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Nepal

Nepal General Election 2026 Young Voters का Enthusiasm और Lumbini में Firing

Nepal में 5 मार्च 2026 को देश का पहला आम चुनाव (General Election) हो रहा है, जो पिछले साल Gen‑Z आंदोलन (Gen Z-led protests) के बाद आयोजित किया गया। यह चुनाव सिर्फ़ राजनीतिक नहीं बल्कि युवा शक्ति और भविष्य की दिशा तय करने वाला मोड़ भी माना जा रहा है। Gen‑Z Movement के बाद वोटिंग का अनुभव देशभर में मतदान सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक जारी है। इस बार लगभग 1.89 करोड़ मतदाता (18.9 million) अपना वोट दे रहे हैं। चुनाव 275 सीटों वाली संसद के लिए हो रहा है: यह चुनाव इसलिए ऐतिहासिक है क्योंकि Gen‑Z आंदोलन के बाद यह पहला बड़ा लोकतांत्रिक मुकाबला है। उस आंदोलन में युवाओं ने भ्रष्टाचार, बेरोज़गारी और पारदर्शिता की कमी के खिलाफ आवाज़ उठाई थी, जिससे प्रधानमंत्री K.P. शर्मा ओली की सरकार गिर गई थी। Lumbini Booth Clash और फायरिंग अधिकांश मतदान केंद्रों पर प्रक्रिया शांतिपूर्ण रही, लेकिन लुंबिनी प्रांत के ओखलादूंगा जिले में एक मतदान केंद्र पर झड़प और 13 राउंड फायरिंग की घटनाएँ हुईं। यह घटना यह दिखाती है कि चुनाव में अभी भी कुछ क्षेत्रों में स्थानीय तनाव मौजूद है, लेकिन अधिकांश स्थानों पर मतदान सुरक्षित और शांतिपूर्ण रहा। युवा मतदाता और Gen‑Z का असर इस चुनाव में युवा मतदाता महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। युवा मतदाता इसे केवल वोटिंग नहीं बल्कि अपनी आवाज़ का माध्यम मान रहे हैं। यह दिखाता है कि Gen‑Z आंदोलन ने नेपाल की राजनीति में नई उम्मीदें जगाई हैं। राजनीतिक मुकाबला: पुराना बनाम नया इस चुनाव में पारंपरिक दलों — नेपाली कांग्रेस, CPN‑UML, CPN‑Maoist Centre — के अलावा युवा‑आधारित नए राजनीतिक चेहरे भी सामने आ रहे हैं। युवा और मध्यवर्ग मतदाता बदलाव की चाह रखते हैं और यह चुनाव उनके लिए भविष्य की दिशा तय करने वाला क्षण है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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India से चोरी हुई करोड़ों की मूर्ति इंग्लैंड के म्यूजियम ने लौटाई

India से चोरी हुई करोड़ों की मूर्ति इंग्लैंड के म्यूजियम ने लौटाई

India की एक चोरी हुई प्राचीन मूर्ति को इंग्लैंड के एक म्यूजियम ने वापस लौटाया है। वहीं समुद्र में संकट में फंसे ईरानी जहाज से श्रीलंका ने 32 नाविकों को सुरक्षित बचा लिया। आइए जानते हैं आज की प्रमुख अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय खबरें। इंग्लैंड के म्यूजियम ने भारत को लौटाई करोड़ों की प्राचीन मूर्ति भारत की एक बेहद कीमती और ऐतिहासिक मूर्ति, जो वर्षों पहले चोरी होकर विदेश पहुंच गई थी, अब वापस भारत आ रही है। इंग्लैंड के एक म्यूजियम ने इस मूर्ति को भारत को सौंपने का फैसला किया है। बताया जा रहा है कि यह मूर्ति करोड़ों रुपये की है और भारतीय सांस्कृतिक धरोहर का महत्वपूर्ण हिस्सा है। लंबे समय से भारत सरकार विदेशों में मौजूद ऐसी चोरी की कलाकृतियों को वापस लाने की कोशिश कर रही है। इसी प्रयास के तहत यह मूर्ति अब अपने देश लौट रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम भारत की सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखने की दिशा में बड़ी सफलता है। ईरान के डूबते जहाज से श्रीलंका ने बचाए 32 नाविक दूसरी बड़ी खबर समुद्र से सामने आई। ईरान का एक जहाज समुद्र में संकट में फंस गया था और उसके डूबने का खतरा पैदा हो गया था। स्थिति गंभीर होने पर श्रीलंका की नौसेना तुरंत सक्रिय हुई और राहत अभियान शुरू किया। इस अभियान के दौरान जहाज पर मौजूद 32 नाविकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। नौसेना की इस त्वरित कार्रवाई की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना हो रही है। सभी नाविकों को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया है और उनकी हालत सामान्य बताई जा रही है। क्यों अहम हैं ये घटनाएं एक तरफ भारत अपनी ऐतिहासिक धरोहर को वापस पाने में सफल हो रहा है, वहीं दूसरी ओर समुद्र में फंसे लोगों को बचाकर मानवता का उदाहरण भी सामने आया है। ये दोनों घटनाएं अंतरराष्ट्रीय सहयोग और जिम्मेदारी की भावना को दिखाती हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Nitish Kumar

Bihar Political Nitish Kumar का बड़ा बयान, नई सरकार को देंगे सहयोग; Rajya Sabha के लिए भरेंगे पर्चा

