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Delhi Building Accident: पुरानी दिल्ली में बड़ा हादसा, तीन मंजिला इमारत ढही; NDRF ने संभाला मोर्चा

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दिल्ली (Delhi) के चावड़ी बाजार इलाके में गुरुवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया। पुरानी दिल्ली की गली सितारा में एक निर्माणाधीन तीन मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। इस हादसे में अब तक दो लोगों की मौत की खबर है, जबकि एक व्यक्ति घायल बताया जा रहा है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, 6 से 7 लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका जताई गई थी।

इमारत गिरते ही आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोग तुरंत मदद के लिए पहुंचे और प्रशासन को घटना की सूचना दी। इसके बाद दमकल विभाग, दिल्ली पुलिस और NDRF की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया।

सुबह करीब 9:50 बजे हुआ हादसा

जानकारी के मुताबिक, गुरुवार सुबह करीब 9:50 बजे चावड़ी बाजार मेट्रो स्टेशन के पास गली सितारा में इमारत गिरने की सूचना मिली। बताया जा रहा है कि इमारत में निर्माण कार्य चल रहा था। इसी दौरान अचानक उसका बड़ा हिस्सा ढह गया और मलबा आसपास फैल गया।

हादसे के बाद दमकल विभाग ने तुरंत रेस्क्यू टीमों को रवाना किया। शुरुआत में कुछ दमकल गाड़ियां मौके पर भेजी गईं, लेकिन घटना की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त टीमें भी तैनात करनी पड़ीं।

दो लोगों की मौत, एक घायल

इस हादसे में अब तक दो लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। वहीं, एक व्यक्ति घायल हुआ है। शुरुआती रिपोर्टों में 6 से 7 लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई गई थी। हालांकि, फंसे हुए लोगों की वास्तविक संख्या को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है।

रेस्क्यू टीमों की कोशिश है कि मलबे में फंसे लोगों को जल्द से जल्द बाहर निकाला जाए। हादसे के बाद स्थानीय लोगों में भी चिंता का माहौल है।

NDRF और दमकल विभाग ने संभाला मोर्चा

घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की छह यूनिट मौके पर पहुंचीं। इसके अलावा NDRF की टीम को भी बचाव अभियान में लगाया गया है। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी भी घटनास्थल पर मौजूद हैं।

मलबे को सावधानी से हटाया जा रहा है, ताकि अंदर फंसे लोगों तक पहुंचा जा सके। राहत टीमों का पूरा ध्यान संभावित लोगों की तलाश और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने पर है।

आखिर क्यों गिरी निर्माणाधीन इमारत?

फिलहाल इमारत गिरने की वजह सामने नहीं आई है। यह स्पष्ट नहीं है कि हादसा निर्माण कार्य में किसी लापरवाही, कमजोर ढांचे या किसी अन्य तकनीकी कारण से हुआ। मामले की असली वजह जांच के बाद ही पता चल सकेगी।

पुराने दिल्ली इलाके में सुरक्षा पर फिर सवाल

चावड़ी बाजार पुरानी दिल्ली का बेहद व्यस्त इलाका है। यहां संकरी गलियां और आसपास मौजूद पुरानी इमारतों के कारण राहत एवं बचाव कार्य भी चुनौतीपूर्ण हो सकता है। ऐसे में इस हादसे ने एक बार फिर पुरानी और निर्माणाधीन इमारतों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है। हादसे में जान गंवाने वाले लोगों की खबर से इलाके में दुख का माहौल है। रेस्क्यू ऑपरेशन और प्रशासन की आधिकारिक जानकारी के बाद घटना से जुड़ी बाकी तस्वीर साफ हो सकेगी।

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Yukta

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बिलासपुर में खाद्य विभाग की छापेमारी, 110 किलो बताशा और 22 किलो बूंदी नष्ट; अखाद्य रंग का हो रहा था इस्तेमाल

