आपका चैनल --
ताज़ा खबर
BREAKINGस्पोर्ट्सचेतन शर्मा बोले- गेंदबाजों को भी मिले मददगार पिचें, बोले- इतना मत मारिए कि मैदान पर लौटना ही न चाहें◆BREAKINGस्पोर्ट्सभारत-जिम्बाब्वे महिला टी-20 सीरीज का पहला मैच आज, स्मृति मंधाना की कप्तानी में उतरेगी टीम इंडिया◆BREAKINGBreaking NewsAbhijeet Dipke Detained: दिल्ली में CJP मार्च से पहले अभिजीत दिपके हिरासत में◆BREAKINGबिज़नेसविप्रो का रेवेन्यू 9.1% बढ़ा, लेकिन मुनाफा 1.4% घटा; 2026 में अब तक 35% टूट चुका है शेयर◆BREAKINGदेश-हरपलMeerut Murder Case: सांप के काटने का नाटक पड़ा भारी, रविता को Death Penalty◆BREAKINGमध्य प्रदेशग्वालियर के वेंकटेश्वर अपार्टमेंट में युवक का शव मिला, रजिस्टर में युवती का जिक्र; पुलिस जांच में जुटी◆BREAKINGदेश-हरपलDharmendra Pradhan on CJP: राहुल गांधी पर सवाल, Regime Change को लेकर सियासत तेज◆BREAKINGBreaking NewsCJP Tiranga March: अभिजीत दिपके के घर पहुंची दिल्ली पुलिस, कनॉट प्लेस में 25 हजार जवान तैनात◆BREAKINGस्पोर्ट्सचेतन शर्मा बोले- गेंदबाजों को भी मिले मददगार पिचें, बोले- इतना मत मारिए कि मैदान पर लौटना ही न चाहें◆BREAKINGस्पोर्ट्सभारत-जिम्बाब्वे महिला टी-20 सीरीज का पहला मैच आज, स्मृति मंधाना की कप्तानी में उतरेगी टीम इंडिया◆BREAKINGBreaking NewsAbhijeet Dipke Detained: दिल्ली में CJP मार्च से पहले अभिजीत दिपके हिरासत में◆BREAKINGबिज़नेसविप्रो का रेवेन्यू 9.1% बढ़ा, लेकिन मुनाफा 1.4% घटा; 2026 में अब तक 35% टूट चुका है शेयर◆BREAKINGदेश-हरपलMeerut Murder Case: सांप के काटने का नाटक पड़ा भारी, रविता को Death Penalty◆BREAKINGमध्य प्रदेशग्वालियर के वेंकटेश्वर अपार्टमेंट में युवक का शव मिला, रजिस्टर में युवती का जिक्र; पुलिस जांच में जुटी◆BREAKINGदेश-हरपलDharmendra Pradhan on CJP: राहुल गांधी पर सवाल, Regime Change को लेकर सियासत तेज◆BREAKINGBreaking NewsCJP Tiranga March: अभिजीत दिपके के घर पहुंची दिल्ली पुलिस, कनॉट प्लेस में 25 हजार जवान तैनात◆

NE

News Elementor

What's Hot

Banner

भारत-जिम्बाब्वे महिला टी-20 सीरीज का पहला मैच आज, स्मृति मंधाना की कप्तानी में उतरेगी टीम इंडिया

Table of Content

रायपुर: भारतीय महिला क्रिकेट टीम आज जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन मैचों की टी-20 इंटरनेशनल सीरीज का पहला मुकाबला खेलेगी। मैच रायपुर में शाम 7 बजे से शुरू होगा। महिला इंटरनेशनल क्रिकेट में भारत और जिम्बाब्वे की टीमें पहली बार आमने-सामने होंगी। रायपुर में भी पहली बार महिला इंटरनेशनल क्रिकेट मैच खेला जाएगा।

स्मृति मंधाना के नियमित कप्तान बनने के बाद भारतीय टीम पहली बार मैदान पर उतरेगी। टीम इंडिया की कोशिश अपनी जीत की लय बरकरार रखने और सीरीज में बढ़त बनाने की होगी।

