आपका चैनल --
ताज़ा खबर
BREAKINGदेश-हरपलBittu Tabahi ने बदली सोच, अकेले शुरू किया नदी सफाई अभियान; नगरपालिका भी हुई प्रभावितBREAKINGवर्ल्ड न्यूज़World Map में बड़ा बदलाव! UN ने Africa के असली Size को दिखाने का रास्ता साफ कियाBREAKINGदेश-हरपलSwatantra Bhardwaj Detained: CJP Protest के बाद स्वतंत्र भारद्वाज हिरासत मेंBREAKINGदेश-हरपलUP Bulldozer Action: Saharanpur कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर चला बुलडोजर, मायावती-इकरा हसन ने उठाए सवालBREAKINGदेश-हरपलNepal Flood: दार्चुला में Landslide का खतरा बढ़ा, Trishuli से भारतीय परिवार का Rescue; हजारों MissingBREAKINGदेश-हरपलTeachers Day 2026: PM Modi ने Award-Winning Teachers से की बात, Public Speaking पर भी हुई चर्चाBREAKINGप्रदेशUjjain में बनेगी Malakhamb Academy, 111 करोड़ के Project से खिलाड़ियों को मिलेंगी World-Class सुविधाएंBREAKINGदेश-हरपलIndia-Belgium Partnership: जोरावर Tank बना नई दोस्ती की पहचान, कई अहम MoU पर सहमतिBREAKINGदेश-हरपलBittu Tabahi ने बदली सोच, अकेले शुरू किया नदी सफाई अभियान; नगरपालिका भी हुई प्रभावितBREAKINGवर्ल्ड न्यूज़World Map में बड़ा बदलाव! UN ने Africa के असली Size को दिखाने का रास्ता साफ कियाBREAKINGदेश-हरपलSwatantra Bhardwaj Detained: CJP Protest के बाद स्वतंत्र भारद्वाज हिरासत मेंBREAKINGदेश-हरपलUP Bulldozer Action: Saharanpur कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर चला बुलडोजर, मायावती-इकरा हसन ने उठाए सवालBREAKINGदेश-हरपलNepal Flood: दार्चुला में Landslide का खतरा बढ़ा, Trishuli से भारतीय परिवार का Rescue; हजारों MissingBREAKINGदेश-हरपलTeachers Day 2026: PM Modi ने Award-Winning Teachers से की बात, Public Speaking पर भी हुई चर्चाBREAKINGप्रदेशUjjain में बनेगी Malakhamb Academy, 111 करोड़ के Project से खिलाड़ियों को मिलेंगी World-Class सुविधाएंBREAKINGदेश-हरपलIndia-Belgium Partnership: जोरावर Tank बना नई दोस्ती की पहचान, कई अहम MoU पर सहमति

NE

News Elementor

Banner

Latest Posts

Ujjain

Ujjain में बनेगी Malakhamb Academy, 111 करोड़ के Project से खिलाड़ियों को मिलेंगी World-Class सुविधाएं

मध्यप्रदेश के मलखंब खिलाड़ियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। प्रदेश सरकार Ujjain में एक ऐसी Malakhamb और Gymnastics Academy विकसित करने की तैयारी में है, जहां खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण के साथ आधुनिक सुविधाएं भी मिलेंगी। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग के प्रयासों से तैयार किए गए प्रस्ताव के मुताबिक, करीब 20 एकड़ जमीन पर इस अकादमी को विकसित किया जाएगा। अकादमी में खिलाड़ियों के लिए खेल अधोसंरचना, हॉस्टल, आधुनिक उपकरण, फिटनेस सेंटर, फिजियोथेरेपी और खेल विज्ञान से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। इसका मकसद प्रदेश की युवा मलखंब प्रतिभाओं को कम उम्र से ही बेहतर ट्रेनिंग देकर उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार करना है। 111 करोड़ रुपये से ज्यादा का प्रस्ताव प्रस्तावित मलखंब एवं जिम्नास्टिक अकादमी के निर्माण पर करीब 86 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। वहीं वर्ष 2026-27 से 2028-29 तक अकादमी के संचालन के लिए लगभग 25.33 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है। इस तरह निर्माण और संचालन को मिलाकर परियोजना की कुल प्रस्तावित लागत करीब 111.33 करोड़ रुपये बताई गई है। खिलाड़ियों को सिर्फ Training नहीं, पूरी सुविधा मिलेगी इस अकादमी की खास बात यह होगी कि खिलाड़ियों को केवल मलखंब की ट्रेनिंग तक सीमित सुविधाएं नहीं मिलेंगी। यहां हॉस्टल, आधुनिक खेल उपकरण, फिटनेस, फिजियोथेरेपी और Sports Science आधारित प्रशिक्षण की व्यवस्था भी प्रस्तावित है। सरकार का जोर ऐसे Training Environment पर है, जहां खिलाड़ियों की तकनीक के साथ उनकी फिटनेस और खेल प्रदर्शन पर भी लगातार काम किया जा सके। 70 खिलाड़ियों को मिलेगा मौका प्रस्ताव के अनुसार अकादमी में कुल 70 खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इनमें: शामिल होंगे। यानी कुल 50 खिलाड़ी बोर्डिंग और 20 खिलाड़ी डे-बोर्डिंग व्यवस्था में रहेंगे। खिलाड़ियों का चयन Talent Search के माध्यम से किए जाने का प्रस्ताव है। Academy शुरू होने से पहले उज्जैन में शुरू होगी Training स्थायी अकादमी की इमारत तैयार होने में समय लगने के दौरान भी खिलाड़ियों की ट्रेनिंग को रोका नहीं जाएगा। वर्ष 2026-27 और 2027-28 में अकादमी को राजमाता खेल परिसर, तानाखेड़ा, उज्जैन में डे-बोर्डिंग मॉडल पर संचालित करने का प्रस्ताव है। इस शुरुआती चरण में कुल 40 खिलाड़ियों को प्रवेश देने की योजना है। इनमें 30 बालक और 10 बालिकाएं शामिल होंगी। उज्जैन से बाहर के चयनित खिलाड़ियों के लिए विभाग की ओर से आवास की व्यवस्था करने का भी प्रस्ताव है। Expert Coaches के साथ Sports Science पर रहेगा फोकस नई अकादमी में खिलाड़ियों को आधुनिक और उच्च तकनीकी प्रशिक्षण देने की तैयारी है। इसके लिए उच्च तकनीकी सलाहकार और विशेषज्ञ प्रशिक्षकों की सेवाएं अनुबंध के आधार पर लेने का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है। डे-बोर्डिंग व्यवस्था में खिलाड़ियों को प्रशिक्षकों के साथ फिजियोथेरेपिस्ट और मसाजर की सुविधा भी उपलब्ध कराने की योजना है। इसमें एक महिला फिजियोथेरेपिस्ट और दो मसाजर—एक महिला तथा एक पुरुष—का प्रावधान प्रस्तावित है। मंत्री विश्वास सारंग बोले- प्रतिभाओं को मिलेगा बड़ा मंच खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग के मुताबिक मध्यप्रदेश में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है। जरूरत सिर्फ इतनी है कि इन खिलाड़ियों को सही समय पर आधुनिक सुविधाएं, विशेषज्ञ मार्गदर्शन और बेहतर अवसर मिलें। उन्होंने कहा कि मलखंब मध्यप्रदेश की गौरवशाली खेल परंपरा का हिस्सा है और प्रदेश के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा साबित की है। प्रस्तावित अकादमी के जरिए खिलाड़ियों को शुरुआती उम्र से वैज्ञानिक और तकनीकी प्रशिक्षण देने पर जोर रहेगा। मंत्री के अनुसार लक्ष्य यह है कि मध्यप्रदेश के खिलाड़ी राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी प्रदेश और देश का नाम रोशन करें। Khelo India में MP के Malakhamb खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन मलखंब अकादमी की जरूरत इसलिए भी महसूस की गई क्योंकि मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों ने हाल के वर्षों में राष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन किया है। Khelo India Youth Games 2025, बिहार में मध्यप्रदेश के मलखंब खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 10 पदक जीते। इनमें 7 Gold, 2 Silver और 1 Bronze Medal शामिल रहे। इस प्रदर्शन ने एक बार फिर दिखाया कि प्रदेश में मलखंब की प्रतिभाओं की मजबूत नींव मौजूद है। अब नई अकादमी के जरिए इन खिलाड़ियों को लगातार और बेहतर प्रशिक्षण देने की दिशा में काम किया जा रहा है। उज्जैन बन सकता है Malakhamb Talent Hub अकादमी के संचालन और निगरानी की जिम्मेदारी जिला खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी, उज्जैन को देने का प्रस्ताव है। शुरुआत में विभाग में उपलब्ध स्टाफ के जरिए अकादमी की दैनिक गतिविधियां संचालित की जाएंगी। उज्जैन जिले के लिए कुल 12 पद स्वीकृत किए गए हैं। इनमें संभागीय खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी, जिला खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी, लेखापाल, सहायक ग्रेड-2, सहायक ग्रेड-3 और भृत्य के पद शामिल हैं। खिलाड़ियों के लिए नई उम्मीद उज्जैन में प्रस्तावित Malakhamb Academy सिर्फ एक नई खेल सुविधा नहीं, बल्कि प्रदेश की युवा प्रतिभाओं के लिए आगे बढ़ने का बड़ा रास्ता बन सकती है। अभी जहां खिलाड़ी अलग-अलग स्थानों पर प्रशिक्षण लेते हैं, वहीं भविष्य में उन्हें एक ही जगह पर ट्रेनिंग, फिटनेस, आवास और Sports Science जैसी सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। अगर प्रस्तावित योजना अपने स्वरूप में आगे बढ़ती है, तो उज्जैन आने वाले समय में मध्यप्रदेश की मलखंब प्रतिभाओं की नई नर्सरी और प्रमुख Training Hub के रूप में अपनी पहचान बना सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more