बिलासपुर में त्योहारी सीजन के दौरान बाजार में बिक रही मिलावटी और घटिया मिठाइयों के खिलाफ खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। बुधवार को विभाग की संयुक्त टीम ने शहर और आसपास के इलाकों में खाद्य प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की। जांच के दौरान बिना पंजीयन के बताशा बनाने और बूंदी की मिठाई में अखाद्य रंग का इस्तेमाल करने का मामला सामने आया। टीम ने चांटीडीह के मेलापारा में 110 किलो बताशा और चकरभाठा में 22 किलो बूंदी मौके पर ही नष्ट करा दी। वहीं, बिना वैध पंजीयन के संचालित बताशा निर्माण इकाई को तत्काल बंद करा दिया गया। गंदगी के बीच तैयार हो रहे थे बताशे खाद्य विभाग की टीम ने चांटीडीह के मेलापारा स्थित वीर जायसवाल के बताशा निर्माण स्थल का निरीक्षण किया। जांच में सामने आया कि यहां अस्वच्छ वातावरण और गंदगी के बीच बताशे तैयार किए जा रहे थे। इसके अलावा निर्माण इकाई का खाद्य विभाग में पंजीयन भी नहीं कराया गया था। अधिकारियों ने इसे जनस्वास्थ्य के लिए खतरा मानते हुए मौके पर मौजूद 110 किलो बताशे नष्ट करा दिए और निर्माण इकाई को तत्काल बंद करा दिया। चकरभाठा में बूंदी बनाने में मिला अखाद्य रंग टीम ने चकरभाठा स्थित उधमदास खेमचंद मिठाई वाला प्रतिष्ठान के किचन की भी जांच की। यहां बूंदी तैयार करने के लिए नॉन फूड ग्रेड कलर यानी अखाद्य रंग का इस्तेमाल किया जा रहा था। खाद्य पदार्थों में इस तरह के रंग का उपयोग स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इसे देखते हुए अधिकारियों ने मौके पर ही 22 किलो बूंदी नष्ट करा दी। पहले भी हो चुकी है कार्रवाई, फिर भी नियमों की अनदेखी खाद्य विभाग इससे पहले भी चांटीडीह और शनिचरी इलाके में बताशा दुकानों के खिलाफ कार्रवाई कर चुका है। इसके बावजूद खाद्य सुरक्षा नियमों की अनदेखी जारी थी। बुधवार की कार्रवाई में चिंगराजपारा स्थित एक अन्य बताशा निर्माण इकाई का भी निरीक्षण किया गया, हालांकि टीम के पहुंचने के समय वहां उत्पादन बंद मिला। सैंपल जांच के लिए भेजे, रिपोर्ट के बाद होगी कार्रवाई छापेमारी के दौरान संदिग्ध प्रतिष्ठानों से बेसन के लड्डू और बताशे के नमूने भी लिए गए। इन्हें गुणवत्ता की जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद संबंधित कारोबारियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस संयुक्त कार्रवाई में अभिहित अधिकारी आरआर देवांगन, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी खीरसागर पटेल और खाद्य सुरक्षा अधिकारी अविषा मरावी व प्रतीक तिवारी सहित विभागीय टीम शामिल रही।
Delhi

Delhi Building Accident: पुरानी दिल्ली में बड़ा हादसा, तीन मंजिला इमारत ढही; NDRF ने संभाला मोर्चा

