आपका चैनल --
ताज़ा खबर
BREAKINGBreaking NewsBRICS Summit 2026: 7 साल बाद भारत पहुंचे Xi Jinping, Modi-Xi Meeting पर सबकी नजरBREAKINGवर्ल्ड न्यूज़Saudi Pipeline Shutdown: ड्रोन हमले से मचा हड़कंप, Hormuz Crisis के बीच Oil Supply पर नया संकटBREAKINGप्रदेशUttarakhand में 170 फीट लंबा पुल बहा, छत्तीसगढ़ में 3 छात्र नदी में लापताBREAKINGबिज़नेसBlack Dog New Packaging: 140 साल पुरानी विरासत को मिला Modern LookBREAKINGवर्ल्ड न्यूज़China Southern Airlines: 21 सितंबर से ग्वांगझू-दिल्ली सीधी उड़ान, 6 साल बाद Air Connectivity बहालBREAKINGदेश-हरपलBRICS Summit 2026: 10 साल बाद एक मंच पर मोदी-पुतिन-जिनपिंग, दुनिया की नजर भारत परBREAKINGदेश-हरपलमोदी-पुतिन फिर एक कार में साथ दिखे, बख्तरबंद Aurus Senat में प्रदर्शनी तक किया सफरBREAKINGमध्य प्रदेशइंदौर में सांची पॉइंट पर बड़ा हादसा, गर्म मावा कर्मचारियों पर गिरा; एक की मौत, दूसरा गंभीरBREAKINGBreaking NewsBRICS Summit 2026: 7 साल बाद भारत पहुंचे Xi Jinping, Modi-Xi Meeting पर सबकी नजरBREAKINGवर्ल्ड न्यूज़Saudi Pipeline Shutdown: ड्रोन हमले से मचा हड़कंप, Hormuz Crisis के बीच Oil Supply पर नया संकटBREAKINGप्रदेशUttarakhand में 170 फीट लंबा पुल बहा, छत्तीसगढ़ में 3 छात्र नदी में लापताBREAKINGबिज़नेसBlack Dog New Packaging: 140 साल पुरानी विरासत को मिला Modern LookBREAKINGवर्ल्ड न्यूज़China Southern Airlines: 21 सितंबर से ग्वांगझू-दिल्ली सीधी उड़ान, 6 साल बाद Air Connectivity बहालBREAKINGदेश-हरपलBRICS Summit 2026: 10 साल बाद एक मंच पर मोदी-पुतिन-जिनपिंग, दुनिया की नजर भारत परBREAKINGदेश-हरपलमोदी-पुतिन फिर एक कार में साथ दिखे, बख्तरबंद Aurus Senat में प्रदर्शनी तक किया सफरBREAKINGमध्य प्रदेशइंदौर में सांची पॉइंट पर बड़ा हादसा, गर्म मावा कर्मचारियों पर गिरा; एक की मौत, दूसरा गंभीर
Banner

Latest Posts

IPL 2025: SRH बनाम LSG मुकाबला आज, क्या लखनऊ को मिलेगी लगातार दूसरी हार?

हैदराबाद के मैदान पर भिड़ेंगी SRH और LSG की टीमें आईपीएल 2025 का रोमांच अपने चरम पर है और आज यानी 27 मार्च को इस सीजन का 7वां मुकाबला खेला जाएगा। यह मुकाबला सनराइजर्स हैदराबाद और लखनऊ सुपर जायंट्स के बीच होगा, जो हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में शाम 7:30 बजे शुरू होगा। दोनों ही टीमों के लिए यह सीजन का दूसरा मुकाबला है, लेकिन उनके प्रदर्शन में काफी अंतर रहा है। सनराइजर्स हैदराबाद ने अपने पहले ही मैच में राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ 286 रन का विशाल स्कोर खड़ा कर धमाकेदार जीत दर्ज की थी। वहीं, लखनऊ सुपर जायंट्स ने दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ 209 रन बनाने के बावजूद हार का सामना किया। ऐसे में SRH का पलड़ा भारी नजर आ रहा है। SRH बनाम LSG: हेड-टू-हेड रिकॉर्ड में कौन आगे? अगर हेड-टू-हेड रिकॉर्ड की बात करें, तो लखनऊ सुपर जायंट्स का पलड़ा भारी रहा है। अब तक दोनों टीमों के बीच 4 मुकाबले खेले गए हैं, जिनमें से 3 बार LSG को जीत मिली, जबकि SRH को सिर्फ 1 जीत हासिल हुई है। हैदराबाद स्टेडियम के आंकड़े राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में अब तक 78 आईपीएल मुकाबले खेले जा चुके हैं। इस मैदान पर – कैसी होगी पिच? पिछले कुछ सालों में राजीव गांधी स्टेडियम की पिच बल्लेबाजों के लिए अनुकूल रही है। इस सीजन के पहले मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद ने इसी मैदान पर 286 रन बनाकर अपनी ताकत दिखाई थी। ऐसे में इस मैच में भी हाई-स्कोरिंग गेम की उम्मीद की जा रही है। संभावित प्लेइंग-11 और इम्पैक्ट प्लेयर सनराइजर्स हैदराबाद (SRH):ट्रेविस हेड, अभिषेक शर्मा, ईशान किशन, नीतीश कुमार रेड्डी, हेनरिक क्लासन, अनिकेत वर्मा, अभिनव मनोहर, पैट कमिंस (कप्तान), सिमरजीत सिंह, हर्षल पटेल, मोहम्मद शमी और एडम जैम्पा लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG):एडन मार्करम, मिचेल मार्श, निकोलस पूरन, ऋषभ पंत (कप्तान), डेविड मिलर, आयुष बडोनी, शाहबाज अहमद, शार्दुल ठाकुर, रवि बिश्नोई, दिग्वेश राठी, मनिमारन सिद्धार्थ और आवेश खान क्या कहती है भविष्यवाणी? पिछले रिकॉर्ड और मौजूदा फॉर्म को देखें तो सनराइजर्स हैदराबाद की टीम काफी मजबूत नजर आ रही है। अगर लखनऊ को जीत हासिल करनी है, तो उसे अपनी गेंदबाजी में सुधार करना होगा। देखना दिलचस्प होगा कि क्या LSG इस मुकाबले में SRH को चुनौती दे पाती है या फिर हैदराबाद एक और बड़ी जीत दर्ज करता है।
Read more
टैक्स घोटाला

