आपका चैनल --
ताज़ा खबर
BREAKINGवर्ल्ड न्यूज़Pakistan School Accident: पेशावर में दर्दनाक हादसा, 40 से ज्यादा घायल; राहत-बचाव जारी◆BREAKINGदेश-हरपलDelhi-NCR Weather Update: दिल्ली में धूल भरी आंधी के बाद बारिश का Alert, ओले गिरने की संभावना◆BREAKINGBreaking NewsSupreme Court Decision: धर्म बदलने से क्या खत्म होगा आरक्षण? कोर्ट ने साफ की स्थिति◆BREAKINGदेश-हरपलDelhi Protest Case: इंटरनेट बंदी पर केंद्र ने मांगी माफी, आज Supreme Court में सुनवाई◆BREAKINGधर्म-कर्मNavratri 2026: पांचवें दिन मां स्कंदमाता की पूजा, जानें महत्त्व, कथा और मंत्र◆BREAKINGदेश-हरपलमेरठ हत्याकांड: मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा, पति सौरभ की हत्या के मामले में कोर्ट का फैसला◆BREAKINGमध्य प्रदेशइंदौर में प्लॉट बेचने के नाम पर 7.80 लाख की ठगी का आरोप, ब्रोकर समेत दो पर FIR◆BREAKINGदेश-हरपलSIR के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले छात्रों से मिले राहुल गांधी, दिल्ली पुलिस पर मारपीट के आरोप◆BREAKINGवर्ल्ड न्यूज़Pakistan School Accident: पेशावर में दर्दनाक हादसा, 40 से ज्यादा घायल; राहत-बचाव जारी◆BREAKINGदेश-हरपलDelhi-NCR Weather Update: दिल्ली में धूल भरी आंधी के बाद बारिश का Alert, ओले गिरने की संभावना◆BREAKINGBreaking NewsSupreme Court Decision: धर्म बदलने से क्या खत्म होगा आरक्षण? कोर्ट ने साफ की स्थिति◆BREAKINGदेश-हरपलDelhi Protest Case: इंटरनेट बंदी पर केंद्र ने मांगी माफी, आज Supreme Court में सुनवाई◆BREAKINGधर्म-कर्मNavratri 2026: पांचवें दिन मां स्कंदमाता की पूजा, जानें महत्त्व, कथा और मंत्र◆BREAKINGदेश-हरपलमेरठ हत्याकांड: मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा, पति सौरभ की हत्या के मामले में कोर्ट का फैसला◆BREAKINGमध्य प्रदेशइंदौर में प्लॉट बेचने के नाम पर 7.80 लाख की ठगी का आरोप, ब्रोकर समेत दो पर FIR◆BREAKINGदेश-हरपलSIR के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले छात्रों से मिले राहुल गांधी, दिल्ली पुलिस पर मारपीट के आरोप◆

NE

News Elementor

What's Hot

Banner

Yusuf Pathan की बढ़ीं मुश्किलें: वडोदरा जमीन विवाद में गुजरात हाईकोर्ट ने लगाई फटकार

Table of Content

पूर्व भारतीय क्रिकेटर और तृणमूल कांग्रेस सांसद Yusuf Pathan एक विवादित जमीन मामले को लेकर कानूनी मुश्किलों में घिरते नजर आ रहे हैं। वडोदरा में चल रहे इस भूमि विवाद की सुनवाई के दौरान गुजरात हाईकोर्ट ने उन्हें कड़ी फटकार लगाई है।

हाईकोर्ट ने क्या कहा?

सुनवाई के दौरान अदालत ने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर जमीन का औपचारिक आवंटन ही नहीं हुआ था, तो उस पर कब्जा कैसे किया गया? कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि अब तक इस जमीन के बदले कोई भुगतान भी नहीं किया गया है।

मामला क्या है?

