आपका चैनल --
ताज़ा खबर
BREAKINGदेश-हरपलRahul Gandhi vs Amit Shah: छात्रों पर कथित हमले के मुद्दे पर गृह मंत्री को पत्र, कार्रवाई की मांगBREAKINGस्पोर्ट्सAbhishek Sharma Record: Batting में नहीं चला जादू, लेकिन Bowling से Team India के स्टार ने किया कमालBREAKINGदेश-हरपलTrain Food Complaint: Chandigarh-Dibrugarh Express की Pantry पर FSSAI की कार्रवाईBREAKINGधर्म-कर्मRam Mandir Donation Case: विवादों के बीच Champat Rai ने चुना भक्ति का रास्ता, Ayodhya में 4 महीने करेंगे साधनाBREAKINGदेश-हरपलTelangana Assembly Special Session: 21 साल में चुनाव लड़ने का प्रस्ताव, क्या बदल जाएगा Election का नियम?BREAKINGदेश-हरपलMann Ki Baat 2026: PM Modi ने जवानों, युवाओं और खिलाड़ियों का बढ़ाया हौसला, Har Ghar Tiranga की अपीलBREAKINGदेश-हरपलKargil Vijay Diwas: Rajnath Singh ने शहीदों को किया नमन, Pakistan को चेतावनी- सेना पूरी तरह तैयारBREAKINGदेश-हरपलMonsoon Alert: 3 राज्यों में Red Alert जारी, Assam Flood से 66 मौतें; Himachal की 134 सड़कें बंदBREAKINGदेश-हरपलRahul Gandhi vs Amit Shah: छात्रों पर कथित हमले के मुद्दे पर गृह मंत्री को पत्र, कार्रवाई की मांगBREAKINGस्पोर्ट्सAbhishek Sharma Record: Batting में नहीं चला जादू, लेकिन Bowling से Team India के स्टार ने किया कमालBREAKINGदेश-हरपलTrain Food Complaint: Chandigarh-Dibrugarh Express की Pantry पर FSSAI की कार्रवाईBREAKINGधर्म-कर्मRam Mandir Donation Case: विवादों के बीच Champat Rai ने चुना भक्ति का रास्ता, Ayodhya में 4 महीने करेंगे साधनाBREAKINGदेश-हरपलTelangana Assembly Special Session: 21 साल में चुनाव लड़ने का प्रस्ताव, क्या बदल जाएगा Election का नियम?BREAKINGदेश-हरपलMann Ki Baat 2026: PM Modi ने जवानों, युवाओं और खिलाड़ियों का बढ़ाया हौसला, Har Ghar Tiranga की अपीलBREAKINGदेश-हरपलKargil Vijay Diwas: Rajnath Singh ने शहीदों को किया नमन, Pakistan को चेतावनी- सेना पूरी तरह तैयारBREAKINGदेश-हरपलMonsoon Alert: 3 राज्यों में Red Alert जारी, Assam Flood से 66 मौतें; Himachal की 134 सड़कें बंद

NE

News Elementor

Latest Posts

High Court

Vijay Shah मध्य प्रदेश High Court का बड़ा फैसला, विवादित बयान पर FIR दर्ज करने के आदेश

मध्य प्रदेश के भाजपा मंत्री विजय शाह के एक विवादास्पद बयान पर राज्य के High Court ने स्वेच्छिक संज्ञान लिया और तत्काल एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया। यह मामला उस समय तूल पकड़ा जब विजय शाह ने भारतीय सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी की, जिससे राजनीतिक और कानूनी हलकों में हलचल मच गई। विवाद का कारण और High Court का आदेश विजय शाह ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान कर्नल सोफिया कुरैशी के बारे में विवादास्पद बयान दिया था, जिसमें उन्होंने कहा, “जिन्होंने हमारी बेटियों का सिंदूर छीना था, हम उनकी बहन को सिखाने भेजे थे।” इस बयान को साम्प्रदायिक और अपमानजनक माना गया, क्योंकि इससे यह माना गया कि कर्नल कुरैशी का समुदाय आतंकवादियों से संबंधित है। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने इस मामले पर स्वेच्छिक संज्ञान लिया और राज्य पुलिस को निर्देश दिया कि वे विजय शाह के खिलाफ एफआईआर दर्ज करें। कोर्ट ने चेतावनी दी कि अगर पुलिस इस आदेश का पालन नहीं करती, तो उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई की जाएगी। कानूनी दृष्टिकोण और राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ High Court ने विजय शाह के बयान को भारतीय दंड संहिता की धारा 152 और 192 के तहत अपराध माना। धारा 152 संप्रभुता, एकता और अखंडता के लिए खतरे की स्थिति पैदा करने से संबंधित है, जबकि धारा 192 विभिन्न समुदायों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने से जुड़ी है। कोर्ट ने यह भी कहा कि कर्नल कुरैशी के खिलाफ ऐसा बयान देने से गंभीर कानूनी परिणाम हो सकते हैं। कॉंग्रेस पार्टी ने इस बयान की कड़ी निंदा करते हुए मंत्री विजय शाह से इस्तीफे की मांग की। कांग्रेस के नेताओं ने इसे महिलाओं और सेना के खिलाफ अपमानजनक बताया। भाजपा ने शाह के बयान से खुद को अलग करते हुए कहा कि पार्टी इस तरह के विचारों को समर्थन नहीं देती। भाजपा के राज्य अध्यक्ष वी.डी. शर्मा ने स्पष्ट किया कि शाह को पार्टी का संदेश दिया गया है और कोई भी कर्नल कुरैशी का अपमान नहीं कर सकता। विजय शाह का माफी पत्र और स्थिति का समाधान विजय शाह ने अपने बयान पर खेद व्यक्त किया और इसे संदर्भ से बाहर बताया। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य कर्नल कुरैशी की बहादुरी की सराहना करना था और उनके लिए कर्नल कुरैशी “मेरी असली बहन से भी ऊपर” हैं। शाह ने कई बार माफी मांगी और कहा कि उनका बयान किसी को आहत करने के लिए नहीं था। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
UPSC