जन्माष्टमी और गोगा नवमी पर इंदौर में ट्रैफिक व्यवस्था बदली, राजबाड़ा जाने से पहले जान लें ये रूट

इंदौर। जन्माष्टमी और गोगा नवमी के दौरान राजबाड़ा और आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए इंदौर यातायात पुलिस ने 4 और 5 सितंबर को विशेष ट्रैफिक व्यवस्था लागू की है। इस दौरान कई प्रमुख मार्गों पर वाहनों की आवाजाही और पार्किंग पर रोक रहेगी, जबकि कुछ रास्तों पर ट्रैफिक डायवर्ट किया जाएगा। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे भीड़भाड़ वाले इलाकों में वाहन लेकर जाने से बचें और निर्धारित पार्किंग स्थलों का ही इस्तेमाल करें। 4 सितंबर को मंदिरों में उमड़ेगी भीड़ जन्माष्टमी के मौके पर 4 सितंबर को राजबाड़ा क्षेत्र के बांके बिहारी मंदिर, गोपाल मंदिर और यशोदा माता मंदिर सहित अन्य धार्मिक स्थलों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसके अलावा नरसिंह बाजार स्थित द्वारकाधीश मंदिर, गोराकुंड चौराहे के जानकीनाथ मंदिर और छीपाबाकल क्षेत्र में मटकी फोड़ प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा। इन कार्यक्रमों में प्रतियोगियों और दर्शकों की भीड़ को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने विशेष इंतजाम किए हैं। 5 सितंबर को गोगा नवमी के चलते भी राजबाड़ा और आसपास के क्षेत्रों में यातायात का दबाव बढ़ सकता है। राजबाड़ा क्षेत्र में इन रास्तों पर रहेगा प्रतिबंध सिटी बसों के रूट में भी बदलाव मृगनयनी और फ्रूट मार्केट की ओर से राजबाड़ा आने वाली सिटी बसें शाम 5 बजे के बाद राजबाड़ा नहीं जा सकेंगी। इनका संचालन संजय सेतु की ओर से किया जाएगा। वहीं कलेक्ट्रेट और हरसिद्धि की ओर से आने वाली सिटी बसें हरसिद्धि मंदिर चौराहे से आगे राजबाड़ा की ओर नहीं जा सकेंगी। बड़ा गणपति से एमजी रोड होते हुए राजबाड़ा जाने वाले वाहन चालकों को सुभाष मार्ग का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। एयरपोर्ट जाने वालों के लिए ये रास्ते रहेंगे बेहतर त्योहार के दौरान राजबाड़ा क्षेत्र में ट्रैफिक दबाव को देखते हुए एयरपोर्ट जाने वाले यात्री वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल कर सकते हैं। कलेक्ट्रेट- महूनाका-गंगवाल-एयरपोर्ट मार्ग के अलावा विजयनगर-सुपर कॉरिडोर-बिजासन मार्ग से भी एयरपोर्ट पहुंचा जा सकता है। इन रास्तों से भी कर सकते हैं आवाजाही नगर निगम की ओर से आने वाले वाहन चालक शिवालय-भागीरथपुरा टी-पोलो ग्राउंड होते हुए परिवर्तित मार्ग का उपयोग कर सकते हैं। नंदलालपुरा, गुरुद्वारा चौराहा और अन्य भीड़भाड़ वाले इलाकों में जाने से बचने की सलाह दी गई है। जरूरत के अनुसार ट्रैफिक को संजय सेतु-चंद्रभागा-हरसिद्धि-जेएनबी-महू नाका मार्ग से संचालित किया जा सकता है। व्यावसायिक वाहनों पर भी रहेगी रोक बाजारों में भीड़ और ट्रैफिक दबाव को देखते हुए दोपहर बाद से व्यावसायिक वाहन, सिटी बस और ऑटो रिक्शा राजबाड़ा से सुभाष चौक, सराफा और बर्तन बाजार की ओर नहीं जा सकेंगे। निर्धारित पार्किंग स्थल श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख पार्किंग स्थल इस प्रकार हैं: आपातकालीन सेवाओं से जुड़े वाहनों पर यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा। जरूरत के अनुसार बदले जा सकते हैं रूट यातायात पुलिस के मुताबिक भीड़ और ट्रैफिक की स्थिति को देखते हुए समय-समय पर व्यवस्था में बदलाव किया जा सकता है। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त डायवर्शन भी लागू किया जाएगा। यातायात पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे धार्मिक आयोजनों के दौरान अनावश्यक रूप से वाहन लेकर भीड़ वाले क्षेत्रों में न जाएं, निर्धारित पार्किंग का इस्तेमाल करें और ट्रैफिक व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करें।
Read more

गुना की मुस्कान रघुवंशी का महिला हॉकी अकादमी ग्वालियर में चयन, गोलकीपर के रूप में बनाई खास पहचान

गुना। जिले की युवा हॉकी खिलाड़ी मुस्कान रघुवंशी ने अपनी मेहनत और शानदार खेल प्रदर्शन से एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। मुस्कान का चयन महिला हॉकी अकादमी, ग्वालियर के लिए हुआ है। उनके चयन की खबर मिलते ही गुना के खेल जगत और हॉकी प्रेमियों में खुशी का माहौल है। गोलकीपर के रूप में लगातार बेहतर हुआ प्रदर्शन मुस्कान ने गोलकीपर के रूप में अपनी प्रतिभा को लगातार निखारा है। वह कई हॉकी प्रतियोगिताओं में मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व भी कर चुकी हैं। मैदान पर उनके शानदार प्रदर्शन और लगातार मेहनत ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया है। जिला हॉकी संघ के सचिव ब्रजेश दुबे ने बताया कि मुस्कान ने पिछले कुछ समय में अपने खेल में काफी सुधार किया है। विभिन्न प्रतियोगिताओं में उन्होंने दमदार प्रदर्शन कर अपनी प्रतिभा साबित की। मध्य प्रदेश की टीम का प्रतिनिधित्व करने के बाद महिला हॉकी अकादमी, ग्वालियर में चयन उनके खेल करियर की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। मुस्कान की सफलता से दूसरी खिलाड़ियों को मिलेगी प्रेरणा मुस्कान की इस उपलब्धि को उनके परिवार के साथ-साथ पूरे गुना जिले के लिए गौरव का विषय माना जा रहा है। ब्रजेश दुबे ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि जिले की हॉकी परंपरा नई प्रतिभाओं के जरिए लगातार आगे बढ़ रही है। मुस्कान की सफलता से गुना की दूसरी बालिका खिलाड़ियों को भी आगे बढ़ने और बड़े स्तर पर हॉकी खेलने की प्रेरणा मिलेगी। उनकी मेहनत यह संदेश देती है कि सही दिशा में लगातार प्रयास किया जाए तो छोटे शहरों और जिलों से निकलकर भी खिलाड़ी बड़े मंच तक पहुंच सकते हैं।
Read more
Bhopal

Sealing Action पर Bhopal में बवाल: व्यापारियों और पुलिस में भिड़ंत, शंख-डमरू बजाकर प्रदर्शन

