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खंडवा में बरसाती नाले पर बने चार रास्तों पर चला बुलडोजर, जुम्मे की नमाज के दौरान हुई कार्रवाई पर उठे सवाल

खंडवा शहर में शुक्रवार को नगर निगम और प्रशासन ने बरसाती नाले पर बने चार अवैध रास्तों को हटाने की कार्रवाई की। बुलडोजर की मदद से इन रास्तों को तोड़ा गया। इनमें दो रास्तों पर रहवासियों द्वारा पाइप डालकर मार्ग बनाया गया था, जबकि एक पक्की पुलिया नगर निगम की ओर से बनाई गई थी। कार्रवाई ऐसे समय की गई, जब बड़ी संख्या में लोग जुम्मे की नमाज में शामिल थे। कार्रवाई पर दोनों समुदायों ने जताई आपत्ति स्थानीय लोगों के अनुसार, कार्रवाई से पहले हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के लोगों ने प्रशासन से शिकायत कर इस कार्रवाई पर आपत्ति जताई थी। उनका कहना था कि इन रास्तों का इस्तेमाल रोजमर्रा की आवाजाही के लिए किया जाता था। रहवासियों ने लगाए राजनीतिक कारणों के आरोप स्थानीय लोगों और कुछ जानकारों का दावा है कि यह मामला राजनीति और रियल एस्टेट से जुड़ा हो सकता है। शहर के वीआईपी माने जाने वाले बड़गांव भीला रोड क्षेत्र में कई प्रीमियम कॉलोनियां, मैरिज गार्डन और तेजी से विकसित हो रहे आवासीय प्रोजेक्ट मौजूद हैं। इसी क्षेत्र के पास फोरलेन बायपास बनने के बाद रियल एस्टेट गतिविधियां भी बढ़ी हैं। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और प्रशासन ने इस संबंध में कोई बयान जारी नहीं किया है। बच्चों की आवाजाही के लिए बनाए गए थे रास्ते: रहवासी रहवासियों का कहना है कि नाले के दूसरी ओर बसे खानशाहवली क्षेत्र के लोगों ने आपसी सहयोग से कुछ पुल और रास्ते बनाए थे, ताकि बच्चों को स्कूल जाने और बाजार तथा सिहाड़ा-मूंदी रोड तक पहुंचने में सुविधा हो सके। उनका दावा है कि इनमें से एक पक्का पुल नगर निगम ने भी बनवाया था, जिसे भी कार्रवाई के दौरान तोड़ दिया गया। ‘नमाज के समय कार्रवाई की गई’ स्थानीय लोगों का आरोप है कि शुक्रवार को जुम्मे की नमाज के दौरान प्रशासन ने पांच जेसीबी मशीनों के साथ कार्रवाई शुरू कर दी। उनका कहना है कि जब तक लोग नमाज से लौटकर मौके पर पहुंचे, तब तक रास्ते पूरी तरह तोड़े जा चुके थे और वहां केवल मलबा बचा था। फिलहाल प्रशासन की ओर से इस कार्रवाई को लेकर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अधिक जानकारी और लेटेस्ट अपडेट्स के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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खंडवा में वीबी-जीरामजी योजना का शुभारंभ, अब ग्रामीणों को साल में 125 दिन रोजगार की गारंटी

ग्रामीण मजदूरों को अधिक रोजगार और बेहतर आजीविका उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई ‘विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ (वीबी-जीरामजी) योजना का जिला स्तरीय शुभारंभ गुरुवार को खंडवा ब्लॉक के ग्राम बमनगांव आखई में किया गया। कार्यक्रम में जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह ने कहा कि यह योजना ग्रामीण गरीब परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित होगी। उन्होंने बताया कि योजना के तहत अब ग्रामीण परिवारों को साल में 100 दिन की जगह 125 दिन रोजगार की वैधानिक गारंटी मिलेगी, जिससे गांवों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और लोगों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। काम नहीं मिलने पर मिलेगा बेरोजगारी भत्ता मंत्री विजय शाह ने कहा कि यदि किसी पात्र मजदूर को रोजगार मांगने के बावजूद काम नहीं मिलता है, तो उसे बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा। वहीं मजदूरी भुगतान में देरी होने पर प्रत्येक विलंबित दिन के लिए अतिरिक्त मुआवजा भी दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से ग्रामीणों का रोजगार का अधिकार और अधिक मजबूत एवं प्रभावी बनेगा। साथ ही योजना के लिए पहले की तुलना में अधिक बजट उपलब्ध कराया जाएगा। अब पक्के निर्माण कार्य भी होंगे शामिल सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने कहा कि पुरानी रोजगार गारंटी योजना की कमियों को दूर करते हुए वीबी-जीरामजी योजना लागू की गई है। अब केवल कच्चे कार्य ही नहीं, बल्कि भवन निर्माण, पक्की सड़क, बाउंड्रीवाल और अन्य स्थायी निर्माण कार्य भी इस योजना के तहत किए जा सकेंगे। उन्होंने कहा कि इससे गांवों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। पलायन पर लगेगी रोक मांधाता विधायक नारायण पटेल ने कहा कि रोजगार की कमी के कारण ग्रामीणों को दूसरे राज्यों में पलायन करना पड़ता था। अब 125 दिन रोजगार मिलने से लोगों को अपने गांव में ही काम मिलेगा और पलायन की समस्या कम होगी। महिलाओं की भागीदारी पर विशेष जोर खंडवा विधायक कंचन तनवे ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं से महिलाओं का सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण हुआ है। वीबी-जीरामजी योजना में भी स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को अधिक अवसर दिए जाएंगे, जिससे उनकी आजीविका मजबूत होगी और वे आत्मनिर्भर बन सकेंगी। महापौर अमृता यादव ने कहा कि योजना की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाएगी, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार की संभावना कम होगी। जल संरक्षण और पौधारोपण का संदेश कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीणों से जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने की अपील की। पंधाना विधायक छाया मोरे ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत प्रत्येक परिवार से कम से कम एक पौधा लगाने और उसकी देखभाल करने का आग्रह किया। कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। वीबी-जीरामजी योजना की प्रमुख विशेषताएं
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गुना के महूगढ़ा स्टेशन पर बनेगा गति शक्ति कार्गो टर्मिनल, माल गोदाम होगा शहर से बाहर शिफ्ट

