जापान (Japan) में रविवार तड़के आए 5.9 तीव्रता के भूकंप ने Tokyo और आसपास के इलाकों में लोगों को दहशत में डाल दिया। तेज झटकों के कारण कई लोग नींद से जाग गए और घरों से बाहर निकलने की कोशिश में चोटिल हुए। ताजा जानकारी के मुताबिक पांच प्रीफेक्चर में कम से कम 37 लोग घायल हुए हैं। राहत की बात यह है कि भूकंप के बाद Tsunami का कोई खतरा नहीं बताया गया है।
Southern Ibaraki में था Earthquake का Epicentre
Japan Meteorological Agency के अनुसार भूकंप की प्रारंभिक तीव्रता 5.9 थी और इसका केंद्र Southern Ibaraki Prefecture में करीब 70 किलोमीटर की गहराई पर था। इसके झटके Tokyo समेत आसपास के कई इलाकों में महसूस किए गए। जापान के भूकंप मापने के पैमाने पर कुछ हिस्सों में तेज कंपन दर्ज किया गया।
अचानक आए झटकों से कई लोग घबरा गए। अधिकारियों के मुताबिक ज्यादातर चोटें भूकंप के दौरान गिरने या फर्नीचर और दरवाजों से टकराने के कारण आईं। Yokohama में एक बुजुर्ग महिला के गंभीर रूप से घायल होने की भी जानकारी सामने आई है।
Tokyo-Narita Express Trains हुईं प्रभावित
भूकंप का असर Japan के Transport Network पर भी दिखाई दिया। Tokyo और Narita Airport के बीच चलने वाली Express Trains में देरी हुई, जबकि उत्तर-पूर्वी क्षेत्रों की कुछ Local Train Services भी प्रभावित हुईं। हालांकि राहत की बात यह रही कि Shinkansen Bullet Trains सामान्य रूप से चलती रहीं।
भूकंप के बाद रेलवे अधिकारियों ने सुरक्षा जांच के लिए कुछ सेवाओं की रफ्तार कम की और कुछ ट्रेनों में देरी हुई। यात्रियों को भी अपनी यात्रा से पहले अपडेट देखने की सलाह दी गई।
460 घरों की बिजली गुल, Water Pipe भी टूटी
भूकंप के झटकों के बाद Tokyo के एक इलाके में भूमिगत Water Pipe टूट गई, जिससे सड़क पर पानी फैल गया। बाद में पाइप की मरम्मत कर ली गई। इसके अलावा करीब 460 घरों की बिजली आपूर्ति कुछ समय के लिए बाधित हुई, जिसे बाद में बहाल कर दिया गया।
वहीं, Nuclear Safety को लेकर भी अधिकारियों ने स्थिति की समीक्षा की। जापान की Nuclear Regulation Authority के मुताबिक परमाणु संयंत्रों और Nuclear Material से जुड़ी सुविधाओं में किसी असामान्य स्थिति की सूचना नहीं मिली।
PM Sanae Takaichi ने बनाई Task Force
भूकंप के बाद जापान की प्रधानमंत्री Sanae Takaichi ने संभावित नुकसान का आकलन करने के लिए सरकार की Task Force गठित की। प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों से लगातार जानकारी जुटा रहा है और Infrastructure को हुए नुकसान की जांच की जा रही है।
अधिकारियों ने लोगों को आने वाले दिनों में संभावित Aftershocks को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है। फिलहाल सबसे बड़ी राहत यही है कि Tsunami का खतरा नहीं है और बड़े पैमाने पर नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है।
जापान में भूकंप को लेकर क्यों रहती है चिंता?
जापान दुनिया के सबसे ज्यादा भूकंप प्रभावित देशों में शामिल है। यहां की इमारतों, रेलवे और आपातकालीन व्यवस्था को भूकंप के जोखिम को ध्यान में रखकर तैयार किया जाता है। यही वजह है कि 5.9 तीव्रता के झटकों के बाद भी प्रशासन ने तुरंत सुरक्षा जांच शुरू कर दी।
फिलहाल Tokyo और आसपास के क्षेत्रों में स्थिति पर नजर रखी जा रही है। प्रशासन की प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा, परिवहन व्यवस्था को सामान्य रखना और संभावित Aftershocks से निपटने की तैयारी करना है।
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