Bhopal में Sealing Action को लेकर व्यापारियों का गुस्सा सड़क पर दिखाई दिया। कार्रवाई के विरोध में जुटे कारोबारियों और पुलिस के बीच मंगलवार को धक्का-मुक्की हो गई। कुछ व्यापारियों ने बैरिकेड्स हटाकर आगे बढ़ने की कोशिश की, जिसके दौरान कुछ कारोबारी गिर गए। प्रदर्शन के दौरान व्यापारियों ने थाली, शंख और डमरू बजाकर सरकार के प्रति अपना विरोध दर्ज कराया। Sealing के खिलाफ व्यापारियों का प्रदर्शन भोपाल में सीलिंग कार्रवाई के विरोध में व्यापारी बड़ी संख्या में एकजुट हुए। कारोबारियों का कहना है कि कार्रवाई से उनके कारोबार पर सीधा असर पड़ रहा है। इसी मुद्दे को लेकर वे प्रशासन और सरकार के सामने अपनी बात रखने के लिए प्रदर्शन कर रहे थे। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने बैरिकेड्स लगाकर व्यापारियों को आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की। इसी बीच कुछ कारोबारी बैरिकेड्स हटाकर आगे बढ़ गए। पुलिस और व्यापारियों के बीच इसी दौरान धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। बैरिकेड्स के पास हुई धक्का-मुक्की प्रदर्शन के दौरान माहौल उस समय तनावपूर्ण हो गया, जब व्यापारियों ने पुलिस के बैरिकेड्स को हटाने की कोशिश की। आगे बढ़ने की कोशिश में कुछ कारोबारी गिर गए। पुलिसकर्मियों ने स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की और प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया। हालांकि, कुछ देर बाद स्थिति को संभाल लिया गया। इस घटनाक्रम के बाद मौके पर मौजूद व्यापारियों में प्रशासन की कार्रवाई को लेकर नाराजगी और बढ़ती दिखाई दी। थाली, शंख और डमरू बजाकर सरकार से लगाई गुहार व्यापारियों के विरोध का एक अलग अंदाज भी देखने को मिला। प्रदर्शनकारियों ने थाली, शंख और डमरू बजाकर सरकार की ‘सद्बुद्धि’ के लिए विरोध जताया। व्यापारियों का कहना था कि उनकी समस्याओं को सुना जाए और सीलिंग कार्रवाई को लेकर सरकार उनकी मांगों पर विचार करे। प्रदर्शनकारियों ने अपने विरोध के जरिए सरकार और प्रशासन तक संदेश पहुंचाने की कोशिश की। उनका कहना है कि वे टकराव नहीं, बल्कि बातचीत के जरिए समस्या का समाधान चाहते हैं। व्यापारियों की मांग पर अब नजर भोपाल में Sealing Action को लेकर हुए इस प्रदर्शन ने प्रशासन और कारोबारियों के बीच चल रहे विवाद को एक बार फिर सामने ला दिया है। अब देखने वाली बात होगी कि सरकार और प्रशासन व्यापारियों की मांगों पर क्या रुख अपनाते हैं। फिलहाल प्रदर्शन के दौरान पुलिस और व्यापारियों के बीच हुई धक्का-मुक्की के बाद मामला चर्चा में है। व्यापारियों का विरोध यह संकेत दे रहा है कि सीलिंग कार्रवाई का मुद्दा अभी शांत होने वाला नहीं है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more
Bhopal

Bhopal Municipal Action: दुकानों पर Sealing से नाराज व्यापारी, बोले- बड़े Malls पर कार्रवाई क्यों नहीं?

Bhopal में नगर निगम की Sealing Action के बाद व्यापारियों में नाराजगी बढ़ गई है। सोमवार को रिहायशी इलाकों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ निगम ने बड़े स्तर पर कार्रवाई की। करीब चार घंटे तक चले अभियान में शहर के अलग-अलग इलाकों में 15 से ज्यादा दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को बंद या सील किया गया। कार्रवाई के दौरान सबसे ज्यादा हलचल अरेरा कॉलोनी में देखने को मिली। निगम की टीम जब E-3 इलाके में पहुंची तो दुकानदारों ने विरोध शुरू कर दिया। व्यापारियों का कहना था कि नियमों के नाम पर छोटे कारोबारियों को निशाना बनाया जा रहा है, जबकि बड़े शॉपिंग मॉल और दूसरे बड़े प्रतिष्ठानों पर ऐसी कार्रवाई क्यों नहीं हो रही। अरेरा कॉलोनी में आमने-सामने आए व्यापारी और निगम की टीम अरेरा कॉलोनी के E-3 इलाके में निगम की टीम ने कई दुकानों पर कार्रवाई की। इस दौरान करीब 8 दुकानों को सील किए जाने की जानकारी सामने आई है। निगम की कार्रवाई शुरू होते ही दुकानदार मौके पर जमा हो गए। व्यापारियों ने अधिकारियों से कार्रवाई को लेकर सवाल किए और अपनी परेशानी बताई। उनका कहना था कि कई परिवार इन छोटे कारोबारों पर निर्भर हैं और दुकान अचानक बंद होने से रोजमर्रा की कमाई पर सीधा असर पड़ेगा। व्यापारियों ने यह भी आरोप लगाया कि निगम की कार्रवाई में समानता नहीं दिखाई दे रही है। दुकानदारों का सवाल- बड़े Malls पर कार्रवाई कब? अरेरा कॉलोनी में विरोध की सबसे बड़ी वजह बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को लेकर उठे सवाल रहे। दुकानदारों का कहना है कि यदि रिहायशी क्षेत्र में Commercial Activity नियमों के खिलाफ है, तो फिर छोटी दुकान हो या बड़ा Shopping Mall, नियम सभी के लिए एक जैसे होने चाहिए। व्यापारियों ने नगर निगम से यह स्पष्ट करने की मांग की कि कार्रवाई का आधार क्या है और किन प्रतिष्ठानों को नियमों के उल्लंघन की श्रेणी में रखा गया है। हालांकि, निगम का कहना है कि कार्रवाई नियमों के तहत की जा रही है और नोटिस दिए जाने के बाद आगे की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। Kolar से लेकर Rachna Nagar तक Action नगर निगम का अभियान सिर्फ अरेरा कॉलोनी तक सीमित नहीं रहा। कोलार के सर्वधर्म क्षेत्र में भी निगम की टीमों ने कई प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। यहां होटल, पब, मॉल और जिम समेत कई व्यावसायिक गतिविधियां कार्रवाई के दायरे में आईं। इसके अलावा रचना नगर और खानूगांव सहित दूसरे क्षेत्रों में भी निगम की टीमें पहुंचीं। कुछ स्थानों पर टीम के पहुंचने से पहले ही दुकानदारों ने अपने प्रतिष्ठान बंद कर दिए। 8 हजार से ज्यादा नोटिस जारी भोपाल में रिहायशी इलाकों में Commercial Use को लेकर नगर निगम पहले से ही कार्रवाई की तैयारी कर रहा था। उपलब्ध जानकारी के अनुसार 26 अगस्त तक करीब 8,264 नोटिस जारी किए जा चुके थे। अब नोटिस के बाद Sealing Action शुरू होने से कारोबारियों में चिंता बढ़ गई है। खासकर छोटे दुकानदारों को डर है कि दुकान बंद होने से उनकी आय पर सीधा असर पड़ेगा। Supreme Court के निर्देशों के बाद तेज हुई कार्रवाई रिहायशी इलाकों में व्यावसायिक गतिविधियों का मामला लंबे समय से चर्चा में है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद नगर निगम की कार्रवाई में तेजी आई है। निगम का फोकस ऐसे प्रतिष्ठानों पर है, जहां निर्धारित नियमों के अनुरूप व्यावसायिक गतिविधियां संचालित नहीं हो रही हैं। दूसरी तरफ व्यापारियों की मांग है कि कार्रवाई के साथ उनकी रोजी-रोटी का भी ध्यान रखा जाए। उनका कहना है कि अगर कोई नियम लागू है तो उसकी जानकारी स्पष्ट तरीके से दी जाए और सभी प्रतिष्ठानों पर बिना भेदभाव के कार्रवाई हो। अब आगे क्या होगा? भोपाल में Sealing Drive अभी खत्म होती नजर नहीं आ रही है। नगर निगम की टीमें आने वाले दिनों में दूसरे इलाकों में भी ऐसे प्रतिष्ठानों की जांच कर सकती हैं। अरेरा कॉलोनी में हुए विरोध ने इस पूरे मामले को और चर्चा में ला दिया है। अब देखना होगा कि निगम की कार्रवाई आगे कितनी तेज होती है और व्यापारियों की शिकायतों पर प्रशासन की ओर से क्या जवाब सामने आता है। फिलहाल एक बात साफ है—भोपाल में residential areas में commercial activities को लेकर नगर निगम की सख्ती बढ़ गई है और आने वाले दिनों में इसका असर शहर के कई कारोबारियों पर देखने को मिल सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more

