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BSE को मिली Nifty 50 में जगह, Wipro बाहर; जानें 30 सितंबर से क्या बदलेगा

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भारतीय शेयर बाजार के सबसे बड़े benchmark index Nifty 50 में जल्द ही बड़ा बदलाव होने वाला है। NSE Indices की छमाही समीक्षा में BSE Ltd. को Nifty 50 में शामिल करने का फैसला लिया गया है। इसके साथ ही दिग्गज IT कंपनी Wipro Ltd. अब इस प्रमुख इंडेक्स का हिस्सा नहीं रहेगी।

यह बदलाव 30 सितंबर 2026 से लागू होगा। यानी 29 सितंबर को बाजार बंद होने के बाद Nifty 50 की नई तस्वीर सामने आएगी।

BSE को क्यों मिली Nifty 50 में जगह?

NSE Indices के मुताबिक BSE का 6 महीने का औसत free-float market capitalisation करीब ₹1.41 लाख करोड़ रहा। वहीं Nifty 50 की सबसे छोटी मौजूदा कंपनी Wipro का औसत free-float market cap करीब ₹55,930 करोड़ था।

इंडेक्स में शामिल होने के नियमों के मुताबिक BSE का औसत free-float market cap Wipro के मुकाबले जरूरी स्तर से काफी ऊपर रहा। इसी आधार पर BSE को Nifty 50 में जगह मिली है।

सीधी भाषा में कहें तो बाजार में BSE का बढ़ता आकार और निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी अब उसे Nifty 50 की शीर्ष कंपनियों की सूची तक ले आई है।

Wipro की Nifty 50 से होगी Exit

इस बदलाव का दूसरा बड़ा पहलू Wipro का Nifty 50 से बाहर होना है। कंपनी लंबे समय से इस benchmark index का हिस्सा रही है, लेकिन अब इसका free-float market capitalisation इंडेक्स की मौजूदा जरूरत के मुकाबले कम हो गया है।

Wipro को Nifty 50 से हटाकर Nifty Next 50 में शामिल किया जाएगा। हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि कंपनी के कारोबार पर कोई सीधा फैसला हो गया है। यह मुख्य रूप से इंडेक्स के तय नियमों और बाजार पूंजीकरण से जुड़ा बदलाव है।

30 सितंबर से लागू होगा नया बदलाव

NSE Indices ने साफ किया है कि बदलाव 29 सितंबर 2026 को बाजार बंद होने के बाद प्रभावी होंगे। इसके बाद 30 सितंबर से Nifty 50 में BSE की जगह पक्की हो जाएगी और Wipro बाहर होगी।

यह बदलाव सिर्फ इंडेक्स की सूची तक सीमित नहीं है। Nifty 50 को ट्रैक करने वाले कई passive funds और ETFs को भी अपनी holdings में बदलाव करना पड़ सकता है। इसी वजह से बदलाव की तारीख के आसपास संबंधित शेयरों में खरीद-बिक्री बढ़ सकती है।

BSE Share में क्यों बढ़ी हलचल?

BSE के Nifty 50 में शामिल होने की खबर बाजार के लिए काफी अहम रही। Reuters के अनुसार घोषणा के बाद BSE के शेयर में करीब 4 फीसदी की तेजी देखने को मिली, जबकि Wipro के शेयर में करीब 1.1 फीसदी की गिरावट आई।

हालांकि, शेयर बाजार में किसी कंपनी के इंडेक्स में शामिल होने या बाहर होने को देखकर अकेले निवेश का फैसला करना ठीक नहीं है। शेयर की कीमत पर कंपनी के नतीजे, valuation, बाजार की स्थिति और कई दूसरे factors भी असर डालते हैं।

Nifty 50 के लिए क्या बदलेगा?

