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Markram

Punjab Kings vs LSG Markram Over बना Turning Point, 5 Sixes से मैच पलटा

आईपीएल 2026 में एक ऐसा मुकाबला देखने को मिला, जिसने फैंस को पूरी तरह रोमांचित कर दिया। Punjab Kings ने धमाकेदार बल्लेबाज़ी करते हुए Lucknow Super Giants के खिलाफ सीजन का सबसे बड़ा स्कोर बना दिया। मैदान पर हर ओवर में चौके-छक्कों की बारिश हो रही थी, लेकिन असली कहानी एक ओवर में लिखी गई। जब Markram का ओवर बना Turning Point लखनऊ के कप्तान Aiden Markram गेंद लेकर आए, लेकिन यह फैसला टीम पर भारी पड़ गया। पंजाब के बल्लेबाज़ों ने बिना कोई मौका गंवाए इस ओवर में 5 छक्के जड़ दिए। स्टेडियम में बैठे दर्शक भी इस तूफानी बल्लेबाज़ी को देखकर हैरान रह गए। यही ओवर मैच का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। Punjab Kings की Fearless Batting पंजाब की टीम शुरुआत से ही अलग इरादों के साथ उतरी थी। पावरप्ले में तेज शुरुआत मिली, और फिर मिडिल ओवर्स में भी रन रुकने का नाम नहीं लिया। डेथ ओवर्स में तो बल्लेबाज़ों ने खुलकर खेला और स्कोर को रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचा दिया। LSG का Opening Experiment नहीं चला इस मैच में Lucknow Super Giants ने ओपनिंग कॉम्बिनेशन में बदलाव किया, लेकिन यह दांव उल्टा पड़ गया। शुरुआती विकेट जल्दी गिरने से टीम दबाव में आ गई और बड़े लक्ष्य का पीछा करना और मुश्किल हो गया। Chase में पिछड़ी Lucknow Team इतने बड़े स्कोर का पीछा करना आसान नहीं था। लखनऊ की टीम शुरुआत से ही रन रेट के दबाव में दिखी। विकेट गिरते रहे और मैच धीरे-धीरे पंजाब के पक्ष में जाता गया। Match Highlights (Quick Look) हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Women Reservation Bill

Women Reservation Bill 2026 महिला आरक्षण बिल 54 वोट से गिरा, संसद में बड़ा झटका

संसद में लंबे समय से चर्चा में रहा महिला आरक्षण बिल (Women Reservation Bill) एक अहम मोड़ पर पहुंचकर पास नहीं हो सका। मतदान के दौरान 298 सांसदों ने समर्थन में वोट दिया, जबकि 230 सांसदों ने विरोध किया, लेकिन जरूरी समर्थन न मिलने के कारण यह बिल 54 वोटों के अंतर से गिर गया। यह बिल राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और संसद व विधानसभा में उनके लिए अधिक सीटें सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लाया गया था। इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा था, जिस पर पूरे देश की नजरें टिकी थीं। संसद में गरमाई बहस मतदान से पहले सदन में इस मुद्दे पर तीखी बहस देखने को मिली। विपक्ष ने सरकार पर आरोप लगाया कि बिल को लेकर सभी दलों के साथ पर्याप्त चर्चा नहीं की गई और कई महत्वपूर्ण प्रावधानों को स्पष्ट नहीं किया गया। वहीं सत्ता पक्ष ने इसे महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को मजबूत करने की ऐतिहासिक पहल बताया। सरकार को पहली बड़ी असफलता राजनीतिक गलियारों में इसे मोदी सरकार के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि यह पहली बार है जब किसी महत्वपूर्ण विधेयक को बहुमत न मिलने के कारण पारित नहीं कराया जा सका। हालांकि सरकार का कहना है कि वह महिला सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है और भविष्य में इस दिशा में प्रयास जारी रहेंगे। आगे क्या? अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या सरकार इस बिल को संशोधनों के साथ दोबारा पेश करेगी या फिर इसे नए सिरे से रणनीति बनाकर आगे बढ़ाया जाएगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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मंगुभाई पटेल

MP Tribal Fund राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने उठाए बड़े सवाल, आदिवासी विकास पर चिंता

