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MP मुख्यमंत्री हाउस रेंट योजना: किराए पर रहने वाले छात्रों को हर महीने मिलेंगे ₹2,000, जानें पात्रता और आवेदन प्रक्रिया

MP मुख्यमंत्री हाउस रेंट योजना: किराए पर रहने वाले छात्रों को हर महीने मिलेंगे ₹2,000, जानें पात्रता और आवेदन प्रक्रिया

उच्च शिक्षा हासिल कर रहे छात्रों के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री हाउस रेंट योजना के तहत अब ऐसे छात्र-छात्राओं को हर महीने अधिकतम ₹2,000 की आर्थिक सहायता मिलेगी, जो पढ़ाई के लिए अपने घर से दूर किराए के मकान में रह रहे हैं। इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्रों का किराए का खर्च कम करना है, ताकि पैसों की कमी उनकी पढ़ाई में रुकावट न बने और वे अपनी शिक्षा बिना किसी चिंता के जारी रख सकें। किन छात्रों को मिलेगा लाभ? योजना का लाभ केवल मध्य प्रदेश के मूल निवासी छात्रों को मिलेगा। इसके लिए छात्र किसी मान्यता प्राप्त कॉलेज, विश्वविद्यालय या अन्य उच्च शिक्षण संस्थान में नियमित रूप से पढ़ाई कर रहा होना चाहिए। आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज योजना का लाभ लेने के लिए छात्रों को ये दस्तावेज जमा करने होंगे— कैसे करें आवेदन? पात्र छात्र सरकार के निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल या संबंधित विभाग के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करते समय सभी जरूरी दस्तावेज सही तरीके से अपलोड करना जरूरी होगा। सरकार का मानना है कि इस योजना से हजारों छात्रों को आर्थिक मदद मिलेगी और वे बेहतर माहौल में अपनी पढ़ाई पूरी कर सकेंगे।
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Ram Kapoor Lock Upp 2: राम कपूर ने शो में खोला बड़ा राज, बोले- ‘छह महीने में मेरी मौत’; पत्नी से छुपाई थी ये बात

Ram Kapoor Lock Upp 2: राम कपूर ने शो में खोला बड़ा राज, बोले- ‘छह महीने में मेरी मौत’; पत्नी से छुपाई थी ये बात

अभिनेता राम कपूर इन दिनों रियलिटी शो Lock Upp 2 को लेकर चर्चा में हैं। शो में उन्होंने अपनी निजी जिंदगी से जुड़ा एक ऐसा राज साझा किया, जिसने घर के दूसरे सदस्यों और दर्शकों का ध्यान खींच लिया। राम कपूर ने शो के दौरान अपनी सेहत और जिंदगी से जुड़ी चिंता के बारे में बात करते हुए कहा कि उन्हें लगता था कि छह महीने के अंदर उनकी मौत हो सकती है। उन्होंने यह बात अपनी पत्नी से भी छिपाकर रखी थी। पत्नी से छुपाई थी बात राम कपूर ने बताया कि उन्होंने इस चिंता के बारे में अपनी पत्नी को जानकारी नहीं दी थी। उनके मुताबिक, वह नहीं चाहते थे कि उनकी पत्नी इस वजह से परेशान हों। शो में निजी जिंदगी से जुड़ी यह बात सामने आने के बाद कंटेस्टेंट्स के बीच भी चर्चा होने लगी। राम कपूर ने अपने अनुभवों और उस दौर से जुड़ी भावनाओं के बारे में भी बात की। ‘छह महीने में मेरी मौत…’ राम कपूर की यह बात सुनकर शो में मौजूद लोग हैरान रह गए। उन्होंने बताया कि एक समय उन्हें अपनी जिंदगी को लेकर गंभीर डर था और उन्हें लगता था कि उनके पास ज्यादा समय नहीं है। हालांकि, शो में कही गई बात के संदर्भ और पूरी परिस्थिति को समझना जरूरी है। इसे वर्तमान में उनकी मौत से जुड़ी कोई भविष्यवाणी या निश्चित तथ्य नहीं माना जाना चाहिए। Lock Upp 2 में निजी जिंदगी पर खुलकर बात Lock Upp 2 में राम कपूर अपने निजी अनुभवों को लेकर खुलकर बात करते दिखाई दे रहे हैं। शो में उनकी जिंदगी से जुड़े कई पहलुओं पर चर्चा हो रही है, जिसके चलते दर्शकों की दिलचस्पी भी बढ़ी है। राम कपूर लंबे समय से टीवी और फिल्म इंडस्ट्री का जाना-पहचाना नाम हैं। उनकी निजी जिंदगी से जुड़ी बातें सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी शो के इस एपिसोड को लेकर चर्चा हो रही है। क्या था पूरा मामला? राम कपूर ने जिस घटना का जिक्र किया, वह उनके जीवन के उस दौर से जुड़ी है जब उन्हें अपनी जिंदगी को लेकर गंभीर चिंता हुई थी। उन्होंने यह बात लंबे समय तक अपनी पत्नी से साझा नहीं की। शो में सामने आई इस कहानी ने दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। हालांकि, इस मामले से जुड़ी किसी भी स्वास्थ्य संबंधी जानकारी को आधिकारिक पुष्टि के बिना तथ्य के तौर पर नहीं लिया जाना चाहिए।
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सेना प्रमुख ने इंदिरा गांधी से कहा- "मैं तैयार हूं, स्वीटी": चेचक के मरीज बनकर कराची पहुंचे भारतीय जासूस, 13 दिन में टूटा पाकिस्तान का घमंड

सेना प्रमुख ने इंदिरा गांधी से कहा- “मैं तैयार हूं, स्वीटी”: चेचक के मरीज बनकर कराची पहुंचे भारतीय जासूस, 13 दिन में टूटा पाकिस्तान का घमंड

