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IPL

IPL 2026 Auction: कौन होगा Sold कौन रहेगा Unsold? बेस प्राइस और Big Names Revealed

IPL 2026 की नीलामी इस बार पहले से ज़्यादा रोचक होने वाली है। तारीख तय हो चुकी है — 16 दिसंबर, जगह है अबू धाबी। टीमें पहले ही रणनीति बनाना शुरू कर चुकी हैं, क्योंकि सिर्फ कुछ घंटे की बोली में भविष्य तय होगा — किसे मिलेंगी करोड़ों की डील, और कौन फिर से अनसोल्ड रह जाएगा। 350 Players, लेकिन Slots केवल 77 इस बार 1,390 रजिस्ट्रेशन में से छाँटकर 350 खिलाड़ियों को अंतिम सूची में रखा गया है।इनमें शामिल हैं: सीटें कम, दावेदार ज़्यादा — इसलिए हर टीम को सोच-समझकर पैसे खर्च करने होंगे। यही इस ऑक्शन को रोमांचक बनाता है। 2 Crore Base Price — सिर्फ 2 भारतीय! सबसे ऊँची बेस-प्राइस कैटेगरी — ₹2 करोड़।शायद आपको यकीन न हो, लेकिन इस सूची में सिर्फ दो भारतीय खिलाड़ी हैं: Venkatesh IyerRavi Bishnoi बाकी नाम बड़े-बड़े विदेशी प्लेयर्स के हैं।ऑस्ट्रेलिया के स्टार Steve Smith और Cameron Green भी इसी श्रेणी में हैं।उनका अनुभव ही उन्हें ‘premium pick’ बनाता है। Comeback की कोशिश: Prithvi Shaw और Sarfaraz Khan इस साल कुछ खिलाड़ियों ने अपनी base price कम रखी है ताकि chances बढ़ें।Prithvi Shaw और Sarfaraz Khan ने केवल ₹75 लाख की बेस-प्राइस चुनी। ये दोनों वो नाम हैं, जिनसे पहले बड़ी उम्मीदें थीं।अब ये ऑक्शन उनके लिए comeback का मौका है —कम प्राइस = ज़्यादा टीमें बोली लगा सकती हैं। विदेशी सितारे — बड़ी बोलियाँ तय? इस साल विदेशी खिलाड़ियों की line-up काफी मजबूत है: इनके पास अनुभव है, और T20 में impact दिखाने का talent भी। फ्रेंचाइज़ी इनके लिए purse खोल सकती हैं, खासकर वो टीमें जिनके middle-order में gaps हैं। Auction Strategy — ये होगा खेल इस नीलामी का असली खेल balance का है:💸 Budget vs Talent “Accelerated rounds” में कई bargain deals दिख सकती हैं, जैसे हमने पिछले साल देखा था। Fan Angle — excitement high! सोशल मीडिया पर अभी से buzz है।लोग पूछ रहे हैं: “Steve Smith की IPL वापसी कैसी होगी?”“Venkatesh Iyer को 2 करोड़ मिलेंगे या नहीं?”“Shaw और Sarfaraz को कौन खरीदेगा?” ऑक्शन डे यानी 16 दिसंबर को यही सवाल headlines बनेंगे। Final Take — इस बार गेम unpredictable है IPL 2026 Auction को लेकर तीन बात साफ हैं: Competition ज़्यादा हैSlots कम हैंSurprises ज़रूर मिलेंगे कुछ महंगे खिलाड़ी unsold भी हो सकते हैं,और कोई युवा लड़का अचानक करोड़पति भी। यही तो IPL की ख़ासियत है — एक दिन में किस्मत बदल सकती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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असीम मुनीर

