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सागर में हत्या के प्रयास का आरोपी गिरफ्तार, पुरानी रंजिश में किया था चाकू से हमला

सागर जिले के गढ़ाकोटा थाना क्षेत्र में हत्या के प्रयास के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। कई दिनों से फरार चल रहे आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल किया गया चाकू भी बरामद कर लिया गया है। पूछताछ के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पुरानी रंजिश बनी हमले की वजह पुलिस के मुताबिक, विवेकानंद वार्ड निवासी 35 वर्षीय हल्ले पिता मुन्नालाल पटेल ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उन्होंने बताया कि पुरानी रंजिश के चलते भरत पटेल ने जान से मारने की नीयत से उनके पेट में चाकू से हमला कर दिया। इस हमले में हल्ले गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। फरार आरोपी की तलाश में जुटी थी पुलिस घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था। उसकी गिरफ्तारी के लिए गढ़ाकोटा थाना पुलिस ने विशेष टीम बनाई और संभावित ठिकानों पर लगातार तलाश शुरू की। आरोपी तक पहुंचने के लिए मुखबिर तंत्र की भी मदद ली गई। मुखबिर की सूचना पर हुई गिरफ्तारी मंगलवार को पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी अपने गांव के पास मौजूद है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल दबिश दी और भरत पिता नन्हेभाई पटेल (25), निवासी ग्राम मढ़िया खुर्द को गिरफ्तार कर लिया। निशानदेही पर बरामद हुआ चाकू गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में आरोपी ने वारदात में इस्तेमाल किए गए चाकू के बारे में जानकारी दी। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने चाकू बरामद कर जब्त कर लिया, जिसे मामले में अहम साक्ष्य के रूप में शामिल किया गया है। कोर्ट ने भेजा जेल गढ़ाकोटा थाना प्रभारी गौरव सिंह तिवारी ने बताया कि हत्या के प्रयास के मामले में फरार आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
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मध्यप्रदेश में बिजली बिल फिर हुआ महंगा, 2 करोड़ से ज्यादा उपभोक्ताओं पर बढ़ा सरचार्ज का बोझ

मध्यप्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को एक बार फिर महंगाई का झटका लगा है। बिजली कंपनियों ने फ्यूल कॉस्ट एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट (FCPPA) सरचार्ज बढ़ा दिया है। इसके बाद अब प्रदेश के 2 करोड़ से अधिक उपभोक्ताओं को हर महीने पहले से ज्यादा बिजली बिल चुकाना होगा। बिजली कंपनियों का कहना है कि ईंधन और बिजली खरीद की बढ़ती लागत के कारण यह फैसला लिया गया है। इसका असर जल्द जारी होने वाले बिजली बिलों में दिखाई देगा। यदि किसी उपभोक्ता की मासिक खपत 200 से 300 यूनिट है, तो उसे करीब 35 से 87 रुपये तक अतिरिक्त भुगतान करना पड़ सकता है। FCPPA सरचार्ज 1.11% से बढ़कर 3.77% हुआ एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी के अनुसार, FCPPA सरचार्ज को 1.11 प्रतिशत से बढ़ाकर 3.77 प्रतिशत कर दिया गया है। यानी पिछले महीने की तुलना में उपभोक्ताओं पर 2.66 प्रतिशत अतिरिक्त सरचार्ज लगाया जाएगा। यह सरचार्ज बिजली बिल के एनर्जी चार्ज पर लागू होगा। कंपनी ने जारी आदेश में बताया कि जुलाई 2026 के लिए यह सरचार्ज 24 जुलाई 2026 से प्रभावी हो गया है। यह निर्णय टैरिफ रेगुलेशन-2021 और उसके संशोधित प्रावधानों के तहत लिया गया है। सरचार्ज से जुड़ी पूरी जानकारी कंपनी ने अपनी वेबसाइट पर भी उपलब्ध कराई है। कम बारिश से बिजली व्यवस्था पर बढ़ा दबाव प्रदेश में सामान्य से कम बारिश का असर अब बिजली उत्पादन पर भी दिखाई देने लगा है। जलाशयों में पानी कम होने से कई ग्रामीण क्षेत्रों में रात के समय 6 से 8 घंटे तक बिजली कटौती की जा रही है। जबलपुर और आसपास के कई जिलों से भी रुक-रुक कर बिजली जाने की शिकायतें सामने आई हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि जलविद्युत परियोजनाओं में उत्पादन घटने के कारण बिजली व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव बन गया है, जिसका असर आम उपभोक्ताओं को झेलना पड़ रहा है। एक साल में 37% बढ़ी बिजली की मांग बिजली कंपनियों के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है। 27 जुलाई 2025 को अधिकतम बिजली मांग 10,024 मेगावाट थी, जो 27 जुलाई 2026 को बढ़कर 13,757 मेगावाट पहुंच गई। यानी सिर्फ एक साल में बिजली की मांग में करीब 37 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 15 जिलों में कम बारिश का असर ऊर्जा विभाग के मुताबिक, पूर्वी मध्यप्रदेश के करीब 15 जिलों में सामान्य से लगभग 18 प्रतिशत कम बारिश हुई है। शहडोल, अनूपपुर, डिंडोरी, उमरिया, कटनी, मंडला, बालाघाट और सिवनी जैसे जिलों में कम बारिश के कारण बरगी, बाणसागर, इंदिरा सागर और ओंकारेश्वर जैसी जलविद्युत परियोजनाओं में पानी की आवक घटी है। इससे बिजली उत्पादन सीमित करना पड़ रहा है और पूरे प्रदेश की बिजली व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव बन गया है।
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इंदौर नगर निगम 103.42 करोड़ फर्जी बिल घोटाला: ED ने 32 आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में पेश की चार्जशीट

