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Xi Jinpingने China में लागू किया नया Ethnic Unity Law, अल्पसंख्यकों पर क्या होगा असर?

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China में 1 जुलाई 2026 से एक नया कानून लागू हो गया है, जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई बहस छेड़ दी है। सोशल मीडिया पर इसे चीन का ‘Uniform Civil Code (UCC)’ बताया जा रहा है, लेकिन कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यह तुलना पूरी तरह सही नहीं है। दरअसल, चीन ने Ethnic Unity Law यानी Law on Promoting Ethnic Unity and Progress लागू किया है, जिसका उद्देश्य सरकार के अनुसार राष्ट्रीय एकता को मजबूत करना है। हालांकि, मानवाधिकार संगठनों ने इस कानून को लेकर गंभीर चिंता जताई है।

क्या है China का नया Ethnic Unity Law?

China की संसद ने इस कानून को मार्च 2026 में मंजूरी दी थी और अब इसे पूरे देश में लागू कर दिया गया है। सरकार का कहना है कि इस कानून का मकसद अलग-अलग जातीय समुदायों के बीच एकता बढ़ाना, सामाजिक स्थिरता बनाए रखना और सभी नागरिकों में साझा राष्ट्रीय पहचान को मजबूत करना है।

कानून के तहत शिक्षा, संस्कृति, धार्मिक गतिविधियों और स्थानीय प्रशासन में राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देने वाले प्रावधान शामिल किए गए हैं। इसके अलावा सरकारी संस्थानों को यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी भी दी गई है कि सभी समुदाय राष्ट्रीय नीतियों के अनुरूप काम करें।

क्यों हो रही है इस कानून की चर्चा?

इस कानून की सबसे ज्यादा चर्चा इसलिए हो रही है क्योंकि कई विशेषज्ञ इसे राष्ट्रपति शी जिनपिंग की “Sinicization” नीति का हिस्सा मान रहे हैं। इस नीति का उद्देश्य धर्म और सांस्कृतिक परंपराओं को चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की विचारधारा और राष्ट्रीय पहचान के अनुरूप ढालना बताया जाता है।

मानवाधिकार संगठनों का दावा है कि इससे धार्मिक स्वतंत्रता और सांस्कृतिक पहचान पर पहले से अधिक सरकारी नियंत्रण बढ़ सकता है।

किन समुदायों पर पड़ सकता है असर?

विशेषज्ञों के अनुसार इस कानून का सबसे अधिक प्रभाव उइगर मुस्लिम, तिब्बती बौद्ध, मंगोलियाई और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों पर पड़ सकता है।

आलोचकों का कहना है कि स्थानीय भाषाओं, पारंपरिक संस्कृति और धार्मिक गतिविधियों पर निगरानी बढ़ने की संभावना है। वहीं चीन सरकार इन आरोपों को खारिज करते हुए कहती है कि यह कानून केवल राष्ट्रीय एकता और सामाजिक विकास के लिए बनाया गया है।

China सरकार का क्या है पक्ष?

चीन सरकार का कहना है कि यह कानून किसी धर्म या समुदाय के खिलाफ नहीं है। सरकार के मुताबिक इसका उद्देश्य सभी जातीय समूहों को समान अवसर देना, सामाजिक सद्भाव बनाए रखना और अलगाववाद तथा कट्टरपंथ जैसी चुनौतियों से निपटना है।

सरकारी अधिकारियों का दावा है कि यह कानून देश की दीर्घकालिक स्थिरता और विकास के लिए जरूरी कदम है।

क्या यह भारत के Uniform Civil Code जैसा है?

सोशल मीडिया पर इस कानून की तुलना भारत के Uniform Civil Code (UCC) से की जा रही है, लेकिन दोनों कानूनों का उद्देश्य पूरी तरह अलग है।

भारत में UCC का संबंध विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और गोद लेने जैसे सिविल मामलों में सभी नागरिकों के लिए समान कानून लागू करने से है। जबकि चीन का नया कानून मुख्य रूप से जातीय एकता, सांस्कृतिक पहचान और धार्मिक गतिविधियों से जुड़ा हुआ है। इसलिए इसे चीन का “Uniform Civil Code” कहना कानूनी रूप से सही नहीं माना जाता।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्यों बढ़ी चिंता?