Indo-Pak Border Alert असीम मुनीर बोले – हमला हुआ तो जवाब और तेज़ होगा

पाकिस्तान के चीफ़ ऑफ़ डिफ़ेन्स फ़ोर्सेज़ (CDF) और सेना प्रमुख असीम मुनीर ने हाल ही में एक बयान दिया जिसने Indo-Pak संबंधों में फिर से हलचल पैदा कर दी। उन्होंने कहा कि अगर भारत कोई भी “आक्रामक कदम” उठाता है, तो पाकिस्तान की प्रतिक्रिया “तेज़, सख़्त और प्रभावी” होगी। यह बयान सिर्फ़ सैन्य चेतावनी नहीं, बल्कि एक राजनैतिक संकेत भी माना जा रहा है, क्योंकि पाकिस्तान की सेना एक नए ढांचे में काम करना शुरू कर चुकी है। New Defence System: तीनों सेनाओं की संयुक्त कमान हाल में हुए सैन्य सुधारों के बाद: अब एक ही unified command के तहत काम करेंगी। इसका leadership असीम मुनीर के पास है। इसे पाकिस्तान में historic change कहा जा रहा है।विशेषज्ञ मानते हैं कि इससे: निर्णय लेने की स्पीड बढ़ेगीऑपरेशन में तालमेल बेहतर होगासीमा सुरक्षा मजबूत होगी यानी अगर कोई तनाव बढ़ा, तो प्रतिक्रिया ज़्यादा संगठित और तेज़ हो सकती है। असीम मुनीर ने क्या कहा? अपने Address में मुनीर ने मुख्य बातें कही: उनका स्वर confident था, और संदेश साफ – आवाज़ उठाओगे तो जवाब तैयार है। India की प्रतिक्रिया कैसी रही? भारत की तरफ़ से इस बयान को ज़्यादातर नेताओं ने political rhetoric बताया।रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि इस तरह के बयान पाकिस्तान की कमज़ोर स्थिति दिखाते हैं। अन्य analysts ने सुझाव दिया कि भारत को: military strengthborder securitydiplomatic strategy पर ध्यान रखना चाहिए, और बिना वजह तनाव नहीं बढ़ाना चाहिए। Why This Matters: यह सिर्फ़ बयान नहीं, संकेत भी है दक्षिण एशिया में स्थिति संवेदनशील है। दोनों देश: ऐसे में किसी भी उकसावे से हालत बिगड़ सकती है। लेकिन एक मानवीय पहलू भी है – सीमा के दोनों तरफ़ लोग शांति चाहते हैं।लोगों की पहली इच्छा होती है: यही कारण है कि हर बड़े बयान के पीछे चिंता भी छिपी रहती है। Future Perspective: आगे क्या होगा? कुछ चीजें देखने लायक होंगी: क्या Pakistan border पर deployment या drill बढ़ाता है?भारत की कूटनीति क्या रुख लेती है?क्या global powers mediation में आएंगी? अगर दोनों देश संवाद करें, तो tension कम हो सकता है।लेकिन अगर बयानबाज़ी बढ़ी, तो हालात खतरनाक भी हो सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bhopal

Bhopal Love Jihad Case भोपाल में युवक की घर वापसी, मंत्री सारंग ने दी कानूनी मदद

भोपाल, 21 नवंबर 2025भोपाल (Bhopal ) के जहांगीराबाद थाना क्षेत्र में एक युवक द्वारा कथित रूप से बहला-फुसलाकर धर्म परिवर्तन कराए जाने का मामला सामने आया है। फरियादी शुभम गोस्वामी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि दो वर्ष पूर्व उनका परिचय एक युवती से हुआ था। शिकायत के अनुसार युवती के परिवार की ओर से विवाह का आश्वासन देकर शुभम पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाया गया और उन्होंने मुस्लिम धर्म अपनाते हुए अमन खान नाम ग्रहण किया। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि इस प्रक्रिया के दौरान परिवार पर धमकियाँ दी गईं, अनुचित दबाव बनाया गया तथा युवक को धार्मिक गतिविधियों में भेजा गया। बाद में विवाह का वादा पूरा नहीं हुआ और विवाद उत्पन्न हुआ। मामला मंत्री विश्वास कैलाश सारंग के संज्ञान में आने के बाद युवक ने जनदर्शन में पहुंचकर सहायता की मांग की। मंत्री ने पुलिस प्रशासन से बात कर फरियादी को सुरक्षा एवं कानूनी सहायता उपलब्ध कराई। मंत्री सारंग की पहल के बाद प्राचीन गुफा मंदिर में पंडितों व पुजारियों की उपस्थिति में शुभम की पुनः हिंदू धर्म में वापसी कराई गई, जिसे धार्मिक विधि-विधान के अनुसार संपन्न बताया गया। पुलिस के अनुसार, युवक की शिकायत के आधार पर संबंधित लोगों के खिलाफ मध्यप्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2021 की धारा 3 और 5 तथा भारतीय न्याय संहिता 2023 की प्रासंगिक धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी भी सामने आई है और जांच जारी है। मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि ऐसे प्रकरणों में पीड़ितों को कानूनी सहायता दी जाएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच तथ्यों के आधार पर की जा रही है और कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई होगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Silver

आज का सोना Silver और Gold रेट 8 दिसंबर 2025 मार्केट अपडेट

आज 8 दिसंबर 2025 को सोना (Gold) और चांदी (Silver) के भाव में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिली है। बाजार में इस तेजी के पीछे वैश्विक आर्थिक अस्थिरता, निवेशकों की सुरक्षित निवेश की तलाश और रुपए में उतार-चढ़ाव जैसे कई कारण हैं। आइए जानते हैं आज के रियल टाइम रेट और बाजार की पूरी स्थिति। सोना Gold की कीमतें चांदी Silver का बाजार बाजार पर असर आज का सोना और चांदी का भाव यह बताता है कि निवेशकों और खरीदारों के लिए सतर्क रहना जरूरी है। सुरक्षित निवेश और सही समय पर निर्णय लेने से आप बेहतर लाभ कमा सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Vande Mataram