भारत-पाकिस्तान युद्ध से जुड़ी कई कहानियां आज भी लोगों के लिए दिलचस्प हैं। इन्हीं में से एक कहानी 1971 के युद्ध की है, जब भारतीय सेना और खुफिया एजेंसियों ने मिलकर ऐसी रणनीति बनाई जिसने पाकिस्तान को बड़ा झटका दिया। बताया जाता है कि युद्ध से पहले भारतीय जासूस चेचक (Smallpox) के मरीज बनकर पाकिस्तान के कराची शहर तक पहुंचे। उस समय चेचक का डर इतना ज्यादा था कि लोगों ने उनसे दूरी बनाए रखी। इसी का फायदा उठाकर जासूसों ने महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाईं और उन्हें भारत तक पहुंचाया। इन सूचनाओं ने युद्ध की रणनीति बनाने में अहम भूमिका निभाई। इसी दौरान तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और सेना प्रमुख जनरल सैम मानेकशॉ के बीच हुई बातचीत भी काफी चर्चित रही। कहा जाता है कि जब इंदिरा गांधी ने युद्ध की तैयारी के बारे में पूछा, तो जनरल मानेकशॉ ने आत्मविश्वास के साथ कहा कि जब सेना पूरी तरह तैयार होगी, तब वह कार्रवाई के लिए तैयार हैं। इस प्रसंग को लेकर “I’m ready, Sweetie” वाला कथन भी अक्सर चर्चाओं में सामने आता है, हालांकि इसके अलग-अलग संस्करण प्रचलित हैं। इसके बाद दिसंबर 1971 में भारत-पाकिस्तान युद्ध शुरू हुआ। भारतीय सेना ने पूर्वी मोर्चे पर तेज़ी से बढ़त बनाई और केवल 13 दिनों के भीतर पाकिस्तान की सेना ने आत्मसमर्पण कर दिया। इस युद्ध के बाद पूर्वी पाकिस्तान एक नए देश बांग्लादेश के रूप में दुनिया के नक्शे पर उभरा। 1971 का युद्ध भारतीय सैन्य इतिहास की सबसे बड़ी सफलताओं में गिना जाता है। यह जीत केवल रणभूमि में नहीं, बल्कि सटीक रणनीति, खुफिया जानकारी और तीनों सेनाओं के बेहतर तालमेल का भी परिणाम मानी जाती है.
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Commonwealth Games 2026: MP के किसान की बेटी यामिनी ने जीता Silver, अजय 1KG से Gold से चूके; दोनों को 25 लाख और सरकारी नौकरी

Commonwealth Games 2026: MP के किसान की बेटी यामिनी ने जीता Silver, अजय 1KG से Gold से चूके; दोनों को 25 लाख और सरकारी नौकरी

भोपाल/मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश के लिए कॉमनवेल्थ गेम्स से अच्छी खबर सामने आई है। प्रदेश के दो खिलाड़ियों यामिनी और अजय ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश और मध्य प्रदेश का नाम रोशन किया है। यामिनी ने जूडो में Silver Medal जीता, जबकि अजय महज 1 किलो के अंतर से Gold Medal से चूक गए। यामिनी के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि वह किसान परिवार से आती हैं। सीमित संसाधनों के बीच खेल की दुनिया में अपनी पहचान बनाने वाली यामिनी ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर शानदार प्रदर्शन कर प्रदेश को गौरवान्वित किया है। जूडो फाइनल में यामिनी को Silver Medal यामिनी ने कॉमनवेल्थ गेम्स में जूडो के फाइनल तक का सफर तय किया। फाइनल मुकाबले में उन्हें हार का सामना करना पड़ा, जिसके बाद उन्हें Silver Medal से संतोष करना पड़ा। हालांकि Gold Medal नहीं जीत पाने का मलाल जरूर होगा, लेकिन फाइनल तक पहुंचना और देश के लिए पदक जीतना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। यामिनी की मेहनत और संघर्ष ने उन्हें प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणा बना दिया है। अजय सिर्फ 1 किलो से Gold से चूके दूसरी ओर, अजय ने भी प्रतियोगिता में दमदार प्रदर्शन किया। वह अपने मुकाबले में सिर्फ 1 किलो के अंतर की वजह से Gold Medal से चूक गए। अजय के प्रदर्शन ने भी सभी का ध्यान खींचा। बेहद करीबी अंतर से Gold से चूकने के बावजूद उनका प्रदर्शन काबिल-ए-तारीफ रहा। दोनों खिलाड़ियों को 25-25 लाख रुपये मध्य प्रदेश सरकार ने दोनों खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन पर सम्मान देने का फैसला किया है। यामिनी और अजय को 25-25 लाख रुपये की सम्मान राशि देने की घोषणा की गई है। इसके साथ ही दोनों खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी देने की बात भी कही गई है। सरकार के इस फैसले से खिलाड़ियों और उनके परिवारों में खुशी का माहौल है। किसान परिवार से निकलकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचीं यामिनी यामिनी की कहानी खास तौर पर युवाओं को प्रेरित करती है। किसान परिवार से आने वाली यामिनी ने मेहनत और लगन के दम पर कॉमनवेल्थ जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच तक अपनी जगह बनाई। उनकी इस सफलता ने यह संदेश भी दिया है कि परिस्थितियां चाहे जैसी हों, मेहनत और हौसले के दम पर बड़े मुकाम हासिल किए जा सकते हैं।
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MP की गर्भवती महिलाओं के लिए बड़ी खुशखबरी: अब मां बनने पर मिलेंगे ₹16,000, जानें किसे मिलेगा लाभ

MP की गर्भवती महिलाओं के लिए बड़ी खुशखबरी: अब मां बनने पर मिलेंगे ₹16,000, जानें किसे मिलेगा लाभ

मध्य प्रदेश की गर्भवती महिलाओं के लिए राहत भरी खबर है। राज्य की मोहन सरकार ने माताओं और नवजात शिशुओं के बेहतर स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए पात्र गर्भवती महिलाओं को 16 हजार रुपये तक की आर्थिक सहायता देने की व्यवस्था की है। इस योजना का उद्देश्य गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को बेहतर पोषण, समय पर इलाज और सुरक्षित प्रसव के लिए आर्थिक सहयोग देना है। सरकार का मानना है कि आर्थिक मदद मिलने से महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं लेने में आसानी होगी। साथ ही, मां और बच्चे दोनों का स्वास्थ्य बेहतर रहेगा। किसे मिलेगा योजना का लाभ? इस योजना का लाभ उन पात्र गर्भवती महिलाओं को मिलेगा जो सरकार द्वारा तय की गई पात्रता शर्तों को पूरा करती हैं। लाभ पाने के लिए संबंधित विभाग में पंजीकरण कराना और आवश्यक दस्तावेज जमा करना जरूरी होगा। कैसे मिलेगी राशि? सरकार की ओर से निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पात्र महिलाओं के बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से किस्तों में राशि भेजी जाएगी। इससे लाभार्थियों को बिना किसी परेशानी के सीधे आर्थिक सहायता मिल सकेगी। योजना का उद्देश्य इस पहल का मुख्य उद्देश्य है— अगर आप या आपके परिवार में कोई महिला इस योजना के लिए पात्र है, तो नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र, स्वास्थ्य केंद्र या संबंधित सरकारी कार्यालय से संपर्क कर योजना की पूरी जानकारी और आवेदन प्रक्रिया जान सकते हैं।
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ग्वालियर में 15 वर्षीय किशोरी के अपहरण और दुष्कर्म का आरोप, शादी का प्रस्ताव ठुकराने के बाद वारदात की आशंका