गुना जिले के महूगढ़ा रेलवे स्टेशन को जल्द ही ‘गति शक्ति कार्गो टर्मिनल’ के रूप में विकसित किया जाएगा। रेलवे ने इस परियोजना के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली है। साथ ही माल ढुलाई को और सुगम बनाने के लिए तरावटा रेलवे स्टेशन पर नया गुड्स शेड बनाने का प्रस्ताव भी भेजा गया है। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद गुना शहर के मुख्य रेलवे स्टेशन से माल गोदाम को बाहर शिफ्ट करने की वर्षों पुरानी मांग पूरी होने की उम्मीद है। रेलवे ने पूरी की टेंडर प्रक्रिया केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के सामने गुना की विभिन्न संस्थाओं ने रेलवे से जुड़ी कई समस्याएं उठाई थीं। इनमें सबसे प्रमुख मांग शहर के बीच स्थित माल गोदाम को स्थानांतरित करने की थी। शहर की बढ़ती आबादी और यातायात को देखते हुए यह मांग लंबे समय से की जा रही थी। पश्चिम मध्य रेलवे, जबलपुर के उप महाप्रबंधक ने जानकारी दी कि महूगढ़ा रेलवे स्टेशन की रेलवे भूमि पर कार्गो टर्मिनल विकसित करने के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इस टर्मिनल को सीधे सड़क मार्ग से जोड़ा जाएगा, जिससे माल ढुलाई तेज, आसान और कम खर्चीली होगी। तरावटा स्टेशन पर भी बनेगा नया गुड्स शेड रेलवे ने माल परिवहन को और मजबूत बनाने के लिए तरावटा रेलवे स्टेशन पर नए गुड्स शेड का प्रस्ताव भी तैयार किया है। इसके बनने से क्षेत्र के व्यापारियों और उद्योगों को माल की आवाजाही में बेहतर सुविधा मिलेगी। मेमू ट्रेन के किराए की समस्या का भी होगा समाधान बीना-कोटा मेमू ट्रेन के किराए में अलग-अलग स्टेशनों पर अंतर की शिकायत भी रेलवे के सामने रखी गई। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि यह ट्रेन दो अलग-अलग जोन में संचालित होती है। भोपाल जोन में इसे एक्सप्रेस और कोटा मंडल में पैसेंजर ट्रेन माना जाता है, जिसके कारण किराए में अंतर आता है। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए रेलवे बोर्ड से सभी मेमू ट्रेनों में एक समान किराया लागू करने का अनुरोध किया गया है। स्टेशन पर पानी की व्यवस्था होगी बेहतर गुना रेलवे स्टेशन पर पेयजल संकट को दूर करने के लिए रेलवे ने नगर पालिका के साथ समन्वय शुरू किया है। फिलहाल स्टेशन पर प्रतिदिन दो लाख लीटर पानी की आपूर्ति हो रही है। भविष्य की जरूरतों को देखते हुए 10 लाख लीटर पानी की व्यवस्था के लिए नगर पालिका में राशि जमा करा दी गई है। साथ ही स्टेशन परिसर में नए पानी के नल भी लगाए जा रहे हैं। अन्य सुविधाओं में भी होगा सुधार रेलवे ने स्थानीय लोगों द्वारा उठाई गई अन्य समस्याओं पर भी ध्यान देने का आश्वासन दिया है। इनमें रेलवे अंडरब्रिज में जलभराव, टिकट विंडो की संख्या बढ़ाने और स्टेशन के शौचालयों की नियमित सफाई जैसे मुद्दे शामिल हैं। रेलवे का कहना है कि यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए इन सभी बिंदुओं पर कार्ययोजना तैयार की जा रही है। धिक जानकारी और लेटेस्ट अपडेट्स के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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छत्तीसगढ़ में मानसून ने पूरे प्रदेश को किया कवर, सरगुजा में आकाशीय बिजली गिरने से 3 की मौत

छत्तीसगढ़ में मानसून ने अब पूरे प्रदेश को अपनी चपेट में ले लिया है। मौसम विभाग के अनुसार 22 जून को राज्य में प्रवेश करने वाला मानसून अब सभी जिलों तक पहुंच चुका है। हालांकि, बारिश के साथ आकाशीय बिजली भी कहर बरपा रही है। सरगुजा जिले में सोमवार शाम बिजली गिरने से दो बच्चों और एक युवक की मौत हो गई, जबकि एक बच्ची गंभीर रूप से झुलस गई। पेड़ के नीचे खड़े थे बच्चे, अचानक गिरी बिजली यह दर्दनाक घटना सरगुजा जिले के धौरपुर थाना क्षेत्र के डुमकी गांव की है। सोमवार शाम कुछ बच्चे आम बीनने के लिए पेड़ के नीचे खड़े थे। इसी दौरान बैल चरा रहे राम साय (36) भी वहां पहुंच गए। तभी अचानक पेड़ पर आकाशीय बिजली गिर गई और चारों उसकी चपेट में आ गए। हादसे में 5 वर्षीय सागर, 9 वर्षीय रानी और 36 वर्षीय राम साय की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं सागर की 12 वर्षीय बड़ी बहन श्रद्धा गंभीर रूप से झुलस गई, जिसका इलाज जारी है। बिलासपुर में तेज बारिश और आंधी से जनजीवन प्रभावित सोमवार शाम बिलासपुर में तेज आंधी और बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव हो गया। कलेक्टर बंगले के पास एक बड़ा पेड़ कार पर गिर गया, जिससे वाहन क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि कार में सवार लोग सुरक्षित बच गए। पेड़ गिरने से बिजली के तार भी टूट गए, जिसके चलते आसपास के इलाके में कुछ समय तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। 22 जून को दंतेवाड़ा से हुई थी मानसून की एंट्री दक्षिण-पश्चिम मानसून ने 22 जून को दंतेवाड़ा जिले से छत्तीसगढ़ में प्रवेश किया था। इसके बाद धीरे-धीरे यह पूरे प्रदेश में फैलता गया। 30 जून को उत्तर और उत्तर-पूर्व छत्तीसगढ़ के 14 जिलों में भी मानसून पहुंच गया। हालांकि इन इलाकों में पहले से ही प्री-मानसून बारिश हो रही थी। अगले चार दिन भारी बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश की संभावना जताई है। कई जिलों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका है। लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास जाने से बचने की अपील की गई है। इन जिलों में पहुंच चुका है मानसून मानसून रायपुर, दुर्ग, धमतरी, गरियाबंद, महासमुंद, बलौदाबाजार, बेमेतरा, कबीरधाम, राजनांदगांव, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, कांकेर, कोंडागांव, नारायणपुर, बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा और बीजापुर सहित कई जिलों में पहले ही सक्रिय हो चुका था। 30 जून को सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर, कोरिया, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, जशपुर, कोरबा, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, बिलासपुर, मुंगेली, जांजगीर-चांपा, सक्ती, सारंगढ़-बिलाईगढ़ और रायगढ़ में भी मानसून ने दस्तक दे दी। धिक जानकारी और लेटेस्ट अपडेट्स के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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लखनऊ अग्निकांड के बाद छत्तीसगढ़ में बड़ा एक्शन: 62 कोचिंग सेंटरों को नोटिस, कई संस्थान सील

लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में आग लगने से 15 छात्रों की मौत के बाद छत्तीसगढ़ में भी प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। दुर्ग, बिलासपुर और रायपुर में कोचिंग सेंटरों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच की गई, जिसमें भारी लापरवाही सामने आने पर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। बुधवार रात SDRF और पुलिस की संयुक्त टीम ने दुर्ग जिले में सरप्राइज निरीक्षण किया। जांच के दौरान इमरजेंसी एग्जिट, फायर सेफ्टी सिस्टम और अन्य सुरक्षा मानकों में गंभीर खामियां मिलने पर 62 कोचिंग सेंटरों को नोटिस जारी किया गया। संस्थानों को व्यवस्थाएं सुधारने के लिए 24 घंटे का समय दिया गया है। वहीं गंभीर अनियमितता पाए जाने पर रामा कोचिंग, कैड एकेडमी मोशन, मोशन कोटा स्टडी सर्किल और वेदांतु को सील कर दिया गया। दुर्ग में सुरक्षा इंतजामों की खुली पोल जानकारी के अनुसार दुर्ग जिले में करीब 150 से 200 कोचिंग सेंटर संचालित हैं, जिनमें सबसे अधिक भिलाई के न्यू सिविक सेंटर क्षेत्र में स्थित हैं। जांच के दौरान एक भी ऐसा संस्थान नहीं मिला जहां सुरक्षा नियमों का पूरी तरह पालन किया जा रहा हो। कई कोचिंग सेंटरों में फायर एक्सटिंग्विशर एक्सपायर पाए गए, जबकि कई जगह उन्हें सही तरीके से लगाया ही नहीं गया था। अधिकांश संस्थानों में इमरजेंसी एग्जिट नहीं मिला और कई भवनों में केवल एक ही प्रवेश और निकास मार्ग था। आपात स्थिति में फंस सकते हैं छात्र निरीक्षण के दौरान कई इमारतों में बेहद संकरी सीढ़ियां मिलीं, जहां एक समय में केवल एक छात्र ही आ-जा सकता है। अधिकारियों ने आशंका जताई कि किसी आपदा की स्थिति में छात्रों की सुरक्षित निकासी बेहद मुश्किल हो सकती है। एसडीआरएफ टीम ने मौके पर ही 62 संस्थानों को नोटिस जारी करते हुए निर्धारित समय में कमियां दूर करने के निर्देश दिए हैं। बिलासपुर में उड़ान एकेडमी सील बिलासपुर में पुलिस, नगर निगम और फायर ब्रिगेड की संयुक्त टीम ने छह कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया। जांच में उड़ान आईएएस, चंद्रा एकेडमी, आचार्य एकेडमी, ऑक्सीडेशन कोचिंग, प्रीमियर एकेडमी और पटेल ट्यूटोरियल में विभिन्न प्रकार की खामियां पाई गईं। सबसे गंभीर अनियमितताएं उड़ान आईएएस में मिलीं। यहां केवल एक प्रवेश-द्वार था, फायर सेफ्टी सिस्टम मौजूद नहीं था, लिफ्ट की व्यवस्था नहीं थी और बड़ी संख्या में छात्रों के अनुपात में पर्याप्त जगह भी उपलब्ध नहीं थी। इसके चलते नगर निगम ने संस्थान को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया। अन्य पांच संस्थानों को नोटिस जारी कर निर्धारित समय में कमियां दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। रायपुर में भी कई संस्थानों को नोटिस रायपुर में 23 और 24 जून को सात प्रमुख कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया गया। जांच में अनअकैडमी, विद्यापीठ और एलन में सुरक्षा व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं। वहीं अकादजा, आरसीसी एकेडमी, आभा लाइब्रेरी और टुटेजा एकेडमी में फायर एनओसी, इमरजेंसी एग्जिट और अन्य सुरक्षा मानकों में कमी मिलने पर नोटिस जारी कर सात दिनों के भीतर सुधार करने के निर्देश दिए गए हैं। तय समय में सुधार नहीं हुआ तो होगी सख्त कार्रवाई प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि छात्रों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। जिन संस्थानों में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जाएगा, उनके खिलाफ सीलिंग समेत अन्य कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि कोचिंग सेंटरों और लाइब्रेरी में बड़ी संख्या में छात्र पढ़ाई करते हैं, इसलिए फायर सेफ्टी, इमरजेंसी एग्जिट और भवन सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य है। छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की ताजा खबरों के लिए पढ़ते रहें www.deshharpal.com
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सागर में RTO की बड़ी कार्रवाई: 15 साल पुरानी 2 बसें होंगी स्क्रैप, 6 वाहन जब्त, 42 हजार रुपए का जुर्माना

