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अमरकंटक एक्सप्रेस के स्लीपर यात्रियों को बड़ी राहत, अब किराए पर मिलेगा बेडरोल

दुर्ग। दुर्ग-भोपाल-दुर्ग अमरकंटक एक्सप्रेस में सफर करने वाले स्लीपर क्लास यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। अब उन्हें भी यात्रा के दौरान किराए पर बेडरोल (चादर और तकिया) की सुविधा मिलेगी। रेलवे ने इस सेवा के संचालन के लिए एक निजी कंपनी को ठेका दिया है, जिसका अनुबंध वर्ष 2031 तक रहेगा। अब स्लीपर क्लास में भी मिलेगी बेडरोल सुविधा अब स्लीपर क्लास के यात्री अपनी जरूरत के अनुसार बेडरोल किराए पर ले सकेंगे। इसके लिए रेलवे ने अलग-अलग शुल्क निर्धारित किए हैं। इन ट्रेनों में मिलेगी सुविधा यह सुविधा फिलहाल ट्रेन नंबर 12853 (दुर्ग-भोपाल अमरकंटक एक्सप्रेस) और ट्रेन नंबर 12854 (भोपाल-दुर्ग अमरकंटक एक्सप्रेस) में उपलब्ध रहेगी। अब तक यह सुविधा केवल एसी कोच के यात्रियों को ही मिलती थी, लेकिन अब स्लीपर क्लास के यात्रियों को भी लंबी दूरी की यात्रा के दौरान अधिक आरामदायक सफर का लाभ मिलेगा। रेलवे का कहना है कि इस नई व्यवस्था से यात्रियों को अपनी चादर और तकिया साथ ले जाने की आवश्यकता कम होगी, जिससे उनकी यात्रा पहले से अधिक सुविधाजनक और आरामदायक बनेगी। रेलवे, ट्रेनों और यात्रियों से जुड़ी ताजा खबरों के लिए पढ़ते रहें DeshHarPal। अधिक जानकारी के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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छत्तीसगढ़ विधानसभा में महतारी वंदन योजना पर हंगामा, कांग्रेस का वॉकआउट; साय सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के पांचवें और अंतिम दिन सदन में महतारी वंदन योजना, राशन व्यवस्था और अविश्वास प्रस्ताव को लेकर जोरदार राजनीतिक घमासान देखने को मिला। कांग्रेस ने महतारी वंदन योजना से बड़ी संख्या में महिलाओं के नाम हटाए जाने का मुद्दा उठाते हुए सरकार को घेरा और जवाब से असंतुष्ट होकर सदन से वॉकआउट कर दिया। महतारी वंदन योजना से 1.55 लाख महिलाओं के नाम हटने पर विवाद प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायकों ने आरोप लगाया कि महतारी वंदन योजना के लाभार्थियों की संख्या 70.09 लाख से घटकर 68.54 लाख रह गई है। इस पर महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने बताया कि करीब 1.55 लाख महिलाओं के नाम मृत्यु, ई-केवाईसी नहीं कराने, आयकरदाता बनने या अन्य पात्रता संबंधी कारणों से सूची से हटाए गए हैं। मंत्री के जवाब से असंतुष्ट कांग्रेस विधायकों ने सदन में नारेबाजी की और बाद में वॉकआउट कर दिया। राशन वितरण व्यवस्था पर भी उठे सवाल प्रश्नकाल में सार्वजनिक वितरण प्रणाली को लेकर भी विपक्ष और सत्ता पक्ष के सदस्यों ने सवाल उठाए। इस पर खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने कहा कि यदि शिकायत और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराए जाते हैं तो पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सामूहिक विवाह में नकली मंगलसूत्र का मुद्दा भी गूंजा कांग्रेस विधायक और पूर्व महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिला भेड़िया ने सामूहिक विवाह कार्यक्रम में कथित तौर पर नकली मंगलसूत्र दिए जाने का मामला उठाया। उन्होंने सरकार से पूछा कि संबंधित एजेंसी के खिलाफ अब तक कार्रवाई क्यों नहीं की गई। जवाब में मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि बालोद जिले से इस संबंध में कोई आधिकारिक शिकायत प्राप्त नहीं हुई है, इसलिए कार्रवाई का प्रश्न नहीं उठता। साय सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश प्रश्नकाल समाप्त होने के बाद नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सरकार के खिलाफ 136 बिंदुओं का आरोप-पत्र पेश करते हुए विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव रखा। अब इस प्रस्ताव पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच विस्तृत चर्चा होगी। कांग्रेस सरकार को कानून-व्यवस्था, किसानों की समस्याएं, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, बुलडोजर कार्रवाई और अन्य प्रशासनिक मुद्दों पर घेरने की तैयारी में है। वहीं भाजपा अपनी योजनाओं और विकास कार्यों का पक्ष रखेगी। विधानसभा में किसके पास कितना संख्या बल? वर्तमान विधानसभा में भाजपा के 54 विधायक, कांग्रेस के 35 विधायक और 1 विधायक गोंडवाना गणतंत्र पार्टी से हैं। ऐसे में संख्या बल भाजपा के पक्ष में होने के कारण अविश्वास प्रस्ताव के पारित होने की संभावना बेहद कम मानी जा रही है। अब तक कोई अविश्वास प्रस्ताव सफल नहीं हुआ छत्तीसगढ़ विधानसभा के इतिहास में अब तक 9 अविश्वास प्रस्ताव लाए जा चुके हैं, लेकिन कोई भी प्रस्ताव सरकार के खिलाफ पारित नहीं हो सका। इन सभी मामलों में सरकारें बहुमत साबित करने में सफल रहीं। वर्ष 2015 में डॉ. रमन सिंह सरकार के खिलाफ हुई 24 घंटे 25 मिनट की चर्चा विधानसभा के इतिहास की सबसे लंबी बहस मानी जाती है। इस बार विष्णुदेव साय सरकार के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव राज्य गठन के बाद 10वां अविश्वास प्रस्ताव है। छत्तीसगढ़ की राजनीति, विधानसभा की कार्यवाही और अन्य महत्वपूर्ण खबरों के लिए पढ़ते रहें — DeshHarPal. अधिक जानकारी के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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रायपुर में भक्ति और उल्लास के साथ निकली भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा, हजारों श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

