संसद परिसर से निकले कांग्रेस नेताओं का काफिला प्रधानमंत्री आवास की ओर बढ़ा, लेकिन सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए पुलिस ने उन्हें बैरिकेड्स पर रोक दिया। इसके बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य सांसद वहीं धरने पर बैठ गए। पूरे इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहा।
Rahul Gandhi ने लगाए गंभीर आरोप
धरने के दौरान राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने कहा कि देश का युवा और छात्र वर्ग अपनी समस्याओं को लेकर लगातार आवाज उठा रहा है, लेकिन सरकार उनकी बात सुनने के बजाय विरोध को दबाने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के साथ हुई कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से छात्रों से माफी मांगने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की।
Priyanka Gandhi बोलीं- युवाओं की आवाज नहीं दबाई जा सकती
प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी प्रदर्शन के दौरान सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं और छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर संवेदनशील रवैया अपनाने की जरूरत है। लोकतंत्र में अपनी बात रखना हर नागरिक का अधिकार है और इसे किसी भी कीमत पर दबाया नहीं जा सकता।
कांग्रेस का दावा- सरकार चर्चा से बच रही
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा प्रणाली और छात्रों के हितों से जुड़े मुद्दों पर सरकार संसद में खुली चर्चा से बच रही है। पार्टी का आरोप है कि विपक्ष की आवाज को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है।
धरने में शामिल नेताओं ने कहा कि छात्रों की समस्याओं का समाधान संवाद के जरिए होना चाहिए, न कि पुलिस कार्रवाई के माध्यम से।
PM House के आसपास रही हाई सिक्योरिटी
प्रदर्शन को देखते हुए प्रधानमंत्री आवास के आसपास सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह अलर्ट मोड पर रही। कई जगह बैरिकेडिंग की गई और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए छात्रों के समर्थन में प्रदर्शन जारी रखा।
सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार
समाचार लिखे जाने तक केंद्र सरकार की ओर से कांग्रेस के आरोपों पर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया था। हालांकि राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि छात्रों से जुड़े मुद्दों पर सरकार और विपक्ष के बीच टकराव आने वाले दिनों में और तेज हो सकता है।
क्यों अहम है यह प्रदर्शन?
यह विरोध केवल एक राजनीतिक प्रदर्शन नहीं, बल्कि छात्रों से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की कांग्रेस की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। संसद के भीतर बहस और संसद के बाहर प्रदर्शन के जरिए विपक्ष सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार इन मांगों पर क्या रुख अपनाती है और संसद में इस मुद्दे पर आगे क्या चर्चा होती है।
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