सागर में गुरुवार को परिवहन विभाग ने यात्री बसों और स्कूली वाहनों के खिलाफ विशेष चेकिंग अभियान चलाकर बड़ी कार्रवाई की। अभियान के दौरान 15 साल पुरानी दो यात्री बसों का पंजीयन निरस्त कर उन्हें कबाड़ (स्क्रैप) करने के आदेश दिए गए। वहीं नियमों का उल्लंघन करने वाले 6 वाहनों को जब्त किया गया और 10 अन्य वाहनों पर कार्रवाई करते हुए 42 हजार 200 रुपए का जुर्माना वसूला गया। स्कूल वाहनों में मिली गंभीर लापरवाही परिवहन विभाग की टीम ने शहर में कुल 24 स्कूल वाहनों की जांच की। जांच के दौरान एक स्कूल वाहन में कई गंभीर खामियां सामने आईं। वाहन में जरूरी दस्तावेज नहीं थे, अग्निशमन यंत्र और फर्स्ट-एड बॉक्स भी उपलब्ध नहीं था। इतना ही नहीं, आपातकालीन निकास द्वार (इमरजेंसी गेट) के सामने सीट लगाकर सुरक्षा नियमों की अनदेखी की गई थी। इसके अलावा एक ओमनी वैन और एक ऑटो रिक्शा में क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाकर ले जाया जा रहा था। जांच के दौरान तीन ई-रिक्शा भी बिना जरूरी दस्तावेजों के संचालित होते मिले। इन सभी मामलों में कार्रवाई करते हुए 6 वाहनों को जब्त कर परिवहन कार्यालय में खड़ा कराया गया। ओवरलोडिंग और नियम उल्लंघन पर कार्रवाई परिवहन विभाग ने यात्री बसों में ओवरलोडिंग, अधिक किराया वसूली, परमिट की शर्तों के उल्लंघन और टैक्स बकाया जैसे मामलों की भी जांच की। कार्रवाई के दौरान 4 स्कूल बस, 1 मैक्सी कैब और 5 ई-रिक्शा पर मोटरयान अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत चालानी कार्रवाई की गई। इन 10 वाहनों से कुल 42 हजार 200 रुपए का जुर्माना वसूला गया। RTO ने दी सख्त चेतावनी क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (RTO) मनोज तेनगुरिया ने सभी स्कूल वाहन संचालकों को सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का पालन करने की हिदायत दी है। उन्होंने कहा कि स्कूल वाहनों में स्पीड गवर्नर, फिटनेस प्रमाणपत्र, बीमा, प्रदूषण प्रमाणपत्र, टैक्स रसीद, फर्स्ट-एड बॉक्स और अग्निशमन यंत्र अनिवार्य रूप से मौजूद होने चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि वाहन चालक के पास वैध हैवी ड्राइविंग लाइसेंस होना चाहिए और निर्धारित यूनिफॉर्म में ही वाहन संचालन किया जाना चाहिए। साथ ही बच्चों को वाहन की निर्धारित क्षमता के अनुसार ही बैठाया जाए। नियम तोड़ने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई RTO ने साफ कहा कि भविष्य में चेकिंग के दौरान यदि किसी वाहन में सुरक्षा नियमों की अनदेखी या अन्य अनियमितता पाई गई, तो संबंधित संचालकों के खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। प्रदेश और देश की ताजा खबरों के लिए पढ़ते रहें deshharpal.com
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CBSE छात्रों को बड़ी राहत: अब री-वेरिफिकेशन के बाद भी कर सकेंगे उत्तर पुस्तिका की फिजिकल जांच

सीबीएसई (CBSE) बोर्ड ने छात्रों के लिए एक नई और महत्वपूर्ण व्यवस्था शुरू की है। अब वे छात्र, जिन्होंने अपने बोर्ड परीक्षा परिणाम में अंकों के वेरिफिकेशन के लिए आवेदन किया था और जांच के बाद भी उनके नंबरों में कोई बदलाव नहीं हुआ, अपनी उत्तर पुस्तिका (Answer Sheet) की फिजिकल जांच करवा सकेंगे। बोर्ड ने इस संबंध में आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी किया है। नई व्यवस्था के तहत छात्र सीधे सीबीएसई के क्षेत्रीय कार्यालय (Regional Office) जाकर अपनी कॉपी की जांच कर सकेंगे। हालांकि यह सुविधा केवल उन्हीं छात्रों को मिलेगी, जिनके वेरिफिकेशन का परिणाम “No Change” रहा है। पहली बार लागू हुई नई व्यवस्था सीबीएसई ने पहली बार यह कदम उठाया है। इससे पहले वेरिफिकेशन प्रक्रिया पूरी होने के बाद छात्रों के पास अपनी उत्तर पुस्तिका की दोबारा फिजिकल जांच कराने का कोई विकल्प नहीं होता था। बोर्ड का मानना है कि इस फैसले से मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी। छात्रों को मिलेगा संदेह दूर करने का मौका कई छात्र ऐसे होते हैं जिन्हें वेरिफिकेशन के बाद भी अपनी कॉपी की जांच को लेकर शंका बनी रहती है। अब उन्हें अपनी उत्तर पुस्तिका को प्रत्यक्ष रूप से देखने और अपनी शंकाओं का समाधान करने का अवसर मिलेगा। इससे छात्रों का बोर्ड की मूल्यांकन प्रक्रिया पर भरोसा और मजबूत होगा। जल्द जारी होगा शेड्यूल सीबीएसई ने बताया है कि उत्तर पुस्तिका की फिजिकल जांच के लिए क्षेत्रीय कार्यालयों में विस्तृत प्रक्रिया और समय-सारणी (Schedule) जल्द जारी की जाएगी। छात्रों को इसके लिए बोर्ड की आधिकारिक घोषणाओं पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है। 12वीं री-इवैल्यूएशन के परिणाम भी जारी इधर, सीबीएसई ने कक्षा 12वीं के री-इवैल्यूएशन (Re-evaluation) के परिणाम भी चरणबद्ध तरीके से जारी करने शुरू कर दिए हैं। बोर्ड के अनुसार अब तक प्राप्त 87 प्रतिशत से अधिक आवेदनों के परिणाम घोषित किए जा चुके हैं। बाकी आवेदनों पर भी तेजी से काम किया जा रहा है और जल्द ही अपडेटेड रिजल्ट जारी किए जाएंगे। छात्रों के लिए क्यों अहम है यह फैसला? यह नया नियम उन विद्यार्थियों के लिए राहत लेकर आया है जो अपने परिणाम को लेकर असमंजस में रहते हैं। अब वे सिर्फ ऑनलाइन प्रक्रिया पर निर्भर नहीं रहेंगे, बल्कि अपनी उत्तर पुस्तिका की वास्तविक जांच कराकर पूरी पारदर्शिता के साथ अपनी शंकाओं का समाधान कर सकेंगे। अधिक शिक्षा और करियर से जुड़ी खबरों के लिए पढ़ते रहें www.deshharpal.com
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जोधपुर एक्सप्रेस में दंपती को नशीला पानी पिलाकर लूटा, 36 घंटे बाद जयपुर अस्पताल में आया होश