रायपुर। राजधानी रायपुर गुरुवार को भगवान जगन्नाथ की भक्ति में पूरी तरह सराबोर नजर आई। गायत्री नगर स्थित ऐतिहासिक श्री जगन्नाथ मंदिर से भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की भव्य रथयात्रा श्रद्धा, आस्था और सनातन परंपराओं के बीच निकाली गई। “जय जगन्नाथ” के जयघोष, शंखध्वनि, वैदिक मंत्रोच्चार, हरिनाम संकीर्तन और भजन-कीर्तन से पूरा शहर भक्तिमय वातावरण में डूब गया। हजारों श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन कर पुष्पवर्षा के साथ स्वागत किया। राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने निभाई ‘छेरा पहरा’ की परंपरा रथयात्रा के शुभारंभ अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका अपनी धर्मपत्नी के साथ तथा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मौजूद रहे। दोनों ने भगवान जगन्नाथ की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इसके बाद उन्होंने सनातन परंपरा के अनुसार स्वर्ण झाड़ू से रथ मार्ग की प्रतीकात्मक सफाई कर ‘छेरा पहरा’ की ऐतिहासिक परंपरा निभाई। यह परंपरा सेवा, समानता और विनम्रता का प्रतीक मानी जाती है। सनातन संस्कृति और सामाजिक समरसता का महापर्व जगन्नाथ मंदिर सेवा समिति के अध्यक्ष एवं रायपुर उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा ने कहा कि भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति, सामाजिक समरसता, सेवा और जनभागीदारी का महापर्व है। उन्होंने कहा कि यह परंपरा समाज को जोड़ने और नई पीढ़ी को भारतीय सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराने का महत्वपूर्ण माध्यम है। मंदिर से मौसी मंदिर तक निकली रथयात्रा रथयात्रा गायत्री नगर स्थित जगन्नाथ मंदिर से शुरू होकर खम्हारडीह थाना, बीटीआई ग्राउंड होते हुए मौसी मंदिर पहुंची। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं, सामाजिक संगठनों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों ने पुष्पवर्षा, आरती और भजन-कीर्तन के साथ भगवान का स्वागत किया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां रथयात्रा के दौरान महिला मंडलों के भजन-कीर्तन, आकर्षक झांकियां, ओडिशा और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, झूमर, करमा और सुवा नृत्य श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहे। सजे-धजे रथों और भक्तों की अपार आस्था ने राजधानी रायपुर में पुरी धाम जैसा आध्यात्मिक माहौल बना दिया। श्रद्धालुओं के लिए विशेष इंतजाम यात्रा मार्ग पर पेयजल, चिकित्सा सहायता, विश्राम स्थल और महाप्रसाद वितरण के लिए कई सेवा शिविर लगाए गए। नगर निगम, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और स्वयंसेवकों ने समन्वय के साथ व्यवस्थाएं संभालीं, जिससे रथयात्रा शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हुई। मौसी मंदिर में महाआरती और महाप्रसाद रथयात्रा के अंतिम पड़ाव पर भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के विग्रह मौसी मंदिर पहुंचे। यहां वैदिक विधि-विधान से पूजा-अर्चना, महाआरती और महाप्रसाद वितरण किया गया। श्रद्धालुओं ने विश्व शांति, राष्ट्र की समृद्धि और मानव कल्याण की कामना करते हुए भगवान का आशीर्वाद प्राप्त किया। अधिक खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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छत्तीसगढ़ में कारोबार करना होगा आसान: विधानसभा से ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम-2026’ पारित, MSME को बड़ी राहत

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने उद्योग और निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। विधानसभा ने ‘छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम, 2026’ को पारित कर दिया है। इस कानून के लागू होने के बाद छत्तीसगढ़ रिस्क बेस्ड (Risk-Based) और ट्रस्ट बेस्ड (Trust-Based) बिजनेस परमिशन सिस्टम लागू करने वाला देश का पहला राज्य बनने जा रहा है। सरकार का कहना है कि इस नई व्यवस्था से उद्योग स्थापित करने और कारोबार शुरू करने की प्रक्रिया अधिक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध होगी, जिससे खासकर सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) को बड़ा लाभ मिलेगा। जोखिम के आधार पर मिलेगी अनुमति नई व्यवस्था के तहत उद्योगों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का वर्गीकरण उनके आकार और गतिविधियों के आधार पर किया जाएगा। इससे छोटे कारोबारियों को अनावश्यक जटिल प्रक्रियाओं से राहत मिलेगी। सेल्फ सर्टिफिकेशन को मिलेगा बढ़ावा अधिनियम के तहत कम जोखिम वाले उद्यमों में बार-बार विभागीय निरीक्षण की आवश्यकता कम होगी। ऐसे मामलों में सेल्फ सर्टिफिकेशन या लाइसेंसधारी इंजीनियर, आर्किटेक्ट अथवा अधिकृत विशेषज्ञ के प्रमाणन के आधार पर अनुमति दी जा सकेगी। सरकार का दावा है कि इससे अनुमति प्रक्रिया अधिक तेज, पारदर्शी और जवाबदेह बनेगी। हर साल लाइसेंस नवीनीकरण की बाध्यता खत्म नए कानून के तहत उद्योगों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को हर वर्ष लाइसेंस या अनुमति का नवीनीकरण कराने की अनिवार्यता से राहत मिलेगी। जोखिम आधारित अनुमति प्रणाली लागू होने से उद्यमियों का समय और लागत दोनों कम होंगे तथा वे कारोबार के विस्तार पर अधिक ध्यान दे सकेंगे। MSME को मिलेंगी कई अहम सुविधाएं नई व्यवस्था में MSME इकाइयों को कई महत्वपूर्ण सुविधाएं प्रदान की जाएंगी, जिनमें शामिल हैं— हालांकि, अधिक जोखिम वाली परियोजनाओं में तकनीकी जांच और भौतिक निरीक्षण की प्रक्रिया जारी रहेगी। 8 विभागों की 43 सेवाएं होंगी शामिल इस अधिनियम के तहत राज्य सरकार के 8 विभागों की 43 सेवाओं को जोखिम आधारित अनुमति प्रणाली में शामिल किया गया है। भविष्य में आवश्यकता के अनुसार कार्यपालिका परिषद की मंजूरी से नई सेवाओं को भी जोड़ा जा सकेगा। तीन स्तर पर होगी निगरानी कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए तीन स्तरीय निगरानी व्यवस्था बनाई गई है। 15 लाख से अधिक MSME को होगा लाभ सरकार का अनुमान है कि इस सुधार का लाभ राज्य के 15 लाख से अधिक सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को मिलेगा। भरोसे, स्व-घोषणा और समयबद्ध सेवाओं पर आधारित नई व्यवस्था से कारोबार शुरू करने में लगने वाला समय और लागत कम होगी, जबकि उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में सुरक्षा और निगरानी के सभी आवश्यक प्रावधान पहले की तरह लागू रहेंगे। निवेश को मिलेगा बढ़ावा राज्य सरकार का मानना है कि ‘छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम, 2026’ राज्य में निवेश को आकर्षित करने, उद्योगों के विस्तार और रोजगार सृजन की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसके माध्यम से छत्तीसगढ़ में अधिक पारदर्शी, सरल और निवेश-अनुकूल कारोबारी वातावरण विकसित होने की उम्मीद है। छत्तीसगढ़, उद्योग, निवेश और कारोबार से जुड़ी ताजा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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महादेव बेटिंग ऐप केस: स्पोर्ट्स प्रेजेंटर शेफाली बग्गा से ED की पूछताछ, हवाला कनेक्शन की जांच तेज

महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप और उससे जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने स्पोर्ट्स प्रेजेंटर और टीवी हस्ती शेफाली बग्गा से रायपुर स्थित अपने जोनल कार्यालय में पूछताछ की। जांच एजेंसी उनके कथित वित्तीय और डिजिटल संबंधों की पड़ताल कर रही है। ईडी के अनुसार, जांच का केंद्र बिंदु शेफाली बग्गा और महादेव ऑनलाइन बुक नेटवर्क से जुड़े बताए जा रहे कथित हवाला ऑपरेटर खंजन जगदीश कुमार ठक्कर के बीच संभावित संबंध हैं। हालांकि, एजेंसी ने अभी तक इस मामले में किसी भी आरोप को अदालत में सिद्ध नहीं बताया है। ऑनलाइन बेटिंग ऐप्स के प्रचार की जांच जांच एजेंसी का दावा है कि शेफाली बग्गा कथित तौर पर विदेश, विशेषकर दुबई और लंदन से संचालित होने वाले कुछ ऑनलाइन बेटिंग प्लेटफॉर्म्स के प्रचार से जुड़ी रही हैं। ईडी को जांच के दौरान कुछ डिजिटल सामग्री और प्रमोशनल कंटेंट मिले हैं, जिनमें कथित रूप से बेटिंग ऐप्स का प्रचार दिखाई देता है। एजेंसी इन डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। बेटिंग टिप्स देने के आरोपों की भी जांच सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसी इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि क्या शेफाली बग्गा केवल प्रचार तक सीमित थीं या कथित तौर पर ऑनलाइन बेटिंग से जुड़े खिलाड़ियों को टिप्स भी उपलब्ध कराती थीं। ईडी इन दावों से जुड़े ऑनलाइन कंटेंट और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड का विश्लेषण कर रही है। टेलीग्राम चैनल भी जांच के दायरे में ईडी सूत्रों के अनुसार, शेफाली बग्गा से जुड़े एक टेलीग्राम चैनल की भी जांच की जा रही है। एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कथित तौर पर ऑनलाइन बेटिंग के प्रचार-प्रसार या अन्य गतिविधियों के लिए किया गया था। साथ ही चैनल से जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड और संभावित वित्तीय लेन-देन की भी जांच जारी है। हवाला नेटवर्क की कड़ियां खंगाल रही ED ईडी का दावा है कि खंजन जगदीश कुमार ठक्कर महादेव ऑनलाइन बुक नेटवर्क से जुड़े कथित हवाला लेन-देन का प्रमुख संचालक रहा है। एजेंसी अब शेफाली बग्गा और ठक्कर के बीच कथित आर्थिक लेन-देन तथा अन्य संभावित संबंधों की जांच कर रही है। स्पोर्ट्स एंकरिंग और टीवी से जुड़ा है नाम शेफाली बग्गा स्पोर्ट्स एंकरिंग की दुनिया का जाना-पहचाना चेहरा हैं। वह टीवी रियलिटी शो ‘बिग बॉस 13’ में भी बतौर प्रतिभागी नजर आ चुकी हैं। इसके अलावा उन्होंने कई प्रमुख क्रिकेट आयोजनों की एंकरिंग की है और सोशल मीडिया पर भी उनकी अच्छी-खासी मौजूदगी है। नोट: फिलहाल इस मामले में जांच जारी है। एजेंसी द्वारा की जा रही पूछताछ और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी। छत्तीसगढ़, अपराध और देशभर की ताजा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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स्पंज आयरन से भरे ट्रक की हेराफेरी: 7 लाख की ठगी में दो आरोपी गिरफ्तार, फर्जी नंबर प्लेट लगाकर छिपाई पहचान

रायपुर। राजधानी रायपुर के उरला थाना क्षेत्र में स्पंज आयरन से भरे ट्रक की हेराफेरी कर लाखों रुपये की ठगी करने के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने महाराष्ट्र भेजे जा रहे माल को रास्ते में ही बेच दिया और ट्रक की पहचान छिपाने के लिए उस पर फर्जी नंबर प्लेट लगा दी। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 50 हजार रुपये नकद, फर्जी नंबर प्लेट लगा ट्रक और अन्य सामान सहित करीब 15 लाख रुपये का मशरूका बरामद किया है। महाराष्ट्र भेजने के बजाय उरला में बेच दिया माल पुलिस के अनुसार, एक निजी कंपनी ने ट्रक क्रमांक CG 08 AT 3321 में करीब 35 टन 870 किलोग्राम स्पंज आयरन, जिसकी कीमत लगभग 7.07 लाख रुपये थी, महाराष्ट्र भेजने के लिए लोड किया था। लेकिन ट्रक चालक ने रास्ते में बीमारी सहित अन्य बहाने बनाकर वाहन को निर्धारित स्थान तक नहीं पहुंचाया। कुछ समय बाद चालक और वाहन मालिक दोनों से संपर्क भी टूट गया। शिकायत मिलने पर उरला थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। तकनीकी जांच से मिले अहम सुराग पुलिस उपायुक्त (उत्तर) दीपमाला कश्यप के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर वाहन मालिक गुमान साहू और उसके साथी मोहम्मद मुख्तार को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने चालक रहीमान साहू के साथ मिलकर स्पंज आयरन को रास्ते में ही बेच दिया था। इसके बाद ट्रक पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर उसकी असली पहचान छिपा दी गई। फाइनेंस की किश्त जमा करने से खुला मामला जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी चोरी में इस्तेमाल किए गए वाहन की फाइनेंस किश्त जमा कर रहे थे। इसी जानकारी के आधार पर पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले और पूरे मामले का खुलासा हो गया। फरार चालक की तलाश जारी पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया है। वहीं, इस मामले में शामिल चालक रहीमान साहू सहित अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है। छत्तीसगढ़ की ताजा खबरों और अपराध से जुड़ी हर अपडेट के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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Jagannath Rath Yatra

Jagannath Rath Yatra: उज्जैन में रचा इतिहास, पहली बार जगन्नाथ-बलभद्र-सुभद्रा के लिए तैयार हुए 3 अलग-अलग रथ

उज्जैन में इस बार Jagannath Rath Yatra 2026 आस्था, परंपरा और भव्यता का अद्भुत संगम बन गई। धार्मिक नगरी में पहली बार भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की रथ यात्रा तीन अलग-अलग रथों पर निकाली गई। हजारों श्रद्धालु इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बने और पूरा शहर जय जगन्नाथ के जयकारों से गूंज उठा। इस भव्य यात्रा का मुख्य आकर्षण भगवान जगन्नाथ का 35 फीट ऊंचा नंदीघोष रथ (Nandighosh Rath) रहा। आकर्षक सजावट और पारंपरिक शैली में तैयार किए गए इस विशाल रथ पर भगवान जगन्नाथ विराजमान हुए। रथ के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में भक्त सड़क किनारे मौजूद रहे और भगवान की एक झलक पाने के लिए उत्साहित नजर आए। ढाई लाख की खास पोशाक में सजे भगवान जगन्नाथ इस बार भगवान जगन्नाथ का श्रृंगार भी बेहद खास रहा। प्रभु को पहनाई गई विशेष पोशाक को जापानी धागों, मोतियों और बारीक कारीगरी से तैयार किया गया है। इस पोशाक की कीमत करीब 2.5 लाख रुपये बताई जा रही है। पोशाक में पारंपरिक डिजाइन के साथ आधुनिक कारीगरी का सुंदर मेल देखने को मिला। भगवान के इस दिव्य स्वरूप ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। भक्तों ने इसे रथ यात्रा का सबसे आकर्षक पल बताया। Ujjain में पहली बार 3 Rath Yatra का आयोजन उज्जैन में पहली बार भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के लिए अलग-अलग रथ तैयार किए गए। इससे यात्रा का स्वरूप पहले से ज्यादा भव्य दिखाई दिया। आयोजन समिति की ओर से यात्रा को सफल बनाने के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं। रथों की सजावट, सुरक्षा व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई स्तरों पर तैयारियां की गईं। यात्रा मार्ग पर भक्तों ने फूलों की बारिश कर भगवान का स्वागत किया। भक्ति में डूबा उज्जैन, हजारों भक्त बने साक्षी रथ यात्रा के दौरान उज्जैन का माहौल पूरी तरह धार्मिक रंग में रंग गया। ढोल-नगाड़ों, भजन-कीर्तन और जयकारों के बीच श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ के रथ को खींचते नजर आए। लोगों ने भगवान से परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की प्रार्थना की। उज्जैन की यह Jagannath Rath Yatra न सिर्फ धार्मिक आयोजन रही, बल्कि शहर की संस्कृति और परंपरा का भी प्रतीक बनी। तीन रथों पर निकली यह यात्रा आने वाले वर्षों में भी श्रद्धालुओं के लिए एक यादगार आयोजन के रूप में याद की जाएगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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चलती कार में लगी भीषण आग, धमाके से मची अफरा-तफरी; चालक ने कूदकर बचाई जान

ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर में बुधवार देर रात गोला का मंदिर थाना क्षेत्र स्थित सूर्य मंदिर रोड पर एक चलती कार में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरी कार को अपनी चपेट में ले लिया। कुछ देर बाद कार में जोरदार धमाका होने से आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। घटना के चलते कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा। चालक ने समय रहते कूदकर बचाई जान प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कार से धुआं उठता देख चालक ने तुरंत वाहन सड़क किनारे रोक दिया और बाहर निकल गया। चालक के सुरक्षित बाहर आने के कुछ ही क्षण बाद आग ने पूरी कार को अपनी गिरफ्त में ले लिया और वाहन धू-धूकर जलने लगा। चालक की सतर्कता के कारण बड़ा हादसा टल गया और किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। मौके पर पहुंची पुलिस और फायर ब्रिगेड घटना की सूचना मिलते ही गोला का मंदिर थाना पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक कार पूरी तरह जल चुकी थी। शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी की आशंका पुलिस की प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट या वाहन में तकनीकी खराबी माना जा रहा है। हालांकि, आग लगने की वास्तविक वजह का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा। जली हुई कार का पंजीयन नंबर MP-07-TH-1239 है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह वाहन ऋषभ राजपूत के नाम पर पंजीकृत बताया जा रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो घटना का वीडियो मौके पर मौजूद लोगों ने अपने मोबाइल फोन से रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में कार आग की लपटों में घिरी हुई दिखाई दे रही है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आग लगने के कारणों का पता लगाया जा रहा है। deshharpal.comमध्य प्रदेश और देश की ताजा खबरों के लिए विजिट करें:
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भोपाल के 45 से अधिक इलाकों में आज बिजली कटौती, 1 से 6 घंटे तक प्रभावित रहेगी सप्लाई

भोपाल। राजधानी भोपाल के 45 से अधिक इलाकों में गुरुवार को बिजली कंपनी के निर्धारित मेंटेनेंस कार्य के चलते 1 से 6 घंटे तक बिजली आपूर्ति प्रभावित रहेगी। बिजली कंपनी ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अपने आवश्यक बिजली संबंधी कार्य पहले ही पूरे कर लें, ताकि असुविधा से बचा जा सके। कटौती से दानिशकुंज, बावड़ियाकलां, सर्वधर्म, चार इमली, नरेला शंकरी, फाइन कैंपस, भवानी धाम समेत कई प्रमुख इलाके प्रभावित होंगे। किस समय किन क्षेत्रों में रहेगी बिजली बंद? सुबह 9:00 बजे से 11:00 बजे तक सुबह 10:00 बजे से 11:00 बजे तक सुबह 10:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक सुबह 10:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक सुबह 10:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक सुबह 11:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक बिजली कंपनी की अपील बिजली कंपनी ने बताया कि यह कटौती रखरखाव (मेंटेनेंस) कार्य के कारण की जा रही है। उपभोक्ताओं से अनुरोध है कि निर्धारित समय के अनुसार अपने जरूरी कार्य पहले ही पूरा कर लें। मौसम या तकनीकी कारणों से बिजली कटौती के समय में बदलाव भी संभव है। भोपाल, मध्य प्रदेश और देश की ताजा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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इंदौर में CM मोहन यादव का बड़ा बयान: ‘एक देश में सभी के लिए एक समान कानून होना चाहिए’, UCC लागू करने के संकेत