दिल्ली (Delhi) के चावड़ी बाजार इलाके में गुरुवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया। पुरानी दिल्ली की गली सितारा में एक निर्माणाधीन तीन मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। इस हादसे में अब तक दो लोगों की मौत की खबर है, जबकि एक व्यक्ति घायल बताया जा रहा है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, 6 से 7 लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका जताई गई थी। इमारत गिरते ही आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोग तुरंत मदद के लिए पहुंचे और प्रशासन को घटना की सूचना दी। इसके बाद दमकल विभाग, दिल्ली पुलिस और NDRF की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। सुबह करीब 9:50 बजे हुआ हादसा जानकारी के मुताबिक, गुरुवार सुबह करीब 9:50 बजे चावड़ी बाजार मेट्रो स्टेशन के पास गली सितारा में इमारत गिरने की सूचना मिली। बताया जा रहा है कि इमारत में निर्माण कार्य चल रहा था। इसी दौरान अचानक उसका बड़ा हिस्सा ढह गया और मलबा आसपास फैल गया। हादसे के बाद दमकल विभाग ने तुरंत रेस्क्यू टीमों को रवाना किया। शुरुआत में कुछ दमकल गाड़ियां मौके पर भेजी गईं, लेकिन घटना की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त टीमें भी तैनात करनी पड़ीं। दो लोगों की मौत, एक घायल इस हादसे में अब तक दो लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। वहीं, एक व्यक्ति घायल हुआ है। शुरुआती रिपोर्टों में 6 से 7 लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई गई थी। हालांकि, फंसे हुए लोगों की वास्तविक संख्या को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। रेस्क्यू टीमों की कोशिश है कि मलबे में फंसे लोगों को जल्द से जल्द बाहर निकाला जाए। हादसे के बाद स्थानीय लोगों में भी चिंता का माहौल है। NDRF और दमकल विभाग ने संभाला मोर्चा घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की छह यूनिट मौके पर पहुंचीं। इसके अलावा NDRF की टीम को भी बचाव अभियान में लगाया गया है। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी भी घटनास्थल पर मौजूद हैं। मलबे को सावधानी से हटाया जा रहा है, ताकि अंदर फंसे लोगों तक पहुंचा जा सके। राहत टीमों का पूरा ध्यान संभावित लोगों की तलाश और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने पर है। आखिर क्यों गिरी निर्माणाधीन इमारत? फिलहाल इमारत गिरने की वजह सामने नहीं आई है। यह स्पष्ट नहीं है कि हादसा निर्माण कार्य में किसी लापरवाही, कमजोर ढांचे या किसी अन्य तकनीकी कारण से हुआ। मामले की असली वजह जांच के बाद ही पता चल सकेगी। पुराने दिल्ली इलाके में सुरक्षा पर फिर सवाल चावड़ी बाजार पुरानी दिल्ली का बेहद व्यस्त इलाका है। यहां संकरी गलियां और आसपास मौजूद पुरानी इमारतों के कारण राहत एवं बचाव कार्य भी चुनौतीपूर्ण हो सकता है। ऐसे में इस हादसे ने एक बार फिर पुरानी और निर्माणाधीन इमारतों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है। हादसे में जान गंवाने वाले लोगों की खबर से इलाके में दुख का माहौल है। रेस्क्यू ऑपरेशन और प्रशासन की आधिकारिक जानकारी के बाद घटना से जुड़ी बाकी तस्वीर साफ हो सकेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Stock Market

Stock Market Today: सेंसेक्स 78,900 के पार, निफ्टी में 400 अंकों का उछाल; FII ने भी लगाया पैसा