Nifty 50 को भारतीय शेयर बाजार का प्रमुख benchmark माना जाता है। इसमें देश की बड़ी और प्रमुख कंपनियां शामिल होती हैं। समय-समय पर NSE Indices इसकी समीक्षा करता है, ताकि इंडेक्स बदलती market conditions को बेहतर तरीके से दर्शा सके।

BSE की entry इसी बदलती तस्वीर की एक मिसाल है। एक तरफ stock exchange कारोबार से जुड़ी कंपनी का बाजार में बढ़ता महत्व नजर आ रहा है, तो दूसरी तरफ लंबे समय से Nifty 50 में मौजूद Wipro को अब Next 50 में जाना होगा।

निवेशकों की नजर अब सितंबर के बदलाव पर

फिलहाल बाजार की नजर 30 सितंबर 2026 पर है। उस दिन से Nifty 50 में BSE की नई पारी शुरू होगी और Wipro की benchmark index से विदाई हो जाएगी।

यह बदलाव भारतीय शेयर बाजार में बदलते market dynamics की ओर इशारा करता है। आने वाले दिनों में निवेशक BSE और Wipro दोनों के शेयरों में होने वाली गतिविधियों के साथ-साथ Nifty 50 में होने वाले दूसरे बदलावों पर भी नजर रखेंगे।

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राहुल गांधी

INDIA Bloc Protest: राहुल गांधी का सवाल- ‘दिल्ली कैद में क्यों है?’, Supreme Court जाएगा विपक्ष