Vande Mataram Special Session वंदे मातरम् के 150 साल संसद में आवाजें और भावनाएँ

देश की संसद में सोमवार का दिन इतिहास की यादों से भरा रहा। वंदे मातरम् के 150 साल पूरे होने पर लोकसभा में स्पेशल डिस्कशन (Special Discussion) रखा गया, जिसकी शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की। हर वक्ता के लिए यह सिर्फ एक गीत नहीं, बल्कि आजादी की भावना और भारतीय पहचान का प्रतीक था। 150 Years of Vande Mataram: भावनाएँ, इतिहास और बहस जब पीएम मोदी ने बोलना शुरू किया, सदन शांत था। उन्होंने कहा कि इस गीत ने आज़ादी की लड़ाई में नवीन ऊर्जा दी और भारतीयों के दिलों में स्वाभिमान जगाया।बहस के दौरान कई बार इस बात का जिक्र आया कि वंदे मातरम् के नारे से अंग्रेजों की कफन कस जाती थी, और इसके सुर स्वतंत्रता सेनानियों को हिम्मत देते थे। विपक्ष की तरफ से राहुल गांधी और अन्य सांसदों ने भी विचार रखे।उनका कहना था कि गीत की महत्ता पर कोई सवाल नहीं, लेकिन किसी भी नागरिक को इसे गाने के लिए मजबूर करना, संविधान की भावना से मेल नहीं खाता। विवाद क्यों? इसे लेकर देश में हमेशा दो दृष्टिकोण रहे हैं: समर्थन में चिंता में कई नेताओं ने कहा कि प्यार और सम्मान मजबूरी से नहीं आते।यह ऐसा गीत है जिसे दिल से गाया जाए तो ही उसकी सुंदरता सामने आती है। 10 घंटे की चर्चा, पर सवाल वही पूरे दिन चली चर्चा के बाद भी सवाल वही रहा —क्या वंदे मातरम् को Compulsory बनाना चाहिए? अधिकांश वक्ताओं ने स्वीकार किया कि: संसद में यह बार-बार कहा गया कि भारत की ताकत उसकी विविधता (Diversity) है।यही वह देश है जहां कई धर्म, भाषाएँ और विचार एक साथ चलते हैं। Human Touch: भावनाओं में भी नीति छुपी है बहुत से सांसदों के चेहरे पर भावनाएँ साफ थीं।जब उन्होंने अपने बचपन की स्मृतियाँ, स्कूल की परेड या स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम याद किए, तो लगा कि यह सिर्फ राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि व्यक्तिगत जुड़ाव भी है। एक वरिष्ठ सांसद ने कहा: “जब पहली बार मैंने इसे स्कूल में गाया, मुझे लगा कि मैं सच में भारत मां के लिए कुछ कर रहा हूँ। आज भी वही अहसास जीवित है।” इस तरह की छोटी बातें बहस को मानवीय स्पर्श देती हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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GOA

Goa Fire Accident क्लब में लगी आग, दिल्ली के चार लोग नहीं लौट पाए घर

Goa की रात, संगीत और छुट्टियों की खुशी अचानक मातम में बदल गई। अर्पोरा के लोकप्रिय नाइटक्लब Birch by Romeo Lane में आग लगने से 25 लोगों की मौत हो गई। इन मृतकों में दिल्ली के एक ही परिवार के चार सदस्य भी शामिल थे, जो पहली बार गोवा घूमने आए थे। कैसे शुरू हुआ हादसा? शनिवार की देर रात क्लब के अंदर डांस शो चल रहा था। उसी दौरान स्पेशल इफेक्ट्स के लिए cold pyro guns चलाए गए। इनसे निकली चिंगारियां बांस और फाइबर की छत को छू गईं।कुछ ही सेकंड में आग फैल गई और धुआं पूरे क्लब में भरने लगा। क्लब में लगभग 200 लोग थे। तेज़ आग, घबराहट और संकरे एग्जिट गेट्स के कारण कई लोग बाहर नहीं निकल पाए। Delhi family की दिल दहला देने वाली कहानी दिल्ली के करावल नगर से आए परिवार के लिए यह पहला Goa ट्रिप था। वे 4 दिसंबर को पहुंचे थे और सोमवार को वापस लौटने वाले थे। हादसे में जान गंवाने वाले: परिवार की एकमात्र सदस्य भावना जोशी किसी तरह बच गईं।घर पर इंतज़ार कर रही बुजुर्ग मां को अभी तक यह खबर नहीं दी गई है, क्योंकि परिवार को डर है कि वह सदमे को सहन नहीं कर पाएंगी। बाकी मृतक कौन थे? हादसे में मारे गए लोगों में 20 लोग क्लब में काम करने वाले कर्मचारी थे।वे अलग-अलग राज्यों और नेपाल से आए थे।बहुत से लोग लकड़ी और फर्नीचर के बीच फंस गए, जो तेज़ी से जलने लगा। जांच, कार्रवाई और सवाल हादसे के बाद: सबसे बड़ा सवाल यही है:क्या इतनी बड़ी त्रासदी रोकी जा सकती थी? सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है: लेकिन कई जगहों पर नियम किताबों में लिखे रहते हैं, ज़मीन पर नहीं। छुट्टियों की जगह मातम जो लोग Goa में छुट्टियां, संगीत और आज़ादी की रात मनाने आए थे, वे कुछ ही घंटों में दर्द, धुआं और चीखों के बीच घिर गए।कई परिवार आज सिर्फ यात्रियों की नहीं, यादों की तलाश में हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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HTLS