Instagram की दोस्ती पड़ी भारी: खंडवा बुलाकर महिला से दुष्कर्म का आरोप, 7 साल के बेटे से भी मारपीट; अमृतसर से आरोपी गिरफ्तार

खंडवा में Instagram के जरिए हुई दोस्ती के बाद एक शादीशुदा महिला को मिलने के लिए बुलाने और उसके साथ दुष्कर्म करने के आरोप में पुलिस ने फरार युवक को पंजाब के अमृतसर से गिरफ्तार किया है। आरोप है कि महिला के विरोध करने पर आरोपी ने उसके 7 वर्षीय बेटे के साथ भी मारपीट की। आरोपी की पहचान अंकित पिता एरिक मसीह, निवासी पटियाला, पंजाब के रूप में हुई है। घटना 14 जुलाई की बताई गई है। शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू की थी। साइबर सेल की मदद से आरोपी की लोकेशन ट्रेस होने के बाद पुलिस टीम ने अमृतसर में घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। कोर्ट में पेश किए जाने के बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया। Instagram पर हुई थी महिला से दोस्ती पुलिस के मुताबिक, आरोपी अंकित और महिला की पहचान Instagram के जरिए हुई थी। दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और धीरे-धीरे दोस्ती हो गई। आरोप है कि इसके बाद अंकित ने महिला को मिलने के लिए खंडवा बुलाया। महिला अपने करीब 7 वर्षीय बेटे के साथ खंडवा पहुंची। दोनों सिनेमा चौक स्थित ऐश्वर्य होटल पहुंचे, जहां आरोपी पहले से मौजूद था। होटल में दुष्कर्म का आरोप, विरोध करने पर मारपीट पुलिस के अनुसार, होटल में आरोपी ने महिला के साथ दुष्कर्म किया। महिला और उसके बेटे ने इसका विरोध किया तो आरोपी ने दोनों के साथ मारपीट की। आरोप है कि आरोपी ने महिला के 7 वर्षीय बेटे के साथ भी मारपीट की। घटना के बाद आरोपी होटल से निकलकर फरार हो गया। महिला अपने बेटे के साथ कोतवाली थाने पहुंची और पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू की। साइबर सेल की मदद से मिली आरोपी की लोकेशन घटना के बाद आरोपी फरार हो गया था। पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की और सोशल मीडिया से जुड़े सुराग जुटाए। मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर सेल की मदद ली गई। जांच के दौरान आरोपी की लोकेशन पंजाब में मिली। इसके बाद पुलिस टीम पंजाब के लिए रवाना हुई और उसकी तलाश शुरू की। अमृतसर में घेराबंदी कर गिरफ्तार किया कोतवाली थाना प्रभारी प्रवीण आर्य के मुताबिक, सब इंस्पेक्टर मनोज दवे और पुलिस टीम ने साइबर सेल की मदद से आरोपी की लोकेशन ट्रेस की। आरोपी के अमृतसर में होने की जानकारी मिलने के बाद टीम ने वहां पहुंचकर घेराबंदी की और अंकित पिता एरिक मसीह को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी का मेडिकल परीक्षण कराया गया। सोमवार को उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से सावधान रहने की अपील पुलिस ने लोगों से सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती और मुलाकात को लेकर सावधानी बरतने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि Instagram, Facebook या अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर किसी व्यक्ति से बातचीत होने के बाद उसकी पहचान और पृष्ठभूमि की जानकारी किए बिना उस पर भरोसा करना जोखिम भरा हो सकता है। किसी अनजान व्यक्ति के बुलाने पर दूसरे शहर जाने से पहले उसकी पहचान और अन्य जरूरी जानकारी की पुष्टि करना जरूरी है। साथ ही सोशल मीडिया पर निजी जानकारी साझा करने से भी बचने की सलाह दी गई है।
Read more

गुना में महिला की सूझबूझ से मोबाइल तक पहुंची पुलिस, सोशल मीडिया चैट से संदिग्ध की लोकेशन पता कर स्टेशन पर पकड़ा

गुना में मोबाइल चोरी के एक मामले में महिला की सूझबूझ और सोशल मीडिया का इस्तेमाल चर्चा में है। 29 जुलाई को बाजार में महिला का एंड्राइड मोबाइल गायब हो गया था। बाद में परिवार को जानकारी मिली कि मोबाइल किसी दूसरे व्यक्ति के पास है। इसके बाद पुलिस जांच का इंतजार करने के बजाय परिवार ने अपने स्तर पर मोबाइल और संदिग्ध व्यक्ति का पता लगाने की कोशिश शुरू की। मोबाइल मालिक की बहन ने सोशल मीडिया पर एक संदिग्ध युवक की पहचान कर उसे फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी। युवक ने रिक्वेस्ट स्वीकार कर ली। इसके बाद दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई। बातचीत के दौरान महिला को युवक के आने-जाने की जानकारी मिलती रही। इसी चैटिंग से परिवार को पता चला कि युवक इंदौर से बदरवास तहसील के गिन्दौरा गांव जाने वाला है। इसके बाद परिवार ने उसे गुना रेलवे स्टेशन पर पकड़ने की योजना बनाई। 29 जुलाई को बाजार से गायब हुआ था मोबाइल जानकारी के मुताबिक, 29 जुलाई को महिला बाजार गई थी। इसी दौरान उसका एंड्राइड मोबाइल गायब हो गया। काफी तलाश के बाद भी फोन नहीं मिला। परिवार को आशंका थी कि मोबाइल किसी दूसरे व्यक्ति के हाथ लग गया है। परिजनों ने मोबाइल से जुड़ी जानकारी जुटानी शुरू की। बताया जा रहा है कि फोन में मौजूद कुछ तस्वीरें और नंबर हटा दिए गए थे, लेकिन उसमें लगी सिम नहीं बदली गई थी। इसी वजह से परिवार को संदिग्ध व्यक्ति तक पहुंचने में मदद मिली। बहन ने भेजी फ्रेंड रिक्वेस्ट, फिर शुरू हुई चैटिंग मोबाइल मालिक की बहन ने सोशल मीडिया पर संदिग्ध युवक की पहचान की और उसे फ्रेंड रिक्वेस्ट भेज दी। युवक ने रिक्वेस्ट स्वीकार कर ली। इसके बाद महिला ने उससे सामान्य बातचीत शुरू की। बातचीत के दौरान उसने युवक के आने-जाने की जानकारी जुटाई। इसी दौरान पता चला कि वह इंदौर से बदरवास तहसील के गिन्दौरा गांव जाने वाला है। गुना स्टेशन पर महिला ने युवक को पहचान लिया सोमवार 24 अगस्त को दोपहर करीब 1:30 बजे युवक गुना रेलवे स्टेशन पहुंचा। परिवार को उसके आने की जानकारी पहले ही मिल चुकी थी, इसलिए महिला अपने परिजनों के साथ स्टेशन पर मौजूद थी। युवक के स्टेशन पहुंचते ही महिला ने उसे पहचान लिया। उसके पास वही मोबाइल दिखाई देने पर महिला ने उसे पकड़ लिया। इस दौरान स्टेशन पर लोगों की भीड़ भी जमा हो गई। घटना का वीडियो भी सामने आया है। रक्षाबंधन के चलते युवक को छोड़ने की अपील बताया जा रहा है कि रक्षाबंधन के चलते एक महिला ने मोबाइल के साथ पकड़े गए युवक को छोड़ने की अपील की। हालांकि, मामले में मोबाइल चोरी और युवक की भूमिका को लेकर पुलिस जांच कर रही है। पुलिस जांच में सामने आएगी पूरी सच्चाई फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि बाजार में गायब हुआ मोबाइल युवक तक कैसे पहुंचा और उसने उसे अपने पास क्यों रखा। सोशल मीडिया पर हुई बातचीत और स्टेशन पर पकड़े जाने की पूरी घटना भी जांच का हिस्सा बन सकती है। इस मामले में मोबाइल में सिम का मौजूद रहना, सोशल मीडिया चैटिंग और युवक के गुना आने की जानकारी मिलना अहम कड़ियां मानी जा रही हैं। पुलिस की जांच के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट होगी।
Read more
भोपाल

भोपाल बना आंदोलन का केंद्र: Teacher Recruitment में पद बढ़ाने को लेकर Neelam Park में डटे अभ्यर्थी

