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जबलपुर ऑर्डिनेंस फैक्ट्री में रशियन महिलाओं का डांस वीडियो वायरल, विश्वकर्मा जयंती के आयोजन पर बवाल

Table of Content

जबलपुर की केंद्रीय सुरक्षा संस्थान ऑर्डिनेंस फैक्ट्री खमरिया से एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में रशियन महिलाएं और कुछ कर्मचारी फैक्ट्री परिसर में फिल्मी गानों पर डांस करते नजर आ रहे हैं।
यह वीडियो 17 सितंबर का बताया जा रहा है, जब फैक्ट्री में विश्वकर्मा जयंती का आयोजन किया गया था।

पूजा के बाद हुआ डांस

जानकारी के मुताबिक, विश्वकर्मा जयंती के मौके पर फैक्ट्री के A-1 सेक्शन में पूजा का आयोजन हुआ था। पूजा के बाद कर्मचारियों ने म्यूजिक सिस्टम पर फिल्मी गाने चलाए, और वहां मौजूद रशियन महिलाएं व कुछ भारतीय कर्मचारी ‘प्यार करने वाले प्यार करते हैं शान से’ गाने पर डांस करते दिखाई दिए।

वीडियो अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।

हिंदू संगठन ने जताई आपत्ति

हिंदू सेवा परिषद ने इस वीडियो पर कड़ा ऐतराज जताया है।
प्रदेश अध्यक्ष अतुल जैसवानी ने कहा –

“एक रक्षा संस्थान में सनातन धर्म के त्योहार के दिन इस तरह फिल्मी गानों पर ठुमके लगाना अशोभनीय है। यह सनातन परंपरा का अपमान है, इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”

उन्होंने बताया कि परिषद का प्रतिनिधिमंडल जल्द ही रक्षा अधिकारियों से भेंट कर आपत्ति दर्ज कराएगा।

पूर्व कर्मचारियों ने कहा – पुरानी परंपरा है

वहीं, फैक्ट्री के पूर्व कर्मचारी और जेसीओ सदस्य अरुण दुबे ने इस विवाद को अनावश्यक बताया।
उन्होंने कहा कि विश्वकर्मा जयंती पर फैक्ट्री में पूजा और झांकी सजाने की परंपरा अंग्रेजों के समय से चली आ रही है।

“इस दिन औजारों का उपयोग नहीं किया जाता। कर्मचारी कुछ देर के लिए आपस में खुशी मनाते हैं।
उसी दौरान रूस से आई महिला ट्रेनर्स ने कर्मचारियों के साथ थोड़ी देर डांस किया, लेकिन इसे गलत अर्थ में लिया जा रहा है।”

वीडियो बनाकर किया गया वायर

अरुण दुबे ने बताया कि यह वीडियो फैक्ट्री के ही एक कर्मचारी ने मोबाइल से बनाकर वायरल कर दिया।
अब फैक्ट्री प्रबंधन ने इसकी जांच शुरू कर दी है।

अधिक जानकारी और अपडेट्स के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com

Muskan Negi

muskannegi1302@gmail.com

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Monsoon

Monsoon Update: बिहार में Flood का खतरा बढ़ा, 8 नदियां उफान पर; UP और Uttarakhand भी बेहाल