बिहार की राजनीति से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है। Nitish Kumar ने कहा है कि राज्य में बनने वाली नई सरकार को उनका पूरा सहयोग रहेगा। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (Twitter) पर पोस्ट करते हुए यह भी स्पष्ट किया कि वे राज्यसभा के सदस्य बनने की इच्छा रखते हैं और इसके लिए आज नामांकन दाखिल करेंगे। X पर पोस्ट कर दी जानकारी Nitish Kumar ने X (Twitter) पर अपने संदेश में लिखा कि बिहार के विकास और जनता के हित उनके लिए हमेशा सबसे महत्वपूर्ण रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में बनने वाली नई सरकार के साथ मिलकर विकास कार्यों को आगे बढ़ाने में वे पूरा सहयोग देंगे। राज्यसभा जाने की जताई इच्छा अपने पोस्ट में उन्होंने यह भी बताया कि वे राज्यसभा सदस्य बनने की इच्छा रखते हैं। इसी क्रम में वे आज राज्यसभा के लिए अपना नामांकन दाखिल करेंगे। माना जा रहा है कि यह फैसला उनकी राजनीतिक भूमिका को राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत कर सकता है। बिहार की राजनीति में नए संकेत राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि Nitish Kumar का यह कदम बिहार की राजनीति में एक नए दौर की शुरुआत का संकेत हो सकता है। लंबे समय तक राज्य की राजनीति में सक्रिय रहने के बाद अब वे केंद्र की राजनीति में भी सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं। राजनीतिक हलकों में बढ़ी चर्चा उनके इस बयान के बाद बिहार के राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। नई सरकार के गठन और उनके राज्यसभा जाने के फैसले को लेकर आने वाले दिनों में कई राजनीतिक समीकरण भी सामने आ सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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BJP

State Politics Rajya Sabha के लिए BJP की 9 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी

देश की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आगामी राज्यसभा चुनाव 2026 के लिए अपने 9 उम्मीदवारों की आधिकारिक सूची जारी कर दी है। इस सूची में कई अहम चेहरे शामिल हैं, जिनमें सबसे ज्यादा चर्चा नितिन नवीन और राहुल सिन्हा के नाम को लेकर हो रही है। बिहार से नितिन नवीन, बंगाल से राहुल सिन्हा बीजेपी ने बिहार से नितिन नवीन को राज्यसभा का उम्मीदवार बनाया है। वे लंबे समय से संगठन और सरकार दोनों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। उनके नाम की घोषणा के साथ ही यह साफ हो गया है कि पार्टी बिहार में अपने संगठनात्मक ढांचे को और मजबूत करना चाहती है। वहीं पश्चिम बंगाल से राहुल सिन्हा को उम्मीदवार बनाया गया है। बंगाल की राजनीति में सक्रिय और अनुभवी चेहरे के रूप में उनकी पहचान रही है। राज्य में बीजेपी अपनी उपस्थिति लगातार मजबूत करने की कोशिश कर रही है और यह नाम उसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। किन राज्यों से आए हैं बाकी उम्मीदवार? बीजेपी की 9 उम्मीदवारों की सूची में बिहार और पश्चिम बंगाल के अलावा असम, छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों के नाम भी शामिल हैं। पार्टी ने क्षेत्रीय संतुलन, संगठन में योगदान और राजनीतिक अनुभव को ध्यान में रखते हुए उम्मीदवारों का चयन किया है। सूत्रों के मुताबिक, उम्मीदवारों के चयन में सामाजिक समीकरण और आगामी विधानसभा चुनावों की रणनीति भी महत्वपूर्ण कारक रहे हैं। क्यों अहम है यह Rajya Sabha Election? राज्यसभा संसद का उच्च सदन है और यहां संख्या बल किसी भी राष्ट्रीय पार्टी के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है। आने वाले समय में कई महत्वपूर्ण विधेयकों और नीतिगत फैसलों पर चर्चा होनी है। ऐसे में बीजेपी की कोशिश है कि वह उच्च सदन में अपनी स्थिति और मजबूत करे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह सूची सिर्फ चुनावी घोषणा नहीं बल्कि आने वाले वर्षों की रणनीतिक तैयारी का हिस्सा है। बिहार और बंगाल में सियासी संदेश बिहार में एनडीए और विपक्ष के बीच राजनीतिक मुकाबला लगातार दिलचस्प बना हुआ है। ऐसे में नितिन नवीन को राज्यसभा भेजना संगठन को मजबूत संदेश देता है। वहीं पश्चिम बंगाल में राहुल सिन्हा की उम्मीदवारी बीजेपी के लिए राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यह कदम पार्टी के कार्यकर्ताओं में उत्साह बढ़ाने वाला भी माना जा रहा है। BJP Rajya Sabha Candidates List 2026 ने साफ कर दिया है कि पार्टी रणनीतिक और संतुलित तरीके से आगे बढ़ रही है। नितिन नवीन और राहुल सिन्हा जैसे नेताओं को राज्यसभा भेजने का फैसला संगठनात्मक मजबूती और राजनीतिक संदेश दोनों का मिश्रण है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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PV Sindhu

War Zone के डर के बीच PV Sindhu की सुरक्षित वापसी सोशल मीडिया पर जताया आभार

मध्य पूर्व में बढ़ते US-Iran War और क्षेत्रीय तनाव के बीच भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु (PV Sindhu) कुछ समय के लिए दुबई में फंस गईं। अचानक बदले हालात, एयरस्पेस बंद होने और उड़ानों के रद्द होने से उनकी यात्रा बाधित हो गई। लेकिन राहत की बात यह रही कि तमाम अनिश्चितताओं के बाद वह सुरक्षित भारत लौट आई हैं। Dubai Crisis: जब अचानक बदल गए हालात PV Sindhu दुबई में ट्रांजिट के दौरान थीं, तभी क्षेत्र में सैन्य गतिविधियों और सुरक्षा अलर्ट के कारण कई फ्लाइट्स रोक दी गईं। एयरपोर्ट पर अफरा-तफरी का माहौल था। यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हालात इतने तनावपूर्ण थे कि आसमान में इंटरसेप्शन और धमाकों जैसी आवाजें सुनाई दे रही थीं। ऐसे माहौल में किसी भी यात्री के लिए मानसिक रूप से मजबूत रहना आसान नहीं होता। सिंधु भी इसी स्थिति से गुजरीं। All England Open से नाम वापसी इस अप्रत्याशित संकट का असर उनके प्रोफेशनल शेड्यूल पर भी पड़ा। उन्हें प्रतिष्ठित All England Open बैडमिंटन चैंपियनशिप से नाम वापस लेना पड़ा। यह टूर्नामेंट उनके सीजन का अहम हिस्सा था, लेकिन सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उन्होंने यह कठिन फैसला लिया। Safe Return to India: घर लौटने की राहत कई घंटों की चिंता और असमंजस के बाद आखिरकार पीवी सिंधु भारत लौट आईं। बेंगलुरु पहुंचते ही उन्होंने राहत की सांस ली। घर लौटने का सुकून उनके शब्दों में साफ झलक रहा था। Emotional Post: दिल से निकले शब्द भारत पहुंचने के बाद सिंधु ने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट साझा किया। उन्होंने लिखा कि पिछले कुछ दिन बेहद डरावने और अनिश्चितता से भरे रहे। अचानक बदलती परिस्थितियों को समझ पाना आसान नहीं था। उन्होंने सुरक्षित घर लौटने पर भगवान, परिवार, टीम और प्रशंसकों का आभार जताया। उनके शब्दों में एक खिलाड़ी की मजबूती के साथ-साथ एक इंसान की संवेदनाएं भी दिखाई दीं। Middle East Tension का व्यापक असर US-Iran तनाव का असर सिर्फ राजनीतिक या सैन्य मोर्चे तक सीमित नहीं रहा। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों, यात्रियों और खेल आयोजनों पर भी इसका प्रभाव पड़ा। कई खिलाड़ियों और यात्रियों को अपनी योजनाएं बदलनी पड़ीं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Israel

