राम मंदिर (Ram Mandir) से जुड़े चढ़ावे की कथित चोरी का मामला अब संसद तक पहुंच गया है। मंगलवार को इस मुद्दे को लेकर विपक्षी सांसदों ने संसद के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई और ‘चंदा चोर’ के नारे भी लगाए गए। मामला यहीं नहीं रुका, लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने सदन में भी इस मुद्दे को लेकर हंगामा किया।
विपक्ष का आरोप है कि राम मंदिर से जुड़े चढ़ावे के मामले में गंभीर सवाल उठ रहे हैं और सरकार को इस पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। इसी मांग को लेकर विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया।
Parliament के बाहर विपक्ष का प्रदर्शन
मंगलवार को संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही विपक्षी सांसदों ने राम मंदिर चढ़ावा मामले को लेकर मोर्चा संभाल लिया। सांसदों ने प्रदर्शन करते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान ‘चंदा चोर’ के नारे भी लगाए गए।
विपक्षी नेताओं ने कहा कि राम मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा विषय है। ऐसे में मंदिर के चढ़ावे को लेकर सामने आए आरोपों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
लोकसभा में शुरू होते ही हंगामा
संसद के बाहर प्रदर्शन के बाद जब लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई तो सदन के अंदर भी इस मुद्दे की गूंज सुनाई दी। विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी करते हुए मामले को उठाने की कोशिश की।
हंगामा बढ़ने के बाद लोकसभा की कार्यवाही को दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दिया गया। इससे सदन का कामकाज प्रभावित हुआ और राम मंदिर चढ़ावा विवाद एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया।
राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर विपक्ष ने सरकार को घेरा
विपक्ष लगातार इस मामले को लेकर सरकार से जवाब मांग रहा है। नेताओं का कहना है कि धार्मिक स्थलों से जुड़े चढ़ावे में पारदर्शिता बेहद जरूरी है। उनका तर्क है कि श्रद्धालुओं की ओर से दी जाने वाली राशि और सामग्री को लेकर किसी भी तरह के सवाल उठते हैं तो उनकी जांच होनी चाहिए।
दूसरी ओर, इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हो गए हैं। संसद के बाहर हुए प्रदर्शन और लोकसभा में हंगामे ने साफ कर दिया है कि विपक्ष आने वाले दिनों में इस मामले को जोर-शोर से उठाने की तैयारी में है।
सड़क से संसद तक पहुंचा मामला
राम मंदिर चढ़ावा विवाद अब केवल एक स्थानीय या धार्मिक मुद्दे तक सीमित नहीं रहा। विपक्ष के प्रदर्शन के बाद यह मामला सीधे संसद की कार्यवाही से जुड़ गया है। जिस तरह से संसद के बाहर नारेबाजी हुई और फिर लोकसभा में हंगामा हुआ, उससे आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासत और गर्म होने की संभावना है।
फिलहाल सबकी नजर इस बात पर है कि मामले को लेकर सरकार और संबंधित पक्ष आगे क्या जवाब देते हैं और कथित चढ़ावा चोरी के आरोपों की जांच को लेकर क्या कदम उठाए जाते हैं।
हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