₹250 करोड़ टैक्स घोटाला: WhatsApp- Google Maps से खुलासा, सीतारमण के बड़े खुलासे!

नई इनकम टैक्स बिल 2025: डिजिटल एविडेंस से नहीं बच पाएंगे टैक्स चोर देश में एक बड़ा टैक्स घोटाला सामने आया है, जिसमें ₹250 करोड़ की अवैध संपत्ति का खुलासा हुआ है। इस घोटाले को पकड़ने में WhatsApp चैट, Google Maps और Instagram जैसी डिजिटल तकनीकों ने अहम भूमिका निभाई। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में Income Tax Bill 2025 पर चर्चा करते हुए बताया कि अब डिजिटल रिकॉर्ड को भी टैक्स जांच के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। इससे टैक्स चोरी करने वालों पर शिकंजा कसना और आसान होगा। WhatsApp और Google Maps से कैसे पकड़ा ₹250 करोड़ का काला धन? निर्मला सीतारमण ने बताया कि जांच एजेंसियों ने डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल कर टैक्स चोरों को बेनकाब किया। कुछ बड़े खुलासे: WhatsApp Chats – क्रिप्टो करेंसी से जुड़े लेन-देन की गुप्त चैट से ₹250 करोड़ की टैक्स चोरी का खुलासा हुआ।Google Maps Location – अधिकारियों ने लोकेशन हिस्ट्री से संदिग्ध जगहों की पहचान की और वहां छिपे कैश को जब्त किया।Instagram Activity – सोशल मीडिया पर लक्जरी लाइफस्टाइल दिखाने वाले कई लोगों की बेनामी संपत्तियां जांच में पकड़ी गईं। Income Tax Bill 2025: टैक्स चोरी रोकने के लिए नया कानून 13 फरवरी 2025 को लोकसभा में पेश किया गया Income Tax Bill 2025 पुराने 1961 के कानून को हटाकर नए डिजिटल युग के अनुसार बनाया गया है। डिजिटल डेटा की जांच संभव होगी – अब टैक्स अधिकारी WhatsApp, Telegram, Emails, और बिजनेस सॉफ्टवेयर का डेटा भी देख सकेंगे। क्रिप्टोकरेंसी होगी कड़ी निगरानी में – अब Bitcoin, डिजिटल टोकन और क्रिप्टो संपत्तियां अघोषित आय मानी जाएंगी। टैक्स कानून होगा सरल और छोटा – पुराने 5.12 लाख शब्दों वाले कानून की जगह, नया बिल 2.6 लाख शब्दों का होगा। नया ‘टैक्स ईयर’ सिस्टम क्या है? इस बिल में नया टैक्स ईयर सिस्टम लाया गया है, जो ‘असेसमेंट ईयर’ और ‘पिछला वित्त वर्ष’ जैसी जटिलताओं को खत्म कर देगा। उदाहरण के लिए, अगर आपने अप्रैल 2024 से मार्च 2025 के बीच कमाई की है, तो इसे सीधे टैक्स ईयर 2024-25 कहा जाएगा। यह बिल मानसून सत्र में चर्चा के बाद पास हो सकता है। अगर यह लागू हुआ, तो टैक्स चोरी के खिलाफ डिजिटल एविडेंस का इस्तेमाल और आसान हो जाएगा। अब टैक्स चोरों के लिए काले धन को छिपाना मुश्किल होगा! Deshharpal पर पढ़ते रहें देश-विदेश की ताज़ा खबरें!
Read more
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की

