अमेरिकी ग्लोबल ट्रेडिंग फर्म Jane Street के लिए भारत में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। पहले SEBI ने मार्केट मैनिपुलेशन के आरोपों में कंपनी को बैन किया और अब Income Tax Department ने जांच तेज कर दी है। सूत्रों के मुताबिक, Jane Street भारत की टैक्स जांच में cooperate नहीं कर रही है और इसके सर्वर व अकाउंटिंग रिकॉर्ड्स विदेश में होने से इनकम टैक्स अधिकारियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
Income Tax Investigation Update
- इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने हाल ही में Jane Street और इसके लोकल पार्टनर Nuvama Wealth के मुंबई ऑफिस में survey operation किया।
- टैक्स अधिकारियों का कहना है कि Nuvama पूरी तरह सहयोग कर रही है, लेकिन Jane Street जरूरी डॉक्यूमेंट्स और डेटा देने में टालमटोल कर रही है।
- कंपनी के सर्वर और अकाउंटिंग बुक्स overseas में रखे गए हैं, जिससे जांच प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
- जांच में यह भी देखा जा रहा है कि Jane Street ने Mauritius और Singapore जैसे टैक्स हेवन देशों का इस्तेमाल कर Treaty Shopping तो नहीं की और क्या यह भारत में Permanent Establishment (PE) बनाती है या नहीं।
SEBI Ban और Market Manipulation Case
- 3 जुलाई 2025 को SEBI ने Jane Street पर बैन लगाया, आरोप था कि कंपनी ने January 2023 से March 2025 के बीच Index Options Trading में गड़बड़ी कर लगभग ₹43,289 करोड़ का मुनाफा कमाया।
- SEBI के मुताबिक यह Market Manipulation का मामला है, हालांकि Jane Street का कहना है कि यह पूरी तरह legitimate Index Arbitrage था और आरोप “बेहद गलत” हैं।
- SEBI ने कंपनी के अवैध मुनाफे को जब्त करने का आदेश जारी किया।
Escrow Deposit और Trading Permission
- SEBI के आदेश का पालन करते हुए Jane Street ने लगभग ₹4,844 करोड़ का डिपॉजिट Escrow Account में जमा किया।
- इसके बाद SEBI ने कुछ शर्तों के साथ कंपनी को दोबारा Trading Permission दी, हालांकि निगरानी कड़ी रहेगी।
- Jane Street ने कहा है कि वह इस आदेश को Legal Challenge करेगी।
Market Impact और Nuvama पर असर
- Jane Street की ट्रेडिंग रुकने से भारत के Options Market में वॉल्यूम्स में गिरावट आई थी, लेकिन उम्मीद है कि आने वाले समय में सुधार होगा।
- नुवामा वेल्थ के शेयरों में टैक्स सर्वे के बाद लगभग 4% की गिरावट देखी गई।
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