मध्यप्रदेश में आदिवासी विकास के लिए जारी होने वाले फंड (Tribal Welfare Fund) के उपयोग को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने इस पूरे सिस्टम की कार्यप्रणाली पर चिंता जताते हुए साफ कहा है कि योजनाओं का लाभ अगर जमीनी स्तर तक नहीं पहुंच रहा है, तो इसका मतलब कहीं न कहीं व्यवस्था में सुधार की जरूरत है। राज्यपाल की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब राज्य में आदिवासी विकास योजनाओं के बजट खर्च और उसके असर को लेकर लगातार चर्चाएं हो रही हैं। आदिवासी विकास फंड पर क्यों उठे सवाल? मध्यप्रदेश सरकार हर साल आदिवासी समुदाय के शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास और रोजगार के लिए बड़ा बजट जारी करती है। इसका मकसद यह है कि दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले लोगों तक विकास की रोशनी पहुंच सके। लेकिन समीक्षा के दौरान यह सवाल सामने आए हैं कि: इन्हीं चिंताओं के बीच राज्यपाल ने प्रशासन को अधिक जिम्मेदारी और पारदर्शिता के साथ काम करने के निर्देश दिए हैं। राज्यपाल मंगुभाई पटेल की सख्त टिप्पणी राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने अधिकारियों को साफ संदेश दिया कि आदिवासी विकास के लिए जारी बजट केवल कागजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसका असर जमीन पर दिखना चाहिए। उन्होंने कहा कि: उनकी इस टिप्पणी को प्रशासनिक स्तर पर एक गंभीर चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है। क्यों अहम है यह मुद्दा मध्यप्रदेश के लिए? मध्यप्रदेश में आदिवासी आबादी एक बड़ा हिस्सा है और कई जिले पूरी तरह ग्रामीण और वन क्षेत्रों से जुड़े हुए हैं। ऐसे में विकास योजनाओं की सफलता सीधे लाखों लोगों के जीवन को प्रभावित करती है। अगर योजनाएं सही तरीके से लागू नहीं होतीं, तो इसका असर: आगे क्या उम्मीद की जा रही है? राज्यपाल की इस सख्त टिप्पणी के बाद उम्मीद की जा रही है कि: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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गांव की बेटी योजना

MP Education छूटी स्कॉलरशिप का अब मिलेगा फायदा प्रतिभा किरण और गांव की बेटी योजना फिर से शुरू

मध्य प्रदेश की बेटियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने “गांव की बेटी” (Gaon Ki Beti) और “प्रतिभा किरण” (Pratibha Kiran) योजना का लाभ न ले पाने वाली छात्राओं को एक और अवसर देने का फैसला किया है। अब वे छात्राएं, जो किसी वजह से पहले आवेदन नहीं कर पाईं या प्रक्रिया अधूरी रह गई थी, फिर से आवेदन कर सकती हैं। फिर शुरू हुआ Scholarship Portal, न छूटे यह मौका सरकार ने स्कॉलरशिप पोर्टल को दोबारा एक्टिव कर दिया है। इस बार छात्राओं को Fresh Application के साथ-साथ Renewal का विकल्प भी दिया गया है। कई बार छोटी-छोटी गलतियों या दस्तावेजों की कमी की वजह से आवेदन रिजेक्ट हो जाते हैं—ऐसी बेटियों के लिए यह फैसला किसी दूसरी उम्मीद से कम नहीं है। Last Date याद रखें गांव की बेटी योजना” (Gaon Ki Beti) और “प्रतिभा किरण” (Pratibha Kiran) योजना आवेदन की अंतिम तारीख 15 मई 2026 तय की गई है। ऐसे में जरूरी है कि छात्राएं जल्द से जल्द अपने दस्तावेज तैयार करके आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें, ताकि इस बार मौका हाथ से न निकल जाए। कौन उठा सकता है फायदा? सिर्फ स्कॉलरशिप नहीं, सपनों का सहारा गांव की बेटी योजना” (Gaon Ki Beti) और “प्रतिभा किरण” (Pratibha Kiran) योजना का मकसद सिर्फ आर्थिक मदद देना नहीं है, बल्कि बेटियों को आगे बढ़ने का हौसला देना भी है। कई परिवारों में आर्थिक तंगी के कारण लड़कियों की पढ़ाई रुक जाती है, लेकिन ऐसी स्कीम्स उनके सपनों को फिर से उड़ान देने का काम करती हैं। क्यों अहम है यह फैसला? मध्य प्रदेश में हर साल बड़ी संख्या में छात्राएं स्कॉलरशिप से वंचित रह जाती हैं। ऐसे में सरकार का यह कदम न सिर्फ शिक्षा को बढ़ावा देगा, बल्कि बेटियों को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में भी मजबूत करेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Bhooth Bangla

Bhooth Bangla Review Akshay Kumar की वापसी या Nostalgia Game?

