तेहरान से लेकर तेल अवीव तक मिसाइलों की बारिश और दोनों ओर से जवाबी हमलों ने इस जंग को All-Out War बना दिया है। Israel-Iran के बीच छिड़ी सीधी टक्कर अब महज एक सीमित संघर्ष नहीं, बल्कि रणनीतिक और वैश्विक खतरे का रूप ले चुकी है।
🇮🇱 ऑपरेशन Rising Lion: इज़राइल का बड़ा हमला
13 जून को Israel ने “Operation Rising Lion” के तहत ईरान के कई महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाया।
- हमले में परमाणु संयंत्र, मिलिट्री बेस और IRGC हेडक्वार्टर शामिल थे।
- IRGC चीफ हुसैन सलामी और जनरल मोहम्मद बाघेरी जैसे शीर्ष अधिकारी मारे गए।
- रिपोर्ट्स के मुताबिक, 20 से ज्यादा वैज्ञानिक और वरिष्ठ सैन्य अधिकारी भी इस कार्रवाई में मारे गए।
🇮🇷 ईरान की जवाबी कार्रवाई: मिसाइलों से तबाही
14 जून की रात ईरान ने 100+ बैलिस्टिक और हाइपरसोनिक मिसाइलों से इज़राइल के कई शहरों पर हमला किया।
- तेल अवीव, हैफा और यरुशलम को टारगेट किया गया।
- इज़राइली डिफेंस सिस्टम ने कई मिसाइलों को इंटरसेप्ट किया, लेकिन कुछ ने रिहायशी इलाकों को नुकसान पहुंचाया।
- अब तक की जानकारी में 14 इज़राइली नागरिकों की मौत और सैकड़ों घायल होने की पुष्टि हुई है।
आयतुल्ला खामेनेई थे निशाने पर
Israel की एक योजना के तहत ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्ला अली खामेनेई को निशाना बनाने की कोशिश की जा रही थी।
- अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस मिशन पर वीटो लगाकर रोक लगाई।
- इस खुलासे से इज़राइल-अमेरिका के संबंधों पर भी असर पड़ सकता है।
मारा गया ईरान का इंटेलिजेंस चीफ
15 जून कोIsrael के एक हमले में IRGC इंटेलिजेंस चीफ मोहम्मद काज़मी और उनके डिप्टी मारे गए।
- यह हमला ईरान की खुफिया क्षमता के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
- इस हमले को इज़राइल की रणनीतिक सफलता के तौर पर देखा जा रहा है।
अभी क्या स्थिति है?
- दोनों देश अब भी सक्रिय युद्ध स्थिति में हैं।
- ईरान ने दावा किया कि उसने मिसाइलों में नई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जिससे इज़राइली डिफेंस सिस्टम को धोखा मिला।
- इज़राइल की “Iron Dome” और “Arrow” डिफेंस सिस्टम ने कई मिसाइलें इंटरसेप्ट कीं।
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