ज़ेलेंस्की को उम्मीद – अमेरिका रूसी मांगों के सामने मज़बूती से खड़ा रहेगा

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने उम्मीद जताई है कि अमेरिका रूस की शर्तों के सामने झुकेगा नहीं और मजबूती से खड़ा रहेगा। रूस ने काला सागर में युद्धविराम के लिए शर्त रखी है कि पश्चिमी देश उस पर लगाए गए आर्थिक प्रतिबंध हटाएं। रूस की नई शर्तें और ज़ेलेंस्की की प्रतिक्रिया मंगलवार को रूस ने घोषणा की कि वह काला सागर में व्यापारिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही के लिए युद्धविराम के लिए तैयार है। लेकिन उसने शर्त रखी कि पश्चिमी देश रूस के खाद्य और उर्वरक व्यापार से जुड़े आर्थिक प्रतिबंध हटाएं। ज़ेलेंस्की ने पेरिस में यूरोप के कई पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उन्हें उम्मीद है कि अमेरिका रूसी दबाव के आगे नहीं झुकेगा। जब बीबीसी ने उनसे पूछा कि क्या अमेरिका रूस की इन मांगों को मान सकता है, तो उन्होंने कहा, “मुझे उम्मीद है कि ऐसा नहीं होगा। भगवान करे, वे मजबूती से खड़े रहें। लेकिन देखना होगा कि आगे क्या होता है।” अमेरिका और यूरोप का जवाब व्हाइट हाउस ने मंगलवार को कहा कि अमेरिका, रूस और यूक्रेन के प्रतिनिधियों के बीच सऊदी अरब में तीन दिन की बातचीत के बाद युद्धविराम पर सहमति बनी है। लेकिन कुछ ही घंटे बाद क्रेमलिन ने बयान जारी कर कुछ शर्तें रख दीं। रूस ने मांग की है कि उसके कृषि व्यापार से जुड़े वित्तीय संस्थानों पर लगे प्रतिबंध हटाए जाएं और उन्हें अंतरराष्ट्रीय बैंकिंग सिस्टम SWIFT तक दोबारा पहुंच दी जाए। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सरकार इस अनुरोध पर विचार कर रही है। लेकिन यूरोपीय संघ (EU) ने साफ कर दिया कि जब तक रूसी सेना पूरी तरह यूक्रेनी सीमा से पीछे नहीं हटती, तब तक प्रतिबंधों को हटाने का सवाल ही नहीं उठता। अमेरिका में रूस के प्रभाव की चिंता ज़ेलेंस्की ने कहा कि वे अमेरिकी समर्थन के लिए आभारी हैं, लेकिन उन्हें चिंता है कि कुछ लोग “रूसी प्रचार” के प्रभाव में आ सकते हैं। उन्होंने कहा, “हम रूस के इन झूठे नैरेटिव्स को स्वीकार नहीं कर सकते।” जब उनसे पूछा गया कि क्या डोनाल्ड ट्रंप का रिश्ता उनके साथ ज्यादा अच्छा है या पुतिन के साथ, तो उन्होंने जवाब दिया, “मुझे नहीं पता। यह कहना मुश्किल है। मैं नहीं जानता कि उनकी कितनी बार किससे बातचीत हुई है।” यूरोप की भूमिका और ट्रंप के दूत की टिप्पणी पिछले हफ्ते ट्रंप के दूत स्टीव विटकॉफ़ ने कहा था कि यूरोप द्वारा यूक्रेन की मदद के लिए “कोएलिशन ऑफ द विलिंग” (इच्छुक देशों का गठबंधन) बनाने का प्रयास बेकार है। इस पर ज़ेलेंस्की ने कहा कि वह इस पर जल्दबाज़ी में निष्कर्ष नहीं निकालेंगे। उन्होंने कहा, “जहां तक मैं जानता हूं, विटकॉफ़ को रियल एस्टेट खरीदने और बेचने का अच्छा अनुभव है, लेकिन यह मामला अलग है।” इतिहास में ज़ेलेंस्की की पहचान? बीबीसी ने ज़ेलेंस्की से पूछा कि भविष्य में इतिहास उन्हें कैसे याद करेगा – यूक्रेन को बचाने वाले नेता के रूप में या इसे गिरते देखने वाले व्यक्ति के रूप में? इस पर ज़ेलेंस्की ने भावुक होते हुए कहा, “मुझे नहीं पता कि इतिहास की किताबों में मेरे बारे में क्या लिखा जाएगा। लेकिन मेरा मकसद यह नहीं है। मेरा लक्ष्य है – अपने देश की रक्षा करना और यह देखना कि मेरे बच्चे बिना किसी डर के अपनी सड़कों पर चल सकें।“ उन्होंने आगे कहा, “मैं अपनी आखिरी सांस तक यूक्रेन की रक्षा करने के लिए हर संभव कोशिश करूंगा।” नाटो में यूक्रेन की एंट्री का मुद्दा ज़ेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन का नाटो में शामिल होना गठबंधन को और मजबूत करेगा। हालांकि, ट्रंप प्रशासन ने साफ कर दिया है कि फिलहाल यूक्रेन को नाटो में शामिल नहीं किया जाएगा। निष्कर्ष यूक्रेन और रूस के बीच जंग अब भी जारी है, और ज़ेलेंस्की को उम्मीद है कि अमेरिका रूस की शर्तों को नहीं मानेगा। हालांकि, रूस का दबाव बढ़ता जा रहा है, और अमेरिका की नीति पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं। Deshharpal पर ताज़ा ख़बरों के लिए जुड़े रहें!
Read more
SupremeCourtHearingControversy; Supreme Court

सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले पर लगाई रोक, कहा- ‘टिप्पणी असंवेदनशील और अमानवीय’