जिम्बाब्वे की टीम इस साल एक भी टी-20 नहीं जीती

जिम्बाब्वे की महिला टीम के लिए इस साल टी-20 इंटरनेशनल में प्रदर्शन चुनौतीपूर्ण रहा है। टीम ने 2026 में अब तक 18 मुकाबले खेले हैं और सभी में उसे हार का सामना करना पड़ा है। जिम्बाब्वे की पिछली टी-20 इंटरनेशनल जीत सितंबर 2025 में नामीबिया के खिलाफ आई थी।

दूसरी ओर, भारतीय महिला टीम लगातार आठ टी-20 इंटरनेशनल मुकाबले जीत चुकी है। टीम ने हाल ही में एशिया कप का खिताब जीता था और एशियन गेम्स में भी गोल्ड मेडल हासिल किया था। ऐसे में भारतीय टीम का पलड़ा मजबूत माना जा रहा है।

उपकप्तान शेफाली वर्मा पर रहेंगी नजरें

भारतीय टीम की उपकप्तान शेफाली वर्मा अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से मैच का रुख बदल सकती हैं। उन्होंने इस साल 24 टी-20 मैचों में 162.83 के स्ट्राइक रेट से 863 रन बनाए हैं। इस दौरान उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर नाबाद 100 रन रहा।

शेफाली से उम्मीद होगी कि वह टीम को तेज शुरुआत दिलाएं और बड़े स्कोर की नींव रखें।

गेंदबाजी में श्री चरणी से उम्मीदें

गेंदबाजी में श्री चरणी भारतीय टीम के लिए अहम भूमिका निभा सकती हैं। उन्होंने इस साल 23 मैचों में 47 विकेट लिए हैं और उनकी इकोनॉमी 5.67 रही है। दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, वह इस साल टी-20 इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाज हैं।

भारतीय टीम को उम्मीद होगी कि श्री चरणी अपनी गेंदबाजी से जिम्बाब्वे की बल्लेबाजी पर दबाव बनाएं।

पहले मैच में भारत की नजर जीत पर

भारत और जिम्बाब्वे के बीच यह पहली महिला टी-20 इंटरनेशनल भिड़ंत होगी। घरेलू मैदान पर खेलने और लगातार जीत के रिकॉर्ड के कारण भारतीय टीम से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है। वहीं, जिम्बाब्वे की टीम लगातार हार के सिलसिले को तोड़ने की कोशिश करेगी।

तीन मैचों की इस सीरीज का पहला मुकाबला दोनों टीमों के लिए अहम रहेगा। भारत जहां जीत के साथ शुरुआत करना चाहेगा, वहीं जिम्बाब्वे उलटफेर करने के इरादे से मैदान पर उतरेगा।

Muskan Negi

muskannegi1302@gmail.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent News

Trending News

Editor's Picks

चेतन शर्मा बोले- गेंदबाजों को भी मिले मददगार पिचें, बोले- इतना मत मारिए कि मैदान पर लौटना ही न चाहें

