कांग्रेस लीडर राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के भारतीय सेना (Indian Army) को लेकर दिए गए बयान ने सियासी बवाल खड़ा कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट से लेकर बीजेपी (BJP) और कांग्रेस (Congress) तक पूरे राजनीतिक गलियारों में इस मुद्दे पर गरमा-गरमी है। सुप्रीम कोर्ट ने जहां राहुल गांधी को कड़ी फटकार लगाई है, वहीं बीजेपी इसे राष्ट्रविरोधी बयान बता रही है।
विवाद की शुरुआत
दिसंबर 2022 में भारत जोड़ो यात्रा (Bharat Jodo Yatra) के दौरान Rahul Gandhi ने कहा था कि चीन की सेना अरुणाचल प्रदेश में भारतीय जवानों की पिटाई कर रही है और लगभग 2,000 वर्ग किलोमीटर जमीन कब्जा कर चुकी है। फरवरी 2025 में इस बयान पर एक मानहानि याचिका दर्ज हुई।
- लखनऊ MP-MLA कोर्ट ने राहुल गांधी को समन भेजा
- 15 जुलाई 2025 को उन्हें जमानत मिली
- अगली सुनवाई 13 अगस्त 2025 को होगी
सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी
4 अगस्त 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने केस की सुनवाई करते हुए कहा – “एक True Indian ऐसा बयान नहीं देगा।” कोर्ट ने सवाल उठाया कि राहुल गांधी बिना सबूत चीन द्वारा जमीन कब्जाने का दावा कैसे कर सकते हैं और क्यों संसद की बजाय सोशल मीडिया पर ऐसा बयान दिया।
हालांकि कोर्ट ने इस मामले में आगे की कार्यवाही पर इंटरिम स्टे लगा दी।
BJP का अटैक
बीजेपी लीडर्स का कहना है कि राहुल गांधी लगातार भारतीय सेना का अपमान कर रहे हैं।
- बीजेपी प्रवक्ता गौरव भाटिया और बी. एल. संतोष ने इसे राष्ट्रविरोधी बयान बताया
- नागपुर के नेता चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा, “राहुल गांधी ने पॉलिटिकल प्लॉट खो दिया है।”
कांग्रेस का पलटवार
राहुल गांधी की बहन प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि उनके भाई ने कभी सेना का अपमान नहीं किया और बीजेपी यह तय नहीं कर सकती कि कौन सच्चा भारतीय है।
कांग्रेस ने मोदी सरकार पर “DDLJ – Deny, Distract, Lie & Justify” का आरोप लगाया और कहा कि चीन की घुसपैठ पर सरकार सच्चाई छुपा रही है।
साध्वी प्रज्ञा ठाकुर का जिक्र
हाल ही में साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को 2008 मालेगांव ब्लास्ट केस में बरी किया गया है। बीजेपी का आरोप है कि कांग्रेस ने हिंदुत्व नेताओं को झूठे मामलों में फंसाया।
महाराष्ट्र CM एकनाथ शिंदे ने भी राहुल गांधी को पाकिस्तान की भाषा बोलने वाला बताया।
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