ग्वालियर के बहोड़ापुर थाना क्षेत्र में 15 वर्षीय किशोरी के कथित अपहरण और दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, रिश्तेदारी का एक युवक बातचीत के बहाने किशोरी को कार में बैठाकर ले गया और होटल में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी गई है। दवा लेने गई थी किशोरी पुलिस के मुताबिक, शंकरपुर निवासी 15 वर्षीय किशोरी 25 जुलाई की शाम तबीयत खराब होने पर किशनबाग स्थित मेडिकल स्टोर दवा लेने गई थी। इसी दौरान उसका दूर का रिश्तेदार साहिद अहमद ऑल्टो कार लेकर वहां पहुंचा। आरोप है कि युवक ने बातचीत के बहाने किशोरी को कार में बैठाया। जब उसने जाने से इनकार किया, तो आरोपी ने धमकाकर उसे जबरन अपने साथ ले गया। होटल ले जाकर दुष्कर्म का आरोप शिकायत के अनुसार, आरोपी किशोरी को पुरानी छावनी क्षेत्र के एक होटल में ले गया, जहां कथित तौर पर जान से मारने की धमकी देकर उसके साथ दुष्कर्म किया। घटना के बाद आरोपी किशोरी को वापस किशनबाग के पास छोड़कर फरार हो गया। छह दिन बाद परिजनों को बताई आपबीती पीड़िता आरोपी की धमकियों से डरी हुई थी, इसलिए उसने कई दिनों तक किसी को घटना की जानकारी नहीं दी। बाद में उसने अपनी मां और मौसी को पूरी बात बताई। इसके बाद परिजन उसे बहोड़ापुर थाने लेकर पहुंचे, जहां शिकायत दर्ज कराई गई। पहले आया था शादी का प्रस्ताव पुलिस जांच में सामने आया है कि कुछ समय पहले आरोपी के परिवार ने किशोरी के लिए शादी का प्रस्ताव भेजा था। हालांकि, किशोरी के नाबालिग होने के कारण उसके परिजनों ने यह प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया था। पुलिस इस पहलू को भी जांच में शामिल कर रही है। आरोपी की तलाश जारी बहोड़ापुर थाना प्रभारी आलोक परिहार ने बताया कि पीड़िता की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ अपहरण, दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। नोट: यह मामला पुलिस में दर्ज शिकायत पर आधारित है। आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया और जांच के बाद होगी। अधिक खबरों और ताजा अपडेट्स के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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मध्य प्रदेश में कमर्शियल LPG सिलेंडर हुआ सस्ता, भोपाल में 194 रुपए तक घटे दाम; होटल-रेस्टोरेंट कारोबार को राहत

देशभर में शनिवार से 19 किलो वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर के नए रेट लागू हो गए हैं। मध्य प्रदेश में इसकी कीमत में 190 से 194 रुपए तक की कमी की गई है। राजधानी भोपाल में अब 19 किलो का कमर्शियल गैस सिलेंडर 2,743 रुपए में मिलेगा। नई दरों से होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा और कैटरिंग कारोबार से जुड़े लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। होटल और रेस्टोरेंट कारोबार को मिलेगा फायदा होटल और रेस्टोरेंट संचालकों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों में कमर्शियल गैस सिलेंडर लगातार महंगा होने से संचालन लागत बढ़ गई थी। इसके चलते कई जगह खाने और कैटरिंग सेवाओं के दाम 10 से 15 प्रतिशत तक बढ़ाने पड़े थे। अब गैस सस्ती होने से आने वाले समय में ग्राहकों को भी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। तीन महीने पहले रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचे थे दाम व्यापारियों के मुताबिक, ईरान-अमेरिका तनाव के दौरान कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में तेज उछाल आया था। कई शहरों में इसकी कीमत 3,300 रुपए से अधिक पहुंच गई थी। जबकि इससे पहले 19 किलो वाले सिलेंडर की कीमत 1,800 से 2,000 रुपए के बीच थी। रीवा में सबसे महंगा, शाजापुर में सबसे सस्ता सिलेंडर नई कीमतों के अनुसार प्रदेश में सबसे महंगा कमर्शियल सिलेंडर रीवा में 2,991.50 रुपए का मिलेगा। अन्य प्रमुख शहरों के रेट इस प्रकार हैं: कैटरिंग कारोबार पर पड़ा था असर कैटरिंग कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि गैस महंगी होने के कारण बड़े आयोजनों की लागत में भारी बढ़ोतरी हुई थी। करीब 500 लोगों के भोजन आयोजन में 45 से 50 हजार रुपए तक अतिरिक्त खर्च आ रहा था। इसी वजह से कई कैटरर्स ने प्रति प्लेट कीमतें बढ़ा दी थीं। अब कमर्शियल LPG सिलेंडर सस्ता होने से कारोबारियों को राहत मिलने के साथ-साथ आने वाले दिनों में ग्राहकों को भी कुछ हद तक कम कीमतों का फायदा मिल सकता है। अधिक बिजनेस और मध्य प्रदेश की ताजा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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Bhojshala

Bhojshala Update: कमाल मौला मस्जिद के पास बढ़ी निगरानी, धार में प्रशासन ने संभाला मोर्चा