यह मामला वडोदरा नगर निगम की एक जमीन से जुड़ा है, जिस पर यूसुफ पठान का दावा है। कोर्ट में सुनवाई के दौरान यह सामने आया कि भूमि देने का प्रस्ताव सिर्फ स्टैंडिंग कमिटी का था, लेकिन अंतिम आवंटन की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई थी।

यूसुफ पठान का पक्ष

याचिका में यूसुफ पठान की तरफ से दलील दी गई कि साल 1999 की राज्य नीति के अनुसार अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटरों को जमीन आवंटित करने का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि:

  • नगर निगम में आवेदन स्वीकार किया गया था
  • 2012 में स्टैंडिंग कमिटी ने प्रस्ताव पारित किया था
  • जमीन को बाजार मूल्य पर देने की मंजूरी दी गई थी
  • जमीन 2014 से उनके कब्जे में है
  • 2024 में अचानक नोटिस देकर खाली करने को कहा गया

उनकी ओर से यह भी कहा गया कि जमीन नगर निगम की है, इसलिए राज्य सरकार की मंजूरी जरूरी नहीं थी।

Manya

manyajadoun42@gmail.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent News

Trending News

Editor's Picks

Pakistan

Pakistan School Accident: पेशावर में दर्दनाक हादसा, 40 से ज्यादा घायल; राहत-बचाव जारी

Pakistan के पेशावर में गुरुवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया। यहां एक निजी स्कूल की छत गिरने से 21 लोगों की मौत की खबर है। मृतकों में 20 बच्चे और एक महिला टीचर शामिल हैं। हादसे में 40 से ज्यादा लोग घायल भी हुए हैं। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। बच्चों को मलबे से निकालने और घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया। Peshawar School Accident: अचानक गिरी स्कूल की छत मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह हादसा पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत की राजधानी पेशावर की देर कॉलोनी में हुआ। यहां एक निजी स्कूल की छत अचानक गिर गई। उस समय स्कूल में बच्चे और स्टाफ मौजूद थे। छत गिरने से कई लोग मलबे में दब गए। हादसे की खबर मिलते ही स्थानीय प्रशासन और बचाव दल मौके पर पहुंचे। मलबा हटाकर लोगों को बाहर निकालने का काम शुरू किया गया। इस दौरान घायलों को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की गई। 20 बच्चों और महिला टीचर की मौत इस हादसे में 20 बच्चों और एक महिला टीचर समेत 21 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। शुरुआती रिपोर्टों में मृतकों की संख्या अलग-अलग बताई गई थी, लेकिन बाद में सामने आए आंकड़ों में मौत का आंकड़ा बढ़ गया। इस घटना ने बच्चों के परिवारों को गहरे दुख में डाल दिया है। स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। हालांकि, मृतकों और घायलों की संख्या से जुड़ी अंतिम आधिकारिक पुष्टि के लिए प्रशासन की विस्तृत जानकारी का इंतजार करना जरूरी है। 40 से ज्यादा घायल, अस्पताल में इलाज जारी हादसे में घायल हुए 40 से ज्यादा लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया। पेशावर के लेडी रीडिंग अस्पताल में घायलों के इलाज की जानकारी रिपोर्टों में सामने आई है। अस्पताल में घायलों को जरूरी चिकित्सा सहायता दी जा रही है। दूसरी ओर, बचाव दल ने घटनास्थल पर मलबा हटाने का काम किया। ऐसे हादसों में शुरुआती समय बेहद अहम होता है, क्योंकि मलबे में फंसे लोगों को जल्द बाहर निकालना जरूरी होता है। Pakistan School Accident: कैसे गिरी छत? जांच के बाद होगा खुलासा फिलहाल स्कूल की छत गिरने की असली वजह स्पष्ट नहीं है। यह पता लगाने के लिए जांच जरूरी है कि इमारत की हालत कैसी थी और निर्माण में सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं। जांच पूरी होने के बाद ही हादसे के कारणों को लेकर स्थिति साफ हो सकेगी। इस घटना ने एक बार फिर स्कूलों