Akshay Kumar Comeback: पुराने अंदाज़ में दिखे ‘खिलाड़ी’ इस फिल्म की सबसे बड़ी चर्चा है Akshay Kumar का कमबैक।कई दर्शकों ने माना कि इस बार अक्षय अपनी उस कॉमिक टाइमिंग में नजर आए, जिसकी वजह से वो कभी बॉक्स ऑफिस के किंग माने जाते थे। कुछ रिएक्शन जो बार-बार देखने को मिले: यानी साफ है कि यह फिल्म उनके करियर के लिए पॉजिटिव टर्निंग पॉइंट बन सकती है। Priyadarshan Magic: फिर लौटी पुरानी कॉमेडी वाली फील डायरेक्टर Priyadarshan ने इस फिल्म के जरिए वही पुराना अंदाज़ वापस लाने की कोशिश की है, जो उनकी फिल्मों की पहचान रहा है। फिल्म में सिचुएशनल कॉमेडी, हल्के-फुल्के डायलॉग्स और क्लासिक स्लैपस्टिक टच देखने को मिलता है।कई दर्शक इसे विंटेज प्रियदर्शन स्टाइल बता रहे हैं। Paresh Rawal, Rajpal Yadav और Asrani ने जमाया रंग अगर फिल्म में सबसे ज्यादा हंसी आती है, तो उसका बड़ा क्रेडिट इसकी सपोर्टिंग कास्ट को जाता है। Paresh Rawal, Rajpal Yadav और Asrani की तिकड़ी ने स्क्रीन पर आते ही माहौल हल्का कर दिया।दर्शकों का कहना है कि इनके कई सीन ऐसे हैं, जहां हंसी रुकने का नाम नहीं लेती। यही वजह है कि फिल्म का कॉमेडी हिस्सा सबसे मजबूत माना जा रहा है। Horror या Comedy? क्या है असली फ्लेवर हालांकि फिल्म को हॉरर-कॉमेडी के तौर पर प्रमोट किया गया है, लेकिन देखने के बाद ज्यादातर लोगों का कहना है कि यह फिल्म डराने से ज्यादा हंसाती है। पहला हाफ तेज, मजेदार और एंटरटेनिंग है, जबकि सेकंड हाफ थोड़ा धीमा और कहानी-आधारित हो जाता है।कुछ दर्शकों को इसमें Bhool Bhulaiyaa जैसी झलक भी महसूस हुई। Mixed Review: हर कोई नहीं हुआ पूरी तरह खुश जहां एक तरफ फिल्म को पैसा वसूल एंटरटेनर कहा जा रहा है, वहीं कुछ लोगों ने कमियां भी गिनाईं। कुछ को कॉमेडी पुरानी लगी, कुछ ने स्टोरी को कमजोर बताया, और सेकंड हाफ पर सबसे ज्यादा सवाल उठे। यानी फिल्म पूरी तरह परफेक्ट नहीं है, लेकिन एंटरटेनमेंट देने में पीछे भी नहीं रहती। Final Verdict: देखनी चाहिए या नहीं? अगर आप वीकेंड पर लाइट, फन और फैमिली एंटरटेनमेंट ढूंढ रहे हैं, तो Bhooth Bangla आपके लिए अच्छा ऑप्शन हो सकती है। Akshay Kumar के फैन हैं तो जरूर देखें।कॉमेडी पसंद है तो मजा आएगा।अगर आप हॉरर एक्सपेक्ट कर रहे हैं, तो यह थोड़ा कम लग सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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मस्जिद

Sambhal मस्जिद की Minar ढहाई, DM-SP की मौजूदगी में बड़ी कार्रवाई

उत्तर प्रदेश के संभल में आज सुबह का मंजर अचानक बदल गया, जब प्रशासन की टीम भारी पुलिस बल के साथ एक मस्जिद पर कार्रवाई करने पहुंची। कुछ ही देर में बुलडोजर चला और मस्जिद की करीब 35 फीट ऊंची मीनार जमींदोज हो गई। आसपास मौजूद लोगों के लिए यह दृश्य चौंकाने वाला था—कई लोग दूर खड़े होकर पूरी कार्रवाई देखते रहे। क्यों हुई कार्रवाई? प्रशासन के अनुसार, मस्जिद के एक हिस्से को अवैध निर्माण माना गया था। इसको लेकर पहले नोटिस भी दिया गया था और जरूरी दस्तावेज मांगे गए थे। अधिकारियों का कहना है कि समय सीमा के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं मिलने के बाद ही यह कदम उठाया गया। मौके पर सख्त निगरानी स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा। डीएम और एसपी खुद मौके पर मौजूद रहे और हर गतिविधि पर नजर बनाए रखी। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस बल को पहले से ही तैनात कर दिया गया था। भीड़ बढ़ी, पुलिस ने संभाला हालात जैसे ही मीनार गिरने की खबर फैली, इलाके में लोगों की भीड़ जुटने लगी। हालांकि, पुलिस ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए भीड़ को वहां से हटा दिया और पूरे क्षेत्र को नियंत्रित कर लिया, ताकि माहौल बिगड़ने न पाए। अभी भी जारी है Bulldozer Action मीनार ढहाने के बाद अब मस्जिद के बाकी हिस्सों को हटाने का काम जारी है। प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई पूरी तरह नियमों के तहत हो रही है और अवैध निर्माण के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। लोगों में चर्चा, प्रशासन की अपील इस कार्रवाई के बाद इलाके में हल्का तनाव जरूर महसूस हुआ, लेकिन हालात नियंत्रण में बताए जा रहे हैं। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों से दूर रहने और शांति बनाए रखने की अपील की है। संभल की यह घटना सिर्फ एक कार्रवाई नहीं, बल्कि यह संकेत भी है कि अब अवैध निर्माण को लेकर प्रशासन का रुख पहले से कहीं ज्यादा सख्त हो चुका है। वहीं, स्थानीय लोगों के बीच इस पूरे घटनाक्रम को लेकर चर्चा थमने का नाम नहीं ले रही। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Air Taxi