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी और BCCI के पूर्व मुख्य चयनकर्ता चेतन शर्मा ने टी-20 क्रिकेट में बल्लेबाजों के अनुकूल पिचों को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) से ऐसी पिचें तैयार करने की अपील की, जिन पर गेंदबाजों को भी मदद मिल सके। उनका कहना है कि बल्लेबाजों के पक्ष में ज्यादा झुकी पिचों से बल्ले और गेंद के बीच संतुलन बिगड़ रहा है। नई दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान चेतन शर्मा ने कहा, “मैं मानता हूं कि गेंदबाज रन देने के लिए मैदान पर आते हैं, लेकिन उन्हें इतना मत मारिए कि वे दोबारा मैदान पर आना ही न चाहें।” उन्होंने जोर दिया कि इंटरनेशनल क्रिकेट में भी ऐसी पिचें होनी चाहिए, जहां गेंदबाज आक्रामक बल्लेबाजों का मुकाबला कर सकें। चेतन के मुताबिक, घरेलू क्रिकेट में गेंदबाजों को मदद देने वाली पिचें तैयार करने की तरह इंटरनेशनल मैचों में भी इस दिशा में ध्यान दिया जाना चाहिए। भारत-वेस्टइंडीज टी-20 सीरीज में चौकों-छक्कों की बरसात भारत और वेस्टइंडीज के बीच जारी टी-20 सीरीज में अब तक खेले गए चार मुकाबलों में बड़े स्कोर देखने को मिले हैं। दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, सीरीज में अब तक 98 छक्के और 104 चौके लग चुके हैं। दोनों टीमों की आठ पारियों में छह बार 200 रन से ज्यादा का स्कोर बना है। सीरीज के दूसरे टी-20 मुकाबले में भारत ने 249 रन बनाए थे। इसके जवाब में वेस्टइंडीज ने नौ गेंद शेष रहते लक्ष्य हासिल कर लिया था। तीसरे टी-20 में भारतीय टीम ने 223 रन बनाए और वेस्टइंडीज को 209 रन पर रोक दिया। वहीं, चौथे मुकाबले में वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 247 रन बनाए, जबकि भारतीय टीम जवाब में 223 रन ही बना सकी। पहले मुकाबले में भी भारत ने 172 रन का लक्ष्य 14.4 ओवर में हासिल कर लिया था। लगातार बड़े स्कोर और आक्रामक बल्लेबाजी के बीच चेतन शर्मा की पिचों को लेकर यह टिप्पणी सामने आई है। रेड-बॉल क्रिकेट को भी जरूरी मानते हैं चेतन शर्मा चेतन शर्मा ने टी-20 क्रिकेट की बढ़ती लोकप्रियता को स्वीकार किया, लेकिन युवा खिलाड़ियों के विकास के लिए रेड-बॉल क्रिकेट को भी जरूरी बताया। उन्होंने कहा, “मैं पुराने विचारों वाला व्यक्ति हूं। मेरा मानना है कि रेड-बॉल क्रिकेट सभी के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।” चेतन के अनुसार, युवा खिलाड़ियों को रेड-बॉल क्रिकेट में खेलने के पर्याप्त अवसर मिलने चाहिए। उन्होंने बताया कि उनकी मुलाकात ऐसे कई कोचों से हुई है, जो इस फॉर्मेट पर ध्यान दे रहे हैं। उन्होंने खिलाड़ियों को सलाह दी कि उन्हें जो भी अवसर मिलें, उनका पूरा उपयोग करना चाहिए। पिचों पर संतुलन और खिलाड़ियों के विकास पर जोर चेतन शर्मा की टिप्पणी टी-20 क्रिकेट में बल्लेबाजों के बढ़ते दबदबे और गेंदबाजों की भूमिका को लेकर बहस के बीच आई है। उनका मानना है कि ऐसी पिचें तैयार करना जरूरी है, जहां बल्लेबाजों को रन बनाने के अवसर मिलें, लेकिन गेंदबाजों के पास भी विकेट लेने और मुकाबले में बने रहने के मौके हों। इसके साथ ही उन्होंने रेड-बॉल क्रिकेट को युवा खिलाड़ियों के तकनीकी विकास के लिए अहम बताया।

भारत-जिम्बाब्वे महिला टी-20 सीरीज का पहला मैच आज, स्मृति मंधाना की कप्तानी में उतरेगी टीम इंडिया