कई दिनों की उठापटक के बाद आखिरकार भारतीय शेयर बाजार (Stock Market) में तेजी लौटती दिखाई दे रही है। गुरुवार, 5 नवंबर को बाजार खुलते ही सेंसेक्स और निफ्टी में जोरदार उछाल आया। सेंसेक्स करीब 1,600 अंक चढ़ गया, वहीं निफ्टी ने भी 400 अंकों से ज्यादा की छलांग लगाई। लगातार छह कारोबारी दिनों से जारी तेजी ने निवेशकों को बड़ी राहत दी है। बाजार में इस तेजी के पीछे कई अंतरराष्ट्रीय और घरेलू कारण हैं। अमेरिका के मिडटर्म चुनाव में डोनाल्ड ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी को लगे झटके, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और विदेशी निवेशकों की वापसी ने बाजार का माहौल बदल दिया है। इसका असर भारतीय बाजार के साथ-साथ दुनिया के दूसरे शेयर बाजारों में भी देखने को मिल रहा है। Sensex-Nifty में जोरदार उछाल, निवेशकों की नजर बाजार पर गुरुवार सुबह कारोबार शुरू होते ही बाजार में खरीदारी का माहौल बन गया। बीएसई सेंसेक्स करीब 1,609 अंक उछलकर 78,910 के स्तर पर खुला। वहीं निफ्टी 50 करीब 418 अंक की बढ़त के साथ 24,378 के आसपास पहुंच गया। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 78,900 के पार और निफ्टी 24,400 के करीब पहुंच गया। दोनों प्रमुख इंडेक्स में लगभग 2 फीसदी की तेजी देखने को मिली। बाजार की इस तेजी ने उन निवेशकों को भी राहत दी है, जो पिछले कुछ समय से लगातार गिरावट और बिकवाली के कारण परेशान थे। 6 दिनों में Sensex ने 5,500 से ज्यादा अंक जोड़े शेयर बाजार की तेजी केवल एक दिन की कहानी नहीं है। पिछले छह कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स 5,500 अंकों से ज्यादा चढ़ चुका है। लगातार खरीदारी के कारण बाजार में निवेशकों का भरोसा वापस लौटता दिखाई दे रहा है। इस तेजी में बड़ी कंपनियों के शेयरों के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी खरीदारी देखने को मिली है। यानी बाजार में उत्साह सिर्फ सेंसेक्स और निफ्टी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कई सेक्टर के शेयरों में भी तेजी आई है। Trump को Midterm Election में झटका, बाजार को मिला सहारा अमेरिका में हुए मिडटर्म चुनाव के नतीजों ने दुनियाभर के निवेशकों का ध्यान खींचा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी को चुनाव में नुकसान हुआ है, जबकि डेमोक्रेटिक पार्टी ने अमेरिकी संसद के दोनों सदनों में अपनी स्थिति मजबूत की है। इस नतीजे के बाद अमेरिकी सरकार की टैरिफ और विदेश नीति से जुड़ी योजनाओं पर राजनीतिक दबाव बढ़ने की संभावना है। निवेशकों को उम्मीद है कि आने वाले समय में अमेरिका की नीतियों को लेकर अनिश्चितता कुछ कम हो सकती है। अमेरिकी राजनीति में आए इस बदलाव का असर वहां के शेयर बाजार पर भी दिखाई दिया। अमेरिकी बाजारों में तेजी के बाद भारतीय शेयर बाजार को भी सकारात्मक संकेत मिले। Crude Oil की कीमतों में गिरावट से भारत को राहत भारतीय बाजार में तेजी की एक बड़ी वजह कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट भी है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड करीब 93.50 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया। इससे