मध्य प्रदेश के धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला (Bhojshala) परिसर में एक बार फिर गतिविधियां बढ़ गई हैं। कमाल मौला मस्जिद से सटे क्षेत्र में नमाजियों के पहुंचने के बाद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया है। मौके पर बैरिकेडिंग की गई है, तिरपाल बिछाई गई है और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। प्रशासन की ओर से पूरे क्षेत्र पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी तरह की स्थिति को शांतिपूर्ण तरीके से संभाला जा सके। संवेदनशीलता को देखते हुए आसपास के इलाकों में सुरक्षा इंतजाम बढ़ाए गए हैं। Bhojshala परिसर में प्रशासन का विशेष ध्यान धार की भोजशाला को लेकर लंबे समय से धार्मिक और ऐतिहासिक विवाद जुड़ा हुआ है। इसी कारण यहां होने वाली हर गतिविधि पर प्रशासन की नजर रहती है। नमाज के समय किसी तरह की अव्यवस्था न हो, इसके लिए पुलिस बल को अलर्ट मोड पर रखा गया है। मौके पर लगाए गए बैरिकेड लोगों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए लगाए गए हैं। वहीं, तिरपाल की व्यवस्था भी की गई है ताकि आने वाले लोगों को सुविधा मिल सके और व्यवस्था बनी रहे। क्या है Bhojshala विवाद? धार की भोजशाला एक प्राचीन और ऐतिहासिक स्थल है, जिसे लेकर हिंदू और मुस्लिम दोनों पक्षों के अलग-अलग दावे हैं। हिंदू पक्ष इसे मां वाग्देवी (सरस्वती) का मंदिर मानता है, जबकि मुस्लिम पक्ष यहां कमाल मौला मस्जिद में नमाज की परंपरा का दावा करता है। इस विवाद को लेकर कई वर्षों से कानूनी प्रक्रिया चल रही है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा भी भोजशाला परिसर का सर्वे कराया जा चुका है, जिसके बाद यह मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। Police Deployment से लेकर Monitoring तक, प्रशासन सतर्क मौजूदा हालात को देखते हुए प्रशासन किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतना चाहता। पुलिसकर्मी क्षेत्र में तैनात हैं और आने-जाने वाले लोगों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे शांति बनाए रखें और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। प्रशासन का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना उसकी पहली प्राथमिकता है। सोशल मीडिया पर भी नजर प्रशासन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फैलने वाली अफवाहों पर भी नजर रख रहा है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि बिना पुष्टि किए किसी भी तरह की जानकारी साझा न करें, जिससे माहौल खराब हो सकता है। फिलहाल भोजशाला और कमाल मौला मस्जिद के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी है और प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!
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छत्तीसगढ़ कांग्रेस में PCC पद को लेकर सियासत तेज, उमेश पटेल के समर्थन में पोस्ट पर नेता को नोटिस

रायपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष (PCC) पद को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच संगठन ने अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने सारंगढ़-बिलाईगढ़ के पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष और कांग्रेस नेता अरुण मालाकार को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। माना जा रहा है कि यह कार्रवाई सोशल मीडिया पर प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर की गई एक पोस्ट के बाद हुई है। कांग्रेस संगठन ने इसे पार्टी अनुशासन के खिलाफ मानते हुए जवाब मांगा है। उमेश पटेल के समर्थन में साझा की थी पोस्ट जानकारी के मुताबिक, अरुण मालाकार ने अपने फेसबुक अकाउंट पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता उमेश पटेल के समर्थन में एक पोस्ट साझा की थी। इस पोस्ट में उन्होंने उमेश पटेल के नेतृत्व की सराहना करते हुए उन्हें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनाए जाने की पैरवी की थी। पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई, जिसके बाद प्रदेश कांग्रेस संगठन ने मामले को गंभीरता से लिया। संगठन ने बताया अनुशासनहीनता प्रदेश कांग्रेस कमेटी का कहना है कि पार्टी के महत्वपूर्ण संगठनात्मक पदों को लेकर सार्वजनिक रूप से किसी नेता के पक्ष में अभियान चलाना आंतरिक प्रक्रिया और अनुशासन के अनुरूप नहीं है। संगठन ने आशंका जताई कि इस तरह की गतिविधियों से पार्टी की छवि प्रभावित हो सकती है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के निर्देश पर प्रभारी महामंत्री की ओर से अरुण मालाकार को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। तीन दिन में मांगा जवाब जारी नोटिस में अरुण मालाकार से तीन दिनों के भीतर लिखित स्पष्टीकरण देने को कहा गया है। कांग्रेस संगठन ने स्पष्ट किया है कि यदि तय समय सीमा में जवाब नहीं दिया गया या जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, तो पार्टी संविधान के अनुसार आगे अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। नए PCC अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर चर्चा तेज छत्तीसगढ़ कांग्रेस में नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर पिछले कुछ समय से लगातार अटकलें लगाई जा रही हैं। दिल्ली दौरे से वरिष्ठ नेताओं के लौटने के बाद इन चर्चाओं ने और जोर पकड़ लिया है। इसी बीच कई नेता और कार्यकर्ता सोशल मीडिया के माध्यम से अलग-अलग नेताओं के समर्थन में अपनी राय जाहिर कर रहे हैं। संगठन की यह कार्रवाई पार्टी में अनुशासन बनाए रखने की कोशिश के तौर पर देखी जा रही है। आने वाले दिनों में PCC अध्यक्ष पद को लेकर कांग्रेस संगठन का रुख और स्पष्ट हो सकता है। अधिक जानकारी और ताज़ा राजनीतिक खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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बिलासपुर की 65 साल पुरानी कंपोजिट बिल्डिंग जर्जर, कर्मचारियों ने कलेक्टर से लगाई सुधार की गुहार

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में 65 साल पुरानी कंपोजिट बिल्डिंग की खराब हालत को लेकर 27 से अधिक विभागों के कर्मचारियों ने बुधवार को कलेक्टर संजय अग्रवाल से मुलाकात की। कर्मचारियों ने भवन में पानी रिसाव, बिजली व्यवस्था और अन्य बुनियादी समस्याओं को लेकर पांच सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। कर्मचारियों ने बताया कि वर्ष 1959 में निर्मित यह सरकारी भवन लंबे समय से उचित रखरखाव के अभाव में जर्जर हो चुका है। उन्होंने प्रशासन से नई कंपोजिट बिल्डिंग के निर्माण की मांग भी रखी। कलेक्टर ने PWD अधिकारियों को दिए निर्देश कर्मचारियों की शिकायत सुनने के बाद कलेक्टर संजय अग्रवाल ने तत्काल लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों से फोन पर चर्चा कर भवन की स्थिति की जानकारी ली और आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। कर्मचारियों ने भवन की आंशिक मरम्मत, रंग-रोगन, पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था, पुरुष और महिला शौचालयों के जीर्णोद्धार, नया ट्रांसफार्मर लगाने और नई विद्युत लाइन की व्यवस्था करने की मांग की। बारिश के बाद बढ़ी सीपेज की समस्या हाल ही में हुई भारी बारिश के कारण पुरानी कंपोजिट बिल्डिंग में कई स्थानों पर सीपेज की समस्या बढ़ गई है। कई कार्यालयों में पानी भरने से कर्मचारियों के साथ-साथ आम नागरिकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि भवन की मौजूदा स्थिति में काम करना मुश्किल हो रहा है और जल्द स्थायी समाधान की आवश्यकता है। सितंबर से शुरू हो सकते हैं रखरखाव कार्य कलेक्टर ने कर्मचारियों को आश्वासन दिया कि बारिश का मौसम समाप्त होने के बाद सितंबर से पुरानी कंपोजिट बिल्डिंग में आवश्यक रखरखाव कार्य शुरू करने की प्रक्रिया की जाएगी। प्रतिनिधिमंडल में सुनील यादव, आर.के. गुप्ता, सूर्यप्रकाश कश्यप, राहुल यादव, देवेंद्र ठाकुर, किशोर शर्मा, जियाली राम सुरक्षित, एच.एन. पुरैना, डी.के. पाटिल, मनीष रात्रे, श्वेता दुबे और मीनू अग्रवाल सहित अन्य कर्मचारी शामिल थे। अधिक जानकारी और ताज़ा खबरों के लिए विजिट करें:deshharpal.com
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X पर अब लाइक बटन दबाकर भेज सकेंगे $1 की टिप, मस्क ने नए फीचर का किया ऐलान