की इमारतों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्कूल ऐसी जगह हैं, जहां बच्चे दिन का बड़ा हिस्सा बिताते हैं। ऐसे में भवन की नियमित जांच, समय पर मरम्मत और सुरक्षा नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है। स्कूलों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल पेशावर का यह हादसा केवल एक इमारत के गिरने की घटना नहीं है, बल्कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला भी है। स्कूल प्रशासन और संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि बच्चों को सुरक्षित माहौल मिले और इमारतों की स्थिति की समय-समय पर जांच की जाए। फिलहाल, इस हादसे में जान गंवाने वाले बच्चों और महिला टीचर के परिवारों के लिए यह बेहद मुश्किल समय है। राहत एवं बचाव कार्य और घायलों के इलाज से जुड़ी आगे की जानकारी पर सभी की नजर बनी हुई है।पाकिस्तान के पेशावर में गुरुवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया। यहां एक निजी स्कूल की छत गिरने से 21 लोगों की मौत की खबर है। मृतकों में 20 बच्चे और एक महिला टीचर शामिल हैं। हादसे में 40 से ज्यादा लोग घायल भी हुए हैं। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। बच्चों को मलबे से निकालने और घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया। Peshawar School Accident: अचानक गिरी स्कूल की छत मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह हादसा पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत की राजधानी पेशावर की देर कॉलोनी में हुआ। यहां एक निजी स्कूल की छत अचानक गिर गई। उस समय स्कूल में बच्चे और स्टाफ मौजूद थे। छत गिरने से कई लोग मलबे में दब गए। हादसे की खबर मिलते ही स्थानीय प्रशासन और बचाव दल मौके पर पहुंचे। मलबा हटाकर लोगों को बाहर निकालने का काम शुरू किया गया। इस दौरान घायलों को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की गई। 20 बच्चों और महिला टीचर की मौत इस हादसे में 20 बच्चों और एक महिला टीचर समेत 21 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। शुरुआती रिपोर्टों में मृतकों की संख्या अलग-अलग बताई गई थी, लेकिन बाद में सामने आए आंकड़ों में मौत का आंकड़ा बढ़ गया। इस घटना ने बच्चों के परिवारों को गहरे दुख में डाल दिया है। स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। हालांकि, मृतकों और घायलों की संख्या से जुड़ी अंतिम आधिकारिक पुष्टि के लिए प्रशासन की विस्तृत जानकारी का इंतजार करना जरूरी है। 40 से ज्यादा घायल, अस्पताल में इलाज जारी हादसे में घायल हुए 40 से ज्यादा लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया। पेशावर के लेडी रीडिंग अस्पताल में घायलों के इलाज की जानकारी रिपोर्टों में सामने आई है। अस्पताल में घायलों को जरूरी चिकित्सा सहायता दी जा रही है। दूसरी ओर, बचाव दल ने घटनास्थल पर मलबा हटाने का काम किया। ऐसे हादसों में शुरुआती समय बेहद अहम होता है, क्योंकि मलबे में फंसे लोगों को जल्द बाहर निकालना जरूरी होता है। Pakistan School Accident: कैसे गिरी छत? जांच के बाद होगा खुलासा फिलहाल स्कूल की छत गिरने की असली वजह स्पष्ट नहीं है। यह पता लगाने के लिए जांच जरूरी है कि इमारत की हालत कैसी थी और निर्माण में सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं। जांच पूरी होने के बाद ही हादसे के कारणों को लेकर स्थिति साफ हो सकेगी। इस घटना ने एक बार फिर स्कूलों की इमारतों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्कूल ऐसी जगह हैं, जहां बच्चे दिन का बड़ा हिस्सा बिताते हैं। ऐसे में भवन की नियमित जांच, समय पर मरम्मत और सुरक्षा नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है। स्कूलों की सुरक्षा पर...
Delhi