दिल्ली में चुनाव आयोग और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर सियासी माहौल गर्म है। सोमवार, 12 अक्टूबर को कांग्रेस समेत INDIA ब्लॉक के नेता सुप्रीम कोर्ट तक मार्च करने की तैयारी में हैं। राहुल गांधी ने राजधानी में लगाए गए सुरक्षा प्रतिबंधों पर सवाल उठाते हुए पूछा कि आखिर दिल्ली को इस तरह बंद क्यों किया जा रहा है? विपक्ष का कहना है कि मतदाताओं के अधिकारों और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता से जुड़े सवालों का जवाब मिलना चाहिए। यह पूरा विवाद मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी Special Intensive Revision (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका को लेकर है। विपक्षी दल इस मामले में जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। वहीं, सुप्रीम कोर्ट में अपनी बात रखने के लिए अब कानूनी रास्ता अपनाने की तैयारी की जा रही है। Rahul Gandhi का सवाल- दिल्ली में इतनी पाबंदियां क्यों? राहुल गांधी ने दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था और लोगों की आवाजाही पर लगे प्रतिबंधों को लेकर सवाल उठाए। विपक्ष का आरोप है कि प्रदर्शन करने और अपनी बात रखने की कोशिश कर रहे लोगों को रोका जा रहा है। कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों का कहना है कि चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर सवाल पूछना लोकतांत्रिक अधिकार है। विपक्षी नेता चाहते हैं कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया को लेकर उठ रही शिकायतों पर स्पष्ट जवाब दिया जाए। हालांकि, विपक्ष के आरोपों को अंतिम रूप से प्रमाणित तथ्य नहीं माना जा सकता। इस मामले में चुनाव आयोग का पक्ष और संबंधित कानूनी कार्यवाही भी महत्वपूर्ण है। Supreme Court क्यों पहुंच रहा है INDIA ब्लॉक? INDIA ब्लॉक के नेता चुनाव आयोग से जुड़े विवाद को सुप्रीम कोर्ट के सामने उठाना चाहते हैं। विपक्ष की योजना मार्च के जरिए अदालत तक पहुंचने और अपनी मांगों को लेकर याचिका दायर करने की है। इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी ने मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत से मुलाकात का अनुरोध किया था। रिपोर्ट्स के अनुसार, CJI ने मुलाकात का अनुरोध स्वीकार नहीं किया और संबंधित मुद्दों पर कानूनी प्रक्रिया के तहत अदालत में याचिका दायर करने का रास्ता बताया। इसके बाद विपक्षी नेताओं की नजर सुप्रीम कोर्ट में होने वाली अगली कार्रवाई पर है। याचिका में कौन-सी मांगें रखी जाती हैं और अदालत उन पर क्या विचार करती है, यह आगे की कार्यवाही से स्पष्ट होगा। SIR विवाद क्या है? विपक्ष क्यों उठा रहा सवाल SIR यानी Special Intensive Revision मतदाता सूची की विशेष जांच और संशोधन की प्रक्रिया है। इसका उद्देश्य मतदाता सूची को अपडेट करना होता है, लेकिन इस प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दलों ने कई सवाल उठाए हैं। विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए। कांग्रेस सहित INDIA