मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित धनवंतरी नगर के जसूजा सिटी में शुक्रवार रात गरबा कार्यक्रम के दौरान जमकर हंगामा हुआ। प्रवेश के लिए पास मांगने को लेकर बाउंसरों और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के बीच विवाद शुरू हुआ, जो देखते ही देखते धक्का-मुक्की और मारपीट में बदल गया। घटना का वीडियो भी सामने आया है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को शांत कराया।
पास मांगने पर शुरू हुआ विवाद
जानकारी के मुताबिक, जसूजा सिटी के निजी परिसर में गरबा कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष और बच्चे मौजूद थे। सुरक्षा व्यवस्था के लिए बाउंसर तैनात किए गए थे।
इसी दौरान करीब 15 से 20 बजरंग दल के कार्यकर्ता वहां पहुंचे। इनमें महिलाएं भी शामिल थीं। कार्यक्रम में प्रवेश के लिए बाउंसरों ने उनसे पास मांगे। इसी बात पर दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हो गई।
आरोप है कि विवाद बढ़ने पर एक महिला कार्यकर्ता ने बाउंसर को थप्पड़ मार दिया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की और लात-घूंसे चलने लगे।
आयोजक का आरोप- महिलाओं और बच्चों के साथ मारपीट की गई
कार्यक्रम के आयोजक और जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनीष मिश्रा ने आरोप लगाया कि गरबा कार्यक्रम के दौरान कुछ लोग वहां पहुंचे और खुद को धार्मिक संगठन का कार्यकर्ता बताया। उन्होंने दावा किया कि कुछ लोगों के पास चाकू थे और महिलाओं पर हमला किया गया।
मिश्रा ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस के मौके पर पहुंचने के बाद उनके साथ भी विवाद किया गया। उनके मुताबिक, कुछ लोग योजना बनाकर कार्यक्रम में पहुंचे थे और जानबूझकर हंगामा किया।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले में पुलिस की जांच जारी है।
आयोजकों ने CCTV फुटेज की जांच की मांग की
मनीष मिश्रा ने कहा कि कार्यक्रम आयोजित करने के लिए प्रशासन से अनुमति ली जाती है। उन्होंने सवाल उठाया कि किसी धार्मिक संगठन के कार्यकर्ता यह तय नहीं कर सकते कि कौन कार्यक्रम आयोजित करेगा और कौन उसमें शामिल होगा।
आयोजकों ने पुलिस से घटनास्थल के सभी CCTV फुटेज की जांच करने और मारपीट में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
पुलिस CCTV फुटेज के आधार पर कर रही जांच
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को शांत कराया। फिलहाल पुलिस CCTV फुटेज और सामने आए वीडियो के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।
जांच के बाद ही विवाद की शुरुआत, मारपीट में शामिल लोगों और दोनों पक्षों की भूमिका को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।







