मध्य प्रदेश में सरकारी शिक्षक बनने का सपना देख रहे अभ्यर्थियों का इंतजार अब आंदोलन में बदल गया है। शिक्षक भर्ती में पद बढ़ाने की मांग को लेकर बड़ी संख्या में अभ्यर्थी भोपाल के नीलम पार्क में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं। उम्मीदवारों का कहना है कि मौजूदा भर्ती में पदों की संख्या उनकी अपेक्षा के मुकाबले कम है, इसलिए सरकार को रिक्त पदों को ध्यान में रखते हुए भर्ती का दायरा बढ़ाना चाहिए। अभ्यर्थियों ने साफ कर दिया है कि वे अपनी मांग को लेकर लगातार आवाज उठाएंगे। नीलम पार्क में चल रहे इस प्रदर्शन के कारण एक बार फिर भोपाल का यह स्थान युवाओं के आंदोलन का प्रमुख केंद्र बन गया है। पद बढ़ाने की मांग पर अड़े शिक्षक भर्ती अभ्यर्थी प्रदर्शन कर रहे उम्मीदवारों का कहना है कि शिक्षक भर्ती के लिए बड़ी संख्या में युवा तैयारी करते हैं। कई अभ्यर्थी वर्षों से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुटे हुए हैं। ऐसे में सीमित पद होने से बड़ी संख्या में योग्य उम्मीदवारों के लिए सरकारी नौकरी का अवसर कम हो जाता है। अभ्यर्थियों की मांग है कि सरकार उपलब्ध Teacher Vacancies का आकलन करे और उसी के आधार पर भर्ती में पद बढ़ाए। उनका कहना है कि इससे योग्य युवाओं को नौकरी का बेहतर मौका मिलेगा और सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी को दूर करने में भी मदद मिलेगी। Neelam Park में जारी है अनिश्चितकालीन धरना भोपाल का नीलम पार्क पहले भी विभिन्न कर्मचारी और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े आंदोलनों का गवाह रहा है। अब शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों के धरने के बाद यहां फिर प्रदर्शन का माहौल है। धरने में शामिल उम्मीदवार अपनी मांगों को लेकर सरकार से जल्द निर्णय लेने की अपील कर रहे हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि केवल आश्वासन से बात नहीं बनेगी, बल्कि पद बढ़ाने को लेकर ठोस फैसला लिया जाना चाहिए। युवाओं का सवाल- जब पद खाली हैं तो भर्ती क्यों नहीं बढ़ाई जाए? अभ्यर्थियों का सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के पद खाली हैं तो भर्ती में ज्यादा पद शामिल क्यों नहीं किए जा रहे हैं। उम्मीदवारों का तर्क है कि शिक्षकों की कमी का असर सीधे स्कूलों की पढ़ाई पर पड़ता है। उनका कहना है कि एक ओर युवा रोजगार की तलाश में हैं और दूसरी ओर सरकारी संस्थानों में कर्मचारियों की जरूरत बनी हुई है। ऐसे में भर्ती प्रक्रिया में उपलब्ध रिक्तियों को शामिल करने से दोनों समस्याओं का समाधान किया जा सकता है। सरकार के रुख पर टिकी नजर फिलहाल शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों ने अनिश्चितकालीन धरना जारी रखने का फैसला किया है। अब नजर इस बात पर है कि सरकार और संबंधित विभाग की ओर से आंदोलन को लेकर क्या कदम उठाया जाता है। अभ्यर्थियों को उम्मीद है कि उनकी मांग पर जल्द सुनवाई होगी और MP Teacher Recruitment में पद बढ़ाने को लेकर सरकार सकारात्मक निर्णय लेगी। वहीं, अगर बातचीत के जरिए समाधान नहीं निकलता है तो आने वाले दिनों में आंदोलन और बड़ा रूप ले सकता है। भोपाल के नीलम पार्क में जारी यह धरना सिर्फ भर्ती का मुद्दा नहीं, बल्कि उन हजारों युवाओं की उम्मीदों से जुड़ा है जो शिक्षक बनने के लिए लंबे समय से तैयारी कर रहे हैं। अब देखना होगा कि सरकार उनकी मांग पर कब तक फैसला लेती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Read more

इंदौर में 12वीं के छात्र ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, मोबाइल चैट की जांच में जुटी पुलिस

इंदौर के एरोड्रम थाना क्षेत्र में 12वीं कक्षा के एक छात्र ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना छोटा बांगड़दा के सुविधा नगर की है। मृतक की पहचान यशपाल (17), पिता बलीराम के रूप में हुई है। वह मूल रूप से विदिशा जिले का रहने वाला था और इंदौर में अपनी बड़ी बहन और जीजा के साथ रहकर पढ़ाई कर रहा था। पुलिस के मुताबिक, यशपाल एक कॉन्वेंट स्कूल में 12वीं कक्षा का छात्र था। उसके पिता किसान हैं। परिवार में दो बहनें और एक भाई हैं। उसकी बड़ी बहन और जीजा भी इंदौर में उसके साथ रहते थे। जीजा फाइनेंस का काम करते हैं। घटना के वक्त घर में अकेला था छात्र पुलिस के अनुसार, घटना के समय यशपाल घर में अकेला था। बाद में परिजनों ने उसे फंदे पर लटका देखा और तत्काल पुलिस को सूचना दी। जानकारी मिलते ही एरोड्रम पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। मोबाइल और चैट की जांच कर रही पुलिस पुलिस ने घटनास्थल से यशपाल का मोबाइल फोन जब्त किया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि वह मोबाइल पर किसी से चैटिंग करता था। अब पुलिस उसके कॉल डिटेल, चैट और सोशल मीडिया गतिविधियों की जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि छात्र ने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया। फिलहाल आत्महत्या की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
Read more

गुना में किसान सम्मान निधि का झांसा देकर 4.85 लाख का फर्जी KCC लोन, भाई-बहन से जालसाजी

गुना जिले की चांचौड़ा तहसील के ग्राम तेलीगांव से किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के नाम पर कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि गांव के ही एक युवक ने बैंक दलाल के साथ मिलकर बुजुर्ग भाई-बहन को किसान सम्मान निधि के 2-2 हजार रुपए दिलाने का झांसा दिया और उनके नाम पर करीब 4.85 लाख रुपए का KCC लोन स्वीकृत कराकर रकम निकाल ली। पीड़ित गंगाराम अहिरवार और उनकी बहन भमरी बाई, निवासी तेलीगांव, ने शनिवार को पुलिस को शिकायत देकर मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की है। सम्मान निधि का झांसा देकर करवाए दस्तखत शिकायत में पीड़ितों ने बताया कि उनकी जमीनों के दस्तावेजों के आधार पर आरआरबी बैंक की बीनागंज शाखा से दो अलग-अलग KCC लोन स्वीकृत कराए गए। इनमें करीब 1.32 लाख और 3.53 लाख रुपए, यानी कुल 4.85 लाख रुपए की राशि शामिल है। पीड़ितों का आरोप है कि दशरथ सिंह अहिरवार ने उन्हें किसान सम्मान निधि की राशि दिलाने की बात कही और इसी बहाने बैंक से जुड़े कई दस्तावेजों पर हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान करवा लिए। बाद में आरोप है कि इन्हीं दस्तावेजों का इस्तेमाल कर उनके नाम पर KCC लोन कराया गया और लोन की राशि खुद निकाल ली गई। बैंक पहुंचने पर सामने आई लाखों की देनदारी पीड़ित परिवार को मामले की जानकारी तब हुई, जब वे बैंक पहुंचे। वहां उन्हें अपने नाम पर लाखों रुपए के KCC लोन की जानकारी मिली। यह सुनकर उनके होश उड़ गए। परिवार का आरोप है कि उन्हें लोन लेने की जानकारी नहीं थी और न ही उन्होंने किसी तरह की इतनी बड़ी रकम के लिए सहमति दी थी। दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवाने का वीडियो भी सामने आया मामले से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है। इसमें आरोपी द्वारा कथित तौर पर पीड़ित से दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवाते और उसे समझाते हुए दिखाई देने की बात कही जा रही है। पीड़ित परिवार के मुताबिक, उन्होंने इससे पहले कलेक्टर कार्यालय में भी शिकायत की थी। अब उन्होंने पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। फर्जी लोन से मुक्ति और कार्रवाई की मांग पीड़ित भाई-बहन ने पुलिस से आरोपी और मामले में शामिल अन्य लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही उन्होंने अपने नाम पर हुए कथित फर्जी KCC लोन की राशि की जिम्मेदारी से मुक्त कराने की मांग की है। फिलहाल पुलिस शिकायत और सामने आए दस्तावेजों व वीडियो के आधार पर मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि लोन स्वीकृति और राशि निकासी की प्रक्रिया में किन लोगों की भूमिका रही।
Read more
1 2 3 72