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक फैसले पर रोक लगाते हुए उसकी कड़ी आलोचना की। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि किसी नाबालिग लड़की के ब्रेस्ट पकड़ना और उसके पायजामे का नाड़ा तोड़ना रेप या ‘अटेम्प्ट टु रेप’ की श्रेणी में नहीं आता। सुप्रीम कोर्ट ने इस फैसले को ‘असंवेदनशील’ और ‘अमानवीय दृष्टिकोण’ बताया है। सुप्रीम कोर्ट की कड़ी प्रतिक्रिया जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस एजी मसीह की पीठ ने इस मामले की सुनवाई करते हुए कहा, “यह बहुत गंभीर मामला है और जिस जज ने यह फैसला दिया, उसकी तरफ से बहुत असंवेदनशीलता दिखाई गई। हमें यह कहते हुए बहुत दुख हो रहा है कि फैसला लिखने वाले में संवेदनशीलता की पूरी तरह से कमी थी।” सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार और अन्य पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इससे पहले मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले पर स्वतः संज्ञान लिया था। यह फैसला आते ही कानूनी विशेषज्ञों, राजनेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इसका विरोध किया था। सुप्रीम कोर्ट ने इस मुद्दे को गंभीर मानते हुए तुरंत सुनवाई का निर्णय लिया। केंद्र सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने भी सुप्रीम कोर्ट के रुख का समर्थन किया। उन्होंने कहा, सुप्रीम कोर्ट ने खुद लिया संज्ञान “कुछ फैसलों को रोकने के पीछे महत्वपूर्ण कारण होते हैं, और यह उनमें से एक है।” हाईकोर्ट का विवादास्पद फैसला इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा था, “किसी लड़की के निजी अंग पकड़ लेना, उसके पायजामे का नाड़ा तोड़ देना और जबरन उसे पुलिया के नीचे खींचने की कोशिश करना रेप या ‘अटेम्प्ट टु रेप’ की श्रेणी में नहीं आता।” हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद महिला संगठनों और कानूनी विशेषज्ञों ने इसकी आलोचना करते हुए कहा कि यह पीड़िता के अधिकारों का हनन करता है और यौन उत्पीड़न को हल्के में लेने जैसा है। न्यायपालिका पर उठे सवाल यह मामला देश में महिला सुरक्षा से जुड़े कानूनी ढांचे को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे फैसले अपराधियों को बचाव का आधार दे सकते हैं और महिलाओं के प्रति हो रहे अपराधों के खिलाफ न्याय मिलने में बाधा बन सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से अब पीड़िता को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है। इस मामले की अगली सुनवाई जल्द ही होने की संभावना है। (देश हरपल की विशेष रिपोर्ट)
Read more
सरकारी नौकरी: IRCTC में अप्रेंटिस भर्ती, ग्रेजुएट्स के लिए शानदार मौका! बिना एग्जाम के सीधा सिलेक्शन

सरकारी नौकरी: IRCTC में अप्रेंटिस भर्ती, ग्रेजुएट्स के लिए शानदार मौका! बिना एग्जाम के सीधा सिलेक्शन

अगर आप सरकारी नौकरी की तलाश में हैं, तो यह खबर आपके लिए है! भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (IRCTC) ने अप्रेंटिस पदों पर भर्ती निकाली है। इच्छुक उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट www.apprenticeshipindia.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। IRCTC अप्रेंटिस भर्ती 2025 – मुख्य जानकारी आयु सीमा: स्टाइपेंड (मासिक वेतन): कैसे करें आवेदन? 👉 [ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक] 👉 [ऑनलाइन आवेदन लिंक] अन्य सरकारी नौकरी भर्ती 2025 अपडेट 1. बिहार में 15,000 होमगार्ड पदों पर भर्ती 2. जामनगर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (गुजरात) में भर्ती (85 पद) सरकारी नौकरियों की ताज़ा अपडेट के लिए Deshharpal से जुड़े रहें!
Read more
सरकारी नौकरी: UPPSC PCS भर्ती की तारीख बढ़ी, अब 2 अप्रैल तक करें आवेदन!

सरकारी नौकरी: UPPSC PCS भर्ती की तारीख बढ़ी, अब 2 अप्रैल तक करें आवेदन!

अगर आप यूपीपीएससी पीसीएस 2025 भर्ती के लिए आवेदन करना चाहते हैं, तो आपके लिए खुशखबरी है! आवेदन की अंतिम तारीख बढ़ाकर 2 अप्रैल 2025 कर दी गई है। पहले यह 24 मार्च 2025 थी। अब उम्मीदवार UPPSC की आधिकारिक वेबसाइट uppsc.up.nic.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। UPPSC PCS 2025 भर्ती की मुख्य जानकारी: शैक्षणिक योग्यता: आयु सीमा: आवेदन शुल्क: सिलेक्शन प्रोसेस: सैलरी डिटेल्स: कैसे करें आवेदन? 👉 [ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक] 👉 [ऑनलाइन आवेदन लिंक] अन्य सरकारी नौकरी भर्ती 2025 अपडेट 1. मेडिकल ऑफिसर भर्ती 2025 (5248 पद) 2. ESIC मेडिकल कॉलेज, रांची में भर्ती (64 पद) सरकारी नौकरियों की ताज़ा अपडेट के लिए Deshharpal से जुड़े रहें!
Read more
चीन बनाम अमेरिका EV स्टॉक वॉर

चीन बनाम अमेरिका EV स्टॉक वॉर: कौन आगे – BYD या टेस्ला?