कई अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों का मानना है कि कानून में दिए गए कुछ प्रावधानों का इस्तेमाल धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाने के लिए किया जा सकता है। उनका कहना है कि इससे अल्पसंख्यक समुदायों की पहचान और परंपराओं पर असर पड़ सकता है।

हालांकि, चीन इन सभी आरोपों को खारिज करता रहा है और अपने नए कानून को राष्ट्रीय एकता तथा सामाजिक स्थिरता के लिए जरूरी कदम बता रहा है।

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Yukta

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Stock Market

Stock Market Rally: IT Shares की वापसी से शेयर बाजार में बहार, Sensex और Nifty दोनों चमके

भारतीय शेयर बाजार (Stock Market) ने गुरुवार को शानदार बढ़त के साथ कारोबार का समापन किया। दिनभर खरीदारी का माहौल बना रहा और इसकी सबसे बड़ी वजह आईटी (IT) सेक्टर में आई जबरदस्त तेजी रही। लंबे समय बाद टेक कंपनियों के शेयरों में मजबूत रिकवरी देखने को मिली, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा और बाजार ने ऊंचे स्तर पर क्लोजिंग दी। कारोबार समाप्त होने पर बीएसई सेंसेक्स 579.48 अंक की बढ़त के साथ 77,502.12 पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी 50, 169.85 अंक चढ़कर 24,175.70 के स्तर पर पहुंच गया। बाजार में अधिकांश सेक्टर हरे निशान में बंद हुए, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा आईटी शेयरों की रही। IT Shares में आई जोरदार खरीदारी पिछले कुछ दिनों से दबाव झेल रहे आईटी शेयरों में गुरुवार को जबरदस्त वापसी देखने को मिली। निवेशकों ने टेक कंपनियों में खुलकर खरीदारी की, जिसके चलते Nifty IT Index में करीब 4 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई। विश्लेषकों का मानना है कि हालिया गिरावट के बाद कई आईटी कंपनियों के शेयर आकर्षक वैल्यूएशन पर पहुंच गए थे। इसी वजह से निवेशकों ने दोबारा खरीदारी शुरू की, जिसका सीधा असर पूरे बाजार पर देखने को मिला। इन दिग्गज कंपनियों के शेयरों ने दिखाई ताकत आज के कारोबार में देश की प्रमुख आईटी कंपनियों के शेयरों ने शानदार प्रदर्शन किया। इन शेयरों की तेजी ने सेंसेक्स और निफ्टी दोनों को नई मजबूती दी। केवल IT नहीं, इन सेक्टरों ने भी दिया साथ आईटी सेक्टर के अलावा बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज, ऑटो और चुनिंदा मिडकैप शेयरों में भी खरीदारी देखने को मिली। इससे बाजार की चौड़ाई मजबूत रही और अधिकांश शेयर बढ़त के साथ बंद हुए। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी अच्छी तेजी दर्ज की गई, जिससे यह संकेत मिला कि निवेशकों का भरोसा केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं है। बाजार में तेजी की बड़ी वजह क्या रही? मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार गुरुवार की तेजी के पीछे कई सकारात्मक संकेत रहे। इन सभी कारणों ने मिलकर शेयर बाजार में शानदार रैली को जन्म दिया। निवेशकों के लिए आगे क्या हैं संकेत? अब निवेशकों की नजर कंपनियों के पहली तिमाही (Q1) के नतीजों, वैश्विक आर्थिक संकेतों, अमेरिकी बाजार, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर रहेगी। यदि आईटी सेक्टर में खरीदारी का रुख बना रहता है, तो आने वाले कारोबारी सत्रों में भी बाजार सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ सकता है। हालांकि, बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा तेजी के बीच निवेशकों को जल्दबाजी से बचना चाहिए और मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनियों में ही चरणबद्ध तरीके से निवेश करना बेहतर रणनीति हो सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