India’s Future at HTLS 2025 Economy Reforms से लेकर Global Relations तक

भारत का हर नया साल सिर्फ कैलेंडर नहीं बदलता – सोच, दिशा और उम्मीदें भी बदलता है। इसी परिवर्तन की भावना को समझने के लिए Hindustan Times Leadership Summit 2025 (HTLS) में बड़े नेता, नीति-निर्माता और global experts एक साथ आए।थीम थी — “Transforming Tomorrow”।यानी, आज की चर्चा से कल का भारत कैसे बनेगा। इस summit में तीन बातें सबसे ज्यादा उभरकर सामने आईं:अर्थव्यवस्था (Economy),न्याय (Justice),विदेश नीति (Foreign Policy)। Economy: टैक्स आसान, सिस्टम साफ… और अगला लक्ष्य – Customs Reforms वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंच पर आते ही एक सीधी बात कही —“Complex tax system से हम आगे बढ़ चुके हैं।” टैक्स आतंकवाद, यानी टैक्स के नाम पर डर, दिक्कत, झंझट… उसे कम करने के लिए सरकार ने: आयकर को simplified कियाonline और faceless process बढ़ाईtransparency को प्राथमिकता दी अब अगला लक्ष्य?Customs सुधार। उन्होंने कहा कि imports और border-related taxes को भी उसी तरह साफ, clear और technology-based बनाना जरूरी है।इससे व्यापारियों, exporters और consumers – तीनों को फायदा होगा। ये संकेत है कि आने वाले वित्त वर्ष में बड़े structural changes दिख सकते हैं। Justice System: “Fast, Fair, Accessible” – यही नया मंत्र मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्य कांत ने अपने संबोधन में एक सच्चाई स्वीकार की:“न्यायालयों में pendency है। लोगों को इंतज़ार करना पड़ता है।” लेकिन समाधान भी सामने रखा: प्राथमिकता तय करनासमयbound सुनवाईdistrict courts को empower करनाऔर सबसे अहम — मध्यस्थता (mediation) उन्होंने कहा कि mediation विवादों को जल्दी, सस्ते और amicable तरीके से सुलझाने का रास्ता खोलती है। इसका असली मतलब?आम आदमी के लिए न्याय की दूरी कम करना। कानूनी system तब ही सफल है जब गाँव, कस्बे, छोटे शहरों में रहने वाले लोगों को भी आसानी से न्याय मिले। Foreign Policy: India का अपना रास्ता, अपनी आवाज विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने summit में एक बात बहुत स्पष्ट कही:“India will choose its partners based on national interest.” रूस के राष्ट्रपति पुतिन की हालिया भारत यात्रा इसी दिशा में थी।यह visit सिर्फ protocol नहीं था —आर्थिक साझेदारीdefence cooperationऔर strategic balance तीनों पर focus था। उन्होंने यह भी कहा कि: इसका सीधा अर्थ:भारत गुटनिरपेक्ष नहीं, गुटबद्ध नहींभारत स्वायत्त हैभारत अपना रास्ता खुद बनाएगा Summit की असली भावना: Practical Optimism पूरे तीन दिनों में चर्चा कितनी भी तकनीकी रही हो, माहौल सकारात्मक था। लोगों को लगा —दिशा साफ है, इरादे स्पष्ट हैं। तीनों एक-दूसरे से जुड़े हैं। जब टैक्स आसान होगा, व्यापार बढ़ेगा।जब न्याय तेज होगा, भरोसा बढ़ेगा।जब विदेश नीति संतुलित होगी, भारत मजबूत बनेगा। यही है summit का संदेश:“कल बेहतर बनेगा, अगर आज समझदारी से चलें।” हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Indigo

Indigo Crisis पायलट की कमी से 1,700 से ज्यादा Flights Cancel, यात्रियों की परेशानी बढ़ी

देश की सबसे बड़ी एयरलाइन IndiGo बीते कुछ दिनों से मुश्किल दौर से गुजर रही है। पायलटों की कमी और नए नियमों की वजह से 1700 से ज्यादा उड़ानें रद्द हुईं, जिससे हज़ारों यात्री फंस गए। एयरपोर्ट पर भीड़, गुस्सा और चिंता — सब कुछ एक साथ देखने को मिला। लोगों के चेहरे देखकर साफ महसूस हो रहा था कि यह सिर्फ खबर नहीं, बल्कि लोगों की जिंदगी से जुड़ा मामला है। किसी की शादी, किसी का इलाज, किसी का इंटरव्यू — अचानक योजनाएँ टूट गईं। क्यों रद्द हो रही हैं Indigo Flights? इस पूरे संकट की वजह सिर्फ एक नहीं, कई बातें एक साथ आ गईं: यही वजह है कि एक-एक दिन में 1000 से अधिक उड़ानें रद्द हो गईं। Delhi, Mumbai, Bengaluru… कई बड़े एयरपोर्ट प्रभावित सबसे ज्यादा असर बड़े शहरों में दिखा: एक यात्री ने कहा, “टिकट मेरे पास था, लेकिन उड़ान मेरे पास से चले गई। बस मैं यहीं खड़ा रह गया।” ऐसा दर्द सिर्फ आंकड़ों में नहीं दिखता, यह मानवीय अनुभव है। भोपाल और इंदौर में भी असर: लोग अचानक अटके मध्यप्रदेश के यात्री भी परेशान हुए।भोपाल और इंदौर एयरपोर्ट पर: कई लोगों ने कहा कि उन्हें किसी की योजना, किसी की उम्मीद बीच में लटक गई। सरकार और DGCA की कार्रवाई हालात संभालने के लिए कदम उठाए गए: लक्ष्य साफ है — operations को normal करना और यात्री भरोसा वापस लाना। कब तक चलेगी यह समस्या? IndiGo का कहना है कि: इस बीच यात्रियों के लिए सबसे ज़रूरी है — सूचना सही समय पर मिलना। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Repo Rate