इंदौर। इंदौर नगर निगम के 103.42 करोड़ रुपये के फर्जी बिल घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 32 आरोपियों के खिलाफ विशेष PMLA कोर्ट में 20 हजार से अधिक पन्नों का अभियोजन शिकायत पत्र (प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट) दाखिल किया है। आरोपियों में ठेकेदार, नगर निगम के अधिकारी, लोकल फंड ऑडिट, रेजिडेंट ऑडिट कार्यालय के अधिकारी और कुछ निजी व्यक्ति शामिल हैं। फर्जी दस्तावेजों से सरकारी खजाने को 103.42 करोड़ का नुकसान ईडी की जांच में खुलासा हुआ कि फर्जी वर्क ऑर्डर, जाली बिल, फर्जी मापन पुस्तिकाओं (MB), झूठे पूर्णता प्रमाणपत्र और छेड़छाड़ की गई नोटशीट के जरिए 103.42 करोड़ रुपये की सरकारी राशि का गबन किया गया। जांच के अनुसार कई ऐसे कार्यों का भी भुगतान कर दिया गया, जो कभी हुए ही नहीं या पहले ही पूरे हो चुके थे। 59.18 करोड़ की संपत्ति अटैच और फ्रीज ईडी अब तक इस मामले में 59.18 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच, जब्त या फ्रीज कर चुकी है। एजेंसी ने पीएमएलए के तहत दो अस्थायी कुर्की आदेश जारी कर 37.14 करोड़ रुपये मूल्य की 52 अचल संपत्तियां अटैच की हैं। इनमें मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में स्थित व्यावसायिक भवन, मकान, भूखंड और कृषि भूमि शामिल हैं। 20 ठिकानों पर छापेमारी, मिले अहम सबूत ईडी ने 5 और 6 अगस्त 2024 को इंदौर सहित 20 ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस दौरान करीब 22.04 करोड़ रुपये की नकदी, बैंक खातों की राशि, फिक्स्ड डिपॉजिट (FD), डीमैट होल्डिंग्स और म्यूचुअल फंड फ्रीज या जब्त किए गए। साथ ही कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य भी बरामद हुए। नकद निकालकर खरीदी गई संपत्तियां जांच में सामने आया कि घोटाले से निकाली गई राशि पहले नकद निकाली गई, फिर अलग-अलग लाभार्थियों में बांटी गई। इसके बाद फर्जी व्यावसायिक लेनदेन के जरिए धन को अन्य संस्थाओं में ट्रांसफर किया गया और चल-अचल संपत्तियां खरीदकर अपराध से अर्जित रकम को वैध दिखाने की कोशिश की गई। मास्टरमाइंड समेत तीन आरोपी गिरफ्तार ईडी ने इस मामले के कथित मास्टरमाइंड अभय सिंह राठौर सहित मोहम्मद जाकिर और राहुल बडेरा को पीएमएलए की धारा-19 के तहत गिरफ्तार किया है। एजेंसी का आरोप है कि तीनों ने घोटाले की साजिश रची और मनी लॉन्ड्रिंग में अहम भूमिका निभाई। कोर्ट ने जारी किए समन ईडी ने विशेष पीएमएलए कोर्ट से अटैच, जब्त और फ्रीज की गई संपत्तियों को जब्त (Confiscate) करने की मांग भी की है। अदालत ने सभी 32 आरोपियों को नोटिस/समन जारी करते हुए मामले की अगली सुनवाई की तारीख निर्धारित कर दी है। देश और दुनिया की ताजा, निष्पक्ष और विश्वसनीय खबरों के लिए विजिट करें –deshharpal.com
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रायपुर में साइबर ठगी के पैसों से खरीदे सोने के सिक्के, तीन आरोपी गिरफ्तार

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में साइबर ठगी की रकम से सोने के सिक्के खरीदकर सराफा कारोबारियों को चूना लगाने वाले तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और टिकरापारा थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में आरोपियों को तकनीकी जांच के आधार पर पकड़ा गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 1.80 लाख रुपये कीमत के 12 ग्राम सोने के सिक्के बरामद किए हैं। फिलहाल उनसे पूछताछ कर साइबर ठगी की रकम के स्रोत और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है। UPI से किया भुगतान, बाद में फ्रीज हुई रकम पुलिस के अनुसार, 18 जुलाई को टिकरापारा स्थित श्री ओम शांति ज्वेलर्स में दो युवक पहुंचे। इनमें से एक ने 7 ग्राम सोने का सिक्का खरीदने की इच्छा जताई। दुकान में एक साथ 7 ग्राम का सिक्का उपलब्ध नहीं होने पर उसे 1-1 ग्राम के सात सिक्के दिए गए, जिनकी कीमत 99,900 रुपये थी। आरोपी ने JAGDAMBA TC नाम की UPI आईडी के माध्यम से ऑनलाइन भुगतान किया। दो दिन बाद ज्वेलर्स संचालक को बैंक से सूचना मिली कि यह राशि साइबर फ्रॉड से जुड़ी होने के कारण फ्रीज कर दी गई है। जांच में पता चला कि भुगतान जिस खाते से हुआ था, उसमें साइबर ठगी की रकम जमा थी। दूसरे ज्वेलर्स को भी बनाया शिकार जांच में सामने आया कि 17 जुलाई को एक आरोपी ने अजय ज्वेलर्स से भी 5 ग्राम सोने का सिक्का खरीदा था। इसके लिए 76,220 रुपये का भुगतान उसी UPI आईडी से किया गया। इसके बाद आरोपी ने 23,500 रुपये अतिरिक्त ट्रांसफर किए और बाद में सोना नहीं लेने की बात कहकर यह राशि वापस ले ली। बैंक जांच में कुल 1,99,440 रुपये का लेन-देन संदिग्ध और साइबर ठगी से जुड़ा पाया गया। तकनीकी जांच से तीन आरोपी गिरफ्तार मामले की जांच के दौरान पुलिस ने UPI ट्रांजेक्शन, बैंक खातों, मोबाइल नंबर, CCTV फुटेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण किया। इसके आधार पर पुलिस ने मनजीत मंडल, शाहिल नेताम और आयुष साहू को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने तीनों आरोपियों के कब्जे से 12 ग्राम सोने के सिक्के जब्त किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि मामले में आगे की जांच जारी है और साइबर ठगी के पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा रहा है। देश और दुनिया की ताजा, निष्पक्ष और विश्वसनीय खबरों के लिए विजिट करें –deshharpal.com
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इंदौर जिला न्यायालय में फर्जी वकील पकड़ा गया, आठवीं पास युवक वकीलों की ड्रेस पहनकर घूम रहा था

इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर जिला न्यायालय परिसर में सोमवार को एक फर्जी वकील पकड़ा गया। युवक वकीलों की वेशभूषा पहनकर कोर्ट परिसर में घूम रहा था। संदेह होने पर बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने उससे पूछताछ की, जिसमें खुलासा हुआ कि वह न तो वकील है और न ही कानून का छात्र। उसकी शैक्षणिक योग्यता केवल आठवीं पास निकली। दस्तावेज मांगने पर खुली पोल बार एसोसिएशन के अनुसार, सोमवार को कार्यकारिणी सदस्य न्यायालय परिसर का निरीक्षण कर रहे थे। इसी दौरान कोर्ट रूम नंबर 45 के बाहर एक युवक वकीलों की ड्रेस में दिखाई दिया। पूछताछ में उसने अपना नाम धर्मेंद्र पिता रमेश राठौर बताया और कहा कि वह एक अधिवक्ता के कार्यालय से जुड़ा हुआ है। जब उससे एलएलबी की डिग्री और बार काउंसिल से जुड़े दस्तावेज मांगे गए, तो वह कोई प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सका। बाद में उसने स्वीकार किया कि उसने कानून की पढ़ाई नहीं की है और वह केवल आठवीं कक्षा तक शिक्षित है। सोशल मीडिया प्रोफाइल से भी मिले सबूत बार एसोसिएशन ने युवक की फेसबुक और इंस्टाग्राम प्रोफाइल की भी जांच की। जांच में वह कई तस्वीरों में वकीलों की वेशभूषा में नजर आया। इसके बाद इंदौर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश पाल और सचिव धर्मेंद्र गुर्जर ने आरोपी को एमजी रोड थाना पुलिस के हवाले कर दिया और उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए लिखित शिकायत दर्ज कराई। फर्जी वकीलों के खिलाफ विशेष अभियान एमजी रोड थाना पुलिस ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बार एसोसिएशन के सचिव धर्मेंद्र गुर्जर ने कहा कि जिला न्यायालय परिसर में फर्जी वकीलों की पहचान के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले भी एक महिला को फर्जी वकील के रूप में पकड़ा गया था, जिसके खिलाफ भी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई थी। उस मामले की जांच अभी जारी है। देश और दुनिया की ताजा, निष्पक्ष और विश्वसनीय खबरों के लिए विजिट करें –deshharpal.com
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इंडियनऑयल ने शुरू की 10 और 5 किलोग्राम एलपीजी सिलेंडर की एक्सप्रेस डिलीवरी सेवा