खंडवा में वीबी-जीरामजी योजना का शुभारंभ, अब ग्रामीणों को साल में 125 दिन रोजगार की गारंटी

ग्रामीण मजदूरों को अधिक रोजगार और बेहतर आजीविका उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई ‘विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ (वीबी-जीरामजी) योजना का जिला स्तरीय शुभारंभ गुरुवार को खंडवा ब्लॉक के ग्राम बमनगांव आखई में किया गया। कार्यक्रम में जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह ने कहा कि यह योजना ग्रामीण गरीब परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित होगी। उन्होंने बताया कि योजना के तहत अब ग्रामीण परिवारों को साल में 100 दिन की जगह 125 दिन रोजगार की वैधानिक गारंटी मिलेगी, जिससे गांवों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और लोगों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। काम नहीं मिलने पर मिलेगा बेरोजगारी भत्ता मंत्री विजय शाह ने कहा कि यदि किसी पात्र मजदूर को रोजगार मांगने के बावजूद काम नहीं मिलता है, तो उसे बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा। वहीं मजदूरी भुगतान में देरी होने पर प्रत्येक विलंबित दिन के लिए अतिरिक्त मुआवजा भी दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से ग्रामीणों का रोजगार का अधिकार और अधिक मजबूत एवं प्रभावी बनेगा। साथ ही योजना के लिए पहले की तुलना में अधिक बजट उपलब्ध कराया जाएगा। अब पक्के निर्माण कार्य भी होंगे शामिल सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने कहा कि पुरानी रोजगार गारंटी योजना की कमियों को दूर करते हुए वीबी-जीरामजी योजना लागू की गई है। अब केवल कच्चे कार्य ही नहीं, बल्कि भवन निर्माण, पक्की सड़क, बाउंड्रीवाल और अन्य स्थायी निर्माण कार्य भी इस योजना के तहत किए जा सकेंगे। उन्होंने कहा कि इससे गांवों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। पलायन पर लगेगी रोक मांधाता विधायक नारायण पटेल ने कहा कि रोजगार की कमी के कारण ग्रामीणों को दूसरे राज्यों में पलायन करना पड़ता था। अब 125 दिन रोजगार मिलने से लोगों को अपने गांव में ही काम मिलेगा और पलायन की समस्या कम होगी। महिलाओं की भागीदारी पर विशेष जोर खंडवा विधायक कंचन तनवे ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं से महिलाओं का सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण हुआ है। वीबी-जीरामजी योजना में भी स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को अधिक अवसर दिए जाएंगे, जिससे उनकी आजीविका मजबूत होगी और वे आत्मनिर्भर बन सकेंगी। महापौर अमृता यादव ने कहा कि योजना की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाएगी, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार की संभावना कम होगी। जल संरक्षण और पौधारोपण का संदेश कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीणों से जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने की अपील की। पंधाना विधायक छाया मोरे ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत प्रत्येक परिवार से कम से कम एक पौधा लगाने और उसकी देखभाल करने का आग्रह किया। कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। वीबी-जीरामजी योजना की प्रमुख विशेषताएं
TMC

West Bengal Politics: TMC में सियासी भूचाल, अलग हुए गुट का दावा- 58 विधायक हमारे साथ