Israel Iran War कश्मीर में सुरक्षा सख्त, UAE से भारतीयों की वापसी शुरू

मध्य पूर्व में Israel और Iran के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। लगातार हमलों और जवाबी कार्रवाई की खबरों के बीच भारत ने भी सतर्क रुख अपना लिया है। सुरक्षा से लेकर कूटनीति और नागरिकों की सुरक्षित वापसी तक—सरकार हर स्तर पर सक्रिय नजर आ रही है। श्रीनगर में कड़ी सुरक्षा, सड़कें कंटीले तारों से सील जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर में हालात को देखते हुए एहतियाती कदम उठाए गए हैं। कई प्रमुख सड़कों को कंटीले तारों से बंद किया गया है और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि यह कदम लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। शहर में गश्त बढ़ा दी गई है और आने-जाने वाले वाहनों की जांच भी सख्ती से की जा रही है। आम लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की गई है। PM Modi की कूटनीतिक सक्रियता, 5 राष्ट्राध्यक्षों से चर्चा इस संवेदनशील समय में नरेंद्र मोदी ने वैश्विक हालात पर चर्चा के लिए पांच प्रमुख राष्ट्राध्यक्षों से फोन पर बातचीत की। बातचीत में क्षेत्रीय स्थिरता, ऊर्जा आपूर्ति, समुद्री सुरक्षा और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। भारत ने साफ संदेश दिया है कि विवाद का समाधान बातचीत और कूटनीतिक प्रयासों से ही संभव है। अंतरराष्ट्रीय मंच पर शांति और संयम की अपील दोहराई गई है। UAE से 4 फ्लाइट्स भारत पहुंचीं, नागरिक सुरक्षित मध्य पूर्व में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए संयुक्त अरब अमीरात से चार फ्लाइट्स सुरक्षित रूप से भारत पहुंच चुकी हैं। इन उड़ानों के जरिए बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक अपने घर लौटे हैं। एयरपोर्ट पर लौटे यात्रियों के चेहरों पर राहत साफ दिखाई दी। कई परिवारों ने सरकार के प्रयासों के लिए आभार जताया। अधिकारियों ने बताया कि जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त फ्लाइट्स की भी व्यवस्था की जा सकती है। Global Impact: तेल कीमतों और अर्थव्यवस्था पर असर की आशंका विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इजराइल–ईरान तनाव लंबा चलता है, तो इसका असर वैश्विक तेल बाजार पर पड़ सकता है। भारत जैसे ऊर्जा आयात पर निर्भर देश के लिए यह चिंता का विषय है। शेयर बाजार और व्यापारिक गतिविधियों पर भी दबाव देखने को मिल सकता है। इजराइल–ईरान जंग के बीच भारत ने संतुलित और सतर्क रणनीति अपनाई है। श्रीनगर में सुरक्षा कड़ी करना, प्रधानमंत्री स्तर पर कूटनीतिक बातचीत और UAE से भारतीयों की सुरक्षित वापसी—ये सभी कदम इस बात का संकेत हैं कि सरकार हालात को लेकर गंभीर है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Chirag Paswan

Bihar Politics शराबबंदी कानून पर पुनर्विचार की मांग, Chirag Paswan का बड़ा बयान

होली के त्योहार से ठीक पहले बिहार में शराबबंदी कानून (Liquor Ban Law) को लेकर राजनीतिक माहौल एक बार फिर गरमा गया है।Chirag Paswan ने राज्य में लागू पूर्ण शराबबंदी कानून की समीक्षा की मांग करते हुए कहा है कि सरकार को जमीनी सच्चाई पर खुलकर चर्चा करनी चाहिए। क्या है पूरा मामला? बिहार में वर्ष 2016 में पूर्ण शराबबंदी लागू की गई थी। उस समय इसे महिलाओं के सशक्तिकरण और सामाजिक सुधार की दिशा में बड़ा कदम बताया गया था। कई परिवारों ने यह महसूस भी किया कि शराबबंदी से घरों का माहौल बदला, बचत बढ़ी और घरेलू हिंसा में कमी आई। लेकिन समय के साथ इस कानून के क्रियान्वयन को लेकर सवाल उठने लगे। अवैध शराब की तस्करी, जहरीली शराब से मौतों की घटनाएं और बड़ी संख्या में दर्ज मुकदमों ने प्रशासनिक व्यवस्था पर दबाव बढ़ाया है। अदालतों में लंबित मामलों की संख्या भी चर्चा का विषय बनी रही है। Chirag Paswan ने क्या कहा? Chirag Paswan का कहना है कि कानून का मकसद अच्छा था, लेकिन अगर नतीजे उम्मीद के मुताबिक नहीं मिल रहे हैं तो सरकार को इसकी व्यापक समीक्षा करनी चाहिए। उनका सुझाव है कि सभी हितधारकों—महिलाओं, सामाजिक संगठनों, प्रशासन और आम जनता—की राय लेकर कानून में जरूरी सुधार किए जाएं। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि सिर्फ सख्ती से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि प्रभावी नीति और पारदर्शी क्रियान्वयन जरूरी है। होली से पहले क्यों अहम है यह मुद्दा? होली जैसे बड़े त्योहार के दौरान शराबबंदी कानून को लेकर प्रशासन विशेष सतर्क रहता है। ऐसे समय में समीक्षा की मांग राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। त्योहारों पर अक्सर अवैध शराब के मामले सामने आते हैं, जिससे कानून की प्रभावशीलता पर बहस तेज हो जाती है। सामाजिक और राजनीतिक असर शराबबंदी बिहार की राजनीति का संवेदनशील मुद्दा रहा है। एक ओर इसे सामाजिक बदलाव की मिसाल बताया जाता है, तो दूसरी ओर इसके व्यावहारिक पहलुओं पर सवाल उठते हैं। गांव-शहर दोनों जगह लोगों की राय बंटी हुई दिखाई देती है—कुछ इसे जरूरी मानते हैं, तो कुछ बदलाव की जरूरत पर जोर देते हैं। आगे क्या? अब नजर इस बात पर है कि राज्य सरकार इस मांग पर क्या रुख अपनाती है। क्या शराबबंदी कानून में संशोधन होगा? या फिर सख्ती और बढ़ाई जाएगी? बिहार में Liquor Ban Law पर यह नई बहस सिर्फ राजनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आम लोगों के जीवन से जुड़ा मुद्दा है। होली के रंगों के बीच उठी यह चर्चा आने वाले दिनों में और गहराने की संभावना है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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J&K