पहले भी कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा दूसरे देशों से आयात करता है। ऐसे में कच्चा तेल सस्ता होने से देश के आयात बिल में कमी आने और महंगाई का दबाव घटने की उम्मीद रहती है। इसके अलावा तेल की कीमतों में गिरावट से एयरलाइन, ऑटो और दूसरी कंपनियों की लागत पर भी सकारात्मक असर पड़ सकता है। यही वजह है कि क्रूड ऑयल की कीमतों में कमी को बाजार के लिए राहत भरा संकेत माना जा रहा है। FII की खरीदारी से मजबूत हुआ बाजार विदेशी निवेशकों की वापसी ने भी बाजार को नई ताकत दी है। पिछले कुछ समय से भारतीय शेयर बाजार में बिकवाली कर रहे विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने अब खरीदारी शुरू कर दी है। 4 नवंबर को विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार में करीब 7,284 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। यह लगातार चौथा कारोबारी सत्र रहा, जब विदेशी निवेशक नेट बायर बने। विदेशी निवेशकों की खरीदारी से बाजार में पैसा आने के साथ निवेशकों का भरोसा भी मजबूत हुआ है। बाजार की तेजी में घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) की भूमिका भी अहम रही है। इन शेयरों में दिखी सबसे ज्यादा तेजी गुरुवार के शुरुआती कारोबार में कई बड़े शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। खासतौर पर ऑटो, बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज और रियल्टी सेक्टर में मजबूती रही। शुरुआती कारोबार में IndiGo, Bajaj Finance, Asian Paints, Maruti Suzuki और Mahindra & Mahindra जैसे शेयरों में तेजी दर्ज की गई। बैंकिंग सेक्टर के HDFC Bank और ICICI Bank के शेयरों में भी खरीदारी देखने को मिली। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में आई मजबूती ने भी बाजार की तेजी को सहारा दिया। निवेशकों की दौलत में 6.6 लाख करोड़ रुपये का इजाफा बाजार में आई तेजी का फायदा निवेशकों की संपत्ति पर भी दिखाई दिया। शुरुआती कारोबार में बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप करीब 501 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। पिछले कारोबारी सत्र में यह लगभग 494.4 लाख करोड़ रुपये था। इस तरह बाजार खुलने के शुरुआती समय में ही निवेशकों की संपत्ति में करीब 6.6 लाख करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई। आगे कैसी रहेगी Share Market की चाल? लगातार छह दिनों की तेजी के बाद अब निवेशकों की नजर बाजार के अगले रुख पर है। अमेरिका की नई राजनीतिक स्थिति, ईरान से जुड़ा तनाव, कच्चे तेल की कीमतें और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं। इसके अलावा कंपनियों के तिमाही नतीजे और घरेलू आर्थिक आंकड़े भी निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण रहेंगे। फिलहाल भारतीय शेयर बाजार में लौटी तेजी ने निवेशकों के चेहरे पर मुस्कान जरूर ला दी है। हालांकि, बाजार में लगातार बढ़त के बाद उतार-चढ़ाव भी देखने को मिल सकता है। इसलिए निवेश से जुड़े फैसले जल्दबाजी में लेने के बजाय बाजार की स्थिति और कंपनी के प्रदर्शन को समझना जरूरी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

