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SIR

SIR & BLO Issues Supreme Court ने सुनवाई में कहा ड्यूटी अनिवार्य, पर Human Approach जरूरी

देश भर में चल रही Special Intensive Revision (SIR) प्रक्रिया के दौरान अनेक सरकारी कर्मचारियों को बूथ स्तर पर ड्यूटी दे दी गई है। रोज़मर्रा की नौकरी के साथ यह अतिरिक्त ज़िम्मेदारी कई जगहों पर मुश्किलें खड़ी कर रही थी। इसी मुद्दे पर Supreme Court of India ने एक महत्वपूर्ण फैसला दिया है, जिसमें कर्तव्य भी है और राहत भी। सुप्रीम कोर्ट का स्पष्ट संदेश: जिम्मेदारी निभाना ज़रूरी अदालत ने कहा कि: इसमें BLOs, शिक्षक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, क्लर्क और अन्य सरकारी कर्मचारी शामिल हैं। लेकिन राहत भी: जरूरत पड़े तो Extra Staff लगाया जाए Supreme Court ने यह भी स्पष्ट कहा कि: यह निर्देश ऐसे समय आया है जब कई क्षेत्रों में कर्मचारी सुबह बहुत जल्दी और रात देर तक SIR कार्य कर रहे थे। कर्मचारियों की पीड़ा भी सुनी गई याचिका में बताया गया कि: सुप्रीम कोर्ट ने संवेदनशीलता के साथ कहा: यदि किसी कर्मचारी के पास वाजिब कारण है, वह ड्यूटी से छूट की मांग कर सकता है।राज्य सरकार को केस-टू-केस आधार पर विचार करना चाहिए। कानूनी स्थिति: FIR तक का अधिकार चुनाव आयोग के पास कानूनन अधिकार है कि: मुआवजे का प्रश्न याचिका में मांग की गई थी कि जिन कर्मचारियों की मृत्यु या नुकसान SIR कार्य के दौरान हुआ, उनके परिवार को मुआवजा मिले। Supreme Court ने कहा: यह परिवारों को न्याय पाने का सीधा रास्ता देता है। यह फैसला क्यों महत्वपूर्ण है Human Touch: ड्यूटी भी, इंसानियत भी इस आदेश का सार यह है: “Democracy का पहिया तभी चलेगा, जब काम करने वाले इंसान टूटे नहीं।” हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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भोपाल

Bhopal Shikara Ride भोपाल के बड़ा तालाब में Kashmir जैसा Lake Experience शुरू

भोपाल में इस सर्द मौसम का सबसे बड़ा आकर्षण बन चुका है – Shikara rides in Bada Talab. अब शहर के लोग बिना कश्मीर जाए, डल झील की शांति और खूबसूरती को महसूस कर पा रहे हैं।4 दिसंबर को मुख्यमंत्री द्वारा उद्घाटन के बाद यह सेवा रोज़ाना लोगों से भरपूर सराहना पा रही है। 20 सुंदर Shikara नावें – एक नया नज़ारा बड़ा तालाब के Boat Club से 20 खूबसूरत शिकारा नावों को पानी में उतारा गया है। इनकी डिज़ाइन बिल्कुल कश्मीर की झीलों जैसी है – छोटा छज्जा, रंगीन कुशन, शांत लहरों पर तैरती नाव और पानी की हल्की सरसराहट। शाम होते ही पानी में Golden reflection बनता है, और पूरा तालाब चमक उठता है। बहुत से लोगों ने कहा – “ऐसा लगा हम सच में कश्मीर में हैं!” Ride Experience: सिर्फ नाव नहीं, पूरा माहौल यही इस राइड का charm है –यह तेज़ नहीं, खूबसूरत है। यहाँ लोग परिवार के साथ आते हैं, कपल्स आते हैं, और दोस्तों के साथ ग्रुप्स भी। Floating Market & Local Touch शिकारा के साथ तैरते दुकानों का कॉन्सेप्ट भी जोड़ा गया है। राइड के दौरान आप खरीद सकते हैं: यह सिर्फ पर्यटन नहीं, local artisans और vendors के लिए भी अवसर है।पर्यटक खरीदते हैं, मुस्कुराते हैं, और फोटो लेते हैं। माहौल warm और जीवंत रहता है। Bird Watching – Bonus Pleasure सुबह के समय: अगर किसी को फोटोग्राफी का शौक है, तो यह जगह बहुत खूबसूरत frames देती है। Tourism Booster for Smart City Bhopal शहर पहले से ही City of Lakes के नाम से मशहूर है।अब यह अनुभव और भी खास हो गया है। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि इससे जल-पर्यटन को नई पहचान मिले।पहले मोटरबोट पर प्रतिबंध के कारण कमी महसूस होती थी, अब शांति से पानी में फिसलता शिकारा यह खाली जगह भर रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Babri