Repo Rate Down 0.25% Cut से होम लोन पर बंपर फायदा, EMI में सीधी बचत

भारतीय रिज़र्व बैंक ने 2025 की मौद्रिक नीति बैठक में अहम फैसला लिया। RBI ने रेपो रेट (Repo Rate) में 0.25% की कटौती करते हुए इसे 5.25% कर दिया। इस बदलाव का सीधा फायदा उन लोगों को होगा जिनके पास home loan, car loan या personal loan हैं। EMI कम होने की उम्मीद है और नए लोन भी पहले से सस्ते हो सकते हैं। क्यों घटाया गया Repo Rate? पिछले कुछ महीनों में देश में महंगाई अचानक बहुत नीचे आ गई। कई शहरों में रोजमर्रा के सामान के दाम स्थिर रहे और अक्टूबर में महंगाई लगभग 0.25% तक पहुंच गई।दूसरी तरफ, अर्थव्यवस्था का प्रदर्शन मजबूत रहा। इसी वजह से RBI ने GDP Growth Estimate बढ़ाकर 7.3% कर दिया। RBI ने कहा — जब inflation कम हो और growth अच्छी हो, तो ब्याज दर घटाना संतुलित कदम होता है। नीति रुख Neutral रखा गया है। यानी आगे क्या होगा, यह पूरी तरह आने वाले डेटा पर निर्भर करेगा। EMI पर सीधा असर – कितना होगा फायदा? अब सबसे बड़ा सवाल: EMI कितनी कम होगी? यह बैंक-to-bank अलग होगा, लेकिन बाजार का रुझान साफ है:सस्ता कर्ज, आसान खरीदारी, ज्यादा demand Home Buyers का Confidence बढ़ेगा रियल एस्टेट सेक्टर की तरफ से इस निर्णय का स्वागत किया जा रहा है।पहले से बने प्लान अब तेज़ी पकड़ सकते हैं: जो परिवार घर खरीदने का इंतज़ार कर रहे थे, उन्हें यह कटौती भावनात्मक राहत भी देती है। EMI की चिंता कम हो जाए तो घर का सपना सच के ज्यादा करीब महसूस होता है। Car और Personal Loan लेने वालों के लिए Positive News रेपो रेट घटने का असर सिर्फ घर तक सीमित नहीं है: इन सब पर भी ब्याज कम हो सकता है।बैंकों ने संकेत दिए हैं कि वे जल्द दरों में बदलाव लागू कर सकते हैं। अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ेगा? कम ब्याज दर का मतलब है: जब खरीदारी बढ़ती है, तो बाजार में उत्साह लौटता है।RBI का पूरा फोकस है कि growth और stability एक साथ आगे बढ़ें। अगला कदम क्या हो सकता है? हालांकि RBI ने साफ कहा कि फैसला data-based होगा।अगर: तो भविष्य में और कटौती की संभावना भी खुली रहती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Modi

Modi-Putin India Visit रक्षा Deals, Oil Discount और Strategic Partnership का नया chapter

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा सिर्फ एक राजनयिक मुलाक़ात नहीं थी—यह एक दोस्ती, भरोसा और रणनीति की कहानी थी। 4–5 दिसंबर की इस यात्रा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पुतिन ने वह संदेश दिया, जो दुनिया साफ-साफ समझ गई:India और Russia आज भी एक दूसरे के लिए सबसे भरोसेमंद पार्टनर हैं। दबाव के बीच दोस्ती — India का बड़ा मैसेज यूक्रेन युद्ध के बाद कई देश रूस से दूरी बना चुके हैं, लेकिन भारत ने ऐसा नहीं किया।पश्चिमी देशों के प्रतिबंध, तेल पर निगरानी, और defence deals पर दबाव—सबके बावजूद भारत ने पुतिन का राजकीय सम्मान के साथ स्वागत किया। यह वही India है जो किसी का साइड नहीं लेता।India अपने हित देखता है, अपनी जनता देखता है। यह यात्रा दुनिया के लिए एक सीधा संकेत थी:“भारत strategic autonomy से चलेगा—अपने फैसले खुद लेगा।” Defence पर बड़े फैसले | S-400, S-500 और Fighter Jets मीटिंग के दौरान defence cooperation सबसे आगे रहा।मुख्य मुद्दे: S-400 air defence system की अतिरिक्त इकाइयाँfuturistic S-500 system पर प्रारम्भिक बातचीतSukhoi-30MKI fleet का modernisationBrahMos जैसी joint missile projects का विस्तार“Make in India Defence” पर ज़ोर भारत और रूस सिर्फ़ खरीद-बिक्री नहीं कर रहे, बल्कि technology sharing और joint manufacturing की ओर बढ़ रहे हैं। यह deal सिर्फ रक्षा की नहीं, बल्कि रोज़गार और उद्योग से जुड़ी है। Oil Deals: Discount और long-term energy security तेल इस दौरे का बड़ा विषय था।भारत अभी भी सस्ती रूसी crude oil का सबसे बड़ा खरीदार है। यात्रा से निकलकर तीन बातें साफ हुईं: Russia ने extra discount की पेशकश कीlong-term supply secure करने पर सहमतिpayment में rupee-rouble system को बढ़ाने की योजना India को फायदा:सस्ता तेल, stable supply, महंगाई पर राहत Russia को फायदा: एक बड़ा और भरोसेमंद ग्राहक Trade, Shipping, Nuclear, Healthcare — नए समझौते रक्षा और तेल के अलावा भी कई front पर बात हुई: लक्ष्य तय किया गया:2030 तक trade को 100 billion USD तक ले जाना ये सिर्फ numbers नहीं, आने वाले व्यापार, रोजगार और growth की झलक हैं। Global Message: India की नई भूमिका इस यात्रा से तीन global संदेश साफ निकले: दुनिया यह देख रही है कि India केवल बाजार नहीं—एक निर्णायक शक्ति है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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South India Exit Poll 2026