नई दिल्ली। इंडियनऑयल ने ग्राहकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 10 किलोग्राम और 5 किलोग्राम एलपीजी सिलेंडर के लिए एक्सप्रेस डिलीवरी सेवा शुरू की है। कंपनी के चेयरमैन श्री ए. एस. साहनी ने बुधवार को इंडेन एक्स्ट्रालाइट नाउ (Indane XTRALITE NOW) का शुभारंभ किया। यह 10 किलोग्राम क्षमता वाला आधुनिक कम्पोजिट एलपीजी सिलेंडर है, जिसे तेज डिलीवरी सुविधा के साथ बाजार में उतारा गया है। इस अवसर पर इंडियनऑयल के निदेशक (विपणन) श्री सौमित्र पी. श्रीवास्तव सहित कंपनी के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इंडेन एक्स्ट्रालाइट नाउ को बदलती जीवनशैली और आधुनिक परिवारों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। यह हल्के वजन, जंग-रोधी कम्पोजिट तकनीक और डिजिटल सेवाओं का संयोजन है, जिससे उपभोक्ताओं को अधिक सुरक्षा, सुविधा और पारदर्शिता मिलेगी। इस सिलेंडर की खासियत इसकी पारदर्शी बॉडी है, जिसके माध्यम से ग्राहक आसानी से गैस का शेष स्तर देख सकेंगे। इसके अलावा बुकिंग के चार घंटे के भीतर एक्सप्रेस डिलीवरी, अपनी सुविधा के अनुसार डिलीवरी समय चुनने और न्यूनतम दस्तावेजी प्रक्रिया जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं। इंडियनऑयल ने इस दौरान लोकप्रिय 5 किलोग्राम ‘छोटू’ एलपीजी सिलेंडर के लिए भी एक्सप्रेस होम डिलीवरी सेवा शुरू की है। अब ग्राहक इसकी बुकिंग के चार घंटे के भीतर घर पर डिलीवरी प्राप्त कर सकेंगे। यह सुविधा खासतौर पर शहरी परिवारों, कामकाजी लोगों और छोटे परिवारों के लिए उपयोगी साबित होगी। इंडियनऑयल के चेयरमैन श्री ए. एस. साहनी ने कहा कि ग्राहकों के जीवन को आसान बनाने वाले नवाचार ही वास्तविक रूप से उपयोगी होते हैं। उन्होंने बताया कि इंडेन एक्स्ट्रालाइट नाउ अत्याधुनिक तकनीक और बेहतर सेवा मॉडल का मेल है, जो ग्राहकों को सुरक्षित और सुविधाजनक एलपीजी अनुभव प्रदान करेगा। वहीं, निदेशक (विपणन) श्री सौमित्र पी. श्रीवास्तव ने कहा कि आज के उपभोक्ता तेज और भरोसेमंद सेवाओं की उम्मीद रखते हैं। इंडेन एक्स्ट्रालाइट नाउ इसी ग्राहक-केंद्रित सोच को आगे बढ़ाने वाली पहल है, जो घरेलू एलपीजी सेवाओं को नई दिशा देगी। फिलहाल यह सुविधा शुरुआती चरण में पुणे, गुरुग्राम, इंदौर और कोयंबटूर में उपलब्ध होगी। इसके बाद अगस्त 2026 के मध्य तक इसे 25 अन्य शहरों में और अक्टूबर 2026 के अंत तक देश के प्रमुख शहरों तक विस्तार देने की योजना है। ग्राहक इंडियनऑयल वन (IndianOil ONE) ऐप और कंपनी की ग्राहक वेबसाइट के माध्यम से नए कनेक्शन के लिए पंजीकरण और रिफिल बुकिंग कर सकेंगे। जल्द ही व्हाट्सएप नंबर 7588888824 के माध्यम से भी बुकिंग की सुविधा शुरू की जाएगी। इंडियनऑयल के इंडेन वितरक नेटवर्क और चुनिंदा रिटेल आउटलेट्स के माध्यम से यह सेवा उपलब्ध कराई जाएगी। कंपनी का लक्ष्य शहरी परिवारों, आवासीय परिसरों और सुविधा पसंद करने वाले ग्राहकों को बेहतर एलपीजी समाधान उपलब्ध कराना है। इंडियनऑयल ने कहा कि डिजिटल तकनीक, नवाचार और ग्राहक-केंद्रित सेवाओं के माध्यम से कंपनी लगातार ऊर्जा क्षेत्र में नए मानक स्थापित करने की दिशा में काम कर रही है। इंडेन एक्स्ट्रालाइट नाउ इसी प्रयास की एक महत्वपूर्ण कड़ी है।
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कारगिल विजय दिवस पर रायपुर में निकली साइकिल रैली, 100 से अधिक साइकिलिस्टों ने शहीदों को दी श्रद्धांजलि

