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जबलपुर में NSUI और कांग्रेस का प्रदर्शन, वाटर कैनन से खदेड़े गए कार्यकर्ता

दिल्ली में चल रहे छात्र आंदोलन के समर्थन में जबलपुर में भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर NSUI ने सांकेतिक अर्थी यात्रा निकाली, जबकि शाम को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मालवीय चौक पर प्रदर्शन कर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। दोनों प्रदर्शनों के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई तथा स्थिति नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। अर्थी यात्रा को पुलिस ने रोका NSUI कार्यकर्ताओं की अर्थी यात्रा सिविल लाइन स्थित साईं मंदिर से शुरू होकर महाकौशल महाविद्यालय की ओर बढ़ रही थी। पुलिस ने सिविल लाइन क्षेत्र में उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि दिल्ली में 21 दिनों से आंदोलन कर रहे छात्रों की मांगों को सरकार नजरअंदाज कर रही है और शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों पर बल प्रयोग किया जा रहा है। 48 घंटे में इस्तीफे की मांग NSUI ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि 48 घंटे के भीतर इस्तीफा नहीं दिया गया तो NSUI, यूथ कांग्रेस और अन्य सहयोगी संगठन और बड़ा आंदोलन करेंगे। मालवीय चौक पर कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन शाम को मालवीय चौक पर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान शिक्षा मंत्री के विरोध में पोस्टर जलाने की कोशिश की गई, जिसे रोकने के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हो गई। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने दो बार वाटर कैनन चलाकर प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर किया। इस दौरान कुछ कार्यकर्ता मशाल लेकर अंजुमन स्कूल की ओर बढ़े, जबकि अन्य मालवीय चौक पर दोबारा एकत्र होकर विरोध प्रदर्शन करते रहे। कांग्रेस ने सरकार पर लगाए आरोप कांग्रेस नेता सौरभ नाटी शर्मा ने आरोप लगाया कि छात्रों की आवाज दबाने के लिए सरकार दमनात्मक रवैया अपना रही है। उन्होंने कहा कि छात्रों पर लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है तथा शिक्षा मंत्री को बचाने के लिए सरकार विपक्ष की आवाज दबा रही है। काफी देर तक चले हंगामे के बाद पुलिस ने स्थिति पर नियंत्रण पाया, हालांकि देर रात तक प्रदर्शन जारी रहा। अधिक जानकारी के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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बिलासपुर के राजेश सोंथालिया बने भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ के सहायक राज्य आयुक्त

बिलासपुर के वरिष्ठ स्काउटर राजेश सोंथालिया को भारत स्काउट्स एवं गाइड्स, छत्तीसगढ़ राज्य संघ का सहायक राज्य आयुक्त (Assistant State Commissioner) नियुक्त किया गया है। इस संबंध में राज्य मुख्य आयुक्त इंदरजीत सिंह खालसा ने सोमवार को नियुक्ति आदेश जारी किया। राजेश सोंथालिया की नियुक्ति राज्य के शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव की अनुशंसा पर की गई है। स्काउट आंदोलन में उनकी वर्षों की सक्रिय भागीदारी, संगठनात्मक क्षमता और सेवा भावना को देखते हुए उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। निभाएंगे अहम जिम्मेदारी सहायक राज्य आयुक्त के रूप में राजेश सोंथालिया अब प्रदेशभर में स्काउट गतिविधियों के संचालन, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, संगठन के विस्तार और युवा नेतृत्व को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। सामाजिक कार्यों में रहा उल्लेखनीय योगदान राजेश सोंथालिया शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता अभियान, वृक्षारोपण, आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण और सामाजिक सरोकारों से जुड़े कई कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि उनके नेतृत्व में प्रदेश में स्काउट आंदोलन को नई ऊर्जा और नई दिशा मिलेगी। अधिक जानकारी के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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राहुल गांधी की हिरासत के विरोध में रायपुर में कांग्रेस का प्रदर्शन, लोकभवन के बाहर पुलिस से धक्का-मुक्की

राहुल गांधी और अन्य कांग्रेस नेताओं की दिल्ली में हिरासत के विरोध में मंगलवार रात छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने रायपुर के लोकभवन के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान पूर्व विधायक विकास उपाध्याय समेत कई कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने गेट की ओर बढ़ने से रोक दिया, जिससे पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। दरअसल, दिल्ली में नीट पेपर लीक मामले और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे सहित कई नेता प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरने पर बैठे थे। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। इसी कार्रवाई के विरोध में देशभर में कांग्रेस प्रदर्शन कर रही है। भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर जताया विरोध दिल्ली में हुए प्रदर्शन में शामिल छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दावा किया कि पुलिस उन्हें और अन्य वरिष्ठ नेताओं को बस में बैठाकर एयरपोर्ट की ओर ले गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने उनका एक जूता भी ले लिया। कांग्रेस की प्रमुख मांगें प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी और भजन-कीर्तन रायपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने लोकभवन के बाहर भजन-कीर्तन किया, सरकार के खिलाफ नारे लगाए और गेट तक पहुंचने की कोशिश की। पुलिस ने उन्हें रोक दिया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की हुई। हालात को देखते हुए मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। कांग्रेस नेताओं ने सरकार पर साधा निशाना पूर्व महापौर एजाज ढेबर ने कहा कि कई छात्रों ने आत्महत्या की है और छात्रों पर लाठीचार्ज जैसी घटनाएं चिंताजनक हैं। कांग्रेस नेता राकेश गुप्ता ने शिक्षा मंत्री और प्रधानमंत्री से इस्तीफे की मांग की। वहीं, सुबोध हरितवाल ने कहा कि जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिलेगा, कांग्रेस का विरोध जारी रहेगा। अधिक जानकारी के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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भोपाल महिला आयोग में रिश्तों के दो चौंकाने वाले मामले, पत्नी ने मांगा तलाक तो दूसरे केस में दोनों ने लगाए गंभीर आरोप

