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गुना में किसान सम्मान निधि का झांसा देकर 4.85 लाख का फर्जी KCC लोन, भाई-बहन से जालसाजी

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गुना जिले की चांचौड़ा तहसील के ग्राम तेलीगांव से किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के नाम पर कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि गांव के ही एक युवक ने बैंक दलाल के साथ मिलकर बुजुर्ग भाई-बहन को किसान सम्मान निधि के 2-2 हजार रुपए दिलाने का झांसा दिया और उनके नाम पर करीब 4.85 लाख रुपए का KCC लोन स्वीकृत कराकर रकम निकाल ली।

पीड़ित गंगाराम अहिरवार और उनकी बहन भमरी बाई, निवासी तेलीगांव, ने शनिवार को पुलिस को शिकायत देकर मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की है।

सम्मान निधि का झांसा देकर करवाए दस्तखत

शिकायत में पीड़ितों ने बताया कि उनकी जमीनों के दस्तावेजों के आधार पर आरआरबी बैंक की बीनागंज शाखा से दो अलग-अलग KCC लोन स्वीकृत कराए गए। इनमें करीब 1.32 लाख और 3.53 लाख रुपए, यानी कुल 4.85 लाख रुपए की राशि शामिल है।

पीड़ितों का आरोप है कि दशरथ सिंह अहिरवार ने उन्हें किसान सम्मान निधि की राशि दिलाने की बात कही और इसी बहाने बैंक से जुड़े कई दस्तावेजों पर हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान करवा लिए।

बाद में आरोप है कि इन्हीं दस्तावेजों का इस्तेमाल कर उनके नाम पर KCC लोन कराया गया और लोन की राशि खुद निकाल ली गई।

बैंक पहुंचने पर सामने आई लाखों की देनदारी

पीड़ित परिवार को मामले की जानकारी तब हुई, जब वे बैंक पहुंचे। वहां उन्हें अपने नाम पर लाखों रुपए के KCC लोन की जानकारी मिली। यह सुनकर उनके होश उड़ गए।

परिवार का आरोप है कि उन्हें लोन लेने की जानकारी नहीं थी और न ही उन्होंने किसी तरह की इतनी बड़ी रकम के लिए सहमति दी थी।

दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवाने का वीडियो भी सामने आया

मामले से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है। इसमें आरोपी द्वारा कथित तौर पर पीड़ित से दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवाते और उसे समझाते हुए दिखाई देने की बात कही जा रही है।

पीड़ित परिवार के मुताबिक, उन्होंने इससे पहले कलेक्टर कार्यालय में भी शिकायत की थी। अब उन्होंने पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

फर्जी लोन से मुक्ति और कार्रवाई की मांग

पीड़ित भाई-बहन ने पुलिस से आरोपी और मामले में शामिल अन्य लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही उन्होंने अपने नाम पर हुए कथित फर्जी KCC लोन की राशि की जिम्मेदारी से मुक्त कराने की मांग की है।

फिलहाल पुलिस शिकायत और सामने आए दस्तावेजों व वीडियो के आधार पर मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि लोन स्वीकृति और राशि निकासी की प्रक्रिया में किन लोगों की भूमिका रही।

Muskan Negi

muskannegi1302@gmail.com

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Kharge

Sugar Import पर सियासत तेज: Kharge बोले- भारत में चीनी की कमी, फिर कैसा Atmanirbhar Bharat?