Editor's Picks

Bittu Tabahi

Bittu Tabahi ने बदली सोच, अकेले शुरू किया नदी सफाई अभियान; नगरपालिका भी हुई प्रभावित

नदी में गंदगी देखकर ज्यादातर लोग शिकायत करते हैं, लेकिन मध्य प्रदेश के एक युवक ने शिकायत करने के बजाय खुद कुछ करने की ठानी। स्थानीय स्तर पर ‘बिट्टू तबाही’ (Bittu Tabahi) के नाम से पहचाने जाने वाले इस युवक ने अकेले ही नदी की सफाई का जिम्मा उठा लिया। उनका यह जज्बा अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। बिट्टू ने नदी में जमा कचरे और गंदगी को देखकर सफाई अभियान शुरू किया। शुरुआत किसी बड़े इंतजाम या टीम के साथ नहीं हुई। उन्होंने अपने स्तर पर सफाई करना शुरू किया और लगातार इस काम में जुटे रहे। नदी को साफ रखने का लिया संकल्प बिट्टू का मानना है कि नदी सिर्फ पानी का स्रोत नहीं, बल्कि आसपास के लोगों और पर्यावरण के लिए बेहद जरूरी है। इसी सोच के साथ उन्होंने नदी में जमा कचरे को हटाने की पहल की। उनका यह प्रयास धीरे-धीरे स्थानीय लोगों का ध्यान खींचने लगा। लोगों ने देखा कि बिना किसी दबाव या दिखावे के बिट्टू लगातार नदी की सफाई में लगे हुए हैं। नगरपालिका ने भी की पहल की सराहना बिट्टू के लगातार सफाई अभियान की जानकारी नगरपालिका तक पहुंची तो उनके प्रयास की सराहना की गई। एक युवक द्वारा अपने स्तर पर नदी को साफ रखने की कोशिश को अधिकारियों ने सकारात्मक कदम माना। इस पहल ने यह भी दिखाया कि अगर कोई व्यक्ति अपने आसपास के पर्यावरण को लेकर जिम्मेदारी महसूस करे, तो छोटी शुरुआत भी बड़ा संदेश दे सकती है। सोशल मीडिया पर भी चर्चा में आया अभियान बिट्टू का नदी सफाई अभियान अब स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। उनके प्रयास को देखकर दूसरे लोगों में भी स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाने की उम्मीद है। आज नदियों में बढ़ता कचरा और प्रदूषण बड़ी चुनौती है। ऐसे में बिट्टू की पहल लोगों को यह संदेश देती है कि नदी को साफ रखना सिर्फ प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की भी साझा जिम्मेदारी है। ‘बिट्टू तबाही’ ने दी एक अलग मिसाल बिट्टू की कहानी इसलिए खास है क्योंकि उन्होंने बदलाव का इंतजार नहीं किया, बल्कि खुद बदलाव की शुरुआत करने का फैसला लिया। अकेले शुरू किया गया उनका यह सफाई अभियान अब दूसरों के लिए प्रेरणा बनता दिखाई दे रहा है। कई बार किसी बड़े बदलाव की शुरुआत बड़े अभियान से नहीं, बल्कि एक छोटे से कदम से होती है। बिट्टू का यह प्रयास उसी सोच की मिसाल है—अगर इरादा मजबूत हो, तो एक इंसान भी बदलाव की शुरुआत कर सकता है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
UN

World Map में बड़ा बदलाव! UN ने Africa के असली Size को दिखाने का रास्ता साफ किया

दुनिया का नक्शा (World Map) देखते हुए शायद ही किसी ने सोचा होगा कि इसमें दिखाई देने वाले देशों और महाद्वीपों का आकार असलियत से अलग भी हो सकता है। लेकिन अब इसी मुद्दे को लेकर संयुक्त राष्ट्र में एक अहम पहल हुई है। UN महासभा ने ऐसे World Map को बढ़ावा देने वाले प्रस्ताव का समर्थन किया है, जिसमें धरती के अलग-अलग हिस्सों को उनके वास्तविक क्षेत्रफल के ज्यादा करीब दिखाने की कोशिश की गई है। इस बदलाव के बाद नक्शे पर Africa पहले से काफी बड़ा दिखाई देगा, जबकि Europe और North America, खासकर US का आकार पुराने नक्शे की तुलना में छोटा नजर आ सकता है। प्रस्ताव को भारी समर्थन मिला, लेकिन अमेरिका ने इसका विरोध किया। पुराने World Map में आखिर समस्या क्या है? दुनिया के स्कूलों और कई नक्शों में लंबे समय से Mercator Projection का इस्तेमाल किया जाता रहा है। इसे 16वीं सदी में Gerardus Mercator ने तैयार किया था। उस समय इसका सबसे बड़ा फायदा समुद्री यात्राओं और Navigation में था। लेकिन Mercator Projection की एक खासियत ही इसकी सबसे बड़ी कमी भी बन गई। इसमें जैसे-जैसे कोई क्षेत्र Equator से दूर जाता है, उसका आकार नक्शे पर ज्यादा बड़ा दिखाई देने लगता है। यही कारण है कि Greenland जैसे इलाके नक्शे पर अपनी वास्तविकता से बहुत बड़े नजर आते हैं। दूसरी तरफ Africa, जो दुनिया के सबसे बड़े महाद्वीपों में से एक है, अपेक्षाकृत छोटा दिखाई देता है। मसलन, सामान्य Mercator Map में Greenland और Africa का आकार देखकर किसी को लग सकता है कि दोनों लगभग बराबर हैं। असल में Africa का क्षेत्रफल Greenland से करीब 14 गुना ज्यादा है। Equal Earth Projection क्यों चर्चा में है? UN के प्रस्ताव में Equal Earth Projection जैसे नक्शों को बढ़ावा देने की बात कही गई है। इस Projection की खासियत यह है कि इसमें अलग-अलग महाद्वीपों के क्षेत्रफल को ज्यादा सही अनुपात में दिखाया जाता है। यानी नक्शे को देखकर Africa का वास्तविक विशाल आकार ज्यादा साफ समझ में आता है। Europe और North America भी Mercator Map की तुलना में छोटे दिखाई देते हैं। हालांकि यहां एक बात समझना जरूरी है—न तो Africa बड़ा हुआ है और न ही Europe या America छोटा। बदलाव सिर्फ उस तरीके में है, जिससे उन्हें नक्शे पर दिखाया जाता है। America ने UN के प्रस्ताव का विरोध क्यों किया? इस प्रस्ताव पर अमेरिका का रुख बाकी देशों से अलग रहा। मतदान के दौरान अमेरिका ने इसके खिलाफ वोट किया। अमेरिकी पक्ष की ओर से यह सवाल उठाया गया कि संयुक्त राष्ट्र को वैश्विक स्तर की बड़ी समस्याओं पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। वहीं प्रस्ताव के समर्थकों का मानना है कि नक्शा सिर्फ रास्ता या देश की लोकेशन बताने वाला साधन नहीं है। यह लोगों के मन में दुनिया की एक तस्वीर भी बनाता है। अफ्रीकी देशों की तरफ से लंबे समय से यह बात उठती रही है कि पुराने नक्शों में Africa का वास्तविक आकार सही तरीके से सामने नहीं आता। इसी सोच के साथ “Correct the Map” अभियान को आगे बढ़ाया गया। UN के फैसले से क्या सभी Maps बदल जाएंगे? यह मान लेना सही नहीं होगा कि अब अचानक हर जगह नया नक्शा दिखाई देने लगेगा। UN महासभा का यह फैसला कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं है। यानी Google Maps, स्कूल की किताबों, सरकारी दस्तावेजों या दूसरे Digital Platforms को तुरंत अपना नक्शा बदलना जरूरी नहीं है। इसका मकसद देशों, शैक्षणिक संस्थानों, मीडिया और दूसरे संगठनों को ऐसे Map Projections अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है, जो दुनिया के क्षेत्रफल को ज्यादा सही तरीके से दिखाते हों। इसके बावजूद Mercator Projection पूरी तरह खत्म होने की संभावना नहीं है। Navigation और समुद्री यात्राओं जैसी जरूरतों में इसका इस्तेमाल आज भी उपयोगी माना जाता है। India पर क्या असर पड़ेगा? भारत को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस नए World Map से देश का आकार या सीमा बदल जाएगी? इसका जवाब है—नहीं। भारत की जमीन, क्षेत्रफल और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर इस प्रस्ताव का कोई असर नहीं पड़ेगा। सिर्फ नक्शे पर भारत और बाकी देशों को दिखाने का अनुपात बदल सकता है। अगर Equal Earth या इसी तरह की Projection का इस्तेमाल ज्यादा बढ़ता है तो आने वाले समय में School Geography Books, Educational Charts, News Graphics और Digital Maps में दुनिया की तस्वीर कुछ अलग दिखाई दे सकती है। भारत के लिए इसका असर मुख्य रूप से शिक्षा और Geography की समझ के स्तर पर होगा। बच्चों और आम लोगों को यह समझने में मदद मिलेगी कि नक्शे पर दिखाई देने वाला आकार हमेशा किसी देश या महाद्वीप के वास्तविक क्षेत्रफल के बराबर नहीं होता। Africa के लिए इसे बड़ी उपलब्धि क्यों माना जा रहा है? इस पूरे विवाद में Africa सबसे ज्यादा चर्चा के केंद्र में है। समर्थकों का कहना है कि सदियों से इस्तेमाल हो रहे नक्शों ने अनजाने में दुनिया के अलग-अलग हिस्सों की एक असंतुलित तस्वीर बना दी है। Africa दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा महाद्वीप है और इसके बावजूद Mercator Map में इसका आकार उसकी वास्तविक विशालता के मुकाबले कम नजर आता है। यही वजह है कि African countries और African Union की ओर से इस मुद्दे को लगातार उठाया गया। उनके लिए यह केवल Map Projection का मामला नहीं, बल्कि दुनिया के सामने Africa की वास्तविक तस्वीर रखने का भी सवाल है। क्या दुनिया सच में बदल गई? नहीं। दुनिया का भूगोल बिल्कुल नहीं बदला है। न कोई नया देश बना है, न किसी देश की सीमा बदली है और न ही Africa का क्षेत्रफल अचानक बढ़ गया है। बदलाव सिर्फ इतना है कि दुनिया को कागज या स्क्रीन पर किस तरह दिखाया जाए, इस पर अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई दिशा सामने आई है। एक तरह से देखें तो यह कहानी हमें यह भी याद दिलाती है कि नक्शा हमेशा पूरी तरह निष्पक्ष तस्वीर नहीं होता। उसे बनाने का तरीका तय करता है कि हमें दुनिया का कौन-सा हिस्सा कितना बड़ा या छोटा दिखाई देगा। आने वाले वर्षों में अगर Equal Earth जैसी projections को ज्यादा अपनाया जाता है, तो संभव है कि नई पीढ़ी के लिए World Map की तस्वीर वही न हो,...
Swatantra Bhardwaj

