Bhopal में नगर निगम की Sealing Action के बाद व्यापारियों में नाराजगी बढ़ गई है। सोमवार को रिहायशी इलाकों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ निगम ने बड़े स्तर पर कार्रवाई की। करीब चार घंटे तक चले अभियान में शहर के अलग-अलग इलाकों में 15 से ज्यादा दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को बंद या सील किया गया।
कार्रवाई के दौरान सबसे ज्यादा हलचल अरेरा कॉलोनी में देखने को मिली। निगम की टीम जब E-3 इलाके में पहुंची तो दुकानदारों ने विरोध शुरू कर दिया। व्यापारियों का कहना था कि नियमों के नाम पर छोटे कारोबारियों को निशाना बनाया जा रहा है, जबकि बड़े शॉपिंग मॉल और दूसरे बड़े प्रतिष्ठानों पर ऐसी कार्रवाई क्यों नहीं हो रही।
अरेरा कॉलोनी में आमने-सामने आए व्यापारी और निगम की टीम
अरेरा कॉलोनी के E-3 इलाके में निगम की टीम ने कई दुकानों पर कार्रवाई की। इस दौरान करीब 8 दुकानों को सील किए जाने की जानकारी सामने आई है।
निगम की कार्रवाई शुरू होते ही दुकानदार मौके पर जमा हो गए। व्यापारियों ने अधिकारियों से कार्रवाई को लेकर सवाल किए और अपनी परेशानी बताई। उनका कहना था कि कई परिवार इन छोटे कारोबारों पर निर्भर हैं और दुकान अचानक बंद होने से रोजमर्रा की कमाई पर सीधा असर पड़ेगा।
व्यापारियों ने यह भी आरोप लगाया कि निगम की कार्रवाई में समानता नहीं दिखाई दे रही है।
दुकानदारों का सवाल- बड़े Malls पर कार्रवाई कब?
अरेरा कॉलोनी में विरोध की सबसे बड़ी वजह बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को लेकर उठे सवाल रहे। दुकानदारों का कहना है कि यदि रिहायशी क्षेत्र में Commercial Activity नियमों के खिलाफ है, तो फिर छोटी दुकान हो या बड़ा Shopping Mall, नियम सभी के लिए एक जैसे होने चाहिए।
व्यापारियों ने नगर निगम से यह स्पष्ट करने की मांग की कि कार्रवाई का आधार क्या है और किन प्रतिष्ठानों को नियमों के उल्लंघन की श्रेणी में रखा गया है।
हालांकि, निगम का कहना है कि कार्रवाई नियमों के तहत की जा रही है और नोटिस दिए जाने के बाद आगे की प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
Kolar से लेकर Rachna Nagar तक Action
नगर निगम का अभियान सिर्फ अरेरा कॉलोनी तक सीमित नहीं रहा। कोलार के सर्वधर्म क्षेत्र में भी निगम की टीमों ने कई प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। यहां होटल, पब, मॉल और जिम समेत कई व्यावसायिक गतिविधियां कार्रवाई के दायरे में आईं।
इसके अलावा रचना नगर और खानूगांव सहित दूसरे क्षेत्रों में भी निगम की टीमें पहुंचीं। कुछ स्थानों पर टीम के पहुंचने से पहले ही दुकानदारों ने अपने प्रतिष्ठान बंद कर दिए।
8 हजार से ज्यादा नोटिस जारी
भोपाल में रिहायशी इलाकों में Commercial Use को लेकर नगर निगम पहले से ही कार्रवाई की तैयारी कर रहा था। उपलब्ध जानकारी के अनुसार 26 अगस्त तक करीब 8,264 नोटिस जारी किए जा चुके थे।
अब नोटिस के बाद Sealing Action शुरू होने से कारोबारियों में चिंता बढ़ गई है। खासकर छोटे दुकानदारों को डर है कि दुकान बंद होने से उनकी आय पर सीधा असर पड़ेगा।
Supreme Court के निर्देशों के बाद तेज हुई कार्रवाई
रिहायशी इलाकों में व्यावसायिक गतिविधियों का मामला लंबे समय से चर्चा में है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद नगर निगम की कार्रवाई में तेजी आई है। निगम का फोकस ऐसे प्रतिष्ठानों पर है, जहां निर्धारित नियमों के अनुरूप व्यावसायिक गतिविधियां संचालित नहीं हो रही हैं।
दूसरी तरफ व्यापारियों की मांग है कि कार्रवाई के साथ उनकी रोजी-रोटी का भी ध्यान रखा जाए। उनका कहना है कि अगर कोई नियम लागू है तो उसकी जानकारी स्पष्ट तरीके से दी जाए और सभी प्रतिष्ठानों पर बिना भेदभाव के कार्रवाई हो।
अब आगे क्या होगा?
भोपाल में Sealing Drive अभी खत्म होती नजर नहीं आ रही है। नगर निगम की टीमें आने वाले दिनों में दूसरे इलाकों में भी ऐसे प्रतिष्ठानों की जांच कर सकती हैं।
अरेरा कॉलोनी में हुए विरोध ने इस पूरे मामले को और चर्चा में ला दिया है। अब देखना होगा कि निगम की कार्रवाई आगे कितनी तेज होती है और व्यापारियों की शिकायतों पर प्रशासन की ओर से क्या जवाब सामने आता है।
फिलहाल एक बात साफ है—भोपाल में residential areas में commercial activities को लेकर नगर निगम की सख्ती बढ़ गई है और आने वाले दिनों में इसका असर शहर के कई कारोबारियों पर देखने को मिल सकता है।
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