भोपाल से जयपुर जा रहे एक दंपती के साथ ट्रेन में हैरान कर देने वाली लूट की वारदात सामने आई है। बदमाश ने पहले सफर के दौरान उनसे दोस्ती की, फिर भरोसा जीतकर नशीला पानी पिला दिया। दंपती बेहोश हो गए और आरोपी उनके सोने-चांदी के जेवर तथा नकदी लेकर फरार हो गया। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि पति-पत्नी को करीब 36 घंटे बाद जयपुर के अस्पताल में होश आया। जानकारी के अनुसार, भोपाल के मिसरोद क्षेत्र के रहने वाले नर्मदा प्रसाद अहिरवार अपनी पत्नी कृष्णा बाई के साथ 18 जून को भोपाल-जोधपुर एक्सप्रेस के जनरल कोच में सफर कर रहे थे। यात्रा के दौरान उनकी सीट के सामने बैठे एक युवक ने बातचीत शुरू की और खुद को दिल्ली जाने वाला यात्री बताया। धीरे-धीरे उसने दंपती का भरोसा जीत लिया। पानी की बोतल में मिलाया नशीला पदार्थ रात में खाना खाने के बाद नर्मदा प्रसाद ने पानी की बोतल मंगवाई। इसी दौरान युवक ने मदद के बहाने बोतल अपने हाथ में ले ली। आरोप है कि उसने चालाकी से पानी में नशीला पदार्थ मिला दिया। शक न हो इसलिए उसने खुद भी पानी पीने का दिखावा किया और फिर बोतल दंपती को दे दी। पानी पीने के कुछ ही देर बाद दोनों की तबीयत बिगड़ने लगी। गुना स्टेशन के आसपास पहुंचते-पहुंचते वे पूरी तरह बेहोश हो गए। जयपुर अस्पताल में खुला लूट का राज दंपती को यह भी याद नहीं कि उन्हें ट्रेन से कब उतारा गया और अस्पताल कैसे पहुंचाया गया। 20 जून को जयपुर के अस्पताल में होश आने पर उन्हें अपने साथ हुई वारदात का पता चला। उस समय उनके परिजन भी अस्पताल पहुंच चुके थे। जेवर और नकदी लेकर फरार हुआ आरोपी पीड़ितों के अनुसार, आरोपी उनके गले से चांदी की चेन, चांदी का ब्रेसलेट, सोने का मंगलसूत्र और कुल 9 हजार रुपए नकद लेकर फरार हो गया। दंपती को शक है कि आरोपी गुना स्टेशन के आसपास ट्रेन से उतर गया होगा। जीरो एफआईआर के बाद गुना में केस दर्ज घटना की शिकायत मिलने पर जयपुर जीआरपी ने पहले जीरो एफआईआर दर्ज की। चूंकि वारदात गुना क्षेत्र के पास हुई थी, इसलिए केस डायरी गुना जीआरपी को भेजी गई। अब गुना जीआरपी ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आरोपी की तलाश की जा रही है। यात्रियों के लिए सावधानी जरूरी रेलवे और पुलिस लगातार यात्रियों को अनजान लोगों से खाने-पीने की चीजें न लेने की सलाह देती है। इसके बावजूद इस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं। पुलिस ने यात्रियों से सतर्क रहने और संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत रेलवे हेल्पलाइन को सूचना देने की अपील की है। अधिक खबरों और ताजा अपडेट्स के लिए पढ़ते रहें www.deshharpal.com
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भोपाल मेट्रो में बड़ा बदलाव जल्द, सिग्नलिंग सिस्टम की CMRS जांच शुरू; पहली बार एक ट्रैक पर आमने-सामने आईं दो मेट्रो