रसोई में इस्तेमाल होने वाली चीनी की कीमतों में तेजी ने त्योहारों से पहले आम परिवारों का बजट बिगाड़ना शुरू कर दिया है। बाजार में बढ़ते दामों को लेकर अब सियासत भी तेज हो गई है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने चीनी की कीमतों और घरेलू स्टॉक को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं। खड़गे (Kharge ) ने सरकार पर निशाना साधते हुए पूछा कि जब भारत दुनिया के बड़े चीनी उत्पादक और निर्यातक देशों में शामिल है, तो घरेलू जरूरतों के लिए Sugar Import की नौबत क्यों आई? उन्होंने इसे सरकार के ‘आत्मनिर्भर भारत’ के दावे से जोड़ते हुए कई सवाल उठाए। तीन महीने में चीनी के दाम में बड़ा उछाल Kharge का दावा है कि पिछले तीन महीनों में चीनी की कीमत करीब 40 फीसदी तक बढ़ी है। हाल के दिनों में भी खुदरा बाजार में कीमतों में तेजी देखी गई है। त्योहारों के नजदीक आने के साथ चीनी की मांग बढ़ने की संभावना है, ऐसे में आम लोगों की चिंता और बढ़ गई है। चीनी की कीमत बढ़ने का असर सिर्फ चाय की प्याली तक सीमित नहीं है। मिठाई, बेकरी और कई खाद्य उत्पादों की लागत भी इससे प्रभावित होती है। यही वजह है कि कीमतों में मामूली बढ़ोतरी भी सीधे घरेलू बजट पर असर डालती है। Kharge ने सरकार से पूछे 3 बड़े सवाल मल्लिकार्जुन खड़गे ने चीनी की उपलब्धता और कीमतों को लेकर सरकार से तीन अहम सवाल किए हैं। पहला सवाल: भारत में चीनी का स्टॉक नौ साल के निचले स्तर तक कैसे पहुंच गया? दूसरा सवाल: जब देश चीनी का प्रमुख उत्पादक है, तो सरकार को निर्यात पर रोक लगाने और 10 लाख टन कच्ची चीनी के Duty-Free Import की अनुमति क्यों देनी पड़ी? तीसरा सवाल: अगर घरेलू बाजार में चीनी की उपलब्धता को लेकर दबाव है, तो E20 और Ethanol Policy की समीक्षा क्यों नहीं की जा रही? खड़गे का तर्क है कि अगर गन्ने और उससे जुड़े संसाधनों का इस्तेमाल एथेनॉल उत्पादन में बढ़ रहा है, तो इसका असर चीनी की उपलब्धता पर भी देखा जाना चाहिए। सरकार ने Ethanol Policy को बताया जिम्मेदार नहीं विपक्ष के आरोपों के बीच केंद्र सरकार ने चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी के लिए एथेनॉल उत्पादन को मुख्य वजह मानने से इनकार किया है। सरकार का कहना है कि मौजूदा तेजी के पीछे कई दूसरे कारण हैं। सरकार के मुताबिक इस साल चीनी उत्पादन में कमी की आशंका है। खराब मौसम और गन्ने की पैदावार पर पड़े असर ने भी स्थिति को प्रभावित किया है। इसके अलावा त्योहारों के दौरान मांग बढ़ने और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में बदलाव का असर घरेलू बाजार पर पड़ा है। 10 लाख टन Raw Sugar Import का फैसला बढ़ती कीमतों पर काबू पाने और घरेलू बाजार में पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने के लिए केंद्र ने 10 लाख टन Raw Sugar के Duty-Free Import की अनुमति दी है। सरकार की कोशिश है कि अतिरिक्त सप्लाई बाजार में पहुंचे और कीमतों पर दबाव कम हो। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब घरेलू स्टॉक और उत्पादन को लेकर लगातार चर्चा हो रही है। Stock Limit से जमाखोरी पर भी नजर चीनी की कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए सरकार ने Stock Limit से जुड़े कदम भी उठाए हैं। इसका उद्देश्य बाजार में जरूरत से ज्यादा स्टॉक जमा करने और कृत्रिम कमी पैदा होने की संभावना को कम करना है। सरकार की नजर खास तौर पर त्योहारों से पहले बाजार की स्थिति पर है। मांग बढ़ने के दौरान अगर सप्लाई सामान्य रहती है, तो कीमतों पर दबाव कम किया जा सकता है। खराब मौसम और कम उत्पादन भी बड़ी वजह सरकार के मुताबिक इस साल चीनी उत्पादन पर मौसम का असर पड़ा है। महाराष्ट्र, कर्नाटक और गुजरात जैसे प्रमुख गन्ना उत्पादक राज्यों में परिस्थितियों का प्रभाव उत्पादन पर पड़ा है। यही वजह है कि केंद्र और विपक्ष के बीच इस मुद्दे पर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। विपक्ष जहां कीमतों और Import को लेकर सरकार की नीतियों पर सवाल उठा रहा है, वहीं सरकार उत्पादन में कमी और बाजार की परिस्थितियों को मुख्य वजह बता रही है। आम आदमी के लिए सबसे बड़ा सवाल—चीनी कब सस्ती होगी? इस पूरे विवाद के बीच आम लोगों की नजर एक ही बात पर है—चीनी की कीमत आखिर कब नीचे आएगी? त्योहारों का मौसम सामने है और मिठाई से लेकर घर की रोजमर्रा की चाय तक, चीनी की जरूरत हर परिवार में है। ऐसे में सरकार के सामने चुनौती सिर्फ राजनीतिक आरोपों का जवाब देना नहीं, बल्कि बाजार में पर्याप्त सप्लाई बनाए रखते हुए कीमतों को काबू में रखना भी है। फिलहाल Sugar Price Hike, Duty-Free Import और Ethanol Policy को लेकर राजनीतिक बहस तेज है। आने वाले दिनों में आयातित चीनी की सप्लाई और सरकारी कदमों का बाजार पर असर इस कहानी की अगली तस्वीर तय करेगा। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
झारखंड

