NDA Women Cadets, NDA Graduation 2025, NDA Passing Out Parade
भारत की रक्षा सेवाओं के इतिहास में 29 मई 2025 का दिन स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गया। नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) से पहली बार 17 महिला कैडेट्स ने स्नातक की पढ़ाई पूरी कर ली है। अब ये युवा कैडेट्स पुरुष साथियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर देश की तीनों सेनाओं—थल, जल और वायु—में अपनी सेवा देने को तैयार हैं।
पुणे स्थित एनडीए कैंपस में आयोजित दीक्षांत समारोह में इन 17 महिला कैडेट्स के साथ 300 से अधिक पुरुष कैडेट्स को भी डिग्री प्रदान की गई। अब 30 मई 2025 को पासिंग आउट परेड (POP) का आयोजन होगा, जिसमें ये सभी कैडेट्स औपचारिक रूप से भारतीय रक्षा सेवाओं का हिस्सा बन जाएंगे।
मुख्य अतिथि ने दी प्रेरणा, महिलाओं को बताया ‘परिवर्तन की मशाल’
इस ऐतिहासिक अवसर पर मुख्य अतिथि रहीं प्रो. पूनम टंडन, जो दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति हैं। उन्होंने महिला कैडेट्स को संबोधित करते हुए कहा:
“आप केवल अपनी सफलता का जश्न नहीं मना रहीं, बल्कि आपने देश की लाखों बेटियों को आगे बढ़ने का साहस दिया है। आप परिवर्तन, साहस और क्षमता की प्रतीक हैं।”
उन्होंने एनडीए की ऐतिहासिक भूमिका को सराहते हुए कहा कि यह संस्थान अब तक 40,000 से अधिक सैन्य अफसरों को तैयार कर चुका है, जिन्होंने युद्ध और शांति दोनों में भारत का नाम ऊंचा किया।
ये बने टॉपर्स, जिन पर देश को है गर्व
इस दीक्षांत समारोह में विभिन्न स्ट्रीम्स में अव्वल आने वाले कैडेट्स ने भी सुर्खियां बटोरीं:
- साइंस स्ट्रीम: कैडेट लकी कुमार टॉपर रहे।
- कंप्यूटर साइंस: प्रिंस कुमार सिंह कुशवाह ने पहला स्थान हासिल किया।
- आर्ट्स स्ट्रीम: महिला कैडेट श्रीति दक्ष ने टॉप किया, जो 17 महिला कैडेट्स में से एक हैं।
- बीटेक स्ट्रीम: उदयवीर सिंह नेगी ने अव्वल स्थान प्राप्त किया।
महिलाओं के लिए NDA के दरवाजे कब खुले?
साल 2021 में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद यूपीएससी (UPSC) ने पहली बार महिलाओं को एनडीए में प्रवेश की अनुमति दी थी। 2022 में महिला कैडेट्स का पहला बैच एनडीए में शामिल हुआ, जिसने दो साल की कठिन और अनुशासित ट्रेनिंग पूरी कर ली है।
एक बदलाव की शुरुआत: अब कोई भी सपना छोटा नहीं
इन 17 महिला कैडेट्स की ये उपलब्धि केवल एक अकादमिक डिग्री तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक सामाजिक क्रांति का संकेत है। उन्होंने यह साबित कर दिया कि अब लड़कियों के लिए कोई भी क्षेत्र वर्जित नहीं है—चाहे वो युद्ध का मैदान हो या कमांड की कुर्सी।
पासिंग आउट परेड की तैयारी जोरों पर
अब सबकी नजरें 30 मई को होने वाली पासिंग आउट परेड (POP) पर टिकी हैं, जहां पहली बार महिला कैडेट्स पूरी यूनिफॉर्म में मार्च करती नज़र आएंगी। ये दृश्य केवल गौरव का नहीं, बल्कि बदलाव की गूंज भी होगी।
एनडीए की ये 17 बेटियां न सिर्फ देश का गौरव हैं, बल्कि हर उस लड़की की प्रेरणा हैं जो बड़े सपने देखती है। यह बदलाव की शुरुआत है, और अब पीछे मुड़कर देखने का वक्त नहीं।