रायपुर। कारगिल विजय दिवस के अवसर पर शनिवार सुबह राजधानी रायपुर में भव्य साइकिल रैली का आयोजन किया गया। रैली में 100 से अधिक साइकिलिस्टों ने हिस्सा लेकर कारगिल युद्ध के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान सेना के जवान, पूर्व सैनिक, महिलाएं, युवा और बच्चों ने एक साथ साइकिल चलाकर देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया। इस रैली का आयोजन मुख्यालय मध्य भारत एरिया के अंतर्गत छत्तीसगढ़ एवं ओडिशा सब एरिया ने नवा रायपुर डेवलपमेंट अथॉरिटी (NRDA), टूर डी रायपुर साइक्लिंग ग्रुप और आईटीएसए हॉस्पिटल के सहयोग से किया। रैली रायपुर से शुरू होकर नवा रायपुर स्थित सेंद लेक तक पहुंची। पूरे मार्ग में प्रतिभागियों ने कारगिल के वीर जवानों के अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान को याद करते हुए देशभक्ति का संदेश दिया। सेना और नागरिकों ने दिया राष्ट्रीय एकता का संदेश आयोजकों के अनुसार, रैली का उद्देश्य कारगिल युद्ध के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करना और नई पीढ़ी को उनके शौर्य, साहस और बलिदान से प्रेरित करना था। सेना के जवानों के साथ बड़ी संख्या में आम नागरिकों की भागीदारी ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया। रैली के दौरान आईटीएसए हॉस्पिटल की मेडिकल टीम पूरी यात्रा के दौरान स्वास्थ्य सहायता के लिए मौजूद रही, जबकि एनआरडीए ने यातायात और रूट प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालकर आयोजन को सुचारु रूप से संपन्न कराया। ब्रिगेडियर टी.एस. बावा ने प्रतिभागियों का किया सम्मान समापन समारोह में छत्तीसगढ़ एवं ओडिशा सब एरिया के कमांडर ब्रिगेडियर टी.एस. बावा ने सभी प्रतिभागियों की सराहना की और कारगिल युद्ध के शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि कारगिल के वीर सैनिकों का साहस और बलिदान देश के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत रहेगा। ऐसे आयोजन युवाओं में राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत करते हैं और नई पीढ़ी को देश की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीरों की गाथा से जोड़ते हैं। कार्यक्रम के अंत में रैली में शामिल सभी साइकिलिस्टों को सम्मानित भी किया गया। छत्तीसगढ़, देश और प्रेरणादायक खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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रायपुर में छात्रों ने मनाया जश्न, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को बताया लोकतंत्र की जीत

रायपुर। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर के बाद राजधानी रायपुर में छात्र-युवाओं ने खुशी जाहिर करते हुए जश्न मनाया। डॉ. भीमराव अंबेडकर चौक पर एकत्रित प्रदर्शनकारियों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर इसे लोकतांत्रिक संघर्ष की जीत बताया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि देशभर के छात्रों, युवाओं और सामाजिक संगठनों द्वारा लंबे समय से उठाई जा रही मांग आखिरकार सरकार तक पहुंची। उन्होंने कहा कि यह किसी व्यक्ति की हार या जीत नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वाले लाखों छात्रों और युवाओं की आवाज की जीत है। छात्रों ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने, पेपर लीक की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई और जवाबदेही तय करने की मांग लगातार उठाई जाती रही है। उनका मानना है कि यह घटनाक्रम छात्रों के लंबे संघर्ष का महत्वपूर्ण परिणाम है। पहले भी हुआ था आंदोलन और भूख हड़ताल रायपुर में हाल ही में विभिन्न छात्र संगठनों और सामाजिक संस्थाओं ने सोनम वांगचुक के समर्थन में प्रदर्शन किया था। इस दौरान एनएसयूआई के पांच कार्यकर्ता अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर भी बैठे थे। आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने खून से “धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो” लिखकर विरोध दर्ज कराया था। उस समय केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग आंदोलन का प्रमुख मुद्दा रही। अब शिक्षा सुधार की मांग तेज प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल इस्तीफा नहीं, बल्कि देश की शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार सुनिश्चित करना है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि पेपर लीक रोकने के लिए सख्त कानून बनाए जाएं, परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए और छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर प्रभावी एवं ठोस कदम उठाए जाएं। देश, राजनीति और शिक्षा से जुड़ी ताजा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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नकटी विस्थापन मामला: कांग्रेस के चार बड़े फैसले, राज्यपाल को फिर भेजेगी अनुरोध पत्र

रायपुर। नवा रायपुर के नकटी गांव में तोड़फोड़ और विस्थापन के मुद्दे पर कांग्रेस ने अपना अगला कदम तय कर लिया है। इस मामले को लेकर गठित कांग्रेस समिति की बैठक में चार अहम फैसले लिए गए। पार्टी ने प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए राज्यपाल को दोबारा अनुरोध पत्र भेजने, कानूनी सहायता उपलब्ध कराने और विस्थापितों को उसी स्थान पर मकान देने की मांग दोहराई है। बैठक के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि घटना को लगभग एक महीना बीत चुका है, लेकिन राज्य सरकार अब तक प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और राहत को लेकर कोई ठोस निर्णय नहीं ले सकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि पीड़ित परिवार कलेक्टर, राज्यपाल और सरकार के मंत्रियों तक अपनी बात पहुंचा चुके हैं। लोकतांत्रिक तरीके से धरना-प्रदर्शन भी किया गया, लेकिन सरकार की ओर से अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। बारिश के मौसम में कई परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। दीपक बैज ने बताया कि कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल पहले भी प्रभावित परिवारों के साथ राज्यपाल से मिला था। उस समय राज्यपाल ने विधानसभा सत्र के बाद मुख्यमंत्री से चर्चा कर समाधान निकालने का भरोसा दिया था, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हुई। कांग्रेस समिति के चार प्रमुख फैसले बैठक में तय किया गया कि नकटी विस्थापन मामले के समाधान के लिए राज्यपाल को दोबारा अनुरोध पत्र भेजा जाएगा। प्रभावित परिवारों की कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए कांग्रेस के विधि विभाग की पांच सदस्यीय टीम गठित की जाएगी, जो पूरे मामले की कानूनी प्रक्रिया और न्यायिक पहलुओं पर काम करेगी। इसके अलावा पार्टी ने मांग की है कि जिन परिवारों के मकान तोड़े गए हैं, उन्हें उसी स्थान पर दोबारा आवास उपलब्ध कराया जाए। कांग्रेस ने नकटी गांव और आसपास की जमीनों की राजस्व ऑडिट रिपोर्ट सार्वजनिक करने की भी मांग उठाई है। दीपक बैज का कहना है कि राजस्व ऑडिट रिपोर्ट सार्वजनिक होने से यह स्पष्ट हो सकेगा कि उस क्षेत्र में किन प्रभावशाली लोगों की जमीन है और किन परिस्थितियों में गरीब परिवारों के घरों पर कार्रवाई की गई। छत्तीसगढ़ की राजनीति और ताजा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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ग्वालियर: साइबर ठगी के पैसों से खरीदा 50 ग्राम का सोने का सिक्का, ज्वेलर्स का बैंक खाता हुआ फ्रीज

ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में साइबर अपराधियों द्वारा ठगी की रकम को वैध बनाने का एक नया तरीका सामने आया है। पुलिस के अनुसार, एक युवक ने सराफा बाजार स्थित ‘गहना जेम्स एंड ज्वेलर्स प्राइवेट लिमिटेड’ से 50 ग्राम का सोने का सिक्का खरीदा और उसका भुगतान कथित तौर पर साइबर ठगी से प्राप्त रकम के जरिए ऑनलाइन किया। बाद में इस लेनदेन के चलते ज्वेलर्स का बैंक खाता भी फ्रीज कर दिया गया। ऑनलाइन ट्रांसफर से किया लाखों रुपये का भुगतान पुलिस के मुताबिक, झांसी रोड स्थित माधव नगर निवासी सराफा कारोबारी अजय मंगल का लश्कर सराफा बाजार में ज्वेलरी शोरूम है। बताया गया कि 4 अप्रैल 2026 को अभिषेक परिहार नाम का युवक शोरूम पहुंचा और 50 ग्राम का सोने का सिक्का खरीदने का सौदा किया। उसने अग्रिम भुगतान के रूप में 1 लाख रुपये NEFT और 10 हजार रुपये IMPS के माध्यम से जमा कराए। अगले दिन, 5 अप्रैल, वह दोबारा शोरूम पहुंचा और 5 लाख रुपये, 1.41 लाख रुपये ऑनलाइन बैंक ट्रांसफर तथा 52,900 रुपये नकद देकर पूरा भुगतान किया। इसके बाद कारोबारी ने जीएसटी का बिल जारी कर सोने का सिक्का उसे सौंप दिया। 20 दिन बाद बैंक खाता हुआ फ्रीज करीब 20 दिन बाद, 24 अप्रैल को ज्वेलर्स का बैंक खाता अचानक होल्ड कर दिया गया। बैंक ने ई-मेल के माध्यम से बताया कि खाते में आई 5.10 लाख रुपये की राशि को नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) के निर्देश पर फ्रीज किया गया है। इसके बाद 4 जून को बेंगलुरु साइबर क्राइम पुलिस का नोटिस मिला। नोटिस में बताया गया कि सोने के सिक्के के भुगतान में इस्तेमाल किए गए 5.10 लाख रुपये, बेंगलुरु के एक कारोबारी से हुई 14 करोड़ रुपये की साइबर ठगी का हिस्सा थे। पुलिस के अनुसार, ठगों ने कथित रूप से ठगी की रकम सीधे ज्वेलर्स के खाते में ट्रांसफर कर सोने का सिक्का खरीद लिया। पुलिस ने दर्ज किया मामला मामले की जानकारी मिलने के बाद अजय मंगल ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच के दौरान खरीदारी के समय जमा कराए गए आधार कार्ड से पता चला कि आरोपी अभिषेक परिहार बहोड़ापुर थाना क्षेत्र के घोसीपुरा का निवासी है। पुलिस उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। सीसीटीवी फुटेज नहीं मिले सीएसपी लश्कर किरण अहिरवार ने बताया कि शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और आरोपी की तलाश जारी है। उन्होंने कहा कि शोरूम का सीसीटीवी बैकअप केवल 15 से 20 दिन तक सुरक्षित रहता है, इसलिए घटना के फुटेज उपलब्ध नहीं हो सके। हालांकि आधार कार्ड के विवरण और साइबर ट्रेल के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
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X पर अब लाइक बटन दबाकर भेज सकेंगे $1 की टिप, मस्क ने नए फीचर का किया ऐलान

नई दिल्ली। इलॉन मस्क सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X को फाइनेंशियल सर्विसेज से जोड़ने की दिशा में एक और कदम उठा रहे हैं। मस्क ने ऐलान किया है कि X पर यूजर्स लाइक बटन को लॉन्ग-प्रेस करके किसी यूजर या क्रिएटर को 1 डॉलर की टिप भेज सकेंगे। यह पेमेंट कंपनी के फाइनेंशियल प्लेटफॉर्म X मनी के जरिए किया जाएगा। मस्क ने X पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी। उन्होंने लिखा कि X मनी के माध्यम से किसी को भी 1 डॉलर भेजने के लिए लाइक बटन पर लॉन्ग-प्रेस करने का विकल्प जोड़ा जा रहा है। कैसे काम करेगा नया टिपिंग फीचर? इस फीचर के जरिए यूजर्स किसी पोस्ट के लेखक या क्रिएटर को सीधे आर्थिक मदद दे सकेंगे। इसके लिए लाइक बटन को कुछ देर तक दबाना होगा। इसके बाद X मनी के पेमेंट सिस्टम के जरिए 1 डॉलर ट्रांसफर करने का विकल्प मिलेगा। इस व्यवस्था का मकसद क्रिएटर्स को सपोर्ट करने की प्रक्रिया आसान बनाना है, ताकि यूजर्स को अलग से पेमेंट ऐप या लंबी प्रक्रिया का सहारा न लेना पड़े। हालांकि, X ने अभी तक इस फीचर के लॉन्च की तारीख और इसकी उपलब्धता से जुड़ी शर्तों की जानकारी नहीं दी है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि यूजर्स 1 डॉलर की तय रकम को बदल सकेंगे या भविष्य में अलग-अलग रकम भेजने के विकल्प भी मिलेंगे। क्या है X मनी और इसमें कौन-सी सुविधाएं हैं? X मनी, X का फाइनेंशियल सर्विस प्लेटफॉर्म है। इसके जरिए यूजर्स के बीच पैसे ट्रांसफर करने, डिपॉजिट अकाउंट और X-ब्रांडेड वीजा डेबिट कार्ड जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। इसका पेमेंट और बैंकिंग इंफ्रास्ट्रक्चर क्रॉस रिवर बैंक के साथ जुड़ा है। X मनी खुद बैंक नहीं है, बल्कि बैंकिंग पार्टनर के माध्यम से वित्तीय सेवाएं उपलब्ध कराने वाला प्लेटफॉर्म है। इससे जुड़ी सुविधाओं में पात्र डिपॉजिट पर ब्याज, खरीदारी पर कैशबैक और डेबिट कार्ड को Apple Pay से कनेक्ट करने जैसे विकल्प शामिल हैं। इन सुविधाओं की उपलब्धता यूजर की पात्रता और लागू शर्तों पर निर्भर करती है। X को ‘एवरीथिंग ऐप’ बनाना चाहते हैं मस्क इलॉन मस्क लंबे समय से X को सिर्फ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म तक सीमित नहीं रखना चाहते। उनका लक्ष्य इसे ‘एवरीथिंग ऐप’ यानी सुपर ऐप के रूप में विकसित करना है, जहां सोशल मीडिया, मैसेजिंग और वित्तीय सेवाएं एक ही जगह मिल सकें। X मनी के जरिए टिप भेजने का फीचर इसी रणनीति का हिस्सा है। अगर यह सुविधा व्यापक स्तर पर शुरू होती है, तो क्रिएटर्स को अपने कंटेंट के जरिए सीधे आर्थिक सहयोग पाने का एक और माध्यम मिल सकता है। भारत में कब शुरू होगा X मनी? X ने भारत में X मनी या नए टिपिंग फीचर को लॉन्च करने की कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की है। फिलहाल भारतीय यूजर्स के लिए इसकी उपलब्धता को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। भारत में पहले से ही UPI आधारित डिजिटल पेमेंट का बड़ा नेटवर्क मौजूद है। ऐसे में X मनी को भारत में वित्तीय सेवाएं शुरू करने के लिए देश के लागू बैंकिंग, भुगतान और नियामकीय नियमों का पालन करना होगा। क्या होता है ‘एवरीथिंग ऐप’? एवरीथिंग ऐप या सुपर ऐप ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म होता है, जिसमें एक ही ऐप के जरिए कई तरह की सेवाएं इस्तेमाल की जा सकती हैं। इनमें सोशल मीडिया, मैसेजिंग, डिजिटल पेमेंट, शॉपिंग और बैंकिंग जैसी सुविधाएं शामिल हो सकती हैं। चीन का WeChat इसका प्रमुख उदाहरण है, जहां मैसेजिंग के साथ भुगतान और कई अन्य डिजिटल सेवाएं भी मिलती हैं। मस्क X को भी इसी तरह का बहुउद्देशीय प्लेटफॉर्म बनाना चाहते हैं।