Nagaur Blast: राजस्थान में बारूद बनाते समय भीषण धमाका, 2 सगे भाइयों की मौत; गुस्साई भीड़ पर लाठीचार्ज

राजस्थान के नागौर (Nagaur) में गुरुवार सुबह एक दर्दनाक हादसे ने दो परिवारों की खुशियां छीन लीं। बारूद बनाने के दौरान हुए जोरदार धमाके में दो सगे भाइयों की जान चली गई। विस्फोट इतना तेज था कि आसपास के इलाके में भी इसकी आवाज सुनाई दी। हादसे की खबर मिलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा। घटना के बाद से इलाके में तनाव का माहौल है। पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचकर हालात संभालने के साथ हादसे की वजह का पता लगाने में जुटी हैं। Nagaur Blast: बारूद बनाते समय हुआ जोरदार विस्फोट प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, नागौर जिले के बदली क्षेत्र में गुरुवार सुबह करीब 9:40 बजे यह हादसा हुआ। बताया जा रहा है कि परिसर में बारूद बनाने का काम चल रहा था। इसी दौरान अचानक जोरदार धमाका हो गया। विस्फोट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि वहां मौजूद दो सगे भाइयों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। शुरुआती मीडिया रिपोर्ट्स में दो अन्य लोगों के गंभीर रूप से घायल होने की भी जानकारी सामने आई है। धमाके के बाद घटनास्थल पर भारी नुकसान हुआ। आसपास के लोग आवाज सुनकर मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव कार्य में मदद करने लगे। दो भाइयों की मौत से लोगों में गुस्सा, मौके पर हुआ हंगामा हादसे में दो लोगों की जान जाने के बाद स्थानीय लोगों में काफी नाराजगी देखने को मिली। लोगों ने घटना को लेकर विरोध जताया और परिसर में चल रही गतिविधियों पर सवाल उठाए। कुछ ही देर में मौके पर भीड़ बढ़ गई। इसी दौरान हंगामा शुरू हो गया और प्रदर्शन कर रहे लोगों की ओर से पथराव किए जाने की खबर सामने आई। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने भीड़ को हटाने की कोशिश की। स्थिति नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। इस घटना के बाद इलाके में कुछ समय तक तनाव की स्थिति बनी रही। परिसर में रखा था पटाखों का Stock शुरुआती मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जिस परिसर में धमाका हुआ, वह अमीन नाम के व्यक्ति का बताया जा रहा है। यहां बारूद से जुड़े काम के साथ पटाखों का स्टॉक भी रखा हुआ था। रिपोर्ट्स में परिसर के मालिक के पास पटाखों से संबंधित लाइसेंस होने की बात भी सामने आई है। हालांकि, लाइसेंस की शर्तें क्या थीं और वहां किस तरह की गतिविधियां संचालित की जा रही थीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। प्रशासन अब इस बात की जांच कर रहा है कि परिसर में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम थे या नहीं और वहां बारूद बनाने का काम किन नियमों के तहत किया जा रहा था। Police Investigation: धमाके की वजह तलाशने में जुटी पुलिस घटना के बाद पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गईं। अधिकारियों की ओर से घटनास्थल की जांच की जा रही है। साथ ही यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि विस्फोट किस वजह से हुआ और हादसे के समय वहां कितने लोग मौजूद थे। जांच में परिसर के लाइसेंस, सुरक्षा व्यवस्था और वहां रखी सामग्री से जुड़ी जानकारी भी जुटाई जा रही है। घायलों की स्थिति और पथराव के दौरान हुई कार्रवाई को लेकर भी विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है। पहले भी विस्फोटक सामग्री की बरामदगी से चर्चा में रहा नागौर नागौर जिले में विस्फोटक सामग्री से जुड़ा मामला पहले भी सामने आ चुका है। जनवरी 2026 में जिले के हरसौर गांव में पुलिस ने करीब 9,550 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री बरामद की थी। इस मामले में जांच के लिए SIT गठित की गई थी और सप्लाई नेटवर्क से जुड़े लोगों की गिरफ्तारी भी हुई थी। हालांकि, हरसौर में हुई बरामदगी और बदली क्षेत्र में हुए इस ताजा धमाके के बीच किसी तरह का संबंध सामने नहीं आया है। Nagaur दो परिवारों में पसरा मातम बारूद बनाने के दौरान हुए इस धमाके ने दो परिवारों को गहरे दुख में डाल दिया है। एक ही परिवार के दो भाइयों की मौत से पूरे इलाके में शोक का माहौल है। वहीं, घटना के बाद हुए हंगामे और पुलिस लाठीचार्ज ने मामले को और गंभीर बना दिया है। अब सभी की नजर पुलिस जांच पर है। जांच से यह साफ हो सकेगा कि आखिर बारूद बनाने के दौरान इतना बड़ा हादसा कैसे हुआ और सुरक्षा में कहां चूक हुई। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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US Midterm Election 2026: ईरान जंग बनी ट्रम्प की हार की वजह, दोनों सदनों में गंवाया बहुमत