Bengal में Babri Replica मस्जिद बनाने का विवाद और Humayun Kabir की सस्पेंशन

Trinamool Congress (TMC) के विधायक हुमायूँ कबीर ने मुर्शिदाबाद के बेलडांगा में Babri Masjid की प्रतिकृति बनाने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि मस्जिद का नींव‑पत्थर 6 दिसंबर 2025 को रखा जाएगा। इस घोषणा ने राजनीतिक और सामाजिक हलचल मचा दी। Kabir का बयान विवाद और प्रतिक्रिया TMC की कार्रवाई आगे क्या हो सकता है पश्चिम बंगाल जैसे विविधतापूर्ण राज्य में ऐसे कदम सोच-समझकर ही उठाए जाने चाहिए। Humayun Kabir का विवाद यह सिखाता है कि धर्म और राजनीति का मेल बहुत संवेदनशील मुद्दा है, जिसे हल्के में नहीं लिया जा सकता। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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F-16

US F-16 Crash अमेरिका के थंडरबर्ड्स का विमान गिरा

कैलिफ़ोर्निया, अमेरिका — बुधवार, 3 दिसंबर 2025 की सुबह अमेरिका की प्रतिष्ठित एयर शो टीम Thunderbirds का एक F‑16C फाइटर जेट Trona Airport के पास क्रैश हो गया। लेकिन सौभाग्य से पायलट ने इजेक्शन सीट के ज़रिए सुरक्षित बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। यह हादसा अमेरिकी वायु सेना के लिए भी चिंता का विषय बन गया है। हादसे का विवरण पायलट की सुरक्षा और अस्पताल में हालात सोशल मीडिया और वीडियो फुटेज जांच और संभावित कारण मानव दृष्टिकोण और सीख यह दुर्घटना हमें याद दिलाती है कि अत्याधुनिक फाइटर जेट्स और प्रशिक्षित पायलट भी जोखिम में रहते हैं। हालांकि, पायलट की सुरक्षा और त्वरित बचाव कार्य ने साबित कर दिया कि एयरफोर्स की सुरक्षा प्रणाली कितनी प्रभावी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Putin

Vladimir Putin in India भारत-रूस के रिश्तों में नया मोड़, 2025 Summit से क्या-क्या होगा फायदेमंद?

भारत और रूस के रिश्ते हमेशा से भरोसे और साझेदारी पर टिके रहे हैं। दिसंबर 2025 में रूसी राष्ट्रपति Vladimir Putin का भारत दौरा इसी भरोसे को एक नए दौर में ले जाने जैसा माना जा रहा है। 4–5 दिसंबर को होने वाला यह India-Russia Annual Summit कई बड़े फैसलों और मजबूत आर्थिक-सामरिक समझौतों का मंच बन सकता है। यह लेख आपको पूरे दौरे की गहराई, संभावनाओं, चुनौतियों और दोनों देशों के रिश्तों पर इसके असर को आसान भाषा में समझाता है। क्या है इस बार के दौरे की खासियत? लगभग चार साल बाद, पुतिन भारत आ रहे हैं और यह यात्रा समय की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है।दुनिया कई भू-राजनीतिक चुनौतियों से गुजर रही है—ऊर्जा संकट, आर्थिक अस्थिरता, और बदलते सामरिक समीकरण।ऐसे समय में भारत और रूस की मुलाकात केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि भविष्य की दिशा तय करने वाली बातचीत है। Defence Cooperation: सुरक्षा और रणनीतिक साझेदारी में बड़ा कदम Trade & Economy: 2030 तक $100 Billion का Vision दोनों देशों का फोकस अब रक्षा से आगे बढ़कर व्यापार पर भी है।दौरे के दौरान: पर हस्ताक्षर हो सकते हैं। इसमें शामिल होंगे: दोनों देश मिलकर 2030 तक $100 बिलियन bilateral trade का लक्ष्य बना रहे हैं। Energy Deals: भारत की जरूरतें, रूस के अवसर भारत की ऊर्जा सुरक्षा में रूस बड़ी भूमिका निभा रहा है।इस बार कच्चे तेल (crude oil), LNG, कोयला और उर्वरक की सप्लाई पर बड़े फैसले हो सकते हैं। ऊर्जा क्षेत्र में स्थिरता से भारत को राहत मिलेगी और रूस को दीर्घकालिक खरीदार। Labour Mobility Agreement: भारतीय युवाओं के लिए नए अवसर इस यात्रा का सबसे मानवीय और प्रभावशाली पहलू है एक संभावित Labour Mobility Pact। इससे: में भारतीय युवाओं को रूस में रोजगार के बड़े अवसर मिल सकते हैं। रूस की जनसंख्या घट रही है, जबकि भारत के पास कुशल जनशक्ति की बड़ी ताकत है—दोनों देशों के हित आपस में मिलते हैं। Space, Health, Technology: नए क्षेत्रों में कदम Gaganyaan से लेकर उपग्रह तकनीक तक, भारत-रूस साझेदारी पहले से ही मजबूत है।इस बार: जैसे क्षेत्रों में नई पहल शुरू होने की संभावना है। रणनीतिक नज़रिए से क्यों जरूरी है यह दौरा? दौरा दोनों देशों के रिश्तों को अगले दशक के लिए नई दिशा देगा। चुनौतियाँ भी कम नहीं इन चुनौतियों को समझना और संभालना दोनों देशों के लिए जरूरी होगा। पुतिन का भारत दौरा केवल protocol visit नहीं है।यह दोस्त से बढ़कर साझेदार जैसे रिश्ते का प्रतीक है—जहाँ defence एक मजबूत स्तंभ है और trade उसका नया इंजन बनने जा रहा है। अगर सभी प्रस्तावित समझौते वास्तविक रूप में आगे बढ़ते हैं, तो आने वाले वर्षों में भारत-रूस संबंध एक नई ऊँचाई पर पहुंच सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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IndiGo

