राजस्थान (Rajasthan) के झुंझुनूं जिले से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। उदयपुरवाटी क्षेत्र के छापोली गांव में सड़क निर्माण के दौरान हुए हादसे में 8 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग घायल हो गए। बताया जा रहा है कि सड़क बनाने के काम में लगी एक मशीन अचानक 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन बिजली लाइन के संपर्क में आ गई। मशीन में करंट फैलते ही आसपास काम कर रहे मजदूर इसकी चपेट में आ गए।
हादसा इतना अचानक हुआ कि वहां मौजूद लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। जिन परिवारों के सदस्य रोजी-रोटी कमाने के लिए काम पर निकले थे, उनके घरों में मातम छा गया। वहीं, घटना से नाराज ग्रामीणों ने मौके पर धरना शुरू कर दिया और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए।
Jhunjhunu Accident: सड़क निर्माण के दौरान कैसे हुआ हादसा?
जानकारी के मुताबिक, झुंझुनूं जिले के उदयपुरवाटी क्षेत्र के छापोली गांव में कदम कुंड की ओर जाने वाली सड़क का निर्माण कार्य चल रहा था। सोमवार को भी मजदूर सड़क बनाने के काम में जुटे हुए थे। इसी दौरान निर्माण कार्य में इस्तेमाल होने वाली रोड़ी और बजरी मिलाने की मशीन ऊपर से गुजर रही 11 KV हाईटेंशन बिजली लाइन के संपर्क में आ गई।
बिजली के तार से संपर्क होते ही मशीन में करंट फैल गया। आसपास काम कर रहे मजदूर भी इसकी चपेट में आ गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और स्थानीय लोग मदद के लिए पहुंचे।
शुरुआती खबरों में पांच मजदूरों की मौत और तीन लोगों के गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी सामने आई थी। हालांकि, बाद की रिपोर्ट में मृतकों की संख्या बढ़कर आठ बताई गई। घायलों की संख्या को लेकर अलग-अलग रिपोर्ट्स में भी अंतर सामने आया है।
8 मजदूरों की मौत से गांव में पसरा मातम
इस हादसे में आठ मजदूरों की जान चली गई। वहीं, करंट की चपेट में आए अन्य लोगों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं।
एक साथ इतने मजदूरों की मौत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। स्थानीय लोगों के बीच घटना को लेकर गहरा दुख और नाराजगी है। फिलहाल घायलों के इलाज और मृतकों के परिवारों को मिलने वाली सहायता पर सबकी नजर बनी हुई है।
ग्रामीणों का गुस्सा, धरने पर बैठे लोग
हादसे के बाद छापोली गांव के ग्रामीणों ने विरोध जताते हुए धरना शुरू कर दिया। लोगों का कहना है कि जब निर्माण स्थल के ऊपर से हाईटेंशन बिजली लाइन गुजर रही थी, तो वहां मशीन से काम कराने से पहले सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं किए गए?
ग्रामीणों के बीच इस बात को लेकर भी नाराजगी है कि आखिर मजदूरों की सुरक्षा को लेकर लापरवाही कैसे हुई। लोग चाहते हैं कि घटना की निष्पक्ष जांच हो और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
CM भजनलाल शर्मा ने लिया हादसे का संज्ञान
झुंझुनूं में हुए इस दर्दनाक हादसे के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी घटना पर दुख जताया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को घायलों के बेहतर इलाज और प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री की ओर से घटना की जानकारी लेकर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए जाने की बात भी सामने आई है। अब प्रशासनिक जांच के जरिए हादसे की असली वजह और जिम्मेदारी तय होने का इंतजार है।
अशोक गहलोत ने उठाई जांच और मुआवजे की मांग
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी हादसे पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने घटना की जांच कराने और मृतक मजदूरों के परिवारों को उचित मुआवजा देने की मांग उठाई।
गहलोत का कहना है कि इस तरह की घटनाओं को गंभीरता से लिया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में निर्माण कार्यों के दौरान मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
Construction Safety पर फिर उठे सवाल
झुंझुनूं का यह हादसा एक बार फिर निर्माण स्थलों पर मजदूरों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। सड़क, पुल और अन्य निर्माण कार्यों के दौरान कई बार मजदूरों को बिजली की हाईटेंशन लाइनों के आसपास काम करना पड़ता है। ऐसे में सुरक्षा मानकों का पालन करना बेहद जरूरी है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि छापोली गांव में सड़क निर्माण के दौरान सुरक्षा के क्या इंतजाम किए गए थे और मशीन हाईटेंशन लाइन के संपर्क में कैसे आई? प्रशासन की जांच से ही इन सवालों के जवाब सामने आ सकेंगे।
फिलहाल आठ मजदूरों की मौत से गांव में शोक का माहौल है। ग्रामीण धरने पर बैठे हैं और पीड़ित परिवारों को न्याय तथा उचित सहायता मिलने का इंतजार कर रहे हैं।
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