दुनिया में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की दौड़ तेज हो गई है और चीन की BYD ने एलन मस्क की टेस्ला को पीछे छोड़ दिया है। BYD ने 2024 में 100 अरब डॉलर से ज्यादा का रेवेन्यू हासिल कर लिया है, जिससे वह टेस्ला से आगे निकल गई है। आइए जानते हैं पूरा मामला! BYD बनाम टेस्ला: कौन आगे रेवेन्यू में? चीन की इलेक्ट्रिक वाहन कंपनी BYD ने 2024 में 107.2 अरब डॉलर का रेवेन्यू दर्ज किया, जो 2023 से 29% ज्यादा है। वहीं, टेस्ला ने 97.7 अरब डॉलर का रेवेन्यू पोस्ट किया, जिससे वह BYD से पीछे रह गई। सिर्फ रेवेन्यू ही नहीं, BYD का नेट प्रॉफिट भी 2024 में 40.3 अरब युआन (5.6 अरब डॉलर) तक पहुंच गया, जो पिछले साल से 34% ज्यादा है। इससे साफ है कि कंपनी तेजी से आगे बढ़ रही है। स्टॉक परफॉर्मेंस: BYD बनाम टेस्ला हालांकि टेस्ला EV बाजार में बड़ा नाम है, लेकिन स्टॉक परफॉर्मेंस के मामले में BYD ने उसे पीछे छोड़ दिया है। BYD के शेयर हांगकांग स्टॉक एक्सचेंज (HKG) और शेन्ज़ेन स्टॉक एक्सचेंज (SHE) पर लिस्टेड हैं, जबकि टेस्ला नैस्डैक (USA) पर ट्रेड होती है। BYD की गेम-चेंजिंग बैटरी टेक्नोलॉजी BYD के तेजी से बढ़ने की एक बड़ी वजह उसकी नई बैटरी टेक्नोलॉजी है। कंपनी ने ऐसी बैटरी पेश की है जो सिर्फ 5 मिनट की चार्जिंग में 470 किमी (292 मील) तक की रेंज दे सकती है! इस नई बैटरी और चार्जिंग सिस्टम की स्पीड 1,000 kW है, जो कि टेस्ला के सुपरचार्जर (500 kW) से दोगुनी तेज है। यह EV इंडस्ट्री में एक बड़ा बदलाव ला सकता है और BYD को EV मार्केट का बादशाह बना सकता है। निष्कर्ष: क्या टेस्ला वापसी कर पाएगी? एलन मस्क की टेस्ला अब भी EV इंडस्ट्री की बड़ी कंपनी है, लेकिन BYD तेजी से आगे बढ़ रही है। रेवेन्यू, स्टॉक परफॉर्मेंस और बैटरी टेक्नोलॉजी के मामले में BYD ने बढ़त बना ली है। अब सवाल यह है – क्या टेस्ला वापसी कर पाएगी या BYD EV मार्केट पर राज करेगा?
Read more
1 321 322 323

Editor's Picks

Xi Jinping

BRICS Summit 2026: 7 साल बाद भारत पहुंचे Xi Jinping, Modi-Xi Meeting पर सबकी नजर

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Xi Jinping) शनिवार को नई दिल्ली पहुंच गए। वह BRICS Summit 2026 में हिस्सा लेने के लिए भारत आए हैं। करीब सात साल बाद उनकी भारत यात्रा हो रही है, इसलिए उनके दिल्ली पहुंचते ही भारत-चीन रिश्तों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। जिनपिंग का यह दौरा ऐसे वक्त में हो रहा है, जब भारत और चीन के रिश्ते धीरे-धीरे सामान्य होने की कोशिश कर रहे हैं। 2020 में गलवान घाटी की घटना के बाद दोनों देशों के संबंधों में काफी तनाव आया था। ऐसे में सात साल बाद चीनी राष्ट्रपति का भारत आना अपने आप में अहम माना जा रहा है। 7 साल बाद भारत आए शी जिनपिंग शी जिनपिंग आखिरी बार 2019 में भारत आए थे। उस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जिनपिंग के बीच महाबलीपुरम में अनौपचारिक मुलाकात हुई थी। इसके बाद सीमा विवाद के कारण दोनों देशों के रिश्तों में बड़ा बदलाव देखने को मिला। अब लंबे अंतराल के बाद जिनपिंग की दिल्ली यात्रा से यह उम्मीद जगी है कि दोनों देश बातचीत के जरिए अपने रिश्तों में आगे बढ़ने की कोशिश कर सकते हैं। Modi-Xi Meeting पर सबसे ज्यादा नजर BRICS Summit के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग के बीच संभावित मुलाकात सबसे बड़ा आकर्षण हो सकती है। दोनों नेताओं की बातचीत में सीमा पर शांति, व्यापार, निवेश और दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंध जैसे मुद्दे अहम रहेंगे। भारत और चीन के बीच व्यापार काफी बड़ा है, लेकिन व्यापार असंतुलन लंबे समय से चिंता का विषय रहा है। ऐसे में दोनों नेताओं की बैठक से आर्थिक मोर्चे पर भी कुछ सकारात्मक संकेत मिलने की उम्मीद की जा रही है। गलवान के बाद रिश्तों में आई थी दूरी 2020 के गलवान विवाद ने भारत-चीन संबंधों को मुश्किल दौर में पहुंचा दिया था। सीमा पर तनाव बढ़ने के साथ दोनों देशों के बीच सैन्य और राजनयिक स्तर पर लगातार बातचीत हुई। पिछले कुछ समय में हालात को सामान्य करने की दिशा में कदम उठाए गए हैं। सीमा पर तनाव कम करने के प्रयासों के साथ दोनों देशों के बीच उड़ान, वीजा और अन्य संपर्कों को भी धीरे-धीरे बेहतर करने की कोशिश हुई है। हालांकि, सीमा विवाद अभी भी दोनों देशों के बीच सबसे संवेदनशील मुद्दों में शामिल है। BRICS Summit में जुटे बड़े नेता नई दिल्ली में हो रहा BRICS Summit 2026 वैश्विक राजनीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। सम्मेलन में सदस्य देशों के नेता आर्थिक सहयोग, व्यापार, निवेश, ऊर्जा, तकनीक और Global South से जुड़े मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन समेत कई प्रमुख नेता भी सम्मेलन में हिस्सा ले रहे हैं। ऐसे समय में जब दुनिया कई बड़े संघर्षों और आर्थिक चुनौतियों से गुजर रही है, BRICS की भूमिका पर भी खास चर्चा हो रही है। भारत-चीन रिश्तों के लिए अहम मौका शी जिनपिंग का भारत दौरा सिर्फ BRICS Summit तक सीमित नहीं है। इसे भारत और चीन के बीच रिश्तों को आगे बढ़ाने के एक महत्वपूर्ण मौके के तौर पर भी देखा जा रहा है। अब सबकी नजर Modi-Xi Meeting पर है। दोनों नेताओं के बीच बातचीत अगर सकारात्मक रहती है, तो इससे सीमा विवाद के साथ-साथ व्यापार और आर्थिक सहयोग के मोर्चे पर भी आगे बढ़ने का रास्ता खुल सकता है। फिलहाल, शी जिनपिंग का सात साल बाद भारत पहुंचना ही दोनों देशों के रिश्तों में एक नए chapter की शुरुआत की उम्मीद जगा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Saudi