IndiGo Airlines क्रू शॉर्टेज के बीच सैकड़ों फ्लाइट्स कैंसल, DGCA ने मांगा जवाब

देश की सबसे बड़ी घरेलू एयरलाइन IndiGo इस समय ऐसे परिचालन संकट से गुजर रही है, जिसने हजारों यात्रियों की यात्रा योजनाएँ बिगाड़ दी हैं। बीते कुछ दिनों में दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद और कई बड़े एयरपोर्ट्स पर इंडिगो की उड़ानें लगातार कैंसल और लंबे समय तक लेट हो रही हैं। कई लोग रातभर एयरपोर्ट पर फंसे रहे, कई की कनेक्टिंग फ्लाइट छूट गई, और बहुत-सी यात्राएँ आखिरी मिनट पर बिगड़ गईं। हालात इतने खराब बने कि DGCA को हस्तक्षेप करना पड़ा। आखिर इंडिगो में ये संकट क्यों आया? इंडस्ट्री सूत्रों और रिपोर्टों से सामने आई कुछ मुख्य वजहें: 1. Crew Shortage – पायलट और क्रू की भारी कमी नई FDTL (Flight Duty Time Limitations) नियमावली लागू होने के बाद क्रू की उपलब्धता कम हो गई। एयरलाइन आवश्यक संख्या में पायलट और कैबिन क्रू तैनात नहीं कर सकी। इसकी वजह से कई उड़ानों को मजबूरन कैंसिल या री-शेड्यूल करना पड़ा। 2. Technical Glitches – सिस्टम दिक्कतें कई एयरपोर्ट्स पर चेक-इन सिस्टम, बैगेज मैनेजमेंट और कोऑर्डिनेशन में तकनीकी दिक्कतें देखी गईं, जिससे लेट बढ़ता चला गया। 3. Airport Congestion – एयरपोर्ट पर भीड़ का दबाव सीजन पीक चल रहा है, ऐसे में भीड़ और अतिरिक्त ट्रैफिक ने देरी को और बढ़ा दिया। एयरलाइन शेड्यूल तेजी से एडजस्ट नहीं कर पाई। यात्रियों पर असर: नाराज़गी, इंतज़ार और उथल-पुथल यात्रियों के अनुभव बताते हैं कि लोगों में नाराज़गी जितनी बड़ी है, उतना ही भ्रम और थकान भी बढ़ी है। DGCA की कार्रवाई: जवाब तलब शुरू DGCA ने इंडिगो से तुरंत रिपोर्ट मांगी है और पूछा है कि यह अफरा-तफरी कैसे हुई।नियामक ने स्पष्ट कहा है कि एयरलाइन को IndiGo ने बयान जारी कर कहा है कि अगले 48 घंटों में हालात सामान्य करने की कोशिश की जा रही है। क्यों है यह मुद्दा इतना बड़ा? IndiGo भारत के घरेलू एविएशन मार्केट का सबसे बड़ा हिस्सा संभालती है। लाखों लोग रोजाना इसके शेड्यूल पर निर्भर होते हैं।ऐसे में फ्लाइट-कैंसिलेशन की यह लहर सिर्फ यात्रियों का भरोसा नहीं तोड़ती, बल्कि भारतीय उड्डयन व्यवस्था में मौजूद खामियों को भी उजागर करती है। यात्रियों के लिए उपयोगी सलाह अगर आपकी उड़ान आने वाले दिनों में इंडिगो से है, तो: इंडिगो का यह संकट सिर्फ एक एयरलाइन की अंदरूनी खराबी नहीं, बल्कि भारतीय एविएशन सेक्टर के दबाव और क्षमता की सच्चाई भी दिखाता है। उम्मीद है कि आने वाले दिनों में क्रू की कमी दूर होगी, तकनीकी दिक्कतें सुधरेंगी और यात्रियों को फिर वही भरोसेमंद सेवा मिलेगी जिसकी वजह से IndiGo देश की नंबर-1 एयरलाइन बन पाई है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Pakistan