Middle East Crisis का बड़ा असर Khamenei Death पर Pakistan में हिंसा, J&K में कर्फ्यू जैसे हालात

मध्य-पूर्व में चल रहे Israel-Iran War के बीच एक बड़ी खबर ने एशिया के कई हिस्सों में हलचल मचा दी है। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातोल्ला अली खामेनेई की मौत की खबर सामने आने के बाद पाकिस्तान और J&K में हालात अचानक बदल गए। सड़कों पर भीड़, सुरक्षा बलों की तैनाती और बंद बाज़ार—इन सबने आम लोगों की जिंदगी को सीधे प्रभावित किया है। Pakistan Protest: Karachi में हिंसा और 23 मौतें सबसे ज्यादा असर पाकिस्तान में देखने को मिला। कराची, इस्लामाबाद और गिलगित-बाल्टिस्तान के कुछ हिस्सों में हजारों लोग विरोध में सड़कों पर उतर आए। कराची में प्रदर्शन उस समय हिंसक हो गया जब भीड़ ने अमेरिकी वाणिज्य दूतावास की ओर बढ़ने की कोशिश की। हालात बेकाबू होने पर सुरक्षा बलों ने कार्रवाई की। स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक, झड़पों और गोलीबारी में कम से कम 23 लोगों की मौत हो गई, जबकि सौ से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। कई परिवारों के लिए यह सिर्फ राजनीतिक खबर नहीं, बल्कि अपनों को खोने का दर्द बन गई है। अस्पतालों के बाहर इंतजार करते लोगों की बेचैनी ने हालात की गंभीरता को साफ दिखाया। PoK में उग्र प्रदर्शन पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में भी खामेनेई की मौत के विरोध में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए। कई धार्मिक संगठनों ने रैलियां निकालीं। कुछ जगहों पर प्रदर्शन उग्र हो गए और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचने की खबरें आईं। प्रशासन ने स्थिति संभालने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए हैं। Jammu-Kashmir Situation: कर्फ्यू जैसे हालात भारत के जम्मू-कश्मीर (J&K) में भी तनाव महसूस किया गया। श्रीनगर, बारामूला और कुछ अन्य इलाकों में विरोध प्रदर्शन हुए। एहतियात के तौर पर कई जगहों पर कर्फ्यू जैसे प्रतिबंध लगाए गए हैं। स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि अचानक बंद के कारण रोज़मर्रा की कमाई पर असर पड़ा है। आम लोग हालात सामान्य होने का इंतजार कर रहे हैं। माता-पिता बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं, तो व्यापारियों को अपने कारोबार की फिक्र सता रही है। Global Impact: क्यों बढ़ रहा है तनाव? विशेषज्ञ मानते हैं कि Israel-Iran conflict का असर सिर्फ दोनों देशों तक सीमित नहीं है। धार्मिक और राजनीतिक भावनाएं इस मुद्दे को और संवेदनशील बना रही हैं। दक्षिण एशिया में शिया समुदाय के बीच भावनात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है, जिसका असर सड़कों पर दिखाई दे रहा है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने सभी पक्षों से शांति बनाए रखने और हालात को कूटनीतिक तरीके से सुलझाने की अपील की है। फिलहाल सबसे बड़ी जरूरत है संयम और संवाद की, ताकि आम लोगों की जिंदगी दोबारा पटरी पर लौट सके। Israel-Iran War की इस नई कड़ी ने पाकिस्तान और जम्मू-कश्मीर में अस्थिरता बढ़ा दी है। Karachi में 23 लोगों की मौत ने हालात की गंभीरता को उजागर किया है। राजनीतिक घटनाएं अक्सर सीमाओं से परे असर डालती हैं, लेकिन उनका सबसे गहरा प्रभाव आम नागरिकों पर पड़ता है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में हालात किस दिशा में जाते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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PM Modi - "कांग्रेस के कुकर्मों को देश माफ नहीं करेगा, ये INC नहीं MMC है"

PM Modi – “कांग्रेस के कुकर्मों को देश माफ नहीं करेगा, ये INC नहीं MMC है”

