मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ के नारे के साथ पदयात्रा निकाली। इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल समेत पार्टी के कई बड़े नेता शामिल हुए।
भाजपा ने इस पदयात्रा में करीब एक लाख लोगों के शामिल होने का दावा किया। यात्रा के दौरान अलग-अलग समुदायों के लोगों की भागीदारी देखने को मिली। इसी बीच कुछ मुस्लिम महिलाओं का एक अलग रुख भी चर्चा में रहा। रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ महिलाओं ने ‘तीन तलाक’ लिखे बैनर लेने से इनकार कर दिया।
अटल पथ से रोशनपुरा तक निकली पदयात्रा
भाजपा की यह पदयात्रा सुबह करीब 10 बजे टीटी नगर स्थित प्लेटिनम प्लाजा के पास अटल पथ से शुरू हुई। यहां से मार्च रोशनपुरा चौराहे तक पहुंचा।
इसमें केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, मुख्यमंत्री मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, राज्य सरकार के मंत्री, सांसद, विधायक और पार्टी कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया।
भाजपा नेताओं का कहना है कि इस आयोजन का उद्देश्य लोकतंत्र की रक्षा और विपक्ष की कथित अराजक राजनीति के खिलाफ जनता को जागरूक करना है।
एक लाख लोगों के शामिल होने का दावा
भाजपा ने पदयात्रा में करीब एक लाख लोगों के पहुंचने का दावा किया था। इसमें पार्टी कार्यकर्ताओं के अलावा व्यापारी, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, महिलाएं और विभिन्न समुदायों के लोग शामिल हुए।
हालांकि, यातायात पुलिस और प्रशासन का अनुमान करीब 50 हजार लोगों की भागीदारी का था। इस तरह आयोजन में भीड़ को लेकर पार्टी के दावे और प्रशासन के अनुमान में अंतर रहा।
तीन तलाक के बैनर लेने से मुस्लिम महिलाओं ने किया इनकार
पदयात्रा के दौरान मुस्लिम महिलाओं की भागीदारी भी चर्चा में रही। कुछ महिलाएं बुर्का पहनकर कार्यक्रम में पहुंचीं और उनके हाथों में अलग-अलग संदेशों वाले पोस्टर दिखाई दिए।
इसी दौरान रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ मुस्लिम महिलाओं ने ‘तीन तलाक’ लिखे बैनर लेने से इनकार कर दिया। हालांकि, इस घटना से सभी मुस्लिम महिलाओं की राय का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता।
कुछ पोस्टरों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में संदेश भी दिखाई दिए। कार्यक्रम में महिलाओं की मौजूदगी को भाजपा ने अपनी पदयात्रा में विभिन्न समुदायों की भागीदारी के रूप में पेश किया।
SIR और चुनाव आयोग के मुद्दे पर भाजपा का मार्च
भाजपा की यह पदयात्रा देशभर में चलाए जा रहे ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ अभियान का हिस्सा है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों की ओर से SIR यानी Special Intensive Revision और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर उठाए जा रहे सवालों के जवाब में भाजपा यह अभियान चला रही है।
विपक्ष चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची पुनरीक्षण पर सवाल उठा रहा है, जबकि भाजपा ने अपने मार्च के जरिए विपक्ष के विरोध प्रदर्शन और उसकी राजनीति पर निशाना साधा।