Exit Poll 2026 South India: असम में BJP मजबूत, तमिलनाडु-केरल में कांटे की टक्कर, पुडुचेरी में NDA आगे

South India Exit Poll 2026 में असम में BJP को बढ़त, तमिलनाडु और केरल में कड़ा मुकाबला, जबकि पुडुचेरी में NDA आगे दिख रहा है। जानिए पूरा विश्लेषण। Exit Poll 2026 ने दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत की राजनीति की तस्वीर काफी हद तक साफ कर दी है।Bharatiya Janata Party असम में मजबूत नजर आ रही है, जबकि तमिलनाडु और केरल में मुकाबला दिलचस्प बना हुआ है।वहीं पुडुचेरी में NDA को बढ़त मिलती दिख रही है। ASSAM – Stability का वोट, BJP को बढ़त असम में इस बार चुनाव एकतरफा नजर आ रहा है।Exit Poll के अनुसार BJP को स्पष्ट बहुमत मिलता दिख रहा है। 👉 सबसे बड़ा फैक्टर रहा नेतृत्व।Himanta Biswa Sarma की लोकप्रियता और विकास एजेंडा ने वोटरों को प्रभावित किया। 👉 इसके अलावा, महिला और युवा वोट दोनों ही BJP की ओर झुके दिखे। असम में जनता ने स्थिरता और विकास के नाम पर वोट दिया है। TAMIL NADU – DMK आगे, लेकिन नया ट्विस्ट तमिलनाडु में मुकाबला पहले से ज्यादा दिलचस्प हो गया है।Dravida Munnetra Kazhagam बढ़त में है, लेकिन इस बार एक नया फैक्टर सामने आया है। 👉 Vijay की एंट्री ने खासकर युवाओं के वोट को प्रभावित किया। 👉 महिला वोट अभी भी welfare schemes के कारण DMK के साथ बना हुआ है।DMK को बढ़त जरूर है, लेकिन भविष्य की राजनीति में बड़ा बदलाव दिख रहा है। KERALA – Anti-incumbency का असर केरल में इस बार बदलाव के संकेत मिल रहे हैं।Exit Poll के मुताबिक सत्ता परिवर्तन की संभावना बढ़ गई है। 👉 Pinarayi Vijayan सरकार के खिलाफ एंटी-इंकम्बेंसी साफ नजर आई। 👉 Educated और middle class वोटर बदलाव के मूड में दिखे। केरल में परंपरा जारी रह सकती है — हर चुनाव में सत्ता बदलने की। यह भी पढ़े- Exit Poll 2026 West Bengal: BJP vs TMC में कांटे की टक्कर , BJP को बढ़त PUDUCHERRY – छोटा राज्य, बड़ा संकेत पुडुचेरी में मुकाबला भले छोटा हो, लेकिन संकेत बड़े हैं।Exit Poll में NDA को बढ़त मिलती दिख रही है। 👉 यहां local leadership और regional मुद्दे ज्यादा प्रभावी रहे। 👉 युवा वोट ने भी परिणाम को प्रभावित किया है।पुडुचेरी का रुझान राष्ट्रीय राजनीति के लिए संकेत दे सकता है। South India Overall Trend (Combined Insight) 👉 Assam → BJP मजबूत👉 Tamil Nadu → DMK बढ़त👉 Kerala → UDF comeback संकेत👉 Puducherry → NDA आगे Final Verdict (Impact Line) 👉 “दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत में अलग-अलग मूड, लेकिन हर राज्य में वोटर ने साफ संदेश दिया है।” ➡️असम = Stabilityतमिलनाडु = Transitionकेरल = Changeपुडुचेरी = संकेत Reality Check Exit Poll सिर्फ अनुमान हैं।असली नतीजे काउंटिंग डे पर ही सामने आएंगे।
West Bengal Exit Poll 2026 Analysis