PM Modi ने हाल ही में कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि देश कांग्रेस के कुकर्मों को कभी माफ नहीं करेगा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अब यह INC नहीं, बल्कि MMC – मुस्लिम लीगी माओवादी कांग्रेस बन गई है। क्या कहा पीएम मोदी ने? एक जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने वर्षों तक देश के विकास को रोके रखा। उन्होंने कहा कि आज जब भारत तेज़ी से आगे बढ़ रहा है, तब कुछ दल सिर्फ राजनीति के लिए समाज को बांटने का काम कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस की नीतियों और फैसलों ने देश को नुकसान पहुंचाया है और जनता अब सब समझ चुकी है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि देश की जनता विकास और राष्ट्रहित की राजनीति चाहती है, न कि तुष्टिकरण की। कांग्रेस पर गंभीर आरोप पीएम मोदी ने अपने भाषण में कांग्रेस पर तुष्टिकरण, भ्रष्टाचार और राष्ट्रहित से ऊपर वोट बैंक की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सोच अब बदल चुकी है और यह पार्टी देशहित की बजाय संकीर्ण राजनीति में उलझ गई है। उन्होंने जनता से अपील की कि वे विकास की राजनीति का साथ दें और ऐसे दलों को सबक सिखाएं जो देश को पीछे ले जाना चाहते हैं। राजनीतिक माहौल गरम प्रधानमंत्री के इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल और गरमा गया है। कांग्रेस की ओर से भी पलटवार की संभावना जताई जा रही है। आने वाले दिनों में इस बयान को लेकर सियासी बहस और तेज हो सकती है। देश की राजनीति में ऐसे तीखे बयान चुनावी माहौल को और गर्म कर देते हैं। अब देखना होगा कि जनता इस बयान को किस तरह लेती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Pakistan-Afghanistan संघर्ष में 300 मौतों का दावा, 500 घायल

Pakistan-Afghanistan संघर्ष में 300 मौतों का दावा, 500 घायल

Pakistan-Afghanistan के बीच जारी तनाव अब गंभीर संघर्ष में बदलता नजर आ रहा है। ताज़ा दावों के मुताबिक इस संघर्ष में करीब 300 लोगों की मौत और 500 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। हालांकि इन आंकड़ों की आधिकारिक पुष्टि अभी तक पूरी तरह से नहीं हो पाई है। सीमा क्षेत्रों में लगातार गोलीबारी और हमलों की खबरें सामने आ रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि हालात बेहद डरावने हैं। कई परिवार अपने घर छोड़कर सुरक्षित जगहों की ओर जा रहे हैं। अस्पतालों में घायलों की संख्या बढ़ती जा रही है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं पर भी दबाव साफ दिखाई दे रहा है। इस बीच, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने बयान दिया है कि पाकिस्तान इस स्थिति को संभालने में “अच्छा प्रदर्शन” कर रहा है। उनके इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई बहस छेड़ दी है। दूसरी ओर, Pakistan ने दावा किया है कि हाल के आतंकी हमलों के पीछे India का हाथ है। पाकिस्तान के अधिकारियों का कहना है कि भारत क्षेत्र में अस्थिरता फैलाने की कोशिश कर रहा है। हालांकि भारत की ओर से अभी तक इस आरोप पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, Afghanistan की स्थिति भी लगातार तनावपूर्ण बनी हुई है। सीमा पर तैनात सुरक्षाबलों के बीच झड़पें जारी हैं। आम नागरिकों में डर और अनिश्चितता का माहौल है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द ही कूटनीतिक प्रयास नहीं किए गए तो यह संघर्ष पूरे क्षेत्र की शांति के लिए बड़ा खतरा बन सकता है। दक्षिण एशिया पहले ही कई संवेदनशील मुद्दों से जूझ रहा है, ऐसे में यह टकराव हालात को और जटिल बना सकता है। फिलहाल दोनों देशों की ओर से आधिकारिक स्तर पर बातचीत या युद्धविराम को लेकर कोई स्पष्ट संकेत नहीं मिले हैं। दुनिया की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में हालात किस दिशा में बढ़ते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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Sugar

Sugar Rate Hike: त्योहारों से पहले चीनी के दाम बढ़े, Blinkit-Swiggy पर खरीदना हुआ Limited