Ramgarh Factory Blast: झारखंड के Iron Plant में बड़ा हादसा, 3 Engineers की मौत

झारखंड के रामगढ़ से शनिवार को एक दर्दनाक औद्योगिक हादसे की खबर सामने आई। यहां एक आयरन फैक्ट्री में जोरदार ब्लास्ट के बाद आग लग गई। हादसे में तीन इंजीनियरों की जान चली गई, जबकि एक मजदूर घायल बताया जा रहा है। घटना के बाद फैक्ट्री परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। अचानक हुआ Blast, आग ने लिया विकराल रूप बताया जा रहा है कि हादसा रामगढ़ के बरकाकाना इलाके में स्थित आयरन फैक्ट्री में हुआ। फैक्ट्री में सामान्य रूप से काम चल रहा था। इसी दौरान पावर प्लांट से तेज धमाके की आवाज आई। कुछ ही देर में वहां आग फैल गई। ब्लास्ट इतना तेज था कि आसपास मौजूद कर्मचारियों में भी दहशत फैल गई। मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल राहत और बचाव की कोशिश शुरू की। सूचना मिलने के बाद दमकल और पुलिस की टीम भी घटनास्थल पर पहुंची। तीन Engineers की मौत, एक Worker घायल हादसे में तीन इंजीनियर बुरी तरह प्रभावित हुए। उन्हें बचाने की कोशिश की गई, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। हादसे में एक मजदूर भी घायल हुआ है, जिसे इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। इस घटना ने फैक्ट्री में काम करने वाले कर्मचारियों और उनके परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। अचानक हुए इस हादसे से फैक्ट्री प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन के सामने भी कई सवाल खड़े हो गए हैं। Blast की वजह अभी साफ नहीं फैक्ट्री में आग और ब्लास्ट आखिर किस वजह से हुआ, इसकी आधिकारिक तस्वीर जांच पूरी होने के बाद ही साफ होगी। शुरुआती स्तर पर तकनीकी खराबी, ओवरहीटिंग या इलेक्ट्रिकल सिस्टम से जुड़ी समस्या जैसी संभावनाओं पर चर्चा हो रही है। हालांकि, जांच एजेंसियां सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर घटना की वजह पता करने में जुटी हैं। हादसे के बाद फैक्ट्री की सुरक्षा व्यवस्था और मशीनरी की स्थिति को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। जांच के बाद सामने आएगी पूरी सच्चाई पुलिस और प्रशासन ने घटनास्थल का जायजा लिया है। हादसे से जुड़े तथ्यों को जुटाया जा रहा है। यह भी देखा जा रहा है कि फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं। फिलहाल सबसे बड़ी चिंता घायल मजदूर के इलाज और मृतकों के परिवारों को जरूरी सहायता उपलब्ध कराने की है। रामगढ़ की इस घटना ने एक बार फिर याद दिलाया है कि बड़े औद्योगिक संयंत्रों में Safety Protocols और नियमित मशीनरी जांच कितनी जरूरी है। Ramgarh Factory Blast की जांच आगे बढ़ने के साथ हादसे की असली वजह और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े अन्य पहलुओं पर स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Nitin Nabin