Swatantra Bhardwaj Detained: CJP Protest के बाद स्वतंत्र भारद्वाज हिरासत में

दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए CJP Protest के दौरान एक छात्रा के पिता के साथ कथित मारपीट का मामला अब फिर चर्चा में है। मामले में आरोपी बताए जा रहे सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज (Swatantra Bhardwaj) को दिल्ली पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया है। यह कार्रवाई संसद मार्ग थाने के बाहर CJP समर्थकों के प्रदर्शन और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग के कुछ घंटे बाद हुई। Parliament Street Police Station के बाहर प्रदर्शन स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर CJP के प्रतिनिधि और समर्थक शुक्रवार को दिल्ली के संसद मार्ग थाने पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से मामले में जल्द कार्रवाई करने और आरोपी को गिरफ्तार करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कुछ राजनीतिक नेता भी वहां पहुंचे। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच बातचीत हुई। रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस ने मामले में कार्रवाई का भरोसा दिया और इसके बाद भारद्वाज को ट्रेस करने के लिए टीमें सक्रिय की गईं। क्या है पूरा मामला? यह विवाद जंतर-मंतर पर CJP के एक प्रदर्शन से जुड़ा है। प्रदर्शन के दौरान छात्रा निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ कथित तौर पर मारपीट हुई थी। इस मामले में स्वतंत्र भारद्वाज और सूरज कुमार के नाम FIR में शामिल किए गए थे। मामला उस समय और गरमा गया, जब स्वतंत्र भारद्वाज से जुड़े एक Podcast Video की क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुई। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वीडियो में भारद्वाज ने घटना को लेकर आपत्तिजनक दावे किए थे। इसके बाद उनकी गिरफ्तारी की मांग तेज हो गई। Viral Video ने बढ़ाया विवाद वायरल वीडियो सामने आने के बाद CJP ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। संगठन का कहना था कि वीडियो में कथित तौर पर घटना को लेकर किए गए दावों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। वहीं दिल्ली पुलिस ने राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोपों को खारिज किया है। पुलिस के मुताबिक, मामले की जांच कानूनी प्रक्रिया के तहत की जा रही थी और मेडिकल रिपोर्ट में चोट को लेकर सोशल मीडिया पर किए गए कुछ दावों की पुष्टि नहीं हुई थी। Bulandshahr में पुलिस ने पकड़ा पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस की टीमों ने स्वतंत्र भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में ट्रेस किया। रिपोर्टों में बताया गया कि पुलिस की कार्रवाई से पहले वह वहां से निकलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन बाद में उन्हें हिरासत में ले लिया गया। यह कार्रवाई उस समय हुई जब संसद मार्ग थाने के बाहर CJP समर्थक स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। इससे मामले में पुलिस की कार्रवाई को लेकर चल रहा विवाद भी फिलहाल एक नए चरण में पहुंच गया है। FIR में SC/ST Act की धाराएं जोड़ने की जानकारी प्रदर्शन के बाद पुलिस की ओर से मामले में SC/ST Act से संबंधित धाराएं जोड़ने की बात सामने आई। पीड़ित की दोबारा मेडिकल जांच कराए जाने की जानकारी भी रिपोर्टों में दी गई है। हालांकि, मामले में अंतिम कानूनी स्थिति जांच और आगे की पुलिस कार्रवाई पर निर्भर करेगी। आरोपों की पुष्टि अदालत की प्रक्रिया में ही होगी। पुलिस के सामने अब आगे की जांच बड़ी चुनौती स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में लिए जाने के बाद अब पुलिस के सामने वायरल वीडियो, FIR में दर्ज आरोपों, मेडिकल रिपोर्ट और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों की जांच अहम होगी। फिलहाल इस मामले ने CJP Protest, Delhi Police और Social Media Influencer को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस को भी तेज कर दिया है। अब देखना होगा कि जांच आगे बढ़ने के बाद पुलिस की ओर से क्या कानूनी कार्रवाई की जाती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Saharanpur

UP Bulldozer Action: Saharanpur कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर चला बुलडोजर, मायावती-इकरा हसन ने उठाए सवाल

Saharanpur उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर की मस्जिद को लेकर चल रहा विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। अदालत के आदेश के बाद प्रशासन ने शनिवार को मस्जिद के खिलाफ Bulldozer Action शुरू कर दिया। कार्रवाई की खबर फैलते ही इलाके में हलचल बढ़ गई और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर भी शुरू हो गया। कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास के इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई। किसी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई अदालत के आदेश के अनुपालन में की जा रही है। कोर्ट के फैसले के बाद प्रशासन का एक्शन कलेक्ट्रेट परिसर में बनी मस्जिद को लेकर जमीन के स्वामित्व और निर्माण की वैधता पर काफी समय से विवाद चल रहा था। प्रशासन का दावा है कि मस्जिद सरकारी जमीन पर बनी है और निर्माण को अवैध माना गया है। मामला पहले सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत में पहुंचा। जुलाई में अदालत ने मस्जिद को हटाने का आदेश दिया था। इसके साथ ही संबंधित पक्ष पर करीब 6.41 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति लगाए जाने की बात भी सामने आई थी। इस फैसले को जिला अदालत में चुनौती दी गई थी। 4 सितंबर को जिला जज की अदालत ने सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश को बरकरार रखते हुए अपील खारिज कर दी। इसके बाद प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की। इकरा हसन को सहारनपुर जाने से रोका मस्जिद पर कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन सहारनपुर जाने की कोशिश कर रही थीं। लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे जाने से रोक दिया। इकरा हसन और पुलिस अधिकारियों के बीच इस दौरान तीखी बहस भी हुई। इसका वीडियो सामने आने के बाद मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया। बाद में उनके आवास के बाहर पुलिस बल तैनात किए जाने की भी खबर सामने आई। इकरा हसन ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें सहारनपुर जाने से रोका जा रहा है। उनका कहना था कि वह मौके पर जाकर हालात देखना चाहती थीं। मायावती ने सरकार से कार्रवाई रोकने को कहा सहारनपुर मस्जिद विवाद पर बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सरकार से कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की और मामले को संवेदनशील बताते हुए सावधानी से कदम उठाने की बात कही। मायावती ने कहा कि ऐसे मामलों में किसी भी तरह का तनाव बढ़ने से रोकना जरूरी है। उन्होंने लोगों से भी शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील की। इमरान मसूद बोले- हाईकोर्ट जाएंगे सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने प्रशासन की कार्रवाई का विरोध किया है। उनका कहना है कि मस्जिद की जमीन और उससे जुड़े दस्तावेजों को लेकर उनका पक्ष अलग है। जिला अदालत से राहत नहीं मिलने के बाद मसूद ने मामले को हाईकोर्ट ले जाने की बात कही है। उनका कहना है कि आगे की कानूनी लड़ाई अदालत में लड़ी जाएगी और उपलब्ध दस्तावेजों को वहां रखा जाएगा। प्रशासन और विपक्ष के दावे अलग-अलग पूरे विवाद में प्रशासन और मस्जिद पक्ष के दावे अलग हैं। प्रशासन जहां निर्माण को सरकारी जमीन पर हुआ अवैध निर्माण बता रहा है, वहीं मस्जिद से जुड़े लोग और कुछ विपक्षी नेता इस दावे पर सवाल उठा रहे हैं। यही वजह है कि मामला सिर्फ बुलडोजर कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा। अब इसकी गूंज राजनीतिक मंच से लेकर अदालत तक सुनाई दे रही है। आगे क्या होगा? सहारनपुर कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर हुई कार्रवाई के बाद अब सबकी नजर आगे की कानूनी प्रक्रिया पर है। इमरान मसूद की ओर से हाईकोर्ट जाने की बात कही गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में अदालत में इस मामले को लेकर क्या रुख सामने आता है, यह महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल प्रशासन की कार्रवाई के बाद सहारनपुर में राजनीतिक माहौल गर्म है। एक तरफ अधिकारी कोर्ट के आदेश के पालन की बात कह रहे हैं, तो दूसरी ओर विपक्ष इसे लेकर सरकार पर सवाल उठा रहा है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Nepal