रायपुर: भारतीय महिला क्रिकेट टीम आज जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन मैचों की टी-20 इंटरनेशनल सीरीज का पहला मुकाबला खेलेगी। मैच रायपुर में शाम 7 बजे से शुरू होगा। महिला इंटरनेशनल क्रिकेट में भारत और जिम्बाब्वे की टीमें पहली बार आमने-सामने होंगी। रायपुर में भी पहली बार महिला इंटरनेशनल क्रिकेट मैच खेला जाएगा। स्मृति मंधाना के नियमित कप्तान बनने के बाद भारतीय टीम पहली बार मैदान पर उतरेगी। टीम इंडिया की कोशिश अपनी जीत की लय बरकरार रखने और सीरीज में बढ़त बनाने की होगी। जिम्बाब्वे की टीम इस साल एक भी टी-20 नहीं जीती जिम्बाब्वे की महिला टीम के लिए इस साल टी-20 इंटरनेशनल में प्रदर्शन चुनौतीपूर्ण रहा है। टीम ने 2026 में अब तक 18 मुकाबले खेले हैं और सभी में उसे हार का सामना करना पड़ा है। जिम्बाब्वे की पिछली टी-20 इंटरनेशनल जीत सितंबर 2025 में नामीबिया के खिलाफ आई थी। दूसरी ओर, भारतीय महिला टीम लगातार आठ टी-20 इंटरनेशनल मुकाबले जीत चुकी है। टीम ने हाल ही में एशिया कप का खिताब जीता था और एशियन गेम्स में भी गोल्ड मेडल हासिल किया था। ऐसे में भारतीय टीम का पलड़ा मजबूत माना जा रहा है। उपकप्तान शेफाली वर्मा पर रहेंगी नजरें भारतीय टीम की उपकप्तान शेफाली वर्मा अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से मैच का रुख बदल सकती हैं। उन्होंने इस साल 24 टी-20 मैचों में 162.83 के स्ट्राइक रेट से 863 रन बनाए हैं। इस दौरान उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर नाबाद 100 रन रहा। शेफाली से उम्मीद होगी कि वह टीम को तेज शुरुआत दिलाएं और बड़े स्कोर की नींव रखें। गेंदबाजी में श्री चरणी से उम्मीदें गेंदबाजी में श्री चरणी भारतीय टीम के लिए अहम भूमिका निभा सकती हैं। उन्होंने इस साल 23 मैचों में 47 विकेट लिए हैं और उनकी इकोनॉमी 5.67 रही है। दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, वह इस साल टी-20 इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाज हैं। भारतीय टीम को उम्मीद होगी कि श्री चरणी अपनी गेंदबाजी से जिम्बाब्वे की बल्लेबाजी पर दबाव बनाएं। पहले मैच में भारत की नजर जीत पर भारत और जिम्बाब्वे के बीच यह पहली महिला टी-20 इंटरनेशनल भिड़ंत होगी। घरेलू मैदान पर खेलने और लगातार जीत के रिकॉर्ड के कारण भारतीय टीम से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है। वहीं, जिम्बाब्वे की टीम लगातार हार के सिलसिले को तोड़ने की कोशिश करेगी। तीन मैचों की इस सीरीज का पहला मुकाबला दोनों टीमों के लिए अहम रहेगा। भारत जहां जीत के साथ शुरुआत करना चाहेगा, वहीं जिम्बाब्वे उलटफेर करने के इरादे से मैदान पर उतरेगा।
Abhijeet Dipke