मानसून (Monsoon) की बारिश ने एक बार फिर देश के कई हिस्सों में लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। बिहार में नदियों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का संकट गहराता जा रहा है। कई इलाकों में पानी घरों और सड़कों तक पहुंच गया है। वहीं उत्तर प्रदेश में भारी बारिश और जलभराव को देखते हुए कुछ जिलों में स्कूल बंद करने का फैसला लिया गया है। उत्तराखंड में बारिश के बीच Landslide ने पहाड़ी इलाकों की चिंता बढ़ा दी है। दूसरी तरफ मध्य प्रदेश में फिलहाल बारिश की रफ्तार कुछ धीमी पड़ी है। बिहार में नदियों ने बढ़ाई चिंता बिहार में गंगा, कोसी, गंडक समेत कई नदियों का जलस्तर लगातार ऊपर जा रहा है। कई जगहों पर नदियां खतरे के निशान के आसपास या उससे ऊपर बह रही हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक करीब 8 नदियों में उफान की स्थिति बनी हुई है। नदी का पानी बढ़ने का सबसे ज्यादा असर निचले इलाकों में दिखाई दे रहा है। गांवों में रहने वाले लोगों को रोजमर्रा के काम के लिए भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। खेतों में पानी भरने से फसल को नुकसान की आशंका है, जबकि कई ग्रामीण इलाकों का सड़क संपर्क भी प्रभावित हुआ है। पटना, भागलपुर, मुंगेर, वैशाली सहित कई जिलों में प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है। 14 जिलों में Flood का असर बिहार में बाढ़ की स्थिति कई जिलों तक फैल चुकी है। करीब 14 जिलों में बाढ़ का असर बताया जा रहा है। बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हैं और कई परिवारों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है। प्रशासन की ओर से राहत शिविर बनाए गए हैं। जरूरत वाले इलाकों में नावों के जरिए लोगों तक मदद पहुंचाई जा रही है। NDRF और SDRF की टीमें भी राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं। बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए सबसे बड़ी चिंता आने वाले दिनों में नदी के जलस्तर को लेकर है। अगर जलस्तर और बढ़ता है तो निचले इलाकों में स्थिति और मुश्किल हो सकती है। UP में बारिश के बाद School बंद उत्तर प्रदेश में भी बारिश और बाढ़ का असर कई इलाकों में देखने को मिल रहा है। जलभराव और खराब मौसम को देखते हुए कुछ जिलों में स्कूलों को बंद रखने का फैसला किया गया है। स्थानीय प्रशासन की ओर से स्थिति के अनुसार स्कूलों की छुट्टी का आदेश जारी किया जा रहा है। इसलिए किसी एक जिले में स्कूल बंद होने का मतलब पूरे उत्तर प्रदेश में स्कूल बंद होना नहीं है। कई जगह सड़कों पर पानी जमा होने और नदी के बढ़ते जलस्तर ने लोगों की आवाजाही को प्रभावित किया है। प्रशासन की टीमें संवेदनशील इलाकों में राहत कार्यों पर नजर रख रही हैं। Uttarakhand में Landslide से बढ़ी परेशानी पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में बारिश के साथ Landslide का खतरा बना हुआ है। पौड़ी समेत कई पहाड़ी इलाकों में बारिश के कारण पहाड़ों से मलबा आने की घटनाएं सामने आई हैं। बारिश के दौरान पहाड़ी सड़कों पर सफर करना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। सड़क पर मलबा आने से यातायात प्रभावित हो सकता है। ऐसे में प्रशासन की ओर से संवेदनशील मार्गों पर निगरानी बढ़ाई जा रही है। स्थानीय लोगों और यात्रियों को मौसम खराब होने पर गैर-जरूरी यात्रा से बचने तथा प्रशासन की Advisory पर ध्यान देने की सलाह दी जा रही है। MP में बारिश से मिली थोड़ी राहत मध्य प्रदेश में फिलहाल बारिश का जोर कुछ कम हुआ है। पिछले दिनों कई हिस्सों में लगातार बारिश के बाद अब मौसम में थोड़ी राहत देखने को मिल रही है। हालांकि राज्य के कुछ इलाकों में बारिश का दौर पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। मौसम में बदलाव को देखते हुए नदी, नाले और जलाशयों के आसपास रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। मानसून ने कई राज्यों की बढ़ाई मुश्किल देश के अलग-अलग हिस्सों में मानसून का असर अलग नजर आ रहा है। बिहार में Flood ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है, उत्तर प्रदेश में बारिश और जलभराव के कारण स्कूलों पर असर पड़ा है, जबकि उत्तराखंड में Landslide का खतरा बना हुआ है। मध्य प्रदेश में फिलहाल बारिश की रफ्तार कुछ कम जरूर हुई है। बिहार और उत्तर प्रदेश के बाढ़ प्रभावित इलाकों में प्रशासन की चुनौती लोगों को सुरक्षित रखना और राहत सामग्री समय पर पहुंचाना है। आने वाले दिनों में नदियों के जलस्तर और मौसम की स्थिति पर सभी की नजर रहेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Satya Niketan