Expired Food Controversy Pakistan की राहत सामग्री पर Sri Lanka ने उठाए बड़े सवाल

दक्षिण एशिया में मानवीय सहायता को लेकर इन दिनों एक बड़ा विवाद चर्चा में है। श्रीलंका में आए हालिया चक्रवात और बाढ़ के बाद Pakistan ने राहत के तौर पर Food Aid भेजा था, लेकिन जांच में सामने आया कि कई पैकेट पहले से ही Expired थे। यह तथ्य बाहर आते ही श्रीलंका में नाराज़गी की लहर दौड़ पड़ी और सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएँ शुरू हो गईं। श्रीलंका की सख्त प्रतिक्रिया कोलंबो के अधिकारियों ने कहा कि आपदा से जूझ रहे लोगों के लिए भेजी गई राहत का एक्सपायर होना “अस्वीकार्य” है। कई स्थानीय नेताओं ने इसे “असम्मानजनक और संवेदनहीन” करार दिया। आम लोगों ने भी सोशल मीडिया पर सवाल उठाए कि क्या किसी देश को मदद के नाम पर ऐसी लापरवाही दिखानी चाहिए? India की सहायता के बाद जल्दबाज़ी में कदम? कई रिपोर्टों में दावा है कि Pakistan ने यह राहत सामग्री उस समय भेजी जब India पहले ही श्रीलंका को ताज़ा और पर्याप्त सहायता पहुँचा चुका था। विश्लेषकों का मानना है कि पाकिस्तान शायद क्षेत्र में “Goodwill Balance” दिखाना चाहता था, लेकिन खराब गुणवत्ता वाली सामग्री भेजने से उल्टा नुकसान हो गया। Social Media पर आलोचना श्रीलंका के नागरिकों ने सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा करते हुए कहा कि Disaster Relief में सबसे ज़रूरी बात भरोसा और जिम्मेदारी होती है। कई यूज़र्स ने इसे “राहत नहीं, जोखिम” बताया। कुछ ने सवाल उठाया कि अगर किसी परिवार ने अनजाने में यह खाना खा लिया होता तो क्या होता? Pakistan की छवि पर असर अंतरराष्ट्रीय संबंधों के जानकार मानते हैं कि यह घटना Pakistan की Humanitarian Credibility को चोट पहुँचा सकती है। विश्वभर में राहत कार्य में सुरक्षा, गुणवत्ता और विश्वसनीयता की एक तय मानक प्रक्रिया होती है—और उसका पालन न होने से देश की Reputation पर दीर्घकालिक असर पड़ता है। South Asia की राजनीति में नया मोड़ दक्षिण एशिया भू-राजनीतिक दृष्टि से पहले ही संवेदनशील क्षेत्र है। ऐसे में राहत सामग्री जैसी मानवीय पहल भी कूटनीतिक संदेश बन जाती है। Sri Lanka और India के मजबूत होते रिश्तों की पृष्ठभूमि में यह विवाद Pakistan के लिए एक कूटनीतिक झटका माना जा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Imran Khan

PTI Protests और Imran Khan स्वास्थ्य अफवाहों के बीच राजनीतिक तनाव

पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री और PTI (Pakistan Tehreek-e-Insaf) के संस्थापक इमरान खान (Imran Khan) की सेहत को लेकर फैल रही अफवाहें देश की राजनीतिक हवा को गरमा रही हैं। सोशल मीडिया और मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया जा रहा है कि इमरान खान की हालत गंभीर है और उन्हें “death cell” में रखा गया है। इस लेख में हम आपको उनकी Sehat की वर्तमान स्थिति, परिवार और PTI के कदम, सरकार का रुख और देश में बढ़ते राजनीतिक तनाव की पूरी जानकारी देंगे। अफवाहों की शुरुआत और चिंता पिछले कुछ हफ्तों से सोशल मीडिया और कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि Imran Khan के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी गुप्त रखी जा रही है। उनके बेटे कासिम खान ने चिंता जताते हुए कहा कि पिता से संपर्क पूरी तरह बंद है और यह माहौल “psychological torture” जैसा बन गया है। PTI के नेताओं और समर्थकों ने “Proof of Life” की मांग की है और सरकार से सार्वजनिक रूप से उनकी स्थिति बताने की अपील की है। सोशल मीडिया पर #WhereIsImranKhan जैसे हैशटैग वायरल हो रहे हैं, जो आम जनता और समर्थकों की चिंता को दर्शाते हैं। परिवार और PTI का दबाव यह सिर्फ व्यक्तिगत चिंता नहीं है — PTI इसे मानवाधिकारों और संवैधानिक अधिकारों का मुद्दा भी मानती है। जेल प्रशासन और सरकार का बयान सरकार और जेल अधिकारियों ने बार-बार कहा है कि इमरान खान सुरक्षित और स्वस्थ हैं। उन्हें पूरी मेडिकल देखभाल, आहार और व्यायाम की सुविधा मिल रही है। हालांकि, अधिकारियों ने अभी तक परिवार और पार्टी के प्रतिनिधियों को उनसे मिलने की अनुमति नहीं दी है। सरकार का आरोप है कि अफवाहें सोशल मीडिया और विदेशी मीडिया से फैल रही हैं, और इसका उद्देश्य देश में अस्थिरता पैदा करना है। बड़े पैमाने पर प्रदर्शन और राजनीतिक माहौल देश में राजनीतिक माहौल गरम है और हर कोई इस स्थिति पर नजर रख रहा है। क्यों मामला इतना संवेदनशील है Imran Khan सिर्फ एक पूर्व प्रधानमंत्री नहीं हैं, बल्कि देश में उनके समर्थकों का बड़ा नेटवर्क है। उनकी Sehat और सुरक्षा को लेकर किसी भी तरह की अनिश्चितता राजनीतिक अस्थिरता, मानवाधिकार और न्याय प्रणाली पर प्रश्न उठाती है। अगर सरकार स्थिति स्पष्ट नहीं करती है, तो देशभर में असंतोष और बड़े प्रदर्शन होने की संभावना है। वर्तमान स्थिति Imran Khan स्वास्थ्य और उनकी सुरक्षा को लेकर स्थिति लगातार बदल रही है। देश और दुनिया की नजरें इस पर टिकी हुई हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Ditwah