भोपाल में राज्य महिला आयोग की जनसुनवाई के दौरान वैवाहिक विवादों से जुड़े दो अलग-अलग मामलों ने सबका ध्यान खींचा। एक मामले में सरकारी विभाग में असिस्टेंट डायरेक्टर बनने के बाद पत्नी ने पति पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए तलाक की मांग की, जबकि दूसरे मामले में पति-पत्नी ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए। 20 साल बाद पत्नी ने मांगा तलाक पहले मामले में सरकारी विभाग में कार्यरत असिस्टेंट डायरेक्टर महिला ने शादी के करीब 20 साल बाद महिला आयोग में पति के खिलाफ मानसिक प्रताड़ना और आर्थिक लेनदेन से जुड़े आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई। हालांकि, सुनवाई के दौरान वह स्वयं उपस्थित नहीं हुईं। सरकारी कॉलेज में प्रोफेसर पति आयोग के सामने पेश हुए और कहा कि वह अपनी पत्नी के साथ रहना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि पत्नी बिना बताए बेटे को लेकर मायके चली गई और तब से अलग रह रही है। पति ने कहा कि दोनों का बेटा आईवीएफ तकनीक से हुआ है और यदि रिश्ते में लगातार प्रताड़ना होती तो ऐसा संभव नहीं होता। उन्होंने यह भी कहा कि पत्नी के जाने के बाद उनकी मां को पैरालिसिस का दूसरा अटैक आया और अब इस उम्र में अकेले जीवन बिताना मुश्किल होगा। दूसरे मामले में पति-पत्नी के गंभीर आरोप दूसरे मामले में पति ने महिला आयोग के सामने आरोप लगाया कि उसकी पत्नी का एक अन्य महिला के साथ अवैध संबंध है और उसे अपनी जान का खतरा महसूस होता है। उसका दावा था कि इस संबंध में वह अदालत में दस्तावेज और सबूत भी प्रस्तुत कर चुका है। वहीं, पत्नी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए पति और ससुराल पक्ष पर दहेज प्रताड़ना, मारपीट, जबरन गर्भपात कराने, निजी वीडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर साझा करने और मानसिक उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोप लगाए। महिला ने यह भी दावा किया कि उसके पति का अपनी रिश्तेदारी की एक महिला के साथ संबंध है और ससुर ने भी उसके साथ अनुचित व्यवहार किया। महिला ने आयोग को बताया कि शादी के बाद से उसे लगातार प्रताड़ित किया गया और वर्तमान में उसका खर्च मायके वाले उठा रहे हैं। दूसरी ओर, पति ने पत्नी के सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि उन्होंने स्वयं भी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। दोनों मामलों में महिला आयोग ने संबंधित पक्षों के बयान दर्ज कर आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिक जानकारी के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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Rahul Gandhi

Rahul Gandhi Protest: PM आवास तक मार्च, Priyanka के साथ धरने पर बैठे कांग्रेस नेता

संसद परिसर से निकले कांग्रेस नेताओं का काफिला प्रधानमंत्री आवास की ओर बढ़ा, लेकिन सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए पुलिस ने उन्हें बैरिकेड्स पर रोक दिया। इसके बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य सांसद वहीं धरने पर बैठ गए। पूरे इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहा। Rahul Gandhi ने लगाए गंभीर आरोप धरने के दौरान राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने कहा कि देश का युवा और छात्र वर्ग अपनी समस्याओं को लेकर लगातार आवाज उठा रहा है, लेकिन सरकार उनकी बात सुनने के बजाय विरोध को दबाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के साथ हुई कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से छात्रों से माफी मांगने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की। Priyanka Gandhi बोलीं- युवाओं की आवाज नहीं दबाई जा सकती प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी प्रदर्शन के दौरान सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं और छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर संवेदनशील रवैया अपनाने की जरूरत है। लोकतंत्र में अपनी बात रखना हर नागरिक का अधिकार है और इसे किसी भी कीमत पर दबाया नहीं जा सकता। कांग्रेस का दावा- सरकार चर्चा से बच रही कांग्रेस नेताओं का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा प्रणाली और छात्रों के हितों से जुड़े मुद्दों पर सरकार संसद में खुली चर्चा से बच रही है। पार्टी का आरोप है कि विपक्ष की आवाज को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। धरने में शामिल नेताओं ने कहा कि छात्रों की समस्याओं का समाधान संवाद के जरिए होना चाहिए, न कि पुलिस कार्रवाई के माध्यम से। PM House के आसपास रही हाई सिक्योरिटी प्रदर्शन को देखते हुए प्रधानमंत्री आवास के आसपास सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह अलर्ट मोड पर रही। कई जगह बैरिकेडिंग की गई और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए छात्रों के समर्थन में प्रदर्शन जारी रखा। सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार समाचार लिखे जाने तक केंद्र सरकार की ओर से कांग्रेस के आरोपों पर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया था। हालांकि राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि छात्रों से जुड़े मुद्दों पर सरकार और विपक्ष के बीच टकराव आने वाले दिनों में और तेज हो सकता है। क्यों अहम है यह प्रदर्शन? यह विरोध केवल एक राजनीतिक प्रदर्शन नहीं, बल्कि छात्रों से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की कांग्रेस की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। संसद के भीतर बहस और संसद के बाहर प्रदर्शन के जरिए विपक्ष सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार इन मांगों पर क्या रुख अपनाती है और संसद में इस मुद्दे पर आगे क्या चर्चा होती है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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स्मार्ट मीटर और बढ़े बिजली बिलों के विरोध में कांग्रेस का 23 जुलाई को रायपुर में धरना, उपभोक्ताओं से शामिल होने की अपील

