शेयर बाजार (Share Market) में गिरावट का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार को कारोबार शुरू होते ही Sensex और Nifty दोनों दबाव में नजर आए। Sensex करीब 600 अंक तक फिसलकर 72,200 के आसपास पहुंच गया, जबकि Nifty भी 22,600 के स्तर के करीब आ गया। लगातार कमजोर होते बाजार ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
सोमवार को भी बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली थी। Sensex 1,124 अंक की गिरावट के साथ 72,771.72 पर बंद हुआ था। वहीं Nifty 360 अंक टूटकर 22,780.25 के स्तर पर आ गया था। मंगलवार को भी शुरुआती कारोबार में यही कमजोरी आगे बढ़ती दिखाई दी।
छह महीने के निचले स्तर के करीब Sensex-Nifty
मंगलवार सुबह करीब 9:50 बजे Sensex 0.82 फीसदी की गिरावट के साथ 72,179.87 पर कारोबार कर रहा था। वहीं Nifty 50 करीब 0.77 फीसदी गिरकर 22,606.10 पर पहुंच गया।
दोनों प्रमुख इंडेक्स छह महीने के निचले स्तर के आसपास कारोबार कर रहे हैं। बाजार में इस समय खरीदारी के मुकाबले बिकवाली का दबाव ज्यादा दिखाई दे रहा है।
लगातार गिरावट से Market Sentiment कमजोर
भारतीय शेयर बाजार में पिछले कई हफ्तों से कमजोरी बनी हुई है। Sensex और Nifty लगातार सात सप्ताह की गिरावट दर्ज कर चुके हैं। नए सप्ताह की शुरुआत भी भारी नुकसान के साथ हुई और मंगलवार को भी बाजार संभलता नजर नहीं आया।
इस लगातार गिरावट का असर निवेशकों के भरोसे पर भी पड़ा है। खासकर बड़े शेयरों में बिकवाली बढ़ने से बाजार की चाल कमजोर हुई है।
Crude Oil की बढ़ती कीमत बनी बड़ी चिंता
बाजार के लिए इस समय सबसे बड़ी चिंता कच्चे तेल की कीमतों को लेकर है। पश्चिम एशिया में तनाव के बीच Brent crude की कीमत करीब 107 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है।
भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयात से पूरा करता है। ऐसे में तेल की कीमत बढ़ने पर देश का Import Bill बढ़ सकता है। इसका असर महंगाई और कंपनियों की लागत पर भी पड़ सकता है।
FII Selling और US Bond Yield का दबाव
शेयर बाजार पर विदेशी निवेशकों की बिकवाली का भी असर दिखाई दे रहा है। इसके साथ अमेरिकी Bond Yield में तेजी और वैश्विक बाजारों में बनी अनिश्चितता ने भी निवेशकों का मूड प्रभावित किया है।
बाजार में बैंकिंग, Financial और IT समेत कई प्रमुख सेक्टरों के शेयरों में दबाव देखने को मिला। बड़े शेयरों में कमजोरी का सीधा असर Sensex और Nifty पर पड़ा।
अब आगे क्या देख रहे हैं निवेशक?
फिलहाल बाजार की नजर Crude Oil Price, पश्चिम एशिया के हालात, US Bond Yield और Foreign Investors की खरीद-बिक्री पर बनी हुई है। इन संकेतकों में बदलाव आने वाले दिनों में शेयर बाजार की दिशा को प्रभावित कर सकता है।
फिलहाल बाजार में उतार-चढ़ाव तेज है। ऐसे में निवेशक हर नए Global और Domestic संकेत पर नजर बनाए हुए हैं।
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