चीनी (Sugar), जो हर घर की रसोई की रोजमर्रा की जरूरत है, इन दिनों लोगों की जेब पर भारी पड़ रही है। पिछले कुछ हफ्तों में चीनी के दाम तेजी से बढ़े हैं। इसी बीच Blinkit, Swiggy Instamart, BigBasket और D-Mart जैसे रिटेल और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर चीनी की खरीद को लेकर लिमिट लगाई गई है। कई जगहों पर ग्राहक एक बार में 3 से 5 किलो तक ही चीनी खरीद पा रहे हैं। यानी अगर घर में ज्यादा मात्रा में चीनी खरीदने की जरूरत है, तो एक साथ बड़ी खरीदारी करना अब आसान नहीं है। Sugar Price: एक महीने में तेजी से बढ़े दाम Sugar की कीमतों में हालिया तेजी ने आम परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में चीनी की औसत खुदरा कीमत करीब ₹48 प्रति किलो के आसपास थी, जो अगस्त में बढ़कर ₹55 से ऊपर पहुंच गई। इसके बाद कुछ बाजारों में कीमतें और ऊपर गई हैं। शहर और बाजार के हिसाब से कीमतों में अंतर जरूर है, लेकिन जिस रफ्तार से दाम बढ़े हैं, उसका असर घर के मासिक बजट पर साफ दिखाई दे रहा है। Online Grocery पर क्यों लगाई गई खरीद Limit? Blinkit और Swiggy Instamart जैसे क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर खरीदारी की लिमिट लगाए जाने के पीछे मुख्य वजह उपलब्ध स्टॉक को संतुलित रखना मानी जा रही है। त्योहारी सीजन में चीनी की मांग अचानक बढ़ जाती है। मिठाइयों से लेकर घर में बनने वाले पकवानों तक, इस दौरान चीनी की खपत सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ जाती है। ऐसे में कंपनियां ज्यादा मात्रा में खरीदारी को रोककर स्टॉक को ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, यह लिमिट हर जगह एक जैसी नहीं है। कुछ स्थानों पर 5 किलो तक की खरीद की अनुमति है, जबकि कुछ जगहों पर इससे कम मात्रा की सीमा दिखाई दे रही है। चीनी महंगी होने की क्या है वजह? चीनी के दाम बढ़ने के पीछे कई कारण सामने आ रहे हैं। घरेलू उत्पादन में कमी, मौसम से जुड़ी परेशानियां, बढ़ती मांग और बाजार में स्टॉक को लेकर गतिविधियां कीमतों पर दबाव बना रही हैं। त्योहारी सीजन भी इस समय एक बड़ा फैक्टर है। रक्षाबंधन के बाद अब आने वाले त्योहारों में मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने की उम्मीद है। इसका सीधा असर चीनी की खपत पर पड़ सकता है। सरकार ने Duty-Free Sugar Import को दी मंजूरी बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने और घरेलू बाजार में सप्लाई बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के Duty-Free Import की अनुमति दी है। सरकार का लक्ष्य बाजार में पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना और कीमतों पर दबाव कम करना है। इसके अलावा बड़े थोक खरीदारों के लिए चीनी का स्टॉक रखने की सीमा में भी बदलाव किया गया है। इससे बाजार में जरूरत से ज्यादा चीनी जमा करने की गतिविधियों पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है। आम लोगों के लिए क्या मतलब? फिलहाल इसका सबसे सीधा असर उन परिवारों पर पड़ रहा है, जो महीने का राशन एक साथ खरीदते हैं। जहां दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खरीद सीमा लागू है, वहां लोगों को जरूरत के हिसाब से छोटी मात्रा में चीनी खरीदनी पड़ सकती है। दूसरी तरफ, सरकार की ओर से सप्लाई बढ़ाने के कदमों के बाद बाजार में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। अगर नई चीनी समय पर बाजार में पहुंचती है और त्योहारी मांग के मुताबिक स्टॉक उपलब्ध रहता है, तो कीमतों में आगे राहत मिल सकती है। Sugar Price पर आगे रहेगी नजर चीनी के बढ़ते दाम इस समय सिर्फ घरेलू बजट का मुद्दा नहीं हैं, बल्कि आने वाले त्योहारी सीजन के लिए भी अहम हैं। सरकार, मिलों और रिटेल कंपनियों के फैसलों पर अब बाजार की नजर रहेगी। फिलहाल ग्राहकों के लिए बेहतर यही है कि जरूरत के मुताबिक ही खरीदारी करें और अलग-अलग दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर कीमतों की तुलना कर लें। आने वाले दिनों में सप्लाई की स्थिति साफ होने के साथ चीनी के दाम में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
Gold-Silver

Gold-Silver Price: त्योहार से पहले मिली राहत, सोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावट

Gold-Silver Price Today: रक्षाबंधन की खरीदारी के बीच सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए बाजार से राहत वाली खबर आई है। 27 अगस्त 2026 को सोने और चांदी दोनों के भाव में गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम सस्ता होकर ₹1,58,477 पर आ गया। वहीं, 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 घटकर करीब ₹2,40,168 रह गया। त्योहार से ठीक पहले कीमतों में आई इस कमी से उन लोगों को थोड़ी राहत मिल सकती है, जो राखी के मौके पर बहन या परिवार के लिए सोने-चांदी की ज्वेलरी खरीदने का मन बना रहे हैं। Gold Price Today: सोने के भाव में ₹2,860 की गिरावट 27 अगस्त को 24 कैरेट सोने की कीमत में अच्छी-खासी गिरावट देखने को मिली। IBJA आधारित आंकड़ों के अनुसार, सोना करीब ₹2,860 प्रति 10 ग्राम टूटकर ₹1,58,477 पर पहुंच गया। वहीं, 23 कैरेट सोना करीब ₹1,57,842, 22 कैरेट सोना लगभग ₹1,45,165 और 18 कैरेट सोना करीब ₹1,18,858 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर रहा। हालांकि, यहां एक बात ध्यान रखना जरूरी है कि शहर और ज्वेलर के हिसाब से Gold Rate थोड़ा अलग हो सकता है। ज्वेलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज और दूसरे शुल्क भी जुड़ते हैं। Silver Price Today: चांदी भी हुई ₹2,791 सस्ती सोने के साथ चांदी की कीमत में भी गिरावट आई है। 1 किलो चांदी का भाव ₹2,791 कम होकर करीब ₹2,40,168 पर आ गया। चांदी में पिछले दिनों तेजी देखने को मिली थी, इसलिए मौजूदा गिरावट के बावजूद इसका भाव काफी ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। त्योहारों और शादी-ब्याह के सीजन में चांदी की मांग बढ़ने से इसकी कीमत पर भी असर पड़ सकता है। Raksha Bandhan से पहले क्यों खास है Gold-Silver Price? रक्षाबंधन के मौके पर लोग सिर्फ राखी और मिठाई ही नहीं खरीदते, बल्कि कई परिवार इस दिन सोने या चांदी की छोटी ज्वेलरी खरीदना भी पसंद करते हैं। ऐसे में त्योहार से एक दिन पहले Gold और Silver के दाम में आई गिरावट खरीदारों के लिए अच्छी खबर मानी जा रही है। अगर आप भी खरीदारी की तैयारी कर रहे हैं तो बाजार में जाने से पहले अपने शहर का ताजा रेट जरूर देख लें। ऑनलाइन दिखने वाला IBJA या बुलियन रेट और ज्वेलरी शॉप का अंतिम बिल एक जैसा होना जरूरी नहीं है। सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान सोने की ज्वेलरी खरीदते समय केवल Gold Rate देखना काफी नहीं है। बिल बनते समय मेकिंग चार्ज, GST और अन्य शुल्क जुड़ सकते हैं। इसलिए खरीदारी से पहले ज्वेलर से पूरी कीमत का ब्रेकअप मांगना बेहतर रहेगा। साथ ही, सोने की शुद्धता के लिए BIS Hallmark जरूर जांचें। इससे आपको खरीदे जा रहे सोने की शुद्धता के बारे में भरोसा मिलता है। आगे क्या हो सकता है Gold और Silver का भाव? सोने और चांदी की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल, ब्याज दरों की उम्मीद और निवेशकों की खरीदारी जैसे कई फैक्टर कीमती धातुओं के भाव को प्रभावित करते हैं। इसलिए आज आई गिरावट को देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि आने वाले दिनों में कीमतें लगातार नीचे जाएंगी। बाजार की चाल बदलने में ज्यादा समय नहीं लगता। Gold-Silver Price Today का सीधा अपडेट रक्षाबंधन से पहले 24 कैरेट Gold करीब ₹2,860 सस्ता होकर ₹1,58,477 प्रति 10 ग्राम और Silver करीब ₹2,791 गिरकर ₹2,40,168 प्रति किलो पर आ गई है। अगर आप आज सोना या चांदी खरीदने जा रहे हैं, तो अंतिम खरीदारी से पहले अपने स्थानीय बाजार का लेटेस्ट रेट जरूर जांचें।
Raksha Bandhan