अब आसमान से सफर! Air Taxi India में लॉन्च की तैयारी Gurugram-Noida 15 मिनट

भारत में सफर का तरीका अब पूरी तरह बदलने वाला है। ट्रैफिक, लंबा समय और थकान—इन सब समस्याओं का हल अब आसमान से आने वाला है। जी हां, देश में जल्द ही Air Taxi सेवा शुरू हो सकती है, जिससे शहरों के बीच की दूरी मिनटों में तय होगी। इसी दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए देश की प्रमुख एयरलाइन IndiGo ने बेंगलुरु की स्टार्टअप Sarla Aviation में निवेश किया है। यह साझेदारी भारत में Urban Air Mobility को नई रफ्तार दे सकती है। क्या है Air Taxi? आसान भाषा में समझें Air Taxi एक छोटी इलेक्ट्रिक उड़ने वाली गाड़ी होगी, जो eVTOL (Electric Vertical Take-Off and Landing) तकनीक पर काम करेगी। मतलब: यानी अब आपको एयरपोर्ट जाने की झंझट भी नहीं होगी—आपके शहर में ही “मिनी एयरपोर्ट” जैसा सिस्टम होगा। NCR में Travel होगा सुपरफास्ट Air Taxi के आने से दिल्ली-NCR में सफर का पूरा गणित बदल सकता है। सोचिए, जो दूरी अभी आपको थका देती है, वही सफर अब आराम से और तेजी से पूरा होगा। IndiGo का निवेश क्यों है बड़ी खबर? IndiGo का Sarla Aviation में निवेश इस बात का संकेत है कि भारत में Air Taxi अब सिर्फ सपना नहीं रहा। बड़ी कंपनियों का भरोसा मिलने से: कब तक शुरू होगी Air Taxi Service? फिलहाल यह प्रोजेक्ट टेस्टिंग और डेवलपमेंट स्टेज में है।उम्मीद की जा रही है कि: आम लोगों के लिए क्या बदलेगा? Air Taxi सिर्फ अमीरों के लिए नहीं, बल्कि धीरे-धीरे आम लोगों के लिए भी सुलभ बनाने की योजना है। इससे: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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MP

Weather Alert बांदा 44.4°C, MP-राजस्थान में लू का Alert, स्कूल टाइमिंग बदली

अप्रैल की शुरुआत में ही गर्मी ने जिस तरह से रफ्तार पकड़ी है, उसने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। उत्तर भारत से लेकर मध्य भारत तक कई इलाकों में तापमान तेजी से बढ़ रहा है। बांदा (उत्तर प्रदेश) में पारा 44.4°C तक पहुंच गया है, जो इस मौसम में असामान्य रूप से ज्यादा माना जा रहा है। यूपी में अप्रैल में ही झुलसाने वाली गर्मी उत्तर प्रदेश के बांदा समेत कई जिलों में लोग तेज धूप और गर्म हवाओं से परेशान हैं। सुबह से ही सूरज की तपिश इतनी तेज महसूस हो रही है कि दोपहर तक हालात और भी मुश्किल हो जाते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस बार गर्मी ने समय से पहले ही अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। MP और राजस्थान में Heatwave का अलर्ट मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश और राजस्थान के कई हिस्सों में लू चलने की चेतावनी दी है।दोपहर के समय चलने वाली गर्म हवाएं लोगों के स्वास्थ्य पर असर डाल सकती हैं। डॉक्टरों का कहना है कि डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक के मामलों में बढ़ोतरी हो सकती है, इसलिए सावधानी बेहद जरूरी है। छत्तीसगढ़ में बच्चों को राहत देने की कोशिश भीषण गर्मी को देखते हुए छत्तीसगढ़ में प्रशासन ने स्कूलों के समय में बदलाव किया है। कुछ जगहों पर स्कूल जल्दी बंद किए जा रहे हैं, ताकि बच्चे दोपहर की तेज धूप से बच सकें। साथ ही अनूपपुर और डिंडोरी में भी स्कूलों का समय बदला गया है। सुबह की शिफ्ट में कक्षाएं आयोजित की जा रही हैं, जिससे बच्चों को थोड़ी राहत मिल सके। अगले कुछ दिन और चुनौतीपूर्ण मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले 3 से 5 दिनों में तापमान और बढ़ सकता है। कई जगहों पर यह 45°C के आसपास पहुंचने की संभावना है। खासकर दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक लू का असर सबसे ज्यादा रहेगा। खुद का और अपनों का रखें ध्यान ऐसे मौसम में छोटी-सी लापरवाही भी भारी पड़ सकती है। इसलिए जरूरी है कि: गर्मी का यह बढ़ता असर साफ बता रहा है कि आने वाले दिनों में हालात और कठिन हो सकते हैं। ऐसे में जरूरी है कि हम सतर्क रहें और अपनी दिनचर्या में थोड़ा बदलाव करके खुद को सुरक्षित रखें। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Lok Sabha

