खंडवा शहर में शुक्रवार को नगर निगम और प्रशासन ने बरसाती नाले पर बने चार अवैध रास्तों को हटाने की कार्रवाई की। बुलडोजर की मदद से इन रास्तों को तोड़ा गया। इनमें दो रास्तों पर रहवासियों द्वारा पाइप डालकर मार्ग बनाया गया था, जबकि एक पक्की पुलिया नगर निगम की ओर से बनाई गई थी। कार्रवाई ऐसे समय की गई, जब बड़ी संख्या में लोग जुम्मे की नमाज में शामिल थे।
कार्रवाई पर दोनों समुदायों ने जताई आपत्ति
स्थानीय लोगों के अनुसार, कार्रवाई से पहले हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के लोगों ने प्रशासन से शिकायत कर इस कार्रवाई पर आपत्ति जताई थी। उनका कहना था कि इन रास्तों का इस्तेमाल रोजमर्रा की आवाजाही के लिए किया जाता था।
रहवासियों ने लगाए राजनीतिक कारणों के आरोप
स्थानीय लोगों और कुछ जानकारों का दावा है कि यह मामला राजनीति और रियल एस्टेट से जुड़ा हो सकता है। शहर के वीआईपी माने जाने वाले बड़गांव भीला रोड क्षेत्र में कई प्रीमियम कॉलोनियां, मैरिज गार्डन और तेजी से विकसित हो रहे आवासीय प्रोजेक्ट मौजूद हैं। इसी क्षेत्र के पास फोरलेन बायपास बनने के बाद रियल एस्टेट गतिविधियां भी बढ़ी हैं।
हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और प्रशासन ने इस संबंध में कोई बयान जारी नहीं किया है।
बच्चों की आवाजाही के लिए बनाए गए थे रास्ते: रहवासी
रहवासियों का कहना है कि नाले के दूसरी ओर बसे खानशाहवली क्षेत्र के लोगों ने आपसी सहयोग से कुछ पुल और रास्ते बनाए थे, ताकि बच्चों को स्कूल जाने और बाजार तथा सिहाड़ा-मूंदी रोड तक पहुंचने में सुविधा हो सके। उनका दावा है कि इनमें से एक पक्का पुल नगर निगम ने भी बनवाया था, जिसे भी कार्रवाई के दौरान तोड़ दिया गया।
‘नमाज के समय कार्रवाई की गई’
स्थानीय लोगों का आरोप है कि शुक्रवार को जुम्मे की नमाज के दौरान प्रशासन ने पांच जेसीबी मशीनों के साथ कार्रवाई शुरू कर दी। उनका कहना है कि जब तक लोग नमाज से लौटकर मौके पर पहुंचे, तब तक रास्ते पूरी तरह तोड़े जा चुके थे और वहां केवल मलबा बचा था।
फिलहाल प्रशासन की ओर से इस कार्रवाई को लेकर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
अधिक जानकारी और लेटेस्ट अपडेट्स के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com