पूर्व जज संजय किशन कौल का पूर्व CJI चंद्रचूड़ पर निशाना, बोले- जजों की नियुक्ति में सरकार के प्रति ज्यादा झुके थे

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज संजय किशन कौल ने पूर्व मुख्य न्यायाधीश (CJI) डीवाई चंद्रचूड़ के रवैए पर सवाल उठाए हैं। अपनी आगामी किताब ‘विदाउट फियर ऑर फेवर’ में कौल ने आरोप लगाया है कि न्यायाधीशों की नियुक्ति के मामले में चंद्रचूड़ सरकार के प्रति जरूरत से ज्यादा झुके हुए थे। कौल के मुताबिक, नियुक्तियों से पहले सरकार की राय लेने की प्रवृत्ति न्यायपालिका की स्वतंत्रता के लिए चिंता का विषय है। कौल ने किताब में कॉलेजियम की उस बैठक का जिक्र किया है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट की छह रिक्तियों को भरने के लिए नामों पर विचार किया गया था। उन्होंने कहा कि सरकार से निपटने के तरीके को लेकर मतभेदों के कारण चंद्रचूड़ के साथ उनके संबंधों में तनाव आया। कॉलेजियम बैठक में छठे नाम को लेकर मतभेद कौल के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट के छह जजों की नियुक्ति पर विचार के दौरान पांच नामों पर पहले सहमति बन चुकी थी। बैठक से ठीक पहले तत्कालीन CJI चंद्रचूड़ ने छठे उम्मीदवार का नाम उनके सामने रखा। कौल ने बताया कि चंद्रचूड़ उन्हें एक अलग कमरे में ले गए और पूछा कि क्या उन्हें सरकार का रुख जानने के लिए फोन करना चाहिए। कौल ने द वायर से बातचीत में कहा कि उन्हें नहीं लगता कि यह सरकार को खुश करने का मामला था, लेकिन नामों पर पहले उनके साथ चर्चा हुई थी। उन्होंने कहा कि छठे उम्मीदवार के नाम पर उनकी सहमति नहीं थी और उन्हें लगा कि कॉलेजियम के अन्य सदस्य भी उस नाम को स्वीकार नहीं करेंगे। कौल के अनुसार, बैठक में वही हुआ और छठे नाम पर सहमति नहीं बन सकी। उन्होंने आशंका जताई कि शायद चंद्रचूड़ ने इस नाम सहित अन्य नामों को लेकर सरकार से पहले ही किसी तरह की मंजूरी ले ली थी। नियुक्तियों से पहले सरकार की राय लेने पर आपत्ति जस्टिस कौल ने कहा कि कॉलेजियम की औपचारिक चर्चा से पहले सरकार के साथ नामों पर विचार-विमर्श करने की परंपरा चिंता पैदा करती है। उनके मुताबिक, सरकार से सलाह लेना और पहले से मंजूरी लेना दो अलग-अलग बातें हैं। कौल का मानना है कि कॉलेजियम को न्यायपालिका की स्वतंत्रता बनाए रखने के लिए सरकार के दबाव का विरोध करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर नियुक्तियों से पहले सरकार की सहमति लेने की प्रक्रिया परंपरा बन जाती है, तो भविष्य में आने वाले मुख्य न्यायाधीशों के लिए इससे अलग चलना मुश्किल हो सकता है। NJAC पर भी रखी अपनी राय किताब में कौल ने 2015 में केंद्र सरकार की ओर से पेश किए गए नेशनल ज्यूडिशियल अपॉइंटमेंट्स कमीशन (NJAC) का भी उल्लेख किया है। उन्होंने कहा कि उस समय नियुक्ति व्यवस्था को लेकर आमने-सामने बैठकर चर्चा की जा सकती थी। कौल के मुताबिक, मौजूदा व्यवस्था में सुधार और उसके तौर-तरीकों में बदलाव की गुंजाइश थी। हालांकि, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सुधार के नाम पर नियुक्तियों से पहले सरकार की मंजूरी लेने की परंपरा को बढ़ावा नहीं मिलना चाहिए। PMLA मामले को दूसरी बेंच में भेजने पर भी सवाल कौल ने अपनी बेंच के एक फैसले से जुड़े मामले को दूसरी बेंच में भेजे जाने पर भी आपत्ति जताई। यह मामला मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA) से जुड़े फैसले के कुछ हिस्सों पर दोबारा विचार करने से संबंधित था। कौल का कहना था कि किसी मामले को इस आशंका के आधार पर एक बेंच से दूसरी बेंच में नहीं भेजा जाना चाहिए कि फैसला किस दिशा में जा सकता है। कांग्रेस ने न्यायपालिका की स्वतंत्रता का मुद्दा उठाया कौल की किताब अभी बाजार में नहीं आई है, लेकिन उनके बयानों के आधार पर कांग्रेस ने न्यायपालिका की स्वतंत्रता को लेकर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस महासचिव और संचार प्रभारी जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा कि कौल ने न्यायाधीशों की नियुक्ति में सरकार के दखल से जुड़ी चिंताएं सामने रखी हैं। रमेश के मुताबिक, इनमें कॉलेजियम की बैठकों से पहले सरकार की मंजूरी लेने की कोशिश और अल्पसंख्यक समुदाय से आने वाले एक न्यायाधीश की जाति को लेकर सरकार की ओर से पूछताछ का मुद्दा भी शामिल है। उन्होंने कहा कि कौल ने इन विषयों को नपे-तुले शब्दों में दर्ज किया है। कांग्रेस ने इसे न्यायपालिका को सत्ता में बैठे लोगों के दबाव से मुक्त रखने की जरूरत से जोड़कर देखा है। कौल बोले- भविष्य के CJI के लिए परंपरा बदलना मुश्किल होगा कौल ने अपने रुख को स्पष्ट करते हुए कहा कि मुख्य न्यायाधीश का कार्यकाल सीमित होता है, लेकिन उनके फैसलों से बनी परंपराएं आगे भी जारी रह सकती हैं। उनके मुताबिक, यदि नियुक्तियों से पहले सरकार से चर्चा करने की प्रक्रिया सामान्य बन जाती है, तो बाद में आने वाले मुख्य न्यायाधीशों के लिए उससे अलग रास्ता अपनाना मुश्किल हो सकता है। इसी वजह से उन्होंने चंद्रचूड़ को इस तरह की प्रक्रिया से बचने की सलाह देने की कोशिश की।