भोपाल मेट्रो के यात्रियों के लिए जल्द ही बड़ी राहत मिलने वाली है। मेट्रो की रफ्तार बढ़ाने और संचालन को अधिक सुगम बनाने के लिए लगाए गए नए सिग्नलिंग सिस्टम की जांच शुरू हो गई है। इसी सिलसिले में कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेल सेफ्टी (CMRS) की टीम भोपाल पहुंची और बुधवार को ट्रैक पर उतरकर विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान एक दिलचस्प नजारा भी देखने को मिला, जब रानी कमलापति स्टेशन और एमपी नगर स्टेशन के बीच पहली बार दो मेट्रो ट्रेनें एक ही ट्रैक पर आमने-सामने खड़ी नजर आईं। करीब 30 मिनट तक विभिन्न तकनीकी पहलुओं की जांच की गई। सिग्नलिंग सिस्टम की हुई कड़ी परीक्षा मेट्रो अधिकारियों के अनुसार यह पूरा अभ्यास सिग्नलिंग सिस्टम की सुरक्षा और कार्यक्षमता परखने का हिस्सा था। जांच टीम ने देखा कि यदि दो ट्रेनें आमने-सामने आ जाएं तो सिस्टम किस तरह प्रतिक्रिया देता है। इसके अलावा अचानक ब्रेक लगने, गति नियंत्रण, ट्रेन के बीच सुरक्षित दूरी बनाए रखने और आपातकालीन परिस्थितियों में सिस्टम के व्यवहार की भी जांच की गई। निरीक्षण के बाद मिलेगी ‘ओके’ रिपोर्ट मेट्रो प्रबंधन का कहना है कि निरीक्षण पूरा होने के बाद CMRS की टीम अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। यदि रिपोर्ट संतोषजनक रही तो नए सिग्नलिंग सिस्टम को शुरू करने की मंजूरी मिल जाएगी। इसके बाद मेट्रो का नया संचालन शेड्यूल और टाइमिंग जारी की जाएगी। संभावना है कि जुलाई से यात्रियों को बेहतर और तेज सेवा मिलना शुरू हो जाएगी। 26 जून से सामान्य समय पर चलेगी मेट्रो मेट्रो प्रबंधन के मुताबिक परीक्षण कार्य पूरा होने के बाद 26 जून से मेट्रो अपने निर्धारित समय पर संचालन शुरू कर देगी। सुभाष नगर से एम्स तक लगभग 7 किलोमीटर लंबे प्रायोरिटी कॉरिडोर पर सिग्नलिंग सिस्टम का कार्य पूरा हो चुका है। अभी एक ही ट्रैक पर चल रही है मेट्रो फिलहाल भोपाल और इंदौर मेट्रो में आधुनिक सिग्नलिंग सिस्टम पूरी तरह लागू नहीं होने के कारण ट्रेनों का संचालन केवल एक ट्रैक पर किया जा रहा है। यही वजह है कि भोपाल मेट्रो की फ्रिक्वेंसी करीब 75 मिनट है और यात्रियों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है। वर्तमान में ट्रेन जिस ट्रैक से जाती है, उसी ट्रैक से वापस भी लौटती है। 800 करोड़ रुपये की परियोजना मेट्रो की परिचालन क्षमता बढ़ाने के लिए लगभग 800 करोड़ रुपये की लागत से सिग्नलिंग सिस्टम विकसित किया जा रहा है। यह करीब 30 किलोमीटर लंबे नेटवर्क के लिए तैयार किया जा रहा है, जिसका पहला चरण अब पूरा हो चुका है। भोपाल मेट्रो में वही अत्याधुनिक सिग्नलिंग तकनीक लागू की जा रही है, जिसका उपयोग Delhi Metro में किया जाता है। दिल्ली मेट्रो जैसी आधुनिक तकनीक इस तकनीक के लागू होने के बाद ट्रेनें दोनों ट्रैक पर संचालित हो सकेंगी, ट्रेनों के बीच का अंतर कम होगा और यात्रियों को कम समय में मेट्रो उपलब्ध हो सकेगी। यात्रियों को क्या होगा फायदा? नए सिग्नलिंग सिस्टम के शुरू होने के बाद: भोपाल मेट्रो के इस तकनीकी अपग्रेड को शहर के सार्वजनिक परिवहन के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे आने वाले समय में हजारों यात्रियों को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का लाभ मिलेगा। अधिक खबरों और ताजा अपडेट्स के लिए पढ़ते रहें www.deshharpal.com
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इंदौर में हेड कॉन्स्टेबल फिरोज खान की 46 अचल संपत्तियों का खुलासा, बाजार मूल्य 64 करोड़ रुपये से अधिक

इंदौर में पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय (PTC) में पदस्थ हेड कॉन्स्टेबल (ड्राइवर) फिरोज खान के खिलाफ लोकायुक्त की आय से अधिक संपत्ति मामले की जांच में नए खुलासे हुए हैं। लोकायुक्त के मुताबिक, 19 अक्टूबर तक की जांच में फिरोज खान, उनके परिवार, सहयोगियों और संबंधित फर्म के नाम पर कुल 46 अचल संपत्तियां खरीदे जाने की जानकारी सामने आई है। इन संपत्तियों की अनुमानित वर्तमान बाजार कीमत 64 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है, जबकि इनकी कुल गाइडलाइन कीमत करीब 17.19 करोड़ रुपये बताई गई है। जांच एजेंसी के अनुसार, फिरोज खान और उनसे जुड़े लोगों की चल-अचल संपत्तियों पर अब तक 18.79 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जाने की जानकारी मिली है। लोकायुक्त संपत्तियों के दस्तावेजों, खरीद में इस्तेमाल की गई राशि और संबंधित लोगों की भूमिका का सत्यापन कर रहा है। जांच अभी जारी है। रंगवासा से लसूड़िया मोरी तक जमीन खरीदने की जानकारी जांच के दौरान इंदौर जिले की देपालपुर तहसील के ग्राम रंगवासा में कई कृषि भूमि की रजिस्ट्रियां सामने आई हैं। ये जमीनें वर्ष 2023 और 2024 में अलग-अलग तारीखों पर खरीदी गई थीं। इसके अलावा, जुलाई 2024 में लसूड़िया मोरी क्षेत्र में रेड कारपेट के पीछे 11.771 हेक्टेयर कृषि भूमि खरीदे जाने की जानकारी मिली है। इस जमीन का गाइडलाइन मूल्य करीब 3.85 करोड़ रुपये बताया गया है। लोकायुक्त के मुताबिक, इन जमीनों की खरीद स्पार्कवेव रियलिटी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर की गई। जांच में सामने आया है कि यह फर्म फिरोज खान की पत्नी हिना खान और इंदौर निवासी युवराज पंवार के संयुक्त नाम से संचालित है। एजेंसी फर्म से जुड़े दस्तावेजों और अन्य जानकारियों की भी जांच कर रही है। लोकायुक्त की जांच में अब तक सामने आए आंकड़े लोकायुक्त की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, जांच में अब तक ये आंकड़े सामने आए हैं: ये आंकड़े जांच के दौरान अब तक जुटाई गई जानकारी पर आधारित हैं। संपत्तियों के वास्तविक स्वामित्व, खरीद के लिए इस्तेमाल की गई राशि और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका का सत्यापन किया जा रहा है। 14 अक्टूबर को कई ठिकानों पर हुई थी सर्चिंग लोकायुक्त ने 14 अक्टूबर को फिरोज खान के विभिन्न आवासों और अन्य ठिकानों पर सर्च कार्रवाई की थी। इसके बाद से जांच एजेंसी संपत्तियों, वित्तीय लेन-देन और उनसे जुड़े दस्तावेजों की जानकारी जुटा रही है। जांच में संपत्तियों की खरीद की तारीख, गाइडलाइन मूल्य और अनुमानित बाजार मूल्य का मिलान किया जा रहा है। आय के ज्ञात स्रोतों और संपत्तियों पर किए गए खर्च के बीच संभावित अंतर का आकलन जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल लोकायुक्त की कार्रवाई जारी है और मामले में आगे की जानकारी जांच के निष्कर्षों के आधार पर सामने आएगी।