Raksha Bandhan 2026: राखी बांधने से पहले जान लें Bhadra का समय, ये है शुभ Muhurat

Raksha Bandhan 2026: भाई-बहन के रिश्ते में प्यार, अपनापन और थोड़ी-सी नोकझोंक हमेशा बनी रहती है। इन्हीं खूबसूरत रिश्तों को सेलिब्रेट करने वाला रक्षाबंधन इस बार 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। राखी को लेकर इस बार एक सवाल काफी लोगों के मन में है—27 अगस्त या 28 अगस्त, आखिर किस दिन भाई की कलाई पर राखी बांधना शुभ रहेगा? पंचांग के अनुसार सावन पूर्णिमा 27 अगस्त की सुबह शुरू होगी और 28 अगस्त की सुबह तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर रक्षाबंधन 28 अगस्त को मनाया जाएगा। Raksha Bandhan 2026 Date: 27 या 28 अगस्त? रक्षाबंधन सावन मास की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है। इस साल पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे के बाद शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे तक रहेगी। चूंकि 28 अगस्त को सूर्योदय के समय पूर्णिमा तिथि मौजूद रहेगी, इसलिए इसी दिन रक्षाबंधन मनाने की परंपरा रहेगी। यानी बहनें 28 अगस्त को भाई की कलाई पर राखी बांध सकती हैं। Rakhi Shubh Muhurat 2026: इस समय बांधें राखी 28 अगस्त को राखी बांधने के लिए सुबह का समय शुभ माना जा रहा है। उपलब्ध पंचांग गणना के अनुसार सुबह करीब 5:57 बजे से 9:48 बजे तक राखी बांधने का समय बताया गया है। हालांकि, शुभ मुहूर्त में शहर के सूर्योदय और स्थानीय पंचांग के अनुसार थोड़ा अंतर हो सकता है। इसलिए अगर आप किसी खास शहर में हैं, तो वहां के पंचांग से समय जरूर मिला लें। Bhadra Kaal: इस बार नहीं होगी बड़ी परेशानी रक्षाबंधन पर भद्रा का विशेष ध्यान रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भद्रा के दौरान राखी बांधना शुभ नहीं माना जाता। यही वजह है कि हर साल राखी बांधने से पहले लोग भद्रा समाप्त होने का इंतजार करते हैं। इस बार राहत की बात यह है कि 28 अगस्त को राखी बांधने के प्रमुख समय में भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा। ऐसे में बहनों को राखी बांधने के लिए भद्रा खत्म होने का लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। Raksha Bandhan 2026: एक नजर में पूरी जानकारी जानकारी विवरण रक्षाबंधन 28 अगस्त 2026, शुक्रवार पर्व सावन पूर्णिमा पूर्णिमा शुरुआत 27 अगस्त की सुबह पूर्णिमा समाप्त 28 अगस्त की सुबह करीब 9:48 बजे राखी बांधने का शुभ समय सुबह करीब 5:57 से 9:48 बजे तक भद्रा 28 अगस्त के प्रमुख राखी मुहूर्त में नहीं Rakhi बांधने की पूजा विधि रक्षाबंधन के दिन सुबह स्नान करके भगवान का ध्यान करें और पूजा की तैयारी करें। राखी की थाली में रोली या कुमकुम, अक्षत, दीपक, फूल, मिठाई और राखी रखें। भाई को आसन पर बैठाकर पहले तिलक लगाएं। इसके बाद अक्षत लगाकर आरती करें और शुभ मुहूर्त में उसकी कलाई पर राखी बांधें। फिर मिठाई खिलाकर भाई के सुखी और खुशहाल जीवन की कामना करें। भाई भी बहन को प्यार और सम्मान के साथ उपहार देता है और हर परिस्थिति में उसके साथ खड़े रहने का संकल्प करता है। Raksha Bandhan का असली मतलब क्या है? राखी का धागा देखने में भले ही छोटा हो, लेकिन इसके पीछे छिपी भावना बहुत बड़ी है। बचपन में एक-दूसरे से लड़ने वाले भाई-बहन जब बड़े होते हैं तो यही रिश्ता सबसे मजबूत सहारा बन जाता है। रक्षाबंधन इसी भरोसे और अपनापन को फिर से महसूस करने का दिन है। इसलिए इस बार राखी बांधते समय सिर्फ मुहूर्त ही नहीं, बल्कि उस रिश्ते की मिठास को भी याद रखें, जो जिंदगी के हर पड़ाव पर साथ चलती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Kanpur