Abhijeet Dipke Detained: दिल्ली में CJP मार्च से पहले अभिजीत दिपके हिरासत में

दिल्ली में CJP के प्रस्तावित ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च से पहले पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके (Abhijeet Dipke) को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। 16 अक्टूबर को कनॉट प्लेस में होने वाले इस कार्यक्रम को लेकर पहले से ही तनाव का माहौल था। पुलिस की कार्रवाई के बाद CJP के प्रदर्शन और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। CJP ने इस मार्च के जरिए राष्ट्रीय ध्वज के साथ अपनी बात रखने और अपने नेताओं की हिरासत का विरोध करने की योजना बनाई थी। दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस ने कानून-व्यवस्था, यातायात और सार्वजनिक सुरक्षा का हवाला देते हुए कार्यक्रम को लेकर प्रतिबंध लागू किए थे। Latest Update: मार्च से पहले अभिजीत दिपके हिरासत में 16 अक्टूबर को प्रस्तावित मार्च से पहले दिल्ली पुलिस ने अभिजीत दिपके के आवास पर पहुंचकर उन्हें कार्यक्रम में शामिल नहीं होने के संबंध में नोटिस दिया। इसके बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया। पुलिस की कार्रवाई ऐसे समय हुई, जब CJP ने कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च आयोजित करने की घोषणा की थी। पार्टी की योजना राष्ट्रीय ध्वज के साथ जुटकर अपनी मांगों को सामने रखने की थी। इस घटनाक्रम के बाद सवाल उठने लगे हैं कि प्रस्तावित मार्च को लेकर आगे क्या कार्रवाई होगी और CJP अपने प्रदर्शन की रणनीति में कोई बदलाव करेगी या नहीं। हिरासत के बाद की कानूनी स्थिति को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने आने पर तस्वीर और स्पष्ट होगी। CJP के ‘Lehra Do Tiranga’ मार्च पर विवाद क्यों? CJP ने 16 अक्टूबर को शाम 5 बजे कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में तिरंगा मार्च आयोजित करने का ऐलान किया था। पार्टी ने समर्थकों से राष्ट्रीय ध्वज के साथ कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की थी। इस मार्च का उद्देश्य अपने नेताओं की हिरासत के खिलाफ आवाज उठाना और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को आगे बढ़ाना बताया गया था। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने इलाके में लागू प्रतिबंधों और संभावित भीड़ को देखते हुए कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी। प्रशासन की चिंता थी कि बड़ी संख्या में लोगों के एकत्र होने से यातायात और आम लोगों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है। Delhi High Court में भी उठा था मार्च का मुद्दा CJP के प्रस्तावित मार्च को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में भी मामला पहुंचा था। अदालत के सामने कार्यक्रम से जुड़े प्रतिबंधों और सार्वजनिक व्यवस्था को लेकर सवाल रखे गए थे। अदालती कार्यवाही में पुलिस की जिम्मेदारी, सार्वजनिक स्थान पर कार्यक्रम आयोजित करने और स्थानीय लोगों की सुविधाओं जैसे मुद्दे सामने आए। अदालत की ओर से मार्च पर रोक लगाने का आदेश नहीं दिए जाने और कार्यक्रम की स्पष्ट अनुमति मिलने के बीच अंतर समझना जरूरी है। ऐसे मामलों में किसी प्रदर्शन की वैधता और उसके आयोजन की शर्तें संबंधित आदेशों तथा प्रशासनिक प्रतिबंधों पर निर्भर करती हैं। Saurav Das और Ashutosh Ranka की हिरासत का मामला CJP के प्रदर्शन की पृष्ठभूमि में पार्टी के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका की हिरासत का मामला भी शामिल है। पार्टी ने अपने नेताओं के खिलाफ हुई कार्रवाई का विरोध किया था और उनके समर्थन में तिरंगा मार्च निकालने की घोषणा की थी। CJP का कहना है कि वह अपने मुद्दों को सार्वजनिक रूप से उठाना चाहती है। वहीं, पुलिस की ओर से कानून-व्यवस्था बनाए रखने और लागू प्रतिबंधों का पालन कराने की बात कही गई है। इसी घटनाक्रम के बीच अभिजीत दिपके को हिरासत में लिए जाने से पार्टी के प्रदर्शन को लेकर विवाद और बढ़ गया है। Gyanesh Kumar के इस्तीफे की मांग क्यों कर रही है CJP? CJP के विरोध प्रदर्शन का एक प्रमुख मुद्दा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा है। पार्टी और कुछ अन्य प्रदर्शनकारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी Special Intensive Revision (SIR) की प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि मतदाता सूची में नाम हटाए जाने की प्रक्रिया से पात्र मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। इस मुद्दे पर निष्कर्ष निकालने के लिए आधिकारिक आंकड़ों, निर्वाचन आयोग की जानकारी और संबंधित मामलों के तथ्यों को देखना जरूरी है। CJP की मांग और प्रशासन की कार्रवाई के बीच यह विवाद अब दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के अधिकार और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी से भी जुड़ गया है। कनॉट प्लेस में सुरक्षा व्यवस्था सख्त प्रस्तावित मार्च को देखते हुए कनॉट प्लेस और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने और यातायात सुचारु रखने के लिए कदम उठाए। सेंट्रल पार्क को 16 और 17 अक्टूबर को बंद रखे जाने की जानकारी भी सामने आई थी। इस फैसले से आम लोगों की आवाजाही और कार्यक्रम के आयोजन को लेकर सवाल उठे। प्रशासन के सामने सार्वजनिक सुरक्षा बनाए रखने की चुनौती है, जबकि CJP अपने मुद्दों को लोगों तक पहुंचाना चाहती है। ऐसे में आगे की कार्रवाई इस मामले में महत्वपूर्ण होगी। Abhijeet Dipke की हिरासत के बाद अब क्या होगा? अभिजीत दिपके की हिरासत के बाद अब CJP के अगले कदम पर नजर रहेगी। पार्टी अपने नेताओं की हिरासत और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर आगे भी आवाज उठा सकती है। फिलहाल, हिरासत के बाद की कानूनी स्थिति और प्रस्तावित मार्च को लेकर आगे का फैसला महत्वपूर्ण है। इस पूरे मामले ने एक बार फिर यह सवाल सामने रखा है कि सार्वजनिक स्थानों पर प्रदर्शन की अनुमति और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध जताने के अधिकार के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

विप्रो का रेवेन्यू 9.1% बढ़ा, लेकिन मुनाफा 1.4% घटा; 2026 में अब तक 35% टूट चुका है शेयर