Saudi Pipeline Shutdown: ड्रोन हमले से मचा हड़कंप, Hormuz Crisis के बीच Oil Supply पर नया संकट

मिडिल ईस्ट में तनाव का असर अब सीधे Global Oil Supply पर दिखाई देने लगा है। ड्रोन हमले के बाद सऊदी अरब ने अपनी एक अहम East-West Oil Pipeline को बंद कर दिया है। यह वही पाइपलाइन है, जिसके जरिए रोजाना करीब 50 लाख बैरल तक कच्चा तेल Red Sea के रास्ते भेजा जा रहा था। सऊदी का यह फैसला ऐसे वक्त में आया है, जब Strait of Hormuz को लेकर पहले से ही चिंता बनी हुई है। ऐसे में एक और बड़े Oil Route का प्रभावित होना दुनिया के लिए चिंता बढ़ाने वाला है। ड्रोन हमले के बाद लिया गया फैसला रिपोर्टों के अनुसार, सऊदी अरब के रियाद और मदीना क्षेत्र में पाइपलाइन से जुड़े ठिकानों को ड्रोन हमले में निशाना बनाया गया। घटना के बाद सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पाइपलाइन का ऑपरेशन रोक दिया गया। सऊदी अधिकारियों के मुताबिक, ड्रोन इराक की दिशा से आए थे। घटना के बाद इराक की ओर से भी कार्रवाई की गई। इस पूरे मामले ने खाड़ी क्षेत्र में पहले से चल रहे तनाव को और बढ़ा दिया है। क्या है East-West Oil Pipeline? सऊदी अरब की East-West Pipeline देश के तेल कारोबार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। करीब 1,200 किलोमीटर लंबी यह पाइपलाइन सऊदी अरब के पूर्वी हिस्से से कच्चे तेल को Red Sea के किनारे स्थित Yanbu तक पहुंचाती है। इस रूट का सबसे बड़ा फायदा यह है कि तेल को Hormuz Strait से होकर भेजने की जरूरत नहीं पड़ती। यानी समुद्री रास्ते में परेशानी होने पर यह पाइपलाइन Saudi Arabia के लिए एक वैकल्पिक रास्ते के तौर पर काम करती है। हाल में इससे करीब 40 से 50 लाख बैरल तेल प्रतिदिन भेजे जाने की बात सामने आई है। Hormuz के बाद Pipeline बंद होना क्यों अहम? Strait of Hormuz दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण Oil Shipping Routes में से एक है। यहां तनाव बढ़ने पर पहले से ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की Supply को लेकर चिंता रहती है। ऐसे समय में सऊदी की East-West Pipeline का बंद होना अलग तरह की चुनौती पैदा करता है। जिस रास्ते को Hormuz के विकल्प के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था, उस पर भी अब सुरक्षा का सवाल खड़ा हो गया है। Red Sea Route पर भी दबाव मिडिल ईस्ट में संकट सिर्फ Hormuz तक सीमित नहीं है। Red Sea और Bab el-Mandeb क्षेत्र में भी लंबे समय से सुरक्षा संबंधी चुनौतियां बनी हुई हैं। इन इलाकों में तनाव बढ़ने से कई बार Shipping Companies को अपने रास्ते बदलने पड़े हैं। अब Saudi Oil Infrastructure पर हुए ड्रोन हमले ने Energy Supply को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है। Oil Prices पर कितना असर पड़ेगा? सऊदी अरब दुनिया के सबसे बड़े Oil Producers में शामिल है। इसलिए वहां तेल की Supply या Infrastructure में किसी बड़ी रुकावट का असर International Market पर पड़ सकता है। अगर पाइपलाइन जल्द दोबारा शुरू हो जाती है, तो बाजार में दबाव सीमित रह सकता है। लेकिन अगर बंदी लंबी खिंचती है और Hormuz तथा Red Sea में भी स्थिति सामान्य नहीं होती, तो Crude Oil Prices में तेजी का खतरा बढ़ सकता है। महंगे कच्चे तेल का असर आगे चलकर Transport और Manufacturing से लेकर पेट्रोल-डीजल की कीमतों तक दिखाई दे सकता है। दुनिया की नजर अब Saudi Arabia पर फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि सऊदी अरब East-West Pipeline को कब तक बंद रखता है। साथ ही यह भी महत्वपूर्ण होगा कि आने वाले दिनों में Middle East में ड्रोन हमले और Shipping Security की स्थिति किस दिशा में जाती है। एक तरफ Hormuz में तनाव और दूसरी तरफ Saudi Oil Pipeline पर हमला—इन घटनाओं ने Global Energy Market की चिंता बढ़ा दी है। आने वाले दिनों में तेल की Supply और कीमतों पर इसका असर साफ तौर पर देखने को मिल सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Uttarakhand में 170 फीट लंबा पुल बहा, छत्तीसगढ़ में 3 छात्र नदी में लापता

