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चलती ट्रेन में चढ़ते समय महिला फिसली, प्लेटफॉर्म और ट्रेन के बीच गिरी, समय रहते बची जान

सागर। मध्य प्रदेश के सागर रेलवे स्टेशन पर शनिवार को बड़ा हादसा टल गया। प्लेटफॉर्म नंबर-2 पर हावड़ा-इंदौर एक्सप्रेस में चढ़ने के दौरान एक महिला का पैर फिसल गया और वह ट्रेन तथा प्लेटफॉर्म के बीच जा गिरी। घटना के बाद स्टेशन पर अफरा-तफरी मच गई। यात्रियों की सतर्कता और रेल पुलिस की त्वरित कार्रवाई से महिला की जान बच गई। जानकारी के अनुसार, ट्रेन संख्या 22912 हावड़ा-इंदौर एक्सप्रेस प्लेटफॉर्म नंबर-2 से रवाना होने ही वाली थी। इसी दौरान एक महिला यात्री दौड़कर ट्रेन में चढ़ने का प्रयास कर रही थी। ट्रेन चलने लगी थी, तभी महिला का संतुलन बिगड़ गया और वह प्लेटफॉर्म और ट्रेन के बीच गिर गई। घटना देखकर यात्रियों ने तुरंत शोर मचाया और ट्रेन में सवार एक यात्री ने चेन पुलिंग कर ट्रेन को रोक दिया। सूचना मिलते ही जीआरपी और आरपीएफ की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस और यात्रियों की मदद से महिला को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इस दौरान करीब 15 मिनट तक ट्रेन प्लेटफॉर्म पर रुकी रही। राहत की बात यह रही कि ट्रेन ने गति नहीं पकड़ी थी, जिससे बड़ा हादसा टल गया। प्राथमिक जांच के बाद महिला को सुरक्षित उसके परिजनों के हवाले कर दिया गया। रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि चलती ट्रेन में चढ़ने या उतरने की कोशिश न करें, क्योंकि ऐसी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।
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गुना में रिश्तेदारों ने पैन कार्ड का किया दुरुपयोग, ट्रैक्टर लोन में फर्जी गारंटर बनाकर लाखों का कर्ज चढ़ाया

गुना। मध्यप्रदेश के गुना जिले में धोखाधड़ी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक व्यक्ति के रिश्तेदारों ने उसकी जानकारी के बिना पैन कार्ड का इस्तेमाल कर ट्रैक्टर लोन में फर्जी गारंटर बना दिया। इस जालसाजी के कारण पीड़ित का सिबिल (CIBIL) स्कोर खराब हो गया और उसे वाहन फाइनेंस तक नहीं मिल सका। सिटी कोतवाली थाना पुलिस ने मामले की जांच के बाद पीड़ित के सगे जीजा सहित दो आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। स्कूटी खरीदने पहुंचे तो हुआ फर्जीवाड़े का खुलासा पुलिस के अनुसार, आसमानी माता मंदिर के पास रहने वाले जगमोहन प्रजापति अक्टूबर 2024 में स्कूटी खरीदने एक शोरूम पहुंचे थे। फाइनेंस प्रक्रिया के दौरान जब उनका सिबिल स्कोर जांचा गया तो पता चला कि उनके नाम पर पहले से ट्रैक्टर और अन्य लोन चल रहे हैं, जिनकी कई किश्तें बकाया थीं। खराब सिबिल स्कोर के कारण उन्हें फाइनेंस नहीं मिला और अंततः पत्नी के नाम पर स्कूटी खरीदनी पड़ी। 2017 और 2021 में किया गया फर्जीवाड़ा बाद में इंडसइंड बैंक से जानकारी लेने पर सामने आया कि वर्ष 2017 में आरोपी देवेंद्र प्रजापति ने ट्रैक्टर खरीदते समय गारंटर के रूप में पीड़ित के पैन कार्ड का कथित रूप से गलत इस्तेमाल किया। इसके बाद 2021 में उसी ट्रैक्टर पर करीब 3.38 लाख रुपये का री-फाइनेंस लोन भी लिया गया, जिसमें भी पीड़ित के दस्तावेजों का उपयोग किया गया। जांच में यह भी सामने आया कि लोन की किश्तें समय पर जमा नहीं होने से पूरा वित्तीय बोझ पीड़ित के रिकॉर्ड पर दर्ज हो गया। पुलिस ने दर्ज किया मामला पीड़ित की शिकायत पर पुलिस अधीक्षक कार्यालय के निर्देश पर मामले की विस्तृत जांच की गई। बैंक से प्राप्त दस्तावेजों और जांच रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने आरोपी देवेंद्र प्रजापति और पीड़ित के जीजा जगमोहन प्रजापति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) और 319(2) के तहत धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिक खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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CSMCL ओवरटाइम भुगतान मामले में पूर्व MD अरुणपति त्रिपाठी गिरफ्तार, 172 करोड़ रुपये की कथित वित्तीय अनियमितता की जांच तेज

रायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CSMCL) में कथित 172 करोड़ रुपये के ओवरटाइम भुगतान घोटाले में आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तत्कालीन प्रबंध संचालक (MD) अरुणपति त्रिपाठी को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी का आरोप है कि फर्जी भुगतान के बदले कमीशन लेने में उनकी भूमिका सामने आई है। अरुणपति त्रिपाठी को 17 जुलाई को गिरफ्तार किया गया था। शनिवार को उन्हें रायपुर की अदालत में पेश किया गया, जहां से कोर्ट ने 20 जुलाई तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया। मैनपावर एजेंसियों को करोड़ों का अतिरिक्त भुगतान EOW-ACB की जांच के अनुसार वर्ष 2019-20 से 2023-24 के बीच कई मैनपावर एजेंसियों को कर्मचारियों के नाम पर नियमों से परे अतिरिक्त भुगतान किया गया। जांच के दायरे में सुमित फैसिलिटीज, प्राइमवन वर्कफोर्स, ए-टू-जेड इंफ्रासर्विसेज, अलर्ट कमांडोज और ईगल हंटर सॉल्यूशंस जैसी कंपनियां शामिल हैं। जांच में सामने आया कि: का अतिरिक्त भुगतान किया गया। एजेंसियों के अनुसार कुल भुगतान लगभग 182.98 करोड़ रुपये तक पहुंचता है, जबकि प्राथमिकी में करीब 172 करोड़ रुपये की कथित अनियमितता की जांच की जा रही है। ED की कार्रवाई के बाद दर्ज हुई थी FIR प्रवर्तन निदेशालय (ED) के रायपुर कार्यालय ने 29 नवंबर 2023 को तीन लोगों से 28.80 लाख रुपये नकद जब्त किए थे। इसके बाद राज्य सरकार को भेजी गई रिपोर्ट के आधार पर EOW ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच एजेंसियों का आरोप है कि फर्जी बिल, बढ़े हुए भुगतान और कथित कमीशन नेटवर्क के जरिए सरकारी राशि का दुरुपयोग किया गया और इसका बड़ा हिस्सा नकद कमीशन के रूप में वापस लिया गया। 12 आरोपियों के खिलाफ पहले ही चार्जशीट इस मामले में पहले ही 12 आरोपियों के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र पेश किया जा चुका है। अब अरुणपति त्रिपाठी से पूछताछ के दौरान जांच एजेंसियों को घोटाले से जुड़े अन्य लोगों और वित्तीय लेनदेन के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और एजेंसियां कथित वित्तीय अनियमितताओं की पूरी श्रृंखला की पड़ताल कर रही हैं। अधिक खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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ग्वालियर में निकली भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा, 42 फीट ऊंचे हाइड्रोलिक रथ पर नगर भ्रमण