UPSC Chairman 2025: डॉ. अजय कुमार बने नए यूपीएससी अध्यक्ष

भारत सरकार ने पूर्व रक्षा सचिव और 1985 बैच के केरल कैडर के वरिष्ठ सेवानिवृत्त IAS अधिकारी डॉ. अजय कुमार को संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) का नया अध्यक्ष (Chairman) नियुक्त किया है। उनका कार्यकाल अक्टूबर 2027 तक रहेगा, जब वे 65 वर्ष की आयु प्राप्त करेंगे। UPSC Chairman डॉ. अजय कुमार शैक्षणिक योग्यता (Educational Qualifications) प्रशासनिक करियर की प्रमुख उपलब्धियाँ Defence Secretary के रूप में कार्यकाल (2019–2022) डिजिटल इंडिया और IT क्षेत्र में योगदान राज्य स्तरीय प्रशासनिक भूमिकाएं (केरल) सम्मान और अन्य पहलें हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
HCL-Foxconn

Jewar Semiconductor Plant: जेवर में बनेगा सेमीकंडक्टर प्लांट, HCL-Foxconn लगाएंगे ₹3,706 करोड़ की यूनिट

भारत सरकार ने देश में सेमीकंडक्टर निर्माण को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश के जेवर में ₹3,706 करोड़ की लागत से एक नई सेमीकंडक्टर यूनिट को मंज़ूरी दी है। यह यूनिट HCL Technologies और ताइवानी टेक जायंट Foxconn की संयुक्त साझेदारी में स्थापित की जाएगी। 🇮🇳 भारत का छठा सेमीकंडक्टर प्लांट यह यूनिट भारत का छठा सेमीकंडक्टर निर्माण केंद्र होगा, जिसे “India Semiconductor Mission” के तहत मंजूरी दी गई है। इसका उद्देश्य देश को सेमीकंडक्टर क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देना है। HCL क्या बनेगा इस प्लांट में? जेवर की यह फैक्ट्री खासतौर पर Display Driver Chips बनाएगी, जिनका उपयोग मोबाइल फोन, लैपटॉप, ऑटोमोबाइल और अन्य स्मार्ट डिवाइसेज़ में होता है। घरेलू और अंतरराष्ट्रीय ज़रूरतों की पूर्ति इस यूनिट से न केवल भारत की घरेलू ज़रूरतें पूरी होंगी, बल्कि यह Foxconn की वैश्विक सप्लाई चेन का हिस्सा भी बनेगी। इससे भारत को इलेक्ट्रॉनिक चिप्स के आयात पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी। सरकार का बयान केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि, “यह यूनिट भारत को सेमीकंडक्टर सेक्टर में वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाएगी। भविष्य में देश में ही Display Panels का निर्माण भी संभव होगा।” रोजगार और विकास को मिलेगा बढ़ावा हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Turkey

India-Pakistan Conflict: India-Turkey-Azerbaijan व्यापार संबंधों में आया मोड़

भारत और पाकिस्तान के बीच जारी तनाव का असर अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के व्यापारिक रिश्तों पर भी दिखने लगा है। तुर्की (Turkey) और अज़रबैजान (Azerbaijan) जैसे देश खुलकर पाकिस्तान का समर्थन कर रहे हैं, जिससे भारत में इनके खिलाफ विरोध और व्यापारिक बहिष्कार की मांग तेज हो गई है। 🇹🇷 तुर्की (Turkey) के पाकिस्तान प्रेम से भारत में नाराज़गी बढ़ी तुर्की के राष्ट्रपति रेचप तैयप एर्दोआन ने हाल ही में कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान का पक्ष लेते हुए भारत से बातचीत की अपील की। यह बयान भारत को नागवार गुज़रा और देश भर में तुर्की विरोधी माहौल बन गया। यह घटनाएं दिखाती हैं कि अब भारत केवल कूटनीति तक सीमित नहीं रहकर आर्थिक मोर्चे पर भी जवाब देने की नीति अपना रहा है। 🇦🇿 अज़रबैजान (Azerbaijan) की पाकिस्तान से बढ़ती नज़दीकी भारत को महंगी पड़ सकती है अज़रबैजान ने हाल ही में पाकिस्तान में $2 अरब डॉलर का निवेश करने की घोषणा की है। यह निवेश ऊर्जा, इन्फ्रास्ट्रक्चर और खनन क्षेत्रों में होगा। इसके अलावा दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग भी तेज़ी से बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अज़रबैजान भारत से व्यापारिक दूरी बना सकता है। भारत की रणनीतिक चाल: ईरान और आर्मेनिया के साथ नया व्यापार मार्ग भारत अब ईरान (Iran) और आर्मेनिया के साथ मिलकर एक नया व्यापार कॉरिडोर विकसित करने में जुटा है: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Purnam Kumar Shaw

