अनिल अंबानी की अगुवाई वाली Reliance Power ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने भूटान सरकार की स्वामित्व वाली Green Digital Private Limited के साथ मिलकर ₹2,000 करोड़ की लागत से 500 मेगावाट की सौर ऊर्जा परियोजना (Solar Energy Project) शुरू करने की घोषणा की है। यह भूटान की अब तक की सबसे बड़ी सौर परियोजना मानी जा रही है।
भूटान में लगेगी सबसे बड़ी सोलर प्लांट | Project Details
यह परियोजना भूटान के Gelephu Mindfulness City में दो चरणों में विकसित की जाएगी, जिसमें हर चरण में 250 मेगावाट की क्षमता होगी। अगले दो वर्षों में इसका निर्माण पूरा करने का लक्ष्य है। इसके तहत दीर्घकालिक बिजली खरीद समझौता (Long-term Power Purchase Agreement – PPA) भी साइन किया गया है, जिससे परियोजना की आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित होगी
Hydropower Partnership भी शामिल | 770 MW की चामखर्चू परियोजना
Reliance Power ने नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में अपना विस्तार करते हुए भूटान की सरकारी निवेश कंपनी Druk Holding and Investments (DHI) के साथ मिलकर 770 मेगावाट की चामखर्चू-1 हाइड्रोपावर परियोजना पर भी साझेदारी की योजना बनाई है। यह परियोजना भूटान को नेट ज़ीरो कार्बन लक्ष्य हासिल करने में मदद करेगी।
Reliance Power बनी कर्ज़-मुक्त (Debt-Free)
इस अंतरराष्ट्रीय निवेश के साथ एक और बड़ी खबर यह है कि Reliance Power ने हाल ही में ₹800 करोड़ का कर्ज चुकाकर खुद को पूरी तरह Debt-Free घोषित कर दिया है। इस कर्ज़मुक्त स्थिति ने निवेशकों में भरोसा बढ़ाया है, जिसका असर कंपनी के शेयरों में भी देखा गया है।
क्यों है यह प्रोजेक्ट महत्वपूर्ण?
- भूटान की सबसे बड़ी सौर ऊर्जा परियोजना
- भारत और भूटान के ऊर्जा सहयोग को बढ़ावा
- Reliance Power की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वापसी
- निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत
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