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को मिडटर्म चुनाव 2026 में बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। उनकी रिपब्लिकन पार्टी अमेरिकी कांग्रेस के दोनों सदनों में बहुमत गंवा बैठी है। इस चुनावी नतीजे के बाद ट्रम्प ने खुद स्वीकार किया कि ईरान के साथ युद्ध उनकी पार्टी की हार की एक बड़ी वजह बना। हालांकि, हैरानी की बात यह है कि चुनाव में नुकसान के बावजूद ट्रम्प अपने फैसले को गलत मानने के लिए तैयार नहीं हैं। उन्होंने साफ कहा कि अगर उन्हें दोबारा मौका मिला, तो वह फिर ईरान पर हमला करेंगे। ट्रम्प के इस बयान के बाद अमेरिका की राजनीति में ईरान युद्ध को लेकर बहस तेज हो गई है। सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या विदेश नीति के मोर्चे पर लिया गया यह फैसला अब ट्रम्प के लिए घरेलू राजनीति की सबसे बड़ी चुनौती बन गया है? ईरान युद्ध ने बिगाड़ा Trump का चुनावी गणित मिडटर्म चुनाव में हार के बाद ट्रम्प ने माना कि ईरान के साथ संघर्ष का असर मतदाताओं पर पड़ा। युद्ध के चलते अमेरिका में ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी हुई और आम लोगों को महंगाई का सामना करना पड़ा। चुनाव प्रचार के दौरान डेमोक्रेटिक पार्टी ने इसी मुद्दे को जोर-शोर से उठाया। पार्टी ने ट्रम्प प्रशासन की नीतियों, बढ़ते घरेलू खर्च और ईरान के साथ संघर्ष को लेकर सवाल खड़े किए। ट्रम्प ने भी स्वीकार किया कि ईरान युद्ध ने चुनावी नतीजों को प्रभावित किया। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट किया कि उनके लिए ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना ज्यादा जरूरी था। ‘फिर मौका मिला तो दोबारा करेंगे हमला’ चुनावी हार के बावजूद ट्रम्प ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को लेकर अपना रुख नहीं बदला है। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें फिर से वही परिस्थिति मिलती है, तो वह दोबारा ऐसा ही फैसला लेंगे। ट्रम्प का तर्क है कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी है। उनके मुताबिक, इस खतरे को नजरअंदाज करना भविष्य में अमेरिका के लिए बड़ी परेशानी पैदा कर सकता है। यानी एक तरफ ट्रम्प चुनावी नुकसान को स्वीकार कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ ईरान के खिलाफ अपनी नीति का बचाव भी कर रहे हैं। JD Vance ने भी ईरान युद्ध को बताया हार की वजह अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी रिपब्लिकन पार्टी की हार पर प्रतिक्रिया देते हुए ईरान युद्ध को अहम वजह बताया। वेंस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि युद्ध का असर पार्टी के चुनावी प्रदर्शन पर पड़ा। उन्होंने महंगाई और आम लोगों की बढ़ती आर्थिक परेशानियों को भी मतदाताओं की नाराजगी से जोड़कर देखा। उनके बयान से साफ है कि रिपब्लिकन पार्टी के भीतर भी चुनावी नतीजों और ईरान नीति को लेकर मंथन शुरू हो गया है। पेट्रोल की कीमतों और महंगाई ने बढ़ाई मुश्किल ईरान के साथ संघर्ष का असर अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर भी देखने को मिला। पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी ने आम परिवारों के बजट को प्रभावित किया। अमेरिका में चुनाव के दौरान महंगाई, स्वास्थ्य सेवाओं का खर्च और रोजमर्रा की जरूरतों की कीमतें भी बड़े मुद्दे बने रहे। डेमोक्रेटिक पार्टी ने इन मुद्दों को उठाकर ट्रम्प प्रशासन को घेरा। ऐसे में रिपब्लिकन पार्टी की हार को केवल ईरान युद्ध से जोड़कर देखना सही नहीं होगा। आर्थिक परेशानियों और घरेलू नीतियों को लेकर मतदाताओं की नाराजगी भी इसके पीछे अहम कारण रही। US Midterm Election 2026: दोनों सदनों में रिपब्लिकन पार्टी की हार 2026 के मिडटर्म चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी ने अमेरिकी कांग्रेस के दोनों सदनों में बहुमत हासिल कर लिया। रिपब्लिकन पार्टी को हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स और सीनेट दोनों में अपना नियंत्रण गंवाना पड़ा। इस नतीजे के बाद ट्रम्प प्रशासन के सामने आने वाले दो सालों में कई राजनीतिक चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं। अब डेमोक्रेट्स को सरकारी नीतियों की जांच करने, प्रशासन से जवाब मांगने और नए कानूनों को लेकर अहम भूमिका निभाने का मौका मिलेगा। ट्रम्प के लिए अपने एजेंडे को कांग्रेस से मंजूरी दिलाना भी पहले के मुकाबले मुश्किल हो सकता है। हालांकि, राष्ट्रपति के पास वीटो का अधिकार रहेगा, लेकिन कांग्रेस में विपक्ष का मजबूत होना उनके फैसलों पर राजनीतिक दबाव बढ़ा सकता है। अब ईरान को लेकर क्या होगा ट्रम्प का अगला कदम? मिडटर्म चुनाव के नतीजों ने ट्रम्प के सामने एक मुश्किल स्थिति पैदा कर दी है। उनकी पार्टी को घरेलू राजनीति में नुकसान हुआ है, लेकिन वह ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को अब भी सही बता रहे हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या ट्रम्प चुनावी नतीजों से सबक लेते हुए ईरान के साथ बातचीत का रास्ता अपनाएंगे या अपनी सैन्य रणनीति पर कायम रहेंगे? फिलहाल उनके बयानों से तो यही संकेत मिलता है कि वह ईरान को लेकर अपने पुराने रुख में बदलाव के मूड में नहीं हैं। आने वाले दिनों में अमेरिकी कांग्रेस और व्हाइट हाउस के बीच इस मुद्दे पर टकराव भी देखने को मिल सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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