देश की प्रमुख आईटी कंपनियों में शामिल विप्रो ने 15 अक्टूबर को जुलाई-सितंबर तिमाही के वित्तीय नतीजे जारी किए। कंपनी का रेवेन्यू सालाना आधार पर 9.1% बढ़कर ₹24,752.7 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹22,697.3 करोड़ था। हालांकि, रेवेन्यू में बढ़ोतरी के बावजूद कंपनी के मुनाफे में गिरावट दर्ज की गई। जुलाई-सितंबर तिमाही में विप्रो को ₹3,200.6 करोड़ का मुनाफा हुआ, जबकि पिछले साल की समान अवधि में यह ₹3,246.2 करोड़ था। यानी कंपनी का मुनाफा सालाना आधार पर करीब 1.4% घटा। इन आंकड़ों से पता चलता है कि कंपनी की कुल कमाई बढ़ी है, लेकिन खर्चों और अन्य वित्तीय कारकों के कारण अंतिम मुनाफे में मामूली कमी आई है। विप्रो के तिमाही नतीजों पर एक नजर वित्तीय आंकड़ा जुलाई-सितंबर 2025 जुलाई-सितंबर 2026 रेवेन्यू ₹22,697.3 करोड़ ₹24,752.7 करोड़ मुनाफा ₹3,246.2 करोड़ ₹3,200.6 करोड़ रेवेन्यू में सालाना बदलाव — 9.1% की बढ़ोतरी मुनाफे में सालाना बदलाव — 1.4% की गिरावट शेयर बाजार में 1.83% की तेजी तिमाही नतीजों की घोषणा से पहले गुरुवार को विप्रो के शेयर में तेजी देखने को मिली। कंपनी का शेयर 1.83% बढ़कर ₹174.05 पर बंद हुआ। हालांकि, साल 2026 में अब तक विप्रो के शेयर में करीब 34.9% की गिरावट आ चुकी है। इसी अवधि में निफ्टी 50 में लगभग 12% की गिरावट दर्ज की गई। इस तरह विप्रो के शेयर का प्रदर्शन प्रमुख बाजार सूचकांक के मुकाबले कमजोर रहा है। कंपनी का बाजार पूंजीकरण यानी मार्केट कैप करीब ₹1.72 लाख करोड़ बताया गया है। वित्तीय नतीजों से जुड़े शब्दों का आसान मतलब Q2 FY27: वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही, यानी जुलाई से सितंबर 2026। Q1 FY27: वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही, यानी अप्रैल से जून 2026। Q2 FY26: वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही, यानी जुलाई से सितंबर 2025। रेवेन्यू: कंपनी को अपनी सेवाओं और कारोबार से मिलने वाली कुल आय। प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT): खर्च, ब्याज और टैक्स सहित संबंधित मदों को घटाने के बाद बचने वाला मुनाफा। EBITDA: ब्याज, टैक्स और मूल्यह्रास-अमूर्तकरण जैसे खर्चों से पहले की कमाई का एक वित्तीय माप। EPS: प्रति शेयर कमाई। इससे पता चलता है कि कंपनी ने प्रत्येक शेयर के हिसाब से कितनी कमाई की। आगे निवेशकों की नजर किन बातों पर रहेगी? विप्रो के नतीजों में रेवेन्यू की बढ़ोतरी और मुनाफे में गिरावट दोनों महत्वपूर्ण संकेत हैं। निवेशक आगे कंपनी की लागत, नए प्रोजेक्ट्स, आईटी सेवाओं की मांग और भविष्य के कारोबार संबंधी अनुमानों पर नजर रख सकते हैं। हालांकि, केवल एक तिमाही के नतीजों या शेयर की हालिया गिरावट के आधार पर निवेश का फैसला करना उचित नहीं है। निवेश से पहले कंपनी के आधिकारिक वित्तीय नतीजों और अन्य प्रासंगिक जानकारियों की समीक्षा करना जरूरी है।
Meerut

