फिल्म ‘Alpha’ एक ऐसी एक्शन-थ्रिलर है जो शुरुआत में ही तेज रफ्तार और स्टाइलिश अंदाज़ के साथ दर्शकों को पकड़ने की कोशिश करती है। पहले कुछ मिनटों में फिल्म का टोन काफी दमदार लगता है, लेकिन जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है, स्क्रिप्ट की पकड़ कमजोर पड़ती नजर आती है और फिल्म अपने असर को पूरी तरह बरकरार नहीं रख पाती।
शुरुआत में दमदार, फिर धीरे-धीरे कमजोर होती कहानी
फिल्म की ओपनिंग काफी प्रभावशाली है। हाई-एनर्जी एक्शन सीक्वेंस और तेज एडिटिंग के साथ यह ‘धुरंधर’ जैसी रफ्तार पकड़ने की कोशिश करती है। शुरुआती हिस्सा आपको बांधे रखता है, लेकिन इंटरवल के बाद कहानी कई जगह बिखरती हुई महसूस होती है।
कुछ सीन अचानक आगे बढ़ते हैं, जिससे कहानी का फ्लो टूट जाता है और इमोशनल कनेक्शन भी कमजोर पड़ता है।
Bobby Deol का एंट्री ट्विस्ट बना फिल्म का हाईलाइट
फिल्म का सबसे मजबूत और चर्चा में रहने वाला हिस्सा है Bobby Deol का किरदार। उनका एंट्री मोमेंट और उसके बाद आने वाला ट्विस्ट कहानी को एक नया मोड़ देता है।
Bobby Deol ने अपने किरदार को शांत लेकिन इंटेंस अंदाज़ में निभाया है, जो फिल्म में गहराई जोड़ता है। कई जगह ऐसा लगता है कि वही फिल्म को पूरी तरह गिरने से बचा रहे हैं।
स्क्रीनप्ले की कमजोरी ने किया असर
फिल्म की सबसे बड़ी दिक्कत इसका असंतुलित स्क्रीनप्ले है। कहानी कई जगह जल्दबाजी में आगे बढ़ती है और कुछ अहम मोमेंट्स को ठीक से एक्सप्लोर नहीं किया गया।
डायरेक्शन में विजुअल स्टाइल तो मजबूत है, लेकिन कहानी कहने का तरीका उतना प्रभावी नहीं हो पाता।
एक्शन और विजुअल्स में है ताकत
अगर आप एक्शन फिल्मों के शौकीन हैं तो Alpha आपको कई ऐसे सीक्वेंस देगी जो स्क्रीन पर अच्छे लगते हैं। बैकग्राउंड स्कोर और सिनेमैटोग्राफी फिल्म को एक स्टाइलिश लुक देते हैं।
लेकिन सिर्फ एक्शन के दम पर फिल्म पूरी तरह असर नहीं छोड़ पाती।
अंतिम फैसला
Alpha एक ऐसी फिल्म है जो स्टाइल, एक्शन और विजुअल्स में मजबूत है, लेकिन कहानी और स्क्रीनप्ले की कमी इसे पूरी तरह यादगार बनने से रोक देती है। Bobby Deol का ट्विस्ट फिल्म का सबसे बड़ा प्लस पॉइंट है, जो अंत तक रुचि बनाए रखता है।
रेटिंग: ⭐⭐⭐ (3/5)
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