850 Seats in Lok Sabha किन राज्यों को होगा सबसे ज्यादा फायदा? Shah ने दी जानकारी

देश की राजनीति में एक बड़ा बदलाव आने की चर्चा तेज हो गई है। लोकसभा (Lok Sabha) सीटों की संख्या बढ़ाकर 850 करने की बात सामने आई है, जिस पर केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने विस्तार से स्थिति साफ की है। उनके बयान के बाद यह मुद्दा सिर्फ राजनीतिक गलियारों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि आम लोगों के बीच भी चर्चा का विषय बन गया है। क्या है पूरा मुद्दा? (What is Delimitation) इस समय भारत में लोकसभा की कुल 543 सीटें हैं। लेकिन पिछले कई दशकों से जनसंख्या के आधार पर सीटों का पुनर्वितरण यानी Delimitation नहीं हुआ है। आसान शब्दों में समझें तो परिसीमन का मतलब है—जनसंख्या के अनुसार चुनावी क्षेत्रों और सीटों का दोबारा निर्धारण। अब नई जनगणना के बाद यह प्रक्रिया फिर से शुरू हो सकती है। 850 सीटों तक कैसे पहुंचेगी लोकसभा? अमित शाह के मुताबिक, जब नई जनगणना के आंकड़े सामने आएंगे, तब उसी आधार पर सीटों का पुनर्गठन किया जाएगा। यह बदलाव भारत की लोकतांत्रिक संरचना में एक बड़ा मोड़ साबित हो सकता है। South India को भी होगा फायदा अक्सर यह माना जाता है कि परिसीमन से दक्षिण भारत को नुकसान होगा, लेकिन शाह ने इस धारणा को खारिज किया। दक्षिण भारत के प्रमुख राज्य— इनकी सीटें मौजूदा 129 से बढ़कर करीब 195 तक जा सकती हैं। यानी दक्षिण भारत का प्रतिनिधित्व भी मजबूत होगा। UP और Maharashtra को सबसे ज्यादा फायदा जनसंख्या के लिहाज से बड़े राज्य जैसे: इन राज्यों को सबसे ज्यादा सीटों का लाभ मिल सकता है। इससे इनकी राजनीतिक ताकत और प्रभाव में भी बड़ा इजाफा देखने को मिल सकता है। आम लोगों के लिए इसका क्या मतलब? यह सिर्फ सीटों की संख्या बढ़ाने का मामला नहीं है, बल्कि इससे आम जनता की आवाज संसद तक ज्यादा मजबूती से पहुंचेगी। आगे क्या होगा? इस पूरे बदलाव के लिए कुछ जरूरी कदम उठाए जाएंगे: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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बंगाल

