ट्रंप का Trade War
अमेरिका और भारत के बीच Trade War तेज हो गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 25% टैरिफ लगाने का ऐलान किया और चेतावनी दी कि अगर भारत ने रूस से तेल और हथियारों की खरीद बंद नहीं की तो 100% तक सेकेंडरी टैरिफ लगाया जाएगा। ट्रंप ने भारत पर आरोप लगाया कि वह रूस से सस्ता तेल खरीदकर मुनाफा कमा रहा है और कहा कि “भारत और रूस अपनी ‘डेड इकॉनॉमीज’ को साथ में नीचे ले जा सकते हैं।”
भारत का कड़ा जवाब
भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने इसे अनुचित और गैर-तर्कसंगत कदम बताया। भारत का कहना है कि रूस से तेल और डिफेंस डील्स बाजार की जरूरत हैं, राजनीतिक समर्थन नहीं। MEA ने यह भी कहा कि अमेरिका और यूरोप भी रूस से बड़ा व्यापार कर रहे हैं, जिसमें यूरेनियम और LNG जैसे प्रोडक्ट शामिल हैं।
भारत ने चेतावनी दी कि वह अपने राष्ट्रीय हितों (National Interests) और आर्थिक सुरक्षा (Economic Security) के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा।
मार्केट और इकॉनमी पर असर
- तेल आयात: भारत का करीब 40% क्रूड ऑयल रूस से आता है। टैरिफ बढ़ने से तेल की कीमतें और महंगाई बढ़ सकती है।
- स्टॉक मार्केट क्रैश: ट्रंप के ऐलान के बाद सेंसेक्स 400+ अंक गिरा, निफ्टी 24,650 से नीचे पहुंचा।
- तेल कंपनियां: एक्सपर्ट्स का कहना है कि फिलहाल इसका बड़ा असर नहीं होगा क्योंकि भारत पहले ही रूस से इंपोर्ट कम कर रहा है।
- भू-राजनीतिक तनाव: यह विवाद सिर्फ तेल नहीं बल्कि डिफेंस डील्स, अमेरिकी कृषि मार्केट एक्सेस और ग्लोबल पॉलिटिक्स से जुड़ा है।
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