BSF जवान Purnam Kumar Shaw की Pakistan से वतन वापसी | आँखों पर पट्टी, 21 दिन की हिरासत की पूरी कहानी

सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवान पूर्णम कुमार शॉ (Purnam Kumar Shaw) की पाकिस्तान से भारत वापसी ने पूरे देश को राहत की सांस दी। 23 अप्रैल 2025 को पंजाब बॉर्डर पर गश्त करते हुए वह गलती से भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर गए थे, जिसके बाद उन्हें Pakistan Rangers द्वारा हिरासत में ले लिया गया। Blindfolded तस्वीर ने देश को झकझोरा पाकिस्तानी मीडिया और सेना द्वारा जारी की गई एक तस्वीर में Purnam Kumar Shaw जवान की आंखों पर पट्टी (blindfold) बंधी थी और वह बेहद थके व असहाय नजर आ रहे थे। यह छवि सोशल मीडिया पर वायरल हो गई, जिससे जनता में गुस्सा और जवान की सुरक्षित वापसी की मांग तेज हो गई। Pahalgam Terror Attack के बाद तनावपूर्ण माहौल इस घटना के एक दिन पहले 22 अप्रैल को कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमला हुआ था। इसके चलते भारत और पाकिस्तान के बीच पहले से ही तनाव था, जिससे राजनयिक बातचीत पूरी तरह रुक गई थी। पत्नी की गुहार और ममता बनर्जी का समर्थन कोलकाता निवासी जवान की पत्नी रजनी शॉ, जो उस वक्त गर्भवती थीं, ने BSF और राज्य सरकार से मदद की गुहार लगाई। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उन्हें फोन कर भरोसा दिलाया कि सरकार उनके साथ है और हरसंभव मदद करेगी। India-Pakistan ने की Soldier Exchange लगभग तीन हफ्ते (21 दिन) बाद, 14 मई 2025 को पूर्णम कुमार शॉ को अटारी-वाघा सीमा (Attari-Wagah Border) से भारत लाया गया। इसके बदले भारत ने भी एक पाकिस्तानी रेंजर को रिहा किया, जो करीब दो सप्ताह से भारतीय हिरासत में था। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Indian Railways

Indian Railways New Rules for Train Ticket Booking: वेटिंग टिकट वालों को अब आरक्षित कोच में चढ़ने की अनुमति नहीं

Indian Railways ने 1 मई 2025 से एक अहम बदलाव लागू किया है, जो वेटिंग टिकट (प्रतीक्षा सूची) वाले यात्रियों के लिए बड़ा बदलाव है। अब, यदि आपकी ट्रेन टिकट वेटिंग लिस्ट में है, तो आपको आरक्षित कोच जैसे स्लीपर या एसी कोच में यात्रा करने की अनुमति नहीं होगी। इस लेख में हम आपको भारतीय रेलवे के नए नियमों के बारे में पूरी जानकारी देंगे। भारतीय रेलवे का नया नियम: वेटिंग टिकट वाले यात्रियों के लिए क्या है बदलाव? Indian Railways ने हाल ही में वेटिंग टिकट वाले यात्रियों के लिए एक नया नियम लागू किया है। अब, यदि आपकी टिकट वेटिंग लिस्ट में है और चार्ट बनने के बाद भी कन्फर्म नहीं होती, तो आपको केवल जनरल (अनारक्षित) कोच में यात्रा करने की अनुमति होगी। इसका मतलब है कि स्लीपर, एसी या अन्य आरक्षित कोच में यात्रा करना अब संभव नहीं होगा। अगर ऐसा किया जाता है, तो यह रेलवे के नियमों का उल्लंघन माना जाएगा और यात्री को जुर्माना या ट्रेन से उतारने का सामना करना पड़ सकता है। एक ही PNR पर बुकिंग होने पर क्या होता है? यदि आप और आपके साथ यात्रा करने वाले अन्य लोग एक ही PNR पर टिकट बुक करते हैं और उनमें से कुछ कन्फर्म होते हैं जबकि कुछ वेटिंग लिस्ट में होते हैं, तो रेलवे थोड़ी छूट देती है। उदाहरण के तौर पर, यदि चार यात्री एक PNR पर बुकिंग करते हैं और उनमें से केवल दो की सीट कन्फर्म होती है, तो सभी यात्री ट्रेन में चढ़ सकते हैं। हालांकि, वेटिंग टिकट वाले यात्रियों को कन्फर्म सीट वाले यात्रियों के साथ बैठने के लिए एडजस्ट करना होगा। यह नियम अस्थायी तौर पर लागू है, और यदि रेलवे अधिकारी चाहे तो वेटिंग टिकट वाले यात्रियों को ट्रेन से उतार भी सकते हैं। इसलिए यह नियम पूरी तरह से यात्रियों के लिए सुरक्षित नहीं है, और उन्हें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके पास कन्फर्म टिकट हो। यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण सलाह हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Anita Anand

Anita Anand बनी Canada की First Hindu Foreign Minister – अनीता आनंद ने भगवद गीता पर ली शपथ