बंगाल में Voting Rights को लेकर नया विवाद ममता बोलीं- सुप्रीम कोर्ट पर भरोसा

वोटिंग अधिकार पर ममता बनर्जी का बयान पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर बड़ा मुद्दा चर्चा में आ गया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने वोटिंग अधिकारों को लेकर ऐसा बयान दिया है, जिसने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। उन्होंने कहा है कि जिन लोगों को ट्रिब्यूनल से क्लीन चिट मिल चुकी है, उन्हें राज्य में मतदान का अधिकार मिलना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट पर भरोसा जताया ममता बनर्जी ने अपने बयान में यह भी साफ किया कि उन्हें देश की सर्वोच्च अदालत यानी सुप्रीम कोर्ट पर पूरा भरोसा और सम्मान है। उनका कहना है कि न्यायिक प्रक्रिया के बाद जब किसी व्यक्ति को निर्दोष घोषित कर दिया जाता है, तो उसे लोकतांत्रिक अधिकारों से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। लोकतंत्र और नागरिक अधिकारों पर जोर मुख्यमंत्री के अनुसार, लोकतंत्र की असली ताकत हर नागरिक की भागीदारी में है। अगर कोई व्यक्ति कानूनी जांच के बाद निर्दोष साबित हो जाता है, तो उसे वोट देने के अधिकार से दूर रखना उचित नहीं माना जा सकता। विपक्ष का पलटवार इस बयान के सामने आने के बाद विपक्षी दलों ने इस पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। विपक्ष का कहना है कि वोटिंग जैसे संवेदनशील मुद्दे पर कोई भी फैसला बहुत सोच-समझकर और कानूनी ढांचे के अनुसार होना चाहिए। TMC का पक्ष वहीं, तृणमूल कांग्रेस (TMC) का पक्ष है कि यह कदम केवल उन लोगों को राहत देने के लिए है जिन्हें कानूनी प्रक्रिया के तहत क्लीन चिट मिल चुकी है, और इसका मकसद लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा करना है। राजनीतिक असर की संभावना राजनीतिक जानकारों का मानना है कि ममता बनर्जी का यह बयान आने वाले समय में बंगाल की चुनावी राजनीति में बड़ा असर डाल सकता है। यह मुद्दा आगे और भी सियासी बहस को जन्म दे सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Editor's Picks

Vande Bharat

Mumbai–Howrah समेत 9 रूट्स पर दौड़ेगी Vande Bharat Sleeper, बदल जाएगा ट्रेन ट्रैवल का अनुभव

भारतीय रेलवे एक बार फिर देश की रेल यात्रा को नए स्तर पर ले जाने की तैयारी में है। इस बार चर्चा में है Vande Bharat Sleeper Train, जिसे आने वाले समय में लंबी दूरी की प्रीमियम ट्रेनों जैसे Rajdhani Express का मजबूत विकल्प माना जा रहा है। रेलवे का फोकस सिर्फ स्पीड बढ़ाना नहीं, बल्कि यात्रियों को एक आरामदायक, सुरक्षित और एयर-ट्रैवल जैसा अनुभव देना भी है। क्या है Vande Bharat Sleeper Train? Vande Bharat Sleeper, भारतीय रेलवे की नई जनरेशन की हाई-स्पीड AC ट्रेन है, जिसे खासतौर पर रात की लंबी दूरी की यात्राओं के लिए डिजाइन किया गया है। इस ट्रेन में यात्रियों को मिलेगा: किन 9 बड़े रूट्स पर चल सकती है यह ट्रेन? रेलवे सूत्रों के अनुसार Vande Bharat Sleeper को देश के कई हाई डिमांड रूट्स पर शुरू करने की योजना है: Rajdhani Express को क्यों मिलेगी चुनौती? Rajdhani Express भारत की सबसे भरोसेमंद प्रीमियम ट्रेनों में से एक रही है, लेकिन अब Vande Bharat Sleeper कई मामलों में नई उम्मीद बनकर उभर रही है। बड़े बदलाव जो इसे खास बनाते हैं: यात्रियों के लिए क्या होगा खास? Vande Bharat Sleeper सिर्फ एक ट्रेन नहीं, बल्कि एक upgraded travel experience है: भारतीय रेलवे की बड़ी प्लानिंग रेलवे का लक्ष्य आने वाले वर्षों में: हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
EVM

EVM Security Bhabanipur सीट पर Calcutta High Court का अहम फैसला

पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। इस बार मामला सीधे EVM और VVPAT सुरक्षा से जुड़ा है। कलकत्ता हाईकोर्ट ने आदेश दिया है कि कोलकाता की Bhabanipur विधानसभा सीट से जुड़े सभी EVM और VVPAT मशीनों को पूरी सुरक्षा के साथ स्ट्रांग रूम में रखा जाए। यह सीट पहले भी राजनीतिक चर्चाओं के केंद्र में रही है और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की राजनीतिक गतिविधियों के कारण अक्सर सुर्खियों में रहती है। कोर्ट का सख्त रुख Calcutta High Court ने साफ कहा है कि EVM-VVPAT मशीनों को सुरक्षित रखा जाए और जरूरत पड़ने पर उनकी जांच भी की जा सकती है। अदालत का उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और भरोसा बनाए रखना है। राजनीतिक पृष्ठभूमि में नया मोड़ रिपोर्ट्स के अनुसार, इसी क्षेत्र में हुए चुनाव में भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी को लगभग 15,000 वोटों से जीत मिली थी। हालांकि इसके बाद यह सीट लगातार राजनीतिक बयानबाज़ी और विवादों का हिस्सा बनी रही। विपक्षी दल लंबे समय से EVM की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते रहे हैं, जबकि चुनाव आयोग और अदालतें लगातार यह सुनिश्चित करने की कोशिश करती हैं कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष रहे। क्या है आगे की तस्वीर? हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद Bhabanipur सीट और पूरे पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर गरमाहट आ गई है। विशेषज्ञ मानते हैं कि आने वाले समय में यह मामला और भी बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन सकता है। लोगों के बीच भी इस फैसले को लेकर चर्चा तेज है कि क्या इससे चुनावी पारदर्शिता को लेकर उठ रहे सवालों पर कोई ठोस असर पड़ेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Stock Market