Satya Niketan PG Collapse: लीज वाले PG Operator की गिरफ्तारी, 5 आरोपी Police की गिरफ्त में

दिल्ली के सत्य निकेतन में हुए दर्दनाक Satya Niketan PG Building Collapse के बाद पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई लगातार आगे बढ़ रही है। हादसे में सात लोगों की मौत के बाद अब पुलिस ने उस PG संचालक को भी गिरफ्तार कर लिया है, जिसने हादसे वाली बिल्डिंग लीज पर ली थी। इस गिरफ्तारी के साथ मामले में अब तक पांच लोगों को पकड़ा जा चुका है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर जिस इमारत में छात्र रह रहे थे, उसकी हालत इतनी खराब होने के बावजूद वहां PG का संचालन कैसे होता रहा। हादसे से पहले बिल्डिंग में चल रहे निर्माण और मरम्मत के काम को लेकर भी कई सवाल सामने आए हैं। लीज पर लेकर चला रहा था PG जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार PG संचालक सुधांशु अपने पार्टनर शुभम त्यागी के साथ मिलकर ‘Hostel Days’ नाम से PG चला रहा था। दोनों ने यह इमारत लीज पर ली थी। पुलिस के मुताबिक शुभम त्यागी अभी फरार है और उसकी तलाश की जा रही है। हादसे के बाद जांच एजेंसियां बिल्डिंग के निर्माण, मरम्मत, स्ट्रक्चरल स्थिति और PG संचालन से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच कर रही हैं। अधिकारियों की कोशिश यह समझने की है कि हादसे के पीछे लापरवाही की कितनी बड़ी भूमिका रही। 27 घंटे तक चला Rescue Operation इमारत गिरने के बाद मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए राहत और बचाव टीमों ने लंबे समय तक काम किया। करीब 27 घंटे चले Rescue Operation के दौरान मलबे को सावधानी से हटाया गया। हादसे में सात लोगों की जान चली गई। घटना के बाद इलाके में रहने वाले छात्रों और उनके परिवारों के बीच भी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। MCD के अधिकारियों पर भी कार्रवाई हादसे के बाद सिर्फ PG संचालकों पर ही सवाल नहीं उठे, बल्कि सरकारी निगरानी व्यवस्था भी जांच के घेरे में आ गई। दिल्ली नगर निगम ने दक्षिण जोन के पांच अधिकारियों को निलंबित किया है। अब यह जांच की जा रही है कि इमारत की स्थिति और वहां चल रहे निर्माण कार्यों की जानकारी संबंधित विभागों को थी या नहीं। अगर