कनाडा (Canada) में इतिहास रचते हुए भारतीय मूल की अनीता आनंद (Anita Anand) को देश की पहली हिंदू महिला विदेश मंत्री (First Hindu Woman Foreign Minister of Canada) नियुक्त किया गया है। प्रधानमंत्री मार्क कार्नी (Mark Carney) द्वारा हाल ही में किए गए कैबिनेट फेरबदल (Cabinet Reshuffle) में उन्हें यह ऐतिहासिक जिम्मेदारी सौंपी गई। भगवद गीता पर रखकर ली शपथ – Cultural Identity की मिसाल अनीता आनंद ने भगवद गीता (Bhagavad Gita) पर हाथ रखकर शपथ ली, जो उनकी भारतीय सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक आस्था को दर्शाता है। यह कदम ना केवल उनके व्यक्तिगत मूल्यों का प्रतीक है, बल्कि कनाडा की विविधता (Diversity) को भी सम्मान देता है। Indian-Origin Anita Anand: भारतीय जड़ों से कनाडा की राजनीति तक अनीता का जन्म केंटविल, नोवा स्कोटिया (Kentville, Nova Scotia) में हुआ था। उनके माता-पिता भारत से कनाडा आकर बसे थे — मां पंजाब से और पिता तमिलनाडु से थे। उन्होंने क्वीन यूनिवर्सिटी, ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी, डालहौजी यूनिवर्सिटी और टोरंटो यूनिवर्सिटी से शिक्षा प्राप्त की। राजनीति में आने से पहले अनीता टोरंटो यूनिवर्सिटी में कानून की प्रोफेसर थीं। Anita Anand का Political Career राजनीति में अनीता आनंद का सफर बहुत प्रेरणादायक रहा है। वह पहले कनाडा की: रह चुकी हैं। अब उन्हें Foreign Affairs Ministry की कमान सौंपी गई है। Canada की Foreign Policy में नया मोड़ उनकी नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब कनाडा को अमेरिका, चीन और अन्य वैश्विक शक्तियों के साथ संबंधों को मजबूत करने की चुनौती है। अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप के संभावित दोबारा सत्ता में आने से ट्रेड और सिक्योरिटी पॉलिसी में बदलाव की संभावना है, जिससे अनीता आनंद को रणनीतिक संतुलन बनाना होगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Justice B. R. Gavai

Justice B. R. Gavai बने India के 52वें Chief Justice – भारत को मिला पहला Buddhist CJI

जस्टिस भूषण रमकृष्ण गवई (Justice B. R. Gavai) ने मंगलवार को भारत के 52वें मुख्य न्यायाधीश (Chief Justice of India) के रूप में शपथ ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक भव्य समारोह में शपथ दिलाई। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला समेत कई प्रमुख नेता और अधिकारी मौजूद रहे। जस्टिस गवई का कार्यकाल 23 नवंबर 2025 तक रहेगा। उनकी नियुक्ति कई मायनों में ऐतिहासिक है क्योंकि वे भारत के पहले बौद्ध (Buddhist) और दूसरे दलित (Dalit) मुख्य न्यायाधीश हैं। इससे पहले केवल जस्टिस के. जी. बालाकृष्णन को यह गौरव प्राप्त हुआ था। जस्टिस गवई का जीवन और करियर अपने न्यायिक करियर के दौरान जस्टिस गवई कई अहम फैसलों का हिस्सा रहे, जिनमें अनुच्छेद 370 की समाप्ति और नोटबंदी को लेकर आए फैसले प्रमुख हैं। संविधान और सामाजिक न्याय के प्रति समर्पण शपथ ग्रहण से पहले, जस्टिस गवई ने डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों को अपनी प्रेरणा बताते हुए कहा कि वे संविधान में निहित सामाजिक और राजनीतिक न्याय के सिद्धांतों को आगे बढ़ाने के लिए कार्य करेंगे। उन्होंने समाज के वंचित और कमजोर वर्गों को न्याय दिलाने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Daily Horoscope

14 मई 2025 बुधवार| (Wednesday)| दैनिक राशिफल (Daily Horoscope)

♈ मेष (Aries) : कार्यक्षेत्र में मेहनत का फल मिलेगा। परिवार के साथ समय बिताएं। ♉ वृषभ (Taurus) : परिवार में किसी मुद्दे पर बहस हो सकती है। संयम से काम लें। ♊मिथुन (Gemini) : नए प्रोजेक्ट में सफलता मिलेगी। मित्रों का सहयोग मिलेगा। ♋कर्क (Cancer) : कार्यस्थल पर नए अवसर मिल सकते हैं। सतर्क रहें। ♌ सिंह (Leo) : व्यावसायिक यात्रा सफल होगी। नई जिम्मेदारियां मिलेंगी। ♍ कन्या (Virgo) : दोस्तों के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा। ♎ तुला (Libra) : कार्यक्षेत्र में नए अवसर मिल सकते हैं। प्रमोशन का योग है। ♏ वृश्चिक (Scorpio) : रिश्तेदारों से संबंध बेहतर होंगे। ♐ धनु (Sagittarius) : नौकरी में सकारात्मक बदलाव आएंगे। ♑ मकर (Capricorn) :धन लाभ के योग हैं। व्यापार में सफलता मिलेगी। ♒ कुंभ (Aquarius) : मित्रों से सहायता मिलेगी। नई योजनाएं बनाएंगे। ♓ मीन (Pisces) : प्रेम संबंध में तनाव हो सकता है।
Read more
pancang