लाहौल-स्पीति में दर्दनाक सड़क हादसा: चंद्रभागा नदी के किनारे गिरी कार, 3 की मौत; चालक समेत 4 घायल

हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिले लाहौल-स्पीति के तिन्दी क्षेत्र में सोमवार शाम दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। शादी समारोह में शामिल होने जा रहे ग्रामीणों से भरी एक कार अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे चंद्रभागा नदी के किनारे जा गिरी। हादसे में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कार चालक समेत चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) उदयपुर पहुंचाया गया है। वीर मंदिर के पास मोड़ पर चालक ने खोया नियंत्रण पुलिस जिला मुख्यालय केलांग से मिली जानकारी के अनुसार, हादसा सोमवार शाम करीब 4 बजे हुआ। हरियाणा नंबर की i20 कार में सात लोग सवार होकर तिन्दी गांव से सलग्रां गांव में आयोजित शादी समारोह में शामिल होने जा रहे थे। इनमें छह लोग सलग्रां गांव और एक व्यक्ति भुजुंड गांव का निवासी था। कार जब तिन्दी के समीप वीर मंदिर के पास एक मोड़ पर पहुंची, तो चालक वाहन पर से नियंत्रण खो बैठा। इसके बाद कार सड़क से नीचे गहरी ढांक में गिरते हुए चंद्रभागा नदी के किनारे जा पहुंची। डीएसपी केलांग केडी शर्मा ने बताया कि पुलिस ने मामले में नियमानुसार कार्रवाई शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में चालक की लापरवाही हादसे का संभावित कारण माना जा रहा है। हालांकि, पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है। पुलिस और प्रशासन ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन हादसे की जानकारी मिलते ही पुलिस चौकी तांदी, पुलिस थाना उदयपुर और स्थानीय प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। बचाव दल ने घायलों को निकालकर CHC उदयपुर पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है। वहीं, तीनों मृतकों के शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम और अन्य कानूनी कार्रवाई के लिए CHC उदयपुर भेजे गए हैं। हादसे में जान गंवाने वालों के नाम पुलिस के अनुसार, हादसे में जान गंवाने वाले तीनों लोग सलग्रां गांव के निवासी थे। चार लोग घायल, चालक भी शामिल हादसे में घायल चारों लोगों की पहचान इस प्रकार हुई है: घटना के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है।

परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड: पंजाब सरकार की 3 महिला IAS अधिकारियों की कमेटी से बातचीत बेनतीजा, अंतिम संस्कार से इनकार

पंजाब के मानसा में एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में परिवार और पंजाब सरकार के बीच गतिरोध बना हुआ है। परिजनों की मांगों पर बातचीत के लिए राज्य सरकार की ओर से गठित तीन महिला IAS अधिकारियों की कमेटी की पहली बैठक सोमवार को बेनतीजा रही। परिवार और एक्शन कमेटी ने साफ कर दिया है कि मांगें पूरी होने तक झोटा का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा और धरना जारी रहेगा। सोमवार को तीनों महिला IAS अधिकारी झोटा के पिता भीम सिंह और पत्नी मनप्रीत कौर से मिलने पहुंचीं। इस दौरान परिवार की ओर से गठित एक्शन कमेटी के सदस्य भी मौजूद रहे। बैठक के बाद कमेटी के सदस्यों ने बताया कि सरकार की ओर से रखे गए प्रस्तावों पर सहमति नहीं बन सकी है। मांगपत्र सौंपा, CBI जांच की मांग पर अड़ा परिवार एक्शन कमेटी के सदस्यों के मुताबिक, सरकार की कमेटी को मांगपत्र सौंप दिया गया है। उन्होंने कहा कि जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक धरना खत्म नहीं किया जाएगा और अंतिम संस्कार भी नहीं होगा। एक्शन कमेटी ने यह भी कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मंगलवार को परिवार से मिलने आ रहे हैं। कमेटी की मांग है कि अमित शाह परिवार से मुलाकात के दौरान मामले की CBI जांच का ऐलान करें। AAP विधायकों को लानत पत्र देने पहुंचे समर्थक, पुलिस से धक्कामुक्की परविंदर सिंह झोटा की हत्या के विरोध में सोमवार को इंसाफ कमेटी, किसान संगठनों और शिरोमणि अकाली दल के नेताओं ने आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायकों के घरों पर लानत पत्र देने का अभियान चलाया। इस दौरान कुछ जगहों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति बनी। लुधियाना में AAP विधायक अशोक पराशर पप्पी के घर की ओर जा रहे अकाली नेताओं को पुलिस ने बैरिकेड लगाकर रोक दिया। नेताओं ने बैरिकेड हटाने की कोशिश की, जिसके बाद छह नेताओं को आगे जाने की अनुमति दी गई। वहीं, बठिंडा के तलवंडी साबो में विधायक प्रो. बलजिंदर कौर के घर के बाहर पुलिस और किसान व अकाली नेता आमने-सामने आ गए। प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ते हुए विधायक की कोठी पर लानत पत्र चिपका दिया। मौड़ मंडी में धरने के दौरान अकाली नेताओं में बहस मौड़ मंडी में विधायक सुखबीर सिंह माइसरखाना के घर के बाहर चल रहे धरने के दौरान भी माहौल गरमा गया। यहां अकाली दल (वारिस पंजाब दे) के हलका इंचार्ज और शिरोमणि अकाली दल (बादल) के एक कार्यकर्ता के बीच तीखी बहस हुई। बताया जा रहा है कि विवाद उस समय शुरू हुआ, जब लक्खा सिधाना केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दौरे को लेकर बयान दे रहे थे। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच पंजाब की अलग-अलग सरकारों के कामकाज, पूर्व अकाली सरकार के फैसलों और भाजपा के साथ गठबंधन जैसे मुद्दों पर बहस हुई। पिता बोले- पत्नी भी एक्शन कमेटी में होंगी शामिल परविंदर सिंह झोटा के पिता भीम सिंह ने कहा कि अब उनकी बहू मनप्रीत कौर खुद एक्शन कमेटी में शामिल होंगी और मीडिया को भी संबोधित करेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि एक्शन कमेटी के कुछ सदस्यों ने पहले अमित शाह के विरोध का ऐलान किया था। भीम सिंह के मुताबिक, यदि गृह मंत्री का विरोध किया जाता है, तो परिवार इसे अपने विरोध के रूप में देखेगा। फिलहाल परिवार अपनी मांगों पर अड़ा हुआ है। सरकार और एक्शन कमेटी के बीच बातचीत में सहमति नहीं बनने से मामले का समाधान निकलने का इंतजार जारी है।