Raipur News: छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटर और बढ़े हुए बिजली बिलों के मुद्दे पर कांग्रेस ने राज्य सरकार के खिलाफ आंदोलन का ऐलान किया है। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी 23 जुलाई को रायपुर के राजीव गांधी चौक पर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन करेगी। प्रदर्शन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ स्मार्ट मीटर और बढ़े हुए बिजली बिलों से प्रभावित उपभोक्ता भी शामिल होंगे। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री कन्हैया अग्रवाल और असंगठित क्षेत्र समस्या निवारण प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद सिद्दीक ने बताया कि पार्टी की मांग है कि जिन घरों में स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, उन्हें हटाया जाए और नए स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाई जाए। साथ ही बढ़े हुए बिजली बिलों की निष्पक्ष जांच कर उपभोक्ताओं को राहत दी जाए। कन्हैया अग्रवाल ने कहा कि यह आंदोलन स्मार्ट मीटर और बढ़े हुए बिजली बिलों से परेशान लोगों की आवाज उठाने के लिए किया जा रहा है। उनका दावा है कि यह प्रदर्शन सरकार को जनता की समस्याओं पर ध्यान देने के लिए मजबूर करेगा। वहीं, मोहम्मद सिद्दीक ने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद कई उपभोक्ताओं के बिजली बिल पहले की तुलना में दो से तीन गुना तक बढ़ गए हैं, जिससे आम और मध्यमवर्गीय परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा है। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर से लगातार बढ़े हुए बिजली बिलों की शिकायतें मिल रही हैं। कांग्रेस ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष के निर्देश पर स्मार्ट मीटर हटाने की मांग को लेकर घर-घर अभियान चलाया जा रहा है। कार्यकर्ता लोगों से फॉर्म भरवा रहे हैं और 23 जुलाई के धरना-प्रदर्शन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील कर रहे हैं। पार्टी का कहना है कि वह स्मार्ट मीटर और बिजली बिलों के मुद्दे पर जनता की आवाज सड़क से लेकर सदन तक उठाती रहेगी। अधिक जानकारी के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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भोपाल में AIIMS की नर्सिंग ऑफिसर ने की आत्महत्या, स्कूल से लौटे मासूम बोले- “हमें मम्मा के पास जाना है”

Bhopal: भोपाल के अवधपुरी थाना क्षेत्र स्थित सुभाष विला कॉलोनी में सोमवार सुबह एक दर्दनाक घटना सामने आई। एम्स भोपाल में कार्यरत 34 वर्षीय नर्सिंग ऑफिसर ने अपने दोनों बच्चों को स्कूल भेजने के कुछ देर बाद घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद स्कूल से लौटे आठ वर्षीय बेटे और तीन वर्षीय बेटी की मासूम पुकार—“हमें मम्मा के पास जाना है”—ने मौके पर मौजूद सभी लोगों को भावुक कर दिया। पुलिस के अनुसार, मृतका मूल रूप से तमिलनाडु की रहने वाली थीं। करीब दो महीने पहले उनके पति ने तमिलनाडु में आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद वह अपने दोनों बच्चों के साथ भोपाल आ गई थीं। उन्होंने बच्चों का स्थानीय स्कूल में दाखिला कराया था और उनकी देखभाल के लिए एक केयरटेकर भी रखा था। सोमवार सुबह बच्चों को स्कूल भेजने के बाद उन्होंने घर के एक कमरे में फांसी लगा ली। कुछ देर बाद केयरटेकर ने नाश्ता तैयार होने पर उन्हें आवाज लगाई, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया, जहां महिला फंदे से लटकी मिलीं। सूचना मिलने पर एफएसएल टीम ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया और साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। परिजनों के तमिलनाडु से भोपाल पहुंचने के बाद पोस्टमार्टम कराया जाएगा। प्रारंभिक जांच में पति की मौत के बाद महिला के मानसिक तनाव में होने की बात सामने आई है। हालांकि, आत्महत्या के कारणों की पुष्टि पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी। deshharpal.comअधिक जानकारी के लिए विजिट करें:
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पश्चिमी रिंग रोड मुआवजे को लेकर किसानों का प्रदर्शन, भोपाल कूच रोका; वाटर कैनन और आंसू गैस के इस्तेमाल का आरोप

Indore: पश्चिमी रिंग रोड परियोजना के लिए अधिग्रहित की जा रही जमीन के चार गुना मुआवजे की मांग को लेकर करणी सेना परिवार और किसानों का आंदोलन सोमवार को तेज हो गया। ट्रैक्टरों के साथ भोपाल कूच के लिए निकले किसानों को शिप्रा चौराहे पर पुलिस और प्रशासन ने रोक दिया, जिसके बाद मौके पर तनाव की स्थिति बन गई। किसानों का आरोप है कि उन्हें आगे बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। प्रदर्शनकारियों के अनुसार इस कार्रवाई में सात किसान घायल हुए। इसके बाद किसान बरलाई जागीर में धरने पर बैठ गए और देर रात तक शिप्रा-सांवेर मार्ग पर डटे रहे। आंदोलन के दौरान किसानों ने सड़क किनारे भोजन बनाया और सरकार को सद्बुद्धि देने की कामना के साथ सुंदरकांड का पाठ भी किया। करणी सेना परिवार के इंदौर जिलाध्यक्ष ऋषिराज सिंह सिसोदिया ने कहा कि किसान पिछले तीन वर्षों से अपनी मांगों को लेकर प्रशासन को करीब 50 ज्ञापन सौंप चुके हैं, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला। उनका कहना है कि किसान शांतिपूर्ण तरीके से मुख्यमंत्री तक अपनी बात पहुंचाने भोपाल जा रहे थे, लेकिन उन्हें बलपूर्वक रोक दिया गया। सिसोदिया ने दावा किया कि ग्रेटर रिंग रोड परियोजना से 39 गांवों के 991 किसान प्रभावित हो रहे हैं और लगभग 4,442 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण के दायरे में है। उनका आरोप है कि जहां जमीन की बाजार कीमत एक करोड़ से साढ़े तीन करोड़ रुपये प्रति एकड़ तक है, वहीं किसानों को केवल 18 लाख से 42 लाख रुपये तक का मुआवजा दिया जा रहा है। करणी सेना के सदस्य रवींद्र कन्नौजिया ने भी आरोप लगाया कि प्रशासन ने डंपर लगाकर रास्ता बंद किया और वाटर कैनन व आंसू गैस का इस्तेमाल किया। उन्होंने बताया कि आंसू गैस का एक गोला उनके पैर के पास फटा, जिससे उन्हें चोट आई। वहीं किसान राम मकवाना का दावा है कि कार्रवाई में आठ से दस किसान घायल हुए, जिनमें कुछ को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। किसानों का कहना है कि वे इंदौर-देवास वेस्टर्न रिंग रोड परियोजना का विरोध नहीं कर रहे हैं। उनका कहना है कि विकास कार्यों का स्वागत है, लेकिन उपजाऊ और सिंचित जमीन के बदले उचित मुआवजा मिलना चाहिए। किसानों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। अधिक जानकारी के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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रायपुर में सोनम वांगचुक के समर्थन में युवाओं का प्रदर्शन, NSUI के 5 कार्यकर्ता भूख हड़ताल पर बैठे