Chennai Weather Alert Cyclone Ditwah के कारण Flood और Heavy Rain,Flights Cancelled

चक्रवात Ditwah सबसे पहले श्रीलंका (Sri Lanka) को प्रभावित किया। तेज बारिश, बाढ़ और landslide के कारण वहां भारी तबाही हुई, जिसमें 350+ लोग मृत और सैकड़ों लोग लापता हुए। इसके बाद यह India के दक्षिणी तटीय राज्यों की ओर बढ़ा। India Meteorological Department (IMD) ने Tamil Nadu, Puducherry और आंध्र प्रदेश के तटीय जिलों में Red Alert जारी किया। Chennai और आसपास के जिले – Tiruvallur, Kancheepuram – सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। Chennai और Nearby Areas में क्या स्थिति है Heavy Rain और Flood Risk Cyclone Ditwah ने भारत में अपना “deep depression” रूप लिया, लेकिन इसका असर अभी भी जारी है। Weather experts का कहना है कि December 2–7 के बीच rainfall moderate to heavy बनी रहेगी। Sri Lanka से India तक – व्यापक असर हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Nomura

Nomura का अनुमान India–US Trade Agreement से कम हो सकते हैं भारी Import Tariffs

भारत और अमेरिका के बीच चली आ रही ट्रेड वार्ताओं में एक बार फिर नई उम्मीदें जाग रही हैं। वैश्विक वित्तीय संस्था Nomura का कहना है कि दोनों देशों के बीच Trade Deal जल्द सामने आ सकती है। सबसे बड़ी राहत यह हो सकती है कि अमेरिका द्वारा भारत के कई उत्पादों पर लगाया गया 50% टैरिफ घटकर लगभग 20% तक आ जाए। क्यों बढ़ी उम्मीद? Nomura का बड़ा अनुमान Nomura की रिपोर्ट के मुताबिक, हाल में हुई द्विपक्षीय बातचीत ने सकारात्मक मोड़ लिया है। कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर दोनों देशों की टीमों में प्रगति हुई है।अगर सब कुछ ठीक रहा, तो: 50% टैरिफ से उद्योगों पर पड़ा असर पिछले महीनों में अमेरिकी टैरिफ ने भारत के कई सेक्टरों पर भारी दबाव डाला था, जैसे— ये सभी सेक्टर अमेरिका जैसे बड़े बाज़ार पर काफी निर्भर हैं। 50% टैरिफ के चलते उनके उत्पाद महंगे हो गए थे, जिससे ऑर्डर में गिरावट और मुनाफे में कमी देखी गई। टैरिफ 20% होने से क्या बदलेगा? अगर अमेरिका टैरिफ को लगभग 20% तक ले आता है, तो इसके कई सकारात्मक असर होंगे— यह कदम भारत की GDP, निवेश और विदेशी ट्रेड के लिए भी सकारात्मक माना जा रहा है। ट्रेड डील अभी अटकी क्यों है? हालांकि प्रगति तेज़ हुई है, लेकिन कुछ मुद्दे अभी भी “संवेदनशील” हैं: इन सेक्टरों को लेकर दोनों देशों की नीति और प्राथमिकताएँ अलग-अलग हैं। यही वजह है कि डील पर अंतिम हस्ताक्षर अभी बाकी हैं। ट्रेड डील का बड़ा महत्व: सिर्फ टैरिफ की बात नहीं India–US Trade Deal बनने से सिर्फ टैरिफ कम नहीं होंगे, बल्कि— यह कदम भारत को वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग और ट्रेड के बड़े खिलाड़ियों में और ऊपर ले जा सकता है। आगे क्या? 2025 के अंत तक बड़ी तस्वीर साफ अभी सारी निगाहें इस बात पर हैं कि दोनों देश अंतिम सहमति कब बनाते हैं। अगर टैरिफ में कटौती होती है, तो यह भारत के उद्योगों के लिए साल के अंत की बड़ी राहत होगी।लेकिन अगर बातचीत में देरी हुई, तो मौजूदा टैरिफ दबाव बना रहेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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South India Exit Poll 2026