Delhi-NCR Weather Update: दिल्ली में धूल भरी आंधी के बाद बारिश का Alert, ओले गिरने की संभावना

Delhi-NCR में मौसम का मिजाज बदल गया है। कई इलाकों में धूल भरी आंधी चलने के बाद अब बारिश और ओलावृष्टि की संभावना ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। मौसम में इस बदलाव से तापमान में गिरावट आ सकती है, जिससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विभाग (IMD) ने 15 अक्टूबर को दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान जताया है। कुछ स्थानों पर ओले गिरने की भी आशंका है। ऐसे में लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने और सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। Delhi Weather Today: तेज हवाओं के साथ बारिश का अनुमान दिल्ली-NCR में मौसम बदलने के पीछे पश्चिमी विक्षोभ से जुड़ी गतिविधियां अहम मानी जा रही हैं। इसके प्रभाव से आसमान में बादल छाने, गरज-चमक होने और कई जगह बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। तेज झोंकों के दौरान यह गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने की आशंका है। ऐसे में खुले स्थानों पर रहने वाले लोगों और वाहन चालकों को खास सावधानी बरतने की जरूरत है। Delhi-NCR Rain Alert: किन इलाकों में दिखेगा असर? दिल्ली के साथ नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में भी मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। अलग-अलग इलाकों में बारिश की तीव्रता अलग रह सकती है। कुछ जगहों पर गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने और ओले गिरने की आशंका भी जताई गई है। हालांकि, हर इलाके में एक जैसी बारिश होना जरूरी नहीं है। इसलिए घर से निकलने से पहले स्थानीय मौसम अपडेट जरूर देख लें। तापमान में गिरावट से मिलेगी राहत? अक्टूबर के महीने में दिल्ली-NCR में मौसम आमतौर पर धीरे-धीरे सुहावना होने लगता है। ऐसे में बारिश और बादलों के कारण तापमान में गिरावट आ सकती है। इससे दिन की गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, बारिश के बाद उमस और स्थानीय मौसम की स्थिति के आधार पर लोगों को अलग-अलग अनुभव हो सकता है। तापमान में कितनी गिरावट आएगी, यह आने वाले दिनों के मौसम पर निर्भर करेगा। आंधी और बारिश के दौरान इन बातों का रखें ध्यान मौसम में अचानक बदलाव के दौरान छोटी-सी लापरवाही भी परेशानी बढ़ा सकती है। इसलिए कुछ जरूरी सावधानियां अपनाना बेहतर रहेगा। 16 अक्टूबर से मौसम में बदलाव की उम्मीद मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 16 अक्टूबर से उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां कम हो सकती हैं। इसके बाद दिल्ली-NCR में भी मौसम धीरे-धीरे सामान्य होने की संभावना है। हालांकि, स्थानीय परिस्थितियों के कारण पूर्वानुमान में बदलाव हो सकता है। फिलहाल दिल्ली-NCR के लोगों के लिए जरूरी है कि वे मौसम को हल्के में न लें। बारिश से राहत जरूर मिल सकती है, लेकिन तेज हवाओं, बिजली चमकने और ओलावृष्टि की आशंका के बीच सतर्क रहना सबसे बेहतर होगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Supreme Court

Supreme Court Decision: धर्म बदलने से क्या खत्म होगा आरक्षण? कोर्ट ने साफ की स्थिति