ग्वालियर। मध्यप्रदेश के ग्वालियर में शनिवार को इस्कॉन (ISKCON) की ओर से भगवान श्रीजगन्नाथ, बलदेव और सुभद्रा की भव्य रथयात्रा श्रद्धा और उत्साह के साथ निकाली गई। 42 फीट ऊंचे विशेष हाइड्रोलिक रथ पर सवार भगवान के दर्शन के लिए हजारों श्रद्धालु उमड़े। “जय जगन्नाथ” और “हरे कृष्ण” के जयघोष से पूरा शहर भक्तिमय माहौल में डूब गया। रथयात्रा का शुभारंभ जीवाजी क्लब से हुआ। मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने भगवान की पूजा-अर्चना की और पारंपरिक छेरा पहंरा (स्वर्ण झाड़ू) सेवा निभाकर यात्रा को रवाना किया। 200 किलो प्राकृतिक फूलों से सजा रथ इस वर्ष की रथयात्रा कई मायनों में विशेष रही। 42 फीट ऊंचे हाइड्रोलिक रथ को लगभग 200 किलोग्राम प्राकृतिक फूलों से आकर्षक ढंग से सजाया गया। श्रद्धालुओं ने रस्सियों से रथ खींचते हुए भगवान जगन्नाथ की आराधना की। यात्रा में रूस से आए कीर्तन मंडल, वृंदावन के श्रद्धालु और दिल्ली का प्रसिद्ध माधवास रॉक बैंड हरे नाम संकीर्तन प्रस्तुत कर रहे हैं। इसके अलावा भगवान श्री चैतन्य महाप्रभु और पंचतत्त्व की भव्य पालकी भी आकर्षण का केंद्र रही। इन मार्गों से होकर निकली रथयात्रा रथयात्रा जीवाजी क्लब से शुरू होकर अचलेश्वर, इंदरगंज, दाल बाजार, नया बाजार, लोहिया बाजार, महाराज बाड़ा, नई सड़क और लक्ष्मीगंज होते हुए गोयल वाटिका पहुंचेगी। यहां महाआरती, विशाल भंडारे और विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों के साथ रथयात्रा का समापन होगा। हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी और भक्ति भाव से सराबोर इस आयोजन ने ग्वालियर में आध्यात्मिक उत्सव का माहौल बना दिया। अधिक खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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राम मंदिर ट्रस्ट पर कांग्रेस के गंभीर आरोप: चढ़ावे में अनियमितता की निष्पक्ष जांच की मांग

रायपुर। रायपुर पश्चिम के पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में कथित चढ़ावे की चोरी और वित्तीय अनियमितताओं को लेकर केंद्र सरकार, भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम करोड़ों लोगों की आस्था के प्रतीक हैं और उनके नाम पर एकत्र किए गए चंदे में यदि किसी प्रकार की अनियमितता हुई है तो इसकी निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जानी चाहिए। गुरुवार को छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कांग्रेस भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में विकास उपाध्याय ने कहा कि राम मंदिर निर्माण के लिए देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं ने विश्वास और श्रद्धा के साथ दान दिया था। ऐसे में चंदे के उपयोग को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब मिलना जरूरी है। आस्था और विश्वास का विषय बताया विकास उपाध्याय ने कहा कि यह केवल आर्थिक अनियमितता का मामला नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास से जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने कहा कि यदि चंदे या चढ़ावे में किसी तरह की वित्तीय गड़बड़ी हुई है तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके। इस्तीफों पर भी उठाए सवाल कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े कुछ पदाधिकारियों के इस्तीफों और मीडिया में सामने आई खबरों ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है। उन्होंने सवाल किया कि यदि ट्रस्ट का संचालन पूरी तरह पारदर्शी है तो स्वतंत्र जांच कराने में संकोच क्यों किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि श्रद्धालुओं का विश्वास बना रहे और किसी भी तरह के संदेह का समाधान हो सके। नोट: यह आरोप कांग्रेस नेता विकास उपाध्याय द्वारा प्रेस वार्ता में लगाए गए हैं। संबंधित ट्रस्ट, भाजपा, आरएसएस या केंद्र सरकार की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया खबर लिखे जाने तक सामने नहीं आई है। अधिक खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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भोपाल के 40 से अधिक इलाकों में शनिवार को 6 घंटे तक बिजली कटौती, मेंटेनेंस के चलते सप्लाई रहेगी प्रभावित

भोपाल। राजधानी भोपाल के 40 से अधिक इलाकों में शनिवार को बिजली कंपनी के निर्धारित मेंटेनेंस कार्य के कारण 3 से 6 घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। बिजली कंपनी ने नागरिकों से अपील की है कि वे बिजली से जुड़े जरूरी कार्य पहले ही निपटा लें, ताकि असुविधा से बचा जा सके। प्रभावित क्षेत्रों में चूना भट्टी, जनता नगर, चाणक्यपुरी, कमला नगर, मक्सी, बागली समेत कई प्रमुख इलाके शामिल हैं। इन इलाकों में रहेगी बिजली बंद सुबह 10:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक सुबह 11:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक सुबह 10:00 बजे से दोपहर 2:30 बजे तक सुबह 10:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक सुबह 10:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक बिजली कंपनी के अनुसार, मेंटेनेंस कार्य पूरा होने के बाद सभी प्रभावित इलाकों में बिजली आपूर्ति सामान्य कर दी जाएगी। अधिक खबरों और ताजा अपडेट्स के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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₹70 करोड़ की MDMA ड्रग्स तस्करी मामले में ED की बड़ी कार्रवाई, इंदौर-मंदसौर समेत कई ठिकानों पर छापे