Exit Poll 2026 West Bengal: BJP vs TMC में कांटे की टक्कर , BJP को बढ़त

Poll of Polls Analysis पश्चिम बंगाल में 2026 का चुनाव सिर्फ सीटों की लड़ाई नहीं रहा, बल्कि यह “Identity vs Change” की सीधी टक्कर बन गया है। Exit Polls के ताज़ा आंकड़े बताते हैं कि Bharatiya Janata Party और All India Trinamool Congress के बीच मुकाबला बेहद करीबी है।हालांकि BJP को हल्की बढ़त दिख रही है, लेकिन TMC अभी भी मजबूत फाइट में बनी हुई है। West Bengal Poll of Polls (Average Trend) 👉 BJP: 155 – 170 सीट👉 TMC: 120 – 135 सीट👉 Others: 5 – 12 सीट इसलिए साफ है कि मुकाबला एकतरफा नहीं, बल्कि आखिरी तक टक्कर वाला है। Gender Factor – महिला vs पुरुष वोट सबसे पहले, इस चुनाव में महिला वोट निर्णायक भूमिका में दिख रहा है।TMC की योजनाएं जैसे Lakshmir Bhandar ने महिलाओं में मजबूत पकड़ बनाई है। वहीं दूसरी ओर, पुरुष वोटरों में एक अलग ट्रेंड देखने को मिला।बेरोजगारी और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों के कारण पुरुष वर्ग BJP की ओर झुकता नजर आया। ➡️ इसलिए gender divide इस चुनाव का बड़ा फैक्टर बन गया है। Caste & Community Factor – Polarization का असर इसके अलावा, जातीय और धार्मिक समीकरण भी बेहद अहम रहे। इस वजह से चुनाव में polarization साफ दिखाई दिया।और यही factor कई सीटों पर result को तय कर सकता है। Class Divide – शहर vs गांव अगर वर्ग (class) की बात करें, तो तस्वीर और भी दिलचस्प है। Urban middle class ने BJP को सपोर्ट किया।इसके विपरीत, ग्रामीण और गरीब वर्ग ने TMC की welfare schemes पर भरोसा जताया। इसलिए यह चुनाव “Urban vs Rural” की लड़ाई भी बन गया। CM Face Factor – ममता vs मोदी प्रभाव नेतृत्व की बात करें तो Mamata Banerjee का कनेक्शन अभी भी मजबूत दिखता है।उनकी छवि एक जमीनी और भावनात्मक नेता की बनी हुई है। हालांकि BJP के पास सुधांशु अधिकारी हैं पर राज्य स्तर पर मजबूत CM चेहरा नहीं है,लेकिन Narendra Modi का प्रभाव इस कमी को काफी हद तक पूरा कर रहा है। यह भी पढ़े -Poll of Polls: बंगाल,असम और पांडचुरी में बीजेपी की हैट्रिक, केरल में सत्ता परिवर्तन… Gen-Z & Youth Factor – बदलाव की चाह अब सबसे बड़ा बदलाव युवा वोट में दिख रहा है। पहली बार वोट डालने वाले युवा बदलाव के मूड में नजर आए।सोशल मीडिया का प्रभाव भी इस बार काफी ज्यादा रहा। यही वजह है कि Gen-Z वोट BJP के लिए गेमचेंजर बन सकता है। Final Verdict – किसके साथ है जनता? अगर सभी फैक्टर्स को मिलाकर देखें, तो तस्वीर साफ होती है: 👉 महिला + मुस्लिम वोट = TMC की ताकत👉 पुरुष + युवा वोट = BJP का आधार इसलिए पश्चिम बंगाल में मुकाबला “neck-to-neck” बना हुआ है। पश्चिम बंगाल का Exit Poll यही संकेत देता है कि👉 “सत्ता बदल भी सकती है और बच भी सकती है — फैसला बेहद करीबी होगा।”
EPFO

PF धारकों के लिए बड़ी राहत: EPFO करेगा बंद खातों को एक्टिव, आएगा नया पोर्टल

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) अपने करोड़ों खाताधारकों के लिए एक बेहद जरूरी और राहत भरी पहल करने जा रहा है। लंबे समय से बंद या इनएक्टिव पड़े PF खातों को अब दोबारा एक्टिव करने की प्रक्रिया आसान होने वाली है। इसके लिए EPFO एक नया डिजिटल सिस्टम ‘ई-प्राप्ति (e-Prapti) पोर्टल’ लॉन्च करने की तैयारी में है। इस कदम को PF सिस्टम में एक बड़ा डिजिटल सुधार माना जा रहा है, जिससे कर्मचारियों को अपने पुराने फंड तक पहुंचने में काफी आसानी होगी। क्या है EPFO का ‘ई-प्राप्ति’ पोर्टल? ‘ई-प्राप्ति’ एक ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म होगा, जो पुराने और बंद पड़े PF खातों को खोजकर उन्हें दोबारा सक्रिय (reactivate) करने में मदद करेगा। अक्सर ऐसा होता है कि नौकरी बदलने के बाद लोग पुराने PF खाते भूल जाते हैं या वे इनएक्टिव हो जाते हैं। इसी समस्या को खत्म करने के लिए यह सिस्टम लाया जा रहा है। किन लोगों को मिलेगा सीधा फायदा? इस नए सिस्टम से खासतौर पर इन लोगों को फायदा होगा: क्या बदल जाएगा इस सिस्टम से? ई-प्राप्ति पोर्टल आने के बाद PF प्रोसेस पहले से ज्यादा आसान और तेज हो जाएगा: पुराने PF खाते दोबारा एक्टिव हो सकेंगेUAN और KYC अपडेट करना आसान होगाPF ट्रांसफर की प्रक्रिया तेज होगीक्लेम से जुड़ी दिक्कतें कम होंगीपूरा सिस्टम डिजिटल और पारदर्शी बनेगा अभी कौन-सी सुविधा मिल रही है? EPFO पहले से ही कई डिजिटल सेवाएं दे रहा है जैसे: अब ‘ई-प्राप्ति’ आने के बाद यह सिस्टम और भी मजबूत हो जाएगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Bengaluru