पश्चिम बंगाल (West Bengal) की राजनीति में एक बार फिर बड़ा सियासी घटनाक्रम सामने आया है। All India Trinamool Congress (TMC) के भीतर अंदरूनी विवाद अब खुलकर सामने आ गया है। पार्टी से अलग हुए बागी गुट ने खुद को “असली TMC” बताते हुए राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। बागी गुट का बड़ा दावा: “हम ही असली TMC” बागी गुट का कहना है कि पार्टी के असली प्रतिनिधि वही हैं और मौजूदा नेतृत्व वैध नहीं है। इस गुट ने दावा किया है कि करीब 58 विधायक पहले ही उनके साथ आ चुके हैं, जिससे संगठन का बड़ा हिस्सा उनके समर्थन में है। चुनाव आयोग से की गई मुलाकात सूत्रों के अनुसार, इस गुट ने हाल ही में Election Commission of India से मुलाकात की और पार्टी की आधिकारिक मान्यता पर जल्द निर्णय लेने की मांग की। उनका कहना है कि लंबे समय से चल रहा आंतरिक मतभेद अब सार्वजनिक हो चुका है, इसलिए स्थिति स्पष्ट की जाए। TMC नेतृत्व की चुप्पी इस पूरे विवाद पर अभी तक ममता बनर्जी या आधिकारिक टीएमसी नेतृत्व की ओर से कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक हलकों में इस चुप्पी को भी चर्चा का विषय माना जा रहा है। राजनीतिक असर की आशंका राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर यह विवाद आगे बढ़ता है, तो पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। टीएमसी, जो राज्य की सबसे मजबूत राजनीतिक ताकतों में से एक है, उसके लिए यह स्थिति चुनौतीपूर्ण साबित हो सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Gold

Gold Silver Update: आज चमके सोना-चांदी के दाम, लेकिन पिछले महीने के मुकाबले अब भी सस्ते

अगर आप सोना या चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आपके लिए यह खबर अहम है। गुरुवार को सर्राफा बाजार में दोनों कीमती धातुओं की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिला। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, सोने की कीमत में ₹1,748 की बढ़ोतरी हुई, जबकि चांदी ₹3,863 महंगी हो गई। हालांकि, आज की इस तेजी के बावजूद पिछले एक महीने का ट्रेंड कुछ अलग कहानी बयां करता है। बीते महीने की तुलना में सोना (Gold) करीब ₹13 हजार और चांदी (Silver) लगभग ₹34 हजार तक सस्ती बनी हुई है। यानी हालिया तेजी के बाद भी खरीदारों के लिए कीमतें पहले के रिकॉर्ड स्तर से नीचे हैं। आज कितना महंगा हुआ सोना और चांदी? गुरुवार को जारी ताजा भाव के मुताबिक— कारोबारियों का कहना है कि घरेलू बाजार में खरीदारी बढ़ने और अंतरराष्ट्रीय बाजार से मिले सकारात्मक संकेतों के चलते कीमतों में यह उछाल देखने को मिला। एक महीने पहले के मुकाबले अब भी सस्ता है Gold-Silver आज भले ही बाजार में तेजी लौटी हो, लेकिन पिछले एक महीने के आंकड़े बताते हैं कि कीमती धातुओं में अब भी बड़ी गिरावट बनी हुई है। यही वजह है कि कई निवेशक इसे लंबी अवधि के निवेश के लिए एक बेहतर अवसर के रूप में भी देख रहे हैं। आखिर क्यों बदलती रहती हैं Gold और Silver की कीमतें? सोने और चांदी की कीमतें सिर्फ घरेलू मांग से तय नहीं होतीं। इनके पीछे कई अंतरराष्ट्रीय और आर्थिक कारण भी होते हैं, जैसे— इन सभी कारणों का सीधा असर भारतीय सर्राफा बाजार की कीमतों पर पड़ता है। क्या अभी खरीदना सही रहेगा? बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। ऐसे में यदि आप निवेश के उद्देश्य से खरीदारी करना चाहते हैं, तो एकमुश्त निवेश करने के बजाय चरणबद्ध तरीके से खरीदारी करना बेहतर विकल्प हो सकता है। इससे बाजार में होने वाले उतार-चढ़ाव का जोखिम कम किया जा सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
EPFO

EPFO Update: Portal और UMANG App ठप, PF Claim से लेकर Passbook तक सभी सेवाएं प्रभावित