इंदौर। प्रवर्तन निदेशालय (ED) के इंदौर सब-जोनल कार्यालय ने करीब ₹70 करोड़ मूल्य की 70 किलोग्राम एमडीएमए (मेफेड्रोन) ड्रग्स तस्करी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में इंदौर, मंदसौर और अन्य स्थानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान एजेंसी ने कई अहम दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस और वित्तीय रिकॉर्ड जब्त किए हैं। ED ने बताया कि यह जांच इंदौर क्राइम ब्रांच द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की गई थी। मामला एनडीपीएस अधिनियम, 1985 की धारा 8 और 22 के तहत दर्ज किया गया था। फरार आरोपी को ट्रैक कर की गई कार्रवाई जांच के दौरान पता चला कि मामले का एक प्रमुख आरोपी अपने ठिकानों से फरार था। ED ने खुफिया सूचनाओं और आधुनिक तकनीकों की मदद से हैदराबाद, बीकानेर और इंदौर में उसकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी। कई दिनों की निगरानी के बाद आरोपी को इंदौर के एक गुप्त ठिकाने पर चिन्हित किया गया, जिसके बाद तलाशी अभियान चलाया गया। दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य जब्त तलाशी के दौरान एजेंसी को आरोपियों की संपत्तियों, बैंकिंग लेन-देन और वित्तीय नेटवर्क से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य मिले हैं। जब्त किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। ED अब इन साक्ष्यों के आधार पर अपराध से अर्जित संपत्ति (Proceeds of Crime), मनी ट्रेल और कथित मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क की विस्तृत जांच कर रही है। रिश्तेदार के नाम मिला बैंक लॉकर कार्रवाई के दौरान एक आरोपी के रिश्तेदार के नाम पर बैंक लॉकर होने की जानकारी भी सामने आई है। एजेंसी ने लॉकर की तलाशी और जब्ती की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। वित्तीय नेटवर्क की जांच जारी ED का कहना है कि तलाशी में मिले साक्ष्यों से ड्रग्स तस्करी से जुड़े वित्तीय नेटवर्क, संपत्तियों और अन्य सहयोगियों के बारे में महत्वपूर्ण सुराग मिलने की संभावना है। एजेंसी मामले में शामिल सभी लोगों की भूमिका और अवैध धन के लेन-देन की गहन जांच कर रही है। अधिक खबरों और ताजा अपडेट्स के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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गुना में सरकारी कर्मचारियों पर दो दिनों में दो हमले, आबकारी टीम और बिजली विभाग के कर्मचारियों से मारपीट

गुना। मध्य प्रदेश के गुना जिले में दो दिनों के भीतर सरकारी कर्मचारियों के साथ मारपीट के दो अलग-अलग मामले सामने आए हैं। एक मामले में अवैध शराब पकड़ने गई आबकारी विभाग की टीम पर हमला किया गया, जबकि दूसरे मामले में बिजली का बकाया बिल वसूलने और कनेक्शन काटने पहुंचे विद्युत विभाग के कर्मचारियों के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की गई। दोनों मामलों में कैंट थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अवैध शराब पकड़ने गई आबकारी टीम पर हमला कैंट थाने में दर्ज शिकायत के अनुसार आबकारी विभाग के उप निरीक्षक राधाकृष्ण अटारिया ने बताया कि बुधवार को जिले में अवैध शराब के खिलाफ संयुक्त कार्रवाई के लिए टीम गठित की गई थी। टीम में सहायक जिला आबकारी अधिकारी एल.आर. करोटिया, एसआई मोहनिश शर्मा, वर्धमान जैन, आरक्षक रामहेत सिंह कुशवाह, अरुण कुमार शर्मा, दिनेश कुमार राठौर, पूजा रघुवंशी और खुशबू रघुवंशी शामिल थे। दोपहर करीब 4:30 बजे टीम हरिपुर गांव के पास खेतों में पहुंची, जहां अवैध शराब मिलने पर जब्ती की कार्रवाई शुरू की गई। इसी दौरान कुछ लोग मौके पर पहुंच गए और कार्रवाई का विरोध करने लगे। आरोप है कि विरोध के दौरान आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए पत्थरों से हमला कर दिया, जिससे सरकारी वाहन के चालक दिलीप सांडे घायल हो गए। आरक्षक अरुण शर्मा के साथ भी धक्का-मुक्की की गई। आरोपियों ने सरकारी वाहन में भी तोड़फोड़ की। पुलिस ने नामजद और अन्य अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। बिजली विभाग की टीम से भी की गई मारपीट दूसरा मामला बिजली विभाग से जुड़ा है। फीडर इंचार्ज अमर सिंह यादव ने शिकायत में बताया कि विभाग की टीम राजस्व वसूली और बकाया बिल के कारण बिजली कनेक्शन काटने के लिए गोकुल सिंह चक बस्ती पहुंची थी। बताया गया कि उपभोक्ता ओमकारलाल अहिरवार पर 65,626 रुपए का बिजली बिल बकाया है और पिछले छह महीने से भुगतान नहीं किया गया है। शिकायत के अनुसार, दो दिन पहले जब कर्मचारी कनेक्शन काटने पहुंचे थे, तब उपभोक्ता और उसके परिवार ने विरोध कर कर्मचारियों को कार्रवाई नहीं करने दी। बुधवार शाम सहायक यंत्री प्रशांत यादव अपनी टीम के साथ दोबारा मौके पर पहुंचे। आरोप है कि वहां मौजूद संजेश अहिरवार, लखन अहिरवार और परिवार की एक महिला ने गाली-गलौज करते हुए कर्मचारियों से धक्का-मुक्की की। आरोपियों ने लाठी लेकर सहायक यंत्री पर हमला करने की कोशिश भी की, जिसके बाद कर्मचारी वहां से जान बचाकर निकले। पुलिस ने दर्ज किए दोनों मामलों में केस बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि तीन दिनों के भीतर कर्मचारियों के साथ दो बार अभद्रता और मारपीट हुई, जिससे वे असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। कैंट थाना पुलिस ने दोनों मामलों में संबंधित आरोपियों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा, मारपीट, धमकी और अन्य संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मध्य प्रदेश की ताजा खबरों और प्रशासनिक अपडेट के लिए पढ़ते रहें DeshHarPal। अधिक जानकारी के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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17 साल बाद पूरा होने जा रहा नर्मदा जल सुरंग का सपना, बरगी बांध का पानी पहुंचेगा विंध्य और बुंदेलखंड