इंदौर। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को इंदौर में 300 बिस्तरीय नए जिला चिकित्सालय के लोकार्पण समारोह के दौरान समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code-UCC) को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि “अगर रामचंद्र एक शादी करता है तो रहीम से भी एक ही शादी की अपेक्षा की जा सकती है। मुस्लिम बहनें भी हमारी बहन हैं। उनके जीवन में भी कठिनाइयां आती हैं। एक देश में अलग-अलग कानून नहीं होने चाहिए।” उन्होंने कहा कि सभी नागरिकों के लिए समान कानूनी व्यवस्था होना समय की आवश्यकता है और सरकार इस दिशा में चरणबद्ध तरीके से काम कर रही है। UCC लागू करने की तैयारी का दावा मुख्यमंत्री ने कहा कि जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने “एक देश, एक निशान, एक प्रधान और एक विधान” का विचार दिया था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अनुच्छेद 370 हटाकर उस संकल्प को आगे बढ़ाया और अब मध्य प्रदेश भी उसी भावना के साथ समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि सरकार ने इस विषय पर सीधे कानून लाने के बजाय सुप्रीम कोर्ट के एक पूर्व न्यायाधीश की अध्यक्षता में समिति गठित की। समिति ने प्रदेश के 55 जिलों और 10 संभागों में जाकर लोगों से सुझाव लिए हैं। इन सुझावों के आधार पर सरकार अब विधेयक तैयार करने की प्रक्रिया में है। 83 करोड़ रुपये की लागत से बने नए जिला अस्पताल का लोकार्पण मुख्यमंत्री ने इंदौर में 300 बिस्तरीय नए जिला चिकित्सालय का लोकार्पण भी किया। करीब 83.16 करोड़ रुपये की लागत से बने इस चार मंजिला अस्पताल से पश्चिमी इंदौर के लाखों लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। हालांकि, पहले चरण में अस्पताल की केवल 34 बेड वाली प्रसूति (मैटरनिटी) विंग शुरू की गई है। मेडिसिन, जनरल सर्जरी, हड्डी रोग और अन्य प्रमुख विभागों की सेवाएं बाद में शुरू की जाएंगी। 38 साल बाद मिला नया जिला अस्पताल धार रोड स्थित पुराना जिला अस्पताल वर्ष 1988 से एक जर्जर भवन में संचालित हो रहा था। नए अस्पताल की मांग लंबे समय से की जा रही थी। 18 करोड़ से बढ़कर 83 करोड़ पहुंची लागत अस्पताल निर्माण की शुरुआती अनुमानित लागत 18 करोड़ रुपये थी, लेकिन समय के साथ संशोधित स्वीकृतियों और अतिरिक्त कार्यों के कारण परियोजना की लागत बढ़कर 83.16 करोड़ रुपये हो गई। इसके बावजूद अस्पताल अपनी पूरी क्षमता के साथ अभी शुरू नहीं हो सका है। 166 अधिकारी-कर्मचारियों की तैनाती अस्पताल संचालन के लिए स्वास्थ्य विभाग ने 166 अधिकारी और कर्मचारियों की नियुक्ति की है। इनमें विशेषज्ञ चिकित्सक, नर्सिंग अधिकारी, फार्मासिस्ट, रेडियोग्राफर और लैब तकनीशियन शामिल हैं। स्वास्थ्य आयुक्त द्वारा तैयारियों की समीक्षा भी की जा चुकी है, लेकिन प्रशासनिक व्यवस्थाएं पूरी नहीं होने के कारण अस्पताल को चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जा रहा है। स्वास्थ्य कर्मचारियों को कार्यक्रम में बुलाने के निर्देश सीएमएचओ डॉ. माधव हसानी ने इमरजेंसी स्टाफ को छोड़कर जिले के सभी जोनल स्वास्थ्य कर्मचारियों, एएनएम और आशा कार्यकर्ताओं को कार्यक्रम में शामिल होने के निर्देश दिए। इसे लेकर अन्य स्वास्थ्य केंद्रों की नियमित सेवाएं प्रभावित होने की आशंका भी जताई गई। पश्चिमी इंदौर को मिलेगी शुरुआती राहत अस्पताल शुरू होने से चंदन नगर, नूरानी नगर, द्वारकापुरी, सिरपुर, राजेंद्र नगर सहित पश्चिमी इंदौर और आसपास के कई गांवों की गर्भवती महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। हालांकि, अन्य विभाग शुरू होने तक गंभीर मरीजों को अभी भी एमवाय अस्पताल पर निर्भर रहना होगा। बलराम कृषि महोत्सव का भी शुभारंभ मुख्यमंत्री ने इसी अवसर पर राज्य स्तरीय बलराम कृषि महोत्सव का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 को ‘किसान कल्याण वर्ष’ के रूप में मनाया जा रहा है। उन्होंने कृषि, डेयरी, फूड प्रोसेसिंग और कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने की बात कही। इस दौरान किसानों के लिए कई घोषणाएं भी की गईं, जिनमें प्रमुख हैं— मुख्यमंत्री ने कृषि प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया और आधुनिक खेती, प्राकृतिक कृषि, ड्रोन तकनीक, डेयरी, मत्स्य पालन और कृषि प्रसंस्करण से जुड़ी योजनाओं की जानकारी ली। चंदन नगर से एयरपोर्ट रोड को मिली मंजूरी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने चंदन नगर से एयरपोर्ट तक सड़क निर्माण परियोजना को भी मंजूरी देने की घोषणा की। लंबे समय से लंबित इस सड़क के निर्माण से क्षेत्र की यातायात समस्या कम होने की उम्मीद है। नोट: समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर मुख्यमंत्री ने सरकार की मंशा और तैयारियों की जानकारी दी है। कानून लागू करने की प्रक्रिया विधायी और संवैधानिक प्रक्रियाओं के अनुरूप आगे बढ़ेगी। मध्य प्रदेश और देश की राजनीति, विकास एवं ताजा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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X पर अब लाइक बटन दबाकर भेज सकेंगे $1 की टिप, मस्क ने नए फीचर का किया ऐलान

नई दिल्ली। इलॉन मस्क सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X को फाइनेंशियल सर्विसेज से जोड़ने की दिशा में एक और कदम उठा रहे हैं। मस्क ने ऐलान किया है कि X पर यूजर्स लाइक बटन को लॉन्ग-प्रेस करके किसी यूजर या क्रिएटर को 1 डॉलर की टिप भेज सकेंगे। यह पेमेंट कंपनी के फाइनेंशियल प्लेटफॉर्म X मनी के जरिए किया जाएगा। मस्क ने X पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी। उन्होंने लिखा कि X मनी के माध्यम से किसी को भी 1 डॉलर भेजने के लिए लाइक बटन पर लॉन्ग-प्रेस करने का विकल्प जोड़ा जा रहा है। कैसे काम करेगा नया टिपिंग फीचर? इस फीचर के जरिए यूजर्स किसी पोस्ट के लेखक या क्रिएटर को सीधे आर्थिक मदद दे सकेंगे। इसके लिए लाइक बटन को कुछ देर तक दबाना होगा। इसके बाद X मनी के पेमेंट सिस्टम के जरिए 1 डॉलर ट्रांसफर करने का विकल्प मिलेगा। इस व्यवस्था का मकसद क्रिएटर्स को सपोर्ट करने की प्रक्रिया आसान बनाना है, ताकि यूजर्स को अलग से पेमेंट ऐप या लंबी प्रक्रिया का सहारा न लेना पड़े। हालांकि, X ने अभी तक इस फीचर के लॉन्च की तारीख और इसकी उपलब्धता से जुड़ी शर्तों की जानकारी नहीं दी है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि यूजर्स 1 डॉलर की तय रकम को बदल सकेंगे या भविष्य में अलग-अलग रकम भेजने के विकल्प भी मिलेंगे। क्या है X मनी और इसमें कौन-सी सुविधाएं हैं? X मनी, X का फाइनेंशियल सर्विस प्लेटफॉर्म है। इसके जरिए यूजर्स के बीच पैसे ट्रांसफर करने, डिपॉजिट अकाउंट और X-ब्रांडेड वीजा डेबिट कार्ड जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। इसका पेमेंट और बैंकिंग इंफ्रास्ट्रक्चर क्रॉस रिवर बैंक के साथ जुड़ा है। X मनी खुद बैंक नहीं है, बल्कि बैंकिंग पार्टनर के माध्यम से वित्तीय सेवाएं उपलब्ध कराने वाला प्लेटफॉर्म है। इससे जुड़ी सुविधाओं में पात्र डिपॉजिट पर ब्याज, खरीदारी पर कैशबैक और डेबिट कार्ड को Apple Pay से कनेक्ट करने जैसे विकल्प शामिल हैं। इन सुविधाओं की उपलब्धता यूजर की पात्रता और लागू शर्तों पर निर्भर करती है। X को ‘एवरीथिंग ऐप’ बनाना चाहते हैं मस्क इलॉन मस्क लंबे समय से X को सिर्फ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म तक सीमित नहीं रखना चाहते। उनका लक्ष्य इसे ‘एवरीथिंग ऐप’ यानी सुपर ऐप के रूप में विकसित करना है, जहां सोशल मीडिया, मैसेजिंग और वित्तीय सेवाएं एक ही जगह मिल सकें। X मनी के जरिए टिप भेजने का फीचर इसी रणनीति का हिस्सा है। अगर यह सुविधा व्यापक स्तर पर शुरू होती है, तो क्रिएटर्स को अपने कंटेंट के जरिए सीधे आर्थिक सहयोग पाने का एक और माध्यम मिल सकता है। भारत में कब शुरू होगा X मनी? X ने भारत में X मनी या नए टिपिंग फीचर को लॉन्च करने की कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की है। फिलहाल भारतीय यूजर्स के लिए इसकी उपलब्धता को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। भारत में पहले से ही UPI आधारित डिजिटल पेमेंट का बड़ा नेटवर्क मौजूद है। ऐसे में X मनी को भारत में वित्तीय सेवाएं शुरू करने के लिए देश के लागू बैंकिंग, भुगतान और नियामकीय नियमों का पालन करना होगा। क्या होता है ‘एवरीथिंग ऐप’? एवरीथिंग ऐप या सुपर ऐप ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म होता है, जिसमें एक ही ऐप के जरिए कई तरह की सेवाएं इस्तेमाल की जा सकती हैं। इनमें सोशल मीडिया, मैसेजिंग, डिजिटल पेमेंट, शॉपिंग और बैंकिंग जैसी सुविधाएं शामिल हो सकती हैं। चीन का WeChat इसका प्रमुख उदाहरण है, जहां मैसेजिंग के साथ भुगतान और कई अन्य डिजिटल सेवाएं भी मिलती हैं। मस्क X को भी इसी तरह का बहुउद्देशीय प्लेटफॉर्म बनाना चाहते हैं।

