देश के कई हिस्सों में मानसून (Monsoon) की तेज बारिश अब लोगों के लिए परेशानी का सबब बनती जा रही है। मध्य प्रदेश में महज छह महीने पहले बनी सड़क बारिश के पानी में बह गई, तो उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में बाढ़ का पानी घरों और सड़कों तक पहुंच गया है। वाराणसी में गंगा का जलस्तर बढ़ने से घाट और आसपास के इलाके प्रभावित हैं। वहीं उत्तराखंड के उत्तरकाशी में बारिश और भूस्खलन के कारण हाईवे पर आवाजाही प्रभावित हुई है।
MP में छह महीने पहले बनी सड़क पानी में बही
मध्य प्रदेश में भारी बारिश के बीच सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। छह महीने पहले तैयार हुई सड़क बारिश का दबाव नहीं झेल पाई और पानी के तेज बहाव में बह गई। सड़क के साथ पुलिया के डूबने से आसपास के लोगों की मुश्किलें और बढ़ गईं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क के बह जाने से रोजमर्रा का आवागमन प्रभावित हुआ है। इतनी कम अवधि में सड़क के खराब होने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। अब लोगों की नजर प्रशासन की जांच और आगे होने वाली कार्रवाई पर है।
UP में Flood से बढ़ी परेशानी
उत्तर प्रदेश में भी लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने कई इलाकों की चिंता बढ़ा दी है। कई जिलों के गांव बाढ़ की चपेट में हैं। निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों को घर से बाहर निकलने और जरूरी सामान जुटाने में परेशानी हो रही है।
प्रशासन की ओर से प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य चलाए जा रहे हैं। संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर रखने के साथ लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।
Varanasi में गंगा का जलस्तर बढ़ा
वाराणसी में गंगा का पानी बढ़ने का असर घाटों पर साफ दिखाई दे रहा है। कई घाट पानी में डूब चुके हैं और तटवर्ती इलाकों में भी बाढ़ का असर पहुंच रहा है।
पानी बढ़ने के कारण धार्मिक गतिविधियों पर भी असर पड़ा है। गंगा आरती के स्थान में बदलाव करना पड़ा है। जिन घाटों पर आम दिनों में श्रद्धालुओं की भीड़ नजर आती है, वहां अब पानी का दबाव दिखाई दे रहा है।
स्थानीय लोगों के लिए यह सिर्फ बारिश नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी में आई बड़ी परेशानी है। कई परिवार पानी बढ़ने की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
Uttarkashi में Highway पर संकट
उत्तराखंड के उत्तरकाशी में लगातार बारिश के बीच पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की घटनाओं ने मुश्किल बढ़ाई है। कई स्थानों पर सड़क पर मलबा आने से यातायात प्रभावित हुआ है।
हाईवे पर आवाजाही बाधित होने से यात्रियों के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पहाड़ों में बारिश के दौरान सड़क पर मलबा और पत्थर गिरने का खतरा बना रहता है, इसलिए प्रशासन की ओर से संवेदनशील मार्गों पर निगरानी बढ़ाई जा रही है।
बारिश ने बढ़ाई लोगों की चिंता
MP से लेकर UP और Uttarakhand तक बारिश का असर अलग-अलग रूपों में दिखाई दे रहा है। कहीं सड़क और पुलिया पानी में बह रही है, कहीं बाढ़ का पानी घरों तक पहुंच रहा है और कहीं पहाड़ों में भूस्खलन के कारण रास्ते बंद हो रहे हैं।
मानसून के इस दौर में प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने और संपर्क मार्गों को जल्द बहाल करने की है। वहीं लोगों से भी नदी किनारे, निचले इलाकों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में सावधानी बरतने की अपील की जा रही है।
Monsoon Alert: सावधानी जरूरी
बारिश का दौर जारी रहने की स्थिति में नदियों और नालों के आसपास जाने से बचना जरूरी है। पहाड़ी रास्तों पर सफर करने वाले लोगों को निकलने से पहले Route Status की जानकारी लेनी चाहिए। मौसम में सुधार होने तक थोड़ी सी सावधानी किसी बड़ी परेशानी से बचा सकती है।
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