Exit Poll 2026 South India: असम में BJP मजबूत, तमिलनाडु-केरल में कांटे की टक्कर, पुडुचेरी में NDA आगे

South India Exit Poll 2026 में असम में BJP को बढ़त, तमिलनाडु और केरल में कड़ा मुकाबला, जबकि पुडुचेरी में NDA आगे दिख रहा है। जानिए पूरा विश्लेषण। Exit Poll 2026 ने दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत की राजनीति की तस्वीर काफी हद तक साफ कर दी है।Bharatiya Janata Party असम में मजबूत नजर आ रही है, जबकि तमिलनाडु और केरल में मुकाबला दिलचस्प बना हुआ है।वहीं पुडुचेरी में NDA को बढ़त मिलती दिख रही है। ASSAM – Stability का वोट, BJP को बढ़त असम में इस बार चुनाव एकतरफा नजर आ रहा है।Exit Poll के अनुसार BJP को स्पष्ट बहुमत मिलता दिख रहा है। 👉 सबसे बड़ा फैक्टर रहा नेतृत्व।Himanta Biswa Sarma की लोकप्रियता और विकास एजेंडा ने वोटरों को प्रभावित किया। 👉 इसके अलावा, महिला और युवा वोट दोनों ही BJP की ओर झुके दिखे। असम में जनता ने स्थिरता और विकास के नाम पर वोट दिया है। TAMIL NADU – DMK आगे, लेकिन नया ट्विस्ट तमिलनाडु में मुकाबला पहले से ज्यादा दिलचस्प हो गया है।Dravida Munnetra Kazhagam बढ़त में है, लेकिन इस बार एक नया फैक्टर सामने आया है। 👉 Vijay की एंट्री ने खासकर युवाओं के वोट को प्रभावित किया। 👉 महिला वोट अभी भी welfare schemes के कारण DMK के साथ बना हुआ है।DMK को बढ़त जरूर है, लेकिन भविष्य की राजनीति में बड़ा बदलाव दिख रहा है। KERALA – Anti-incumbency का असर केरल में इस बार बदलाव के संकेत मिल रहे हैं।Exit Poll के मुताबिक सत्ता परिवर्तन की संभावना बढ़ गई है। 👉 Pinarayi Vijayan सरकार के खिलाफ एंटी-इंकम्बेंसी साफ नजर आई। 👉 Educated और middle class वोटर बदलाव के मूड में दिखे। केरल में परंपरा जारी रह सकती है — हर चुनाव में सत्ता बदलने की। यह भी पढ़े- Exit Poll 2026 West Bengal: BJP vs TMC में कांटे की टक्कर , BJP को बढ़त PUDUCHERRY – छोटा राज्य, बड़ा संकेत पुडुचेरी में मुकाबला भले छोटा हो, लेकिन संकेत बड़े हैं।Exit Poll में NDA को बढ़त मिलती दिख रही है। 👉 यहां local leadership और regional मुद्दे ज्यादा प्रभावी रहे। 👉 युवा वोट ने भी परिणाम को प्रभावित किया है।पुडुचेरी का रुझान राष्ट्रीय राजनीति के लिए संकेत दे सकता है। South India Overall Trend (Combined Insight) 👉 Assam → BJP मजबूत👉 Tamil Nadu → DMK बढ़त👉 Kerala → UDF comeback संकेत👉 Puducherry → NDA आगे Final Verdict (Impact Line) 👉 “दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत में अलग-अलग मूड, लेकिन हर राज्य में वोटर ने साफ संदेश दिया है।” ➡️असम = Stabilityतमिलनाडु = Transitionकेरल = Changeपुडुचेरी = संकेत Reality Check Exit Poll सिर्फ अनुमान हैं।असली नतीजे काउंटिंग डे पर ही सामने आएंगे।
West Bengal Exit Poll 2026 Analysis