Meerut Murder Case: सांप के काटने का नाटक पड़ा भारी, रविता को Death Penalty

उत्तर प्रदेश के मेरठ (Meerut) में पति की हत्या को सांप के काटने से हुई मौत दिखाने के चर्चित मामले में अदालत ने रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को मौत की सजा सुनाई है। इस मामले ने उस समय सबको चौंका दिया था, जब शुरुआत में अमित कश्यप की मौत को सर्पदंश माना जा रहा था। लेकिन जांच आगे बढ़ी तो कहानी कुछ और ही निकली। पुलिस की जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और दूसरे सबूतों के आधार पर मामले की परतें खुलती चली गईं। अदालत के फैसले के बाद मेरठ का यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। Meerut Murder Case: क्या है पूरा मामला? यह मामला मेरठ के बहसूमा थाना क्षेत्र के अकबरपुर सादात गांव का है। यहां रहने वाले अमित कश्यप उर्फ मिक्की की अप्रैल 2025 में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। उनका शव घर में बिस्तर पर मिला था। शुरुआती तौर पर मौत की वजह सांप का काटना मानी गई। हालांकि, मामले की जांच के दौरान कुछ ऐसे तथ्य सामने आए, जिनसे पुलिस को शक हुआ। इसके बाद घटना की गहराई से जांच शुरू की गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह दम घुटना सामने आने के बाद पुलिस ने हत्या के एंगल से जांच आगे बढ़ाई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से बदली जांच की दिशा अमित की मौत के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट अहम साबित हुई। रिपोर्ट के मुताबिक, उनकी मौत सर्पदंश से नहीं, बल्कि दम घुटने से हुई थी। इसके बाद पुलिस ने घटना से जुड़े लोगों और परिस्थितियों की जांच की। जांच में अमित की पत्नी रविता और अमरदीप की भूमिका सामने आई। अभियोजन पक्ष ने अदालत में मामले से जुड़े सबूत और गवाहों के बयान पेश किए। इन्हीं तथ्यों के आधार पर अदालत ने दोनों को दोषी ठहराते हुए मृत्युदंड की सजा सुनाई। रविता और अमरदीप को Death Penalty अदालत के फैसले के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। पति की मौत को सांप के काटने की घटना दिखाने के आरोपों से शुरू हुई जांच हत्या के मामले तक पहुंची। इस पूरे घटनाक्रम में पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की जांच ने अहम भूमिका निभाई। ऐसे मामलों में फॉरेंसिक जांच, गवाहों के बयान और अन्य सबूत यह समझने में मदद करते हैं कि घटना के पीछे की वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं। मेरठ में तीन दिन में चार दोषियों को फांसी की सजा की चर्चा मेरठ में हाल के दिनों में दो चर्चित हत्याकांडों में मृत्युदंड सुनाए जाने की वजह से भी चर्चा तेज हुई है। अमित कश्यप हत्याकांड के अलावा सौरभ राजपूत हत्याकांड भी सुर्खियों में रहा। सौरभ की हत्या के मामले में उसकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को भी अदालत ने मौत की सजा सुनाई थी। दोनों मामलों की घटनाएं अलग-अलग हैं, लेकिन इन फैसलों ने हत्या के मामलों में जांच और न्यायिक प्रक्रिया को लेकर लोगों का ध्यान खींचा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

About Me

देशहरपल सिर्फ खबरों का मंच नहीं, बल्कि आपकी आवाज़ को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम भी है। यहां आपको ताज़ातरीन खबरों के साथ-साथ नौकरी, शिक्षा, और नए भारत की बदलती आर्थिक तस्वीर पर उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी।

Phone: +91 9406783569, +91 755 484 8829
Email: support@deshharpal.com
Address : A-23 Sakshi Bunglow Trilanga Near Aura Mall Bhopal M.P

Recent Posts

  • All Post
  • Breaking News
  • Education
  • More News
  • Web Story
  • एंटरटेनमेंट
  • देश-हरपल
  • धर्म-कर्म
  • प्रदेश
  • बिज़नेस
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • वीडियो
  • स्पोर्ट्स
    •   Back
    • एक्सक्लूसिव
    • Editorial
    •   Back
    • IPL 2026
    • T20 वर्ल्ड कप
    • FIFA 2026
    •   Back
    • सोच-विचार
    • हेल्थ
    • ट्रैवल
    • कल्चर
    • एनवायरनमेंट
    • Impact Feature
    •   Back
    • राशिफल
    • पंचांग
    • पर्व-त्यौहार
    • पूजा-पाठ
    • चैत्र नवरात्रि 2025
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    •   Back
    • टीवी
    • वेब-सीरीज
    • फिल्म रिव्यू
    • बॉलीवुड
    •   Back
    • लाइफस्टाइल
    •   Back
    • स्टॉक-मार्केट

© 2023 Deshharpal. All Rights Reserved.