देश की राजनीति में एक बार फिर बीजेपी और कांग्रेस के बीच टकराव बढ़ गया है। दिल्ली के रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन की रैली के बाद अब बीजेपी ने भी विपक्ष के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बीजेपी ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन्हें लोकतंत्र के लिए चुनौती बताया है। इसी के साथ पार्टी ने 2 नवंबर को देश के कई शहरों में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ (Loktantra Bachao, Arajakta Hatao) अभियान के तहत पदयात्राएं और विरोध मार्च निकालने का ऐलान किया है।
इस अभियान में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन, जेपी नड्डा और धर्मेंद्र प्रधान समेत कई बड़े नेता शामिल हो रहे हैं। पार्टी का कहना है कि कांग्रेस और INDIA गठबंधन चुनाव आयोग के खिलाफ बेबुनियाद आरोप लगाकर लोकतांत्रिक संस्थाओं की छवि खराब कर रहे हैं।
दूसरी तरफ, राहुल गांधी और विपक्षी दलों का आरोप है कि चुनाव आयोग की Special Intensive Revision (SIR) प्रक्रिया के नाम पर मतदाता सूची से बड़ी संख्या में लोगों के नाम हटाए जा रहे हैं। इसी मुद्दे को लेकर दोनों पक्षों के बीच सियासी घमासान तेज हो गया है।
दिल्ली की रैली के बाद BJP का जवाबी हमला
दरअसल, 1 नवंबर को दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन ने ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली आयोजित की थी। इसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेता शामिल हुए थे।
रैली में नेताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। विपक्ष का कहना है कि SIR के दौरान मतदाता सूची से करोड़ों नाम हटाए जाने की शिकायतें सामने आई हैं। इससे आम मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।
विपक्ष की इसी रैली के अगले दिन बीजेपी ने देशभर में अपना विरोध अभियान शुरू कर दिया। पार्टी इसे ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ नाम दे रही है। बीजेपी नेताओं का आरोप है कि कांग्रेस अपनी राजनीतिक जमीन बचाने के लिए लोकतांत्रिक संस्थाओं को निशाना बना रही है।
Amit Shah Hyderabad में निकालेंगे BJP का March
बीजेपी के इस अभियान में अमित शाह की हैदराबाद पदयात्रा सबसे अहम कार्यक्रमों में शामिल है। केंद्रीय गृह मंत्री 2 नवंबर को हैदराबाद में पार्टी के मार्च का नेतृत्व करेंगे।
यह पदयात्रा दोपहर करीब 3 बजे निजाम कॉलेज के सामने डॉ. बाबू जगजीवन राम की प्रतिमा से शुरू होगी। इसके बाद मार्च आबिड्स इलाके से होते हुए शाम करीब 6 बजे मोजमजाही मार्केट पहुंचेगा।
तेलंगाना बीजेपी ने इस कार्यक्रम को लेकर तैयारियां की हैं। केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी और प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष एन. रामचंदर राव भी आयोजन से जुड़ी तैयारियों में सक्रिय रहे हैं।
मार्च को देखते हुए हैदराबाद के कुछ प्रमुख इलाकों में ट्रैफिक डायवर्जन की व्यवस्था भी की गई है।
Nitin Nabin बिहार और बंगाल में संभालेंगे कमान
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी इस अभियान के तहत बिहार और पश्चिम बंगाल में पदयात्रा करेंगे।
बिहार के भागलपुर में सुबह करीब 11 बजे लाजपत पार्क से मार्च शुरू होकर सेवा ज्योति चौक तक जाएगा। इसके बाद वह कोलकाता पहुंचेंगे, जहां दोपहर 3 बजे कॉलेज स्ट्रीट से पदयात्रा निकाली जाएगी। यह मार्च धर्मतला और एस्प्लेनेड की ओर बढ़ेगा।
बीजेपी इन कार्यक्रमों के जरिए विपक्ष के वोट चोरी के आरोपों का जवाब देने और अपने पक्ष को जनता तक पहुंचाने की तैयारी में है।
हरियाणा में भी BJP ने निकाली पदयात्रा
बीजेपी का यह अभियान 1 नवंबर को भी कई शहरों में देखने को मिला। हरियाणा के रोहतक में नितिन नवीन ने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ मार्च निकाला। वहीं, फरीदाबाद में केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने पदयात्रा की अगुवाई की।
फरीदाबाद में मार्च बीके चौक से शुरू होकर हार्डवेयर चौक तक पहुंचा। इस दौरान केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर समेत कई स्थानीय नेता और पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे।
