पश्चिम बंगाल में SIR (Special Intensive Revision) को लेकर चल रही कानूनी लड़ाई एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है। मंगलवार को मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने चुनाव आयोग यानी ECI से SIR से जुड़ी अपीलों और उनके निपटारे की स्थिति पर जानकारी मांगी। कोर्ट का रुख इस बात का संकेत है कि मतदाता सूची से जुड़े मामलों को लेकर अदालत पूरी प्रक्रिया पर बारीकी से नजर रख रही है।
यह मामला कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी की याचिका से जुड़ा है। याचिका में SIR प्रक्रिया के दौरान प्रभावित मतदाताओं की ओर से दाखिल की गई अपीलों के जल्द निपटारे की मांग की गई है।
Supreme Court ने ECI से क्या जानकारी मांगी?
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से पूछा कि SIR के दौरान मतदाता सूची से जुड़े कितने मामलों में अपील दाखिल की गई, उनमें से कितने मामलों का फैसला हो चुका है और कितने अभी लंबित हैं।
अदालत का फोकस इस बात पर है कि जिन लोगों ने मतदाता सूची में अपने नाम को लेकर आपत्ति या दावा पेश किया है, उनकी अपीलों पर कार्रवाई किस स्थिति में है। इससे यह भी पता चलेगा कि अपीलीय स्तर पर मामलों का निपटारा किस गति से हो रहा है।
क्या है Bengal SIR विवाद?
Special Intensive Revision यानी SIR का उद्देश्य मतदाता सूची की गहन जांच और उसे अपडेट करना है। इस प्रक्रिया में मतदाताओं की जानकारी का सत्यापन किया जाता है, ताकि पात्र लोगों के नाम सूची में बने रहें और गलत या अपात्र प्रविष्टियों को हटाया जा सके।
हालांकि, पश्चिम बंगाल में SIR को लेकर राजनीतिक विवाद भी काफी बढ़ गया है। विपक्षी दलों की ओर से लगातार सवाल उठाए गए हैं कि प्रक्रिया के दौरान वास्तविक मतदाताओं के नाम प्रभावित न हों। दूसरी तरफ चुनाव आयोग का कहना है कि मतदाता सूची को सही और अपडेट रखना चुनावी प्रक्रिया का जरूरी हिस्सा है।
अपील करने वाले मतदाताओं के लिए मामला अहम
SIR प्रक्रिया में जिन मतदाताओं के नाम या विवरण को लेकर आपत्ति सामने आती है, उनके लिए अपील की प्रक्रिया महत्वपूर्ण है। ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्ति को अपनी स्थिति स्पष्ट करने का अवसर मिलता है।
इसी वजह से सुप्रीम कोर्ट में अब यह सवाल अहम हो गया है कि दाखिल की गई अपीलों पर कितनी तेजी से फैसला हो रहा है। अदालत द्वारा ECI से डेटा मांगे जाने के बाद अब आयोग को मामलों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करनी होगी।
अधीर रंजन चौधरी की याचिका क्यों महत्वपूर्ण?
कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर SIR से जुड़े मामलों की अपीलों के निपटारे की मांग की है। उनका तर्क है कि मतदाता सूची से जुड़े मामलों में समय पर फैसला होना जरूरी है, क्योंकि इसका सीधा संबंध लोगों के मतदान के अधिकार से है।
सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल अपीलीय ट्रिब्यूनलों के लिए कोई निश्चित समय-सीमा तय नहीं की है। हालांकि, अदालत ने मामलों के निपटारे से जुड़ा डेटा मांगकर यह साफ कर दिया है कि वह पूरी प्रक्रिया की स्थिति जानना चाहती है।
अब ECI के जवाब पर नजर
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद अब चुनाव आयोग के जवाब का इंतजार है। आयोग की ओर से पेश किए जाने वाले आंकड़ों से यह स्पष्ट हो सकता है कि SIR से जुड़ी कितनी अपीलें सामने आईं, कितनों पर फैसला हो चुका है और कितने मामले अभी बाकी हैं।
Bengal SIR Latest Update: पश्चिम बंगाल की वोटर लिस्ट को लेकर चल रहे विवाद में सुप्रीम कोर्ट की यह सुनवाई इसलिए अहम है, क्योंकि अब चर्चा केवल SIR की प्रक्रिया तक सीमित नहीं है, बल्कि उससे जुड़े मामलों की सुनवाई और अपीलों के निपटारे पर भी अदालत की नजर है। आने वाली सुनवाई में ECI का जवाब इस मामले की अगली दिशा तय करने में महत्वपूर्ण हो सकता है।
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