नई दिल्ली। इलॉन मस्क सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X को फाइनेंशियल सर्विसेज से जोड़ने की दिशा में एक और कदम उठा रहे हैं। मस्क ने ऐलान किया है कि X पर यूजर्स लाइक बटन को लॉन्ग-प्रेस करके किसी यूजर या क्रिएटर को 1 डॉलर की टिप भेज सकेंगे। यह पेमेंट कंपनी के फाइनेंशियल प्लेटफॉर्म X मनी के जरिए किया जाएगा। मस्क ने X पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी। उन्होंने लिखा कि X मनी के माध्यम से किसी को भी 1 डॉलर भेजने के लिए लाइक बटन पर लॉन्ग-प्रेस करने का विकल्प जोड़ा जा रहा है। कैसे काम करेगा नया टिपिंग फीचर? इस फीचर के जरिए यूजर्स किसी पोस्ट के लेखक या क्रिएटर को सीधे आर्थिक मदद दे सकेंगे। इसके लिए लाइक बटन को कुछ देर तक दबाना होगा। इसके बाद X मनी के पेमेंट सिस्टम के जरिए 1 डॉलर ट्रांसफर करने का विकल्प मिलेगा। इस व्यवस्था का मकसद क्रिएटर्स को सपोर्ट करने की प्रक्रिया आसान बनाना है, ताकि यूजर्स को अलग से पेमेंट ऐप या लंबी प्रक्रिया का सहारा न लेना पड़े। हालांकि, X ने अभी तक इस फीचर के लॉन्च की तारीख और इसकी उपलब्धता से जुड़ी शर्तों की जानकारी नहीं दी है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि यूजर्स 1 डॉलर की तय रकम को बदल सकेंगे या भविष्य में अलग-अलग रकम भेजने के विकल्प भी मिलेंगे। क्या है X मनी और इसमें कौन-सी सुविधाएं हैं? X मनी, X का फाइनेंशियल सर्विस प्लेटफॉर्म है। इसके जरिए यूजर्स के बीच पैसे ट्रांसफर करने, डिपॉजिट अकाउंट और X-ब्रांडेड वीजा डेबिट कार्ड जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। इसका पेमेंट और बैंकिंग इंफ्रास्ट्रक्चर क्रॉस रिवर बैंक के साथ जुड़ा है। X मनी खुद बैंक नहीं है, बल्कि बैंकिंग पार्टनर के माध्यम से वित्तीय सेवाएं उपलब्ध कराने वाला प्लेटफॉर्म है। इससे जुड़ी सुविधाओं में पात्र डिपॉजिट पर ब्याज, खरीदारी पर कैशबैक और डेबिट कार्ड को Apple Pay से कनेक्ट करने जैसे विकल्प शामिल हैं। इन सुविधाओं की उपलब्धता यूजर की पात्रता और लागू शर्तों पर निर्भर करती है। X को ‘एवरीथिंग ऐप’ बनाना चाहते हैं मस्क इलॉन मस्क लंबे समय से X को सिर्फ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म तक सीमित नहीं रखना चाहते। उनका लक्ष्य इसे ‘एवरीथिंग ऐप’ यानी सुपर ऐप के रूप में विकसित करना है, जहां सोशल मीडिया, मैसेजिंग और वित्तीय सेवाएं एक ही जगह मिल सकें। X मनी के जरिए टिप भेजने का फीचर इसी रणनीति का हिस्सा है। अगर यह सुविधा व्यापक स्तर पर शुरू होती है, तो क्रिएटर्स को अपने कंटेंट के जरिए सीधे आर्थिक सहयोग पाने का एक और माध्यम मिल सकता है। भारत में कब शुरू होगा X मनी? X ने भारत में X मनी या नए टिपिंग फीचर को लॉन्च करने की कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की है। फिलहाल भारतीय यूजर्स के लिए इसकी उपलब्धता को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। भारत में पहले से ही UPI आधारित डिजिटल पेमेंट का बड़ा नेटवर्क मौजूद है। ऐसे में X मनी को भारत में वित्तीय सेवाएं शुरू करने के लिए देश के लागू बैंकिंग, भुगतान और नियामकीय नियमों का पालन करना होगा। क्या होता है ‘एवरीथिंग ऐप’? एवरीथिंग ऐप या सुपर ऐप ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म होता है, जिसमें एक ही ऐप के जरिए कई तरह की सेवाएं इस्तेमाल की जा सकती हैं। इनमें सोशल मीडिया, मैसेजिंग, डिजिटल पेमेंट, शॉपिंग और बैंकिंग जैसी सुविधाएं शामिल हो सकती हैं। चीन का WeChat इसका प्रमुख उदाहरण है, जहां मैसेजिंग के साथ भुगतान और कई अन्य डिजिटल सेवाएं भी मिलती हैं। मस्क X को भी इसी तरह का बहुउद्देशीय प्लेटफॉर्म बनाना चाहते हैं।

पूर्व जज संजय किशन कौल का पूर्व CJI चंद्रचूड़ पर निशाना, बोले- जजों की नियुक्ति में सरकार के प्रति ज्यादा झुके थे