14 मई 2025 (बुधवार) का पंचांग

तिथि: कृष्ण पक्ष द्वितीया (2:29 AM तक), तृतीया प्रारंभ नक्षत्र: अनुराधा (11:47 AM तक), फिर ज्येष्ठा योग: परिघ (6:33 AM तक), फिर शिव करण: तैतिल (1:35 PM तक), फिर गर सूर्योदय: 5:50 AM सूर्यास्त: 6:56 PM चन्द्रोदय: 8:42 PM चन्द्रास्त: 7:19 AM (15 मई) राहुकाल: 12:23 PM – 2:01 PM शुभ मुहूर्त: अभिजीत: 11:56 AM – 12:49 PM ब्रह्म मुहूर्त: 4:13 AM – 5:01 AM ग्रह स्थिति: सूर्य: मेष राशि में चंद्रमा: वृश्चिक राशि में
Read more
1 271 272 273 274 275 289

Editor's Picks

Rahul Gandhi

Rahul Gandhi vs Amit Shah: छात्रों पर कथित हमले के मुद्दे पर गृह मंत्री को पत्र, कार्रवाई की मांग

कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता Rahul Gandhi ने छात्रों पर हुए कथित हमले को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah को पत्र लिखा है। राहुल गांधी ने अपने पत्र में छात्रों की सुरक्षा, घटना की जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई को लेकर सरकार से जवाब मांगा है। Rahul Gandhi ने कहा कि देश के युवाओं और छात्रों को सुरक्षित माहौल मिलना जरूरी है। उन्होंने चिंता जताई कि छात्रों से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही बेहद महत्वपूर्ण है। पत्र के माध्यम से उन्होंने गृह मंत्रालय से पूरे मामले की जानकारी साझा करने की मांग की है। Student Safety को लेकर राहुल गांधी ने उठाए सवाल राहुल गांधी ने अपने पत्र में छात्रों की सुरक्षा को प्रमुख मुद्दा बनाया है। उन्होंने सवाल उठाया कि छात्रों के साथ हुई घटना के पीछे क्या कारण थे और प्रशासन ने इस मामले में अब तक क्या कदम उठाए हैं। उन्होंने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों का अधिकार है कि वे बिना डर के अपनी पढ़ाई और भविष्य पर ध्यान दे सकें। Congress ने सरकार से मांगी जवाबदेही इस मामले को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। पार्टी का कहना है कि छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को अपनी बात रखने और सुरक्षित वातावरण में रहने का अधिकार है। ऐसे मामलों में सरकार की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। गृह मंत्रालय के जवाब का इंतजार राहुल गांधी के पत्र के बाद अब सभी की नजर गृह मंत्रालय के रुख पर है। राजनीतिक हलकों में इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज हो गई है। छात्रों से जुड़े मामले पहले भी देश की राजनीति में अहम मुद्दे रहे हैं। शिक्षा, सुरक्षा और युवाओं के अधिकारों को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच बहस लगातार जारी रहती है। फिलहाल, राहुल गांधी के पत्र के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि गृह मंत्रालय इस मामले में क्या जवाब देता है और आगे क्या कार्रवाई की जाती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Abhishek Sharma

Abhishek Sharma Record: Batting में नहीं चला जादू, लेकिन Bowling से Team India के स्टार ने किया कमाल

