देश की सबसे बड़ी घरेलू एयरलाइन IndiGo इस समय ऐसे परिचालन संकट से गुजर रही है, जिसने हजारों यात्रियों की यात्रा योजनाएँ बिगाड़ दी हैं। बीते कुछ दिनों में दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद और कई बड़े एयरपोर्ट्स पर इंडिगो की उड़ानें लगातार कैंसल और लंबे समय तक लेट हो रही हैं।
कई लोग रातभर एयरपोर्ट पर फंसे रहे, कई की कनेक्टिंग फ्लाइट छूट गई, और बहुत-सी यात्राएँ आखिरी मिनट पर बिगड़ गईं। हालात इतने खराब बने कि DGCA को हस्तक्षेप करना पड़ा।
आखिर इंडिगो में ये संकट क्यों आया?
इंडस्ट्री सूत्रों और रिपोर्टों से सामने आई कुछ मुख्य वजहें:
1. Crew Shortage – पायलट और क्रू की भारी कमी
नई FDTL (Flight Duty Time Limitations) नियमावली लागू होने के बाद क्रू की उपलब्धता कम हो गई। एयरलाइन आवश्यक संख्या में पायलट और कैबिन क्रू तैनात नहीं कर सकी। इसकी वजह से कई उड़ानों को मजबूरन कैंसिल या री-शेड्यूल करना पड़ा।
2. Technical Glitches – सिस्टम दिक्कतें
कई एयरपोर्ट्स पर चेक-इन सिस्टम, बैगेज मैनेजमेंट और कोऑर्डिनेशन में तकनीकी दिक्कतें देखी गईं, जिससे लेट बढ़ता चला गया।
3. Airport Congestion – एयरपोर्ट पर भीड़ का दबाव
सीजन पीक चल रहा है, ऐसे में भीड़ और अतिरिक्त ट्रैफिक ने देरी को और बढ़ा दिया। एयरलाइन शेड्यूल तेजी से एडजस्ट नहीं कर पाई।
यात्रियों पर असर: नाराज़गी, इंतज़ार और उथल-पुथल
- कई फ्लाइट्स 10–12 घंटे तक लेट रहीं
- एक-एक दिन में 200 से अधिक उड़ानें प्रभावित हुईं
- कई एयरपोर्ट्स पर यात्रियों ने शिकायत की कि उन्हें समय पर अपडेट तक नहीं मिला
- कुछ यात्रियों ने बताया कि ऐप पर “flight departed” लिखा था, जबकि गेट पर स्टाफ मौजूद ही नहीं था
- बैगेज मिसहैंडलिंग और अचानक कैंसिलेशन की घटनाओं की भी शिकायतें सामने आईं
यात्रियों के अनुभव बताते हैं कि लोगों में नाराज़गी जितनी बड़ी है, उतना ही भ्रम और थकान भी बढ़ी है।
DGCA की कार्रवाई: जवाब तलब शुरू
DGCA ने इंडिगो से तुरंत रिपोर्ट मांगी है और पूछा है कि यह अफरा-तफरी कैसे हुई।
नियामक ने स्पष्ट कहा है कि एयरलाइन को
- क्रू की प्लानिंग
- शेड्यूलिंग
- यात्रियों को समय पर सूचना
- और तकनीकी दक्षता
पर तुरंत सुधार करना होगा।
IndiGo ने बयान जारी कर कहा है कि अगले 48 घंटों में हालात सामान्य करने की कोशिश की जा रही है।
क्यों है यह मुद्दा इतना बड़ा?
IndiGo भारत के घरेलू एविएशन मार्केट का सबसे बड़ा हिस्सा संभालती है। लाखों लोग रोजाना इसके शेड्यूल पर निर्भर होते हैं।
ऐसे में फ्लाइट-कैंसिलेशन की यह लहर सिर्फ यात्रियों का भरोसा नहीं तोड़ती, बल्कि भारतीय उड्डयन व्यवस्था में मौजूद खामियों को भी उजागर करती है।
यात्रियों के लिए उपयोगी सलाह
अगर आपकी उड़ान आने वाले दिनों में इंडिगो से है, तो:
- फ्लाइट स्टेटस बार-बार चेक करें
- एयरपोर्ट जल्दी पहुँचें
- रिफंड/रिबुकिंग विकल्पों को पहले से समझें
- वैकल्पिक एयरलाइन/रूट भी ध्यान में रखें
- जरूरी यात्रा हो तो बैकअप प्लान बनाकर रखें
इंडिगो का यह संकट सिर्फ एक एयरलाइन की अंदरूनी खराबी नहीं, बल्कि भारतीय एविएशन सेक्टर के दबाव और क्षमता की सच्चाई भी दिखाता है। उम्मीद है कि आने वाले दिनों में क्रू की कमी दूर होगी, तकनीकी दिक्कतें सुधरेंगी और यात्रियों को फिर वही भरोसेमंद सेवा मिलेगी जिसकी वजह से IndiGo देश की नंबर-1 एयरलाइन बन पाई है।
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