7–8 सितंबर 2025 की रात भारत समेत पूरी दुनिया ने एक अनोखा खगोलीय नजारा देखा। यह साल का आखिरी चंद्र ग्रहण (Chandra Grahan 2025) था, जिसने चांद को खूबसूरत ब्लड मून (Blood Moon) में बदल दिया। वैज्ञानिकों से लेकर ज्योतिषाचार्यों तक, सभी की नजरें इस ग्रहण पर टिकी रहीं।
कितनी देर चला Chandra Grahan 2025?
इस पूर्ण चंद्र ग्रहण की कुल अवधि करीब 3 घंटे 27 मिनट रही। वहीं ब्लड मून यानी लाल चांद का खास चरण लगभग 82 मिनट तक नजर आया।
भारत में ग्रहण का प्रारंभ रात 11:01 बजे हुआ और पूर्ण चरण 12:23 बजे समाप्त हुआ।
कहां-कहां दिखा Lunar Eclipse?
यह ग्रहण एशिया, यूरोप, अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बड़े हिस्सों से दिखाई दिया। भारत के तमिलनाडु से लेकर कश्मीर तक लाखों लोग इसे देखने जुटे। वहीं, रूस, जर्मनी, इज़राइल और मिस्र जैसे देशों से भी शानदार तस्वीरें और वीडियो सामने आए।
ब्लड मून क्यों होता है?
जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है तो सूर्य की सीधी रोशनी चांद तक नहीं पहुंच पाती। पृथ्वी का वायुमंडल नीली रोशनी को रोक देता है और लाल किरणें चांद पर पड़ती हैं। इसी कारण ग्रहण के दौरान चंद्रमा लाल या नारंगी रंग का दिखाई देता है, जिसे Blood Moon कहा जाता है।
धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व
भारतीय परंपरा में चंद्र ग्रहण को खास धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व दिया गया है।
- ग्रहण से पहले और दौरान सूतक काल मान्य रहता है, जिसमें पूजा-पाठ, भोजन और शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
- इस समय मंत्र जाप, ध्यान और दान करने का महत्व है।
- गर्भवती महिलाओं को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी जाती है।
- ज्योतिषियों के अनुसार, यह ग्रहण वृषभ, कन्या और सिंह राशि वालों के लिए शुभ रहा, जबकि अन्य राशियों को सावधान रहने की आवश्यकता है।
अगला चंद्र ग्रहण कब होगा?
खगोलविदों के अनुसार, अब इस तरह का अगला पूर्ण चंद्र ग्रहण 31 दिसंबर 2028 को दिखाई देगा। यानी तीन साल तक ऐसा अद्भुत “ब्लड मून” नजारा नहीं मिलेगा।
Chandra Grahan 2025 ने विज्ञान और अध्यात्म दोनों दृष्टिकोण से लोगों को रोमांचित किया। जहां वैज्ञानिकों ने इसे अद्भुत प्राकृतिक घटना बताया, वहीं धार्मिक मान्यताओं में इसे साधना और ध्यान का समय माना गया। भारत समेत पूरी दुनिया में लाखों लोगों ने इस Lunar Eclipse का आनंद लिया और इसे यादगार बना लिया।
हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!