Bengaluru News: भारी बारिश में दीवार गिरी, 7 की मौत; CM Siddaramaiah ने दिया मुआवजे का ऐलान

Bengaluru में भारी बारिश के बीच एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है। शहर के बोवरिंग एंड लेडी कर्जन अस्पताल के पास पुरानी कंपाउंड वॉल गिरने से 7 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा उस समय हुआ जब लोग बारिश से बचने के लिए दीवार के पास खड़े थे। अचानक तेज बारिश और हवा के दबाव के कारण दीवार भरभराकर गिर गई और लोग मलबे में दब गए। कैसे हुआ पूरा हादसा? प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बारिश काफी तेज थी और आसपास पानी भरने लगा था। इसी दौरान अस्पताल की पुरानी और कमजोर दीवार अचानक गिर गई। चंद सेकंडों में पूरा मंजर बदल गया और लोग कुछ समझ पाते उससे पहले ही कई लोग मलबे के नीचे दब गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया और प्रशासन को सूचना दी। बाद में रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल भेजा गया। मृतकों और घायलों की स्थिति इस हादसे में अब तक: CM Siddaramaiah का दौरा और बड़ा ऐलान कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने घटना स्थल का दौरा किया और घायलों से मुलाकात की। उन्होंने अस्पताल प्रशासन और अधिकारियों से पूरी जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों के लिए ₹5 लाख मुआवजे की घोषणा की है और घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश दिए हैं। साथ ही, इस हादसे की उच्च स्तरीय जांच के आदेश भी दिए गए हैं ताकि जिम्मेदारी तय की जा सके। हादसे की मुख्य वजह क्या रही? प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इस दर्दनाक हादसे के पीछे कुछ मुख्य कारण सामने आए हैं: शहरों की सुरक्षा पर उठे सवाल यह घटना एक बार फिर शहरी सुरक्षा और पुराने ढांचों की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मौसम में कमजोर इमारतें और दीवारें बड़ा खतरा बन सकती हैं। बेंगलुरु की यह घटना सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि एक चेतावनी भी है कि शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर की समय-समय पर जांच और सुधार कितना जरूरी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Iran

Hormuz Tension Alert: Iran के Araghchi और Jaishankar की बातचीत, Energy Supply पर फोकस

मध्य-पूर्व के बदलते हालात के बीच ईरान ने अपनी कूटनीतिक सक्रियता तेज कर दी है। इसी सिलसिले में Iran के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर के बीच फोन पर अहम बातचीत हुई। बातचीत का मुख्य मुद्दा रहा होर्मुज जलडमरूमध्य—एक ऐसा समुद्री रास्ता, जिस पर दुनिया की ऊर्जा सप्लाई काफी हद तक निर्भर है। क्यों अहम है यह बातचीत? सूत्रों के मुताबिक, दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय सुरक्षा, शिपिंग रूट्स की सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति से जुड़े जोखिमों पर विस्तार से चर्चा की। मौजूदा समय में होर्मुज के आसपास का माहौल संवेदनशील बना हुआ है, जिससे वैश्विक बाजारों में भी हलचल देखी जा रही है। भारत के लिए क्या मायने? भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आयात करता है। ऐसे में अगर होर्मुज में कोई बाधा आती है, तो पेट्रोल-डीजल की कीमतों से लेकर महंगाई तक पर असर पड़ सकता है। यही वजह है कि भारत इस इलाके में स्थिरता बनाए रखने के पक्ष में लगातार आवाज उठाता रहा है। Iran की रणनीति क्या संकेत देती है? हाल के दिनों में ईरान ने कई देशों से संवाद बढ़ाया है। अब्बास अराघची का यह कदम भी उसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें वह क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर अपनी भूमिका को और मजबूत करना चाहता है। आगे क्या हो सकता है? विशेषज्ञ मानते हैं कि आने वाले दिनों में होर्मुज को लेकर भू-राजनीतिक तनाव बढ़ सकता है। ऐसे में भारत जैसे बड़े आयातक देश के लिए यह जरूरी हो जाता है कि वह अपने कूटनीतिक संबंध मजबूत रखे और हर संभावित स्थिति के लिए तैयार रहे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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