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज संजय किशन कौल ने पूर्व मुख्य न्यायाधीश (CJI) डीवाई चंद्रचूड़ के रवैए पर सवाल उठाए हैं। अपनी आगामी किताब ‘विदाउट फियर ऑर फेवर’ में कौल ने आरोप लगाया है कि न्यायाधीशों की नियुक्ति के मामले में चंद्रचूड़ सरकार के प्रति जरूरत से ज्यादा झुके हुए थे। कौल के मुताबिक, नियुक्तियों से पहले सरकार की राय लेने की प्रवृत्ति न्यायपालिका की स्वतंत्रता के लिए चिंता का विषय है। कौल ने किताब में कॉलेजियम की उस बैठक का जिक्र किया है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट की छह रिक्तियों को भरने के लिए नामों पर विचार किया गया था। उन्होंने कहा कि सरकार से निपटने के तरीके को लेकर मतभेदों के कारण चंद्रचूड़ के साथ उनके संबंधों में तनाव आया। कॉलेजियम बैठक में छठे नाम को लेकर मतभेद कौल के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट के छह जजों की नियुक्ति पर विचार के दौरान पांच नामों पर पहले सहमति बन चुकी थी। बैठक से ठीक पहले तत्कालीन CJI चंद्रचूड़ ने छठे उम्मीदवार का नाम उनके सामने रखा। कौल ने बताया कि चंद्रचूड़ उन्हें एक अलग कमरे में ले गए और पूछा कि क्या उन्हें सरकार का रुख जानने के लिए फोन करना चाहिए। कौल ने द वायर से बातचीत में कहा कि उन्हें नहीं लगता कि यह सरकार को खुश करने का मामला था, लेकिन नामों पर पहले उनके साथ चर्चा हुई थी। उन्होंने कहा कि छठे उम्मीदवार के नाम पर उनकी सहमति नहीं थी और उन्हें लगा कि कॉलेजियम के अन्य सदस्य भी उस नाम को स्वीकार नहीं करेंगे। कौल के अनुसार, बैठक में वही हुआ और छठे नाम पर सहमति नहीं बन सकी। उन्होंने आशंका जताई कि शायद चंद्रचूड़ ने इस नाम सहित अन्य नामों को लेकर सरकार से पहले ही किसी तरह की मंजूरी ले ली थी। नियुक्तियों से पहले सरकार की राय लेने पर आपत्ति जस्टिस कौल ने कहा कि कॉलेजियम की औपचारिक चर्चा से पहले सरकार के साथ नामों पर विचार-विमर्श करने की परंपरा चिंता पैदा करती है। उनके मुताबिक, सरकार से सलाह लेना और पहले से मंजूरी लेना दो अलग-अलग बातें हैं। कौल का मानना है कि कॉलेजियम को न्यायपालिका की स्वतंत्रता बनाए रखने के लिए सरकार के दबाव का विरोध करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर नियुक्तियों से पहले सरकार की सहमति लेने की प्रक्रिया परंपरा बन जाती है, तो भविष्य में आने वाले मुख्य न्यायाधीशों के लिए इससे अलग चलना मुश्किल हो सकता है। NJAC पर भी रखी अपनी राय किताब में कौल ने 2015 में केंद्र सरकार की ओर से पेश किए गए नेशनल ज्यूडिशियल अपॉइंटमेंट्स कमीशन (NJAC) का भी उल्लेख किया है। उन्होंने कहा कि उस समय नियुक्ति व्यवस्था को लेकर आमने-सामने बैठकर चर्चा की जा सकती थी। कौल के मुताबिक, मौजूदा व्यवस्था में सुधार और उसके तौर-तरीकों में बदलाव की गुंजाइश थी। हालांकि, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सुधार के नाम पर नियुक्तियों से पहले सरकार की मंजूरी लेने की परंपरा को बढ़ावा नहीं मिलना चाहिए। PMLA मामले को दूसरी बेंच में भेजने पर भी सवाल कौल ने अपनी बेंच के एक फैसले से जुड़े मामले को दूसरी बेंच में भेजे जाने पर भी आपत्ति जताई। यह मामला मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA) से जुड़े फैसले के कुछ हिस्सों पर दोबारा विचार करने से संबंधित था। कौल का कहना था कि किसी मामले को इस आशंका के आधार पर एक बेंच से दूसरी बेंच में नहीं भेजा जाना चाहिए कि फैसला किस दिशा में जा सकता है। कांग्रेस ने न्यायपालिका की स्वतंत्रता का मुद्दा उठाया कौल की किताब अभी बाजार में नहीं आई है, लेकिन उनके बयानों के आधार पर कांग्रेस ने न्यायपालिका की स्वतंत्रता को लेकर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस महासचिव और संचार प्रभारी जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा कि कौल ने न्यायाधीशों की नियुक्ति में सरकार के दखल से जुड़ी चिंताएं सामने रखी हैं। रमेश के मुताबिक, इनमें कॉलेजियम की बैठकों से पहले सरकार की मंजूरी लेने की कोशिश और अल्पसंख्यक समुदाय से आने वाले एक न्यायाधीश की जाति को लेकर सरकार की ओर से पूछताछ का मुद्दा भी शामिल है। उन्होंने कहा कि कौल ने इन विषयों को नपे-तुले शब्दों में दर्ज किया है। कांग्रेस ने इसे न्यायपालिका को सत्ता में बैठे लोगों के दबाव से मुक्त रखने की जरूरत से जोड़कर देखा है। कौल बोले- भविष्य के CJI के लिए परंपरा बदलना मुश्किल होगा कौल ने अपने रुख को स्पष्ट करते हुए कहा कि मुख्य न्यायाधीश का कार्यकाल सीमित होता है, लेकिन उनके फैसलों से बनी परंपराएं आगे भी जारी रह सकती हैं। उनके मुताबिक, यदि नियुक्तियों से पहले सरकार से चर्चा करने की प्रक्रिया सामान्य बन जाती है, तो बाद में आने वाले मुख्य न्यायाधीशों के लिए उससे अलग रास्ता अपनाना मुश्किल हो सकता है। इसी वजह से उन्होंने चंद्रचूड़ को इस तरह की प्रक्रिया से बचने की सलाह देने की कोशिश की।

भोपाल में 1.50 लाख की MD ड्रग्स के साथ दो युवक गिरफ्तार, बाइक-मोबाइल समेत 3 लाख का सामान जब्त