धर्म बदलने के बाद क्या आरक्षण का लाभ मिलता रहेगा? इस सवाल पर सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु से जुड़े एक अहम मामले में अपना फैसला सुनाया है। अदालत ने मद्रास हाई कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा है। यह मामला उन लोगों से जुड़ा है, जिन्होंने हिंदू धर्म छोड़कर इस्लाम अपनाया और इसके बाद पिछड़ा वर्ग (मुस्लिम) यानी Backward Class (Muslim) श्रेणी में आरक्षण का लाभ लेने का दावा किया था। Supreme Court के फैसले के मुताबिक, केवल इस्लाम अपनाने से कोई व्यक्ति तमिलनाडु की अधिसूचित पिछड़ा वर्ग (मुस्लिम) श्रेणी में अपने आप शामिल नहीं हो सकता। इस फैसले ने धर्म परिवर्तन और आरक्षण की पात्रता से जुड़े कानूनी सवालों को फिर चर्चा में ला दिया है। Supreme Court का क्या है पूरा फैसला? सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार की याचिका पर सुनवाई करते हुए मद्रास हाई कोर्ट के आदेश को बरकरार रखा। हाई कोर्ट ने राज्य सरकार के उस आदेश को रद्द कर दिया था, जिसमें कुछ समुदायों से इस्लाम अपनाने वाले लोगों को Backward Class (Muslim) श्रेणी में आरक्षण देने की व्यवस्था की गई थी। अदालत के फैसले का मुख्य आधार यह है कि किसी व्यक्ति की पहले की जातिगत पहचान के कारण उसे दूसरी धार्मिक श्रेणी में आरक्षण का पात्र अपने आप नहीं माना जा सकता। संबंधित आरक्षण श्रेणी के लिए निर्धारित कानूनी शर्तों को पूरा करना जरूरी है। इस मामले में फैसला तमिलनाडु की विशिष्ट आरक्षण व्यवस्था से जुड़ा है। इसलिए इसे देश में सभी तरह के आरक्षण पर लागू होने वाले एक समान प्रतिबंध के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। कैसे शुरू हुआ धर्म परिवर्तन और Reservation का मामला? इस विवाद की शुरुआत तमिलनाडु सरकार के 9 मार्च 2024 के सरकारी आदेश से हुई थी। इस आदेश के तहत कुछ ऐसे लोगों को पिछड़ा वर्ग (मुस्लिम) श्रेणी में शामिल करने की व्यवस्था की गई थी, जो पहले पिछड़ा वर्ग, अति पिछड़ा वर्ग, विमुक्त समुदाय या अनुसूचित जाति से संबंधित थे और बाद में उन्होंने इस्लाम अपना लिया था। सरकार के इस फैसले को मद्रास हाई कोर्ट में चुनौती दी गई। 25 जून 2026 को हाई कोर्ट ने सरकारी आदेश को रद्द कर दिया। इसके बाद तमिलनाडु सरकार ने इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की। राज्य सरकार का कहना था कि धर्म परिवर्तन करने से किसी व्यक्ति की सामाजिक और शैक्षणिक पिछड़ेपन से जुड़ी परिस्थितियां जरूरी नहीं कि बदल जाएं। इसी आधार पर सरकार ने अपने आदेश का बचाव किया। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाई कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा। इसके साथ ही इस मामले में सरकार की चुनौती सफल नहीं रही। क्या धर्म बदलने पर खत्म हो जाएगा SC और OBC Reservation? Supreme Court के फैसले के बाद यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या धर्म परिवर्तन करने वाले लोगों को अब किसी भी तरह का आरक्षण नहीं मिलेगा। लेकिन इस मामले को समझते समय अलग-अलग आरक्षण श्रेणियों के नियमों पर ध्यान देना जरूरी है। यह फैसला मुख्य रूप से तमिलनाडु की Backward Class (Muslim) श्रेणी में पात्रता से संबंधित है। इसका अर्थ यह नहीं है कि अदालत ने सभी धर्म परिवर्तन करने वालों के लिए हर प्रकार के आरक्षण पर एक समान रोक लगा दी है। अनुसूचित जाति (SC), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और राज्य की विशेष पिछड़ा वर्ग श्रेणियों के लिए अलग-अलग कानूनी प्रावधान लागू हो सकते हैं। अनुसूचित जाति के दर्जे से जुड़े नियम Constitution (Scheduled Castes) Order, 1950 में दिए गए हैं। वहीं, अन्य श्रेणियों में पात्रता संबंधित कानूनों और अधिसूचनाओं के अनुसार तय होती है। इसलिए किसी व्यक्ति को आरक्षण मिलेगा या नहीं, यह उसकी संबंधित श्रेणी और उस पर लागू कानूनी प्रावधानों पर निर्भर करता है। तमिलनाडु सरकार की दलील क्यों थी अहम? तमिलनाडु सरकार ने अपने आदेश के समर्थन में सामाजिक और शैक्षणिक पिछड़ेपन का मुद्दा उठाया था। सरकार की दलील थी कि धर्म बदलने से किसी व्यक्ति के सामने मौजूद सामाजिक चुनौतियां अपने आप खत्म नहीं हो जातीं। दूसरी ओर, मामले में सवाल यह था कि क्या पुराने जातिगत दर्जे के आधार पर किसी व्यक्ति को मुस्लिम पिछड़ा वर्ग की अधिसूचित श्रेणी में शामिल किया जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने इस विवाद में संबंधित आरक्षण श्रेणी की पात्रता और कानूनी शर्तों के महत्व को रेखांकित किया है। आम लोगों के लिए क्या है इसका मतलब? इस फैसले का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि आरक्षण का लाभ पाने के लिए केवल धर्म परिवर्तन या पुरानी जातिगत पहचान को पर्याप्त नहीं माना जा सकता। संबंधित श्रेणी के नियमों के तहत पात्रता साबित करना जरूरी है। धर्म परिवर्तन और आरक्षण से जुड़े मामलों में सामाजिक परिस्थितियों के साथ-साथ कानूनी प्रावधानों की भी अहम भूमिका होती है। इसी वजह से किसी एक मामले के फैसले को सभी राज्यों और सभी आरक्षण श्रेणियों पर सीधे लागू मानना सही नहीं होगा। फिलहाल, सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु के इस मामले में मद्रास हाई कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा है। यह फैसला धर्म परिवर्तन के बाद आरक्षण की पात्रता को लेकर चल रही कानूनी बहस में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Delhi

Delhi Protest Case: इंटरनेट बंदी पर केंद्र ने मांगी माफी, आज Supreme Court में सुनवाई

