पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को लेकर कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी (Sonia Gandhi)ने एक बार फिर खुलकर अपनी बात रखी है। सोनिया गांधी ने कहा कि मनमोहन सिंह भले ही अपने शांत और सहज स्वभाव के लिए जाने जाते थे, लेकिन देश की राजनीति और अर्थव्यवस्था पर उनका प्रभाव बेहद गहरा था। उनका मानना है कि आने वाले समय में इतिहास मनमोहन सिंह को एक ईमानदार और बेहद प्रभावशाली प्रधानमंत्री के तौर पर याद करेगा।
सोनिया गांधी ने यह टिप्पणी सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले के बाद की है, जिसमें कोयला ब्लॉक आवंटन मामले में डॉ. मनमोहन सिंह के खिलाफ चल रही कार्यवाही को बंद करने का रास्ता साफ हुआ। 29 जुलाई 2026 के फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने CBI की क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार किया और 2015 में विशेष अदालत की ओर से लिए गए संज्ञान से जुड़े आदेश को भी रद्द कर दिया।
Coal case में मिली राहत को सोनिया ने बताया अहम पड़ाव
सोनिया गांधी ने अपने लेख में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को मनमोहन सिंह की सार्वजनिक छवि के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि इस मामले में लंबे समय तक पूर्व प्रधानमंत्री की ईमानदारी और उनकी भूमिका पर सवाल उठाए गए, लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद इस पूरे प्रकरण को नए नजरिए से देखने की जरूरत है।
सोनिया के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने CBI की क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार करने के साथ निचली अदालत की उन टिप्पणियों पर भी सवाल उठाए, जिनके लिए पर्याप्त ठोस आधार नहीं था।
‘शांत, सरल लेकिन बेहद प्रभावशाली PM’
सोनिया गांधी ने मनमोहन सिंह के व्यक्तित्व का जिक्र करते हुए उन्हें शांत और सौम्य नेता बताया। उनके अनुसार, सिंह ने प्रधानमंत्री के रूप में दस वर्षों तक देश का नेतृत्व किया और उनकी सरकार के दौरान आर्थिक विकास तथा कई सामाजिक योजनाओं पर काम हुआ।
सोनिया ने यह भी कहा कि मनमोहन सिंह की सबसे बड़ी ताकत उनकी व्यक्तिगत ईमानदारी और सार्वजनिक जीवन में उनकी विश्वसनीयता थी। उनके मुताबिक, समय बीतने के साथ उनके काम और योगदान का मूल्यांकन राजनीतिक आरोपों से अलग होकर किया जाएगा।
BJP सरकार पर भी सोनिया गांधी का निशाना
मनमोहन सिंह की विरासत की चर्चा करते हुए सोनिया गांधी ने मौजूदा नरेंद्र मोदी सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने जांच एजेंसियों के इस्तेमाल को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं के खिलाफ CBI और ED जैसी एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक दबाव बनाने के लिए किया जाता है।
यह सोनिया गांधी का राजनीतिक आरोप है। BJP की ओर से इन आरोपों पर अलग-अलग मौकों पर विरोध जताया जाता रहा है।
आर्थिक सुधारों में मनमोहन सिंह की बड़ी भूमिका
मनमोहन सिंह का नाम भारत के आर्थिक इतिहास में खास तौर पर 1991 के आर्थिक सुधारों से जुड़ा रहा है। उस समय वित्त मंत्री के रूप में उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री पी.वी. नरसिम्हा राव की सरकार के साथ मिलकर आर्थिक सुधारों को आगे बढ़ाया।
बाद में 2004 में वे देश के प्रधानमंत्री बने और लगातार दो कार्यकाल तक इस पद पर रहे। उनके प्रधानमंत्री कार्यकाल में RTI, ग्रामीण रोजगार और कई सामाजिक क्षेत्र की योजनाओं को लेकर बड़े फैसले हुए।
फिर चर्चा में आई मनमोहन सिंह की Legacy
मनमोहन सिंह के निधन के बाद भी उनकी राजनीतिक विरासत को लेकर देश में बहस जारी रही है। समर्थक उनकी आर्थिक समझ, सादगी और व्यक्तिगत ईमानदारी को उनकी सबसे बड़ी पहचान मानते हैं, जबकि आलोचक उनकी सरकार के दौरान सामने आए विवादों और राजनीतिक फैसलों पर सवाल उठाते रहे हैं।
अब कोयला मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सोनिया गांधी की टिप्पणी ने एक बार फिर मनमोहन सिंह की Legacy को राजनीतिक चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
सोनिया गांधी का कहना है कि समय के साथ मनमोहन सिंह के खिलाफ लगाए गए आरोपों से ज्यादा उनके लंबे सार्वजनिक जीवन, काम और ईमानदारी को याद किया जाएगा। यही वजह है कि उनके बयान के बाद एक बार फिर यह सवाल चर्चा में है कि भारतीय राजनीति और इतिहास में मनमोहन सिंह की भूमिका को आने वाली पीढ़ियां किस नजरिए से देखेंगी।
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