पूर्व जज संजय किशन कौल का पूर्व CJI चंद्रचूड़ पर निशाना, बोले- जजों की नियुक्ति में सरकार के प्रति ज्यादा झुके थे

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज संजय किशन कौल ने पूर्व मुख्य न्यायाधीश (CJI) डीवाई चंद्रचूड़ के रवैए पर सवाल उठाए हैं। अपनी आगामी किताब ‘विदाउट फियर ऑर फेवर’ में कौल ने आरोप लगाया है कि न्यायाधीशों की नियुक्ति के मामले में चंद्रचूड़ सरकार के प्रति जरूरत से ज्यादा झुके हुए थे। कौल के मुताबिक, नियुक्तियों से पहले सरकार की राय लेने की प्रवृत्ति न्यायपालिका की स्वतंत्रता के लिए चिंता का विषय है। कौल ने किताब में कॉलेजियम की उस बैठक का जिक्र किया है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट की छह रिक्तियों को भरने के लिए नामों पर विचार किया गया था। उन्होंने कहा कि सरकार से निपटने के तरीके को लेकर मतभेदों के कारण चंद्रचूड़ के साथ उनके संबंधों में तनाव आया। कॉलेजियम बैठक में छठे नाम को लेकर मतभेद कौल के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट के छह जजों की नियुक्ति पर विचार के दौरान पांच नामों पर पहले सहमति बन चुकी थी। बैठक से ठीक पहले तत्कालीन CJI चंद्रचूड़ ने छठे उम्मीदवार का नाम उनके सामने रखा। कौल ने बताया कि चंद्रचूड़ उन्हें एक अलग कमरे में ले गए और पूछा कि क्या उन्हें सरकार का रुख जानने के लिए फोन करना चाहिए। कौल ने द वायर से बातचीत में कहा कि उन्हें नहीं लगता कि यह सरकार को खुश करने का मामला था, लेकिन नामों पर पहले उनके साथ चर्चा हुई थी। उन्होंने कहा कि छठे उम्मीदवार के नाम पर उनकी सहमति नहीं थी और उन्हें लगा कि कॉलेजियम के अन्य सदस्य भी उस नाम को स्वीकार नहीं करेंगे। कौल के अनुसार, बैठक में वही हुआ और छठे नाम पर सहमति नहीं बन सकी। उन्होंने आशंका जताई कि शायद चंद्रचूड़ ने इस नाम सहित अन्य नामों को लेकर सरकार से पहले ही किसी तरह की मंजूरी ले ली थी। नियुक्तियों से पहले सरकार की राय लेने पर आपत्ति जस्टिस कौल ने कहा कि कॉलेजियम की औपचारिक चर्चा से पहले सरकार के साथ नामों पर विचार-विमर्श करने की परंपरा चिंता पैदा करती है। उनके मुताबिक, सरकार से सलाह लेना और पहले से मंजूरी लेना दो अलग-अलग बातें हैं। कौल का मानना है कि कॉलेजियम को न्यायपालिका की स्वतंत्रता बनाए रखने के लिए सरकार के दबाव का विरोध करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर नियुक्तियों से पहले सरकार की सहमति लेने की प्रक्रिया परंपरा बन जाती है, तो भविष्य में आने वाले मुख्य न्यायाधीशों के लिए इससे अलग चलना मुश्किल हो सकता है। NJAC पर भी रखी अपनी राय किताब में कौल ने 2015 में केंद्र सरकार की ओर से पेश किए गए नेशनल ज्यूडिशियल अपॉइंटमेंट्स कमीशन (NJAC) का भी उल्लेख किया है। उन्होंने कहा कि उस समय नियुक्ति व्यवस्था को लेकर आमने-सामने बैठकर चर्चा की जा सकती थी। कौल के मुताबिक, मौजूदा व्यवस्था में सुधार और उसके तौर-तरीकों में बदलाव की गुंजाइश थी। हालांकि, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सुधार के नाम पर नियुक्तियों से पहले सरकार की मंजूरी लेने की परंपरा को बढ़ावा नहीं मिलना चाहिए। PMLA मामले को दूसरी बेंच में भेजने पर भी सवाल कौल ने अपनी बेंच के एक फैसले से जुड़े मामले को दूसरी बेंच में भेजे जाने पर भी आपत्ति जताई। यह मामला मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA) से जुड़े फैसले के कुछ हिस्सों पर दोबारा विचार करने से संबंधित था। कौल का कहना था कि किसी मामले को इस आशंका के आधार पर एक बेंच से दूसरी बेंच में नहीं भेजा जाना चाहिए कि फैसला किस दिशा में जा सकता है। कांग्रेस ने न्यायपालिका की स्वतंत्रता का मुद्दा उठाया कौल की किताब अभी बाजार में नहीं आई है, लेकिन उनके बयानों के आधार पर कांग्रेस ने न्यायपालिका की स्वतंत्रता को लेकर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस महासचिव और संचार प्रभारी जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा कि कौल ने न्यायाधीशों की नियुक्ति में सरकार के दखल से जुड़ी चिंताएं सामने रखी हैं। रमेश के मुताबिक, इनमें कॉलेजियम की बैठकों से पहले सरकार की मंजूरी लेने की कोशिश और अल्पसंख्यक समुदाय से आने वाले एक न्यायाधीश की जाति को लेकर सरकार की ओर से पूछताछ का मुद्दा भी शामिल है। उन्होंने कहा कि कौल ने इन विषयों को नपे-तुले शब्दों में दर्ज किया है। कांग्रेस ने इसे न्यायपालिका को सत्ता में बैठे लोगों के दबाव से मुक्त रखने की जरूरत से जोड़कर देखा है। कौल बोले- भविष्य के CJI के लिए परंपरा बदलना मुश्किल होगा कौल ने अपने रुख को स्पष्ट करते हुए कहा कि मुख्य न्यायाधीश का कार्यकाल सीमित होता है, लेकिन उनके फैसलों से बनी परंपराएं आगे भी जारी रह सकती हैं। उनके मुताबिक, यदि नियुक्तियों से पहले सरकार से चर्चा करने की प्रक्रिया सामान्य बन जाती है, तो बाद में आने वाले मुख्य न्यायाधीशों के लिए उससे अलग रास्ता अपनाना मुश्किल हो सकता है। इसी वजह से उन्होंने चंद्रचूड़ को इस तरह की प्रक्रिया से बचने की सलाह देने की कोशिश की।