Kanpur Plane Crash: अचानक नीचे गिरा Training Plane, दो पायलटों की मौत

उत्तर प्रदेश के कानपुर (Kanpur) से गुरुवार को एक बेहद दुखद खबर सामने आई। गंगा बैराज के पास नत्थूपुरवा गांव के नजदीक एक Twin-Engine Training Aircraft खेत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में सवार इंस्ट्रक्टर पायलट और ट्रेनी पायलट की मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस और रेस्क्यू टीमों ने इलाके को घेरकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। Training Flight के दौरान हुआ हादसा मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विमान ट्रेनिंग उड़ान पर था और इसी दौरान हादसे का शिकार हो गया। यह चार सीटों वाला ट्विन-इंजन विमान था। शुरुआती जानकारी में बताया गया कि विमान नीचे गिरने से पहले आसपास के लोगों ने तेज आवाज सुनी थी। हालांकि, उस आवाज की वजह क्या थी, इसे लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि विमान गंगा बैराज के करीब नत्थूपुरवा गांव के पास खुले खेत में गिरा। हादसा आबादी वाले इलाके से कुछ दूरी पर हुआ, जिसके बाद स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। हादसे के बाद मची अफरा-तफरी विमान के खेत में गिरने की सूचना मिलते ही पुलिस और इमरजेंसी टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। दुर्घटनाग्रस्त विमान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था और उसका मलबा खेत में बिखरा मिला। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित किया और दोनों पायलटों को मलबे से बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। शुरुआती रिपोर्टों में एक पायलट की मौत और दूसरे के गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी सामने आई थी। बाद में पुलिस अधिकारियों के हवाले से दोनों पायलटों की मौत की पुष्टि हुई। Crash की असली वजह अभी सामने नहीं आई कानपुर Plane Crash की वजह फिलहाल साफ नहीं है। शुरुआती स्तर पर विमान के अचानक नियंत्रण खोने और नीचे गिरने की बात सामने आई है, लेकिन तकनीकी खराबी, इंजन से जुड़ी समस्या या किसी अन्य कारण की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। अधिकारियों की ओर से दुर्घटना की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। विमान के मलबे, उड़ान से जुड़ी जानकारी और घटनास्थल से मिले सबूतों की जांच के बाद ही Crash की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी। Aviation Safety पर फिर उठे सवाल कानपुर में हुआ यह हादसा Flight Training के दौरान सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल खड़े करता है। हालांकि, अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हादसा किस वजह से हुआ और क्या इसके पीछे कोई तकनीकी या संचालन संबंधी कारण था। फिलहाल प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर मौजूद हैं और मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। कानपुर विमान हादसे से जुड़ी नई जानकारी जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद ही सामने आएगी। Kanpur Plane Crash Latest Update: गंगा बैराज के पास Training Aircraft के क्रैश होने से दो पायलटों की मौत ने इलाके में शोक का माहौल पैदा कर दिया है। हादसे की पूरी तस्वीर जांच के बाद ही साफ होगी।
Share Market

Share Market Today: Sensex 77,250 के करीब, Nifty भी टूटा; जानें बाजार में क्यों आई गिरावट

भारतीय शेयर बाजार (Indian Share Market) में गुरुवार, 27 अगस्त को कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में Sensex और Nifty बढ़त के साथ खुले, लेकिन कुछ ही देर बाद बाजार की चाल बदल गई। बिकवाली बढ़ने से दोनों प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में पहुंच गए। सुबह 10:30 बजे Sensex 123.89 अंक की गिरावट के साथ 77,349.05 पर था, जबकि Nifty 24.60 अंक टूटकर 24,183.15 पर कारोबार कर रहा था। Sensex-Nifty पर बढ़ा दबाव गुरुवार की शुरुआत बाजार के लिए सकारात्मक रही। Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से निवेशकों को कुछ राहत मिली, लेकिन यह बढ़त ज्यादा देर टिक नहीं पाई। Nifty 24,200 के स्तर के नीचे चला गया, वहीं Sensex भी शुरुआती बढ़त गंवाकर कमजोर हो गया। इससे पहले सुबह 10:13 बजे Reuters के आंकड़ों में Sensex 77,379.50 और Nifty 24,191.85 पर था। यानी उस समय दोनों इंडेक्स में हल्की गिरावट दर्ज की जा रही थी। FMCG और Media Shares में बिकवाली सेक्टोरल कारोबार की बात करें तो FMCG शेयरों पर दबाव नजर आया। शुरुआती कारोबार में Nifty FMCG इंडेक्स भी लाल निशान में था। इसके साथ ही Media शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। सुबह 10:30 बजे Nifty Media करीब 0.60 फीसदी नीचे 1,601.30 पर कारोबार कर रहा था। Media इंडेक्स इससे पहले लगातार दो कारोबारी सत्रों में बढ़त दर्ज कर चुका था। ऐसे में आज की गिरावट को कुछ हद तक मुनाफावसूली से भी जोड़कर देखा जा रहा है। HDFC Bank बना बाजार पर दबाव का बड़ा कारण आज बाजार में HDFC Bank का प्रदर्शन भी निवेशकों के रडार पर रहा। शेयर में करीब 1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। Reuters के मुताबिक, अमेरिका में बैंक और उसके दो वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ दायर एक securities lawsuit की खबर के बाद शेयर पर दबाव बढ़ा। Upstox के अनुसार, HDFC Bank में बिकवाली के चलते Sensex दिन के ऊपरी स्तर से करीब 300 अंक नीचे आया, जबकि Nifty 24,200 के महत्वपूर्ण स्तर के नीचे फिसल गया। Global Market से मिले-जुले संकेत भारतीय बाजार को एक तरफ Nvidia के मजबूत नतीजों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से सहारा मिला। Brent crude करीब 87.4 डॉलर प्रति बैरल तक आ गया था। ईरान और ओमान के बीच Strait of Hormuz को लेकर बातचीत आगे बढ़ने की खबरों से तेल आपूर्ति को लेकर चिंता कुछ कम हुई है। दूसरी ओर, अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों को लेकर बनी चिंता ने निवेशकों को थोड़ा सतर्क रखा। यही वजह रही कि एशियाई बाजारों में मजबूती के बावजूद भारतीय बाजार में तेजी टिक नहीं सकी। निवेशकों की नजर अब बाजार की अगली चाल पर फिलहाल घरेलू बाजार में तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। एक तरफ कच्चे तेल में नरमी और मजबूत ग्लोबल टेक्नोलॉजी संकेत सकारात्मक हैं, तो दूसरी तरफ HDFC Bank जैसे बड़े शेयरों में कमजोरी और सेक्टोरल बिकवाली बाजार पर दबाव बना रही है। ऐसे माहौल में Sensex और Nifty की आगे की दिशा, 24,200 के आसपास Nifty की चाल और प्रमुख सेक्टर्स में खरीदारी-बिकवाली पर निवेशकों की नजर रहेगी। बाजार में उतार-चढ़ाव को देखते हुए किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय लेना बेहतर है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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