नियमों का उल्लंघन हुआ था तो समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की गई, यह भी जांच का अहम हिस्सा है। जर्जर इमारतों पर शुरू हुआ Bulldozer Action सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली में जर्जर और अवैध निर्माण वाली इमारतों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी गई है। MCD ने कई ऐसी संपत्तियों को निशाने पर लिया है, जिनकी स्थिति लोगों के लिए खतरा मानी जा रही है। रिपोर्टों के मुताबिक कार्रवाई के दौरान 17 इमारतों को गिराया गया और पांच संपत्तियों को सील किया गया। प्रशासन का कहना है कि खतरनाक इमारतों की पहचान कर जरूरी कदम उठाए जाएंगे। इस कार्रवाई का मकसद सिर्फ हादसे के बाद प्रतिक्रिया देना नहीं, बल्कि उन इमारतों की पहले से पहचान करना है जो भविष्य में बड़ा खतरा बन सकती हैं। Delhi PG System पर उठे गंभीर सवाल सत्य निकेतन की घटना ने दिल्ली के PG और निजी हॉस्टल सिस्टम पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। पढ़ाई और नौकरी की तैयारी के लिए देशभर से दिल्ली आने वाले युवा बड़ी संख्या में PG में रहते हैं। ऐसे में सिर्फ कमरा और किराया देखना पर्याप्त नहीं है। बिल्डिंग की मजबूती, Fire Safety और जरूरी मंजूरियां भी उतनी ही महत्वपूर्ण हैं। हादसे के बाद दिल्ली सरकार PG और निजी हॉस्टलों के लिए नियमों को ज्यादा सख्त करने की दिशा में काम कर रही है। प्रस्तावित व्यवस्था में लाइसेंस, Police Verification, Structural Safety और Fire Safety जैसे पहलुओं को शामिल किया जा सकता है। आगे क्या होगा? अब पुलिस की जांच के साथ प्रशासन की कार्रवाई भी अहम होगी। एक तरफ हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों की भूमिका तय की जा रही है, वहीं दूसरी ओर दिल्ली में दूसरी जर्जर इमारतों की पहचान का काम भी शुरू हो गया है। सत्य निकेतन हादसे ने यह सवाल जरूर सामने ला दिया है कि किसी इमारत में लोगों को रहने की अनुमति देने से पहले उसकी सुरक्षा की जांच कितनी गंभीरता से की जाती है। अब जरूरत सिर्फ कार्रवाई की नहीं, बल्कि ऐसी व्यवस्था बनाने की है जिससे किसी परिवार को दोबारा इसी तरह के हादसे का दर्द न झेलना पड़े। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Sugar