Raipur: छत्तीसगढ़ में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में युवाओं का विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। राजधानी रायपुर के डॉ. भीमराव अंबेडकर चौक पर NSUI, विभिन्न छात्र संगठनों, सामाजिक संगठनों और युवाओं ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार तथा NEET पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन किया। इस दौरान NSUI के पांच कार्यकर्ता अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए। भूख हड़ताल पर बैठे कार्यकर्ताओं में हेमंत पाल, अनुज शुक्ला, इंडिया घृतलहरे, ड्रिंकल और सोनम शामिल हैं। प्रदर्शनकारियों ने अपने खून से “धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो” लिखकर विरोध दर्ज कराया और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की मांग की। इधर, धमतरी में सामाजिक कार्यकर्ता मितेश जैन ने गांधी मैदान में एक दिवसीय अनशन किया। वहीं बीजापुर में बस्तर संभाग के आदिवासी युवा छात्र संगठन ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर सोनम वांगचुक की मांगों पर सकारात्मक पहल करने की अपील की। छात्रों ने कहा- यह भविष्य की लड़ाई प्रदर्शन में शामिल युवाओं का कहना है कि वे दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन में शामिल नहीं हो सके, इसलिए रायपुर में रहकर शिक्षा सुधार और सोनम वांगचुक के समर्थन में आवाज उठा रहे हैं। उनका कहना है कि यह आंदोलन केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि देशभर के छात्रों और युवाओं के भविष्य से जुड़ा मुद्दा है। शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों ने लाखों प्रतियोगी परीक्षार्थियों का भविष्य प्रभावित किया है। उन्होंने परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी बनाने, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मजबूत व्यवस्था लागू करने की मांग की। साथ ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी दोहराई गई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि शिक्षा और रोजगार जैसे मुद्दों पर केंद्र सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए और शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों के लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान होना चाहिए। पहले दिन भी जुटे थे सैकड़ों लोग रविवार को आंदोलन के पहले दिन भी रायपुर के डॉ. भीमराव अंबेडकर चौक पर 500 से अधिक छात्र, युवा और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि एकत्र हुए थे। प्रदर्शन के बाद राज्यपाल के नाम ज्ञापन भी सौंपा गया था। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें अधिक जानकारी के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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इंदौर में भतीजे ने की ताऊ की हत्या, पुलिस को गुमराह करने के लिए रची साजिश, 48 घंटे में गिरफ्तार

इंदौर के राजनगर क्षेत्र में नशे की लत, कर्ज और पारिवारिक विवाद के चलते एक 19 वर्षीय युवक ने अपने ताऊ की चाकू मारकर हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपी ने पुलिस को गुमराह करने के लिए पड़ोसी की दीवार पर खून से सने हाथों के निशान बनाए, ताकि शक किसी और पर जाए। हालांकि पुलिस ने 48 घंटे के भीतर मामले का खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। मृतक की पहचान 50 वर्षीय कमल कुमावत के रूप में हुई है। पुलिस पूछताछ में आरोपी चेतन कुमावत ने हत्या की बात स्वीकार कर ली। पूछताछ में कबूला जुर्म पुलिस के अनुसार, आरोपी चेतन कुमावत पहले संयुक्त परिवार में रहता था। बंटवारे के बाद ताऊ और उसके बीच रिश्ते खराब हो गए थे। पूछताछ में उसने बताया कि वह ब्राउन शुगर का आदी है और कर्ज में डूबा हुआ था। उसने ताऊ से पैसे मांगे, लेकिन उन्होंने देने से इनकार कर दिया। डीसीपी सुनील कुमार मेहता के मुताबिक, इसी बात से नाराज होकर चेतन ने रात करीब 2:30 बजे रसोई से चाकू उठाया और सो रहे ताऊ पर ताबड़तोड़ हमला कर उनकी हत्या कर दी। हत्या के बाद रची साजिश हत्या के बाद आरोपी ने अलमारी की चाबी तलाशने के लिए मृतक की जेब खंगाली, लेकिन नकदी नहीं मिली। शक से बचने के लिए उसने जेवरात को हाथ नहीं लगाया। इसके बाद उसने अपने खून से सने हाथ पड़ोसी की दीवार पर लगाए, ताकि ऐसा लगे कि आरोपी पड़ोसी के घर की ओर भागा है। वारदात के बाद उसने खून से सने कपड़े फेंक दिए, हाथ-पैर धोए और सो गया। सुबह किया सामान्य व्यवहार सुबह आरोपी रोज की तरह काम पर चला गया, लेकिन हाथ में चोट होने के कारण वापस घर लौट आया। इसके बाद वह ताऊ के कमरे में पहुंचा और शोर मचाकर परिजनों व पड़ोसियों को बुलाया। लोगों की मदद से कमल कुमावत को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने जांच के दौरान मिले साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर पूरे हत्याकांड का खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। मामले में आगे की जांच जारी है। अधिक जानकारी के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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X पर अब लाइक बटन दबाकर भेज सकेंगे $1 की टिप, मस्क ने नए फीचर का किया ऐलान