ब्लॉक के नेता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी कर रहे हैं। दूसरी ओर, चुनाव आयोग की प्रक्रिया और उसके फैसलों को लेकर जारी विवाद में संबंधित तथ्यों को समझना जरूरी है। मतदाता सूची में किसी नाम के जुड़ने या हटने से जुड़े मामलों का आकलन उपलब्ध रिकॉर्ड और निर्धारित नियमों के आधार पर किया जाना चाहिए। Delhi Protest के चलते 6 Metro Stations पर प्रतिबंध INDIA ब्लॉक के मार्च को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) की घोषणा के मुताबिक, सोमवार सुबह 6 बजे से शाम 4 बजे तक छह मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद रखने की व्यवस्था की गई थी। इनमें जनपथ, मंडी हाउस, बाराखंबा रोड, केंद्रीय सचिवालय, राजीव चौक और पटेल चौक मेट्रो स्टेशन शामिल थे। सुरक्षा संबंधी इन प्रतिबंधों का असर आम यात्रियों की आवाजाही पर पड़ सकता था। ऐसे में दिल्ली में यात्रा करने वाले लोगों के लिए मेट्रो और ट्रैफिक से जुड़े अपडेट देखना जरूरी है। विपक्ष ने इन प्रतिबंधों को लेकर भी सवाल उठाए हैं। वहीं, सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है। इस मामले में प्रतिबंधों की जरूरत और उनके असर को लेकर अलग-अलग पक्षों की दलीलें सामने आ रही हैं। CJP Protest और हिरासत का मामला भी चर्चा में दिल्ली में प्रदर्शन और हिरासत को लेकर भी पिछले कुछ दिनों से राजनीतिक गतिविधियां तेज रही हैं। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) सहित विभिन्न समूहों ने प्रदर्शन और अनुमति से जुड़े मुद्दे उठाए हैं। प्रदर्शनकारियों की हिरासत, सार्वजनिक परिवहन पर प्रतिबंध और लोगों की आवाजाही को लेकर कानूनी सवाल भी सामने आए हैं। विपक्षी नेताओं ने इन घटनाओं पर आपत्ति जताई है और शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार की बात कही है। इन मामलों में प्रशासन की कार्रवाई और अदालतों के निर्देश महत्वपूर्ण हैं। किसी भी कार्रवाई का मूल्यांकन उसके तथ्यों और कानूनी आधार के अनुसार किया जाना चाहिए। Supreme Court के रुख पर टिकी निगाहें अब इस पूरे घटनाक्रम में सबसे अहम सवाल यह है कि INDIA ब्लॉक के नेता सुप्रीम कोर्ट में अपनी मांगों को किस तरह रखते हैं। विपक्ष चाहता है कि मतदाता सूची से जुड़े आरोपों की जांच हो और चुनाव आयोग की जवाबदेही तय की जाए। वहीं, अदालत में याचिका दायर होने के बाद संबंधित पक्षों की दलीलें और उपलब्ध साक्ष्य मामले की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण होंगे। दिल्ली में INDIA ब्लॉक का मार्च ऐसे समय हो रहा है, जब चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता, मतदाताओं के अधिकार और विरोध-प्रदर्शन की स्वतंत्रता पर बहस तेज है। आने वाले दिनों में सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही और चुनाव आयोग का रुख इस विवाद को लेकर महत्वपूर्ण अपडेट दे सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Bharatpur

Bharatpur Murder Case: पूर्व BJP विधायक अतर सिंह भड़ाना की मौत से मचा हड़कंप, गांव में तनाव