Sugar Rate Hike: त्योहारों से पहले चीनी के दाम बढ़े, Blinkit-Swiggy पर खरीदना हुआ Limited

चीनी (Sugar), जो हर घर की रसोई की रोजमर्रा की जरूरत है, इन दिनों लोगों की जेब पर भारी पड़ रही है। पिछले कुछ हफ्तों में चीनी के दाम तेजी से बढ़े हैं। इसी बीच Blinkit, Swiggy Instamart, BigBasket और D-Mart जैसे रिटेल और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर चीनी की खरीद को लेकर लिमिट लगाई गई है। कई जगहों पर ग्राहक एक बार में 3 से 5 किलो तक ही चीनी खरीद पा रहे हैं। यानी अगर घर में ज्यादा मात्रा में चीनी खरीदने की जरूरत है, तो एक साथ बड़ी खरीदारी करना अब आसान नहीं है। Sugar Price: एक महीने में तेजी से बढ़े दाम Sugar की कीमतों में हालिया तेजी ने आम परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में चीनी की औसत खुदरा कीमत करीब ₹48 प्रति किलो के आसपास थी, जो अगस्त में बढ़कर ₹55 से ऊपर पहुंच गई। इसके बाद कुछ बाजारों में कीमतें और ऊपर गई हैं। शहर और बाजार के हिसाब से कीमतों में अंतर जरूर है, लेकिन जिस रफ्तार से दाम बढ़े हैं, उसका असर घर के मासिक बजट पर साफ दिखाई दे रहा है। Online Grocery पर क्यों लगाई गई खरीद Limit? Blinkit और Swiggy Instamart जैसे क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर खरीदारी की लिमिट लगाए जाने के पीछे मुख्य वजह उपलब्ध स्टॉक को संतुलित रखना मानी जा रही है। त्योहारी सीजन में चीनी की मांग अचानक बढ़ जाती है। मिठाइयों से लेकर घर में बनने वाले पकवानों तक, इस दौरान चीनी की खपत सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाती है। ऐसे में कंपनियां ज्यादा मात्रा में खरीदारी को रोककर स्टॉक को ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, यह लिमिट हर जगह एक जैसी नहीं है। कुछ स्थानों पर 5 किलो तक की खरीद की अनुमति है, जबकि कुछ जगहों पर इससे कम मात्रा की सीमा दिखाई दे रही है। चीनी महंगी होने की क्या है वजह? चीनी के दाम बढ़ने के पीछे कई कारण सामने आ रहे हैं। घरेलू उत्पादन में कमी, मौसम से जुड़ी परेशानियां, बढ़ती मांग और बाजार में स्टॉक को लेकर गतिविधियां कीमतों पर दबाव बना रही हैं। त्योहारी सीजन भी इस समय एक बड़ा फैक्टर है। रक्षाबंधन के बाद अब आने वाले त्योहारों में मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने की उम्मीद है। इसका सीधा असर चीनी की खपत पर पड़ सकता है। सरकार ने Duty-Free Sugar Import को दी मंजूरी बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने और घरेलू बाजार में सप्लाई बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के Duty-Free Import की अनुमति दी है। सरकार का लक्ष्य बाजार में पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना और कीमतों पर दबाव कम करना है। इसके अलावा बड़े थोक खरीदारों के लिए चीनी का स्टॉक रखने की सीमा में भी बदलाव किया गया है। इससे बाजार में जरूरत से ज्यादा चीनी जमा करने की गतिविधियों पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है। आम लोगों के लिए क्या मतलब? फिलहाल इसका सबसे सीधा असर उन परिवारों पर पड़ रहा है, जो महीने का राशन एक साथ खरीदते हैं। जहां दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खरीद सीमा लागू है, वहां लोगों को जरूरत के हिसाब से छोटी मात्रा में चीनी खरीदनी पड़ सकती है। दूसरी तरफ, सरकार की ओर से सप्लाई बढ़ाने के कदमों के बाद बाजार में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। अगर नई चीनी समय पर बाजार में पहुंचती है और त्योहारी मांग के मुताबिक स्टॉक उपलब्ध रहता है, तो कीमतों में आगे राहत मिल सकती है। Sugar Price पर आगे रहेगी नजर चीनी के बढ़ते दाम इस समय सिर्फ घरेलू बजट का मुद्दा नहीं हैं, बल्कि आने वाले त्योहारी सीजन के लिए भी अहम हैं। सरकार, मिलों और रिटेल कंपनियों के फैसलों पर अब बाजार की नजर रहेगी। फिलहाल ग्राहकों के लिए बेहतर यही है कि जरूरत के मुताबिक ही खरीदारी करें और अलग-अलग दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर कीमतों की तुलना कर लें। आने वाले दिनों में सप्लाई की स्थिति साफ होने के साथ चीनी के दाम में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
Gold-Silver

Gold-Silver Price: त्योहार से पहले मिली राहत, सोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावट

Gold-Silver Price Today: रक्षाबंधन की खरीदारी के बीच सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए बाजार से राहत वाली खबर आई है। 27 अगस्त 2026 को सोने और चांदी दोनों के भाव में गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम सस्ता होकर ₹1,58,477 पर आ गया। वहीं, 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 घटकर करीब ₹2,40,168 रह गया। त्योहार से ठीक पहले कीमतों में आई इस कमी से उन लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है, जो राखी के मौके पर बहन या परिवार के लिए सोने-चांदी की ज्वेलरी खरीदने का मन बना रहे हैं। Gold Price Today: सोने के भाव में ₹2,860 की गिरावट 27 अगस्त को 24 कैरेट सोने की कीमत में अच्छी-खासी गिरावट देखने को मिली। IBJA आधारित आंकड़ों के अनुसार, सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम टूटकर ₹1,58,477 पर पहुंच गया। वहीं, 23 कैरेट सोना करीब ₹1,57,842, 22 कैरेट सोना लगभग ₹1,45,165 और 18 कैरेट सोना करीब ₹1,18,858 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर रहा। हालांकि, यहां एक बात ध्यान रखना जरूरी है कि शहर और ज्वेलर के हिसाब से Gold Rate थोड़ा अलग हो सकता है। ज्वेलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज और दूसरे शुल्क भी जुड़ते हैं। Silver Price Today: चांदी भी हुई ₹2,791 सस्ती सोने के साथ चांदी की कीमत में भी गिरावट आई है। 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 कम होकर करीब ₹2,40,168 पर आ गया। चांदी में पिछले दिनों तेजी देखने को मिली थी, इसलिए मौजूदा गिरावट के बावजूद इसका भाव काफी ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। त्योहारों और शादी-ब्याह के सीजन में चांदी की मांग बढ़ने से इसकी कीमत पर भी असर पड़ सकता है। Raksha Bandhan से पहले क्यों खास है Gold-Silver Price? रक्षाबंधन के मौके पर लोग सिर्फ राखी और मिठाई ही नहीं खरीदते, बल्कि कई परिवार इस दिन सोने या चांदी की छोटी ज्वेलरी खरीदना भी पसंद करते हैं। ऐसे में त्योहार से एक दिन पहले Gold और Silver के दाम में आई गिरावट खरीदारों के लिए अच्छी खबर मानी जा रही है। अगर आप भी खरीदारी की तैयारी कर रहे हैं तो बाजार में जाने से पहले अपने शहर का ताजा रेट जरूर देख लें। ऑनलाइन दिखने वाला IBJA या बुलियन रेट और ज्वेलरी शॉप का अंतिम बिल एक जैसा होना जरूरी नहीं है। सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान सोने की ज्वेलरी खरीदते समय केवल Gold Rate देखना काफी नहीं है। बिल बनते समय मेकिंग चार्ज, GST और अन्य शुल्क जुड़ सकते हैं। इसलिए खरीदारी से पहले ज्वेलर से पूरी कीमत का ब्रेकअप मांगना बेहतर रहेगा। साथ ही, सोने की शुद्धता के लिए BIS Hallmark जरूर जांचें। इससे आपको खरीदे जा रहे सोने की शुद्धता के बारे में भरोसा मिलता है। आगे क्या हो सकता है Gold और Silver का भाव? सोने और चांदी की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल, ब्याज दरों की उम्मीद और निवेशकों की खरीदारी जैसे कई फैक्टर कीमती धातुओं के भाव को प्रभावित करते हैं। इसलिए आज आई गिरावट को देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि आने वाले दिनों में कीमतें लगातार नीचे जाएंगी। बाजार की चाल बदलने में ज्यादा समय नहीं लगता। Gold-Silver Price Today का सीधा अपडेट रक्षाबंधन से पहले 24 कैरेट Gold करीब ₹2,860 सस्ता होकर ₹1,58,477 प्रति 10 ग्राम और Silver करीब ₹2,791 गिरकर ₹2,40,168 प्रति किलो पर आ गई है। अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने जा रहे हैं, तो अंतिम खरीदारी से पहले अपने स्थानीय बाजार का लेटेस्ट रेट जरूर जांचें।
Raksha Bandhan

Raksha Bandhan 2026: राखी बांधने से पहले जान लें Bhadra का समय, ये है शुभ Muhurat