Delhi में CJP (Cockroach Janta Party) के प्रदर्शन के दौरान इंटरनेट सेवाएं बंद करने और मेट्रो स्टेशनों पर पाबंदियां लगाने का मामला लगातार चर्चा में है। 10 अक्टूबर को हुए प्रदर्शन के बाद केंद्र सरकार, दिल्ली पुलिस और दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) को सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष रखना पड़ा। तीनों की ओर से अदालत में बिना शर्त माफी मांगी गई है। अब गुरुवार, 15 अक्टूबर को होने वाली सुनवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं। इस मामले में याचिकाकर्ताओं ने करीब 7,000 लोगों को हिरासत में लिए जाने का दावा किया है। वहीं, अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियाती कदम उठाए गए थे। अब अदालत यह देखेगी कि इन कदमों से उसके पहले के निर्देशों का उल्लंघन हुआ या नहीं। Internet Shutdown: केंद्र सरकार ने क्या सफाई दी? केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर बिना शर्त माफी मांगी है। सरकार ने कहा कि अदालत के आदेश की जानबूझकर अवहेलना करने का कोई इरादा नहीं था। केंद्र के मुताबिक, दिल्ली पुलिस के अनुरोध पर रायसीना हिल्स के चार किलोमीटर के दायरे में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं 9 अक्टूबर की रात 10 बजे से 10 अक्टूबर की रात 10 बजे तक बंद की गई थीं। सरकार ने इसके पीछे संभावित कानून-व्यवस्था की स्थिति का हवाला दिया। केंद्र ने अपने फैसले का बचाव करते हुए कहा कि प्रतिबंध सीमित इलाके और तय समय के लिए लगाया गया था। साथ ही, सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से अवमानना नोटिस वापस लेने का अनुरोध किया है। Delhi Metro के 45 स्टेशनों पर क्यों लगी पाबंदी? प्रदर्शन के दिन दिल्ली मेट्रो के कुछ स्टेशनों पर यात्रियों के प्रवेश और निकास को सीमित कर दिया गया था। इस फैसले के कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा और मेट्रो सेवाओं पर लगे प्रतिबंधों को लेकर सवाल उठने लगे। DMRC ने सुप्रीम कोर्ट में बताया कि दिल्ली के कुल 303 मेट्रो स्टेशनों में से 45 पर पाबंदियां लगाई गई थीं। कॉर्पोरेशन के मुताबिक, उस दिन 271 ट्रेनों ने कुल 4,157 चक्कर लगाए। DMRC ने अपने हलफनामे में कहा कि संबंधित पाबंदियां दिल्ली पुलिस के निर्देशों के बाद लागू की गई थीं। मेट्रो प्रबंधन ने भी बिना शर्त माफी मांगते हुए कहा कि उसका उद्देश्य यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना था। CJP Protest में 7 हजार लोगों को हिरासत में लेने का दावा इस पूरे विवाद में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने का मुद्दा भी अहम है। याचिकाकर्ताओं की ओर से करीब 7,000 लोगों को हिरासत में लिए जाने का दावा किया गया है। उन्होंने कार्रवाई के तरीके और उसकी वैधता पर सवाल उठाए हैं। दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान संभावित अव्यवस्था को देखते हुए एहतियाती कदम उठाए गए थे। पुलिस के मुताबिक, लोगों को अस्थायी केंद्रों में ले जाया गया और कुछ घंटों के भीतर रिहा कर दिया गया। हालांकि, हिरासत में लिए गए लोगों की सटीक संख्या और कार्रवाई की वैधता को लेकर अंतिम न्यायिक निष्कर्ष सामने आना बाकी है। सुप्रीम कोर्ट ने पहले क्या कहा था? प्रदर्शन से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अधिकारियों को आम लोगों की आवाजाही और सार्वजनिक परिवहन को बाधित नहीं करने के निर्देश दिए थे। अदालत ने मेट्रो और रेल सेवाओं को सामान्य रूप से संचालित करने तथा इंटरनेट सेवाओं को बाधित न करने पर भी जोर दिया था। इसके बाद अदालत ने संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगते हुए अवमानना नोटिस जारी किए। अब केंद्र सरकार, दिल्ली पुलिस और DMRC ने अपने हलफनामे दाखिल कर माफी मांगी है और अपने फैसलों के पीछे की परिस्थितियों को स्पष्ट किया है। CJP प्रदर्शन की वजह क्या थी? CJP ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन का आह्वान किया था। प्रदर्शन से जुड़ी मांगों में SIR यानी Special Intensive Revision के तहत मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया का विरोध और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग शामिल थी। प्रदर्शन से पहले दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई और कुछ मेट्रो स्टेशनों पर आवाजाही सीमित कर दी गई। इंटरनेट बंद होने के बाद यह मामला और गंभीर हो गया, क्योंकि इससे आम लोगों के संचार और रोजमर्रा के कामकाज पर असर पड़ने को लेकर सवाल उठे। आज की Supreme Court Hearing में क्या होगा? 15 अक्टूबर को होने वाली सुनवाई में अदालत केंद्र सरकार, दिल्ली पुलिस और DMRC के जवाबों पर विचार करेगी। इस दौरान इंटरनेट बंद करने, मेट्रो स्टेशनों पर पाबंदी लगाने और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने से जुड़े मुद्दे अहम रहेंगे। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या सुप्रीम कोर्ट अधिकारियों की माफी स्वीकार करेगा या कथित अवमानना के मामले में आगे की कार्रवाई करेगा। अदालत भविष्य में ऐसी परिस्थितियों में इंटरनेट सेवाओं और सार्वजनिक परिवहन पर प्रतिबंध लगाने से जुड़े निर्देशों पर भी विचार कर सकती है। फिलहाल, अधिकारियों ने अपना पक्ष रख दिया है। अब अदालत के फैसले से साफ होगा कि सुरक्षा के नाम पर लगाए गए प्रतिबंधों और आम नागरिकों की सुविधाओं के बीच संतुलन को लेकर आगे क्या दिशा तय होती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
मां स्कंदमाता