नई दिल्ली। इलॉन मस्क सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X को फाइनेंशियल सर्विसेज से जोड़ने की दिशा में एक और कदम उठा रहे हैं। मस्क ने ऐलान किया है कि X पर यूजर्स लाइक बटन को लॉन्ग-प्रेस करके किसी यूजर या क्रिएटर को 1 डॉलर की टिप भेज सकेंगे। यह पेमेंट कंपनी के फाइनेंशियल प्लेटफॉर्म X मनी के जरिए किया जाएगा। मस्क ने X पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी। उन्होंने लिखा कि X मनी के माध्यम से किसी को भी 1 डॉलर भेजने के लिए लाइक बटन पर लॉन्ग-प्रेस करने का विकल्प जोड़ा जा रहा है। कैसे काम करेगा नया टिपिंग फीचर? इस फीचर के जरिए यूजर्स किसी पोस्ट के लेखक या क्रिएटर को सीधे आर्थिक मदद दे सकेंगे। इसके लिए लाइक बटन को कुछ देर तक दबाना होगा। इसके बाद X मनी के पेमेंट सिस्टम के जरिए 1 डॉलर ट्रांसफर करने का विकल्प मिलेगा। इस व्यवस्था का मकसद क्रिएटर्स को सपोर्ट करने की प्रक्रिया आसान बनाना है, ताकि यूजर्स को अलग से पेमेंट ऐप या लंबी प्रक्रिया का सहारा न लेना पड़े। हालांकि, X ने अभी तक इस फीचर के लॉन्च की तारीख और इसकी उपलब्धता से जुड़ी शर्तों की जानकारी नहीं दी है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि यूजर्स 1 डॉलर की तय रकम को बदल सकेंगे या भविष्य में अलग-अलग रकम भेजने के विकल्प भी मिलेंगे। क्या है X मनी और इसमें कौन-सी सुविधाएं हैं? X मनी, X का फाइनेंशियल सर्विस प्लेटफॉर्म है। इसके जरिए यूजर्स के बीच पैसे ट्रांसफर करने, डिपॉजिट अकाउंट और X-ब्रांडेड वीजा डेबिट कार्ड जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। इसका पेमेंट और बैंकिंग इंफ्रास्ट्रक्चर क्रॉस रिवर बैंक के साथ जुड़ा है। X मनी खुद बैंक नहीं है, बल्कि बैंकिंग पार्टनर के माध्यम से वित्तीय सेवाएं उपलब्ध कराने वाला प्लेटफॉर्म है। इससे जुड़ी सुविधाओं में पात्र डिपॉजिट पर ब्याज, खरीदारी पर कैशबैक और डेबिट कार्ड को Apple Pay से कनेक्ट करने जैसे विकल्प शामिल हैं। इन सुविधाओं की उपलब्धता यूजर की पात्रता और लागू शर्तों पर निर्भर करती है। X को ‘एवरीथिंग ऐप’ बनाना चाहते हैं मस्क इलॉन मस्क लंबे समय से X को सिर्फ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म तक सीमित नहीं रखना चाहते। उनका लक्ष्य इसे ‘एवरीथिंग ऐप’ यानी सुपर ऐप के रूप में विकसित करना है, जहां सोशल मीडिया, मैसेजिंग और वित्तीय सेवाएं एक ही जगह मिल सकें। X मनी के जरिए टिप भेजने का फीचर इसी रणनीति का हिस्सा है। अगर यह सुविधा व्यापक स्तर पर शुरू होती है, तो क्रिएटर्स को अपने कंटेंट के जरिए सीधे आर्थिक सहयोग पाने का एक और माध्यम मिल सकता है। भारत में कब शुरू होगा X मनी? X ने भारत में X मनी या नए टिपिंग फीचर को लॉन्च करने की कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की है। फिलहाल भारतीय यूजर्स के लिए इसकी उपलब्धता को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। भारत में पहले से ही UPI आधारित डिजिटल पेमेंट का बड़ा नेटवर्क मौजूद है। ऐसे में X मनी को भारत में वित्तीय सेवाएं शुरू करने के लिए देश के लागू बैंकिंग, भुगतान और नियामकीय नियमों का पालन करना होगा। क्या होता है ‘एवरीथिंग ऐप’? एवरीथिंग ऐप या सुपर ऐप ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म होता है, जिसमें एक ही ऐप के जरिए कई तरह की सेवाएं इस्तेमाल की जा सकती हैं। इनमें सोशल मीडिया, मैसेजिंग, डिजिटल पेमेंट, शॉपिंग और बैंकिंग जैसी सुविधाएं शामिल हो सकती हैं। चीन का WeChat इसका प्रमुख उदाहरण है, जहां मैसेजिंग के साथ भुगतान और कई अन्य डिजिटल सेवाएं भी मिलती हैं। मस्क X को भी इसी तरह का बहुउद्देशीय प्लेटफॉर्म बनाना चाहते हैं।

पूर्व जज संजय किशन कौल का पूर्व CJI चंद्रचूड़ पर निशाना, बोले- जजों की नियुक्ति में सरकार के प्रति ज्यादा झुके थे