Raksha Bandhan 2026: भाई-बहन के रिश्ते में प्यार, अपनापन और थोड़ी-सी नोकझोंक हमेशा बनी रहती है। इन्हीं खूबसूरत रिश्तों को सेलिब्रेट करने वाला रक्षाबंधन इस बार 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। राखी को लेकर इस बार एक सवाल काफी लोगों के मन में है—27 अगस्त या 28 अगस्त, आखिर किस दिन भाई की कलाई पर राखी बांधना शुभ रहेगा? पंचांग के अनुसार सावन पूर्णिमा 27 अगस्त की सुबह शुरू होगी और 28 अगस्त की सुबह तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर रक्षाबंधन 28 अगस्त को मनाया जाएगा। Raksha Bandhan 2026 Date: 27 या 28 अगस्त? रक्षाबंधन सावन मास की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है। इस साल पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे के बाद शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे तक रहेगी। चूंकि 28 अगस्त को सूर्योदय के समय पूर्णिमा तिथि मौजूद रहेगी, इसलिए इसी दिन रक्षाबंधन मनाने की परंपरा रहेगी। यानी बहनें 28 अगस्त को भाई की कलाई पर राखी बांध सकती हैं। Rakhi Shubh Muhurat 2026: इस समय बांधें राखी 28 अगस्त को राखी बांधने के लिए सुबह का समय शुभ माना जा रहा है। उपलब्ध पंचांग गणना के अनुसार सुबह करीब 5:57 बजे से 9:48 बजे तक राखी बांधने का समय बताया गया है। हालांकि, शुभ मुहूर्त में शहर के सूर्योदय और स्थानीय पंचांग के अनुसार थोड़ा अंतर हो सकता है। इसलिए अगर आप किसी खास शहर में हैं, तो वहां के पंचांग से समय जरूर मिला लें। Bhadra Kaal: इस बार नहीं होगी बड़ी परेशानी रक्षाबंधन पर भद्रा का विशेष ध्यान रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भद्रा के दौरान राखी बांधना शुभ नहीं माना जाता। यही वजह है कि हर साल राखी बांधने से पहले लोग भद्रा समाप्त होने का इंतजार करते हैं। इस बार राहत की बात यह है कि 28 अगस्त को राखी बांधने के प्रमुख समय में भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा। ऐसे में बहनों को राखी बांधने के लिए भद्रा खत्म होने का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। Raksha Bandhan 2026: एक नजर में पूरी जानकारी जानकारी विवरण रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026, शुक्रवार पर्व सावन पूर्णिमा पूर्णिमा शुरुआत 27 अगस्त की सुबह पूर्णिमा समाप्त 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे राखी बांधने का शुभ समय सुबह करीब 5:57 से 9:48 बजे तक भद्रा 28 अगस्त के प्रमुख राखी मुहूर्त में नहीं Rakhi बांधने की पूजा विधि रक्षाबंधन के दिन सुबह स्नान करके भगवान का ध्यान करें और पूजा की तैयारी करें। राखी की थाली में रोली या कुमकुम, अक्षत, दीपक, फूल, मिठाई और राखी रखें। भाई को आसन पर बैठाकर पहले तिलक लगाएं। इसके बाद अक्षत लगाकर आरती करें और शुभ मुहूर्त में उसकी कलाई पर राखी बांधें। फिर मिठाई खिलाकर भाई के सुखी और खुशहाल जीवन की कामना करें। भाई भी बहन को प्यार और सम्मान के साथ उपहार देता है और हर परिस्थिति में उसके साथ खड़े रहने का संकल्प करता है। Raksha Bandhan का असली मतलब क्या है? राखी का धागा देखने में भले ही छोटा हो, लेकिन इसके पीछे छिपी भावना बहुत बड़ी है। बचपन में एक-दूसरे से लड़ने वाले भाई-बहन जब बड़े होते हैं तो यही रिश्ता सबसे मजबूत सहारा बन जाता है। रक्षाबंधन इसी भरोसे और अपनापन को फिर से महसूस करने का दिन है। इसलिए इस बार राखी बांधते समय सिर्फ मुहूर्त ही नहीं, बल्कि उस रिश्ते की मिठास को भी याद रखें, जो जिंदगी के हर पड़ाव पर साथ चलती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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