भारतीय शेयर बाजार (Indian Stock Market) के लिए सोमवार की शुरुआत अच्छी नहीं रही। कारोबारी सप्ताह के पहले दिन ही बाजार में जोरदार बिकवाली देखने को मिली। Sensex 900 अंकों से ज्यादा टूट गया, जबकि Nifty 23,000 के नीचे फिसल गया। बैंकिंग और दूसरे प्रमुख सेक्टरों के शेयरों में बिकवाली ने बाजार का दबाव और बढ़ा दिया।
बाजार की इस कमजोरी के पीछे अमेरिका-ईरान तनाव, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता जैसे कई कारण बताए जा रहे हैं।
लगातार 8वें हफ्ते बाजार पर दबाव
भारतीय शेयर बाजार पहले ही लगातार सात सप्ताह की गिरावट के साथ बंद हुआ था। अब नए कारोबारी सप्ताह की शुरुआत भी भारी नुकसान के साथ हुई है। इससे निवेशकों के बीच बाजार की आगे की दिशा को लेकर चिंता बढ़ी है।
25 सितंबर को खत्म हुए सप्ताह में Sensex करीब 399 अंक गिरकर 73,895 के आसपास, जबकि Nifty करीब 206 अंक टूटकर 23,140 के स्तर पर बंद हुआ था। यह लगातार सातवां सप्ताह था जब दोनों प्रमुख इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए।
सोमवार की शुरुआती कमजोरी ने बाजार की परेशानी को और बढ़ा दिया।
US-Iran Tension का असर, Crude Oil फिर महंगा
बाजार में इस समय सबसे बड़ी चिंता US-Iran Tension को लेकर है। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने के संकेत कमजोर पड़ने के साथ कच्चे तेल की कीमतों में फिर तेजी देखने को मिली है।
Brent Crude का भाव 106 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंचने से भारत के लिए चिंता बढ़ी है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयात से पूरा करता है। ऐसे में तेल महंगा होने पर देश के Import Bill पर दबाव बढ़ सकता है।
महंगे तेल का असर कंपनियों की लागत, महंगाई और रुपये पर भी पड़ सकता है। यही वजह है कि Geopolitical Tension के बीच निवेशक फिलहाल ज्यादा सावधानी बरत रहे हैं।
Banking Stocks में भी भारी बिकवाली
सोमवार को बाजार में कई सेक्टरों के शेयर दबाव में नजर आए। खासतौर पर Banking और Financial Stocks में बिकवाली देखने को मिली।
बाजार की कमजोरी सिर्फ बैंकिंग शेयरों तक सीमित नहीं रही। Energy, Realty, Metals और Auto जैसे सेक्टरों में भी दबाव देखा गया। बाजार में बढ़ी अस्थिरता का असर India VIX पर भी दिखाई दिया।
हालांकि कुछ Defensive सेक्टरों में स्थिति तुलनात्मक रूप से बेहतर रही।
Foreign Investors की बिकवाली बनी बड़ी चिंता
भारतीय बाजार के लिए Foreign Investors की लगातार बिकवाली भी परेशानी का कारण बनी हुई है। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड, कच्चे तेल की कीमत और वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव के बीच विदेशी निवेशक Emerging Markets को लेकर सतर्क नजर आ रहे हैं।
इसके अलावा रुपये की कमजोरी ने भी बाजार के Sentiment पर असर डाला है। घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी से बाजार को कुछ सहारा जरूर मिला है, लेकिन विदेशी बिकवाली का दबाव अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
निवेशकों की नजर अब इन संकेतों पर
आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय करने में कई चीजों की अहम भूमिका होगी। इनमें Crude Oil Price, US-Iran Relations, Foreign Investment Flow, Dollar-Rupee Movement और Global Market Trends प्रमुख हैं।
इसके अलावा अमेरिका से आने वाले आर्थिक आंकड़े और वहां ब्याज दरों को लेकर मिलने वाले संकेत भी भारतीय बाजार पर असर डाल सकते हैं।
फिलहाल बाजार में उतार-चढ़ाव काफी बढ़ा हुआ है। लगातार कई सप्ताह की कमजोरी के बाद सोमवार की भारी गिरावट ने निवेशकों की चिंता जरूर बढ़ाई है। आने वाले दिनों में वैश्विक घटनाक्रम और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर बाजार की नजर बनी रहेगी।
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