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज संजय किशन कौल ने पूर्व मुख्य न्यायाधीश (CJI) डीवाई चंद्रचूड़ के रवैए पर सवाल उठाए हैं। अपनी आगामी किताब ‘विदाउट फियर ऑर फेवर’ में कौल ने आरोप लगाया है कि न्यायाधीशों की नियुक्ति के मामले में चंद्रचूड़ सरकार के प्रति जरूरत से ज्यादा झुके हुए थे। कौल के मुताबिक, नियुक्तियों से पहले सरकार की राय लेने की प्रवृत्ति न्यायपालिका की स्वतंत्रता के लिए चिंता का विषय है। कौल ने किताब में कॉलेजियम की उस बैठक का जिक्र किया है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट की छह रिक्तियों को भरने के लिए नामों पर विचार किया गया था। उन्होंने कहा कि सरकार से निपटने के तरीके को लेकर मतभेदों के कारण चंद्रचूड़ के साथ उनके संबंधों में तनाव आया। कॉलेजियम बैठक में छठे नाम को लेकर मतभेद कौल के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट के छह जजों की नियुक्ति पर विचार के दौरान पांच नामों पर पहले सहमति बन चुकी थी। बैठक से ठीक पहले तत्कालीन CJI चंद्रचूड़ ने छठे उम्मीदवार का नाम उनके सामने रखा। कौल ने बताया कि चंद्रचूड़ उन्हें एक अलग कमरे में ले गए और पूछा कि क्या उन्हें सरकार का रुख जानने के लिए फोन करना चाहिए। कौल ने द वायर से बातचीत में कहा कि उन्हें नहीं लगता कि यह सरकार को खुश करने का मामला था, लेकिन नामों पर पहले उनके साथ चर्चा हुई थी। उन्होंने कहा कि छठे उम्मीदवार के नाम पर उनकी सहमति नहीं थी और उन्हें लगा कि कॉलेजियम के अन्य सदस्य भी उस नाम को स्वीकार नहीं करेंगे। कौल के अनुसार, बैठक में वही हुआ और छठे नाम पर सहमति नहीं बन सकी। उन्होंने आशंका जताई कि शायद चंद्रचूड़ ने इस नाम सहित अन्य नामों को लेकर सरकार से पहले ही किसी तरह की मंजूरी ले ली थी। नियुक्तियों से पहले सरकार की राय लेने पर आपत्ति जस्टिस कौल ने कहा कि कॉलेजियम की औपचारिक चर्चा से पहले सरकार के साथ नामों पर विचार-विमर्श करने की परंपरा चिंता पैदा करती है। उनके मुताबिक, सरकार से सलाह लेना और पहले से मंजूरी लेना दो अलग-अलग बातें हैं। कौल का मानना है कि कॉलेजियम को न्यायपालिका की स्वतंत्रता बनाए रखने के लिए सरकार के दबाव का विरोध करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर नियुक्तियों से पहले सरकार की सहमति लेने की प्रक्रिया परंपरा बन जाती है, तो भविष्य में आने वाले मुख्य न्यायाधीशों के लिए इससे अलग चलना मुश्किल हो सकता है। NJAC पर भी रखी अपनी राय किताब में कौल ने 2015 में केंद्र सरकार की ओर से पेश किए गए नेशनल ज्यूडिशियल अपॉइंटमेंट्स कमीशन (NJAC) का भी उल्लेख किया है। उन्होंने कहा कि उस समय नियुक्ति व्यवस्था को लेकर आमने-सामने बैठकर चर्चा की जा सकती थी। कौल के मुताबिक, मौजूदा व्यवस्था में सुधार और उसके तौर-तरीकों में बदलाव की गुंजाइश थी। हालांकि, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सुधार के नाम पर नियुक्तियों से पहले सरकार की मंजूरी लेने की परंपरा को बढ़ावा नहीं मिलना चाहिए। PMLA मामले को दूसरी बेंच में भेजने पर भी सवाल कौल ने अपनी बेंच के एक फैसले से जुड़े मामले को दूसरी बेंच में भेजे जाने पर भी आपत्ति जताई। यह मामला मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA) से जुड़े फैसले के कुछ हिस्सों पर दोबारा विचार करने से संबंधित था। कौल का कहना था कि किसी मामले को इस आशंका के आधार पर एक बेंच से दूसरी बेंच में नहीं भेजा जाना चाहिए कि फैसला किस दिशा में जा सकता है। कांग्रेस ने न्यायपालिका की स्वतंत्रता का मुद्दा उठाया कौल की किताब अभी बाजार में नहीं आई है, लेकिन उनके बयानों के आधार पर कांग्रेस ने न्यायपालिका की स्वतंत्रता को लेकर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस महासचिव और संचार प्रभारी जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा कि कौल ने न्यायाधीशों की नियुक्ति में सरकार के दखल से जुड़ी चिंताएं सामने रखी हैं। रमेश के मुताबिक, इनमें कॉलेजियम की बैठकों से पहले सरकार की मंजूरी लेने की कोशिश और अल्पसंख्यक समुदाय से आने वाले एक न्यायाधीश की जाति को लेकर सरकार की ओर से पूछताछ का मुद्दा भी शामिल है। उन्होंने कहा कि कौल ने इन विषयों को नपे-तुले शब्दों में दर्ज किया है। कांग्रेस ने इसे न्यायपालिका को सत्ता में बैठे लोगों के दबाव से मुक्त रखने की जरूरत से जोड़कर देखा है। कौल बोले- भविष्य के CJI के लिए परंपरा बदलना मुश्किल होगा कौल ने अपने रुख को स्पष्ट करते हुए कहा कि मुख्य न्यायाधीश का कार्यकाल सीमित होता है, लेकिन उनके फैसलों से बनी परंपराएं आगे भी जारी रह सकती हैं। उनके मुताबिक, यदि नियुक्तियों से पहले सरकार से चर्चा करने की प्रक्रिया सामान्य बन जाती है, तो बाद में आने वाले मुख्य न्यायाधीशों के लिए उससे अलग रास्ता अपनाना मुश्किल हो सकता है। इसी वजह से उन्होंने चंद्रचूड़ को इस तरह की प्रक्रिया से बचने की सलाह देने की कोशिश की।

भोपाल में 1.50 लाख की MD ड्रग्स के साथ दो युवक गिरफ्तार, बाइक-मोबाइल समेत 3 लाख का सामान जब्त

भोपाल। राजधानी भोपाल में परवलिया सड़क थाना पुलिस ने बायपास रोड पर घेराबंदी कर दो युवकों को MD ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 12.63 ग्राम MD ड्रग्स बरामद हुई है, जिसकी कीमत करीब 1.50 लाख रुपए बताई गई है। पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल बाइक और मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। जब्त सामान की कुल कीमत करीब 3 लाख रुपए आंकी गई है। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने की घेराबंदी पुलिस के मुताबिक, 24 अक्टूबर की रात मुखबिर से सूचना मिली थी कि दो युवक बाइक से MD ड्रग्स लेकर थाना क्षेत्र से गुजरने वाले हैं। सूचना मिलने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया। थाना प्रभारी के नेतृत्व में पांच पुलिस टीमें गठित कर बायपास रोड पर घेराबंदी की गई। रात करीब 1:40 बजे पुलिस को बाइक पर सवार दो संदिग्ध युवक दिखाई दिए। पुलिस को देखकर दोनों ने बाइक मोड़कर भागने की कोशिश की, लेकिन घेराबंदी के चलते उन्हें पकड़ लिया गया। तरुण सराठे और अखिलेश मेहरा गिरफ्तार पुलिस के अनुसार, तलाशी के दौरान तरुण सराठे (24), निवासी छावनी पठार, बिलखिरिया के पास से 12.63 ग्राम MD ड्रग्स बरामद हुई। बाइक पर उसके साथ मौजूद अखिलेश मेहरा (24), निवासी छावनी पठार को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपियों के पास से ड्रग्स के अलावा तस्करी में इस्तेमाल बाइक और मोबाइल फोन जब्त किए हैं। जब्त सामान की कुल कीमत करीब 3 लाख रुपए बताई गई है। दोनों आरोपियों पर पहले से दर्ज हैं मामले पुलिस के मुताबिक, तरुण सराठे के खिलाफ बिलखिरिया थाने में मारपीट और आर्म्स एक्ट के दो मामले दर्ज हैं। वहीं, अखिलेश मेहरा के खिलाफ मारपीट के चार प्रकरण पहले से दर्ज हैं। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। ड्रग्स सप्लाई नेटवर्क की जांच जारी गिरफ्तारी के बाद पुलिस दोनों युवकों से पूछताछ कर रही है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि MD ड्रग्स कहां से लाई गई थी और इसे किसे सप्लाई किया जाना था। पुलिस ड्रग्स की खरीद-फरोख्त से जुड़े नेटवर्क की जानकारी भी जुटा रही है।