कटनी। मध्य प्रदेश के महाकौशल, विंध्य और बुंदेलखंड क्षेत्र के लिए बड़ी खुशखबरी है। करीब 17 साल पहले शुरू हुई देश की सबसे बड़ी जल सुरंग (वॉटर टनल) परियोजना अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। कटनी जिले के स्लीमनाबाद में बन रही 11.95 किलोमीटर लंबी सुरंग लगभग पूरी हो चुकी है। इसके शुरू होते ही पहली बार बरगी बांध का पानी कटनी, मैहर, सतना, रीवा और पन्ना जिलों तक पहुंचेगा। मुख्यमंत्री ने किया परियोजना का निरीक्षण मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण (NVDA) के अधिकारियों के साथ परियोजना का निरीक्षण किया और निर्माण कार्य की प्रगति की जानकारी ली। सरकार का कहना है कि यह परियोजना प्रदेश के लाखों किसानों के लिए सिंचाई का नया आधार बनेगी। 1450 गांवों को मिलेगा सिंचाई का लाभ परियोजना के पूरा होने के बाद करीब 1450 गांवों की 2.45 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि को स्थायी सिंचाई सुविधा मिलने का दावा किया जा रहा है। शुरुआती चरण में लगभग 1.85 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को सीधे लाभ मिलने की संभावना है, जिससे किसानों की खेती और उत्पादन क्षमता में बड़ा बदलाव आएगा। 17 साल में पूरी हुई चुनौतीपूर्ण परियोजना इस महत्वाकांक्षी परियोजना की शुरुआत 2008 में हुई थी। समय के साथ इसकी लागत बढ़कर करीब 2,000 करोड़ रुपए तक पहुंच गई। निर्माण के दौरान इंजीनियरों को संगमरमर, चूना पत्थर, मिट्टी और बड़े-बड़े बोल्डरों जैसी कठिन भूगर्भीय परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। सुरंग की खुदाई में इस्तेमाल होने वाले महंगे कटर कई बार टूटे, जिन पर ही करीब 67 करोड़ रुपए खर्च हो गए। मीथेन गैस और मशीन खराब होने से रुका काम वर्ष 2013 में सुरंग के भीतर मीथेन गैस मिलने के कारण लगभग चार महीने तक निर्माण कार्य रोकना पड़ा। इसके बाद 2016 में अमेरिका से मंगाई गई अत्याधुनिक रॉबिन्स टनल बोरिंग मशीन (TBM) भी खराब हो गई। बाद में जर्मनी से नई मशीन मंगाकर काम दोबारा शुरू किया गया। पानी निकालने पर ही खर्च हुए 200 करोड़ रुपए निर्माण के दौरान सुरंग में अनुमान से कहीं अधिक भूजल रिसाव हुआ। हर मिनट 18 से 20 हजार लीटर पानी सुरंग में भरने लगा। शुरुआत में 50 से 100 हॉर्स पावर के पंप लगाए गए, लेकिन बाद में उनकी क्षमता बढ़ाकर 4000 हॉर्स पावर तक करनी पड़ी। केवल सुरंग से पानी निकालने (डी-वाटरिंग) पर ही 200 करोड़ रुपए से अधिक खर्च किए गए, जिसके बाद निर्माण कार्य को आगे बढ़ाया जा सका। युवा कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लिया गया मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान किसी भी संभावित विरोध को रोकने के लिए पुलिस और प्रशासन ने युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष मोहम्मद इसराइल को उनके घर से हिरासत में लिया। इसके अलावा जिले के कई अन्य युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं को भी एहतियातन हिरासत में लिया गया। मध्य प्रदेश की राजनीति, विकास परियोजनाओं और ताजा खबरों के लिए पढ़ते रहें DeshHarPal। अधिक जानकारी के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में नाबालिग की गर्भसमापन याचिका, मेडिकल बोर्ड गठित करने के निर्देश

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता की गर्भसमापन (अबॉर्शन) की अनुमति से जुड़ी याचिका पर सुनवाई करते हुए मामले को गंभीरता से लिया है। अदालत ने रायपुर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) को विशेषज्ञ चिकित्सकों का मेडिकल बोर्ड गठित कर पीड़िता का स्वास्थ्य परीक्षण कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट 20 जुलाई 2026 तक हाईकोर्ट में पेश करने को कहा है। शादी का झांसा देकर दुष्कर्म, नाबालिग हुई गर्भवती मामला रायपुर जिले का है, जहां एक युवक पर आरोप है कि उसने नाबालिग लड़की को शादी का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया। इस घटना के बाद पीड़िता गर्भवती हो गई। शिकायत मिलने पर पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। हालांकि आरोपी की गिरफ्तारी के बाद भी पीड़िता की गर्भावस्था से जुड़ी समस्या बनी रही। इसके चलते नाबालिग ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर गर्भसमापन की अनुमति मांगी। याचिका में सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व फैसलों का भी हवाला दिया गया है। हाईकोर्ट ने मेडिकल बोर्ड गठित करने के दिए निर्देश सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि किसी भी आदेश से पहले पीड़िता का चिकित्सकीय परीक्षण आवश्यक है। इस पर हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि रायपुर के CMHO विशेषज्ञ चिकित्सकों का मेडिकल बोर्ड गठित करें, जिसमें स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ (गायनेकोलॉजिस्ट) भी शामिल हों। मेडिकल बोर्ड यह जांच करेगा कि गर्भसमापन सुरक्षित रूप से किया जा सकता है या नहीं और इससे पीड़िता के जीवन या स्वास्थ्य पर कोई गंभीर खतरा तो नहीं होगा। पीड़िता की गोपनीयता और सुरक्षा का विशेष ध्यान अदालत ने निर्देश दिया कि स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान परिवार की सहमति से एक वयस्क महिला सदस्य की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। साथ ही पीड़िता की पहचान, गोपनीयता और सुविधा का पूरा ध्यान रखा जाए, ताकि उसे किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। 20 जुलाई तक सौंपनी होगी मेडिकल रिपोर्ट हाईकोर्ट ने CMHO को निर्देश दिया है कि मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट 20 जुलाई 2026 तक अदालत में प्रस्तुत की जाए। रिपोर्ट में गर्भसमापन की चिकित्सकीय संभावना, उससे जुड़े जोखिम और संभावित स्वास्थ्य प्रभावों का स्पष्ट उल्लेख किया जाएगा। मेडिकल रिपोर्ट मिलने के बाद ही हाईकोर्ट इस मामले में आगे की सुनवाई कर अंतिम निर्णय लेगा। (पीड़िता की पहचान कानून के अनुसार गोपनीय रखी गई है।) छत्तीसगढ़, न्यायालय और प्रदेश की महत्वपूर्ण खबरों के लिए पढ़ते रहें DeshHarPal। अधिक जानकारी के लिए विजिट करें:www.deshharpal.com
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X पर अब लाइक बटन दबाकर भेज सकेंगे $1 की टिप, मस्क ने नए फीचर का किया ऐलान