दशहरे पर PM मोदी और अमित शाह होंगे शामिल, रामलीला स्थलों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम

राजधानी दिल्ली में विजयादशमी का पर्व धूमधाम से मनाने की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस बार दशहरे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अलग-अलग रामलीला आयोजनों में शामिल होंगे। दोनों नेताओं के आगमन को देखते हुए आयोजन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूर्वी दिल्ली में इंद्रप्रस्थ रामलीला समिति के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। वहीं, अमित शाह लाल किला स्थित माधवदास पार्क में श्री धार्मिक रामलीला समिति के आयोजन में शिरकत करेंगे। दोनों नेता प्रतीकात्मक रूप से धनुष से बाण चलाकर रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन करेंगे। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है। दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की मौजूदगी को देखते हुए दिल्ली पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर रहेंगी। आयोजन स्थलों पर बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी। इसके साथ ही भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। दर्शकों की संभावित भीड़ को देखते हुए आसपास की सड़कों पर यातायात प्रतिबंध और रूट डायवर्जन लागू किए जा सकते हैं। लोगों को आयोजन स्थलों पर जाने से पहले यातायात संबंधी दिशा-निर्देशों की जानकारी लेने की सलाह दी गई है। डिजिटल आतिशबाजी और हाईटेक पुतले होंगे आकर्षण दिल्ली की प्रमुख रामलीला समितियों ने दशहरा उत्सव को भव्य बनाने के लिए विशेष तैयारियां की हैं। इस बार डिजिटल आतिशबाजी, आधुनिक तकनीक से तैयार विशाल पुतले और भव्य मंचन दर्शकों के लिए खास आकर्षण होंगे। रामलीला आयोजनों में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद है। आयोजन समितियां उत्सव को यादगार बनाने के साथ-साथ दर्शकों की सुविधा और सुरक्षा के लिए भी तैयारियां कर रही हैं। Desh Har Pal वेबसाइट पर देश-दुनिया, राजनीति और त्योहारों से जुड़ी ताजा खबरों के लिए पढ़ते रहें।

दिल्ली में 6 नए बायोगैस प्लांट लगेंगे, CM रेखा गुप्ता ने किया गोयला डेयरी प्लांट का उद्घाटन

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को कैबिनेट मंत्री आशीष सूद के साथ गोयला डेयरी में 200 मीट्रिक टन प्रतिदिन क्षमता वाले बायोगैस प्लांट का उद्घाटन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने दिल्ली में 6 और बायोगैस प्लांट स्थापित करने की घोषणा की। साथ ही डेयरी कॉलोनियों में जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए 50 करोड़ रुपये देने का ऐलान किया। मुख्यमंत्री के मुताबिक, इस पहल का उद्देश्य डेयरी से निकलने वाले गोबर का उचित निस्तारण करना, प्रदूषण कम करना और पशुपालकों को अतिरिक्त आय का अवसर देना है। रोज 200 टन गोबर से बनेगी कंप्रेस्ड बायोगैस मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि गोयला डेयरी में प्रतिदिन करीब 200 टन गोबर निकलता है। उचित निस्तारण नहीं होने पर इसके नालियों के माध्यम से यमुना तक पहुंचने का खतरा बना रहता है। नए बायोगैस प्लांट में गोबर से प्रतिदिन लगभग 14 हजार घन मीटर कच्ची बायोगैस और 5.6 टन कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) तैयार की जाएगी। तैयार गैस की आपूर्ति पाइपलाइन के जरिए इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) को की जाएगी। कार्यक्रम में दिल्ली की महापौर प्रवेश वाही, उपमहापौर डॉ. मोनिका पंत और विधायक संदीप सहरावत सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। नांगली प्लांट में 55 हजार टन गोबर का निस्तारण मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले डेढ़ साल में 200-200 टन प्रतिदिन क्षमता वाले तीन बायोगैस संयंत्र शुरू किए जा चुके हैं। सितंबर 2025 में शुरू हुए नांगली प्लांट में एक साल के भीतर करीब 55 हजार टन गोबर का निस्तारण किया गया। सरकार की योजना दिल्ली में ऐसे और संयंत्र स्थापित कर डेयरी क्षेत्रों में गोबर के प्रबंधन को बेहतर बनाने की है। इससे कचरे के रूप में जमा होने वाले गोबर का इस्तेमाल ऊर्जा उत्पादन के लिए किया जा सकेगा। पशुपालकों को गोबर के मिलेंगे 67 पैसे प्रति किलो इस परियोजना के तहत संबंधित एजेंसी डेयरी संचालकों से 67 पैसे प्रति किलो की दर से गोबर खरीदेगी। इससे पशुपालकों को गोबर से अतिरिक्त कमाई होगी और उसके निस्तारण की समस्या भी कम हो सकेगी। इसके अलावा, डेयरी कॉलोनियों में जल निकासी व्यवस्था सुधारने के लिए घोषित 50 करोड़ रुपये से स्थानीय स्तर पर सफाई और जलभराव से जुड़ी समस्याओं को दूर करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

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