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) की ऑनलाइन सेवाएं तय समय के बाद भी पूरी तरह बहाल नहीं हो सकी हैं। गुरुवार को भी लाखों कर्मचारियों और पेंशनधारकों को EPFO Portal और UMANG App पर लॉगिन करने, PF क्लेम दर्ज करने और ई-पासबुक देखने में परेशानी का सामना करना पड़ा। लंबे समय तक सेवाएं बंद रहने से सोशल मीडिया पर भी यूजर्स ने नाराजगी जताई और कई लोगों ने इसे “तारीख पर तारीख” वाला मामला बताया। तय समय के बाद भी शुरू नहीं हुईं EPFO Services EPFO ने पहले जानकारी दी थी कि ऑनलाइन सेवाओं को कुछ समय के लिए बंद रखा जाएगा, क्योंकि संगठन अपने डिजिटल सिस्टम को अपग्रेड कर रहा है। उम्मीद थी कि मेंटेनेंस पूरा होने के बाद सभी सुविधाएं सामान्य हो जाएंगी, लेकिन तकनीकी काम अपेक्षा से अधिक समय लेने के कारण गुरुवार को भी अधिकांश सेवाएं प्रभावित रहीं। इस वजह से जिन कर्मचारियों को तत्काल PF क्लेम करना था या अपने खाते से जुड़ी जानकारी देखनी थी, उन्हें इंतजार करना पड़ा। क्यों किया जा रहा है सिस्टम Upgrade? EPFO के अनुसार, संगठन डेटाबेस कंसोलिडेशन और सॉफ्टवेयर अपग्रेडेशन पर काम कर रहा है। इसका उद्देश्य ऑनलाइन सेवाओं को पहले से अधिक तेज, सुरक्षित और भरोसेमंद बनाना है, ताकि भविष्य में क्लेम प्रोसेसिंग और अन्य डिजिटल सुविधाएं बेहतर तरीके से उपलब्ध कराई जा सकें। हालांकि, इस अपग्रेडेशन के दौरान अस्थायी रूप से कई ऑनलाइन सेवाएं बंद रखी गई हैं। कौन-कौन सी सुविधाएं हैं प्रभावित? सर्वर अपग्रेड के चलते फिलहाल कई जरूरी सेवाएं उपलब्ध नहीं हैं, जिनमें शामिल हैं— इन सेवाओं के बंद रहने से कर्मचारियों के साथ-साथ कंपनियों और HR विभागों का काम भी प्रभावित हुआ है। PF Balance कैसे चेक करें? अगर EPFO Portal या UMANG App काम नहीं कर रहे हैं, तो खाताधारक अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से SMS या Missed Call Service का इस्तेमाल करके PF खाते की बेसिक जानकारी और बैलेंस प्राप्त कर सकते हैं। यह सुविधा फिलहाल वैकल्पिक माध्यम के रूप में उपलब्ध है। EPFO ने क्या कहा? EPFO का कहना है कि तकनीकी अपग्रेडेशन का काम तेजी से पूरा किया जा रहा है। जैसे ही प्रक्रिया पूरी होगी, सभी ऑनलाइन सेवाएं चरणबद्ध तरीके से फिर से शुरू कर दी जाएंगी। संगठन ने सदस्यों से धैर्य रखने की अपील की है और सलाह दी है कि जरूरी काम के लिए कुछ समय बाद दोबारा पोर्टल या ऐप पर प्रयास करें। करोड़ों कर्मचारियों की निगाहें बहाली पर देशभर में करोड़ों कर्मचारी अपनी PF से जुड़ी जरूरतों के लिए EPFO की डिजिटल सेवाओं पर निर्भर हैं। ऐसे में पोर्टल और UMANG App लंबे समय तक बंद रहने से क्लेम, ट्रांसफर और अन्य जरूरी प्रक्रियाएं प्रभावित हुई हैं। अब सभी की नजर इस बात पर है कि सेवाएं पूरी तरह कब तक सामान्य होती हैं। उम्मीद की जा रही है कि अपग्रेडेशन पूरा होने के बाद EPFO का नया सिस्टम पहले की तुलना में अधिक तेज, सुरक्षित और यूजर-फ्रेंडली अनुभव देगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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