भारत और जिम्बाब्वे के बीच खेले गए T20 मुकाबले में टीम इंडिया के युवा स्टार Abhishek Sharma ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह सिर्फ विस्फोटक बल्लेबाज ही नहीं, बल्कि जरूरत पड़ने पर टीम के लिए शानदार ऑलराउंडर भी बन सकते हैं। इस मैच में भले ही अभिषेक शर्मा का बल्ला ज्यादा कमाल नहीं दिखा पाया, लेकिन गेंद से उन्होंने ऐसा प्रदर्शन किया कि उनका नाम रिकॉर्ड बुक में दर्ज हो गया। Batting में खामोशी, Bowling में दिखा अभिषेक का जलवा मैच में अभिषेक शर्मा से फैंस को एक बड़ी पारी की उम्मीद थी, लेकिन वह बल्लेबाजी में ज्यादा देर क्रीज पर नहीं टिक सके। हालांकि इसके बाद उन्होंने गेंदबाजी की जिम्मेदारी संभाली और अपनी शानदार स्पिन गेंदों से जिम्बाब्वे के बल्लेबाजों को परेशान कर दिया। Abhishek Sharma ने अपनी गेंदबाजी से अहम विकेट हासिल किए और भारतीय टीम को मुकाबले में मजबूत स्थिति में पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाई। उनका यह प्रदर्शन इस बात का सबूत है कि वह आने वाले समय में टीम इंडिया के लिए एक उपयोगी ऑलराउंड विकल्प बन सकते हैं। Abhishek Sharma ने बनाया खास T20I Record जिम्बाब्वे के खिलाफ गेंद से शानदार प्रदर्शन करते हुए अभिषेक शर्मा ने एक खास उपलब्धि हासिल की। वह T20 इंटरनेशनल क्रिकेट में भारतीय ओपनर बल्लेबाजों में बेहतरीन गेंदबाजी प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों की सूची में शामिल हो गए। यह रिकॉर्ड इसलिए भी खास है क्योंकि आमतौर पर ओपनिंग बल्लेबाजों से गेंदबाजी में बड़ी भूमिका की उम्मीद नहीं की जाती, लेकिन अभिषेक ने अपनी प्रतिभा और मेहनत से खुद को अलग साबित किया। India की जीत में Abhishek बने अहम कड़ी मुकाबले में भारतीय टीम ने बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में शानदार प्रदर्शन किया। जहां बल्लेबाजों ने स्कोरबोर्ड पर बड़ा लक्ष्य खड़ा किया, वहीं गेंदबाजों ने जिम्बाब्वे की टीम पर लगातार दबाव बनाए रखा। अभिषेक शर्मा के अलावा टीम इंडिया के अन्य खिलाड़ियों ने भी बेहतरीन योगदान दिया। बल्लेबाजों ने आक्रामक अंदाज में रन बनाए और गेंदबाजों ने सही समय पर विकेट लेकर जिम्बाब्वे की वापसी की उम्मीदों को खत्म कर दिया। युवा खिलाड़ी के तौर पर बढ़ी Abhishek Sharma की अहमियत पिछले कुछ समय में अभिषेक शर्मा ने अपनी बल्लेबाजी से क्रिकेट फैंस का ध्यान खींचा है। उनकी लंबे छक्के लगाने की क्षमता और आक्रामक अंदाज उन्हें T20 क्रिकेट के लिए खास बनाता है। अब गेंद से शानदार प्रदर्शन करने के बाद उनकी उपयोगिता टीम के लिए और बढ़ गई है। एक ऐसा खिलाड़ी जो बल्लेबाजी के साथ-साथ गेंदबाजी में भी योगदान दे सकता है, किसी भी टीम के लिए बड़ा हथियार साबित होता है। Team India को मिला भरोसेमंद All-Round Option Abhishek Sharma का यह प्रदर्शन उनके करियर के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उन्होंने दिखा दिया कि वह सिर्फ एक बल्लेबाज नहीं बल्कि मैच की परिस्थितियों के हिसाब से खुद को बदलने की क्षमता रखते हैं। IND vs ZIM मुकाबले में उनका यह ऑलराउंड प्रदर्शन लंबे समय तक याद रखा जाएगा। बल्ले से शांत रहने के बावजूद गेंद से इतिहास रचकर अभिषेक ने साबित कर दिया कि बड़े खिलाड़ी वही होते हैं जो मुश्किल समय में टीम के काम आएं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
FSSAI

Train Food Complaint: Chandigarh-Dibrugarh Express की Pantry पर FSSAI की कार्रवाई

चंडीगढ़-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस में सफर कर रहे यात्रियों के लिए एक बार फिर रेलवे खानपान व्यवस्था सवालों के घेरे में आ गई है। ट्रेन में खराब गुणवत्ता वाला खाना परोसे जाने की शिकायतों के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने सख्त कदम उठाया है। जांच के बाद पेंट्री कार संचालक के खिलाफ कार्रवाई करते हुए जुर्माना लगाया गया है। यह मामला सामने आने के बाद यात्रियों के बीच चिंता बढ़ गई है, क्योंकि लंबी दूरी की ट्रेनों में सफर करने वाले हजारों लोग भोजन के लिए रेलवे की Catering Service पर निर्भर रहते हैं। यात्रियों की शिकायत के बाद शुरू हुई कार्रवाई चंडीगढ़-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस (Train No. 15904) में यात्रियों ने खाने की गुणवत्ता को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी। यात्रियों का कहना था कि ट्रेन की पेंट्री कार से मिलने वाला भोजन तय मानकों के अनुसार नहीं था। शिकायत मिलने के बाद संबंधित अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू की। जांच में पेंट्री कार की व्यवस्थाओं और Food Safety Standards को लेकर कुछ कमियां सामने आईं, जिसके बाद FSSAI ने कार्रवाई का फैसला लिया। FSSAI ने Pantry Operator पर लगाया जुर्माना जांच के आधार पर FSSAI ने ट्रेन की पेंट्री कार संचालित करने वाले ऑपरेटर के खिलाफ कार्रवाई की और जुर्माना लगाया। अधिकारियों ने साफ किया कि यात्रियों की सेहत से जुड़ी किसी भी लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। FSSAI की यह कार्रवाई रेलवे Catering System में सुधार और यात्रियों को बेहतर भोजन उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। Railway Food Quality पर उठते रहे हैं सवाल भारतीय रेलवे में रोजाना करोड़ों यात्री सफर करते हैं। ऐसे में ट्रेन में मिलने वाले खाने की गुणवत्ता हमेशा एक बड़ा मुद्दा रही है। कई बार यात्रियों ने भोजन की साफ-सफाई, स्वाद और गुणवत्ता को लेकर शिकायतें की हैं। रेलवे लगातार अपनी खानपान सेवाओं को बेहतर बनाने का दावा करता रहा है, लेकिन इस तरह के मामले व्यवस्थाओं में सुधार की जरूरत को दिखाते हैं। यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा सबसे जरूरी ट्रेन यात्रा के दौरान यात्रियों को सुरक्षित और साफ भोजन मिलना बेहद जरूरी है। खराब खाना न सिर्फ यात्रियों की परेशानी बढ़ाता है, बल्कि उनकी सेहत पर भी असर डाल सकता है। FSSAI की इस कार्रवाई से पेंट्री संचालकों को एक स्पष्ट संदेश मिला है कि Food Safety Rules का पालन करना अनिवार्य है। आने वाले समय में रेलवे और खाद्य सुरक्षा विभाग की निगरानी से यात्रियों को बेहतर खानपान सुविधा मिलने की उम्मीद है। Chandigarh-Dibrugarh Express Food Case Highlights: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Champat Rai