भोपाल। राजधानी भोपाल में परवलिया सड़क थाना पुलिस ने बायपास रोड पर घेराबंदी कर दो युवकों को MD ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 12.63 ग्राम MD ड्रग्स बरामद हुई है, जिसकी कीमत करीब 1.50 लाख रुपए बताई गई है। पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल बाइक और मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। जब्त सामान की कुल कीमत करीब 3 लाख रुपए आंकी गई है। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने की घेराबंदी पुलिस के मुताबिक, 24 अक्टूबर की रात मुखबिर से सूचना मिली थी कि दो युवक बाइक से MD ड्रग्स लेकर थाना क्षेत्र से गुजरने वाले हैं। सूचना मिलने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया। थाना प्रभारी के नेतृत्व में पांच पुलिस टीमें गठित कर बायपास रोड पर घेराबंदी की गई। रात करीब 1:40 बजे पुलिस को बाइक पर सवार दो संदिग्ध युवक दिखाई दिए। पुलिस को देखकर दोनों ने बाइक मोड़कर भागने की कोशिश की, लेकिन घेराबंदी के चलते उन्हें पकड़ लिया गया। तरुण सराठे और अखिलेश मेहरा गिरफ्तार पुलिस के अनुसार, तलाशी के दौरान तरुण सराठे (24), निवासी छावनी पठार, बिलखिरिया के पास से 12.63 ग्राम MD ड्रग्स बरामद हुई। बाइक पर उसके साथ मौजूद अखिलेश मेहरा (24), निवासी छावनी पठार को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपियों के पास से ड्रग्स के अलावा तस्करी में इस्तेमाल बाइक और मोबाइल फोन जब्त किए हैं। जब्त सामान की कुल कीमत करीब 3 लाख रुपए बताई गई है। दोनों आरोपियों पर पहले से दर्ज हैं मामले पुलिस के मुताबिक, तरुण सराठे के खिलाफ बिलखिरिया थाने में मारपीट और आर्म्स एक्ट के दो मामले दर्ज हैं। वहीं, अखिलेश मेहरा के खिलाफ मारपीट के चार प्रकरण पहले से दर्ज हैं। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। ड्रग्स सप्लाई नेटवर्क की जांच जारी गिरफ्तारी के बाद पुलिस दोनों युवकों से पूछताछ कर रही है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि MD ड्रग्स कहां से लाई गई थी और इसे किसे सप्लाई किया जाना था। पुलिस ड्रग्स की खरीद-फरोख्त से जुड़े नेटवर्क की जानकारी भी जुटा रही है।

हरमनप्रीत और दीप्ति के शतक, भारत ने जिम्बाब्वे को दिया 329 रन का टारगेट

वडोदरा। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे वनडे मुकाबले में शानदार बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 6 विकेट पर 328 रन बनाए। वडोदरा के कोटांबी स्टेडियम में रविवार को टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की ओर से कप्तान हरमनप्रीत कौर और दीप्ति शर्मा ने शतक लगाए। दोनों के बीच छठे विकेट के लिए 153 रन की अहम साझेदारी हुई। भारत की शुरुआत खराब, 19 रन पर गिरे 2 विकेट भारतीय टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। स्मृति मंधाना पारी की चौथी गेंद पर बिना खाता खोले आउट हो गईं। इसके बाद शेफाली वर्मा भी 8 रन बनाकर पवेलियन लौट गईं। तीसरे ओवर में भारत का स्कोर 19 रन पर 2 विकेट हो गया। मुश्किल समय में प्रतीका रावल और हरमनप्रीत कौर ने पारी को संभाला। दोनों ने संभलकर बल्लेबाजी करते हुए टीम को शुरुआती झटकों से उबारा। प्रतीका रावल ने 67 गेंदों पर 61 रन बनाए। उनकी पारी में 4 चौके और 2 छक्के शामिल रहे। वह 22.2 ओवर में 143 रन के स्कोर पर आउट हुईं। हरमनप्रीत कौर ने 121 गेंदों पर बनाए 126 रन कप्तान हरमनप्रीत कौर ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 121 गेंदों पर 126 रन बनाए। उन्होंने अपनी पारी में 15 चौके लगाए। यह उनके वनडे करियर का आठवां शतक रहा। हालांकि, पारी के दौरान उनके तीन कैच भी छूटे। हरमनप्रीत का विकेट 46.2 ओवर में गिरा। उस समय भारतीय टीम 301 रन बना चुकी थी। पारी के बाद उन्होंने कहा कि लंबे समय बाद धूप में खेलना आसान नहीं था। उन्होंने बताया कि जब दूसरे छोर पर बल्लेबाज अच्छी लय में रन बना रही हो, तो स्ट्राइक बदलते रहना और साझेदारी को आगे बढ़ाना जरूरी होता है। दीप्ति शर्मा ने 86 गेंदों में जड़ा शतक छठे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरीं दीप्ति शर्मा ने 86 गेंदों पर 106 रन की पारी खेली। उन्होंने 15 चौके लगाए। दीप्ति ने 37 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और पारी के आखिरी ओवर में चौका लगाकर वनडे करियर का दूसरा शतक पूरा किया। दीप्ति ने हरमनप्रीत के साथ मिलकर भारतीय पारी को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। दोनों ने पांचवें विकेट के लिए 137 गेंदों पर 153 रन की साझेदारी की। इस दौरान दोनों ने विकेट बचाने के साथ रन गति भी बनाए रखी। दीप्ति शर्मा ने बनाए तीन रिकॉर्ड आखिरी 10 ओवर में बने 72 रन भारतीय टीम ने आखिरी 10 ओवर में 72 रन जोड़े और इस दौरान 2 विकेट गंवाए। हरमनप्रीत के आउट होने के बाद ऋचा घोष भी ज्यादा देर नहीं टिक सकीं। वह 9 गेंदों पर 7 रन बनाकर 47.6 ओवर में आउट हुईं। भारत ने निर्धारित 50 ओवर में 6 विकेट पर 328 रन बनाकर जिम्बाब्वे के सामने 329 रन का लक्ष्य रखा। दोनों टीमों की प्लेइंग-11 भारत: प्रतीका रावल, स्मृति मंधाना (कप्तान), शेफाली वर्मा, हरमनप्रीत कौर, तेजल हसब्निस, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष (विकेटकीपर), श्री चरणी, जिंतिमणि कलिता, सयाली सतघरे और वैष्णवी शर्मा। जिम्बाब्वे: मोडेस्टर मुपाचिकवा (विकेटकीपर), लोरिन फिरी, चिपो मुगेरी-तिरिपानो, बिलव्ड बिजा, जोसेफिन नकोमो (कप्तान), न्याशा ग्वांजुरा, चिएद्जा धुरुरु, मिशेल मावुंगा, नोमवेलो सिबांडा, तेंदाई मकुशा और ओलिंडर चारे।
BSF