राजस्थान के भरतपुर (Bharatpur) जिले से एक पूर्व विधायक की मौत की दुखद खबर सामने आई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना की कथित हमले में गंभीर रूप से घायल होने के बाद जयपुर के SMS अस्पताल में मौत हो गई। यह घटना भौंड़ा गांव में क्रेशर प्लांट दोबारा शुरू करने को लेकर चल रहे विवाद के बीच हुई। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया और पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रविवार, 11 अक्टूबर की शाम क्रेशर प्लांट से जुड़े विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि इस दौरान अतर सिंह भड़ाना और उनके सहयोगी पर लाठी-डंडों और पत्थरों से हमला किया गया। इस घटना ने एक बार फिर स्थानीय विवादों के गंभीर रूप लेने और कानून-व्यवस्था से जुड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। Bharatpur Violence: क्रेशर प्लांट को लेकर क्या था विवाद? मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अतर सिंह भड़ाना भौंड़ा गांव में अपने क्रेशर प्लांट और खनन लीज से जुड़े काम के सिलसिले में पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि संबंधित क्रेशर प्लांट करीब एक साल से बंद था और उसे दोबारा शुरू करने की तैयारी की जा रही थी। इसी बात को लेकर स्थानीय ग्रामीणों और भड़ाना पक्ष के बीच विवाद चल रहा था। ग्रामीणों का कहना था कि वे क्रेशर प्लांट दोबारा शुरू करने के विरोध में पिछले 10 से 15 दिनों से धरना दे रहे थे। रविवार शाम दोनों पक्षों के आमने-सामने आने के बाद स्थिति बिगड़ गई। Attack on Atar Singh Bhadana: हमले में सहयोगी भी घायल रिपोर्ट्स के मुताबिक, विवाद के दौरान अतर सिंह भड़ाना और उनके सहयोगी गगन शर्मा घायल हो गए। दोनों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। भड़ाना की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें जयपुर के SMS अस्पताल रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। गगन शर्मा को भरतपुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया। बताया जा रहा है कि हमले में बड़ी संख्या में लोग शामिल थे। हालांकि, घटना में शामिल लोगों की सही संख्या और प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका की पुष्टि जांच के आधार पर ही हो सकेगी। ग्रामीणों ने लगाए गंभीर आरोप घटना को लेकर ग्रामीणों और भड़ाना पक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप सामने आए हैं। ग्रामीणों का दावा है कि वे क्रेशर प्लांट शुरू करने के विरोध में शांतिपूर्ण तरीके से धरना दे रहे थे। उनका आरोप है कि रविवार को मौके पर पहुंचे लोगों के साथ विवाद बढ़ा और देखते ही देखते मामला हिंसा तक पहुंच गया। वहीं, इस पूरे घटनाक्रम की परिस्थितियों और हमले की वजह को लेकर पुलिस जांच कर रही है। ऐसे में किसी भी पक्ष के आरोप को जांच के अंतिम निष्कर्ष के रूप में देखना जल्दबाजी होगी। घटना के बाद गांव में तनाव अतर सिंह भड़ाना की मौत के बाद भौंड़ा गांव और आसपास के क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई। मीडिया रिपोर्ट्स में घटना के बाद गांव में लोगों की आवाजाही प्रभावित होने और कुछ लोगों के वहां से चले जाने की जानकारी दी गई है। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई। अधिकारियों के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने और घटना के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान करने की चुनौती है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी। कौन थे पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना? अतर सिंह भड़ाना राजस्थान की बयाना विधानसभा सीट से विधायक रह चुके थे। उन्होंने 2003 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर जीत दर्ज की थी और 2008 तक इस सीट का प्रतिनिधित्व किया। उनकी मौत की खबर सामने आने के बाद यह मामला राजनीतिक और स्थानीय स्तर पर चर्चा में है। फिलहाल, क्रेशर प्लांट को लेकर शुरू हुआ विवाद, हमले की परिस्थितियां और इसमें शामिल लोगों की भूमिका जांच के अहम पहलू हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Weather