Ram Mandir Donation Case: विवादों के बीच Champat Rai ने चुना भक्ति का रास्ता, Ayodhya में 4 महीने करेंगे साधना

अयोध्या के श्रीराम मंदिर से जुड़े चढ़ावा विवाद (Ram Mandir Donation Controversy) के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय (Champat Rai) ने एक बड़ा आध्यात्मिक कदम उठाया है। उन्होंने अयोध्या में चार महीने तक चलने वाली चातुर्मास साधना (Chaturmas Sadhna) शुरू कर दी है। इस दौरान वह भगवान श्रीराम की आराधना, मंत्र जाप और धार्मिक अनुष्ठानों के जरिए अपना समय आध्यात्मिक साधना में बिताएंगे। चंपत राय का यह फैसला ऐसे समय आया है, जब राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दिए जाने वाले चढ़ावे और दान से जुड़े मामले को लेकर देशभर में चर्चा हो रही है। विवाद के बीच उनका अयोध्या में रहकर साधना करने का निर्णय लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। चंपत राय ने क्यों शुरू की Chaturmas Sadhna? धार्मिक परंपराओं में चातुर्मास का विशेष महत्व माना जाता है। यह अवधि भगवान की भक्ति, आत्मसंयम और आध्यात्मिक चिंतन के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसी परंपरा के तहत चंपत राय ने चार महीने तक साधना करने का संकल्प लिया है। बताया जा रहा है कि इस दौरान वह राम नाम का जाप, रामचरितमानस पाठ और अन्य धार्मिक गतिविधियों में समय लगाएंगे। उनका उद्देश्य आध्यात्मिक अनुशासन और आत्ममंथन पर ध्यान केंद्रित करना है। Ram Mandir Donation Case को लेकर क्यों बढ़ी चर्चा? श्रीराम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए चढ़ावे और दान की व्यवस्था को लेकर कथित गड़बड़ी का मामला सामने आने के बाद विवाद शुरू हुआ। मामले की जांच को लेकर सवाल उठे और जांच एजेंसियों ने कई पहलुओं की पड़ताल शुरू की। इस विवाद के बाद मंदिर प्रशासन की व्यवस्था, दान प्रबंधन और जिम्मेदार लोगों की भूमिका को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गईं। हालांकि, जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। अयोध्या में चंपत राय की भूमिका रही है अहम चंपत राय लंबे समय से राम मंदिर आंदोलन से जुड़े प्रमुख चेहरों में शामिल रहे हैं। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के गठन के बाद मंदिर निर्माण से लेकर कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में उनकी भूमिका रही है। राम मंदिर निर्माण और निधि संग्रह अभियान के दौरान भी वह लगातार सक्रिय रहे। यही वजह है कि उनसे जुड़ा कोई भी फैसला अयोध्या और देशभर में लोगों का ध्यान आकर्षित करता है। विवाद के बीच आध्यात्मिक रास्ता चुना राम मंदिर चढ़ावा विवाद के बीच चंपत राय का चार महीने की साधना का फैसला कई मायनों में देखा जा रहा है। उनके समर्थक इसे भक्ति, संयम और आत्मचिंतन का कदम बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे मौजूदा विवाद के संदर्भ में भी जोड़कर देख रहे हैं। फिलहाल, अयोध्या में चंपत राय की चातुर्मास साधना और राम मंदिर से जुड़े विवाद की जांच दोनों ही सुर्खियों में हैं। आने वाले समय में जांच की दिशा और मंदिर प्रशासन से जुड़े फैसले इस पूरे मामले की तस्वीर साफ करेंगे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Telangana

Telangana Assembly Special Session: 21 साल में चुनाव लड़ने का प्रस्ताव, क्या बदल जाएगा Election का नियम?

