अमेरिका ने पाकिस्तान समर्थित आतंकवादी संगठन The Resistance Front (TRF) को आधिकारिक रूप से Foreign Terrorist Organisation (FTO) और Specially Designated Global Terrorist (SDGT) घोषित कर दिया है। यह फैसला अप्रैल 2025 में Pahalgam Terror Attack के बाद लिया गया है, जिसमें 26 निर्दोष यात्रियों की जान गई थी। TRF ने इस हमले की जिम्मेदारी ली थी।
TRF पर अमेरिका का एक्शन क्यों?
TRF को आतंकी संगठन घोषित करने का कारण इसका लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से संबंध है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने कहा कि LeT का ही एक फ्रंट ग्रुप है, जिसे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI का समर्थन प्राप्त है। इस संगठन को आतंकी गतिविधियों के लिए बनाया गया था, जिससे आतंकी हमलों को स्थानीय विरोध की तरह दिखाया जा सके।
22 अप्रैल 2025 को हुए Pahalgam Terror Attack में TRF की भूमिका सामने आने के बाद अमेरिका ने इस पर कड़ा एक्शन लिया है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा, “यह कदम आतंक के पीड़ितों को न्याय दिलाने और पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद को वैश्विक मंच पर उजागर करने के लिए लिया गया है।”
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भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने अमेरिका के इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह भारत और अमेरिका के बीच Counter-Terrorism Partnership का मजबूत संकेत है। उन्होंने कहा कि यह वैश्विक मंच पर आतंकवाद के खिलाफ Zero Tolerance Policy की पुष्टि करता है।
भारत पहले ही जनवरी 2023 में TRF को UAPA (Unlawful Activities Prevention Act) के तहत आतंकवादी संगठन घोषित कर चुका है। भारत लगातार United Nations में भी आतंकी संगठन घोषित करवाने की कोशिश कर रहा है।
TRF कौन है? (About The Resistance Front)
TRF की स्थापना 2019 में हुई थी और यह लश्कर-ए-तैयबा का ही एक नया चेहरा माना जाता है। इसका मकसद था आतंकी हमलों को “स्थानीय विरोध” का रूप देना ताकि अंतरराष्ट्रीय दबाव से बचा जा सके।
जम्मू-कश्मीर में कई आतंकी हमलों की जिम्मेदारी ली है – जिनमें 2024 का Reasi Bus Attack और 2025 का Pahalgam Attack प्रमुख हैं। इसके खिलाफ अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कार्रवाई की जा रही है।
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