Nepal Flood: दार्चुला में Landslide का खतरा बढ़ा, Trishuli से भारतीय परिवार का Rescue; हजारों Missing

नेपाल (Nepal) में बाढ़ और भूस्खलन से मची तबाही के बाद हालात अभी भी सामान्य नहीं हुए हैं। नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ ने कई इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया। नदियों का जलस्तर बढ़ने, मलबा आने और पहाड़ी इलाकों में Landslide के खतरे ने राहत और बचाव अभियान को और मुश्किल बना दिया है। सबसे चिंता की बात यह है कि हादसे के कई दिन बाद भी हजारों लोगों का पता नहीं चल पाया है। हालांकि, इसी बीच Trishuli क्षेत्र से दो लोगों को नौ दिन बाद जिंदा निकालना राहत और उम्मीद की बड़ी खबर बनकर सामने आया है। दार्चुला में Landslide का खतरा, निचले इलाकों पर नजर नेपाल के पहाड़ी इलाकों में लगातार भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। दार्चुला समेत संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से निचले इलाकों को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। पहाड़ों से मलबा आने और नदियों में अचानक पानी बढ़ने की आशंका के बीच लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। बाढ़ से कई सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिससे प्रभावित क्षेत्रों तक राहत पहुंचाना भी चुनौती बना हुआ है। Trishuli से भारतीय नागरिकों का Rescue इस बीच त्रिशूली इलाके से तीन भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाले जाने की खबर सामने आई है। इनमें एक परिवार शामिल है। भारतीय अधिकारियों के मुताबिक, रेस्क्यू किए गए लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया और उनके भारत लौटने की प्रक्रिया में मदद की जा रही है। भारत सरकार नेपाल में फंसे अपने नागरिकों को निकालने के लिए लगातार नेपाली प्रशासन के संपर्क में है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, अब तक 166 भारतीय नागरिकों को Rescue किया गया है, जबकि 275 भारतीयों के लापता होने की जानकारी दी गई है। भारत ने राहत अभियान के लिए करीब 95 टन राहत सामग्री भी भेजी है। 9 दिन बाद Trishuli Tunnel से जिंदा निकले 2 मजदूर नेपाल में चल रहे Rescue Operation की सबसे बड़ी खबर Trishuli-3A Hydropower Project से आई। यहां सुरंग में फंसे संजय साह और कबीर महारजन को करीब नौ दिन बाद सुरक्षित बाहर निकाला गया। दोनों को सुरंग के अंदर काफी गहराई से निकाला गया। बचाव दल ने पहले अंदर से आवाजें सुनीं और फिर संपर्क स्थापित होने के बाद ऑपरेशन तेज किया। आखिरकार दोनों को बाहर निकाल लिया गया। इस घटना ने उन परिवारों में भी उम्मीद जगाई है जिनके अपने लोग अभी तक लापता हैं। राहत दल अब अन्य संभावित Survivors तक पहुंचने की कोशिश में जुटे हैं। 1300 के करीब मौतें, 5 हजार से ज्यादा लोग Missing इस प्राकृतिक आपदा का असर कितना बड़ा है, इसका अंदाजा मृतकों और लापता लोगों की संख्या से लगाया जा सकता है। नेपाल की आपदा प्रबंधन एजेंसी के आंकड़ों के अनुसार 1,294 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी थी और 5,053 लोग अब भी लापता बताए गए हैं। अलग-अलग रिपोर्टों में आंकड़ों में बदलाव देखने को मिल रहा है। कई इलाकों में घरों, सड़कों, पुलों और Hydropower Projects को भारी नुकसान पहुंचा है। बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हुए हैं और राहत शिविरों में रह रहे हैं। Rescue Operation अभी भी जारी Trishuli Tunnel से दो लोगों को जिंदा निकाले जाने के बाद Rescue Teams का हौसला बढ़ा है। नेपाल सेना, पुलिस और तकनीकी विशेषज्ञ लगातार प्रभावित इलाकों में Search Operation चला रहे हैं। Hydropower Projects के आसपास अभी भी बड़ी संख्या में लोगों के फंसे होने की आशंका है। मलबा, पानी और क्षतिग्रस्त सुरंगें बचाव अभियान में सबसे बड़ी बाधा बनी हुई हैं। इसके बावजूद टीमें लगातार नए रास्ते तलाश रही हैं। भारत ने नेपाल की मदद बढ़ाई नेपाल की इस मुश्किल घड़ी में भारत ने भी राहत और बचाव अभियान में सहयोग बढ़ाया है। भारतीय विशेषज्ञों और राहत सामग्री को नेपाल भेजा गया है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, भारत की टीमें Rescue, Medical और अन्य जरूरी सेवाओं में सहायता कर रही हैं। फिलहाल नेपाल के सामने सबसे बड़ी चुनौती लापता लोगों की तलाश, प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाना और पहाड़ी इलाकों में नए Landslide और Flood के खतरे से निपटना है। Trishuli Tunnel से नौ दिन बाद दो लोगों का जिंदा निकलना इस त्रासदी के बीच उम्मीद की एक किरण जरूर लेकर आया है। अब Rescue Teams की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

About Me

देशहरपल सिर्फ खबरों का मंच नहीं, बल्कि आपकी आवाज़ को सामने लाने का एक सशक्त माध्यम भी है। यहां आपको ताज़ातरीन खबरों के साथ-साथ नौकरी, शिक्षा, और नए भारत की बदलती आर्थिक तस्वीर पर उपयोगी और भरोसेमंद जानकारी मिलेगी।

Phone: +91 9406783569, +91 755 484 8829
Email: support@deshharpal.com
Address : A-23 Sakshi Bunglow Trilanga Near Aura Mall Bhopal M.P

Recent Posts

  • All Post
  • Breaking News
  • Education
  • More News
  • Web Story
  • एंटरटेनमेंट
  • देश-हरपल
  • धर्म-कर्म
  • प्रदेश
  • बिज़नेस
  • वर्ल्ड न्यूज़
  • वीडियो
  • स्पोर्ट्स
    •   Back
    • एक्सक्लूसिव
    • Editorial
    •   Back
    • IPL 2026
    • T20 वर्ल्ड कप
    • FIFA 2026
    •   Back
    • सोच-विचार
    • हेल्थ
    • ट्रैवल
    • कल्चर
    • एनवायरनमेंट
    • Impact Feature
    •   Back
    • राशिफल
    • पंचांग
    • पर्व-त्यौहार
    • पूजा-पाठ
    • चैत्र नवरात्रि 2025
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    •   Back
    • टीवी
    • वेब-सीरीज
    • फिल्म रिव्यू
    • बॉलीवुड
    •   Back
    • लाइफस्टाइल
    •   Back
    • स्टॉक-मार्केट

© 2023 Deshharpal. All Rights Reserved.