BSF Action: कच्छ के Sir Creek में पकड़े गए 4 Pakistani Fishermen

गुजरात के कच्छ से भारत-पाकिस्तान सीमा पर सुरक्षा से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने रविवार, 25 अक्टूबर 2026 को सर क्रीक के संवेदनशील इलाके में चार पाकिस्तानी मछुआरों को पकड़ लिया। इस दौरान उनकी फाइबर से बनी मछली पकड़ने वाली नाव भी जब्त की गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, चारों मछुआरे कथित तौर पर केकड़े पकड़ने के लिए भारतीय जलक्षेत्र में दाखिल हुए थे। यह कार्रवाई खुफिया जानकारी मिलने के बाद की गई। घटना के बाद एक बार फिर कच्छ के समुद्री सीमा क्षेत्र में सुरक्षा और निगरानी को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, मछुआरों के भारतीय जलक्षेत्र में पहुंचने की परिस्थितियों और उनकी गतिविधियों की पूरी जानकारी जांच के बाद ही सामने आएगी। BSF ने कैसे पकड़े चार पाकिस्तानी मछुआरे? India Today की 25 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक, BSF को सूचना मिली थी कि कुछ पाकिस्तानी मछुआरे भारतीय जलक्षेत्र में मौजूद हैं। इसके बाद जवानों ने सर क्रीक इलाके में कार्रवाई करते हुए चारों को पकड़ लिया। पकड़े गए मछुआरों की पहचान कादिर थैमोर, मुहम्मद मूसा, अजगर थैमोर और अहसान जाट के रूप में बताई गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, चारों पाकिस्तान के सिंध प्रांत के निवासी हैं। कार्रवाई के दौरान उनकी फाइबर की नाव भी जब्त की गई। फिलहाल, पूछताछ और आगे की कानूनी प्रक्रिया से जुड़ी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं हुई है। आखिर क्या है मछुआरों का अपराध? इस मामले में सबसे अहम सवाल है कि चारों मछुआरे भारतीय जलक्षेत्र में क्यों पहुंचे थे। शुरुआती रिपोर्ट में कहा गया है कि वे केकड़े पकड़ने के लिए सीमा पार कर भारतीय क्षेत्र में दाखिल हुए थे। भारत के जलक्षेत्र में बिना अनुमति प्रवेश करना या वहां अवैध रूप से मछली पकड़ना संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई का कारण बन सकता है। हालांकि, इस मामले में अंतिम कानूनी स्थिति जांच और उपलब्ध सबूतों के आधार पर तय होगी। अभी तक सामने आई रिपोर्ट में चारों मछुआरों के जासूसी या किसी अन्य गंभीर गतिविधि में शामिल होने की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए मामले को लेकर किसी अपुष्ट दावे को तथ्य मानना सही नहीं होगा। कच्छ का Sir Creek इलाका क्यों है संवेदनशील? गुजरात का कच्छ क्षेत्र भारत और पाकिस्तान की समुद्री सीमा के पास स्थित है। सर क्रीक एक ज्वारीय जलमार्ग है, जो अपनी भौगोलिक स्थिति और दलदली इलाके के कारण सीमा पर निगरानी के लिहाज से चुनौतीपूर्ण माना जाता है। इस क्षेत्र में मछली पकड़ने के लिए नावों की आवाजाही होती है। समुद्री सीमा के आसपास होने के कारण किसी दूसरे देश की नाव का भारतीय जलक्षेत्र में प्रवेश करना सुरक्षा एजेंसियों के लिए जांच का विषय बन जाता है। BSF यहां नियमित गश्त और निगरानी करती है। संदिग्ध नाव या गतिविधि दिखाई देने पर जवान संबंधित लोगों से पूछताछ करते हैं और जरूरत पड़ने पर कानूनी कार्रवाई की जाती है। Kutch Border पर हाल की घटनाओं से बढ़ी निगरानी कच्छ के समुद्री सीमा क्षेत्र में अक्टूबर 2026 के दौरान पाकिस्तानी नागरिकों और नावों से जुड़े दूसरे मामले भी रिपोर्ट किए गए हैं। 19 अक्टूबर को कोटेश्वर के पास क्रीक क्षेत्र में गश्त के दौरान BSF ने एक पाकिस्तानी नागरिक को नाव के साथ पकड़ा था। शुरुआती जांच में नाव से मछली पकड़ने के उपकरण मिलने की जानकारी दी गई थी। इसके बाद इलाके में तलाशी अभियान चलाए जाने की खबर भी सामने आई। 20 अक्टूबर को कच्छ के लखपत और आसपास के क्रीक क्षेत्र से जुड़ी अन्य घटनाओं की भी रिपोर्ट आई थी। इन मामलों में नावों, पाकिस्तानी नागरिकों और तलाशी अभियान का जिक्र किया गया था। हालांकि, ये अलग-अलग घटनाएं हैं और इन्हें 25 अक्टूबर को पकड़े गए चार मछुआरों के मामले से अलग समझना जरूरी है। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं के बीच समुद्री सीमा पर निगरानी का महत्व बढ़ जाता है। फिर भी, केवल इन घटनाओं के आधार पर किसी बड़ी साजिश का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। क्या पाकिस्तानी नाव से कोई संदिग्ध सामान मिला? 25 अक्टूबर की घटना से जुड़ी शुरुआती रिपोर्ट में फाइबर की नाव जब्त किए जाने की पुष्टि हुई है। हालांकि, नाव से किसी हथियार, नशीले पदार्थ या अन्य संदिग्ध सामान की बरामदगी के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। इसलिए फिलहाल ऐसी किसी बरामदगी का दावा नहीं किया जा सकता। आगे की जांच में नाव, मछुआरों की गतिविधियों और भारतीय जलक्षेत्र में उनकी मौजूदगी से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जा सकती है। अब आगे क्या होगा? चारों मछुआरों को पकड़े जाने के बाद अब जांच और कानूनी प्रक्रिया के अगले चरण महत्वपूर्ण होंगे। संबंधित अधिकारी उनकी पहचान, भारतीय जलक्षेत्र में प्रवेश की परिस्थितियों और घटना से जुड़े दूसरे पहलुओं की जांच कर सकते हैं। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, BSF ने गुजरात के कच्छ स्थित सर क्रीक इलाके में चार पाकिस्तानी मछुआरों को पकड़ा है और उनकी नाव जब्त की है। वे भारतीय जलक्षेत्र में किन परिस्थितियों में पहुंचे और इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होगी, इसकी पूरी जानकारी जांच के बाद ही सामने आएगी। भारत-पाकिस्तान सीमा के पास स्थित इस संवेदनशील क्षेत्र में BSF की निगरानी सुरक्षा व्यवस्था का अहम हिस्सा है। मामले में आधिकारिक अपडेट आने पर आगे की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। हर ख़बर, हर पल — सिर्फ़ देशहरपल पर!

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