हरमनप्रीत और दीप्ति के शतक, भारत ने जिम्बाब्वे को दिया 329 रन का टारगेट

वडोदरा। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे वनडे मुकाबले में शानदार बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 6 विकेट पर 328 रन बनाए। वडोदरा के कोटांबी स्टेडियम में रविवार को टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की ओर से कप्तान हरमनप्रीत कौर और दीप्ति शर्मा ने शतक लगाए। दोनों के बीच छठे विकेट के लिए 153 रन की अहम साझेदारी हुई। भारत की शुरुआत खराब, 19 रन पर गिरे 2 विकेट भारतीय टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। स्मृति मंधाना पारी की चौथी गेंद पर बिना खाता खोले आउट हो गईं। इसके बाद शेफाली वर्मा भी 8 रन बनाकर पवेलियन लौट गईं। तीसरे ओवर में भारत का स्कोर 19 रन पर 2 विकेट हो गया। मुश्किल समय में प्रतीका रावल और हरमनप्रीत कौर ने पारी को संभाला। दोनों ने संभलकर बल्लेबाजी करते हुए टीम को शुरुआती झटकों से उबारा। प्रतीका रावल ने 67 गेंदों पर 61 रन बनाए। उनकी पारी में 4 चौके और 2 छक्के शामिल रहे। वह 22.2 ओवर में 143 रन के स्कोर पर आउट हुईं। हरमनप्रीत कौर ने 121 गेंदों पर बनाए 126 रन कप्तान हरमनप्रीत कौर ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 121 गेंदों पर 126 रन बनाए। उन्होंने अपनी पारी में 15 चौके लगाए। यह उनके वनडे करियर का आठवां शतक रहा। हालांकि, पारी के दौरान उनके तीन कैच भी छूटे। हरमनप्रीत का विकेट 46.2 ओवर में गिरा। उस समय भारतीय टीम 301 रन बना चुकी थी। पारी के बाद उन्होंने कहा कि लंबे समय बाद धूप में खेलना आसान नहीं था। उन्होंने बताया कि जब दूसरे छोर पर बल्लेबाज अच्छी लय में रन बना रही हो, तो स्ट्राइक बदलते रहना और साझेदारी को आगे बढ़ाना जरूरी होता है। दीप्ति शर्मा ने 86 गेंदों में जड़ा शतक छठे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरीं दीप्ति शर्मा ने 86 गेंदों पर 106 रन की पारी खेली। उन्होंने 15 चौके लगाए। दीप्ति ने 37 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और पारी के आखिरी ओवर में चौका लगाकर वनडे करियर का दूसरा शतक पूरा किया। दीप्ति ने हरमनप्रीत के साथ मिलकर भारतीय पारी को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। दोनों ने पांचवें विकेट के लिए 137 गेंदों पर 153 रन की साझेदारी की। इस दौरान दोनों ने विकेट बचाने के साथ रन गति भी बनाए रखी। दीप्ति शर्मा ने बनाए तीन रिकॉर्ड आखिरी 10 ओवर में बने 72 रन भारतीय टीम ने आखिरी 10 ओवर में 72 रन जोड़े और इस दौरान 2 विकेट गंवाए। हरमनप्रीत के आउट होने के बाद ऋचा घोष भी ज्यादा देर नहीं टिक सकीं। वह 9 गेंदों पर 7 रन बनाकर 47.6 ओवर में आउट हुईं। भारत ने निर्धारित 50 ओवर में 6 विकेट पर 328 रन बनाकर जिम्बाब्वे के सामने 329 रन का लक्ष्य रखा। दोनों टीमों की प्लेइंग-11 भारत: प्रतीका रावल, स्मृति मंधाना (कप्तान), शेफाली वर्मा, हरमनप्रीत कौर, तेजल हसब्निस, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष (विकेटकीपर), श्री चरणी, जिंतिमणि कलिता, सयाली सतघरे और वैष्णवी शर्मा। जिम्बाब्वे: मोडेस्टर मुपाचिकवा (विकेटकीपर), लोरिन फिरी, चिपो मुगेरी-तिरिपानो, बिलव्ड बिजा, जोसेफिन नकोमो (कप्तान), न्याशा ग्वांजुरा, चिएद्जा धुरुरु, मिशेल मावुंगा, नोमवेलो सिबांडा, तेंदाई मकुशा और ओलिंडर चारे।
BSF