नई दिल्ली। इलॉन मस्क सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X को फाइनेंशियल सर्विसेज से जोड़ने की दिशा में एक और कदम उठा रहे हैं। मस्क ने ऐलान किया है कि X पर यूजर्स लाइक बटन को लॉन्ग-प्रेस करके किसी यूजर या क्रिएटर को 1 डॉलर की टिप भेज सकेंगे। यह पेमेंट कंपनी के फाइनेंशियल प्लेटफॉर्म X मनी के जरिए किया जाएगा। मस्क ने X पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी। उन्होंने लिखा कि X मनी के माध्यम से किसी को भी 1 डॉलर भेजने के लिए लाइक बटन पर लॉन्ग-प्रेस करने का विकल्प जोड़ा जा रहा है। कैसे काम करेगा नया टिपिंग फीचर? इस फीचर के जरिए यूजर्स किसी पोस्ट के लेखक या क्रिएटर को सीधे आर्थिक मदद दे सकेंगे। इसके लिए लाइक बटन को कुछ देर तक दबाना होगा। इसके बाद X मनी के पेमेंट सिस्टम के जरिए 1 डॉलर ट्रांसफर करने का विकल्प मिलेगा। इस व्यवस्था का मकसद क्रिएटर्स को सपोर्ट करने की प्रक्रिया आसान बनाना है, ताकि यूजर्स को अलग से पेमेंट ऐप या लंबी प्रक्रिया का सहारा न लेना पड़े। हालांकि, X ने अभी तक इस फीचर के लॉन्च की तारीख और इसकी उपलब्धता से जुड़ी शर्तों की जानकारी नहीं दी है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि यूजर्स 1 डॉलर की तय रकम को बदल सकेंगे या भविष्य में अलग-अलग रकम भेजने के विकल्प भी मिलेंगे। क्या है X मनी और इसमें कौन-सी सुविधाएं हैं? X मनी, X का फाइनेंशियल सर्विस प्लेटफॉर्म है। इसके जरिए यूजर्स के बीच पैसे ट्रांसफर करने, डिपॉजिट अकाउंट और X-ब्रांडेड वीजा डेबिट कार्ड जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। इसका पेमेंट और बैंकिंग इंफ्रास्ट्रक्चर क्रॉस रिवर बैंक के साथ जुड़ा है। X मनी खुद बैंक नहीं है, बल्कि बैंकिंग पार्टनर के माध्यम से वित्तीय सेवाएं उपलब्ध कराने वाला प्लेटफॉर्म है। इससे जुड़ी सुविधाओं में पात्र डिपॉजिट पर ब्याज, खरीदारी पर कैशबैक और डेबिट कार्ड को Apple Pay से कनेक्ट करने जैसे विकल्प शामिल हैं। इन सुविधाओं की उपलब्धता यूजर की पात्रता और लागू शर्तों पर निर्भर करती है। X को ‘एवरीथिंग ऐप’ बनाना चाहते हैं मस्क इलॉन मस्क लंबे समय से X को सिर्फ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म तक सीमित नहीं रखना चाहते। उनका लक्ष्य इसे ‘एवरीथिंग ऐप’ यानी सुपर ऐप के रूप में विकसित करना है, जहां सोशल मीडिया, मैसेजिंग और वित्तीय सेवाएं एक ही जगह मिल सकें। X मनी के जरिए टिप भेजने का फीचर इसी रणनीति का हिस्सा है। अगर यह सुविधा व्यापक स्तर पर शुरू होती है, तो क्रिएटर्स को अपने कंटेंट के जरिए सीधे आर्थिक सहयोग पाने का एक और माध्यम मिल सकता है। भारत में कब शुरू होगा X मनी? X ने भारत में X मनी या नए टिपिंग फीचर को लॉन्च करने की कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की है। फिलहाल भारतीय यूजर्स के लिए इसकी उपलब्धता को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। भारत में पहले से ही UPI आधारित डिजिटल पेमेंट का बड़ा नेटवर्क मौजूद है। ऐसे में X मनी को भारत में वित्तीय सेवाएं शुरू करने के लिए देश के लागू बैंकिंग, भुगतान और नियामकीय नियमों का पालन करना होगा। क्या होता है ‘एवरीथिंग ऐप’? एवरीथिंग ऐप या सुपर ऐप ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म होता है, जिसमें एक ही ऐप के जरिए कई तरह की सेवाएं इस्तेमाल की जा सकती हैं। इनमें सोशल मीडिया, मैसेजिंग, डिजिटल पेमेंट, शॉपिंग और बैंकिंग जैसी सुविधाएं शामिल हो सकती हैं। चीन का WeChat इसका प्रमुख उदाहरण है, जहां मैसेजिंग के साथ भुगतान और कई अन्य डिजिटल सेवाएं भी मिलती हैं। मस्क X को भी इसी तरह का बहुउद्देशीय प्लेटफॉर्म बनाना चाहते हैं।

पूर्व जज संजय किशन कौल का पूर्व CJI चंद्रचूड़ पर निशाना, बोले- जजों की नियुक्ति में सरकार के प्रति ज्यादा झुके थे

