इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन International Air Transport Association(IATA) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार एशिया-पैसिफिक क्षेत्र में हवाई यात्रा की मांग तेजी से बढ़ रही है, और इसमें भारत एक प्रमुख भूमिका निभा रहा है।
रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि साल 2044 तक इस क्षेत्र में हवाई यात्रियों की संख्या 4.1 अरब तक पहुंच सकती है।
कितनी तेजी से बढ़ेगा एयर ट्रैफिक?
IATA के मुताबिक:
- 2024 में यात्रियों की संख्या: 1.7 अरब
- 2044 तक अनुमानित संख्या: 4.1 अरब
- यानी करीब 2.4 अरब अतिरिक्त यात्री
यह आंकड़ा दर्शाता है कि आने वाले दो दशकों में एशिया-पैसिफिक दुनिया के सबसे बड़े एविएशन बाजारों में से एक बन जाएगा।
भारत की भूमिका क्यों अहम है?
IATA के एशिया-पैसिफिक रीजनल वाइस प्रेसिडेंट शेल्डन ही के अनुसार, भारत पिछले कई वर्षों से इस ग्रोथ स्टोरी का एक मजबूत हिस्सा रहा है।
भारत को दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते घरेलू सिविल एविएशन बाजारों में से एक माना जा रहा है, जहां एयर ट्रैफिक लगातार बढ़ रहा है।
क्या हैं बड़ी चुनौतियां?
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि तेज ग्रोथ के साथ कुछ चुनौतियां भी सामने आ रही हैं, जैसे:
- इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी
- टैक्स से जुड़ी समस्याएं
- जरूरत से ज्यादा रेगुलेशन
- सस्टेनेबल ग्रोथ बनाए रखना