धर्मेंद्र प्रधान ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि विपक्ष चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाकर जनता के बीच भ्रम पैदा कर रहा है।
1984 के सिख दंगों को लेकर भी कांग्रेस पर हमला
बीजेपी ने INDIA गठबंधन की रैली को लेकर 1984 के सिख विरोधी दंगों का मुद्दा भी उठाया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चंडीगढ़ में एक कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस पर निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि 1 नवंबर की तारीख सिख विरोधी दंगों के पीड़ितों के लिए बेहद संवेदनशील है। ऐसे दिन रैली आयोजित करने को लेकर उन्होंने कांग्रेस से सवाल किए।
बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन और जेपी नड्डा ने भी कांग्रेस पर इस मामले में संवेदनशीलता नहीं दिखाने का आरोप लगाया। हालांकि, विपक्ष की रैली का मुख्य एजेंडा SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली था।
Sambit Patra ने राहुल गांधी और INDIA गठबंधन पर साधा निशाना
बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विपक्ष की रैली पर सवाल उठाए। उन्होंने रैली में जुटी भीड़ और कांग्रेस के दावों को लेकर अपनी आपत्ति जताई।
बीजेपी नेताओं का कहना है कि राहुल गांधी चुनाव आयोग और अन्य संवैधानिक संस्थाओं पर लगातार सवाल उठाकर जनता के बीच अविश्वास पैदा कर रहे हैं।
वहीं, राहुल गांधी ने INDIA गठबंधन की रैली में चुनावी प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा उठाया था। उन्होंने कहा कि चुनाव में पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा जरूरी है।
30 नवंबर तक चलेगा BJP का अभियान
बीजेपी ने अपने ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान को अलग-अलग चरणों में चलाने की योजना बनाई है। पार्टी के कार्यक्रम के अनुसार, पहला चरण 5 नवंबर तक चलेगा, जबकि दूसरा चरण 11 नवंबर से 30 नवंबर तक आयोजित किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश में भी कई बड़े नेताओं को पदयात्राओं की जिम्मेदारी दी गई है। 3 नवंबर को शिवराज सिंह चौहान और जेपी नड्डा अलग-अलग क्षेत्रों में कार्यक्रम करेंगे। 4 नवंबर को नितिन नवीन, केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक के कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। वहीं, 5 नवंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गाजियाबाद में पदयात्रा करेंगे।
हरियाणा के करनाल में भी 5 नवंबर को अमित शाह के शामिल होने का कार्यक्रम प्रस्तावित है।
क्या है SIR विवाद, जिस पर आमने-सामने हैं BJP और कांग्रेस?
इस पूरे राजनीतिक विवाद की सबसे बड़ी वजह चुनाव आयोग की Special Intensive Revision यानी SIR प्रक्रिया है। इसके तहत मतदाता सूची की जांच और विशेष पुनरीक्षण किया जा रहा है।
कांग्रेस और INDIA गठबंधन का आरोप है कि इस प्रक्रिया में बड़ी संख्या में पात्र मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं। विपक्ष ने करीब 13 करोड़ नाम हटाए जाने का दावा करते हुए चुनाव आयोग से जवाब मांगा है।
वहीं, बीजेपी का कहना है कि मतदाता सूची को सही और पारदर्शी बनाने के लिए SIR जरूरी है। पार्टी के मुताबिक, विपक्ष इस प्रक्रिया को राजनीतिक मुद्दा बनाकर लोगों को गुमराह कर रहा है।
इस मामले में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका भी चर्चा में है। विपक्ष उनके इस्तीफे की मांग कर रहा है, जबकि बीजेपी चुनाव आयोग के समर्थन में खड़ी है।
BJP और INDIA गठबंधन के बीच आगे क्या होगा?
दिल्ली की रैली के बाद बीजेपी का देशव्यापी मार्च और विपक्ष के लगातार हमलों ने राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया है। एक तरफ बीजेपी अपने अभियान के जरिए कांग्रेस के आरोपों का जवाब देना चाहती है, तो दूसरी तरफ INDIA गठबंधन SIR और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को बड़ा मुद्दा बनाए हुए है।
अब आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि बीजेपी की पदयात्राओं को अलग-अलग राज्यों में कैसी प्रतिक्रिया मिलती है और चुनाव आयोग SIR को लेकर उठ रहे सवालों पर क्या स्पष्टीकरण देता है।
फिलहाल, राहुल गांधी के बयान, अमित शाह का मार्च और बीजेपी का देशव्यापी अभियान देश की राजनीति में चर्चा का प्रमुख विषय बने हुए हैं।
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