Telangana Election Reform: तेलंगाना सरकार ने देश की चुनावी व्यवस्था में बड़ा बदलाव लाने की दिशा में एक अहम पहल की है। राज्य सरकार विधानसभा और लोकसभा चुनाव लड़ने की न्यूनतम आयु 25 वर्ष से घटाकर 21 वर्ष करने के पक्ष में प्रस्ताव लाने जा रही है। इस मुद्दे पर अगस्त के पहले सप्ताह में विधानसभा और विधान परिषद का विशेष सत्र बुलाया जाएगा। हालांकि, केवल राज्य सरकार के प्रस्ताव से नियम नहीं बदलेंगे। इसके लिए केंद्र सरकार और संसद की मंजूरी अनिवार्य होगी। युवाओं को राजनीति में आगे लाने की तैयारी मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी का कहना है कि भारत दुनिया की सबसे युवा आबादी वाले देशों में शामिल है। ऐसे में युवाओं को केवल मतदान तक सीमित रखने के बजाय उन्हें चुनाव लड़ने और नेतृत्व करने का अवसर भी मिलना चाहिए। सरकार का मानना है कि 21 वर्ष की आयु में युवा उच्च शिक्षा पूरी कर चुके होते हैं, नौकरी और कारोबार की जिम्मेदारियां संभालते हैं। ऐसे में यदि वे देश के भविष्य को लेकर अपनी सोच रखते हैं, तो उन्हें लोकतांत्रिक प्रक्रिया में उम्मीदवार बनने का भी अधिकार मिलना चाहिए। विधानसभा का Special Session क्यों बुलाया जा रहा है? तेलंगाना सरकार इस प्रस्ताव को औपचारिक रूप देने के लिए विधानसभा और विधान परिषद का विशेष सत्र बुला रही है। इस सत्र में चुनाव लड़ने की न्यूनतम आयु 21 वर्ष करने संबंधी प्रस्ताव पारित किया जाएगा। प्रस्ताव पास होने के बाद इसे केंद्र सरकार के पास भेजा जाएगा, ताकि राष्ट्रीय स्तर पर इस बदलाव पर विचार किया जा सके। क्या सिर्फ राज्य सरकार फैसला ले सकती है? इस सवाल का जवाब है—नहीं। लोकसभा और विधानसभा चुनाव लड़ने की न्यूनतम आयु भारतीय संविधान और Representation of the People Act के तहत तय होती है। इसलिए किसी भी राज्य के पास इसे अपने स्तर पर बदलने का अधिकार नहीं है। यदि यह प्रस्ताव आगे बढ़ता है, तो केंद्र सरकार को कानून में संशोधन का प्रस्ताव लाना होगा। इसके बाद संसद की मंजूरी मिलने पर ही नया नियम पूरे देश में लागू हो सकेगा। युवाओं के लिए कितना बड़ा बदलाव होगा? अगर यह प्रस्ताव मंजूर हो जाता है, तो 21 से 24 वर्ष की आयु के लाखों युवाओं को पहली बार विधानसभा और लोकसभा चुनाव लड़ने का अवसर मिलेगा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इससे राजनीतिक दलों में युवा नेतृत्व को बढ़ावा मिल सकता है। नई पीढ़ी के लोग अपने विचार सीधे लोकतांत्रिक मंच पर रख सकेंगे और नीति निर्माण में उनकी भागीदारी बढ़ेगी। क्या इस प्रस्ताव पर सभी सहमत हैं? इस पहल को लेकर अलग-अलग राय सामने आ रही हैं। एक पक्ष का मानना है कि युवाओं को कम उम्र में राजनीति में आने का अवसर मिलना चाहिए, क्योंकि वे नई सोच और ऊर्जा लेकर आते हैं। वहीं कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि जनप्रतिनिधि बनने के लिए अनुभव भी महत्वपूर्ण होता है। इसलिए इस विषय पर राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक चर्चा और सहमति जरूरी होगी। अब आगे क्या होगा? सबसे पहले तेलंगाना विधानसभा के विशेष सत्र में प्रस्ताव पारित किया जाएगा। इसके बाद यह केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। यदि केंद्र इस पर सकारात्मक रुख अपनाता है, तो संसद में संबंधित कानूनों में संशोधन का रास्ता खुल सकता है। फिलहाल यह प्रस्ताव देशभर में युवाओं की राजनीतिक भागीदारी को लेकर नई बहस छेड़ चुका है। आने वाले समय में केंद्र सरकार का फैसला तय करेगा कि क्या 21 साल की उम्र में चुनाव लड़ने का सपना देश के लाखों युवाओं के लिए हकीकत बन पाएगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

About Me

देशहरपल सिर्फ खबरों का मंच नहीं, बल्कि आपकी आवाज़ को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम भी है। यहां आपको ताज़ातरीन खबरों के साथ-साथ नौकरी, शिक्षा, और नए भारत की बदलती आर्थिक तस्वीर पर उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी।

Phone: +91 9406783569, +91 755 484 8829
Email: support@deshharpal.com
Address : A-23 Sakshi Bunglow Trilanga Near Aura Mall Bhopal M.P

Recent Posts

  • All Post
  • Breaking News
  • Education
  • More News
  • Web Story
  • एंटरटेनमेंट
  • देश-हरपल
  • धर्म-कर्म
  • प्रदेश
  • बिज़नेस
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • वीडियो
  • स्पोर्ट्स
    •   Back
    • एक्सक्लूसिव
    • Editorial
    •   Back
    • IPL 2026
    • T20 वर्ल्ड कप
    • FIFA 2026
    •   Back
    • सोच-विचार
    • हेल्थ
    • ट्रैवल
    • कल्चर
    • एनवायरनमेंट
    • Impact Feature
    •   Back
    • राशिफल
    • पंचांग
    • पर्व-त्यौहार
    • पूजा-पाठ
    • चैत्र नवरात्रि 2025
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    •   Back
    • टीवी
    • वेब-सीरीज
    • फिल्म रिव्यू
    • बॉलीवुड
    •   Back
    • लाइफस्टाइल
    •   Back
    • स्टॉक-मार्केट

© 2023 Deshharpal. All Rights Reserved.