Uttarakhand में 170 फीट लंबा पुल बहा, छत्तीसगढ़ में 3 छात्र नदी में लापता

देश के कई राज्यों में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया है। Uttarakhand से लेकर बिहार, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और राजस्थान तक बारिश और बाढ़ का असर देखने को मिल रहा है। कहीं पुल बह गए हैं तो कहीं नदियों का जलस्तर बढ़ने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। Uttarakhand में 170 फीट लंबा पुल बहा उत्तराखंड में भारी बारिश के बीच एक करीब 170 फीट लंबा पुल नदी के तेज बहाव में बह गया। पुल के बह जाने से आसपास के इलाकों में आवाजाही प्रभावित हुई है। प्रशासन और राहत दल स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। लगातार बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ गया है। छत्तीसगढ़ में नदी में बहे 3 कॉलेज छात्र छत्तीसगढ़ में भी बारिश के बीच बड़ा हादसा सामने आया है। नदी में नहाने गए तीन कॉलेज छात्र लापता हो गए। घटना के बाद स्थानीय लोगों और प्रशासन को सूचना दी गई। राहत और बचाव दलों ने छात्रों की तलाश शुरू कर दी है। नदी के तेज बहाव के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में भी मुश्किलें आ रही हैं। बिहार में 47 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित बिहार में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। राज्य के कई जिलों में नदियों का जलस्तर बढ़ने से करीब 47 लाख लोग प्रभावित बताए जा रहे हैं। कई इलाकों में पानी घरों और सड़कों तक पहुंच गया है। प्रशासन की ओर से राहत और बचाव कार्य जारी है तथा प्रभावित लोगों तक जरूरी सामान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। MP और राजस्थान में भी बारिश का दौर मध्य प्रदेश और राजस्थान में भी कई इलाकों में बारिश का दौर जारी है। बारिश के कारण कुछ स्थानों पर जलभराव की स्थिति बनी हुई है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में कई क्षेत्रों में बारिश की संभावना जताई है। लोगों को नदी, नाले और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है। बारिश के इस दौर में प्रशासन के साथ-साथ आम लोगों के लिए भी सतर्क रहना जरूरी है। खासकर नदियों और तेज बहाव वाले इलाकों में जाने से बचना चाहिए। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Black Dog

Black Dog New Packaging: 140 साल पुरानी विरासत को मिला Modern Look

करीब 140 साल पुरानी विरासत वाले स्कॉच व्हिस्की ब्रांड Black Dog ने अपनी पैकेजिंग में बड़ा बदलाव किया है। नए पैक के जरिए ब्रांड ने अपनी पारंपरिक पहचान को बरकरार रखते हुए इसे आज के दौर के हिसाब से नया रूप देने की कोशिश की है। इस बदलाव के साथ ब्रांड ने ‘Savour the Sip’ संदेश को भी सामने रखा है। 1883 से शुरू हुई Black Dog की कहानी Black Dog की शुरुआत वर्ष 1883 में सर वाल्टर मिलार्ड से जुड़ी मानी जाती है। स्कॉटलैंड से शुरू हुआ यह ब्रांड समय के साथ भारत सहित कई बाजारों में अपनी पहचान बनाने में सफल रहा है। कंपनी के मुताबिक, नए पैकेजिंग डिजाइन में ब्रांड की पुरानी विरासत और आधुनिक विजुअल स्टाइल को एक साथ रखा गया है। पैक पर बारीक डिटेलिंग और प्रीमियम फिनिश के जरिए Black Dog की पहचान को और उभारने की कोशिश की गई है। ‘Savour the Sip’ बना नया Brand Message नई पैकेजिंग के साथ ‘Savour the Sip’ को ब्रांड के प्रमुख संदेश के तौर पर पेश किया गया है। कंपनी का कहना है कि यह विचार तेज रफ्तार जिंदगी के बीच लोगों को अनुभवों को ठहरकर महसूस करने की सोच से जुड़ा है। ब्रांड की ओर से बताया गया है कि इसकी स्कॉच व्हिस्की स्कॉटलैंड की चुनिंदा डिस्टिलरी में तैयार की जाती है। इनमें Linkwood Distillery भी शामिल है। कंपनी अपने उत्पादों की खासियत को अलग-अलग कास्क में परिपक्व होने की प्रक्रिया और स्कॉटिश माल्ट्स से जोड़ती है। Portfolio में दो प्रमुख Variants नए पैकेजिंग बदलाव के साथ Black Dog के पोर्टफोलियो में दो प्रमुख वेरिएंट को भी अलग पहचान के साथ पेश किया गया है। Black Dog Black Reserve को चुनिंदा स्कॉटिश माल्ट्स से तैयार किया गया मिश्रण बताया गया है। कंपनी के अनुसार इसमें ओक, शेरी और माल्टी फ्लेवर की परतें शामिल हैं। वहीं Black Dog Triple Gold Reserve को ट्रिपल-कास्क मैच्योर्ड स्कॉच के तौर पर पेश किया गया है। कंपनी के मुताबिक इसमें ओक, टॉफी और वनीला जैसे फ्लेवर नोट्स देखने को मिलते हैं। नई Generation पर फोकस ब्रांड का यह बदलाव केवल पैकेजिंग तक सीमित नहीं है। नए डिजाइन और संदेश के जरिए Black Dog बदलते उपभोक्ता वर्ग के साथ अपनी पहचान को जोड़ने की कोशिश कर रहा है। Diageo India के वाइस प्रेसिडेंट और पोर्टफोलियो हेड वरुण कूरिच के मुताबिक, नई पैकेजिंग ब्रांड की विरासत का सम्मान करते हुए उसे आधुनिक समय के अनुरूप पेश करती है। कंपनी का फोकस ऐसे उपभोक्ताओं तक पहुंचने पर है जो उत्पाद के पीछे की कारीगरी और अनुभव को महत्व देते हैं। कुल मिलाकर, Black Dog की नई Packaging उसके पुराने heritage और modern branding के बीच संतुलन बनाने की कोशिश है। करीब 140 साल पुरानी पहचान को बरकरार रखते हुए ब्रांड ने अपने visual identity और communication में बदलाव किया है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
China Southern Airlines