भोपाल में 1.50 लाख की MD ड्रग्स के साथ दो युवक गिरफ्तार, बाइक-मोबाइल समेत 3 लाख का सामान जब्त

भोपाल। राजधानी भोपाल में परवलिया सड़क थाना पुलिस ने बायपास रोड पर घेराबंदी कर दो युवकों को MD ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 12.63 ग्राम MD ड्रग्स बरामद हुई है, जिसकी कीमत करीब 1.50 लाख रुपए बताई गई है। पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल बाइक और मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। जब्त सामान की कुल कीमत करीब 3 लाख रुपए आंकी गई है। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने की घेराबंदी पुलिस के मुताबिक, 24 अक्टूबर की रात मुखबिर से सूचना मिली थी कि दो युवक बाइक से MD ड्रग्स लेकर थाना क्षेत्र से गुजरने वाले हैं। सूचना मिलने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया। थाना प्रभारी के नेतृत्व में पांच पुलिस टीमें गठित कर बायपास रोड पर घेराबंदी की गई। रात करीब 1:40 बजे पुलिस को बाइक पर सवार दो संदिग्ध युवक दिखाई दिए। पुलिस को देखकर दोनों ने बाइक मोड़कर भागने की कोशिश की, लेकिन घेराबंदी के चलते उन्हें पकड़ लिया गया। तरुण सराठे और अखिलेश मेहरा गिरफ्तार पुलिस के अनुसार, तलाशी के दौरान तरुण सराठे (24), निवासी छावनी पठार, बिलखिरिया के पास से 12.63 ग्राम MD ड्रग्स बरामद हुई। बाइक पर उसके साथ मौजूद अखिलेश मेहरा (24), निवासी छावनी पठार को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपियों के पास से ड्रग्स के अलावा तस्करी में इस्तेमाल बाइक और मोबाइल फोन जब्त किए हैं। जब्त सामान की कुल कीमत करीब 3 लाख रुपए बताई गई है। दोनों आरोपियों पर पहले से दर्ज हैं मामले पुलिस के मुताबिक, तरुण सराठे के खिलाफ बिलखिरिया थाने में मारपीट और आर्म्स एक्ट के दो मामले दर्ज हैं। वहीं, अखिलेश मेहरा के खिलाफ मारपीट के चार प्रकरण पहले से दर्ज हैं। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। ड्रग्स सप्लाई नेटवर्क की जांच जारी गिरफ्तारी के बाद पुलिस दोनों युवकों से पूछताछ कर रही है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि MD ड्रग्स कहां से लाई गई थी और इसे किसे सप्लाई किया जाना था। पुलिस ड्रग्स की खरीद-फरोख्त से जुड़े नेटवर्क की जानकारी भी जुटा रही है।

हरमनप्रीत और दीप्ति के शतक, भारत ने जिम्बाब्वे को दिया 329 रन का टारगेट

वडोदरा। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे वनडे मुकाबले में शानदार बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 6 विकेट पर 328 रन बनाए। वडोदरा के कोटांबी स्टेडियम में रविवार को टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की ओर से कप्तान हरमनप्रीत कौर और दीप्ति शर्मा ने शतक लगाए। दोनों के बीच छठे विकेट के लिए 153 रन की अहम साझेदारी हुई। भारत की शुरुआत खराब, 19 रन पर गिरे 2 विकेट भारतीय टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। स्मृति मंधाना पारी की चौथी गेंद पर बिना खाता खोले आउट हो गईं। इसके बाद शेफाली वर्मा भी 8 रन बनाकर पवेलियन लौट गईं। तीसरे ओवर में भारत का स्कोर 19 रन पर 2 विकेट हो गया। मुश्किल समय में प्रतीका रावल और हरमनप्रीत कौर ने पारी को संभाला। दोनों ने संभलकर बल्लेबाजी करते हुए टीम को शुरुआती झटकों से उबारा। प्रतीका रावल ने 67 गेंदों पर 61 रन बनाए। उनकी पारी में 4 चौके और 2 छक्के शामिल रहे। वह 22.2 ओवर में 143 रन के स्कोर पर आउट हुईं। हरमनप्रीत कौर ने 121 गेंदों पर बनाए 126 रन कप्तान हरमनप्रीत कौर ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 121 गेंदों पर 126 रन बनाए। उन्होंने अपनी पारी में 15 चौके लगाए। यह उनके वनडे करियर का आठवां शतक रहा। हालांकि, पारी के दौरान उनके तीन कैच भी छूटे। हरमनप्रीत का विकेट 46.2 ओवर में गिरा। उस समय भारतीय टीम 301 रन बना चुकी थी। पारी के बाद उन्होंने कहा कि लंबे समय बाद धूप में खेलना आसान नहीं था। उन्होंने बताया कि जब दूसरे छोर पर बल्लेबाज अच्छी लय में रन बना रही हो, तो स्ट्राइक बदलते रहना और साझेदारी को आगे बढ़ाना जरूरी होता है। दीप्ति शर्मा ने 86 गेंदों में जड़ा शतक छठे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरीं दीप्ति शर्मा ने 86 गेंदों पर 106 रन की पारी खेली। उन्होंने 15 चौके लगाए। दीप्ति ने 37 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और पारी के आखिरी ओवर में चौका लगाकर वनडे करियर का दूसरा शतक पूरा किया। दीप्ति ने हरमनप्रीत के साथ मिलकर भारतीय पारी को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। दोनों ने पांचवें विकेट के लिए 137 गेंदों पर 153 रन की साझेदारी की। इस दौरान दोनों ने विकेट बचाने के साथ रन गति भी बनाए रखी। दीप्ति शर्मा ने बनाए तीन रिकॉर्ड आखिरी 10 ओवर में बने 72 रन भारतीय टीम ने आखिरी 10 ओवर में 72 रन जोड़े और इस दौरान 2 विकेट गंवाए। हरमनप्रीत के आउट होने के बाद ऋचा घोष भी ज्यादा देर नहीं टिक सकीं। वह 9 गेंदों पर 7 रन बनाकर 47.6 ओवर में आउट हुईं। भारत ने निर्धारित 50 ओवर में 6 विकेट पर 328 रन बनाकर जिम्बाब्वे के सामने 329 रन का लक्ष्य रखा। दोनों टीमों की प्लेइंग-11 भारत: प्रतीका रावल, स्मृति मंधाना (कप्तान), शेफाली वर्मा, हरमनप्रीत कौर, तेजल हसब्निस, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष (विकेटकीपर), श्री चरणी, जिंतिमणि कलिता, सयाली सतघरे और वैष्णवी शर्मा। जिम्बाब्वे: मोडेस्टर मुपाचिकवा (विकेटकीपर), लोरिन फिरी, चिपो मुगेरी-तिरिपानो, बिलव्ड बिजा, जोसेफिन नकोमो (कप्तान), न्याशा ग्वांजुरा, चिएद्जा धुरुरु, मिशेल मावुंगा, नोमवेलो सिबांडा, तेंदाई मकुशा और ओलिंडर चारे।
BSF