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज संजय किशन कौल ने पूर्व मुख्य न्यायाधीश (CJI) डीवाई चंद्रचूड़ के रवैए पर सवाल उठाए हैं। अपनी आगामी किताब ‘विदाउट फियर ऑर फेवर’ में कौल ने आरोप लगाया है कि न्यायाधीशों की नियुक्ति के मामले में चंद्रचूड़ सरकार के प्रति जरूरत से ज्यादा झुके हुए थे। कौल के मुताबिक, नियुक्तियों से पहले सरकार की राय लेने की प्रवृत्ति न्यायपालिका की स्वतंत्रता के लिए चिंता का विषय है। कौल ने किताब में कॉलेजियम की उस बैठक का जिक्र किया है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट की छह रिक्तियों को भरने के लिए नामों पर विचार किया गया था। उन्होंने कहा कि सरकार से निपटने के तरीके को लेकर मतभेदों के कारण चंद्रचूड़ के साथ उनके संबंधों में तनाव आया। कॉलेजियम बैठक में छठे नाम को लेकर मतभेद कौल के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट के छह जजों की नियुक्ति पर विचार के दौरान पांच नामों पर पहले सहमति बन चुकी थी। बैठक से ठीक पहले तत्कालीन CJI चंद्रचूड़ ने छठे उम्मीदवार का नाम उनके सामने रखा। कौल ने बताया कि चंद्रचूड़ उन्हें एक अलग कमरे में ले गए और पूछा कि क्या उन्हें सरकार का रुख जानने के लिए फोन करना चाहिए। कौल ने द वायर से बातचीत में कहा कि उन्हें नहीं लगता कि यह सरकार को खुश करने का मामला था, लेकिन नामों पर पहले उनके साथ चर्चा हुई थी। उन्होंने कहा कि छठे उम्मीदवार के नाम पर उनकी सहमति नहीं थी और उन्हें लगा कि कॉलेजियम के अन्य सदस्य भी उस नाम को स्वीकार नहीं करेंगे। कौल के अनुसार, बैठक में वही हुआ और छठे नाम पर सहमति नहीं बन सकी। उन्होंने आशंका जताई कि शायद चंद्रचूड़ ने इस नाम सहित अन्य नामों को लेकर सरकार से पहले ही किसी तरह की मंजूरी ले ली थी। नियुक्तियों से पहले सरकार की राय लेने पर आपत्ति जस्टिस कौल ने कहा कि कॉलेजियम की औपचारिक चर्चा से पहले सरकार के साथ नामों पर विचार-विमर्श करने की परंपरा चिंता पैदा करती है। उनके मुताबिक, सरकार से सलाह लेना और पहले से मंजूरी लेना दो अलग-अलग बातें हैं। कौल का मानना है कि कॉलेजियम को न्यायपालिका की स्वतंत्रता बनाए रखने के लिए सरकार के दबाव का विरोध करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर नियुक्तियों से पहले सरकार की सहमति लेने की प्रक्रिया परंपरा बन जाती है, तो भविष्य में आने वाले मुख्य न्यायाधीशों के लिए इससे अलग चलना मुश्किल हो सकता है। NJAC पर भी रखी अपनी राय किताब में कौल ने 2015 में केंद्र सरकार की ओर से पेश किए गए नेशनल ज्यूडिशियल अपॉइंटमेंट्स कमीशन (NJAC) का भी उल्लेख किया है। उन्होंने कहा कि उस समय नियुक्ति व्यवस्था को लेकर आमने-सामने बैठकर चर्चा की जा सकती थी। कौल के मुताबिक, मौजूदा व्यवस्था में सुधार और उसके तौर-तरीकों में बदलाव की गुंजाइश थी। हालांकि, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सुधार के नाम पर नियुक्तियों से पहले सरकार की मंजूरी लेने की परंपरा को बढ़ावा नहीं मिलना चाहिए। PMLA मामले को दूसरी बेंच में भेजने पर भी सवाल कौल ने अपनी बेंच के एक फैसले से जुड़े मामले को दूसरी बेंच में भेजे जाने पर भी आपत्ति जताई। यह मामला मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA) से जुड़े फैसले के कुछ हिस्सों पर दोबारा विचार करने से संबंधित था। कौल का कहना था कि किसी मामले को इस आशंका के आधार पर एक बेंच से दूसरी बेंच में नहीं भेजा जाना चाहिए कि फैसला किस दिशा में जा सकता है। कांग्रेस ने न्यायपालिका की स्वतंत्रता का मुद्दा उठाया कौल की किताब अभी बाजार में नहीं आई है, लेकिन उनके बयानों के आधार पर कांग्रेस ने न्यायपालिका की स्वतंत्रता को लेकर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस महासचिव और संचार प्रभारी जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा कि कौल ने न्यायाधीशों की नियुक्ति में सरकार के दखल से जुड़ी चिंताएं सामने रखी हैं। रमेश के मुताबिक, इनमें कॉलेजियम की बैठकों से पहले सरकार की मंजूरी लेने की कोशिश और अल्पसंख्यक समुदाय से आने वाले एक न्यायाधीश की जाति को लेकर सरकार की ओर से पूछताछ का मुद्दा भी शामिल है। उन्होंने कहा कि कौल ने इन विषयों को नपे-तुले शब्दों में दर्ज किया है। कांग्रेस ने इसे न्यायपालिका को सत्ता में बैठे लोगों के दबाव से मुक्त रखने की जरूरत से जोड़कर देखा है। कौल बोले- भविष्य के CJI के लिए परंपरा बदलना मुश्किल होगा कौल ने अपने रुख को स्पष्ट करते हुए कहा कि मुख्य न्यायाधीश का कार्यकाल सीमित होता है, लेकिन उनके फैसलों से बनी परंपराएं आगे भी जारी रह सकती हैं। उनके मुताबिक, यदि नियुक्तियों से पहले सरकार से चर्चा करने की प्रक्रिया सामान्य बन जाती है, तो बाद में आने वाले मुख्य न्यायाधीशों के लिए उससे अलग रास्ता अपनाना मुश्किल हो सकता है। इसी वजह से उन्होंने चंद्रचूड़ को इस तरह की प्रक्रिया से बचने की सलाह देने की कोशिश की।

भोपाल में 1.50 लाख की MD ड्रग्स के साथ दो युवक गिरफ्तार, बाइक-मोबाइल समेत 3 लाख का सामान जब्त