Stock Market Update: Sensex 350 अंक गिरा, Nifty भी लाल निशान में; Vedanta 6% टूटा

शेयर बाजार (Stock Market) में मंगलवार का दिन निवेशकों के लिए कमजोर साबित हुआ। शुरुआती कारोबार से ही बाजार में बिकवाली का दबाव देखने को मिला और दिन बढ़ने के साथ गिरावट और गहरी होती गई। ग्लोबल मार्केट से मिले कमजोर संकेतों और लगातार मुनाफावसूली के चलते सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में बंद होते नजर आए। कारोबार के दौरान BSE Sensex करीब 350 अंक टूटकर 76,700 के स्तर के आसपास पहुंच गया, जबकि NSE Nifty लगभग 100 अंक गिरकर 23,300 के पास फिसल गया। बाजार की इस गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी। Metal और IT सेक्टर में सबसे ज्यादा मार आज के ट्रेडिंग सेशन में सबसे ज्यादा दबाव मेटल और आईटी सेक्टर पर देखने को मिला। इन सेक्टरों में भारी बिकवाली के चलते पूरे बाजार का मूड खराब हो गया। ग्लोबल डिमांड को लेकर अनिश्चितता और निवेशकों की मुनाफावसूली ने गिरावट को और तेज कर दिया। Vedanta शेयर में 6% की बड़ी गिरावट मेटल सेक्टर की दिग्गज कंपनी Vedanta के शेयर में आज सबसे ज्यादा हलचल रही। कंपनी का स्टॉक करीब 6% तक टूट गया, जिससे निवेशकों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा। इसके अलावा अन्य मेटल कंपनियों में भी कमजोरी का असर साफ दिखाई दिया। बाजार गिरने की वजह क्या रही? विश्लेषकों का कहना है कि बाजार में दबाव के पीछे कई अहम कारण रहे— इन सभी कारणों ने मिलकर बाजार की रफ्तार को रोक दिया। निवेशकों के लिए क्या संदेश? मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि अभी बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। ऐसे में निवेशकों को जल्दबाजी में फैसले लेने के बजाय धैर्य रखने और मजबूत फंडामेंटल वाले स्टॉक्स पर ध्यान देने की सलाह दी जा रही है। आज का मार्केट स्नैपशॉट हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Ram Mandir

Ram Mandir Donation Case: चढ़ावा चोरी पर SIT का बड़ा खुलासा, सरकार को सौंपी 150 पेज की रिपोर्ट

Ram Mandir में चढ़ावे की कथित चोरी से जुड़े मामले ने एक बार फिर सुर्खियां बटोर ली हैं। इस मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने अपनी लगभग 150 पेज की विस्तृत रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप दी है। रिपोर्ट में कई गंभीर अनियमितताओं का उल्लेख करते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ FIR दर्ज करने और मंदिर ट्रस्ट के पुनर्गठन (Trust Reconstitution) की सिफारिश की गई है। अब इस रिपोर्ट पर सरकार के फैसले का इंतजार है, क्योंकि आगे की कार्रवाई इसी के आधार पर तय होगी। रिपोर्ट में क्या-क्या कहा गया? SIT की जांच के दौरान मंदिर में आने वाले चढ़ावे की गिनती, रिकॉर्ड रखने की प्रक्रिया और वित्तीय प्रबंधन से जुड़े कई दस्तावेजों की पड़ताल की गई। जांच के बाद टीम ने सरकार को कुछ अहम सुझाव दिए हैं। रिपोर्ट की प्रमुख सिफारिशें सरकार करेगी कानूनी और प्रशासनिक समीक्षा सूत्रों के अनुसार, सरकार ने SIT की रिपोर्ट प्राप्त कर ली है और अब इसकी कानूनी व प्रशासनिक समीक्षा की जाएगी। रिपोर्ट में की गई सिफारिशों पर विचार करने के बाद यह तय होगा कि FIR दर्ज होगी या नहीं और ट्रस्ट से जुड़े प्रशासनिक बदलाव कब लागू किए जाएंगे। कैसे शुरू हुआ पूरा मामला? राममंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए जाने वाले दान और चढ़ावे में कथित गड़बड़ी के आरोप सामने आने के बाद इस मामले ने तूल पकड़ा था। शिकायतों के आधार पर जांच के लिए SIT का गठन किया गया था। जांच टीम ने संबंधित दस्तावेजों, वित्तीय रिकॉर्ड और कई लोगों के बयान दर्ज किए। अब रिपोर्ट सरकार को सौंपे जाने के बाद मामले ने फिर से राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है। आगे क्या हो सकता है? यदि सरकार SIT की सिफारिशों को स्वीकार करती है, तो आने वाले दिनों में मामले में FIR दर्ज होने, विस्तृत जांच शुरू होने और मंदिर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। फिलहाल सभी की निगाहें सरकार के अगले फैसले पर टिकी हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Oracle

