भारतीय शेयर बाजार (Stock Market) ने गुरुवार को शानदार बढ़त के साथ कारोबार का समापन किया। दिनभर खरीदारी का माहौल बना रहा और इसकी सबसे बड़ी वजह आईटी (IT) सेक्टर में आई जबरदस्त तेजी रही। लंबे समय बाद टेक कंपनियों के शेयरों में मजबूत रिकवरी देखने को मिली, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा और बाजार ने ऊंचे स्तर पर क्लोजिंग दी।
कारोबार समाप्त होने पर बीएसई सेंसेक्स 579.48 अंक की बढ़त के साथ 77,502.12 पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी 50, 169.85 अंक चढ़कर 24,175.70 के स्तर पर पहुंच गया। बाजार में अधिकांश सेक्टर हरे निशान में बंद हुए, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा आईटी शेयरों की रही।
IT Shares में आई जोरदार खरीदारी
पिछले कुछ दिनों से दबाव झेल रहे आईटी शेयरों में गुरुवार को जबरदस्त वापसी देखने को मिली। निवेशकों ने टेक कंपनियों में खुलकर खरीदारी की, जिसके चलते Nifty IT Index में करीब 4 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई।
विश्लेषकों का मानना है कि हालिया गिरावट के बाद कई आईटी कंपनियों के शेयर आकर्षक वैल्यूएशन पर पहुंच गए थे। इसी वजह से निवेशकों ने दोबारा खरीदारी शुरू की, जिसका सीधा असर पूरे बाजार पर देखने को मिला।
इन दिग्गज कंपनियों के शेयरों ने दिखाई ताकत
आज के कारोबार में देश की प्रमुख आईटी कंपनियों के शेयरों ने शानदार प्रदर्शन किया।
- Infosys के शेयर में 5 प्रतिशत से अधिक की तेजी दर्ज हुई।
- TCS के शेयर करीब 4 प्रतिशत से ज्यादा चढ़े।
- HCL Technologies ने भी मजबूत बढ़त दर्ज की।
- Wipro और अन्य टेक कंपनियों के शेयर भी अच्छी बढ़त के साथ बंद हुए।
इन शेयरों की तेजी ने सेंसेक्स और निफ्टी दोनों को नई मजबूती दी।
केवल IT नहीं, इन सेक्टरों ने भी दिया साथ
आईटी सेक्टर के अलावा बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज, ऑटो और चुनिंदा मिडकैप शेयरों में भी खरीदारी देखने को मिली। इससे बाजार की चौड़ाई मजबूत रही और अधिकांश शेयर बढ़त के साथ बंद हुए।
मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी अच्छी तेजी दर्ज की गई, जिससे यह संकेत मिला कि निवेशकों का भरोसा केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं है।
बाजार में तेजी की बड़ी वजह क्या रही?
मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार गुरुवार की तेजी के पीछे कई सकारात्मक संकेत रहे।
- कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से भारतीय अर्थव्यवस्था को राहत मिलने की उम्मीद बढ़ी।
- आईटी सेक्टर में वैल्यू बाइंग देखने को मिली।
- विदेशी बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों ने निवेशकों का मनोबल बढ़ाया।
- घरेलू और विदेशी संस्थागत निवेशकों की खरीदारी ने बाजार को अतिरिक्त मजबूती दी।
इन सभी कारणों ने मिलकर शेयर बाजार में शानदार रैली को जन्म दिया।
निवेशकों के लिए आगे क्या हैं संकेत?
अब निवेशकों की नजर कंपनियों के पहली तिमाही (Q1) के नतीजों, वैश्विक आर्थिक संकेतों, अमेरिकी बाजार, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर रहेगी। यदि आईटी सेक्टर में खरीदारी का रुख बना रहता है, तो आने वाले कारोबारी सत्रों में भी बाजार सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ सकता है।
हालांकि, बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा तेजी के बीच निवेशकों को जल्दबाजी से बचना चाहिए और मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनियों में ही चरणबद्ध तरीके से निवेश करना बेहतर रणनीति हो सकती है।
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