भोपाल में 1.50 लाख की MD ड्रग्स के साथ दो युवक गिरफ्तार, बाइक-मोबाइल समेत 3 लाख का सामान जब्त

भोपाल। राजधानी भोपाल में परवलिया सड़क थाना पुलिस ने बायपास रोड पर घेराबंदी कर दो युवकों को MD ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 12.63 ग्राम MD ड्रग्स बरामद हुई है, जिसकी कीमत करीब 1.50 लाख रुपए बताई गई है। पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल बाइक और मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। जब्त सामान की कुल कीमत करीब 3 लाख रुपए आंकी गई है। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने की घेराबंदी पुलिस के मुताबिक, 24 अक्टूबर की रात मुखबिर से सूचना मिली थी कि दो युवक बाइक से MD ड्रग्स लेकर थाना क्षेत्र से गुजरने वाले हैं। सूचना मिलने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया। थाना प्रभारी के नेतृत्व में पांच पुलिस टीमें गठित कर बायपास रोड पर घेराबंदी की गई। रात करीब 1:40 बजे पुलिस को बाइक पर सवार दो संदिग्ध युवक दिखाई दिए। पुलिस को देखकर दोनों ने बाइक मोड़कर भागने की कोशिश की, लेकिन घेराबंदी के चलते उन्हें पकड़ लिया गया। तरुण सराठे और अखिलेश मेहरा गिरफ्तार पुलिस के अनुसार, तलाशी के दौरान तरुण सराठे (24), निवासी छावनी पठार, बिलखिरिया के पास से 12.63 ग्राम MD ड्रग्स बरामद हुई। बाइक पर उसके साथ मौजूद अखिलेश मेहरा (24), निवासी छावनी पठार को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपियों के पास से ड्रग्स के अलावा तस्करी में इस्तेमाल बाइक और मोबाइल फोन जब्त किए हैं। जब्त सामान की कुल कीमत करीब 3 लाख रुपए बताई गई है। दोनों आरोपियों पर पहले से दर्ज हैं मामले पुलिस के मुताबिक, तरुण सराठे के खिलाफ बिलखिरिया थाने में मारपीट और आर्म्स एक्ट के दो मामले दर्ज हैं। वहीं, अखिलेश मेहरा के खिलाफ मारपीट के चार प्रकरण पहले से दर्ज हैं। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। ड्रग्स सप्लाई नेटवर्क की जांच जारी गिरफ्तारी के बाद पुलिस दोनों युवकों से पूछताछ कर रही है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि MD ड्रग्स कहां से लाई गई थी और इसे किसे सप्लाई किया जाना था। पुलिस ड्रग्स की खरीद-फरोख्त से जुड़े नेटवर्क की जानकारी भी जुटा रही है।

हरमनप्रीत और दीप्ति के शतक, भारत ने जिम्बाब्वे को दिया 329 रन का टारगेट

वडोदरा। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे वनडे मुकाबले में शानदार बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 6 विकेट पर 328 रन बनाए। वडोदरा के कोटांबी स्टेडियम में रविवार को टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की ओर से कप्तान हरमनप्रीत कौर और दीप्ति शर्मा ने शतक लगाए। दोनों के बीच छठे विकेट के लिए 153 रन की अहम साझेदारी हुई। भारत की शुरुआत खराब, 19 रन पर गिरे 2 विकेट भारतीय टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। स्मृति मंधाना पारी की चौथी गेंद पर बिना खाता खोले आउट हो गईं। इसके बाद शेफाली वर्मा भी 8 रन बनाकर पवेलियन लौट गईं। तीसरे ओवर में भारत का स्कोर 19 रन पर 2 विकेट हो गया। मुश्किल समय में प्रतीका रावल और हरमनप्रीत कौर ने पारी को संभाला। दोनों ने संभलकर बल्लेबाजी करते हुए टीम को शुरुआती झटकों से उबारा। प्रतीका रावल ने 67 गेंदों पर 61 रन बनाए। उनकी पारी में 4 चौके और 2 छक्के शामिल रहे। वह 22.2 ओवर में 143 रन के स्कोर पर आउट हुईं। हरमनप्रीत कौर ने 121 गेंदों पर बनाए 126 रन कप्तान हरमनप्रीत कौर ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 121 गेंदों पर 126 रन बनाए। उन्होंने अपनी पारी में 15 चौके लगाए। यह उनके वनडे करियर का आठवां शतक रहा। हालांकि, पारी के दौरान उनके तीन कैच भी छूटे। हरमनप्रीत का विकेट 46.2 ओवर में गिरा। उस समय भारतीय टीम 301 रन बना चुकी थी। पारी के बाद उन्होंने कहा कि लंबे समय बाद धूप में खेलना आसान नहीं था। उन्होंने बताया कि जब दूसरे छोर पर बल्लेबाज अच्छी लय में रन बना रही हो, तो स्ट्राइक बदलते रहना और साझेदारी को आगे बढ़ाना जरूरी होता है। दीप्ति शर्मा ने 86 गेंदों में जड़ा शतक छठे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरीं दीप्ति शर्मा ने 86 गेंदों पर 106 रन की पारी खेली। उन्होंने 15 चौके लगाए। दीप्ति ने 37 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और पारी के आखिरी ओवर में चौका लगाकर वनडे करियर का दूसरा शतक पूरा किया। दीप्ति ने हरमनप्रीत के साथ मिलकर भारतीय पारी को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। दोनों ने पांचवें विकेट के लिए 137 गेंदों पर 153 रन की साझेदारी की। इस दौरान दोनों ने विकेट बचाने के साथ रन गति भी बनाए रखी। दीप्ति शर्मा ने बनाए तीन रिकॉर्ड आखिरी 10 ओवर में बने 72 रन भारतीय टीम ने आखिरी 10 ओवर में 72 रन जोड़े और इस दौरान 2 विकेट गंवाए। हरमनप्रीत के आउट होने के बाद ऋचा घोष भी ज्यादा देर नहीं टिक सकीं। वह 9 गेंदों पर 7 रन बनाकर 47.6 ओवर में आउट हुईं। भारत ने निर्धारित 50 ओवर में 6 विकेट पर 328 रन बनाकर जिम्बाब्वे के सामने 329 रन का लक्ष्य रखा। दोनों टीमों की प्लेइंग-11 भारत: प्रतीका रावल, स्मृति मंधाना (कप्तान), शेफाली वर्मा, हरमनप्रीत कौर, तेजल हसब्निस, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष (विकेटकीपर), श्री चरणी, जिंतिमणि कलिता, सयाली सतघरे और वैष्णवी शर्मा। जिम्बाब्वे: मोडेस्टर मुपाचिकवा (विकेटकीपर), लोरिन फिरी, चिपो मुगेरी-तिरिपानो, बिलव्ड बिजा, जोसेफिन नकोमो (कप्तान), न्याशा ग्वांजुरा, चिएद्जा धुरुरु, मिशेल मावुंगा, नोमवेलो सिबांडा, तेंदाई मकुशा और ओलिंडर चारे।
BSF