भोपाल। राजधानी भोपाल में परवलिया सड़क थाना पुलिस ने बायपास रोड पर घेराबंदी कर दो युवकों को MD ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 12.63 ग्राम MD ड्रग्स बरामद हुई है, जिसकी कीमत करीब 1.50 लाख रुपए बताई गई है। पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल बाइक और मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। जब्त सामान की कुल कीमत करीब 3 लाख रुपए आंकी गई है। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने की घेराबंदी पुलिस के मुताबिक, 24 अक्टूबर की रात मुखबिर से सूचना मिली थी कि दो युवक बाइक से MD ड्रग्स लेकर थाना क्षेत्र से गुजरने वाले हैं। सूचना मिलने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया। थाना प्रभारी के नेतृत्व में पांच पुलिस टीमें गठित कर बायपास रोड पर घेराबंदी की गई। रात करीब 1:40 बजे पुलिस को बाइक पर सवार दो संदिग्ध युवक दिखाई दिए। पुलिस को देखकर दोनों ने बाइक मोड़कर भागने की कोशिश की, लेकिन घेराबंदी के चलते उन्हें पकड़ लिया गया। तरुण सराठे और अखिलेश मेहरा गिरफ्तार पुलिस के अनुसार, तलाशी के दौरान तरुण सराठे (24), निवासी छावनी पठार, बिलखिरिया के पास से 12.63 ग्राम MD ड्रग्स बरामद हुई। बाइक पर उसके साथ मौजूद अखिलेश मेहरा (24), निवासी छावनी पठार को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपियों के पास से ड्रग्स के अलावा तस्करी में इस्तेमाल बाइक और मोबाइल फोन जब्त किए हैं। जब्त सामान की कुल कीमत करीब 3 लाख रुपए बताई गई है। दोनों आरोपियों पर पहले से दर्ज हैं मामले पुलिस के मुताबिक, तरुण सराठे के खिलाफ बिलखिरिया थाने में मारपीट और आर्म्स एक्ट के दो मामले दर्ज हैं। वहीं, अखिलेश मेहरा के खिलाफ मारपीट के चार प्रकरण पहले से दर्ज हैं। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। ड्रग्स सप्लाई नेटवर्क की जांच जारी गिरफ्तारी के बाद पुलिस दोनों युवकों से पूछताछ कर रही है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि MD ड्रग्स कहां से लाई गई थी और इसे किसे सप्लाई किया जाना था। पुलिस ड्रग्स की खरीद-फरोख्त से जुड़े नेटवर्क की जानकारी भी जुटा रही है।

हरमनप्रीत और दीप्ति के शतक, भारत ने जिम्बाब्वे को दिया 329 रन का टारगेट

वडोदरा। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे वनडे मुकाबले में शानदार बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 6 विकेट पर 328 रन बनाए। वडोदरा के कोटांबी स्टेडियम में रविवार को टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की ओर से कप्तान हरमनप्रीत कौर और दीप्ति शर्मा ने शतक लगाए। दोनों के बीच छठे विकेट के लिए 153 रन की अहम साझेदारी हुई। भारत की शुरुआत खराब, 19 रन पर गिरे 2 विकेट भारतीय टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। स्मृति मंधाना पारी की चौथी गेंद पर बिना खाता खोले आउट हो गईं। इसके बाद शेफाली वर्मा भी 8 रन बनाकर पवेलियन लौट गईं। तीसरे ओवर में भारत का स्कोर 19 रन पर 2 विकेट हो गया। मुश्किल समय में प्रतीका रावल और हरमनप्रीत कौर ने पारी को संभाला। दोनों ने संभलकर बल्लेबाजी करते हुए टीम को शुरुआती झटकों से उबारा। प्रतीका रावल ने 67 गेंदों पर 61 रन बनाए। उनकी पारी में 4 चौके और 2 छक्के शामिल रहे। वह 22.2 ओवर में 143 रन के स्कोर पर आउट हुईं। हरमनप्रीत कौर ने 121 गेंदों पर बनाए 126 रन कप्तान हरमनप्रीत कौर ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 121 गेंदों पर 126 रन बनाए। उन्होंने अपनी पारी में 15 चौके लगाए। यह उनके वनडे करियर का आठवां शतक रहा। हालांकि, पारी के दौरान उनके तीन कैच भी छूटे। हरमनप्रीत का विकेट 46.2 ओवर में गिरा। उस समय भारतीय टीम 301 रन बना चुकी थी। पारी के बाद उन्होंने कहा कि लंबे समय बाद धूप में खेलना आसान नहीं था। उन्होंने बताया कि जब दूसरे छोर पर बल्लेबाज अच्छी लय में रन बना रही हो, तो स्ट्राइक बदलते रहना और साझेदारी को आगे बढ़ाना जरूरी होता है। दीप्ति शर्मा ने 86 गेंदों में जड़ा शतक छठे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरीं दीप्ति शर्मा ने 86 गेंदों पर 106 रन की पारी खेली। उन्होंने 15 चौके लगाए। दीप्ति ने 37 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और पारी के आखिरी ओवर में चौका लगाकर वनडे करियर का दूसरा शतक पूरा किया। दीप्ति ने हरमनप्रीत के साथ मिलकर भारतीय पारी को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। दोनों ने पांचवें विकेट के लिए 137 गेंदों पर 153 रन की साझेदारी की। इस दौरान दोनों ने विकेट बचाने के साथ रन गति भी बनाए रखी। दीप्ति शर्मा ने बनाए तीन रिकॉर्ड आखिरी 10 ओवर में बने 72 रन भारतीय टीम ने आखिरी 10 ओवर में 72 रन जोड़े और इस दौरान 2 विकेट गंवाए। हरमनप्रीत के आउट होने के बाद ऋचा घोष भी ज्यादा देर नहीं टिक सकीं। वह 9 गेंदों पर 7 रन बनाकर 47.6 ओवर में आउट हुईं। भारत ने निर्धारित 50 ओवर में 6 विकेट पर 328 रन बनाकर जिम्बाब्वे के सामने 329 रन का लक्ष्य रखा। दोनों टीमों की प्लेइंग-11 भारत: प्रतीका रावल, स्मृति मंधाना (कप्तान), शेफाली वर्मा, हरमनप्रीत कौर, तेजल हसब्निस, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष (विकेटकीपर), श्री चरणी, जिंतिमणि कलिता, सयाली सतघरे और वैष्णवी शर्मा। जिम्बाब्वे: मोडेस्टर मुपाचिकवा (विकेटकीपर), लोरिन फिरी, चिपो मुगेरी-तिरिपानो, बिलव्ड बिजा, जोसेफिन नकोमो (कप्तान), न्याशा ग्वांजुरा, चिएद्जा धुरुरु, मिशेल मावुंगा, नोमवेलो सिबांडा, तेंदाई मकुशा और ओलिंडर चारे।
BSF