Oracle Layoffs AI और Restructuring के बीच वायरल हुई 21,000 कर्मचारियों की छंटनी की खबर

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते प्रभाव के बीच दुनिया की बड़ी टेक कंपनियों में बदलाव का दौर जारी है। इसी बीच टेक कंपनी Oracle को लेकर सोशल मीडिया पर एक खबर तेजी से वायरल हो रही है। दावा किया जा रहा है कि कंपनी ने 21,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है और आने वाले समय में छंटनी का यह सिलसिला आगे भी जारी रह सकता है। हालांकि, जब इस दावे की पड़ताल की गई तो तस्वीर कुछ अलग नजर आई। आइए जानते हैं कि आखिर Oracle में क्या हो रहा है और कर्मचारियों के लिए इसका क्या मतलब है। क्या सच में Oracle ने 21,000 कर्मचारियों को निकाला? सोशल मीडिया पोस्ट और कुछ ऑनलाइन रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि Oracle ने एक साथ 21 हजार कर्मचारियों की छंटनी कर दी है। लेकिन अब तक कंपनी की ओर से इस आंकड़े की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। Oracle ने सार्वजनिक रूप से ऐसा कोई बयान जारी नहीं किया है, जिसमें 21,000 कर्मचारियों को निकालने की बात कही गई हो। इसलिए इस संख्या को फिलहाल पुष्टि की गई जानकारी नहीं माना जा सकता। फिर चर्चा क्यों हो रही है? दरअसल, Oracle पिछले कुछ समय से अपने बिजनेस मॉडल में बदलाव कर रही है। कंपनी का फोकस अब Cloud Services, Artificial Intelligence, Data Infrastructure और Enterprise Technology पर तेजी से बढ़ रहा है। इसी वजह से कई विभागों में संगठनात्मक बदलाव (Restructuring) किए जा रहे हैं। टेक इंडस्ट्री में यह एक सामान्य प्रक्रिया मानी जाती है, जहां कंपनियां नई तकनीकों और भविष्य की जरूरतों के हिसाब से अपने संसाधनों को व्यवस्थित करती हैं। AI की वजह से बढ़ी कर्मचारियों की चिंता AI के आने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि क्या मशीनें इंसानों की नौकरियां ले लेंगी। Oracle समेत कई बड़ी कंपनियां अब ऐसे AI टूल्स का इस्तेमाल कर रही हैं, जो पहले कर्मचारियों द्वारा किए जाने वाले कई काम तेजी से पूरा कर सकते हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि AI केवल कुछ तरह के कामों को ऑटोमेट करेगा। इसके साथ ही AI, Machine Learning, Cloud Computing, Cyber Security और Data Analytics जैसे क्षेत्रों में नई नौकरियां भी पैदा होंगी। इसलिए केवल AI को ही हर छंटनी की वजह मानना सही नहीं होगा। Oracle का फोकस अब किस पर है? कंपनी लगातार अपने क्लाउड बिजनेस और AI इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़ा निवेश कर रही है। Oracle का उद्देश्य भविष्य की तकनीकों में अपनी स्थिति मजबूत करना है। यही कारण है कि कुछ पुराने विभागों में बदलाव किए जा रहे हैं, जबकि नई तकनीकों से जुड़े क्षेत्रों में निवेश बढ़ाया जा रहा है। क्या आगे भी हो सकती है Layoffs? विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में टेक सेक्टर में सीमित स्तर पर और छंटनी देखने को मिल सकती है। लेकिन इसके पीछे केवल AI नहीं, बल्कि लागत कम करना, बदलती बाजार स्थितियां, बिजनेस रणनीति और निवेश की प्राथमिकताएं भी अहम कारण हैं। इसलिए किसी भी कंपनी में होने वाली हर छंटनी को सीधे AI से जोड़ना पूरी तरह सही नहीं माना जा सकता। कर्मचारियों के लिए क्या है सीख? बदलते दौर में नई तकनीक सीखना सबसे बड़ा निवेश है। AI, Cloud Computing, Data Science और Cyber Security जैसी स्किल्स रखने वाले प्रोफेशनल्स की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में समय के साथ खुद को अपडेट रखना ही भविष्य में बेहतर करियर का सबसे मजबूत आधार बन सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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