Nitin Nabin की नई BJP Team की पहली Meeting, Vande Mataram के सभी 6 अंतरे

भारतीय जनता पार्टी की नई टीम के साथ राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन (Nitin Nabin) की पहली अहम बैठक हुई। बैठक की शुरुआत राष्ट्रगीत वंदे मातरम के सभी 6 अंतरों के सामूहिक गायन से हुई। इसके बाद पार्टी संगठन को आगे बढ़ाने, आगामी चुनावों की तैयारियों और युवाओं को BJP से जोड़ने को लेकर मंथन किया गया। नई टीम के गठन के बाद हुई इस बैठक को पार्टी के अगले राजनीतिक रोडमैप के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नेतृत्व ने संगठन को सिर्फ चुनाव के समय सक्रिय रखने के बजाय लगातार जनता के बीच मजबूत संपर्क बनाए रखने पर जोर दिया। चुनावी तैयारियों को समय से पहले गति देने की तैयारी बैठक में आगामी चुनावों को लेकर संगठन की तैयारियों पर चर्चा हुई। पार्टी का फोकस बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर तालमेल बनाने पर रहा। नेताओं और पदाधिकारियों से अपने-अपने क्षेत्रों में जनता के बीच सक्रिय रहने की उम्मीद जताई गई। स्थानीय समस्याओं को समझने और सरकार की योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाने को भी संगठन की प्राथमिकताओं में शामिल किया गया। Youth Connect पर BJP का खास फोकस बैठक में युवाओं को पार्टी से जोड़ने का मुद्दा भी प्रमुख रहा। BJP अब युवा वर्ग के बीच अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए संगठनात्मक गतिविधियों में उनकी भागीदारी बढ़ाने पर जोर दे रही है। युवा कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी देने और उन्हें पार्टी के कार्यक्रमों से जोड़ने की रणनीति आने वाले समय में अहम हो सकती है। सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए युवाओं तक पहुंच बनाने पर भी पार्टी का विशेष ध्यान रहने की उम्मीद है। Vande Mataram के सभी 6 अंतरे, बैठक का खास पल नई टीम की पहली बैठक का सबसे अलग पहलू वंदे मातरम के सभी छह अंतरों का गायन रहा। बैठक में मौजूद नेताओं और पदाधिकारियों ने सामूहिक रूप से राष्ट्रगीत गाया। इससे बैठक की शुरुआत में ही एकजुटता और राष्ट्रभावना का संदेश देने की कोशिश दिखाई दी। नई टीम के सामने बड़ी जिम्मेदारी नितिन नवीन के नेतृत्व में नई BJP टीम के सामने अब संगठन को जमीन पर और मजबूत करने की चुनौती है। आगामी चुनावों की तैयारी, युवा वोटर्स से संवाद और बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता—ये सभी पार्टी के लिए महत्वपूर्ण मुद्दे रहने वाले हैं। पहली बैठक से साफ है कि BJP का फोकस अब Election Preparation के साथ Organization Strength और Youth Connect पर भी रहेगा। आने वाले दिनों में बैठक में बनी रणनीति को किस तरह जमीन पर लागू किया जाता है, इस पर सभी की नजर रहेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
Mayawati

Akhilesh Yadav पर Mayawati का बड़ा हमला, ‘चवन्नी से रुपया’ बयान पर Jat समाज से मांगें माफी

उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बयान ने फिर हलचल बढ़ा दी है। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव की ‘चवन्नी से रुपया’ वाली टिप्पणी को लेकर राष्ट्रीय लोकदल के नेता जयंत चौधरी ने आपत्ति जताई, वहीं अब बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती (Mayawati) ने भी अखिलेश यादव पर सीधा हमला बोला है। मायावती ने कहा कि अखिलेश को जयंत चौधरी के साथ-साथ जाट समाज से भी माफी मांगनी चाहिए। कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद? दरअसल, अखिलेश यादव ने अपने पुराने राजनीतिक सहयोगियों पर निशाना साधते हुए कहा था कि सपा ने कुछ लोगों को ‘चवन्नी से रुपया’ बनाया, लेकिन बाद में वही लोग पार्टी से अलग हो गए। उनके इस बयान को जयंत चौधरी और राष्ट्रीय लोकदल से जोड़कर देखा गया। अखिलेश की टिप्पणी सामने आने के बाद जयंत चौधरी ने भी जवाब दिया। उनका कहना था कि अगर राजनीतिक आलोचना करनी है तो सीधे उनका नाम लिया जाए। पूरे जाट समाज को इस तरह की टिप्पणी से जोड़ना ठीक नहीं है। Mayawati ने अखिलेश को घेरा विवाद बढ़ा तो मायावती ने अखिलेश यादव को निशाने पर ले लिया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन किसी समाज या सम्मानित राजनीतिक परिवार के लिए इस तरह की भाषा का इस्तेमाल उचित नहीं है। मायावती ने अखिलेश से जयंत चौधरी, चौधरी चरण सिंह के परिवार और जाट समाज से माफी मांगने की मांग की। उन्होंने सपा पर आरोप लगाया कि चुनावी जरूरत के हिसाब से पार्टी अपने राजनीतिक सहयोगियों के प्रति रुख बदलती रही है। ‘काम निकलने के बाद बदल जाते हैं रंग’ Mayawati ने सपा की राजनीति पर तंज कसते हुए कहा कि जब किसी सहयोगी से राजनीतिक फायदा लेना होता है तो उसे महत्व दिया जाता है, लेकिन काम निकलने के बाद रवैया बदल जाता है। उन्होंने इसी संदर्भ में ‘गिरगिट की तरह रंग बदलने’ वाली बात कही। उनके इस बयान ने यूपी की सियासत में पहले से चल रही बयानबाजी को और तेज कर दिया है। जयंत चौधरी के समर्थन में उतरीं मायावती मायावती का जयंत चौधरी के समर्थन में खुलकर सामने आना राजनीतिक तौर पर भी चर्चा का विषय बन गया है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जाट समाज का प्रभाव लंबे समय से चुनावी समीकरणों में अहम माना जाता है। ऐसे में अखिलेश यादव की टिप्पणी और उसके बाद मायावती का हमला राजनीतिक मायने रखता है। वहीं, समाजवादी पार्टी की ओर से अखिलेश यादव के बयान को लेकर सफाई भी सामने आई है। पार्टी नेताओं का कहना है कि टिप्पणी का उद्देश्य किसी समाज का अपमान करना नहीं था। 2027 चुनाव से पहले बढ़ेगी सियासी गर्मी? उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को अभी समय है, लेकिन राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी शुरू हो चुकी है। सपा, RLD और बसपा के बीच बदलते समीकरणों के बीच ‘चवन्नी से रुपया’ विवाद ने एक नई बहस छेड़ दी है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या अखिलेश यादव मायावती की माफी की मांग पर जवाब देंगे? आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर दोनों पक्षों की ओर से और बयान सामने आ सकते हैं। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

इंदौर में 12वीं के छात्र ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, मोबाइल चैट की जांच में जुटी पुलिस

इंदौर के एरोड्रम थाना क्षेत्र में 12वीं कक्षा के एक छात्र ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना छोटा बांगड़दा के सुविधा नगर की है। मृतक की पहचान यशपाल (17), पिता बलीराम के रूप में हुई है। वह मूल रूप से विदिशा जिले का रहने वाला था और इंदौर में अपनी बड़ी बहन और जीजा के साथ रहकर पढ़ाई कर रहा था। पुलिस के मुताबिक, यशपाल एक कॉन्वेंट स्कूल में 12वीं कक्षा का छात्र था। उसके पिता किसान हैं। परिवार में दो बहनें और एक भाई हैं। उसकी बड़ी बहन और जीजा भी इंदौर में उसके साथ रहते थे। जीजा फाइनेंस का काम करते हैं। घटना के वक्त घर में अकेला था छात्र पुलिस के अनुसार, घटना के समय यशपाल घर में अकेला था। बाद में परिजनों ने उसे फंदे पर लटका देखा और तत्काल पुलिस को सूचना दी। जानकारी मिलते ही एरोड्रम पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। मोबाइल और चैट की जांच कर रही पुलिस पुलिस ने घटनास्थल से यशपाल का मोबाइल फोन जब्त किया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि वह मोबाइल पर किसी से चैटिंग करता था। अब पुलिस उसके कॉल डिटेल, चैट और सोशल मीडिया गतिविधियों की जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि छात्र ने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया। फिलहाल आत्महत्या की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

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