Weather Update: दिल्ली-NCR में तेज बारिश, लखनऊ में बाढ़ और राजस्थान में ओले

देश के कई हिस्सों में मौसम (Weather) ने अचानक करवट ले ली है। दिल्ली-NCR में तेज बारिश ने लोगों को गर्मी से राहत दी, तो वहीं उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बाढ़ और जलभराव के कारण लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। राजस्थान के कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की खबरों ने किसानों की चिंता भी बढ़ा दी है। पाकिस्तान की ओर से आए मौसमी सिस्टम और पश्चिमी विक्षोभ से जुड़ी गतिविधियों के बीच उत्तर भारत के मौसम पर सबकी नजर बनी हुई है। 12 अक्टूबर को दिल्ली-NCR समेत कई क्षेत्रों में बारिश, तेज हवाओं और गरज-चमक का असर देखने को मिला। कहीं बारिश से मौसम सुहावना हुआ, तो कहीं जलभराव ने लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित की। Delhi-NCR Rain: दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद में तेज बारिश दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम के कई इलाकों में तेज बारिश से मौसम का मिजाज बदल गया। बारिश के बाद तापमान में गिरावट महसूस हुई और लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिली। हालांकि, सड़कों पर पानी भरने और यातायात प्रभावित होने से लोगों को परेशानी का सामना भी करना पड़ सकता है। अचानक हुई बारिश के कारण दफ्तर जाने वाले लोगों और वाहन चालकों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। खासकर उन इलाकों में सतर्क रहना जरूरी है, जहां थोड़ी देर की बारिश के बाद भी पानी जमा हो जाता है। मौसम विभाग की चेतावनियों को ध्यान में रखते हुए घर से निकलने से पहले स्थानीय मौसम का अपडेट और ट्रैफिक की स्थिति जरूर जांच लें। Weather System: पाकिस्तान से आए मौसमी सिस्टम का कितना असर? उत्तर भारत में मौसम के बदलाव के पीछे पश्चिमी विक्षोभ और अन्य वायुमंडलीय परिस्थितियां अहम भूमिका निभा सकती हैं। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तर-पश्चिम भारत में बादल, बारिश, गरज-चमक और कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि की स्थिति बन सकती है। पाकिस्तान और आसपास के क्षेत्रों से गुजरने वाली मौसमी प्रणालियां भी इस क्षेत्र के मौसम को प्रभावित कर सकती हैं। हालांकि, बारिश की वास्तविक वजह और उसका प्रभाव जानने के लिए भारतीय मौसम विभाग (IMD) के क्षेत्रवार पूर्वानुमान को देखना जरूरी है। अक्टूबर में मानसून की विदाई के बाद भी बारिश होना संभव है। ऐसे में मौसम का अचानक बदलना लोगों के लिए हैरानी की बात जरूर हो सकती है, लेकिन सक्रिय मौसमी प्रणालियों के कारण ऐसा देखने को मिलता है। Lucknow Flood: लखनऊ में बाढ़ और जलभराव से बढ़ी परेशानी लखनऊ में गोमती नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी के कारण निचले इलाकों में बाढ़ और जलभराव की स्थिति ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। नदी के आसपास रहने वाले लोगों के लिए पानी का बढ़ता स्तर परेशानी का कारण बन सकता है। कई जगहों पर जलभराव से सामान्य आवाजाही भी प्रभावित हो सकती है। रिपोर्टों में गोमती नदी के जलस्तर में कुछ गिरावट के संकेत मिलने की बात कही गई है। इससे प्रभावित इलाकों को राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन स्थिति पूरी तरह सामान्य होने में समय लग सकता है। प्रशासन के लिए जलभराव वाले क्षेत्रों में पानी की निकासी और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है। स्थानीय निवासियों को प्रशासन की सलाह मानने और नदी के आसपास अनावश्यक रूप से जाने से बचने की जरूरत है। Rajasthan Hailstorm: राजस्थान में ओलावृष्टि से किसानों की बढ़ी चिंता राजस्थान के कुछ इलाकों में ओले गिरने की खबरों के बीच मौसम को लेकर सतर्कता बढ़ गई है। बारिश और ओलावृष्टि का असर खेतों में खड़ी फसलों पर पड़ सकता है। ऐसे में किसानों के लिए मौसम की जानकारी समय पर मिलना बेहद जरूरी है। हालांकि, फसलों को कितना नुकसान हुआ है, इसका आकलन संबंधित क्षेत्रों से मिलने वाली आधिकारिक जानकारी के आधार पर ही किया जा सकता है। किसानों को स्थानीय कृषि विभाग और मौसम विभाग की सलाह पर ध्यान देना चाहिए। IMD Weather Alert: अगले दिनों में कैसा रहेगा मौसम? आने वाले दिनों में उत्तर भारत के मौसम का रुख सक्रिय मौसमी प्रणालियों पर निर्भर करेगा। कुछ क्षेत्रों में बारिश और गरज-चमक जारी रह सकती है, जबकि अन्य इलाकों में मौसम सामान्य होने की संभावना है। शहर और जिले के हिसाब से मौसम की स्थिति अलग-अलग हो सकती है। बारिश के दौरान कुछ जरूरी सावधानियां अपनाना बेहतर रहेगा: दिल्ली से राजस्थान तक मौसम ने बदली करवट दिल्ली-NCR में तेज बारिश, लखनऊ में बाढ़ और राजस्थान में ओलावृष्टि ने एक बार फिर मौसम की अनिश्चितता को सामने ला दिया है। बारिश कुछ लोगों के लिए राहत लेकर आई है, तो दूसरी ओर जलभराव और फसलों पर संभावित असर ने मुश्किलें भी बढ़ाई हैं। ऐसे में मौसम विभाग के ताजा अपडेट पर नजर रखना जरूरी है, ताकि बदलते मौसम के बीच लोग अपनी यात्रा, कामकाज और खेती से जुड़े फैसले सावधानी से ले सकें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Riyadh Airport