BSF Action: कच्छ के Sir Creek में पकड़े गए 4 Pakistani Fishermen

गुजरात के कच्छ से भारत-पाकिस्तान सीमा पर सुरक्षा से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने रविवार, 25 अक्टूबर 2026 को सर क्रीक के संवेदनशील इलाके में चार पाकिस्तानी मछुआरों को पकड़ लिया। इस दौरान उनकी फाइबर से बनी मछली पकड़ने वाली नाव भी जब्त की गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, चारों मछुआरे कथित तौर पर केकड़े पकड़ने के लिए भारतीय जलक्षेत्र में दाखिल हुए थे। यह कार्रवाई खुफिया जानकारी मिलने के बाद की गई। घटना के बाद एक बार फिर कच्छ के समुद्री सीमा क्षेत्र में सुरक्षा और निगरानी को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, मछुआरों के भारतीय जलक्षेत्र में पहुंचने की परिस्थितियों और उनकी गतिविधियों की पूरी जानकारी जांच के बाद ही सामने आएगी। BSF ने कैसे पकड़े चार पाकिस्तानी मछुआरे? India Today की 25 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक, BSF को सूचना मिली थी कि कुछ पाकिस्तानी मछुआरे भारतीय जलक्षेत्र में मौजूद हैं। इसके बाद जवानों ने सर क्रीक इलाके में कार्रवाई करते हुए चारों को पकड़ लिया। पकड़े गए मछुआरों की पहचान कादिर थैमोर, मुहम्मद मूसा, अजगर थैमोर और अहसान जाट के रूप में बताई गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, चारों पाकिस्तान के सिंध प्रांत के निवासी हैं। कार्रवाई के दौरान उनकी फाइबर की नाव भी जब्त की गई। फिलहाल, पूछताछ और आगे की कानूनी प्रक्रिया से जुड़ी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं हुई है। आखिर क्या है मछुआरों का अपराध? इस मामले में सबसे अहम सवाल है कि चारों मछुआरे भारतीय जलक्षेत्र में क्यों पहुंचे थे। शुरुआती रिपोर्ट में कहा गया है कि वे केकड़े पकड़ने के लिए सीमा पार कर भारतीय क्षेत्र में दाखिल हुए थे। भारत के जलक्षेत्र में बिना अनुमति प्रवेश करना या वहां अवैध रूप से मछली पकड़ना संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई का कारण बन सकता है। हालांकि, इस मामले में अंतिम कानूनी स्थिति जांच और उपलब्ध सबूतों के आधार पर तय होगी। अभी तक सामने आई रिपोर्ट में चारों मछुआरों के जासूसी या किसी अन्य गंभीर गतिविधि में शामिल होने की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए मामले को लेकर किसी अपुष्ट दावे को तथ्य मानना सही नहीं होगा। कच्छ का Sir Creek इलाका क्यों है संवेदनशील? गुजरात का कच्छ क्षेत्र भारत और पाकिस्तान की समुद्री सीमा के पास स्थित है। सर क्रीक एक ज्वारीय जलमार्ग है, जो अपनी भौगोलिक स्थिति और दलदली इलाके के कारण सीमा पर निगरानी के लिहाज से चुनौतीपूर्ण माना जाता है। इस क्षेत्र में मछली पकड़ने के लिए नावों की आवाजाही होती है। समुद्री सीमा के आसपास होने के कारण किसी दूसरे देश की नाव का भारतीय जलक्षेत्र में प्रवेश करना सुरक्षा एजेंसियों के लिए जांच का विषय बन जाता है। BSF यहां नियमित गश्त और निगरानी करती है। संदिग्ध नाव या गतिविधि दिखाई देने पर जवान संबंधित लोगों से पूछताछ करते हैं और जरूरत पड़ने पर कानूनी कार्रवाई की जाती है। Kutch Border पर हाल की घटनाओं से बढ़ी निगरानी कच्छ के समुद्री सीमा क्षेत्र में अक्टूबर 2026 के दौरान पाकिस्तानी नागरिकों और नावों से जुड़े दूसरे मामले भी रिपोर्ट किए गए हैं। 19 अक्टूबर को कोटेश्वर के पास क्रीक क्षेत्र में गश्त के दौरान BSF ने एक पाकिस्तानी नागरिक को नाव के साथ पकड़ा था। शुरुआती जांच में नाव से मछली पकड़ने के उपकरण मिलने की जानकारी दी गई थी। इसके बाद इलाके में तलाशी अभियान चलाए जाने की खबर भी सामने आई। 20 अक्टूबर को कच्छ के लखपत और आसपास के क्रीक क्षेत्र से जुड़ी अन्य घटनाओं की भी रिपोर्ट आई थी। इन मामलों में नावों, पाकिस्तानी नागरिकों और तलाशी अभियान का जिक्र किया गया था। हालांकि, ये अलग-अलग घटनाएं हैं और इन्हें 25 अक्टूबर को पकड़े गए चार मछुआरों के मामले से अलग समझना जरूरी है। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं के बीच समुद्री सीमा पर निगरानी का महत्व बढ़ जाता है। फिर भी, केवल इन घटनाओं के आधार पर किसी बड़ी साजिश का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। क्या पाकिस्तानी नाव से कोई संदिग्ध सामान मिला? 25 अक्टूबर की घटना से जुड़ी शुरुआती रिपोर्ट में फाइबर की नाव जब्त किए जाने की पुष्टि हुई है। हालांकि, नाव से किसी हथियार, नशीले पदार्थ या अन्य संदिग्ध सामान की बरामदगी के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। इसलिए फिलहाल ऐसी किसी बरामदगी का दावा नहीं किया जा सकता। आगे की जांच में नाव, मछुआरों की गतिविधियों और भारतीय जलक्षेत्र में उनकी मौजूदगी से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जा सकती है। अब आगे क्या होगा? चारों मछुआरों को पकड़े जाने के बाद अब जांच और कानूनी प्रक्रिया के अगले चरण महत्वपूर्ण होंगे। संबंधित अधिकारी उनकी पहचान, भारतीय जलक्षेत्र में प्रवेश की परिस्थितियों और घटना से जुड़े दूसरे पहलुओं की जांच कर सकते हैं। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, BSF ने गुजरात के कच्छ स्थित सर क्रीक इलाके में चार पाकिस्तानी मछुआरों को पकड़ा है और उनकी नाव जब्त की है। वे भारतीय जलक्षेत्र में किन परिस्थितियों में पहुंचे और इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होगी, इसकी पूरी जानकारी जांच के बाद ही सामने आएगी। भारत-पाकिस्तान सीमा के पास स्थित इस संवेदनशील क्षेत्र में BSF की निगरानी सुरक्षा व्यवस्था का अहम हिस्सा है। मामले में आधिकारिक अपडेट आने पर आगे की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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