ग्रामीण मजदूरों को अधिक रोजगार और बेहतर आजीविका उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई ‘विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ (वीबी-जीरामजी) योजना का जिला स्तरीय शुभारंभ गुरुवार को खंडवा ब्लॉक के ग्राम बमनगांव आखई में किया गया। कार्यक्रम में जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह ने कहा कि यह योजना ग्रामीण गरीब परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित होगी।
उन्होंने बताया कि योजना के तहत अब ग्रामीण परिवारों को साल में 100 दिन की जगह 125 दिन रोजगार की वैधानिक गारंटी मिलेगी, जिससे गांवों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और लोगों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
काम नहीं मिलने पर मिलेगा बेरोजगारी भत्ता
मंत्री विजय शाह ने कहा कि यदि किसी पात्र मजदूर को रोजगार मांगने के बावजूद काम नहीं मिलता है, तो उसे बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा। वहीं मजदूरी भुगतान में देरी होने पर प्रत्येक विलंबित दिन के लिए अतिरिक्त मुआवजा भी दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से ग्रामीणों का रोजगार का अधिकार और अधिक मजबूत एवं प्रभावी बनेगा। साथ ही योजना के लिए पहले की तुलना में अधिक बजट उपलब्ध कराया जाएगा।
अब पक्के निर्माण कार्य भी होंगे शामिल
सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने कहा कि पुरानी रोजगार गारंटी योजना की कमियों को दूर करते हुए वीबी-जीरामजी योजना लागू की गई है। अब केवल कच्चे कार्य ही नहीं, बल्कि भवन निर्माण, पक्की सड़क, बाउंड्रीवाल और अन्य स्थायी निर्माण कार्य भी इस योजना के तहत किए जा सकेंगे।
उन्होंने कहा कि इससे गांवों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
पलायन पर लगेगी रोक
मांधाता विधायक नारायण पटेल ने कहा कि रोजगार की कमी के कारण ग्रामीणों को दूसरे राज्यों में पलायन करना पड़ता था। अब 125 दिन रोजगार मिलने से लोगों को अपने गांव में ही काम मिलेगा और पलायन की समस्या कम होगी।
महिलाओं की भागीदारी पर विशेष जोर
खंडवा विधायक कंचन तनवे ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं से महिलाओं का सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण हुआ है। वीबी-जीरामजी योजना में भी स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को अधिक अवसर दिए जाएंगे, जिससे उनकी आजीविका मजबूत होगी और वे आत्मनिर्भर बन सकेंगी।
महापौर अमृता यादव ने कहा कि योजना की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाएगी, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार की संभावना कम होगी।
जल संरक्षण और पौधारोपण का संदेश
कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीणों से जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने की अपील की। पंधाना विधायक छाया मोरे ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत प्रत्येक परिवार से कम से कम एक पौधा लगाने और उसकी देखभाल करने का आग्रह किया।
कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।
वीबी-जीरामजी योजना की प्रमुख विशेषताएं
- ग्रामीण परिवारों को वर्ष में 125 दिन रोजगार की गारंटी
- काम नहीं मिलने पर बेरोजगारी भत्ता
- मजदूरी भुगतान में देरी होने पर मुआवजा
- भवन, सड़क, बाउंड्रीवाल जैसे पक्के निर्माण कार्यों को शामिल किया गया
- जल संरक्षण और आधारभूत ढांचे से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता
- महिलाओं और स्व-सहायता समूहों की अधिक भागीदारी
- लाभार्थियों के खातों में सीधे भुगतान की व्यवस्था
