी की राजनीति में बयानबाजी तेज
अखिलेश यादव के बयान के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग तेज होने के आसार हैं। विधानसभा सत्र के दौरान कानून-व्यवस्था, रोजगार, महंगाई और विकास से जुड़े मुद्दे उठ सकते हैं।
अब देखना होगा कि विधानसभा में विपक्ष किन मुद्दों को प्रमुखता से उठाता है और सरकार की ओर से इन सवालों पर क्या जवाब दिया जाता है।
विधानसभा सत्र पर सबकी नजर
उत्तर प्रदेश की राजनीति में विधानसभा सत्र को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कम अवधि के इस सत्र में कई अहम मुद्दों पर चर्चा की उम्मीद है।