China Southern Airlines: 21 सितंबर से ग्वांगझू-दिल्ली सीधी उड़ान, 6 साल बाद Air Connectivity बहाल

भारत और चीन के रिश्तों में लंबे समय बाद एक और सकारात्मक संकेत देखने को मिला है। चीन की China Southern Airlines 21 सितंबर 2026 से ग्वांगझू और नई दिल्ली के बीच सीधी उड़ान सेवा फिर शुरू करने जा रही है। करीब छह साल से बंद इस Direct Flight के दोबारा शुरू होने की खबर ऐसे समय आई है, जब चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग भारत दौरे पर पहुंच रहे हैं। कोरोना महामारी के दौरान दोनों देशों के बीच सीधी यात्री उड़ानें बंद हो गई थीं। इसके बाद लंबे समय तक हवाई संपर्क पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाया। अब China Southern Airlines के इस फैसले से दोनों देशों के बीच यात्रियों और कारोबारी गतिविधियों को राहत मिलने की उम्मीद है। 21 सितंबर से शुरू होगी Direct Flight China Southern Airlines की ग्वांगझू-दिल्ली उड़ान सेवा 21 सितंबर 2026 से दोबारा शुरू होगी। इससे भारत और चीन के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को एक और सीधा विकल्प मिलेगा। ग्वांगझू चीन का एक प्रमुख कारोबारी और औद्योगिक शहर है। ऐसे में दिल्ली के साथ सीधा हवाई संपर्क बहाल होने से बिजनेस ट्रैवल, पर्यटन और दोनों देशों के बीच लोगों की आवाजाही को बढ़ावा मिल सकता है। शी जिनपिंग के भारत दौरे के बीच बड़ा अपडेट इस पूरे घटनाक्रम को इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग BRICS Summit में हिस्सा लेने के लिए भारत आए हैं। उनके दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी मुलाकात पर भी दुनिया की नजर है। भारत और चीन के रिश्तों में 2020 के सीमा विवाद के बाद काफी तनाव देखने को मिला था। हालांकि, पिछले कुछ समय में दोनों देशों के बीच बातचीत और संपर्क बढ़ाने की कोशिशें हुई हैं। ऐसे में Direct Flight की वापसी को दोनों देशों के बीच धीरे-धीरे सामान्य होते संबंधों के एक संकेत के तौर पर भी देखा जा रहा है। यात्रियों और कारोबारियों को क्या फायदा होगा? सीधी उड़ान शुरू होने से भारत और चीन के बीच यात्रा करने वाले लोगों को कनेक्टिंग फ्लाइट पर निर्भरता कम होगी। इससे समय की बचत हो सकती है और यात्रा पहले के मुकाबले आसान हो सकती है। खासकर कारोबारी यात्रियों, छात्रों और परिवारों के लिए यह सुविधा महत्वपूर्ण हो सकती है। दोनों देशों के बीच व्यापारिक संपर्क बढ़ने की स्थिति में हवाई कनेक्टिविटी की भूमिका और भी अहम हो जाएगी। China-India Relations में धीरे-धीरे बदलाव भारत और चीन के संबंध अभी भी कई संवेदनशील मुद्दों से जुड़े हुए हैं। सीमा विवाद के अलावा व्यापार और रणनीतिक मामलों पर दोनों देशों के बीच मतभेद हैं। इसके बावजूद हाल के महीनों में बातचीत और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने की दिशा में कदम दिखाई दिए हैं। छह साल बाद ग्वांगझू-दिल्ली Direct Flight की वापसी इसी बदलाव की एक कड़ी मानी जा सकती है। अब सबकी नजर BRICS Summit के दौरान मोदी और शी जिनपिंग की बातचीत और उसके बाद दोनों देशों के रिश्तों की अगली दिशा पर रहेगी। कुल मिलाकर, शी जिनपिंग के भारत दौरे के बीच चीन की तीसरी एयरलाइन द्वारा भारत के लिए उड़ान सेवा शुरू करने का फैसला सिर्फ Aviation Sector के लिए ही नहीं, बल्कि India-China Relations के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

About Me

देशहरपल सिर्फ खबरों का मंच नहीं, बल्कि आपकी आवाज़ को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम भी है। यहां आपको ताज़ातरीन खबरों के साथ-साथ नौकरी, शिक्षा, और नए भारत की बदलती आर्थिक तस्वीर पर उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी।

Phone: +91 9406783569, +91 755 484 8829
Email: support@deshharpal.com
Address : A-23 Sakshi Bunglow Trilanga Near Aura Mall Bhopal M.P

Recent Posts

  • All Post
  • Breaking News
  • Education
  • More News
  • Web Story
  • एंटरटेनमेंट
  • देश-हरपल
  • धर्म-कर्म
  • प्रदेश
  • बिज़नेस
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • वीडियो
  • स्पोर्ट्स
    •   Back
    • एक्सक्लूसिव
    • Editorial
    •   Back
    • IPL 2026
    • T20 वर्ल्ड कप
    • FIFA 2026
    •   Back
    • सोच-विचार
    • हेल्थ
    • ट्रैवल
    • कल्चर
    • एनवायरनमेंट
    • Impact Feature
    •   Back
    • राशिफल
    • पंचांग
    • पर्व-त्यौहार
    • पूजा-पाठ
    • चैत्र नवरात्रि 2025
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    •   Back
    • टीवी
    • वेब-सीरीज
    • फिल्म रिव्यू
    • बॉलीवुड
    •   Back
    • लाइफस्टाइल
    •   Back
    • स्टॉक-मार्केट

© 2023 Deshharpal. All Rights Reserved.