दिल्ली में CJP (Cockroach Janta Party) के प्रदर्शन के दौरान हुई मारपीट का मामला लगातार चर्चा में है। हिंदू रक्षा दल के प्रमुख भूपेंद्र तोमर उर्फ पिंकी भैया ने प्रदर्शनकारियों पर हमले को लेकर जिम्मेदारी स्वीकार करने संबंधी बयान दिया है। वहीं, रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि CJP के प्रदर्शनकारियों को सबक सिखाने के लिए हिंदू रक्षा दल की ओर से करीब 150 लोगों को भेजने की बात कही गई थी।
10 अक्टूबर को दिल्ली में हुए प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने प्रदर्शनकारियों के साथ मारपीट की। घटना के वीडियो सामने आने के बाद पुलिस की कार्रवाई और मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं।
प्रदर्शन के दौरान क्या हुआ?
दिल्ली के कनॉट प्लेस और MCD सिविक सेंटर के आसपास CJP समर्थकों के प्रदर्शन के दौरान विवाद हुआ। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हिंदू रक्षा दल से जुड़े बताए जा रहे कुछ लोगों ने प्रदर्शनकारियों को धमकाया और उनके साथ मारपीट की। कुछ वीडियो में लोगों को प्रदर्शनकारियों पर हमला करते हुए देखा गया।
इस घटना के बाद पुलिस ने चार लोगों को हिरासत में लिया था। आरोपियों की पहचान हिंदू रक्षा दल से जुड़े लोगों के रूप में बताई गई। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए मारपीट की शिकायतों और वीडियो की जांच की।
हिंदू रक्षा दल प्रमुख ने क्या कहा?
हिंदू रक्षा दल के प्रमुख भूपेंद्र तोमर उर्फ पिंकी भैया ने एक इंटरव्यू में प्रदर्शनकारियों पर हुई हिंसा की जिम्मेदारी स्वीकार की। उन्होंने अपने संगठन की कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि CJP के प्रदर्शनकारी माहौल खराब कर रहे थे और पुलिस की कार्रवाई से वे संतुष्ट नहीं थे।
उन्होंने यह भी कहा कि संगठन अपने कार्यकर्ताओं की कार्रवाई की जिम्मेदारी लेता है। उनके बयान के बाद प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसा को उचित ठहराने के सवाल पर बहस तेज हो गई है।
मारपीट करने वाले व्यक्ति का बयान भी चर्चा में
घटना से जुड़े एक व्यक्ति का यह बयान भी चर्चा में आया कि पुलिस उससे खुश रहती है। इस टिप्पणी के बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई घटनाओं के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी को लेकर सवाल उठे हैं।
हालांकि, किसी व्यक्ति का दावा अपने आप में पुलिस की भूमिका का प्रमाण नहीं है। इस मामले में घटना के वीडियो, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और पुलिस की जांच महत्वपूर्ण हैं।











