BSF Action: कच्छ के Sir Creek में पकड़े गए 4 Pakistani Fishermen

गुजरात के कच्छ से भारत-पाकिस्तान सीमा पर सुरक्षा से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने रविवार, 25 अक्टूबर 2026 को सर क्रीक के संवेदनशील इलाके में चार पाकिस्तानी मछुआरों को पकड़ लिया। इस दौरान उनकी फाइबर से बनी मछली पकड़ने वाली नाव भी जब्त की गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, चारों मछुआरे कथित तौर पर केकड़े पकड़ने के लिए भारतीय जलक्षेत्र में दाखिल हुए थे। यह कार्रवाई खुफिया जानकारी मिलने के बाद की गई। घटना के बाद एक बार फिर कच्छ के समुद्री सीमा क्षेत्र में सुरक्षा और निगरानी को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, मछुआरों के भारतीय जलक्षेत्र में पहुंचने की परिस्थितियों और उनकी गतिविधियों की पूरी जानकारी जांच के बाद ही सामने आएगी। BSF ने कैसे पकड़े चार पाकिस्तानी मछुआरे? India Today की 25 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक, BSF को सूचना मिली थी कि कुछ पाकिस्तानी मछुआरे भारतीय जलक्षेत्र में मौजूद हैं। इसके बाद जवानों ने सर क्रीक इलाके में कार्रवाई करते हुए चारों को पकड़ लिया। पकड़े गए मछुआरों की पहचान कादिर थैमोर, मुहम्मद मूसा, अजगर थैमोर और अहसान जाट के रूप में बताई गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, चारों पाकिस्तान के सिंध प्रांत के निवासी हैं। कार्रवाई के दौरान उनकी फाइबर की नाव भी जब्त की गई। फिलहाल, पूछताछ और आगे की कानूनी प्रक्रिया से जुड़ी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं हुई है। आखिर क्या है मछुआरों का अपराध? इस मामले में सबसे अहम सवाल है कि चारों मछुआरे भारतीय जलक्षेत्र में क्यों पहुंचे थे। शुरुआती रिपोर्ट में कहा गया है कि वे केकड़े पकड़ने के लिए सीमा पार कर भारतीय क्षेत्र में दाखिल हुए थे। भारत के जलक्षेत्र में बिना अनुमति प्रवेश करना या वहां अवैध रूप से मछली पकड़ना संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई का कारण बन सकता है। हालांकि, इस मामले में अंतिम कानूनी स्थिति जांच और उपलब्ध सबूतों के आधार पर तय होगी। अभी तक सामने आई रिपोर्ट में चारों मछुआरों के जासूसी या किसी अन्य गंभीर गतिविधि में शामिल होने की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए मामले को लेकर किसी अपुष्ट दावे को तथ्य मानना सही नहीं होगा। कच्छ का Sir Creek इलाका क्यों है संवेदनशील? गुजरात का कच्छ क्षेत्र भारत और पाकिस्तान की समुद्री सीमा के पास स्थित है। सर क्रीक एक ज्वारीय जलमार्ग है, जो अपनी भौगोलिक स्थिति और दलदली इलाके के कारण सीमा पर निगरानी के लिहाज से चुनौतीपूर्ण माना जाता है। इस क्षेत्र में मछली पकड़ने के लिए नावों की आवाजाही होती है। समुद्री सीमा के आसपास होने के कारण किसी दूसरे देश की नाव का भारतीय जलक्षेत्र में प्रवेश करना सुरक्षा एजेंसियों के लिए जांच का विषय बन जाता है। BSF यहां नियमित गश्त और निगरानी करती है। संदिग्ध नाव या गतिविधि दिखाई देने पर जवान संबंधित लोगों से पूछताछ करते हैं और जरूरत पड़ने पर कानूनी कार्रवाई की जाती है। Kutch Border पर हाल की घटनाओं से बढ़ी निगरानी कच्छ के समुद्री सीमा क्षेत्र में अक्टूबर 2026 के दौरान पाकिस्तानी नागरिकों और नावों से जुड़े दूसरे मामले भी रिपोर्ट किए गए हैं। 19 अक्टूबर को कोटेश्वर के पास क्रीक क्षेत्र में गश्त के दौरान BSF ने एक पाकिस्तानी नागरिक को नाव के साथ पकड़ा था। शुरुआती जांच में नाव से मछली पकड़ने के उपकरण मिलने की जानकारी दी गई थी। इसके बाद इलाके में तलाशी अभियान चलाए जाने की खबर भी सामने आई। 20 अक्टूबर को कच्छ के लखपत और आसपास के क्रीक क्षेत्र से जुड़ी अन्य घटनाओं की भी रिपोर्ट आई थी। इन मामलों में नावों, पाकिस्तानी नागरिकों और तलाशी अभियान का जिक्र किया गया था। हालांकि, ये अलग-अलग घटनाएं हैं और इन्हें 25 अक्टूबर को पकड़े गए चार मछुआरों के मामले से अलग समझना जरूरी है। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं के बीच समुद्री सीमा पर निगरानी का महत्व बढ़ जाता है। फिर भी, केवल इन घटनाओं के आधार पर किसी बड़ी साजिश का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। क्या पाकिस्तानी नाव से कोई संदिग्ध सामान मिला? 25 अक्टूबर की घटना से जुड़ी शुरुआती रिपोर्ट में फाइबर की नाव जब्त किए जाने की पुष्टि हुई है। हालांकि, नाव से किसी हथियार, नशीले पदार्थ या अन्य संदिग्ध सामान की बरामदगी के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। इसलिए फिलहाल ऐसी किसी बरामदगी का दावा नहीं किया जा सकता। आगे की जांच में नाव, मछुआरों की गतिविधियों और भारतीय जलक्षेत्र में उनकी मौजूदगी से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जा सकती है। अब आगे क्या होगा? चारों मछुआरों को पकड़े जाने के बाद अब जांच और कानूनी प्रक्रिया के अगले चरण महत्वपूर्ण होंगे। संबंधित अधिकारी उनकी पहचान, भारतीय जलक्षेत्र में प्रवेश की परिस्थितियों और घटना से जुड़े दूसरे पहलुओं की जांच कर सकते हैं। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, BSF ने गुजरात के कच्छ स्थित सर क्रीक इलाके में चार पाकिस्तानी मछुआरों को पकड़ा है और उनकी नाव जब्त की है। वे भारतीय जलक्षेत्र में किन परिस्थितियों में पहुंचे और इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होगी, इसकी पूरी जानकारी जांच के बाद ही सामने आएगी। भारत-पाकिस्तान सीमा के पास स्थित इस संवेदनशील क्षेत्र में BSF की निगरानी सुरक्षा व्यवस्था का अहम हिस्सा है। मामले में आधिकारिक अपडेट आने पर आगे की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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