Riyadh Airport Attack रियाद एयरपोर्ट हमले का CCTV फुटेज आया सामने, 13 की मौत

सऊदी अरब की राजधानी रियाद के एयरपोर्ट पर हुए हमले से जुड़ा CCTV फुटेज सामने आने के बाद घटना को लेकर चर्चा तेज हो गई है। फुटेज में एयरपोर्ट टर्मिनल पर मौजूद यात्री अचानक हुए धमाके के बाद घबराते और सुरक्षित जगह की ओर भागते नजर आते हैं। इस हमले में 13 लोगों की मौत और सैकड़ों लोगों के घायल होने की खबर सामने आई है। घटना ने न सिर्फ सऊदी अरब, बल्कि वहां यात्रा करने वाले विदेशी नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है। Riyadh Airport Attack: CCTV फुटेज में दिखा अफरा-तफरी का माहौल रिपोर्ट्स के मुताबिक, Riyadh Airport टर्मिनल पर यात्री अपनी उड़ानों का इंतजार कर रहे थे। कुछ लोग उमराह के लिए सऊदी अरब के धार्मिक स्थलों की यात्रा पर जाने की तैयारी में थे। इसी बीच अचानक धमाके की आवाज सुनाई दी और देखते ही देखते टर्मिनल पर अफरा-तफरी मच गई। CCTV फुटेज में लोग अपनी जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों की ओर जाते दिखाई देते हैं। घटना के बाद एयरपोर्ट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। हालांकि, सामने आए फुटेज और हमले से जुड़ी सभी जानकारियों की आधिकारिक पुष्टि को लेकर सावधानी बरतना जरूरी है। हमले में 13 लोगों की मौत, सैकड़ों घायल Riyadh Airport पर हुए हमले में 13 लोगों की मौत और 300 से अधिक लोगों के घायल होने की खबर ने सभी को चिंता में डाल दिया है। घायलों में कई लोगों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। घटना के बाद राहत और बचाव कार्यों के साथ सुरक्षा जांच पर भी ध्यान दिया गया। इस तरह की घटनाओं का असर केवल एयरपोर्ट तक सीमित नहीं रहता। यात्रियों और उनके परिवारों के लिए यह बेहद मुश्किल समय होता है, खासकर उन लोगों के लिए जो धार्मिक यात्रा या जरूरी काम से विदेश पहुंचे हों। भारतीय नागरिक मोहम्मद यूसुफ की भी मौत इस घटना में हैदराबाद के रहने वाले मोहम्मद यूसुफ की मौत की खबर भी सामने आई। वह अपने परिवार के साथ उमराह के लिए यात्रा कर रहे थे। उनकी मौत की खबर से परिवार और परिचितों में शोक का माहौल है। विदेश में किसी अपने को खोना परिवार के लिए बेहद कठिन होता है। ऐसे मामलों में भारतीय दूतावास की भूमिका अहम हो जाती है, ताकि प्रभावित परिवार को जरूरी सहायता और संबंधित जानकारी मिल सके। इस घटना के बाद भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठे हैं। Houthi Rebels पर हमले का आरोप रिपोर्ट्स में इस हमले के पीछे यमन में सक्रिय हूती विद्रोहियों का नाम सामने आया है। सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों के बीच लंबे समय से तनाव बना हुआ है। इस घटनाक्रम ने क्षेत्र में सुरक्षा की स्थिति को लेकर चिंता और बढ़ा दी है। हालांकि, हमले की जिम्मेदारी, इस्तेमाल किए गए हथियारों और घटना के पूरे घटनाक्रम से जुड़े दावों को आधिकारिक बयानों के आधार पर ही समझना चाहिए। संघर्ष वाले क्षेत्रों में शुरुआती जानकारियां बदल भी सकती हैं। दूसरे हमले की खबर से बढ़ी चिंता रियाद एयरपोर्ट के आसपास एक और घटना की खबर सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं। रिपोर्ट्स के अनुसार, टर्मिनल क्षेत्र में एक प्रोजेक्टाइल गिरने से नुकसान हुआ और लोग घायल हुए। इसके बाद अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा और नुकसान का आकलन शुरू किया। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं से हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों की चिंता बढ़ना स्वाभाविक है। फिलहाल, एयरपोर्ट की सुरक्षा और उड़ानों की स्थिति से जुड़ी जानकारी के लिए आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करना जरूरी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Abhishek Sharma