Exit Poll 2026 West Bengal: BJP vs TMC में कांटे की टक्कर , BJP को बढ़त

Poll of Polls Analysis पश्चिम बंगाल में 2026 का चुनाव सिर्फ सीटों की लड़ाई नहीं रहा, बल्कि यह “Identity vs Change” की सीधी टक्कर बन गया है। Exit Polls के ताज़ा आंकड़े बताते हैं कि Bharatiya Janata Party और All India Trinamool Congress के बीच मुकाबला बेहद करीबी है।हालांकि BJP को हल्की बढ़त दिख रही है, लेकिन TMC अभी भी मजबूत फाइट में बनी हुई है। West Bengal Poll of Polls (Average Trend) 👉 BJP: 155 – 170 सीट👉 TMC: 120 – 135 सीट👉 Others: 5 – 12 सीट इसलिए साफ है कि मुकाबला एकतरफा नहीं, बल्कि आखिरी तक टक्कर वाला है। Gender Factor – महिला vs पुरुष वोट सबसे पहले, इस चुनाव में महिला वोट निर्णायक भूमिका में दिख रहा है।TMC की योजनाएं जैसे Lakshmir Bhandar ने महिलाओं में मजबूत पकड़ बनाई है। वहीं दूसरी ओर, पुरुष वोटरों में एक अलग ट्रेंड देखने को मिला।बेरोजगारी और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों के कारण पुरुष वर्ग BJP की ओर झुकता नजर आया। ➡️ इसलिए gender divide इस चुनाव का बड़ा फैक्टर बन गया है। Caste & Community Factor – Polarization का असर इसके अलावा, जातीय और धार्मिक समीकरण भी बेहद अहम रहे। इस वजह से चुनाव में polarization साफ दिखाई दिया।और यही factor कई सीटों पर result को तय कर सकता है। Class Divide – शहर vs गांव अगर वर्ग (class) की बात करें, तो तस्वीर और भी दिलचस्प है। Urban middle class ने BJP को सपोर्ट किया।इसके विपरीत, ग्रामीण और गरीब वर्ग ने TMC की welfare schemes पर भरोसा जताया। इसलिए यह चुनाव “Urban vs Rural” की लड़ाई भी बन गया। CM Face Factor – ममता vs मोदी प्रभाव नेतृत्व की बात करें तो Mamata Banerjee का कनेक्शन अभी भी मजबूत दिखता है।उनकी छवि एक जमीनी और भावनात्मक नेता की बनी हुई है। हालांकि BJP के पास सुधांशु अधिकारी हैं पर राज्य स्तर पर मजबूत CM चेहरा नहीं है,लेकिन Narendra Modi का प्रभाव इस कमी को काफी हद तक पूरा कर रहा है। यह भी पढ़े -Poll of Polls: बंगाल,असम और पांडचुरी में बीजेपी की हैट्रिक, केरल में सत्ता परिवर्तन… Gen-Z & Youth Factor – बदलाव की चाह अब सबसे बड़ा बदलाव युवा वोट में दिख रहा है। पहली बार वोट डालने वाले युवा बदलाव के मूड में नजर आए।सोशल मीडिया का प्रभाव भी इस बार काफी ज्यादा रहा। यही वजह है कि Gen-Z वोट BJP के लिए गेमचेंजर बन सकता है। Final Verdict – किसके साथ है जनता? अगर सभी फैक्टर्स को मिलाकर देखें, तो तस्वीर साफ होती है: 👉 महिला + मुस्लिम वोट = TMC की ताकत👉 पुरुष + युवा वोट = BJP का आधार इसलिए पश्चिम बंगाल में मुकाबला “neck-to-neck” बना हुआ है। पश्चिम बंगाल का Exit Poll यही संकेत देता है कि👉 “सत्ता बदल भी सकती है और बच भी सकती है — फैसला बेहद करीबी होगा।”
EPFO

PF धारकों के लिए बड़ी राहत: EPFO करेगा बंद खातों को एक्टिव, आएगा नया पोर्टल

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) अपने करोड़ों खाताधारकों के लिए एक बेहद जरूरी और राहत भरी पहल करने जा रहा है। लंबे समय से बंद या इनएक्टिव पड़े PF खातों को अब दोबारा एक्टिव करने की प्रक्रिया आसान होने वाली है। इसके लिए EPFO एक नया डिजिटल सिस्टम ‘ई-प्राप्ति (e-Prapti) पोर्टल’ लॉन्च करने की तैयारी में है। इस कदम को PF सिस्टम में एक बड़ा डिजिटल सुधार माना जा रहा है, जिससे कर्मचारियों को अपने पुराने फंड तक पहुंचने में काफी आसानी होगी। क्या है EPFO का ‘ई-प्राप्ति’ पोर्टल? ‘ई-प्राप्ति’ एक ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म होगा, जो पुराने और बंद पड़े PF खातों को खोजकर उन्हें दोबारा सक्रिय (reactivate) करने में मदद करेगा। अक्सर ऐसा होता है कि नौकरी बदलने के बाद लोग पुराने PF खाते भूल जाते हैं या वे इनएक्टिव हो जाते हैं। इसी समस्या को खत्म करने के लिए यह सिस्टम लाया जा रहा है। किन लोगों को मिलेगा सीधा फायदा? इस नए सिस्टम से खासतौर पर इन लोगों को फायदा होगा: क्या बदल जाएगा इस सिस्टम से? ई-प्राप्ति पोर्टल आने के बाद PF प्रोसेस पहले से ज्यादा आसान और तेज हो जाएगा: पुराने PF खाते दोबारा एक्टिव हो सकेंगेUAN और KYC अपडेट करना आसान होगाPF ट्रांसफर की प्रक्रिया तेज होगीक्लेम से जुड़ी दिक्कतें कम होंगीपूरा सिस्टम डिजिटल और पारदर्शी बनेगा अभी कौन-सी सुविधा मिल रही है? EPFO पहले से ही कई डिजिटल सेवाएं दे रहा है जैसे: अब ‘ई-प्राप्ति’ आने के बाद यह सिस्टम और भी मजबूत हो जाएगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Bengaluru