BSF Action: कच्छ के Sir Creek में पकड़े गए 4 Pakistani Fishermen

गुजरात के कच्छ से भारत-पाकिस्तान सीमा पर सुरक्षा से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने रविवार, 25 अक्टूबर 2026 को सर क्रीक के संवेदनशील इलाके में चार पाकिस्तानी मछुआरों को पकड़ लिया। इस दौरान उनकी फाइबर से बनी मछली पकड़ने वाली नाव भी जब्त की गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, चारों मछुआरे कथित तौर पर केकड़े पकड़ने के लिए भारतीय जलक्षेत्र में दाखिल हुए थे। यह कार्रवाई खुफिया जानकारी मिलने के बाद की गई। घटना के बाद एक बार फिर कच्छ के समुद्री सीमा क्षेत्र में सुरक्षा और निगरानी को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, मछुआरों के भारतीय जलक्षेत्र में पहुंचने की परिस्थितियों और उनकी गतिविधियों की पूरी जानकारी जांच के बाद ही सामने आएगी। BSF ने कैसे पकड़े चार पाकिस्तानी मछुआरे? India Today की 25 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक, BSF को सूचना मिली थी कि कुछ पाकिस्तानी मछुआरे भारतीय जलक्षेत्र में मौजूद हैं। इसके बाद जवानों ने सर क्रीक इलाके में कार्रवाई करते हुए चारों को पकड़ लिया। पकड़े गए मछुआरों की पहचान कादिर थैमोर, मुहम्मद मूसा, अजगर थैमोर और अहसान जाट के रूप में बताई गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, चारों पाकिस्तान के सिंध प्रांत के निवासी हैं। कार्रवाई के दौरान उनकी फाइबर की नाव भी जब्त की गई। फिलहाल, पूछताछ और आगे की कानूनी प्रक्रिया से जुड़ी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं हुई है। आखिर क्या है मछुआरों का अपराध? इस मामले में सबसे अहम सवाल है कि चारों मछुआरे भारतीय जलक्षेत्र में क्यों पहुंचे थे। शुरुआती रिपोर्ट में कहा गया है कि वे केकड़े पकड़ने के लिए सीमा पार कर भारतीय क्षेत्र में दाखिल हुए थे। भारत के जलक्षेत्र में बिना अनुमति प्रवेश करना या वहां अवैध रूप से मछली पकड़ना संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई का कारण बन सकता है। हालांकि, इस मामले में अंतिम कानूनी स्थिति जांच और उपलब्ध सबूतों के आधार पर तय होगी। अभी तक सामने आई रिपोर्ट में चारों मछुआरों के जासूसी या किसी अन्य गंभीर गतिविधि में शामिल होने की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए मामले को लेकर किसी अपुष्ट दावे को तथ्य मानना सही नहीं होगा। कच्छ का Sir Creek इलाका क्यों है संवेदनशील? गुजरात का कच्छ क्षेत्र भारत और पाकिस्तान की समुद्री सीमा के पास स्थित है। सर क्रीक एक ज्वारीय जलमार्ग है, जो अपनी भौगोलिक स्थिति और दलदली इलाके के कारण सीमा पर निगरानी के लिहाज से चुनौतीपूर्ण माना जाता है। इस क्षेत्र में मछली पकड़ने के लिए नावों की आवाजाही होती है। समुद्री सीमा के आसपास होने के कारण किसी दूसरे देश की नाव का भारतीय जलक्षेत्र में प्रवेश करना सुरक्षा एजेंसियों के लिए जांच का विषय बन जाता है। BSF यहां नियमित गश्त और निगरानी करती है। संदिग्ध नाव या गतिविधि दिखाई देने पर जवान संबंधित लोगों से पूछताछ करते हैं और जरूरत पड़ने पर कानूनी कार्रवाई की जाती है। Kutch Border पर हाल की घटनाओं से बढ़ी निगरानी कच्छ के समुद्री सीमा क्षेत्र में अक्टूबर 2026 के दौरान पाकिस्तानी नागरिकों और नावों से जुड़े दूसरे मामले भी रिपोर्ट किए गए हैं। 19 अक्टूबर को कोटेश्वर के पास क्रीक क्षेत्र में गश्त के दौरान BSF ने एक पाकिस्तानी नागरिक को नाव के साथ पकड़ा था। शुरुआती जांच में नाव से मछली पकड़ने के उपकरण मिलने की जानकारी दी गई थी। इसके बाद इलाके में तलाशी अभियान चलाए जाने की खबर भी सामने आई। 20 अक्टूबर को कच्छ के लखपत और आसपास के क्रीक क्षेत्र से जुड़ी अन्य घटनाओं की भी रिपोर्ट आई थी। इन मामलों में नावों, पाकिस्तानी नागरिकों और तलाशी अभियान का जिक्र किया गया था। हालांकि, ये अलग-अलग घटनाएं हैं और इन्हें 25 अक्टूबर को पकड़े गए चार मछुआरों के मामले से अलग समझना जरूरी है। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं के बीच समुद्री सीमा पर निगरानी का महत्व बढ़ जाता है। फिर भी, केवल इन घटनाओं के आधार पर किसी बड़ी साजिश का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। क्या पाकिस्तानी नाव से कोई संदिग्ध सामान मिला? 25 अक्टूबर की घटना से जुड़ी शुरुआती रिपोर्ट में फाइबर की नाव जब्त किए जाने की पुष्टि हुई है। हालांकि, नाव से किसी हथियार, नशीले पदार्थ या अन्य संदिग्ध सामान की बरामदगी के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। इसलिए फिलहाल ऐसी किसी बरामदगी का दावा नहीं किया जा सकता। आगे की जांच में नाव, मछुआरों की गतिविधियों और भारतीय जलक्षेत्र में उनकी मौजूदगी से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जा सकती है। अब आगे क्या होगा? चारों मछुआरों को पकड़े जाने के बाद अब जांच और कानूनी प्रक्रिया के अगले चरण महत्वपूर्ण होंगे। संबंधित अधिकारी उनकी पहचान, भारतीय जलक्षेत्र में प्रवेश की परिस्थितियों और घटना से जुड़े दूसरे पहलुओं की जांच कर सकते हैं। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, BSF ने गुजरात के कच्छ स्थित सर क्रीक इलाके में चार पाकिस्तानी मछुआरों को पकड़ा है और उनकी नाव जब्त की है। वे भारतीय जलक्षेत्र में किन परिस्थितियों में पहुंचे और इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होगी, इसकी पूरी जानकारी जांच के बाद ही सामने आएगी। भारत-पाकिस्तान सीमा के पास स्थित इस संवेदनशील क्षेत्र में BSF की निगरानी सुरक्षा व्यवस्था का अहम हिस्सा है। मामले में आधिकारिक अपडेट आने पर आगे की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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