Abhishek Sharma T20 Record: सबसे तेज 2,000 रन पूरे, Suryakumar की बराबरी

भारतीय क्रिकेट में युवा खिलाड़ियों का जलवा लगातार देखने को मिल रहा है। इंदौर में भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेले गए तीसरे T20 मुकाबले में अभिषेक शर्मा ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से एक बार फिर सबका ध्यान खींचा। उन्होंने न सिर्फ बल्ले से अहम योगदान दिया, बल्कि T20 इंटरनेशनल क्रिकेट में 2,000 रन पूरे करके एक बड़ी उपलब्धि भी हासिल की। इस मुकाबले में अभिषेक शर्मा के साथ सूर्यकुमार यादव और तिलक वर्मा के नाम भी खास रिकॉर्ड जुड़े। अभिषेक ने सबसे कम गेंदों में 2,000 T20I रन पूरे किए, जबकि एक कैलेंडर वर्ष में सबसे ज्यादा छक्के लगाने के मामले में सूर्यकुमार यादव की बराबरी कर ली। वहीं, तिलक वर्मा ने फील्डिंग में अपने 50 कैच पूरे कर लिए। Abhishek Sharma ने 1,024 गेंदों में पूरे किए 2,000 रन Abhishek Sharma अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के लिए पहचाने जाते हैं। वेस्टइंडीज के खिलाफ इंदौर में भी उनका यही अंदाज देखने को मिला। उन्होंने 30 गेंदों पर 69 रन की शानदार पारी खेली। इस दौरान उनके बल्ले से 6 चौके और 5 छक्के निकले। अभिषेक ने T20 इंटरनेशनल क्रिकेट में 2,000 रन पूरे करने के लिए केवल 1,024 गेंदें खेलीं। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने सूर्यकुमार यादव को पीछे छोड़ दिया। सूर्यकुमार ने इस आंकड़े तक पहुंचने के लिए 1,164 गेंदें खेली थीं। यह उपलब्धि बताती है कि वह कम समय में तेजी से रन बनाने की क्षमता रखते हैं। उनकी बल्लेबाजी भारतीय टीम को पावरप्ले में मजबूत शुरुआत दिलाने में भी अहम भूमिका निभाती है। एक साल में 68 छक्के, Suryakumar Yadav की बराबरी अभिषेक शर्मा का बल्ला सिर्फ रन बनाने तक सीमित नहीं रहा। छक्के लगाने के मामले में भी उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया है। साल 2026 में T20 इंटरनेशनल क्रिकेट में उनके छक्कों की संख्या 68 तक पहुंच गई, जिसके साथ उन्होंने सूर्यकुमार यादव के 2022 के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। सूर्यकुमार ने 2022 में एक कैलेंडर वर्ष के दौरान 68 छक्के लगाए थे। अब अभिषेक भी इस आंकड़े तक पहुंच गए हैं। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी और बड़े शॉट खेलने की क्षमता उन्हें भारतीय टीम के अहम खिलाड़ियों में शामिल करती है। Tilak Varma के T20I में 50 कैच पूरे इस मुकाबले में तिलक वर्मा ने भी एक खास मुकाम हासिल किया। वेस्टइंडीज के खिलाफ दो कैच पकड़ने के साथ उनके T20 इंटरनेशनल करियर में 50 कैच पूरे हो गए। फील्डिंग में कैच पकड़ना किसी भी टीम के लिए बेहद अहम होता है। कई बार एक अच्छा कैच मैच का रुख बदल देता है। तिलक की यह उपलब्धि दिखाती है कि वह सिर्फ बल्लेबाजी ही नहीं, बल्कि मैदान पर अपनी फील्डिंग से भी टीम के लिए योगदान दे रहे हैं। India vs West Indies: भारत ने 14 रन से जीता मैच इंदौर में खेले गए तीसरे T20 मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 223 रन बनाए। इसके जवाब में वेस्टइंडीज की टीम 20 ओवर में 209 रन ही बना सकी। भारत ने यह मुकाबला 14 रन से अपने नाम किया। इस जीत के साथ भारतीय टीम ने पांच मैचों की T20 सीरीज में 2-1 की बढ़त हासिल कर ली। मुकाबले में अभिषेक शर्मा की विस्फोटक पारी चर्चा का केंद्र रही, जबकि तिलक वर्मा की फील्डिंग उपलब्धि ने भी भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों का ध्यान खींचा। भारतीय क्रिकेट के लिए क्यों खास हैं ये रिकॉर्ड? अभिषेक शर्मा, सूर्यकुमार यादव और तिलक वर्मा की उपलब्धियां भारतीय टीम की बल्लेबाजी और फील्डिंग में मौजूद ताकत को दिखाती हैं। अभिषेक जहां तेजी से रन बनाकर टीम को आक्रामक शुरुआत देते हैं, वहीं सूर्यकुमार अपने अनुभव और बेहतरीन शॉट्स के लिए जाने जाते हैं। दूसरी ओर, तिलक वर्मा लगातार अपने खेल के अलग-अलग पहलुओं में योगदान दे रहे हैं। क्रिकेट में रिकॉर्ड बनना बड़ी बात है, लेकिन उन्हें लगातार बेहतर प्रदर्शन के साथ आगे बढ़ाना भी उतना ही जरूरी है। अब भारतीय प्रशंसकों की नजर इस बात पर रहेगी कि ये खिलाड़ी आने वाले मुकाबलों में अपने प्रदर्शन को किस तरह बरकरार रखते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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