Bengaluru News: भारी बारिश में दीवार गिरी, 7 की मौत; CM Siddaramaiah ने दिया मुआवजे का ऐलान

Bengaluru में भारी बारिश के बीच एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है। शहर के बोवरिंग एंड लेडी कर्जन अस्पताल के पास पुरानी कंपाउंड वॉल गिरने से 7 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा उस समय हुआ जब लोग बारिश से बचने के लिए दीवार के पास खड़े थे। अचानक तेज बारिश और हवा के दबाव के कारण दीवार भरभराकर गिर गई और लोग मलबे में दब गए। कैसे हुआ पूरा हादसा? प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बारिश काफी तेज थी और आसपास पानी भरने लगा था। इसी दौरान अस्पताल की पुरानी और कमजोर दीवार अचानक गिर गई। चंद सेकंडों में पूरा मंजर बदल गया और लोग कुछ समझ पाते उससे पहले ही कई लोग मलबे के नीचे दब गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया और प्रशासन को सूचना दी। बाद में रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल भेजा गया। मृतकों और घायलों की स्थिति इस हादसे में अब तक: CM Siddaramaiah का दौरा और बड़ा ऐलान कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने घटना स्थल का दौरा किया और घायलों से मुलाकात की। उन्होंने अस्पताल प्रशासन और अधिकारियों से पूरी जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों के लिए ₹5 लाख मुआवजे की घोषणा की है और घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश दिए हैं। साथ ही, इस हादसे की उच्च स्तरीय जांच के आदेश भी दिए गए हैं ताकि जिम्मेदारी तय की जा सके। हादसे की मुख्य वजह क्या रही? प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इस दर्दनाक हादसे के पीछे कुछ मुख्य कारण सामने आए हैं: शहरों की सुरक्षा पर उठे सवाल यह घटना एक बार फिर शहरी सुरक्षा और पुराने ढांचों की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मौसम में कमजोर इमारतें और दीवारें बड़ा खतरा बन सकती हैं। बेंगलुरु की यह घटना सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि एक चेतावनी भी है कि शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर की समय-समय पर जांच और सुधार कितना जरूरी है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Iran

Hormuz Tension Alert: Iran के Araghchi और Jaishankar की बातचीत, Energy Supply पर फोकस

मध्य-पूर्व के बदलते हालात के बीच ईरान ने अपनी कूटनीतिक सक्रियता तेज कर दी है। इसी सिलसिले में Iran के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर के बीच फोन पर अहम बातचीत हुई। बातचीत का मुख्य मुद्दा रहा होर्मुज जलडमरूमध्य—एक ऐसा समुद्री रास्ता, जिस पर दुनिया की ऊर्जा सप्लाई काफी हद तक निर्भर है। क्यों अहम है यह बातचीत? सूत्रों के मुताबिक, दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय सुरक्षा, शिपिंग रूट्स की सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति से जुड़े जोखिमों पर विस्तार से चर्चा की। मौजूदा समय में होर्मुज के आसपास का माहौल संवेदनशील बना हुआ है, जिससे वैश्विक बाजारों में भी हलचल देखी जा रही है। भारत के लिए क्या मायने? भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आयात करता है। ऐसे में अगर होर्मुज में कोई बाधा आती है, तो पेट्रोल-डीजल की कीमतों से लेकर महंगाई तक पर असर पड़ सकता है। यही वजह है कि भारत इस इलाके में स्थिरता बनाए रखने के पक्ष में लगातार आवाज उठाता रहा है। Iran की रणनीति क्या संकेत देती है? हाल के दिनों में ईरान ने कई देशों से संवाद बढ़ाया है। अब्बास अराघची का यह कदम भी उसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें वह क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर अपनी भूमिका को और मजबूत करना चाहता है। आगे क्या हो सकता है? विशेषज्ञ मानते हैं कि आने वाले दिनों में होर्मुज को लेकर भू-राजनीतिक तनाव बढ़ सकता है। ऐसे में भारत जैसे बड़े आयातक देश के लिए यह जरूरी हो जाता है कि वह अपने कूटनीतिक संबंध मजबूत रखे और हर संभावित स्थिति के लिए तैयार रहे। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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