BSF Action: कच्छ के Sir Creek में पकड़े गए 4 Pakistani Fishermen

गुजरात के कच्छ से भारत-पाकिस्तान सीमा पर सुरक्षा से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने रविवार, 25 अक्टूबर 2026 को सर क्रीक के संवेदनशील इलाके में चार पाकिस्तानी मछुआरों को पकड़ लिया। इस दौरान उनकी फाइबर से बनी मछली पकड़ने वाली नाव भी जब्त की गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, चारों मछुआरे कथित तौर पर केकड़े पकड़ने के लिए भारतीय जलक्षेत्र में दाखिल हुए थे। यह कार्रवाई खुफिया जानकारी मिलने के बाद की गई। घटना के बाद एक बार फिर कच्छ के समुद्री सीमा क्षेत्र में सुरक्षा और निगरानी को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, मछुआरों के भारतीय जलक्षेत्र में पहुंचने की परिस्थितियों और उनकी गतिविधियों की पूरी जानकारी जांच के बाद ही सामने आएगी। BSF ने कैसे पकड़े चार पाकिस्तानी मछुआरे? India Today की 25 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक, BSF को सूचना मिली थी कि कुछ पाकिस्तानी मछुआरे भारतीय जलक्षेत्र में मौजूद हैं। इसके बाद जवानों ने सर क्रीक इलाके में कार्रवाई करते हुए चारों को पकड़ लिया। पकड़े गए मछुआरों की पहचान कादिर थैमोर, मुहम्मद मूसा, अजगर थैमोर और अहसान जाट के रूप में बताई गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, चारों पाकिस्तान के सिंध प्रांत के निवासी हैं। कार्रवाई के दौरान उनकी फाइबर की नाव भी जब्त की गई। फिलहाल, पूछताछ और आगे की कानूनी प्रक्रिया से जुड़ी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं हुई है। आखिर क्या है मछुआरों का अपराध? इस मामले में सबसे अहम सवाल है कि चारों मछुआरे भारतीय जलक्षेत्र में क्यों पहुंचे थे। शुरुआती रिपोर्ट में कहा गया है कि वे केकड़े पकड़ने के लिए सीमा पार कर भारतीय क्षेत्र में दाखिल हुए थे। भारत के जलक्षेत्र में बिना अनुमति प्रवेश करना या वहां अवैध रूप से मछली पकड़ना संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई का कारण बन सकता है। हालांकि, इस मामले में अंतिम कानूनी स्थिति जांच और उपलब्ध सबूतों के आधार पर तय होगी। अभी तक सामने आई रिपोर्ट में चारों मछुआरों के जासूसी या किसी अन्य गंभीर गतिविधि में शामिल होने की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए मामले को लेकर किसी अपुष्ट दावे को तथ्य मानना सही नहीं होगा। कच्छ का Sir Creek इलाका क्यों है संवेदनशील? गुजरात का कच्छ क्षेत्र भारत और पाकिस्तान की समुद्री सीमा के पास स्थित है। सर क्रीक एक ज्वारीय जलमार्ग है, जो अपनी भौगोलिक स्थिति और दलदली इलाके के कारण सीमा पर निगरानी के लिहाज से चुनौतीपूर्ण माना जाता है। इस क्षेत्र में मछली पकड़ने के लिए नावों की आवाजाही होती है। समुद्री सीमा के आसपास होने के कारण किसी दूसरे देश की नाव का भारतीय जलक्षेत्र में प्रवेश करना सुरक्षा एजेंसियों के लिए जांच का विषय बन जाता है। BSF यहां नियमित गश्त और निगरानी करती है। संदिग्ध नाव या गतिविधि दिखाई देने पर जवान संबंधित लोगों से पूछताछ करते हैं और जरूरत पड़ने पर कानूनी कार्रवाई की जाती है। Kutch Border पर हाल की घटनाओं से बढ़ी निगरानी कच्छ के समुद्री सीमा क्षेत्र में अक्टूबर 2026 के दौरान पाकिस्तानी नागरिकों और नावों से जुड़े दूसरे मामले भी रिपोर्ट किए गए हैं। 19 अक्टूबर को कोटेश्वर के पास क्रीक क्षेत्र में गश्त के दौरान BSF ने एक पाकिस्तानी नागरिक को नाव के साथ पकड़ा था। शुरुआती जांच में नाव से मछली पकड़ने के उपकरण मिलने की जानकारी दी गई थी। इसके बाद इलाके में तलाशी अभियान चलाए जाने की खबर भी सामने आई। 20 अक्टूबर को कच्छ के लखपत और आसपास के क्रीक क्षेत्र से जुड़ी अन्य घटनाओं की भी रिपोर्ट आई थी। इन मामलों में नावों, पाकिस्तानी नागरिकों और तलाशी अभियान का जिक्र किया गया था। हालांकि, ये अलग-अलग घटनाएं हैं और इन्हें 25 अक्टूबर को पकड़े गए चार मछुआरों के मामले से अलग समझना जरूरी है। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं के बीच समुद्री सीमा पर निगरानी का महत्व बढ़ जाता है। फिर भी, केवल इन घटनाओं के आधार पर किसी बड़ी साजिश का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। क्या पाकिस्तानी नाव से कोई संदिग्ध सामान मिला? 25 अक्टूबर की घटना से जुड़ी शुरुआती रिपोर्ट में फाइबर की नाव जब्त किए जाने की पुष्टि हुई है। हालांकि, नाव से किसी हथियार, नशीले पदार्थ या अन्य संदिग्ध सामान की बरामदगी के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। इसलिए फिलहाल ऐसी किसी बरामदगी का दावा नहीं किया जा सकता। आगे की जांच में नाव, मछुआरों की गतिविधियों और भारतीय जलक्षेत्र में उनकी मौजूदगी से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जा सकती है। अब आगे क्या होगा? चारों मछुआरों को पकड़े जाने के बाद अब जांच और कानूनी प्रक्रिया के अगले चरण महत्वपूर्ण होंगे। संबंधित अधिकारी उनकी पहचान, भारतीय जलक्षेत्र में प्रवेश की परिस्थितियों और घटना से जुड़े दूसरे पहलुओं की जांच कर सकते हैं। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, BSF ने गुजरात के कच्छ स्थित सर क्रीक इलाके में चार पाकिस्तानी मछुआरों को पकड़ा है और उनकी नाव जब्त की है। वे भारतीय जलक्षेत्र में किन परिस्थितियों में पहुंचे और इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होगी, इसकी पूरी जानकारी जांच के बाद ही सामने आएगी। भारत-पाकिस्तान सीमा के पास स्थित इस संवेदनशील क्षेत्र में BSF की निगरानी सुरक्षा व्यवस्था का अहम हिस्सा है। मामले में आधिकारिक अपडेट आने पर आगे की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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