Navratri 2026: पांचवें दिन मां स्कंदमाता की पूजा, जानें महत्त्व, कथा और मंत्र

नवरात्रि के पांचवें दिन मां स्कंदमाता की पूजा की जाती है। भगवान कार्तिकेय को स्कंद भी कहा जाता है। उन्हें गोद में धारण करने के कारण देवी पार्वती के इस स्वरूप का नाम स्कंदमाता पड़ा। मां का यह रूप मातृत्व, प्रेम और करुणा का प्रतीक है। मां स्कंदमाता की कथा पौराणिक मान्यता के अनुसार, देवी पार्वती ने भगवान स्कंद यानी कार्तिकेय को जन्म दिया, जो देवताओं की सेना के सेनापति बने। स्कंदमाता का स्वरूप एक मां की शक्ति और अपने संतान के प्रति अटूट स्नेह को दर्शाता है। मां का स्वरूप और महत्त्व पूजा विधि मंत्र: ॐ देवी स्कन्दमातायै नमः। भोग: मां को केला अर्पित करने की परंपरा प्रचलित है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

About Me

देशहरपल सिर्फ खबरों का मंच नहीं, बल्कि आपकी आवाज़ को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम भी है। यहां आपको ताज़ातरीन खबरों के साथ-साथ नौकरी, शिक्षा, और नए भारत की बदलती आर्थिक तस्वीर पर उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी।

Phone: +91 9406783569, +91 755 484 8829
Email: support@deshharpal.com
Address : A-23 Sakshi Bunglow Trilanga Near Aura Mall Bhopal M.P

Recent Posts

  • All Post
  • Breaking News
  • Education
  • More News
  • Web Story
  • एंटरटेनमेंट
  • देश-हरपल
  • धर्म-कर्म
  • प्रदेश
  • बिज़नेस
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • वीडियो
  • स्पोर्ट्स
    •   Back
    • एक्सक्लूसिव
    • Editorial
    •   Back
    • IPL 2026
    • T20 वर्ल्ड कप
    • FIFA 2026
    •   Back
    • सोच-विचार
    • हेल्थ
    • ट्रैवल
    • कल्चर
    • एनवायरनमेंट
    • Impact Feature
    •   Back
    • राशिफल
    • पंचांग
    • पर्व-त्यौहार
    • पूजा-पाठ
    • चैत्र नवरात्रि 2025
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    •   Back
    • टीवी
    • वेब-सीरीज
    • फिल्म रिव्यू
    • बॉलीवुड
    •   Back
    • लाइफस्टाइल
    •   Back
    • स्टॉक-मार्केट

© 2023 Deshharpal. All Rights Reserved.